हिंदी चुदाई बीएफ

छवि स्रोत,वीडियो सी बीएफ वीडियो

तस्वीर का शीर्षक ,

होली सेक्सी इमेज: हिंदी चुदाई बीएफ, अभी तक कूल्हा लाल है… फिर तूने उस दुकानदार लड़के से… शैतान कितनी देर तक मेरे सभी अंगों को छूता रहा… उसने तो मेरी चूत को सहलाया था……देख़ा था ना तूने…पारस- …हाँ भाभी… सच बताओ… मजा आया था ना…सलोनी- अगर अच्छा नहीं लगता.

बीएफ वीडियो बढ़िया-बढ़िया

तो अब क्या हुआ !”मैंने उससे कही, तुम मेरा ब्लाउज़ ठीक करके ले आओ और फ़िर मैं तुमसे चुदने को तैयार रहूंगी।तब वो ब्लाउज ले कर जाने लगा और कहा- मैं अभी 2 घंटे में आता हूँ। तुम चुदवाने के लिए तैयार रहना।और सच मे 2 घंटे बाद दरवाजे की घंटी बजी। मैं उस टाइम सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी में थी। मैंने दरवाज़े बिना खोले ही पूछा- कौन है. एक्शन एक्शन बीएफ!और उसे ऊपर बिठा दिया और खुद नीचे बैठ कर उसकी चूत में अपनी जुबान डाल कर, उसे चूसने लगा।कुछ देर में ही वो, सीईइ ईईईई सीईइ ईईईई.

उसने जब देखा मैंने वैसे ही किया तो उसने फिर कहा- अब जरा अपनी सेवा करो!और उसने मेरा सिर अपनी बुर के अंदर घुसा दिया. चूत लंड वाली बीएफ सेक्सीअब देख कैसे तुझे मजबूर करता हूँ नंगी होने के लिए।आरोही के नाम की मुठ मार कर राहुल शान्त हो गया और सो गया।शाम को राहुल तैयार होकर बाहर निकला और घर से थोड़ी दूर एक स्टोर के पास खड़ा हो गया। करीब 5 मिनट में रेहान भी आ गया। राहुल कार देखकर झट से अन्दर बैठ गया, रेहान ने कार को आगे बढ़ा देता दिया।रेहान- हाँ भाई.

अब उसकी काली ब्रा में कैद उसके चूचे तीनों के सामने थे।दीपक तो नॉर्मल था मगर उन दोनों ने आज तक ऐसा नजारा नहीं देखा था। उनकी हालत खराब हो गई लौड़े में तनाव बढ़ने लगा.हिंदी चुदाई बीएफ: !मैंने दीदी से गाण्ड ढीली छोड़ने को कहा।गाण्ड ढीली होने पर मैंने जीभ अन्दर डाल दी और अन्दर से चाटने लगा। जीभ को चारों तरफ घुमा कर मैंने 15 मिनट तक गाण्ड चाटी फिर मैंने पीछे से सर अन्दर डाल कर चूत को मुँह में भर लिया।और दीदी से बोला- दीदी थोड़ा मेरे मुँह में सुसू करो ना.

!कविता सिसकारियाँ लेते हुए जोर-जोर से लण्ड चूसने लगी। अब मैं झड़ने लगा था… कविता ने लण्ड को मुँह खोलकर जीभ पर रख लिया और एक हाथ से जोर-जोर से मुठ मारने लगी। मैंने अपना सारा पानी कविता के मुँह में निकाल दिया, जिसे वो मजे से पीने लगी और चाट-चाट कर पूरा लण्ड साफ कर दिया।कविता- कैसा रहा दीप मजा आया?दीप- खूब.तेरी यही चीख सुननी थी। तुझे अपने बॉय-फ्रेंड से चुदाई के वक्त दर्द नहीं हुआ क्या जो अब नाटक कर रही है.

बीएफ बीएफ वीडियो सेक्सी वीडियो - हिंदी चुदाई बीएफ

मैंने पहले ही कहा था, आजकल की फिल्मों में जितना बॉडी को दिखाओगी उतना ही लोग एंजाय करेंगे और उस हीरोइन की उतनी ही अधिक डिमांड होगी। अब तुम अभी से ऐसा कर रही हो, तो आगे क्या पता किसी फिल्म में बिकनी का पोज़ देना पड़े, तब क्या करोगी.!यह क्या होता है?”तुम मेरे निचले होंठ को चूमो और मैं तुम्हारे होंठ को चूमूँगा।”नीति ने उत्साहपूर्वक चुम्मा लिया।अब फ्रेंच-किस दो.

अब तू जल्दी से घर जा… हम आधे पौने घंटे में पहुँचती हैं… मैंने यहाँ सब पड़ोसियों को कह दिया है कि मुझे रात को बहुत डर लगता है… इसलिये मैं अपनी बहन के साथ रात को सोने के लिये अपने पति के एक दोस्त के घर जाया करूँगी… क्योंकि हम दो लोग हैं इसलिये किसी ने कोई बात नहीं बनाई… अगर बहन साथ ना होती तो यह नहीं हो सकता था. हिंदी चुदाई बीएफ इंस्पेक्टर ने मुजरिम की पिटाई रोककर यह खुशखबरी अपने साथी पुलिस वालों को सुनाई– साथियो, मेरी बीवी सलमा ने बेटे को जन्म दिया है !!!अचानक मुजरिम सन्तारोता हुआ जोर-जोर से चिल्लाने लगा–‘डाल दे… डाल दे… डाल दे… डाल दे…’अब यह केस भी मुझ पर ही डाल दे कमीने…….

जैसे ही मैं वहाँ पहुँचा तो सीमा ने कहा- आज मैं कुछ नहीं करुँगी!मुझे गुस्सा आया कि मुझे बुला लिया और कुछ नहीं करने को बोल रही है.

हिंदी चुदाई बीएफ?

वो इतनी खुश थी कि उनकी आँखों से आँसू छलकने लगे और वो मुझसे काफ़ी देर तक चिपकी रही जैसे मन ही मन वो चाह रही हो कि काश मैं उसका पति होता!उसके बाद मैंने और मेरी सोनी दीदी ने अगले दस दिनों तक खूब सेक्स किया. पता नहीं मुझे क्या हुआ, मैंने कहा- बस एक चीज दिखानी है आपको!और कह के अपनी जींस नीचे कर दी, मेरा नौ इंच का लंड खड़ा हुआ फुफकार रहा था. तो बहुत अच्छा लग रहा है।”अच्छा तो एक बार देखने दे मुझे !” बुआ ने कहा।नहीं बुआ, शर्म आती है।”अरे हम दोनों के बीच ही तो रहेगा ये सब.

!”मैंने उसके मम्मों को चूसना शुरू कर दिया। थोड़ी देर ऐसा ही उसके ऊपर लेटा रहा और उसे पकड़ कर 3-4 धक्के मारे और पूरा डाल दिया।वो रोने लगी और खून की धार से मेरा लौड़ा रंग चुका था और वो इतनी तेज़ चीखी, आआआ आआऐययईईई ईमाआआअ न्न्नरनणणन् माआअर डाला सैंडी मेरी पूरी फट गई रे…. राहुल झट से मेरे कमरे से बाहर निकल गया। मैं उसके पीछे पीछे उसी हालत में ड्राइंग रूम तक आई और घर का दरवाज़ा अन्दर से बंद किया और बाथरूम में जाकर बाथटब में जाकर पानी में जो लेटी और बीते हुए आनन्ददायक पलों को याद करते करते कब शाम हो गई कुछ पता ही ना चला।मेरी गांड की खुजली मिट चुकी थी, राहुल ने अपना वादा निभाया और अब अक्सर मेरी इच्छानुसार आकर मेरी गांड और चूत की खुजली मिटाता रहता है।. मैंने अपनी गति बढ़ा दी… वो भी नीचे से उछलकर मेरा साथ देते हुए चिल्लाने लगी- …डाल दो पूरा अन्दर… मेरी प्यास बुझा दो… और जोर से.

