देवर भौजाई का बीएफ

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फ़िर वाणी ने भी बात ना खींचते हुए बताया- तुम सही बोल रहे हो, यह मेरी सहेली है और इसके और मेरे पति दोनों साथ में काम करते हैं इस वक्त दोनों साथ में टूर पर गये हैं. अनमोल सेक्सीउसने कहा- आप जितना चाहो … जैसे चाहो चोद लो … लेकिन गांड में कुछ मत करो प्लीज़.

चल जल्दी से भाग चलें, नहीं तो बहुत ज्यादा गड़बड़ हो जाएगी और बहुत पिटेंगे. छत्तीसगढ़ी सेक्सी वीडियो मेंतब दीदी मुझसे बोली- अरे तुझे क्या हुआ … ऐसा लगता है कि जैसे कोई ने अन्दर डाल दिया हो?मैं बोली- हां दीदी, ऐसा ही समझ लो.

एक दिन मैं उनके घर गया था तो मैंने हिम्मत की और उन्हें अकेला पाकर उनके बूब्स दबा दिए.देवर भौजाई का बीएफ: भैया भी मेरे पास आ के खड़े हो गए और मुझे और मेरे पूरे नंगे शरीर को देखने लगे.

तब मैंने पूछा- क्या उसने कुछ नहीं किया तुम्हारे साथ?तब वो बोली- तुम्हारा पति तो पूरा कुत्ते की तरह से चोदता है.आपका प्यार और आशीर्वाद मुझे आगे और कहानियां लिखने को प्रोत्साहित करेगा.

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उनका 3 साल पुराना जितना पानी इकठ्ठा हो गया था, उन्होंने सब मेरी चूत में निकाल दिया.दोनों समय मैंने उससे सोने के लिये बोला, मगर उसका जवाब वो ही था- मुझे नींद नहीं आ रही, तुम सो जाओ.

अब आगे:माँ के रिश्ते के बारे में सब कुछ पता चलने के बाद मैं पूरी तरह से उत्तेजित हो गया था और कहा कि मैं भी हर रोज घर आने से पहले यहाँ मुठ मारने आता था।मम्मी ने मुझे देखा और कहा- मुझे पता था कि तुम हमारे रिश्ते को जल्द से जल्द समझ जाओगे और हम लोग इसके लिए तैयार थे।यह सुनकर मैंने खुद को समझाया कि करण के साथ चुदाई के बाद माँ एक असली चुदक्कड़ हो गई है. देवर भौजाई का बीएफ ज़रीना ने मेरे बाल पकड़ कर मुझे उसके ऊपर कर लिया और बोली- आमिर मुझे चोदो, आज मेरी चूत को फाड़ दो, मुझे अपना बना लो.

गाजरी रंग के लाल-लाल रसीले से होंठ, मीडियम साइज की प्यारी सी काली आंखें, रंग भी गोरा, बाल थोड़े चिपके हुए थे और ज्यादा आकर्षक नहीं थे.

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भाभी मेरे पास बैठ गईं और पूछने लगीं- क्या हुआ तुझे, तू क्यों नाराज़ हो गया मुझसे?मैं उन्हें कुछ भी न कहते हुए उठ कर बालकनी में भाभी के ससुर यानि मेरे मामा जी के पास जाकर बैठ गया और अखबार पढ़ने लगा. तो वो बोले- क्या चाहती है वन्द्या?मैं बोली- कुछ नहीं जल्दी कुछ करिए … मैं बहुत प्यासी हूं. मैं- इसका मतलब ये तो नहीं ना मम्मी जी कि सब वही करें?सासू माँ- बात तो तेरी ठीक है बेटा … पर आजकल की पीढ़ी भी तो किसी एक साथ खुश नहीं है ना, लड़कों की बात करूँ तो दो दो तीन तीन गर्लफ्रैंड को घुमाते और एक साथ बजाते हैं.

निहाल की हिम्मत बढ़ती जा रही थी तो उसने अपनी हाथ की हरकत को और तेज कर दिया. मैं तो अब बिल्कुल ऐसे खड़ी हो गई कि उन लड़कों को मेरा मुँह ना दिखे, ना वह जान पाएं कि मैं कौन हूं. पहले मैंने अपना हाथ उसके हाथ में रखा, तो वो बोली- क्या कर रहे हो?मैं बोला- आपकी अंगूठी देख रहा हूँ.

