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अनीता का अर्थ: ब्लू फिल्म वीडियो बीएफ सेक्सी, उसके मुँह से मादक आवाजें आ रही थीं- आह छोटे साब जी … आह मुझे दर्द दे दो … आह मेरा पति कुछ नहीं कर पाता है … उसका खड़ा ही नहीं होता है.

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आंटी ने भी किस नहीं तोड़ा बल्कि उन्होंने मेरे एक हाथ को पकड़ कर अपनी चूचियों पर रख दिया. गांव की सेक्सी मूवी वीडियोवो हंस दी और बोली- कल मां को छोड़कर सब बाहर जा रहे हैं, तो तुम कल आ जाना.

मां ने सारा माल (वीर्य) मुँह में ही ले लिया और लंड को जीभ से साफ़ कर दिया. सेक्स व्हिडीओ डॉट कॉममैंने उसकी चूचियों को ब्रा से बाहर निकाला और उसे लेटाकर उसके ऊपर लेटकर चूसने लगा.

फिर मैंने अपना हाथ थोड़ा और अन्दर घुसेड़ा तो पीयू ने टांगें फैला दीं; मेरा हाथ सीधा उसकी चूत पर जा लगा.ब्लू फिल्म वीडियो बीएफ सेक्सी: फिर मैंने उसे उठाकर बिस्तर पर झुका दिया और नीचे जाकर गांड में लंड घुसा दिया.

मैम की गर्म सांसें उस मौसम में ब्लोअर का काम करने लगी थीं … या यूँ कह लो कि गर्म पानी या चाय से निकलती भाप का काम कर रही थीं.कुछ देर बाद डांस खत्म हुआ तो मैं और वो साथ में कुछ बातें करते हुए एक कोने की तरफ चले गए.

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थोड़ी देर के बाद मैंने अपना लंड उसकी गांड के नन्हे से छेद पर रख दिया और ऊपर नीचे होकर अन्दर धीरे धीरे घुसेड़ने लगा.तभी चाची ने मुझे ताना मारते हुए कहा- क्या बात है फौजी साहब … आप तो हमारी तरफ देखते नहीं हो?मैंने उनकी बात को टालते हुए कहा- ऐसी कोई बात नहीं है चाची.

30 बजे के करीब वो दोनों प्रीत की गाड़ी में बैठकर शहर चली गयीं और फिर दोपहर बाद 2. ब्लू फिल्म वीडियो बीएफ सेक्सी भाभी के घर में आते ही मैंने सामान का बैग उनके सामने रखा और उनसे कहा- भाभी क्या इस समय अमित घर में आ सकता है?उन्होंने कहा- तुम उसकी चिंता मत करो.

मेरा लंड जींस में दब रहा था तो मैंने कहा- यार, जींस उतार देता हूँ … लोवर पहन लेता हूँ … जींस में गर्मी लग रही है.

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उन्होंने धीरे-धीरे वैसलीन से सनी उंगली मेरी गांड की तरफ से छेद में फेरना शुरू कर दी. मेरे मुँह से बहुत तेज तेज आवाजें निकल रही थीं … क्योंकि मैं उनके धक्के सहन नहीं कर पा रही थी. मैंने एक हाथ ऊपर ले जाकर उसके एक निप्पल को अपने अंगूठे और उंगली के बीच में पकड़ लिया और दबाने लगा.

उसके बाद निशा ने बड़े ही जोश के साथ मेरे चेहरे को पकड़ा और जोर जोर से मेरे होंठों को चूसने लगी. मैंने दीदी की चुत चुदाई की और उनकी चुत झड़ते ही मैंने फिर से दीदी की गांड में लंड पेल दिया. मुझे कोई भी बस एक बार देख भर ले, तो उसका लंड उसी समय खड़ा हो जाता था.

वो धीरे धीरे मेरे नंगे जिस्म पर हाथ फेरने लगी और मेरे लौड़े को सहलाने लगी. लेकिन उस दिन दोस्त कहीं बाहर गया हुआ था … तो मुझे नहीं मिला और मैं वापस घर आने को निकला. अगर तुम इस राज़ को राज़ ही रखना चाहते हो, तो मैं जैसा कहूं … वैसा करना पड़ेगा.