चल उतार कपड़े और आ जा!***सलमा– सुन, मेरी फेसबुक आईडी बना दे…इरफ़ान– बना तो दूंगा, मगर तुझे चलानी आती है?… हुँह?. !रेहान- अन्ना बुरा ना मानो तो आरोही को ले लो ये फिल्म में।बस दोस्तो, आज के लिए इतना काफ़ी है। अब आप जल्दी से मेल करके बताओ कि मज़ा आ रहा है या नहीं?क्या आप जानना नहीं चाहते कि आगे क्या हुआ. !कुछ समय में उन्होंने 8-9 धक्के मारे और मेरी चूत में गर्म सा फव्वारा छोड़ दिया और मुझ पर आकर गिर पड़े।करीब दस मिनट के बाद उन्होंने मुझे किस किया और जन्म-दिन की फिर से बधाई दी और फिर नहाने के बाद वापस अपने ऑफिस चले गए।उस दिन सा आनन्द मिल पाना बहुत ही मुश्किल था, पर हमने फिर से पूरी रात सेक्स किया, पर वो सब बाद में.

उसके लिए कितनी ख़ुशी का दिन है…नलिनी भाभी- अच्छा ठीक है… जल्दी जाओ और हाँ वैसे साड़ी बांधना मत सिखाना जैसे मेरे बांधते थे. तुम्हारी बहुत याद आ रही है !इशरत की कामुक आवाज़ सुनते ही मेरे लंड में हलचल होने लगी- इशरत क्या कर रही तो तुम, सच सच बताओ?इशरत- आह.

और अभी यह संभव नहीं है कि हम कुछ कर सकें… तो प्लीज मुझे जाने दो और तुम भी जल्दी से तैयार होकर ऊपर आ जाओ, सब तुमसे मिलना चाह रहे हैं।” इतना कहकर प्रिया ने मुझे ज़बरदस्ती अपने ऊपर से उठा दिया और मेरे लंड को एक बार फिर से सहलाकर जाने लगी।प्रिया के जाते जाते मैंने बढ़कर उसकी एक चूची को जोर से मसल दिया… यह मेरी उत्तेजना के कारण हुआ था।उफ़…ज़ालिम कहीं के.

उसने भींचा मेरा निचला होंठ, मैंने ऊपर का भींच लियादोनों के होंठ यूँ जुड़े सखी, जिह्वाओं ने मिलन का लुत्फ़ लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

क्या…कह रही हो बालिके !रीना- बाबा जी… मैं तो ये कह रही थी कि आपका वो ठीक है या नहीं?बाबाजी- क्या ठीक है? तुम क्या कहना चाहती हो?रीना अपने मम्मे खुजाते हुए- कुछ नहीं बाबा जी मेरा तो दिमाग खराब है मुझे खुद ही समझ में नहीं आता कि क्या करूँ !बाबा जी ने उसकी तरफ देखा तो रीना ने अपना एक बटन और खोल दिया और टॉप के अन्दर हाथ डाल कर खुजाने लगी।बाबा जी- क्या हुआ बालिके. उसने मुझे आते ही अपनी बाँहों में ले लिया और चूमने लगी।उसकी उम्र कोई पैंतीस साल की थी और मैं बीस साल का, इसलिए वो एक्सपर्ट थी और मैं नया खिलाड़ी।अब हम दोनों एक-दूसरे को चूमने लगे। उसने अपने गरम होंठ मेरे होंठों पर लगा दिए।दोस्तो, पहली बार मैंने किसी को चुम्बन किया था. ! मैं तुमको ऐसा लगता हूँ यार… तुमको हीरोइन बनाने के लिए मैंने कितनी मेहनत की है बस दोस्तों आज की कथा का अंत हुआ.

मज़ा आ रहा था।तुम कभी आए तो अपुन ऐसे ही चुदाई करेंगे बाथरूम में…!खैर चुदाई जारी थी, फिर हम दोनों झड़ गए। शिशिर नहा कर बाहर निकल गया, मैं नहाती रही।शिशिर मुझे नहाते देख रहा था, तभी वो बोला- भाभी तुम्हारे चूतड़ तो बहुत मस्त हैं यार…. ’ इस तरह के शब्द निकलने लगे।मैंने उसके लंड की टोपी पर अपनी ज़ुबान रखी तो उसने मेरे बाल पकड़ कर मेरे मुँह में अपना लंड ज़बरदस्ती घुसेड़ दिया।उसकी ताक़त के आगे मैं कुछ नहीं कर सकी, उसका पूरा लंड एक झटके में मेरे हलक से जा टकराया।मैंने लंड मुँह से निकालने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही।वो बोला- अगर मैं जानता कि तू मुझसे चुदवाना चाहती है तो तुझे मैं अपने बुटीक में ही चोद देता. मैंने उसकी तकलीफ़ को समझते हुए धीरे धीरे लंड को अंदर डाला, अब तो उसे भी मजा आने लगा और थोड़ा ऊऊऊ आआआ ईईई की आवाज़ के साथ वो पूरा मजा ले रही थी, मैं भी छोड़ना नहीं चाहता था.

!मन ही मन मैं प्रफुल्लित हो रहा था।वो मेरे कमर के पास बैठ गई और उसने हल्के से विक्स मेरे माथे पर मलना शुरू किया।उसके चूचे मेरी छाती से लग रहे थे।‘आहा हा हा…!’भाभी ने पूछा- क्या हुआ.

वरना मैं तुझसे दूर कहाँ!तभी ‘तड़ाक’ की आवाज़ के साथ एक तमाचा मेरे गालों पर पड़ा और अंकिता बोली- साली मादरचोद. जुबैदा ने उसे हाथ में लिया और उसे सहलाने लगी, जैसे उसे चुदाई की जल्दी हो !बिरजू ने फिर उसके घाघरे का इजारबन्द खींच दिया दी और उसे पूरी नंगी किया !जुबैदा को नंगी देख कर, गोरी गोरी जांघें, मांसल शरीर देख कर मेरा तो अंग अंग मचल उठा… मेरा सिर गर्म हो गया… चड्डी में लंड फड़फड़ाने लगा !बिरजू का हाथ जुबैदा की जान्घों में फिरने लगा. सब कुछ मिला कर मेरे जैसे कामी पुरूष के लिए वो एक विस्फोटक औरत थी…अब मैंने उन्हें और उन्होंने मुझे अलग नजरों से देखना शुरू कर दिया था.

ये सब तो आपका ही है जानू… जितना चाहे पी लेना… पर अब आप फ्रेश तो हो लो…मैं उसकी चूत में उंगली करते हुए-. उसके लिए कितनी ख़ुशी का दिन है…नलिनी भाभी- अच्छा ठीक है… जल्दी जाओ और हाँ वैसे साड़ी बांधना मत सिखाना जैसे मेरे बांधते थे. पर उसने उंगली डाल कर खींचा और बाहर निकाल कर और ज़ोर से अंदर डाल दिया। मुझे पता था कि अब यह नहीं मानेगी, उसने टी वी की आवाज और बढ़ा दी। मैं बोलने का प्रयास ना करूँ इसलिए एक आइस क्यूब स्टॉल से नीचे से मेरे मुंह में डाल दिया। मैं मन ही मन उसे गालियाँ देने लगी, पता नहीं श्रेया इतनी कठोर कैसे हो गई।उसने कुछ आइस क्यूब मेरी चूचियों पर रगड़े, तभी उसने दिये से मोमबत्ती जलाई.

एक तो साली ये गोली भी बहुत मुश्किल से मिली है…दीपक- प्लान तो अच्छा बनाया मगर साले ये जबरदस्ती ही हुआ ना.

फिर मैंने सोचा कि चोदने से अच्छा है, मालिश से ही इसका पानी निकाल दूँ क्योंकि इसने अभी तक इसका मजा लिया नहीं था. सुनते हैं कि ओ प्यारी सखी, तूफ़ान कष्टकर होते हैंपर इस तूफ़ान ने तो जैसे, लाखों सुख मुझ में उड़ेल दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

हिंदी चुदाई बीएफ और मत तड़पाओ…दीदी की गाण्ड अपने आप ऊपर की तरफ उठ कर लंड को अंदर लेने की कोशिश कर रही थी मगर उस पुलिस वाले को दीदी को तड़पाने में मज़ा आ रहा था. ऐसा लग रहा था कि किसी ने मेरी अंदर कुछ काफ़ी बड़ा सा लौड़ा डाल दिया हो, या जोरदार मेरी जोरदार चुदाई हो रही है।मैं दीवान पर लेट गई, मेरी योनि सुन्न हो गई, ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने को जी कर रहा था पर मैंने अपने ही हाथ से अपना मुँह दबा लिया ! जब लगा कि अब नहीं सह पाऊँगी तो उंगली से अंदर से निकालना चाहा पर वो नहीं निकला, मुझे बहुत ठण्ड लग रही थी, मैंने अपने ऊपर कम्बल ले लिया.