दोनों की गांड के नीचे एक एक तकिया लगाया, जिससे उनकी गांड भी साफ नज़र आने लगी. चुदाई की सच्ची कहानियों में गहरी रुचि रखने वाले मेरे प्रिय पाठको, आइए मैं आपको अपनीस्वीट वाइफ नीना की चुदाईकी एक ऐसी घटना बताता हूं जिसके बाद वह मेरी धर्मपत्नी से अधर्मपत्नी बन गई. मैं कुछ बोलना चाहती थी, पर मुँह में लंड होने के कारण बोल नहीं सकती थी.

सबसे सुंदर सबसे प्यारी और सबसे सेक्सी यह तुम्हारी खूबसूरत नाक है, इससे सुंदर नाक मैंने अपनी जिंदगी में नहीं देखी. भाभी बोलीं- ये क्या कर रहा है?मैंने बोला- भाभी आपकी ये सेक्सी गांड भी मारनी है मुझे.

मैं अपने हाथ से अपनी रीना को खिलाऊँ?हाथ धो कर फिर उसने मुझे अपने हाथों से खिलाना शुरू कर दिया और मुझसे बोला- तुम भी अपने प्यारे हाथों से मुझे खिलाओ.

मेरा लंड उसकी गांड से टच हो रहा था और वो पीछे से अपने पैर मोड़ कर मेरे चूतड़ों पर लात मार रही थी.

मेरा लंड अभी भी खड़ा था जो भाभी की चूत से टकरा रहा था, मैंने भाभी की पीठ पर हाथ फिराना शुरू किया उनके चूतड़ों को सहलाया, उनके पटों को सहलाया. मैंने उसकी पैंटी को निकाला और उसके पैरों को किस करते करते उसकी चूत तक आ गया. मेरी शादी कम उम्र में ही हो गई थी, पर मेरा कमजोर पति मुझे सुख नहीं दे पाता था.

उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था जैसे मानो आज ही शेव किया हो, हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए. फिर कुछ ही देर में उसने मेरे लंड को चड्डी से बाहर निकाल कर उसे अपने मुँह में लेकर चूसने लगी. उस तिवारी अंकल ने तो आपको ये भी बताया होगा कि उसकी दोनों बेटियां श्रुति और काव्या कितनी बार भागी हैं, कितनी बार प्रेग्नेंट हुई हैं, कितने ही बार उस तिवारी ने खुद अपनी बेटियों के लिए लाखों रुपये खर्च कर कितने अबोर्शन करवाये हैं.

मैंने पूछा- वो कैसे? आपने उनका हाथ देखा है क्या?वो हँसने लगा और बोला- वो इसलिए कि उनको आप जैसी खूबसूरत वाइफ मिली है.

उसके बाद मैंने अपने दोनों हाथ उसकी दोनों चुचियों पे रखे और जोर जोर से दबाने लगा. लिहाजा मेरी धर्म?पत्नी नीना अपनी नशीली आंखों से प्रशांत पर वार कर दिया करती. ज़िन्दगी का असली मज़ा तो यही होता है। मैं राहुल के सिर को पकड़कर कर अपनी चूत में दबाये जा रही थी। ऐसा मज़ा मैंने आज तक नहीं लिया था.

उन्होंने पहुंच कर मुझे कॉल किया और अपने पास अपनी कार में बुला लिया. लगभग पांच मिनट बाद जब मेरा पूरा लंड उसकी बुर में हिचकोले खाने लगा, तो वह भी चूतड़ उछाल उछाल कर अपनी बुर में मेरा लंड लेने लगी. एक दो बार तो ऐसा तक हुआ कि उसने दोस्त के नीचे लेटे हुए ही मेरा नाम लेकर जोक करना शुरू कर दिया ताकि मेरी झांटें सुलगा सके.

दोनों में से कोई भी रुकने को तैयार नहीं थी और ज़ोर ज़ोर से हंसे जा रही थीं.

वो और भी तेज ‘अआहा ऊनंह ऊउमंह आहा ऊन्ह्ह ऊम्मह आहाआ ऊनंह ऊउम्मंह हाआअ. हमने कोल्ड ड्रिंक पी और फिर मैंने कहा- कहिए … मेरे से क्या काम था?तब उन्होंने कहा- क्या तुम बिना काम के किसी से नहीं मिलते?मैंने कहा- ऐसी कोई बात नहीं है.