अर्शिया की चुत एकदम अमेरिकन लड़की जैसी थी, एकदम गुलाबी गुलाबी!चुत पर उगी हुई बारीक बारीक झांटें चुत की खूबसूरती को बढ़ा रही थीं. कामवाली बाई ने अनन्या को बेड पर लिटा दिया और उसकी गुफा में अपने मुँह को डाल दिया.

उन्होंने फिर से अपनी गांड हिलाई और ताकत से पूरा लंड अन्दर पेल दिया.

मेरे पापा के एक दोस्त राजेश हैं जो पापा के साथ ही कंपनी में काम करते हैं.

यह सेक्स कहानी मेरी जिंदगी की पहली कहानी है, इसलिए होने वाली गलतियों के लिए आरम्भ में ही माफ़ी मांगता हूँ. उस गाजर को तेल से चिकना करके भाभी ने अपनी चूत में डाल दिया और जोर जोर से हिलाने लगी. जिन लोगों ने इस होटल रूम Xxx कहानी पिछला भाग नहीं पढ़ा है, उनके लिए बता दूँ कि मैं निर्वाण 6 फीट लम्बे चौड़े कद का मस्त लौंडा हूँ और अब तक कितनी ही चुत का रस अपने 7 इंच लंबे और ढाई इंच चौड़े लंड को पिला चुका हूं.

मैंने भी साबुन उठा कर उनकी चूत पर रगड़ना शुरू किया और थोड़ी देर में ही उनकी चूत भी झाग से भर गई. दीदी के जाने के बाद अब हम दोनों को ज़्यादा चुदने को मिलता है, लेकिन दीदी जब भी अपने मायके से आती हैं, तो आशीष के साथ सारा दिन होटल में जा कर चुत चुदवाती हैं. मेरी पिछली कहानी थी:ईमेल वाली गर्लफ्रेंड की चूत चुदाईमैं एक बार फिर से अपनी एक नई सेक्स कहानी के साथ हाजिर हूँ.

मैम मुझे रोक तो रही थीं लेकिन मेरी इन हरकतों का उन पर प्रभाव भी पड़ रहा था, जो उनकी सहनशक्ति को धीरे धीरे कमज़ोर कर रहा था.

मैंने उनकी गीली हो चुकी पैंटी टांगों से निकाल दी और चुत पर हाथ फेरा, तो चुत में से चिपचिपा पानी निकल रहा था. मैं उनका लम्बा और मोटा खड़ा लंड देख कर सहम गई लेकिन चूत में चुनचुनी हो रही थी कि बस किसी तरह से इस लम्बे लौड़े से चुद लूं. वो एक ही झटके में नीचे गिर गईं और दर्द से कराहने लगीं … मुझ पर गुस्सा होने लगीं.

उसने एक एक करके मेरे सारे कपड़े निकाल दिए, साथ में अपने कपड़े भी निकाल दिए. उस दिन जीजू काफी व्यस्त थे और उनको दूसरे दिन सुबह दीदी को लेकर गांव निकलना था. खैर … मैंने दो दिन बाद से निशा को पढ़ाना शुरू कर दिया और किसी न किसी बहाने से अब रूपा भाभी को मुझे बुलाने का मौका भी मिलने लगा.

सुमोना तो एक कोने में पड़कर सो चुकी थी और अंजुमन मेरे शरीर से चिपककर मुझे चूम रही थी.

मैं अपना नाम सुनकर हंस पड़ा और बोला- कल्पना भाभी, आप अपनी चुदाई की कहानी सुनाओ और मेरा लौड़ा खड़ा न हो तो ऐसी सेक्स कहानी सुनने का क्या मतलब. उधर बाहर पानी तेज बरसने लगा था, इधर हमारा प्यार भी अपने चरम पर पहुंच रहा था.

ब्लू फिल्म वीडियो बीएफ सेक्सी एकदम अचानक से मैंने ऐसे ही मैडम से पूछा- यार दीदी, ये तो मेरी समझ में ही नहीं आ रहा है. इस बीच उनके ‘धन्यवाद …’ कहने और मेरे ‘अरे ये तो मेरा फर्ज था …’ के अलावा और कुछ बात नहीं हुई.