हिंदी चुदाई बीएफ उस महिला के पास वाली सीट का हैंडल थोड़ी टूटी होने की वजह से बस के कंडक्टर ने मुझसे वहाँ बैठने का आग्रह किया, जिसे मैंने सहर्ष स्वीकार कर लिया. मगर मैडम ने इसे भांप लिया था और मुझसे बोली- तुम मुझे क्यों देखते हो?मैं बोला- ऐसे ही।वो फिर मेरे पास आकर बैठी और बोली- मैं सब समझती हूँ और जानती हूँ कि इस समय तुम्हारे मन में क्या चल रहा है।मैं चुप रहा।वो आगे बोली- मनु.

तो मैंने कहा- मुझे पता है, जब इतना बड़ा लंड मेरी चूत में जायेगा तो दर्द तो होगा ही न, तुम अंदर डालो तो.

देहाती एक्स एक्स वीडियो एचडी

!रेहान काफ़ी देर तक वहीं बैठा रहा और रोता रहा।उधर राहुल वापस अन्दर गया तो आरोही सोफे पर लेटी हुई थी।राहुल- हाय स्वीट सिस. मेरा लिंग अब अपने पूर्ण स्वरूप में था जो उसके मुख में समा पाना मुश्किल था तो वह उसे बाहर ही और अपने हथेलियों के प्रयोग से उसका मर्दन करने लगी, मेरे अन्डकोषों पर भी उसके अधर अपनी छाप छोड़ने लगे. ”मैं भी जोश में बोला- हाँ भाभी आज आपकी चूत का कर्ज जरूर पूरा करुंगा… ले ले मेरा पूरा लन्ड अपनी चूत में.

डार्लिंग !कविता- तो अब मजा दोगे भी क्या ?मैं कविता का इशारा समझ चुका था, मैंने उसे सोफे पर बैठाया और टाँगें ऊपर कर उसकी दोनों टाँगों के बीच बैठ कर अपनी जीभ गीली चूत पर रख दी और जब चूत पर जीभ चलाने लगा।तो कविता ने एक लम्बी कामुक सिस्की भरी, आह. अंगों से जो रस बह निकले, अन्तरंग ताल के जल में मिलेसांसों में उठे तूफानों के, अब जाके धीमे पड़े सिलेतरण ताल में उठी लहरों ने, अब जाकर के विश्राम कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !”जीजाजी कामिनी की बुर की टीट चूसने लगे कामिनी मुझसे बोली- सुधा आ तू, मुझे अपनी बड़ी-बड़ी चूची पिला दे.

चाची के मुख पर हल्की सी मुस्कान आई… मुझे लगा कि चलो मेरे मामला बन रहा है।चाची भी मुझे छेड़ते हुए बोली- अभी तो बच्चा है रे.

अब सब कुछ था विपरीत सखी, साजन नीचे मैं पलंग कोरजिस तरह से उसने चूसे स्तन, उसी तरह से अंग को चूस लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. यह हम दोनों का वैसे तो पुराना काम था, पर एक लड़के के सामने? मैं शरमा भी रही थी, पर मजा भी आ रहा था, चिड़िया गीली होकर मस्त हो रही थी मेरी. !”प्रिय पाठकों आपकी मदमस्त सुधा की रसभरी कहानी जारी है। आपके ईमेल की प्रतीक्षा में आपकी सुधा बैठी है।[emailprotected].

मैं 8 बजे तक आ जाऊँगा।राहुल- ओके ब्रो… चलो मैं बाहर तक तुम्हारे साथ चलता हूँ।आरोही- भाई इनको छोड़ कर मेरे रूम में आ जाना।राहुल और रेहान बाहर आ गए।राहुल- वाउ यार. !दस मिनट तक दोनों ने चूतों को इतनी ज़बरदस्त चूसा कि उनका पानी निकल गया, पर उनका सेक्स भी चरम सीमा पर आ गया। अब उनकी चूत लौड़े लेकर ही शान्त होने वाली थी। तो दोनों ने उनको हटाया और उनके लौड़े झट से मुँह में ले लिए।राहुल- आह उफ्फ जूही आ…हह. प्रेषक : आशीष सिंह राजपूतअंतर वासना डॉट कॉम के सभी पाठकों को इलाहाबाद के आशीष का राम राम ! वैसे तो मैं व्यस्त रहता हूँ मगर जब कभी समय मिलता है तो अंतरवासना की कहानियाँ ज़रूर पढ़ता हूँ.

बच्चा नहीं होगा।दीपाली ने बिना बोले दवा ले ली।अनुजा- थोड़ी देर टीवी देख लेते हैं उसके बाद चुदाई शुरू करेंगे. ?उसने कुछ नहीं कहा और मैं दो धक्कों बाद ही उसके अन्दर झड़ने लगा और सपनों की मीठी दुनिया में खो गया।हम दोनों निढाल होकर बिस्तर पर गिर पड़े और जोर-जोर से साँसें लेने लगे.

अह्ह्हह… चाची ने मुझे बहुत जोर से दबा लिया…तभी एक ही मिनट में चाची का शरीर अकड़ा और चाची की चूत ने काफ़ी सारा पानी छोड़ दिया. फिल्म में एक लड़की बैठी हुई थी।तभी दो आदमी आकर उसको चूमने लगते हैं और धीरे-धीरे उनका चोदन शुरू हो जाता है।असल बात यह है कि अनुजा दीपाली को यही दिखना चाह रही थी कि कैसे दो आदमी एक लड़की को चोदते हैं और हुआ भी वही. !फिर हम बाथरूम में नहाने चले गए। आगे की कहानी फिर कभी आपको सुनाऊँगा।जैसा हुआ वैसा ही मैंने आप लोगों का सुना दी। मुझे मेल करो।[emailprotected].

बाकी होर कोई ते सोन ई नी देंदा!***सन्ता बेचारा सेक्स से अनजान था, उसकी शादी किस्मत की मारी प्रीतो से हो गई, अपनी सुहाग रात को बिस्तर पर गया, जाकर लेट गया, कुछ करने का पता ही नहीं था।यह देख उसकी नवविवाहिता पत्नी प्रीतो ने खुद ही अपने कपड़े उतारे और सन्ता से पूछा- क्या तुम नहीं जानते कि मुझे क्या चाहिए?इस पर सन्ता ने कहा- नहीं!लड़की ने आपसे लिफ्ट मांगी,रास्ते में उसकी तबीयत ख़राब हो गई।आपको टेंशन!.

!”किस करते-करते नीति का हाथ पैन्ट में मेरे फूले हुए लंड पर चला गया।मैं भी अपना एक हाथ उसकी जाँघों पर फिराने लगा था।नीति की सांसें उठ और गिर रही थीं। मैं उसकी नरम मांसल जांघों की फुरफुरी महसूस कर रहा था।धीरे से मैंने अपना बांया हाथ उसकी फूली हुई पैन्टी पर लगाया। नीति मेरे से और चिपक गई।पैन्टी गीली थी ! लव-जूस… !मैंने पैन्टी के अन्दर नरमी से उँगलियाँ डालीं और उसकी गीली फूली चूत को सहलाया।साहब. मैंने मजाक में कहा था ! अब हम भी चलें, मेरा सर घूम रहा है…!राहुल- हाँ चलो बहना… अभी तो सर घूम रहा है, अब देखो मैं क्या-क्या घुमाता हूँ…!रेहान ने जूही को रूम में ले जाकर बेड पर लिटा दिया।जूही- रेहान तुम बहुत अच्छे हो. कोई दमदार गुस्से वाले सीन याद करना, मैं देखना चाहता हूँ तुम गुस्से में कैसी दिखती हो। कल सुबह दस बजे तैयार रहना ओके.