देवर भौजाई का बीएफ उनके मुँह से ऐसी बातें सुन कर मुझे शरम आ गयी, तो मैंने सर झुका लिया. बॉस ने मेरी बीवी की टांगों को फैलाकर उसकी गांड के नीचे तकिया लगा दिया.

देवर भौजाई का बीएफ हमने अपनी जगह बदली और फिर से घमासान शुरू हो गया, एक चूत और दो लंड के बीच में. जब लंड पूरी तरह खड़ा हो गया तो मुझे लिटा कर वो मेरे ऊपर चढ़ गईं और अपनी चूत मेरे लंड पर रख कर उछलने लगीं.

मेरी चूत इतना लम्बा डिल्डो खा गयी, पता ही नहीं चला और चुम्बन करते-करते ही उसने डिल्डो को आगे पीछे करना शुरू किया।जैसे-जैसे वह आगे पीछे होता तैसे-तैसे मुझे लगता जैसे मैं हवा में उड़ रही हूँ। अत्यधीक आनन्द के कारण मेरे मुख से मीठी मीठी सीत्कारें निकलने लगी.

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उन्होंने कुछ मेकअप का सामान और मोबाइल चार्जर माँगा, जो कि वह जल्द बाजी में भूल आई थीं. उसने अपना सारा वीर्य मेरी योनि के भीतर छोड़ दिया था, वो खलास हो गया था. मैंने टांगें खोलीं तो अगले ही लम्हे में मेरा पूरा जिस्म मज़े से कंपकंपा उठा.

मेरे बॉयफ्रेंड ने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और मैं उसके सामने ब्रा और पेंटी में हो गयी. मैंने उससे पूछा- कौन चाहिए … क्या काम है?उसने थोड़ी अलग ही भाषा में टूटी फूटी हिंदी में बोला- मुझे नामित ने बुलाया है. उस टेस्ट में उन्होंने न केवल मुझे पास कर दिया था, बल्कि अपना फ़ेवरेट चोदू भी बना लिया था.

सबके सब ज्यादातर हम लड़कियों की तरफ घूरने में लगे थे, इशारे करने लगे और सीटी मारने लगे.

मैंने उसका इशारा समझ लिया और उसकी जांघों से चूमना चालू करते हुए उसकी चुत के चारों तरफ जीभ को घुमाना शुरू कर दिया. मुझे ठीक लगेगी तो मैं अपने शब्दों में सजा कर इस मंच पे पेश कर दूंगा। यह ऑफर उन जनरल कहानियों के लिये नहीं है जो आप मुझे भेज रहे हैं. बात 2 महीने पहले की है, मेरी गर्लफ्रेंड अनामिका जिसकी उम्र 19 साल और फिगर 30-34-36 का है.

लेकिन वो ज़िद पर अड़ गयी और दावा करने लगी कि वो हाँ ही कहेगी और आपसे बात बंद नहीं करेगी. इस पर नामित और निक एक साथ बोले- सर हम भी गर्म हैं, चलो सब साथ ही खेलते हैं. अत: मैंने अपने दोनों हाथ उसके पैरों के नीचे से ले जाकर उसके दोनों पांव ऊपर उठा लिए, जिससे उसकी बुर ऊपर की ओर उठ गई तथा लंड उसकी बुर के बिल्कुल सामने आ गया.

जब वो लंड निकाल कर मेरी चूत चूसने लगता तो मैं पीछे हो कर उसका लंड भी चूस लेती थी. वो दोनों दुकान में काम करने वाले मुझसे बोले कि मैडम आपको आराम करना हो या बैठना हो तो बैठ सकती हैं.

उन दोनों ने भी कपड़े उतारे और कहने लगीं- अगर सरप्राइज़ चाहिये तो एक बार आंखें बन्द करो … और जब हम बोलें तभी खोलना. लोवर में सोनू का हाथ जैसे ही मेरे लंड पर टच हुआ तो सोनू ने उसे पकड़ लिया और पकड़ते ही वह उठकर बैठ गई. काफी देर तक उसके लिंग में नाड़ी की धड़कन सी महसूस होती रही, जो धीरे धीरे शांत हुई.