ब्लू फिल्म वीडियो बीएफ सेक्सी वो भी मेरी तरफ शायद आकर्षित थी तो उसका भी मुझसे बात करने में बड़ा मन लगता था. मैंने जगह बनाई और पहली ही कोशिश में उस अनन्त सुख में आ पहुंचा, जिसे हर मर्द पाना चाहता है.

अब उन्होंने मेरे सारे गहने वहीं उतारना चालू कर दिए और एक एक गहने को उतार कर उस जगह को किस करते.

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अब मेरी आंखों के सामने उसकी चुत के ऊपर सिर्फ एक ही वस्त्र बचा था … वो थी पैंटी. मैं दीदी के ऊपर आ गया और दीदी को हग करते हुए उनके गले को चूमने लगा. रूपा भाभी- राज जी, सबसे पहले तो माफी चाहूंगी कि आपको सुबह सुबह डिस्टर्ब किया.

मौसी ने कहा- बेटा, आज मुझे मत रोको, तुम्हारे मौसा जी के जाने के बाद मैंने आज तक अपनी जिंदगी अपने लिए नहीं जी है. हल्के दर्द से मेरे चेहरे के भाव गम्भीर हुए, पर वो दर्द मुख से बाहर में ना ला पाई. मैंने भी मौके की नजाकत को समझा और चुपचाप अपने घर से रात 8:00 बजे निकल के उनके घर की तरफ चल दिया.

वो मेरे लंड पर ऐसे उल्टी टंग गई, जैसे उसकी गांड में खूंटा पर टांग दी हो.

जब मैंने उनको अपना लंड चाटने के लिए बोला तो उन्होंने पहले तो मना किया लेकिन फिर थोड़ा सा अंदर लेकर उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. कभी मैं उसके मुलायम गुलाब जैसे होंठों को चूमता, तो कभी गर्दन पर किस करता, तो कभी उसके कान की लौ काट लेता. मैं- हां … चुत चाहिए है और चुत चोदनी है … तो कुछ मेहनत करना ही पड़ेगी.

मुझे अजीब सा लगा क्योंकि ऐसा पहली बार हो रहा था और अभी अभी सुशी जी ने लंड चूसने से मना करते हुए अपनी गुस्सा भी दिखाई थी. ये बात नहीं है कि मेरा पहले मन नहीं करता था … मगर एक अच्छे रिश्तों में सेक्स का नाम लेकर उसे खराब नहीं करना चाहता था. अब वो नहीं आयेगी, तू इधर आ!”कहते हुए अब्बू ने मेरी चोली की डोरी खींच दी.

लेकिन उसकी मौसी सुनीता, उसकी दूसरी मौसी नेहा और उसकी मां गीता की चुदाई अभी भी जारी थी. कुछ समय के लिए मैं वैसे ही उसके सामने बैठी रही और उसे संभलने का समय दिया.

थोड़ी देर बाद मैं मॉम के मुंह में ही झड़ गया मॉम ने सारा रस अपने कंठ में बसा लिया. पहली बार ज़िन्दगी में किसी बड़े उम्र के मर्द के साथ चुदवाकर मुझे सच में अलग ही मज़ा आ रहा था. इससे पहले कि मैं उनसे कुछ पूछता, उससे पहले उन्होंने कमरे की लाइट्स ऑफ कर कर दीं.

उससे रहा नहीं गया और उसने मेरे लंड को मुंह में भर लिया और उसे कुल्फी की तरह चूसने चाटने लगी.

इस हॉट बहू की अन्तर्वासना कहानी में आगे क्या हुआ, वो मैं पूरी तफसील से अगले भाग में लिखूंगी. अंजुमन- फिर भाईसाब!सुमोना- वो सब छोड़ अंजुमन, चल आ जा और अब तू भी इन भाईसाब के लंड के थोड़े मज़े ले ले. अन्दर से उसकी गुलाबी चूत सुर्ख हो रही थी और उसके बहते रस के कारण चमक रही थी.