तभी सलमा बड़ी हसरतों से बोली- काश कि खुदा में हमें भी लौड़ा दिया होता…इरफ़ान ने पूछा- क्यों? ऐसा क्यों कह रही हो?सलमा लम्बी सांस छोड़ते हुए बोली- तेरे जैसे बहन के लौड़ों को चोद कर बताती कि चोदते कैसे हैं. सलोनी- बाय जानू…मैं अब यह सोचने लगा कि यार यह सलोनी, मेरी चालू बीवी शाम के छः बजे तक बाजार में कर क्या रही थी?और टेलर से क्या सिलवाने गई थी?है कौन यह टेलर?कहानी जारी रहेगी।[emailprotected].

मैंने भाभी से पूछा- भाभी आप तैयार हो?तो भाभी ने कहा- मेरे चोदू, आ जा! चोद दे!मैं सीधे ही भाभी के ऊपर चढ़ गया और अपना 8 इंच का मूसल उसकी चूत में डाल दिया. सी साब ने कहा था कि डिब्बे में आपसे किसी खाली सीट पर एडजस्टकरवाने की रिक्वेस्ट करने को कहा।वो कड़क कर बोला- यह तेरे बाप की ट्रेन नहीं है, किसी ने कह दिया और तू यहाँ बैठ गया, जुर्माना लगेगा, वरना साथ में अगले स्टेशन उतार पुलिस को दे दूँगा।सर, देखो कुछ कर दो, मैं फीस दे रहा हूँ !”तुम लोग ऐसे समझ लेते हो कि जैसे टी. तभी अचानक सलमा के आंसू निकल आये!इरफ़ान ने पूछा- क्या हुआ?सलमा बोली- कुछ नहीं, हमारा पड़ोसी पप्पू याद आ गया! उसे भी यही स्टाइल पसंद था, मज़ा तो आता है, पर दर्द बहुत होता है.

बीएफ जंगल

थोड़ी देर ऐसा करने के बाद, सुमित ने मेरी चड्डी उतार दी और मेरी जाँघों के बीच बैठ कर मेरी चूत चाटने लगा.

!”रेहान- अभी लो जान मैं सब ठीक कर दूँगा।इतना बोलकर रेहान वो कपड़ा पूरा हटा देता ही आरोही एकदम नंगी रेहान की नज़रों के सामने थी। उसके 32″ के गोल-गोल मम्मों और एकदम डबल-रोटी जैसी फूली हुई चूत और वो गोरा बदन जिसे छूते ही बदन में करंट दौड़ जाए। रेहान का लौड़ा पैन्ट को फाड़कर बाहर आने को बेताब था।आरोही- सी सी आह. बच्चा नहीं होगा।दीपाली ने बिना बोले दवा ले ली।अनुजा- थोड़ी देर टीवी देख लेते हैं उसके बाद चुदाई शुरू करेंगे. !हम फिर ब्लू-फिल्म देखने लगे और कैसे वो जानवरों की तरह लड़की को उठा-उठा कर चोद रहा था।यह सब देख कर और सविता से काले मूसल से चुदाई की बात सुनकर चुदाई का मन तो मेरा भी होने लगा था, पर गांड भी फट रही थी कि पता नहीं वो मेरा और मेरी चूत का क्या हाल करेगा? यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !आख़िरकार मुझे अपनी चूत की ही सुननी ही पड़ी और मन ही मन मैंने ‘हाँ’ कर दिया.

पर तू कुछ करता ही नहीं था…‘चाची आज सब कुछ क़र दूंगा… मैं भी आपकी चूत के लिए बहुत तरसा हूँ! मैंने तो पहली बार जब मुठ मारी थी तो आपको ही सोच क़र मारी थी कि आपकी टांगों पर इतने बाल हैं तो आपकी चूत पर कितने बाल होंगे, मैंने आज तक जितनी बार मुठ मारी है उनमें से 98% आपको सोच क़र मारी है…!’चाची बोली- ओहो मेरे आशिक, चल अब मजे लेते हैं. मैं पलंग से उठा ही था तभी रजिया मेरे लिए चाय लेकर आ गई और मेज पर रख दी। मैंने पीछे से रजिया को दबोच लिया‘ओ. पंजाब बीएफ पिक्चरतो ऐसी है मेरी नीलू !वो मुझे अपनी चूत चाटने का साफ़ साफ़ इशारा कर रही थी।उसकी चूत देखकर मेरा भी दिल फिर से चुदाई का करने लगा था… मेरे लण्ड ने अंडरवियर के अंदर अपना सिर उठाना शुरू कर दिया था…मैंने नीचे झुककर उसकी चूत की गन्ध ली.

तभी चाची मेरे ऊपर झुक गई और तेल की कटोरी जो मेरी दूसरी बाजू मेरे सिर पीछे रखी हुई थी, उसमें हाथ डुबोने लगी. चूसने में मजा आ जाता है।और फिर कुछ देर चूसने के बाद वो झुकी और मेरे सामने उनकी बड़ी सी गुलाबी चूत थी। चूत को नज़दीक से देख कर लगा कि ये तो जम कर लंड खा चुकी है।तो मैं भी अपना लंड को चूत के पास हल्के सा रगड़ा और फिर घुसा दिया और अन्दर-बाहर करने लगा और वो भी पूरा मजा ले रही थी।इस बात का अहसास मुझे तब हो रहा था, जब वो ‘आहहा… आआआआ.

!” ये कह कर बुआ ने मेरा शॉर्ट्स उतार कर मेरा लंड निकाल कर अपने हाथ में ले लिया।अरे, यह तो बहुत ही अच्छा है।”मेरा लंड और कड़ा हो गया। मैं भी बुआ की टाँगों पर हाथ फेरने लगा।बुआ तुम भी तो दिखाओ. !मगर मैं नहीं माना और चूत चाटता रहा और थोड़ी देर बाद वो झड़ गई। फिर मैंने उसका रस पीना शुरू किया।गिरिजा- बाबा यह क्या कर रहे हो. इमरानकेवल एक मिनट में ही नीलू ने अपना गोरा चिकना नंगा बदन अपने दो कपड़ों में ढक लिया…मैंने भी अपने पप्पू मियां को अंदर कैद कर पैंट ठीक कर ली…मगर शैतान नीलू को तो अपनी चुदाई बीच में रुकने का बदला लेना था…वो तुरंत बाथरूम की ओर गई.

इसलिए कुछ अच्छी सी डिजायन का ब्लाउज सिलवाना चाहती हूँ।तो उसने कहा- मैं आपका ब्लाउज बिना नाप के कैसे सिलूँगा. साजन मेरे पीछे आया, मुझे अंग की गड़न महसूस हुईस्तन से लेकर द्रवित अंग तक, उँगलियाँ की सरसरी विस्तृत हुईदोनों हाथों में भींची कमर, और अंग पे मुझे बिठाय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. लाल कपड़े पहने थे और उसके 36″ का साइज़ के मम्मे मुझे मस्त कर रहे थे।उसने खाना बनाना शुरू किया थोड़ी देर बाद मैं उसके पीछे गया और उसे पकड़ लिया।गिरिजा- बाबा.

!और उसने पलट कर मुझे बिस्तर पर गिरा दिया। मेरे पैरों को चूमते हुए वो मेरे आँडों को चूमने लगी। फिर लण्ड पर जीभ फेरती हुई मेरे सुपारे को मुँह में भर लिया।क्या लंड चुसाई की.

!मैंने उसका चेहरा अपनी तरफ़ किया तो देखा उसकी आँखें नम थी।मैं- रो मत… रो क्यूँ रही हो?गिरिजा- अब मैं माँ बन सकती हूँ!मैंने उससे चूमा पहले उसके ऊपर के होंठ को चूमा फिर निचले होंठ को चूसा।फिर उसे कस कर दबा लिया। गैस बंद करके उससे गोद में उठाया और कमरे में ले गया। बिस्तर पर लिटा दिया और उसे चूमने लगा। वो सिसकारियाँ भरने लगी।गिरिजा- उ. मैंने धीरे से उसके सर को चूम लिया, उसने चौंक कर अपना सर ऊपर किया, हमारी नज़रें मिली, आँखें भूरी थी उसकी पर चमक ऐसी कि कोई भी सम्मोहित हो जाए, निचला होंठ ऊपर के होंठ से हलके भारी था, गुलाबी और चमकदार। रंग सांवला और शरीर भरा पूरा था।जब मैं उसका मुआयना कर रहा था, तभी उसने मेरे चेहरे को अपने हाथों में लेकर मुझसे कहा- क्या देख रहे हो जनाब?मैंने कहा- कोशिश कर रहा हूँ कुछ देखने की ! शायद कुछ दिख जाए.