फिर मैं नीचे का दरवाज़ा बंद किया और डोर-बेल का कनेक्शन बंद करके ऊपर आ गया.

आप दोनों को देखा तो पता नहीं कैसे मुँह से निकल गया कि दोनों से ही शादी कर लूँगा और आप मान भी गईं. वो झट से सीधी हुई, तो मैं उसके ऊपर आ गया और फिर से उसे चोदना शुरू कर दिया. उसके फ़ोन कॉल्स के इंतजार और शादी की तैयारियों में कब दिन निकल गए, पता ही नहीं चला.

पूरे आधा घंटा उनकी चूत पेलने के बाद जब हम दोनों झड़ गए तो मैं बिस्तर पर उनकी चुचियों में अपना सर घुसा कर लेट गया और वो भी प्यार से मेरा सर सहलाते हुए अपनी चूचियां चुसवाने लगीं. मैं अब माँ नहीं बन सकती थी इसलिए मैंने भी उसका वीर्य अपनी चूत के अंदर ही गिरवा लिया.

अब मैं उठा और उसे लिटा कर उसकी चुचियां चूसने लगा, मैं एक दूध चूसता और एक को दबाता, बड़ा मज़ा आ रहा था. इस बारिश में किसी के आने-जाने को कोई खतरा नहीं था इसलिए फ्लैट का दरवाजा भी खुला ही रह गया था जिसकी कोई चिंता नहीं रही यानि चुदाई का खुल्लमखुल्ला खेल चरम पर आ गया था. फिर एक धक्का मारने पर सुपारा पूरा अन्दर चला गया और वह मेरी बीवी की गांड में अपना लंड डालने लगा.

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जैसा कि मैंने पहले बताया था कि शनिवार को बच्चे और प्रोफेसर साहब स्कूल और कॉलेज जाते थे और मेरी छुट्टी होती थी तो हेमा भाभी कई बार मुझे अपने घर बीच वाले पोर्शन में किसी बहाने से हेल्प के लिए बुला लेती थीं.

मैं- मैं भी लेटा हूँ … अच्छा एक बात बताओ, इतनी रात को तुम एक लड़के से बातें कर रही हो, क्या तुम्हारा पति तुमसे कुछ नहीं बोलता है?भाभी- अरे पागल अगर पति साथ में होता, तो क्या मैं बात करती? वो बाहर जॉब करते हैं, महीने में एकाध बार आते हैं. कुछ देर तक उंगलियों को गांड में चलाने के बाद मैंने लंड को फिर से चूत में डाल दिया और ताबड़तोड़ स्पीड के साथ आंटी की चूत को फिर से चोदना शुरू कर दिया. कई मिनट बाद हम दोनों झड़ गए, पर मैंने चोदना जारी रखा, जिसकी वजह से लंड दुबारा खड़ा हो गया और मैंने दोगुने जोश से उनकी चूत को पेलना जारी रखा.

एक दिन…‘कामिनी तुझे याद है, उस दिन मैंने प्रोमोशन का ज़िक्र किया था. आगे बढ़ने से पहले मैं यह जानने की कोशिश कर रहा था कि यह खुलकर सेक्स क्यों नहीं करना चाहती है. अंग्रेजी सेक्सी वीडियो मूवीमैं कभी उसके चूतड़ों को पकड़ कर अपनी तरफ खींचती, तो कभी अपनी टांगें उसकी कमर पर लाद देती.

दोस्तो, और क्या कहूं? जानता हूं आप लोग की हालत सिर्फ कल्पना करके ही खराब हो गयी होगी, तो सोचो उस समय मेरी क्या हालत हुई होगी?सच में हर मर्द के ख्वाबों वाली कल्पना थी कल्पना जी. वो मेरी गांड में मुँह घुसाने लगी थी और एकता के रस को चाट चाट के साफ कर रही थी.