उसका लिंग मेरे हाथ के उलटी तरफ रगड़ रहा था और लिंग की गर्मी मुझे अपने हाथ पर महसूस हो रही थी. मैं टिकट बुक कर लेता हूँ … सारा खर्चा पानी मेरी तरफ से … तू सिर्फ मेरे साथ चल!मैंने उसे हां बोल दिया.

उसने मेरे लौड़े को मुँह में लेकर चूस कर साफ़ कर दिया और अपनी चोली और घाघरा पहन लिया. वो चुदाई के खेल की पुरानी खिलाड़ी थी और अपनी कला दिखाते हुए लंड को मस्ती में चूस रही थी. एक दिन जब मैं सलमा को अपने कमरे पर चोद रहा था तब सलमा ने मुझसे कहा- अलीज़ा कैसी लगती है?मैं लंड चूत में चलाते चलाते जरा धीमा हुआ और सलमा की जगह अलीज़ा को इमेजिन करके लंड और तेजी से चुत में अन्दर बाहर करने लगा.

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प्लान के मुताबिक मैं सुशी जी के यहां रात साढ़े ग्यारह बजे पहुंच गया.

चूचे दबाते हुए मैंने कहा- सच में आपकी चूचियां और भी मस्त हो गई हैं मेरी बहना. फिर मैंने हौले से साड़ी को किनारे कर अपनी गहरी सुरंगी नाभि में उंगली घुसा कर इशारों में पूछा- तुम ही थे, जिसकी उंगलियां मेरी नाभि में खेल रही थीं और मैं उन्हें कीड़ा समझ बैठी थी?सर हिलाकर उसने इशारे से हां में जवाब दिया. थोड़ी देर चूसने के बाद सलमा उठी और मेरे सीने पर चुम्बन करते हुए बोली- विजय अब डाल दो, अब न तड़पाओ, आओ राजा, मेरी बुर तुम्हारा लण्ड लेने को बेताब है.

लेकिन तब तक मुझ पर चुदाई का जोश चढ़ चुका था और मेरी चूत जो दो महीने से बिना लंड लिए तड़प रही थी, आज इन भाईसाब के लंड से जी भरकर चुद गई. अमिता की नजर मेरे लंड पर पड़ी, वो शर्मा गई और मुझे भी शर्म सी आने लगी. बिल्ली बिल्ली वाला गेममैंने कहा- क्या मतलब!वो लंड को अन्दर लेते हुए बोली- मेरी बड़ी दीदी शुरू से चुदक्कड़ है.

शायद कुछ लोग कहें कि जो हुआ … हॉट सेक्स विद बॉस … वो गलत था या एक धोखा था. वो मुझे अचानक से रूम में आया देख कर चौंक गईं और बोलीं- अरे योगी तू कब आया … बैठ.

शब्बो की चूत का रस गटकने के बाद मैं 69 की पोजीशन में आ गया और कुत्ते की तरह उसकी चूत चाटने लगा. वो मेरी गांड पर अपनी हथेलियों से चांटा मार रही थीं और मैं उनकी गांड पर तबला बजा रहा था. मेरी चुत में बहुत आग लगी थी, तो मैं बाथरूम में नहाने घुसी थी और उधर अपनी चुत की झांटें साफ़ करके एक मोमबत्ती से अपनी चुत की मुठ मार रही थी.

वो हंस कर बोले- इस बार तुम खुद से मेरे साथ सेक्स करने की पहल करोगी न!मैंने हंस कर कहा- देखूंगी. मां को लगा कि मैं दोस्त के साथ मूवी देखने जा रहा हूं तो वो बहुत खुश थीं. मेरा लंड को दोनों लोग चूसे जा रहे थे और मैं अब खुलकर आह आह कर रहा था.

मैंने उनसे कहा- अब जब भी मिलेंगे … तो चुदाई से पहले चूसने वाला प्रोग्राम जरूर करेंगे.

तभी उन्होंने मुँह ऊपर उठा कर अपने होंठ मेरे होंठों से चिपका दिए और मुझे चूमने लगीं. वैसे मैं हूँ तो दिल्ली से … लेकिन काम की वजह से हैदराबाद में एक साधारण फ्लैट लेकर रहता हूं.