भड़वी चिल्लाने में लगी थी।मैंने पूछा- वो ऐसा क्या बोल रही थी तुझे और क्यों?रूचि- अंकिता जब बाथरूम में नहा रही थी तो मैं और आशीष एक-दूसरे को चूमने-चाटने में लगे थे. ! क्या आप जानना नहीं चाहते कि आगे क्या हुआ ?तो पढ़ते रहिए और आनन्द लेते रहिए…मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]. आजकल उन्होंने सलोनी को पटा लिया है और दोनों खूब मस्ती कर रहे हैं।किशोरी- क्याआआ? सलोनी भाभी के साथ?मैं- हाँ यार आजकल दोनों में खूब जम रही है… सलोनी और अंकल दोनों को बिना कपड़ों के कई बार देख चुका हूँ …किशोरी- तुम्हारा मतलब है कि दोनों आपस में.

क्यों ना हम बचपन की तरह छुपन-छुपाई खेलें!पहले तो मैंने साफ़ मना कर दिया, पर बाद में सोनू और बिट्टू के ज़िद करने पर मैंने ‘हाँ’ कर दी. निक्की साली मुझे नंगा कर दिया और खुद साली कपड़े पहने हुए है।निक्की मेरे स्तनों को मसलने लगी। मैं तो पहले ही उतेज़ित थी, निक्की के हाथों के स्पर्श से मेरे चुचूक कड़े हो गये। वो झुकी और उसने अपने तपते होंठ मेरे चुचूकों पर रख दिए, साथ ही बोली-. हे भगवान… मेरी बेटी सिगरेट पीती है!”दरवाज़ा थोड़ा सा और खोला तो सामने टेबल पर व्हिस्की से भरा हुआ गिलास दिखाई दिया….

हिंदी चुदाई बीएफ एक दिन सुनीता की बचपन की सहेली ने उसको पूरे दिन के लिए अपने घर पर बुलाया तो में उसको छोड़कर ऑफिस चला गया. ??” प्रिया की खनकती हुई आवाज़ ने मेरा ध्यान तोड़ा और मैंने उसके हाथों से चाय का कप अपने हाथों में लेकर उसका एक हाथ पकड़ा और अन्दर ले आया।मैंने चाय का प्याला मेज़ पर रख दिया और प्रिया को अपनी बाहों में भर लिया। प्रिया भी जैसे इसी पल का इंतज़ार कर रही थी… उसने भी मुझे जकड़ सा लिया और मेरे सीने में अपना सर रखकर जोर जोर से साँसें लेने लगी। हम दोनों दुनिया से बेखबर होकर एक दूसरे को जकड़े खड़े थे.

इंडियन हिंदी सेक्सी बीएफ

मुझे पता नहीं था कि उनके मन में भी कुछ चल रहा है, क्योंकि रूम में कोई आने वाला नहीं था, सब सो चुके थे. सब कुछ मिला कर मेरे जैसे कामी पुरूष के लिए वो एक विस्फोटक औरत थी…अब मैंने उन्हें और उन्होंने मुझे अलग नजरों से देखना शुरू कर दिया था. दे… सी… सी… आअई ईएई… ऊऊ ऊऊ ओएई ईई…’‘कैसा मजा आ रहा है… टांगे और ऊपर उठा लो…हाँ…ये ठीक है…’उसने अपने आप को और सही पोजीशन में लेते हुए धक्के तेज कर दिए…‘हाँ अब मजा आया न रानी… मजे ले ले… चुदवा ले जी भर के… हाँ… और ले…येस…येस…’‘माँ आ.

जब भी मैं उसके उभरे संतरे जैसे चूचियों को देखता था तो मेरे मन में एक ही ख्याल आता था कि अभी जाकर उनका सारा रस निकालकर पी जाऊँ. !आरोही अपने और जूही के लिए दो ड्रेस ले लेती है और दूसरी साइड जाकर ब्रा और पैन्टी भी ले लेती है।राहुल भी कुछ शर्ट और जींस ले आता है।राहुल- क्यों आरोही हो गया सब. बीएफ सेक्सी कॉलेजएम्म ! मत करो मुझ पर रहम !लेकिन आपको तो बस मेरी चूत और गाण्ड से ही प्यार है, दिन रात सिर्फ़ चाटते रहते हो ! सिर्फ़ चाटते रहते हो.

तरण-ताल के जल में सखी, हमरे अंग के रंग विलीन हुएजल में चिकने होकर हमने, उत्तेजना के नए-नए शिखर छुए,मैंने मुट्ठी से अंग के संग, साजन को भाव-विभोर किया.

की आवाजें जारी थी।फिर मैंने उसे घोड़ी बना कर थोड़े वक़्त चोदा और हम दोनों साथ में ही झड़ गए। मैंने आपना माल उसकी चूत में ही छोड़ दिया।फिर हम दोनों साथ में ही नहाये।उसने जाते वक्त मुझे कहा- कल से ज्योमेट्री के साथ सेक्स की भी पढ़ाई करेंगे।आगे क्या हुआ वो मैं आपको अगली बार बताऊँगा।आपको मेरी कहानी कैसे लगी, जरूर बताएँ, मुझे मेल करना न भूलें।. इमरानमैंने भी अंदर देखा…एक और सरप्राइज तैयार था…अंदर अरविन्द अंकल और सलोनी थे…मैं थोड़ा आश्चर्यचकित हो जाता हूँ…अंदर बैडरूम के अंदर अरविन्द अंकल केवल एक सिल्की लुंगी में थे…वैसे वो पहले भी कई बार ऐसे ही आ जाते थे…पर आज उनकी बाँहों में मेरी सेक्सी बीवी मचल रही थी…मैंने पीछे हटती मधु को रोक लिया… उसको मुँह पर उंगली रख श्ह्ह्ह्ह का इशारा कर चुप रहने को कहा.

आह…!आरोही को बहुत तकलीफ़ हो रही थी, पर वो पूरा लौड़ा मुँह में लेने की कोशिश कर रही थी और उसके दाँत भी लौड़े को छू रहे थे क्योंकि रेहान का लौड़ा बहुत मोटा था।लगभग 5 मिनट तक वो रेहान के लौड़े को चूसती रही कभी उसके गोटी चूसती कभी लौड़ा. मैंने मजाक में कहा था ! अब हम भी चलें, मेरा सर घूम रहा है…!राहुल- हाँ चलो बहना… अभी तो सर घूम रहा है, अब देखो मैं क्या-क्या घुमाता हूँ…!रेहान ने जूही को रूम में ले जाकर बेड पर लिटा दिया।जूही- रेहान तुम बहुत अच्छे हो. वैसे भी घर पर कोई नहीं था तो मैं धक्कों में रहम नहीं खा रहा था… मैं तो जैसे मानो सातवें आसमान पर था… हम दोनों ने सुर पकड़ लिया था.

तुम बहुत परेशान कर रहे हो…मनोज- अरे यार तुमने ही तो कहा था… अब कोशिश कर रहा हूँ तो मना कर रही हो…सलोनी- ये सब उस समय के लिए बोला था… अब मैं किसी और की अमानत हूँ…मनोज- अरे यार, मैं कौन का अमानत में ख़यानत कर रहा हूँ.