वो बोली- दीदी वो हमसे दगा कर गया तुम्हें फंसा गया और खुद भाग गया भोसड़ी का … और दीदी तुमको कितनी सजा मिली. वो बिल्कुल मेरे से चिपक गई।उसने भी कुछ नहीं बोला और हम आगे बढ़ते रहे।तब तक मेरे मन में उसके प्रति ग़लत भावना नहीं थी। जब वो मुझे चिपक कर बैठी तो उसकी छाती बिल्कुल मेरे पीठ को छू रही थी। ऐसे ही हम हॉस्पिटल पहुँचे. उसी के साथ में वाणी ने गीता का मुँह पकड़ा और अपनी चुची उसके मुँह में घुसा कर बोली- साली, इन्हें चूसने के लिये क्या तेरे बाप को बुलाऊं.

मैंने उसे देख कर मुस्काराते हुए उसके होंठों पर एक मीठी चुम्मी कर दी. वो मेरी गोद में बैठीं, दर्द से छटपटा रही थीं और मैं वासना के चरम शिखर पर था. रात में मैंने बुआ से पूछा- मेरे साथ कोई नहीं सोएगा क्या?तो उन्होंने बोला- तुम जाओ, मैं किसी को भेजती हूँ, अगर कोई नहीं गया तो मैं ही आ जाऊंगी.

मैं उनको देखकर छुप गया और मैंने सोचा ये दोनों इतनी जल्दी कैसे आ गए.

वो मेरे बराबर में लेट गयी और बोली- आमिर … मुझे ज़िंदगी में इतना मज़ा कभी नहीं आया … जितना आज आया है. उसकी चूत के होंठ बाहर निकले हुए थे और गोरी चूत बड़ी सुन्दर लग रही थी.

मैं बहुत प्यार से तुम्हें कली से फूल बना दूंगा और इस परीक्षा की तुम टेंशन मत लो. मैं कसमसा गयी और उसे देखने लगी।वो बोला- ऐसे क्या देख रही है?मैंने कहा- आराम से दबाओ।वो हंसने लगा और फिर उसने मेरे दोनों बूब्स ज़ोर से भींच दिये. फिर कुछ दिन बाद वो आंटी मुझे दिल्ली से आते हुए ट्रेन में मिलीं, तो मैंने उन्हें नमस्ते किया.

उसकी चूत चाटते हुए जो कामरस बाहर निकल रहा था उसका स्वाद मेरे मुंह में आना शुरू हो गया था. अनामिका मुझसे बोली- विकास देखो, मम्मी जो बोलेगी तुम मुझे घर आकर सब बताना. दो औरतें और चार आदमी काम कर रहे थे, उसमें वो भीमजी अंकल न था, ये भी बहुत अच्छा हुआ.

देवर भौजाई का बीएफ फिर मैंने उसके पैरों के बीच में जाकर उसकी गीली-गीली योनि पर अपनी जीभ रख दी और होंठों से उसको प्यार करने लगा. जब मेरा पानी निकला तो उसे महसूस करते हुए वो शायद एक बार फ़िर झड़ गयी.

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”फिर मैंने खाना खाया और अपने बेटे के कमरे से वियाग्रा की कुछ गोलियां निकाल कर अपने पास रख लीं. इस वक्त मैं आराम से उसकी चुत चोद रहा था और वो बाहर का मज़ा ले रही थी. सेक्सी वीडियो पंजाबी कीअब आगे:मैंने पूछा- क्यों तुम्हारा हस्बैंड तुम्हारे साथ सेक्स नहीं करता?वो बोली- करता है पर मुझे मज़ा नहीं आता.

थोड़ी देर में उसके मुँह में ही अपना पानी निकाल दिया और पूरा पानी उसने पी लिया.

मैं- कैसी हो?प्रमिला दीदी- मैं ठीक हूँमैं- जो हुआ वो …प्रमिला दीदी ने लिखा- क्या हुआ कुछ भी तो नहीं … तू कहां है? चल जाके नहा ले … घर के काफी काम बाकी हैं. अजय को जब जब टाइम मिलता था, तब तब वो सुजाता की चुदाई करने आ जाता था, लेकिन आज तक सुजाता ने और किसी दूसरे का लंड नहीं लिया था.

मेरे वीर्य की गरम पिचकारी उसके गले से सीधे उसके शरीर में अन्दर तक चली गई. मैंने आंटी की चूत में एकदम अन्दर तक अपनी जीभ डाल दी और चूत को बहुत अन्दर तक चूस रहा था. वह बोला- तुम घर पर हो, मैं अभी आता हूं?मैंने कहा- इतना ज्यादा भी बीमार नहीं हूं.