आज मुमताज के मुँह से यह सुनकर कि नाज बड़ी हो गई है, तो अचानक मन में नाज को लेकर पुलाव पकने लगा. वहां पर भी हमने एक बार चुदाई की और तैयार होकर कपड़े पहन कर हम लोग रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए गए. उसने मेरी शर्ट उतारी और मैंने उसकी कुर्ती। फिर उसने मेरी पैंट खोली और मैंने उसकी पजामी।वो ब्रा पैंटी में आई तो मैंने उसके बदन को कसकर चूमना शुरू कर दिया.

मैंने जवाब अपने फोन के मैसेज बॉक्स में लिख कर हाथ थैले पर टिकाकर उसको दिखाया. मैंने नवीन को पानी पिलाया और फिर उसने मुझसे जो पेपर्स मांगे, वो देने के लिए मैं अपने ड्राइंगरूम के शोकेस के नीचे वाला ड्रॉवर ओपन करने के लिए झुकी. मैंने उनकी आंखों से आंखें मिलाईं, तो मैम की हल्की सी मुस्कान के साथ एक नारीसुलभ लज्जा भी झलक गई.

ब्लू फिल्म वीडियो बीएफ सेक्सी रंगोली ने मुझे देख लिया और पूछा- क्या हुआ भाई!मैंने कहा- कुछ नहीं, आटा लगा है तेरे चेहरे पर. लेकिन मैं बहुत ही शर्मीले स्वभाव का हूं इसलिए किसी से बहुत कम ही बात करता हूं.

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उन्हें चोदने का मेरा मन जब हुआ जब मैंने उन्हें रात को डैड के साथ सेक्स करते देखा है. जैसे ही मेरा शेर गुफा में गया, बाई की जोर से आवाज निकली ‘आह … ओह्ह. उसके बाद मैंने पूछा- बस अब ठीक है!तो वो बोला- इतने से काम नहीं बनने वाला है.

झड़ जाने के बाद जेबा मुझसे रुकने को बोलीं लेकिन मैं उन्हें अनसुना करके चोदता रहा. ”इतना कहकर मैंने मुमताज की चोली की डोरी खोल दी और बड़े संतरे के साइज की चूचियां दबोच लीं. डॉग सेक्सी डॉग सेक्सी डॉग सेक्सीलेकिन मैं उसे तड़पाना चाहता था … इसलिए मैं उसकी बात को अनसुना करके जीभ को चुत में अन्दर बाहर करता रहा.

मैंने करीब 5 मिनट तक भाभी का मुख चोदन किया, फिर अपना पूरा पानी उनके मुँह में ही निकाल दिया.

मैंने उसका चेहरा पकड़ कर अपने होंठों के करीब किया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. उससे आगे कैसे मैंने अपनी बीवी की चुदाई देखी:दूसरे दिन मेरी बीवी गैर मर्दों से ऐसे और ना चुदे, इसलिए मैं खुद जाकर गाड़ी ले आया था.

मैंने आगे उनकी चैट पढ़ी, तो पाया उसमें दीदी ने आशीष को लिखा था कि मुझे मालूम है कि तुम ही वो लड़के हो जो मेरी दोनों बहनों की रोज़ ले रहे हो, उन दोनों के मोबाइल में तुम्हारी फ़ोटो है. वो जब भी मुझे देखता था, तो मैं उसे अपनी नशीली आंखों से देख कर एक कातिल सा इशारा कर देती थी. मैंने उसके कान में बोला- रुक क्यों गई … हम पर किसी की भी नजर नहीं पड़ने वाली.

मैंने रात भर उनके बारे में सोचा, फिर सुबह होते ही उनको मैंने कॉल किया.