!और मैं चल दिया, मुझे यह नहीं मालूम था कि दवा किस बात की चल रही है। मैं बाइक पर मोना को ले जा रहा था कि मोना ने मुझ से बात करना चालू कर दी।मैं भी बात करने लगा।उसने पूछा- तुम्हारी कोई सेटिंग नहीं है क्या?मैंने शर्माते हुए कहा- नहीं है भाभी. एक दोपहर सन्ता ने कार को कहा- जा कर स्कूल से मेरे बच्चों को ले आओ !कार चली गई पर दो घण्टे तक वापिस नहीं आई !सन्ता को चिंता होने लगी और पुलिस में शिकायत करने के लिए निकला ही था कि सामने से कार आती दिखाई दी, उसमें कई सारे बच्चे थे. फिर हम ने कुछ देर आराम किया और बाद में उसके फ्रेंड ने पोर्न मूवी लगा दी जिसे हम सब देख रहे थे और थोड़ी देर हम फिर से गर्म हो गए, हम एक दूसरे के शरीर से खेलने लगे और फिर मैंने बारी बारी सबके साथ सेक्स किया.

सेक्सी बीएफ हिंदी गाने!”आज तो तुम्हें ऐसा चोदूँगा कि कम से कम एक हफ्ते तक चुदाई नहीं माँगोगी।”मैं तो बहुत प्यासी हूँ मेरे लाल… आज जी भर कर चोद दे मुझे. प्रणाम पाठको, मैं सब की तरह अन्तर्वासना की बहुत बड़ी फैन हूँ। मेरी उम्र छबीस साल है। एक शादीशुदा चुदक्कड़ औरत हूँ और शादी से पहले स्कूल और फिर कॉलेज की एक चुदक्कड़ ‘माल’ रही हूँ।मुझे चुदाई बेहद पसन्द है। मैं चुदाई बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकती। मैंने कई तरीके के लंड डलवाए, चूसे और चाटे हैं, लेकिन जब बारी आई मुझे लाईसेंस प्राप्त लंड मिलने की.

बीएफ सेक्सी एचडी में

!” यह बोलकर झट से मैंने पहले हाथ को चूमा और फिर उनके लबों को चूम लिया।वो बोलीं- क्या कर रहे हो?मैंने कहा- मस्ती और क्या. !तो मैंने मना कर दिया और कहा- मैं तुम्हारा शरीर रोशनी में देखना चाहता हूँ। वो बोली- मुझे शरम आती है।तो मैंने उसे कहा- जिसने की शरम उसके फ़ूटे करम और जो भी कुछ हो मैं लाईट ऑफ़ नहीं करूँगा। रोशनी में ही चोदूँगा। यह कह कर मैंने उसके कुर्ती के बटन खोलने शुरू कर दिए। बटन खोलने के बाद मैंने उसकी कुरती झटके से उतारनी शुरू कर दी।हिमानी बोली- क्या मेरे कपड़े फाड़ने का इरादा है, जरा आराम से उतारो ना. !राहुल के लंड से पिचकारी निकलने लगी और आरोही उसे पी गई।राहुल पानी निकालने के बाद बेहाल सा होकर साइड में लेट गया।आरोही- आ.

दिल बाग़-बाग हो गया। मैंने भी तुरन्त जबाब दे दिया, आई लव यू टू”।अब हमारे प्यार की कहानी आगे बढ़ने लगी रोज ही आँखों में मस्ती होती थी। मैं अपने सजने-संवरने पर विशेष ध्यान देने लगी थी। अपने मम्मों को उठा कर चलने लगी थी और पीयूष को मम्मों की झलक आराम से मिले ऐसी कोशिश करने लगी थी।एक दिन पीयूष ने मुझे मैसेज भेजा, अब रहा नहीं जाता है मुझे सब कुछ करना है. 30 बजे एक धारावाहिक आता है,बड़े अच्छे लगते हैं !”अब आप सभी बताओ कि किस महिला को बड़े” अच्छे नहीं लगते हैं?. या या या उईईइ आह आह आई एम कमिंग आ आह ह…!राहुल स्पीड से लौड़ा चूत में पेलने लगा आरोही की बातों से उसका जोश बढ़ गया।आरोही भी गाण्ड को पीछे धकेल रही थी लौड़ा पूरा चूत की गहराई तक जा रहा था।राहुल- उहह उहह उ र सो सेक्सी आ ई फक यू आ ले ले ले आ.

जुबैदा ने उसे हाथ में लिया और उसे सहलाने लगी, जैसे उसे चुदाई की जल्दी हो !बिरजू ने फिर उसके घाघरे का इजारबन्द खींच दिया दी और उसे पूरी नंगी किया !जुबैदा को नंगी देख कर, गोरी गोरी जांघें, मांसल शरीर देख कर मेरा तो अंग अंग मचल उठा… मेरा सिर गर्म हो गया… चड्डी में लंड फड़फड़ाने लगा !बिरजू का हाथ जुबैदा की जान्घों में फिरने लगा. पर अई अभी हिलना मत बहुत दर्द है उफ्फ आ…!राहुल कहाँ मानने वाला था, वो लौड़े को आगे-पीछे करने लगा और आरोही तड़पती रही। दस मिनट बाद उसकी चूत में झनझनाहट होने लगी, अब उसको दर्द भी कम था।आरोही- अई आह मारो भाई. ! ये सब मत करो… रहा नहीं जाता।फिर मैंने उसे और तड़पाना चाहा। आखिर बाकी के कपड़े जो उतारने थे। फिर उसकी योनि के पास मुँह ले गया और धीरे से जीभ डाली, वो उछल पड़ी।बोलने लगी, ना करो.

!अब मेरा वक़्त आ गया था। मैं कभी भी अपना लोड छोड़ सकता था और वो भी अब झड़ने वाली थी। मैंने अब उसकी गांड को दोनों हाथों से पकड़कर धक्के देना चालू किया और वो भी काफी उत्तेजित हो कर चिल्ला रही थी, आःह ओफफ्फ्फ्फ़ ईईस्स्स्स और जोर से धक्का मारो मेरी चूत फाड़ दो…. धीरे दबाओ ना मम्मों को उफ्फ आ…!राहुल बड़ा बेसब्र हो रहा था। वो कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था इसलिए ज़्यादा वक्त बर्बाद ना करते हुए उसने लौड़ा चूत पर सैट किया और जोरदार धक्का मार दिया। पूरा लौड़ा चूत में समा गया।आरोही- आआआअ उफफफफ्फ़ धीरे से आह डालना था न… उफ्फ मेरी तो आह आ.

दर्द होगा, मगर उतना नहीं।दीपाली ने विकास के लौड़े को हाथ से पकड़ कर देखा।दीपाली- देखो दीदी शाम को ये इतना फूला हुआ नहीं था अभी तो बहुत मोटा लग रहा है।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !अनुजा- अरे ऐसा कुछ नहीं है.

साजन का दस अंगुल का अंग, सखी मेरी तरफ था देख रहाउसकी बेताबी समझ सखी, मैंने उसको होंठस्थ कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. बीएफ बुर लंडऊफ़्फ़ ऊफ़्फ़…हाय मर गई… मर गई…झड़ गई…अह अह अह… उउउ हाय रे माला… मेरे बूबे दबा दे… कमीनी, ये क्या कर दिया… मजा आ गया…मैं बुरी तरह चुद गई थी।इसके बाद माला चित होकर लेट गई, मैंने उसे उसी तरह डिल्डो से चोद दिया जैसे मैं खुद चुदी थी।इसके बाद मेरे और माला के बीच में समलैंगिक सम्बन्ध हो गए थे।कहानी जारी रहेगी।. हिंदी में चुदाई बीएफ वीडियोनहीं-नहीं आपसे तो बस दिल लग गया इसलिए… वरना मैं ऐसी नहीं हूँ।’‘एक मशवरा और है…’ अपनी जिस्मानी प्यास को बुझाने के खेल के बीच कहा था राशिद मियां ने- गरीबी जादू की छड़ी के घुमाने की तरह दूर हो जायेगी… हजारों-लाखों में खेलने लगोगी।‘वह क्या?’‘अपनी बहन नूर को धन्धे में उतार दो… मेरे यहाँ जो ठेकेदार आता है…’‘नरेन्द्र बाबू…?’‘हाँ…. मैंने उसको उठाया और कहा पहले इधर बैठो, पानी पियो और फिर मुझे बताओ कि मैं तुम्हारी क्या मदद कर सकता हूँ.

!मैं हतप्रभ था।मामी ने कहा- अब तो मत शर्माओ !मैंने कहा- ठीक है मामी जी !मेरे तो दिल फिल्म का वो गाना चलने लगा:तूने मारी एंट्रियां रे.