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मैं आप से कुछ पूछना चाहती हूँ और ख़ास इसीलिए आज मैं आपके पास आई हूँ. मुझे भी मेरे रूम में छोड़ दिया गया … अब मैं सिर्फ और सिर्फ हितेश का इंतजार कर रही थी कि कब वो आए और हम दो जिस्म एक जान हो जाएं. वो मेरी कमर को कस के पकड़ के मुझे लपेट कर बोला- आह … अब मेरा भी काम तमाम हो रहा है, तू बहुत मस्त है रे वन्द्या! तुझे चोद के आज मेरे जीवन का बहुत बड़ा काम हो गया.

जय मेट्रोभाई जब तक एक महीने की छुट्टी से वापस आए तो भाभी प्रेग्नेंट हो गई थी. उन दिनों हल्की ठंडक रहती ही है उसके ठंडे हाथ से मैं एकदम से बौखला सा गया और जब रंग लगा देखा तो मुझे बहुत गुस्सा आया.

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ये बात फिर अब्बा हज़ूर और अम्मी के पास गयी और उन्होंने भी इजाजत दे दी. बस तू थोड़ा सा हिम्मत कर ले … बहुत अंधेरा और शोर शराबा है, तू चिंता नहीं कर बस साथ दे. उसका लंड सिकुड़ कर छोटा सा हो गया था और मेरी चूत से उसका वीर्य बहने लगा था। हम दोनों के ही शरीर से पसीना बह रहा था। उस रात राहुल ने मुझे सुबह 5 बजे तक कई बार चोदा।वो सब मैं आपको अगली कहानी में बताऊंगी कि राहुल ने उस रात और क्या-क्या किया.

उसकी गांड मैंने पहली बार मारी, फिर उसके गांव में कई औरतों ने मुझसे गांड मरवाने की फरमाइश की. इसके कुछ दिन बाद मुझे एक कॉल आया नेहा मैडम का … उन्होंने मुझे एक ऑर्डर दिया जिसके अनुसार मुझे मेरे कस्टमर को सर्विस देनी थी. जब मुझे अकेले में टाइम मिलता या रात में लेटती थी, तो एकदम से मौसी के यहां जो हुआ, उन पलों की शुरू से अंत तक के सीन याद आते और फिर अपने आप ही मेरी चूत गीली हो जाती.

मैं पुराना कमीना ठहरा, सो किसी न किसी तरह से फायदा ही उठा लेता हूँ. वह दादा साहेब ठाकुर ने अपने लंड का जोर से झटका मेरी चूत में मारा, तो मैं चीख उठी … चिल्ला उठी. थोड़ी देर में उसके मुँह में ही अपना पानी निकाल दिया और पूरा पानी उसने पी लिया.

उनके टांगे फसाने से मैं ज्यादा ऊपर नहीं उठ पा रहा था, मैंने भाभी की टांगों को अपने हाथों में लिया और चूत के ऊपर अच्छी तरह से चढ़कर लंड से ठुकाई करने लगा. मेरी ये बातें वो ध्यान से सुन रही थी और शायद उसको सभी बातें सीधी दिल में उतर गई थीं.

मैं बोला- अच्छा भाभी कहां हैं?कमला- वो सब्जी लेने गई हैं, आप बैठो वो अभी 5 मिनट में आ जाएंगी.

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नाईटी भाभी के चूतड़ों को आधा ढके हुए थी और आधे चूतड़ दिखाई दे रहे थे.

तभी मनोहर ने मेरी गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया और मेरे बूब्स दबाने लगा. आपको मेरी यह बहन की चुदाई कहानी कैसी लगी, इस बारे में मुझे अपने विचार जरूर बताएं. लेकिन अभी कुछ दिन पहले मेरी लंड लेने की इच्छा अनायास ही पूरी हो गई.

मैं सोचने लगा कि यह सरप्राइज़ की क्या कहानी है, अब तो और भी जल्द पता लग जाएगी. वो उससे बोला- भैया … अब मुझसे नहीं जा रहा … मैं क्या करूं?तो वह बोला- अबे तू नीचे बैठ जा और इसके सामने तरफ घुस के, तब तक इसके नीचे के मजे ले ले. थोड़ी देर के बाद वो मेरी योनि में दो उंगली डाल कर उसे तेज़ी से अन्दर बाहर करने लगा और जीभ मेरी दाने पर फिराने लगा.