ओमी अंकल ने तो एक बार मेरी गांड पर भी हाथ फेर कर मुझे शाबाशी दी थी. किसी का भी ज्यादा ध्यान ना देने का प्रमुख कारण हम दोनों का उम्र अंतराल भी था. बचपन से ही पढ़ाकू रही हूँ और साथ ही साथ अपनी निजी जिंदगी में भी अब तक मैंने भरपूर मज़े लिए हैं.

bhai का सेक्सी वीडियोसरोज बोली- सुमन को जिस पलंग में चोदा था, उसी पलंग में तुझसे मैं अपणी भाभी को भी चुदवाऊंगी … मेरा वादा है. उसने अपने दोनों हाथों के पंजों को मेरे हाथों की उंगलियों में डालकर जोर से कस लिया.

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मैं कभी भी तुम्हें किसी भी बुरी स्थिति में नहीं फंसने दूंगा … तुम्हें मजा आएगा. ये बात तब शुरू हुई थी, जब मैं और मेरे दोस्त नए साल की पार्टी में शहर से कुछ दूर के एक होटल में गए थे. उन्होंने लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।अब मेरी चूत में राज शर्मा का लंड अंदर बाहर होने लगा।मैं भी गर्म होने लगी थी क्योंकि पिछले तीन महीने से मेरी चूत में लन्ड नहीं गया था।अब डॅाक्टर राज़ ने लंड बाहर निकाल लिया और कंडोम उतार दिया.

वो फुल मूड में आ गई और बोली कि भैया तुम मेरे ऊपर लेट जाओ … मैं तुम्हारे साथ लेटूंगी. उसने भी बिना देर किए, मेरे लंड को पैन्ट के ऊपर से ही पकड़ लिया वो मुझे एक प्यारी स्माइल देकर हवस भरी नजर से देखने लगी. अब मैं सोच में था कि जिसे पहले बाप ने चोदा, फिर उसे बेटा चोद रहा है.

मेरी इस हरकत से उसकी आंखें उबल पड़ीं और वो जोर से चिल्ला उठी- उई मां मर गई आह आह मेरी फट गई … आह अमित बाहर निकाल लो … मुझे बहुत दर्द हो रहा है. मैंने एक झटके में ही अपना पूरा लौड़ा उसकी गुलाबी चूत में अन्दर जड़ तक उतार दिया. लौड़े की मुँह से मालिश मतलब चुसाई करने के बाद आशीष में मुझे खींच कर गोद में बिठा लिया.

अब मैंने उनको कस कर बांहों में जकड़ा और मुँह में जीभ घुसेड़ कर चूसते चूत की मां चोदने में लगा था. मैं मस्ती से अपनी जीभ से मैडम की चुत का एक एक कतरा चाट कर साफ़ करने में लगा हुआ था.

मैंने उसकी चूचियों को ब्रा से बाहर निकाला और उसे लेटाकर उसके ऊपर लेटकर चूसने लगा.

मैं अर्शिया की तरफ खिसका और उसकी गांड की दरार पर लंड चिपका कर ऐसे ही लेट गया. राजस्थानी लोकल सेक्सी वीडियो‘एसी वाले को फ़ोन कर दो … वो एसी ठीक करने सबसे पहले हमारे घर पर ही आ जाएंगे. फिल्म सेक्सी अंग्रेजीउत्तेजना वश मैं और ज़ोर ज़ोर से चूची मसल रहा था, जिससे उनको दर्द हो रहा था. कोमल को सहलाते हुए मैंने अपनी टी-शर्ट को निकाल दिया और अपने नंगे बदन को कोमल से रुई के समान बदन से घिसने लगा.

बीच बीच में हम दोनों होंठों को चूस रहे थे और मैं उसकी रस से भरी चूत को भी सहलाया करता था.

मेरे इतना बोलते ही सुशी जी ने भी सहमति में सर हिला दिया कि आप बात तो ठीक कर रहे हो. अब वो बोली- कूदूं?मैंने कहा- जरा रुक!फिर मैंने उसके दोनों चूतड़ चौड़ाए … ओर लंड गांड के छेद पर सही से सैट करके कहा- हां अब कूद!उसने मेरे लंड पर एक झटका मारा. आज से मेरा आप लोगों से रिश्ता खत्म!वो पांव पटकते हुए उधर से चली गई.