अब मैं भी थोड़ा खुला अपनी कुर्सी को उनसे सटा कर बैठ गया, उनका हाथ अभी भी मेरे हाथ मैं था- आप की मज़बूरी मैं समझ सकता हूँ. स्पीकर उनकी तरफ रखना… और तू वहीं खड़े होकर देखती रह…मधु ने तुरंत ही यह काम कर दिया और मुझे आवाज आने लगी…मनोज- सच सलोनी. मैंने लण्ड को मुँह से निकाला तो देखा लण्ड कोई 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा था, मैंने फिर से मुँह में ले लिया.

मेरे भी अंग मचलते थे, मेरे भी नितम्ब उछलते थेसाजन ने अपना मुंह चौड़ाकर, सर्वस्व अन्दर था खींच लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. होकर अब बड़ी बेसब्र सखी, मैं जल-तल पर मछली सी मचली,साजन का अंग पकड़ने को, मेरी मुट्ठी घड़ी-घड़ी फिसलीसाजन की सख्त उँगलियों ने, अंग में कमल के पुष्प कई खिला दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. तभी सलोनी बोली- सुनो, आप कपड़े बदल लो… मैं दूध गर्म कर देती हूँ…मैं- हाँ मेरी जान, कितने दिन पारस के कारण हम कुछ नहीं कर पाये.

भोजपुरी सेक्सी बीएफ पिक्चर

तुम्हारी मस्त गुलाबी चूत के आगे इसकी क्या बिसात।मुझे आशीष से ऐसे जवाब की उम्मीद बिलकुल नहीं थी।मैंने उसकी ओर देखा तो अंकिता और आशीष एक-दूसरे के होंठों को चूसते हुए हँस रहे थे।अंकिता मेरी ओर उसी छोटी सी तौलिया में आई और अपनी दो उँगलियाँ मेरी चूत में अन्दर तक घुसा दीं और आशीष की तरफ देख कर बोली- अरे इस छिनाल की चूत तो अब भी गीली है आशु बेबी. !बोलीं- नहीं, अब ठीक लग रहा है।मैंने कहा- पर अब जलन मेरे बदन पर शुरू हो गई है।बड़ी मदमस्त लग रही थी वो, और मुझसे रहा नहीं जा रहा था। अब मैं क्या करूँ कुछ समझ में नहीं आ रहा था।मैं भाभी की कमर पर हाथ फेरने लगा और बोला- मेरी जान, तुम तो इतनी सेक्सी हो मैंने कभी सोचा नहीं था।पीछे से भाभी का बदन बहुत सेक्सी लग रहा था। उनका फिगर का साइज़ 38-30-38 था।आज तो मुझे गिफ्ट चाहिए. !अन्ना पास आकर आरोही के पीछे खड़ा हो जाता है और अपना लौड़ा उसकी गाण्ड पर सटा कर उसकी गर्दन पर होंठ रख देता है।अन्ना- अब बेबी हम क्या बोलेगा जी तुम समझती ना हमको क्या होना जी.

!”उसने अपना लंड निकाला और मुझसे चुसवाया, लेकिन मैंने कहा- देख कमरे में आ जाना।वापिसी में प्रसाद मुझे रूम तक छोड़ कर आगे निकल गया और थोड़ी देर बाद मेरा आशिक आ गया और मुझे ठोक डाला।हाय.

!”चमेली ने दराज से सिगरेट और माचिस निकाली एक सिगरेट को अपने मुँह में लगा कर सुलगा दिया और एक लम्बा कश लगा कर सिगरेट को अपनी बुर के मुँह में खोंस कर बोली- जीजाजी अब मेरी बुर से सिगरेट निकाल कर पियो मस्ती आ जाएगी।मदन जीजा ने सिगरेट बुर से निकाल कर उसकी चूत को चूम लिया और फिर आराम से सिगरेट पीने लगे।चमेली बोली- तब तक मैं अपना सिगार पीती हूँ.

!रेहान- अच्छा यह बता कि मेरे बोलने से वो मान जाएगी क्या?राहुल- नहीं यार वो बहुत स्मार्ट है, ऐसे नहीं मानेगी. फिर तो जब भी हमें मौक़ा मिलता, दीपक मेरी चूत और चूची को जम कर पीता और मैं भी उसका लंड बहुत ही अच्छे से चूसती. बीएफ वीडियोhdइतने लंबे सफ़र से आया है तू, अंग अंग दुख रहा होगा तेरा, तो थोड़ा मालिश कर दूँगा तो सुबह एकदम ठीक हो जाएगा सब वरना 2-3 दिन दुखी रहेगा।दोस्तो, यह अक्सर होता है गाँव में, चाची इसी तरह मम्मी की भी मालिश करती थी जब भी वो गाँव जाती थी.

दोस्तो, इस बार मैं आपको ऐसी लड़की की कहानी बताने जा रहा हूँ जो अपनी कहानी मुझे देने के बाद हमेशा के लिए कनाडा चली गई. मेरा झड़ने वाला था और चाची भी, मैंने चाची को नीचे किया और पूरी तेज चोदने लगा चाची भी आँखें बंद क़र मजा ले रही थी. चूस …!अब मेरा लंड भी खड़ा हो चुका था। फिर मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए। फिर मैंने उसकी फूली हुई चूत को देखा।क्या मस्त चूत थी साली की.

ये सब बाद में होता रहेगा।अन्ना- वो तुम मुझ पर छोड़ दो, मेरा यकीन करो मैं सब संभाल लूँगा।रेहान- ओके पर जल्दी अगर कोई भी गड़बड़ हुई न. प्रीति वही बेसुध सी हो कर लेट गई।तभी बाहर कुछ खटपट की आवाज़ हुई।मेरा ध्यान उस तरफ गया… सोनम की सिसकारियाँ भी रुक गई थीं।मैंने चुपके से उसकी तरफ देखा तो दोनों ही डर गए थे और लगता था अभी-अभी सुनील के लण्ड ने सोनम की चूत भरी थी, उसकी चूत और जाँघों का गीलापन जबरदस्त चुदाई का गवाह था।उस खटपट की वजह से दोनों ही जाने को हो रहे थे.

मैंने कहा- बर्थडे गिफ्ट के लिए थैन्क्स…! यह मेरा सबसे अच्छा बर्थडे रहा…और मैं फ़्रेश होने चला गया, सबके लिए चाय बना कर लाया और सबको उठाया।उम्मीद है कि आप सबको मेरी यह सच्ची कहानी पसंद आई होगी… अपने सुझाव और विचार मुझे जरूर मेल करें !.

नीलू भी यही चाह रही थी और वो मेरे लिंग को मुँह में लेकर चूसने लगी और मैंने उसके मुँह में ही अपना वीर्य गिरा दिया और मुझे अचरज हुआ देख कर कि उसने वीर्य को इतने कायदे से पिया कि एक बूँद बाहर नहीं आई और मेरे लिंग को निचोड़ कर सारा वीर्य पी गई और फिर मुझे छोड़ दिया, बोली- जाओ, आराम कर लो. !कह कर बाहर गया, पति भी उसके साथ दूसरे कमरे में चले गए। मैं अच्छे से नहा धोकर फ्रेश होने लगी और पहली बार कपड़े उतार अपने नंगे बदन को देखने लगी, मैंने अपनी चूत सहला दी, चूत पर हल्के-हल्के रोयें थे। मैंने सोचा कि आज चूत को चिकनी कर दूँ… आज दिल खोल कर चुदूँगी. मैंने अपना घुटना मोड़ रखा था जिसकी वजह से चाची जब भी मेरी जाँघों की तरफ आती उनकी चूचियाँ मेरी घुटने से दब जाती थी।अब शायद चाची भी गर्म हो रही थी, उनका हाथ मालिश करते करते मेरे कच्छे के काफ़ी अंदर तक आ रहा था.