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पर उसके इतने तेज़ और जोरदार धक्कों ने मेरे मन में भय ला दिया कि कहीं वो मुझसे पहले न झड़ जाए. उस दिन के बाद मैं रोज़ ही हितेश के कॉल का इंतजार करती … रात को सोने के टाइम यही दिमाग में आता कि कल पक्का हितेश कॉल करेगा और सुबह उठते ही सबसे पहला यही खयाल आता कि आज हितेश का कॉल आएगा ही. मयूर ने मुझे एक प्यारी सी और लंबी सी किस की और मुझे अपनी बाहों में भर लिया.

मैंने उससे पूछा- ये क्या स्टाइल है?तो वो बोली- मैं टाइम खराब नहीं करना चाहती क्योंकि मुझे आज घर जाना है, मेरे घर पर कुछ मेहमान आ रहे हैं.

कुछ पल चूचियों को जबरदस्त चूसने के मसलने के बाद मैंने नीचे की तरफ ध्यान दिया.

अंकित बोला कि आज तुम कयामत लग रही हो बहुत मस्त दुल्हन से भी सुंदर सबसे सुंदर सेक्सी लग रही हो. वो कसमसाती रही, लेकिन जैसा कि नेचुरल है किसी भी चूत को एकदम से लंड लेने में दर्द होता ही है, बाद में चूत लंड लंड करने लगती है. दोस्ती पिक्चर पुरानीमैंने उसके लिए कमरे का दरवाजा खोला और उसको बाय बोल कर विदा कर दिया.

शिल्पा अपनी गांड उठाते हुए मुझे अपने अन्दर समाने की प्यास को उजागर करने लगी. मैंने कहा- मतलब कि तुम्हारे पति का लंड मेरी चूत में और मेरे पति का लंड तुम्हारी चूत में. थोड़ी देर फिल्म देखने के बाद मुझे नींद आने लगी तो मैंने सोचा की अब सोया जाये.

जब वह खाना खत्म करके जाने लगी तो जाते हुए भी मेरी तरफ ही देख रही थी. मैंने बाहर खिड़की से जाकर देखा तो भाभी अंदर अपनी दोनों टांगें फैलाए मस्ती से चुद रही थी.

जब मैंने उसके बाद की चैट को पढ़ा तो उसमें मिशिका और रिशु की सुबह की बातें थीं जिसमें मिशिका नहा कर बाहर आई थी.

बोल तो ढूंढना शुरू कर दूँ तेरे लिए?मैं- मम्मी जी, इतना बड़ा फैसला लेने के लिए मुझे कुछ वक्त चाहिए, मैं आपको एक दो दिन में सोच कर बताती हूँ. मैंने कहा- ठीक है, आप ऑफिस पर आ जाओ, मैं हाथ के हाथ टिकट करवा देता हूँ. एक दिन मैंने न्यूज़ पेपर में देखा कि एक कंपनी में लेडीज एकाउंटेंट की नौकरी खाली है.

राजस्थानी सेक्सी पिक्चर वीडियो एचडी एक बार हम पैसों की तंगी से बहुत परेशान चल रहे थे और मेरी नौकरी भी छूटी हुई थी, इसलिए हम थोड़ी परेशानी में चल रहे थे. मेरी इस हरकत पर उन्होंने कुछ नहीं कहा, तो मैंने उनको और भी टाईटली पकड़ लिया और उनकी गांड से चिपक गया.

धीरे धीरे मैं इंदु के पेटीकोट का नाड़ा खोलने लगा, तो उसने मना कर दिया. मैं भी चुदाई का यही मतलब समझने लगी थी, यह सब कुछ मजे मैं जानती ही नहीं थी. अब मुझे चेंज करने के लिए मेरे कपड़े चाहिए थे तो मैंने रिंकी से अपने कपड़े माँगे तो उसने कहा कि वो अभी काम कर रही है, मैं खुद ही उसके बैग से निकाल लूँ.