मैं जानती हूँ कि तुम्हारी उम्र के आदमी भी बाहर सेक्स करने के सपने देखते हैं. भाभी बोलीं- अंश आज मैं बहुत दुखी महसूस कर रही हूँ … क्या तुम मेरे लिए बाजार से दो बियर ला सकते हो?मैंने एकदम से चौंक कर भाभी की तरफ देखा और उसी समय मेरे दिमाग की बत्ती जल गई. मेरी बीवी अचानक मेरा हाथ छोड़ कर भीड़ की तरफ़ गयी, मैं उसके पीछे पीछे चला गया.

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बहुत देर तक उन्होंने मेरे बोबों को दबाया, फिर मुझको जोर से पलट दिया. मुंतज़िर- गुड मॉर्निंग फरमान कैसे हो!वो मुझे विश करके बातें करने लगीं. वो आए दिन मेरे लिए खाना बना कर ले आती और मुझसे फोन पर कह देती कि आप खाना बनाने की जहमत मत उठाना.

मैंने तसल्ली के लिये एक बार अपनी मम्मी को फ़ोन करके पूछा कि आप लोगों को कब तक आना है?वो बोलीं कि अभी तो प्रोग्राम शुरू हुआ है … अभी देखो कितना समय लगता है.

बहुत मजे दिये उसने मुझे।आपको मेरी गरम चुत की देसी चुदाई की ये कहानी कैसे लगी मुझे आप जरूर बताना.

हैलो साथियो, मैं आपको अपनी इस जबरदस्त चुदाई की कहानी में अपनी पड़ोसन रानी के साथ चुदाई की कहानी को लिख रहा था. यदि आपको कोई दिक्कत न हो, तो मैं आपके कमरे पर आ जाऊं?मैं उस टाइम अपने रूम पर रेस्ट कर रहा था तो मैंने अलीज़ा को बोला- हां इसमें दिक्कत कि क्या बात है, तुम मेरे रूम पर आ जाओ. जिस्म की भूखमैंने अपना एक हाथ उसके हाथों के और टी-शर्ट के नीचे से होते हुए हुए उसके नंगी चूची पर ले आया.

मैं नई दिल्ली स्टेशन चला गया और वहां से मैंने इंदौर के लिए ट्रेन में अपना रिजर्वेशन कराया और शाम को उधर से ट्रेन पकड़ कर निकल गया. मैंने कहा- सरोज अभी तो टाइम है … आओ बिस्तर पर लेट कर बातें करते हैं. हईई … मैम की दिलकश जवानी मेरे सिर से पांव तक 440 वोल्ट का करंट दौड़ा रही थी.

कुछ देर में नाज सामान्य हो गई, शायद उसे मजा आने लगा था, अब वो भी रसपान और चुम्बन का जवाब देने लगी थी. कुछ ही दिनों में ऐसा होने लगा कि मैं मैडम से पढ़कर आने के बाद अपने बाथरूम में आकर मैडम के नाम कि मुठ मारने लगा था.

फिर आधा घंटे बाद दुबारा से भाभी चुदाई के लिए गर्मा गईं और इस तरह उस दिन मैंने भाभी को तीन बार चोदा.

सोढ़ी रोशन की गांड को अपने दोनों हाथों से सहला रहा था कि तभी अचानक गोगी अपने कमरे से बाहर निकला. पर दोस्तो … जैसा कि आप जानते हैं कि मैं इन मामलों में बहुत बड़ा एक्सपर्ट हूं. कुछ देर तक तो मुझे यकीन नहीं हुआ कि साली साहिबा सच में मेरा लंड चूस रही है.

पावर प्लस टेबलेट अब तो मैं कई बार छत पर जाकर भी उसके बाथरूम में उसके साथ ही घुस जाता था और उसकी चूचियां पीकर औरचूत चाटकर मजाकरके आ जाता था. मैंने उसकी कुर्ती में हाथ डाल दिया और बिना ब्रा के उसकी चूचियों को मसलने लगा.

इस वजा से उसको कुछ छोटे बजट की फिल्मों में छोटे रोल भी मिलने लगे थे. अब तो उन्हें मेरी जीभ को चूसने का मानो शौक सा चढ़ गया था … क्योंकि उनकी मां उसके पापा के लंड को चूस रही थीं और सुशी जी मेरी जीभ को लंड समझ कर चूस रही थीं. जब अंकल थोड़े शान्त हुए … तो वो दोनों एक दूसरे को बांहों में भर कर चूमने लगे.

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वह अपनी उंगली से मेरे छेद को बड़ा कर रहे थे और साथ ही साथ अन्दर बाहर करते जा रहे थे. हम लोग पूरा दिन वहीं रहे और मैं पूरे दिन सिर्फ बुआ को ही देखता रहा और उनकी चूची और गांड को थिरकते मचलते देखता रहा. मेरी इन सब लीपापोतियों से उसका आत्मविश्वास ओर उसकी वासना सातवें आसमान पर थी.

वो मेरे दोस्त साहिल से चुदकर एकदम नंगी लेटी थी और उसके साथ सेल्फी ले रही थी. हालांकि इसके बाद भी मैं अरविन्द से और उनके उस दोस्त से फिर से मिलने गई थी.

कोई पांच मिनट बाद मैंने उसे मेरे ऊपर आने का कहा, वह झट से ऊपर आ गयी और मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चुत में घुसाने लगी.

फिर मधु मामी ने मुझसे पूछा- योगी कैसे आना हुआ?मैंने उनसे कहा- मैं लता से मिलने आया था. मैंने देर न करते हुए उसके होंठों पर होंठ रखे … हाथों को पकड़ते हुए एक के बाद एक करके 3-4 धक्के लगा दिए. अगर किसी लड़की भाभी को लंड देखने का मन हो, तो वो बिंदास मुझे मेरे ईमेल पर मैसेज कर सकती हैं.

मैंने पूछा- आपको मेरी नजर कहां जाती हुई लग रही है?भाभी तो भाभी ने साड़ी का पल्लू गिरा दिया और अपने दूध तानते हुए बोलीं- यहीं देख रहे थे ना!मैंने दूध निहारते हुए कहा- हां बहुत बढ़िया इलाका है. मैंने बोला- लगते नहीं हैं कि आपके बच्चे हैं! ये तो आपके छोटे भाई बहन लग रहे हैं. उसके बाद निशा ने बड़े ही जोश के साथ मेरे चेहरे को पकड़ा और जोर जोर से मेरे होंठों को चूसने लगी.

दीदी ने भी अपनी गांड उठा कर पेटीकोट को निकल जाने में मदद की … अगले कुछ पलों में पेटीकोट की बंदिश को हटा दिया.

ब्लू फिल्म वीडियो बीएफ सेक्सी: मैं बिना कुछ पहने किचन में गया और फ्रिज से ठंडे पानी की बोटल निकालने लगा. मैंने सुशी के मम्मों को छोड़ा और उनके सर को पकड़ा कर होंठों के बीच से अपनी जीभ मुँह के अन्दर सरका दी.

बहन की गांड सहलाते सहलाते मैं हाथ को आगे लाया और अर्शिया की जांघों के बीच में ले गया. धीरे धीरे उसने पहल करते हुए मेरे होंठ अपने होंठों में दबाए और धीरे धीरे चूसने लगी. इसके बाद तो सेक्स का सैलाब बह निकला और हम दोनों कब नंगे हो गए, कुछ मालूम ही नहीं चला.

आज भाई का लंड कुछ ज्यादा ही चमक रहा था मानो वो किसी नई नवेली दुल्हन की चुत फाड़ने के इंतजार में तन कर खड़ा हो.

मैं उनके सामने ब्रा में आ गयी थी और उसके बाद जेठजी ने मेरा पेटीकोट भी निकाल दिया. थोड़ी देर तक हम दोनों अपने मोबाइल में खोए रहे और अंतत: उन्होंने केबिन के माहौल की खामोशी को तोड़ा. मैंने पूछा कि क्या करना है?शब्बो ने बताया कि चार दिन बाद उसकी शादी की बीसवीं सालगिरह है, वह जुम्मन को बुलवायेगी, अच्छा खाना खिलायेगी और उसे उकसाकर एक बार चुदवा लेगी, बच्चा जुम्मन का ही कहलायेगा.