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तभी उसने अपना लंड मुझे चूसने के लिए बोला और मैं लपक कर उसके लंड को चूसने लगी. मुझे चित लिटा कर मेरी टांगें खोलीं और चूत से सटा कर लंड अंदर पेल दिया। इस बार चूँकि लंड गीला नहीं था तो गीली होने के बावजूद चूत चरमया गयी और लंड आधे पर ही फंस गया लेकिन चार पांच धक्कों में जड़ तक पहुंच गया।आह … यही तो चाहती थी मैं। कितना खूबसूरत अहसास होता है जब एक कठोर गर्म लंड आपकी चूत में गहरे तक धंस कर उसकी खुदाई कर रहा हो। इस आनंद को बयान कर पाना मुश्किल है. पिचकारियाँ लगते-लगते भाभी बेड पर पसर गई और मैं भी अपना लण्ड अन्दर डाले डाले, उन्हें पसरे हुए ही पीछे से वीर्य की अंतिम बून्द तक चोदता रहा और उनके ऊपर ही लेट गया.

अब मैंने उसको सीधा लिटाया और उसके पैरों को किस करते करते और चाटते उसकी चूत तक आया. उन्होंने मेरे माथे पे चूमा और खड़े हो गए, फिर मम्मी से बोले- इस बेचारी को पलंग पर सुलाओ.

बोल साली छिनाल कितने लंड गए है तेरी चुत में?इस पर पूनम ने कहा- साले भैन्चोद … मेरी चुत तो चुदने के लिए ही बनी है.

आंटी ने मेरी तरफ देखा और उनको भी इस बात का अहसास हुआ कि मैं उनके चूचों को ही देख रहा हूँ. जब मैं उसके आर्मपिट और गर्दन पे ज़ुबान लगाता था, तो वो ऊपर को उछल पड़ती थी, जिससे मेरा लंड उसकी गांड पे टच हो रहा था. मैं कमला के बारे में सोच रहा था कि क्या होगा, उसकी चुत मिलेगी कि नहीं.

पर शुरू के कुछ पल तो ऐसे हिचकी लेने जैसा उठता और फिर लटक जाता और मैं बुरी तरह से गर्म होकर व्याकुल हुए जा रही थी कि कब ये खड़ा होगा और मेरे भीतर आएगा. मेरी चूत काम्या जितनी टाइट तो नहीं है, पर मैं उससे कहीं ज्यादा मज़ा दे दूंगी, चाहो तो मेरी गांड भी मार लो, पर मना मत करना. एक हाथ से मैंने उसके अंडों को हल्के हल्के सहलाना शुरू किया और दूसरे हाथ से लिंग को मुट्ठी में भर कर आगे पीछे करके सुपाड़े को चाटने लगी.

कार में बैठा तो देखा कि उसने साड़ी पहनी हुई थी और आंखों पर काला चश्मा लगा रखा था.

देवर भौजाई का बीएफ: जब मैंने ध्यान से देखा तो वह भी समझ गया कि मैं उसकी पैंट में बन रही उस आकृति को देख रही हूँ. मैंने दरवाज़ा खोला तो आंटी दरवाज़ा धकेल कर अंदर आ गई और उनके हाथ में फलों की एक प्लेट थी.

घर पहुंचा तो पाया दरवाजे में अन्दर से कोई लॉक नहीं लगा था, मैं बैडरूम में गया तो देखा कि शंकर जी और मदन दोनों नंगे एक दूसरे से लिपट कर मस्त सोए हुए थे. जब वहां पहली बार रहने आया था, तब उसको देखकर मुझे वो अपनी हम उम्र ही लगी. मेरी सहेली की बातों पर मेरे घर वालों को विश्वास हो गया और मैं अपने बॉयफ्रेंड के साथ होटल में चली गयी.

इसी दौरान मैंने एक हाथ से उसकी स्कर्ट के नीचे से उसके चूतड़ों को सहलाना शुरु किया.

उसके बाद हल्के से कमर हिलाते हुए देखा कि आंटी की आंखें लाल हो चुकी थीं. मेरी गांड की सुराख में धीरे से उंगली डालते ही मुझे बहुत अजीब सा महसूस होने लगा और मैं अपनी कमर उछालने लगी. इस बार भाभी मेरे ऊपर आ गईं और उनकी झूलती चूचियों को पीते हुए मैंने उनकी चूत में नीचे से ठोकरें लगानी शुरू कर दीं.