बीएफ सेक्सी चुदाई दिखाइए !तो दोस्तो, आगे और भी मज़ा आने वाला है, आप सब बस कहानी पढ़ते रहिए और मैं आपसे वादा करती हूँ कि धीरे-धीरे सब राज खोलती जाऊँगी।उन सभी दोस्तों का शुक्रिया मुझे मेल करके मेरा उत्साहवर्धन करते हैं।अब आप जल्दी से बताओ कि आज का भाग कैसा लगा।मेरी आईडी[emailprotected]gmail. ‘हे भगवान्… मैंने तो कच्छी भी नहीं पहनी आज!’ वो अपना एक हाथ पीछे करके अपनी नितम्बों की दरार पर रखती हुई बोलीं- जल्दी से कुछ कर ना… मुझे शर्म आ रही है और यह चिकना-चिकना क्या गिरा दिया मेरे कूल्हों पर!दीदी का हाथ मेरी राल पर पड़ते ही दीदी ने पूछा.

सच्ची 3 बज गया।मैंने उसको घड़ी दिखाई और बोला- खुद देख लो…तो बोली- यार आज इतनी अच्छी नींद आई कि मेरा अभी भी उठने का मन नहीं हो रहा है. उनकी बात कर रहा हूँ…नीलू- मुझे तो सबसे ज्यादा शैतान आप ही लगते हो बस…मैं- हा हा हा… फिर भी हुआ क्या, यह तो बता? …अगर सभी कच्छियाँ फट गई हैं तो चल बाजार… अभी दिला देता हूँ…नीलू- अरे नहीं यार… वो कल ही मेंसिस बंद हुई थी ना तो कुछ रेशेज़ पड़ गए हैं… इसीलिए नहीं पहनी…मैं- अरे कहाँ??? दिखाओ तो जरा. मेरी चूत में भी अब तूफान मच चुका था।मैं ज़ोर से आनन्द से चिपक गई और आनन्द के मुँह में मुँह लगा दिया।हमारी चुदाई शुरू हुए करीब एक घंटा होने को आया था।अब आनन्द की साँसें तेज हो गई थीं और वो रफ़्तार बढ़ाने लगा था.

सेक्सी बीएफ का वीडियो

!वो बोलीं- क्यों तू इतना तो स्मार्ट है।और इतना बोल कर गाल पर चुम्बन कर लिया।मैं सन्न रह गया, दीदी ने मुझे चुम्बन किया। मैंने भी हिम्मत करके दीदी के गाल पर चुम्बन करते हुए ‘थैंक्स’ बोला।दीदी बोलीं- यह तूने क्यों किया?मैंने कहा- जैसे आपने किया. और मैं डर के मारे वहाँ से वापिस जाने ही वाला था कि मेरी नज़र ऊपर उठी तो देखा कि वो आदमी मुझे ही देख रहा है. मुझे पास खींचकर फिर उसने, स्तनों के चुम्बन गहन लियादोनों हाथों से नितम्ब मेरे, सख्ती से दबाकर भींच लियाकई तरह से उनको सहलाया, कई तरह से दबाकर छोड़ दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

प्रेषक : जूजा जीमुझे अभी भी याद था कि दो छेद मेरे लंड का बड़ी बेकरारी से इंतजार कर रहे हैं। मैंने सीमा की तरफ देखा तो मैडम अपनी चूत में ऊँगली अन्दर-बाहर कर रही थीं।मैंने कहा- आओ रानी लेटो इधर. !क्यों तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है?”मैंने कहा- नहीं मामी जी।मामी ने मुस्कुरा कर कहा- चलो आज से मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड बन जाती हूँ.

!रेहान- हाँ अन्ना ये बात तो है, ऐसा करो आज की शूटिंग कर ही लो। सचिन को मज़ा दिला कर साहिल को बुला लेंगे। उसके बाद तुम कर लेना और तुम्हारे ये सब आदमी को भी उस पर छोड़ देंगे, नोच खाएँगे सब मिलकर उस रंडी को और उसकी बहन को हा हा हा हा ….

और एक सिगरेट और जला दे।चुदाई रोक कर उससे रम का गिलास लिया और बड़ा सा घूँट खींचा तब तक सीमा ने सिगरेट जला कर मुझे थमा दी चखना की जगह सिगरेट भी खूब मजा देती है. सब कुछ मिला कर मेरे जैसे कामी पुरूष के लिए वो एक विस्फोटक औरत थी…अब मैंने उन्हें और उन्होंने मुझे अलग नजरों से देखना शुरू कर दिया था. !और वो फट से लौड़े से उतर गई और मेरे लंड को चूसने लगी। वो ऐसे चूस रही थी, जैसे कचरा खींचने वाली मशीन कचरा खींचती है। और मैं झड़ गया और उसने पूरा वीर्य मुँह के अन्दर खींच लिया। बहुत ही अनोखा अहसास था मैं बयान नहीं कर सकता.

मैंने भाभी को लिटाया और उनकी टाँगें फैला कर उनकी टांगों के बीच में बैठ गया और अपना लण्ड भाभी की चूत पर रगड़ने लगा. लेकिन मैं वैसा कुछ नहीं कर पा रही थी। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !अचानक पैंटी के ऊपर से मेरी चूत पर हाथ फेरा, मुझको आग लगा डाली और जांघें सहलाने लगे, मेरी ब्रा खोल डाली, मेरे सेक्सी सोफ्ट-सोफ्ट बेहद उत्तेजक बड़े-बड़े मम्मे नंगे हो गए। वो दबाने लगे।कई हाथों से दब चुके थे मेरे मम्मे. दोस्तो, मैं 31 साल का एक पुरुष हूँ, अच्छा कमाता खाता हूँ, मेरी शादी को चार साल हो चुके हैं, मेरी बीवी बहुत सुंदर है, सुहागरात को वो एकदम अनछुई कुंवारी कच्ची कली थी, उसकी बुर की सील मैंने ही खोली थी, उसे बहुत दर्द हुआ था और वो बहुत रोई थी, चीखी चिल्लाई थी.

!मेरे योनि से लगातार पानी रिस रहा था और पैंटी भीग चुकी थी। फिर उसने मेरे कपड़े उतार दिए।मैंने कहा- अपने तो उतारो.

हिंदी चुदाई बीएफ: ‘आह… सी सी मैं मर जाऊँगी… शाहनवाज!शाहनवाज को उभरी जवानी मसलने को मिल रही थी… और वो आनन्द से पागल हुआ जा रहा था. उसने एक हाथ से मेरी कमर पकड़ी और एक हाथ से आनन्द का लंड पकड़े रखा।अब आनन्द धीरे-धीरे अपना लंड अन्दर घुसाने लगा।मैं चिल्लाने लगी.

तभी चाची मेरे ऊपर झुक गई और तेल की कटोरी जो मेरी दूसरी बाजू मेरे सिर पीछे रखी हुई थी, उसमें हाथ डुबोने लगी. !जूही के कहने पर वो दोनों वहाँ से चले गए। आरोही तो जानती थी ये सब साधारण बात है। उसकी भी यही हालत हुई थी।दोनों वापस अपने रूम में चले आए।दोस्तो, आप सोच रहे होंगे इन पाँच मिनट में ऐसा क्या हुआ होगा, वो आदमी कौन था जो आया था, तो आप टेंशन ना लो, मैं बताती हूँ चलो वापस पीछे चलते हैं।मैं पीछे की कुछ लाइन वापस लिख रही हूँ ताकि आपको अच्छे से समझ आ जाए कि क्या हुआ था ओके. तकलीफ़ ह हो रही है अई बदन में बहुत दर्द ह हो रहा है…!रेहान- जान तुम बहुत पावरफुल गर्ल हो इतने दर्द के बाद भी होश में हो…आरोही तो बेहोश हो गई थी आई प्राउड यू माई लिटल गर्ल.

उसकी स्लैक्स कच्छी के साथ ही उतर गई थी इसलिए चूत पूरी तरह नंगी थी…क्या मस्त चूत थी यार !! बिल्कुल फूली हुई… चूत पर बहुत मुलायम रेशमी बाल थे… मेरे हाथों की उँगलियों ने उसके बालों को सहलाते हुए चूत के होंठों को सहलाया.

!आरोही गाण्ड को उठा-उठा कर झड़ने लगी थी, पर रेहान अभी कहाँ झड़ने वाला था। इतनी देर आरोही ने उसके लौड़े को मुँह से चूसा और अब 15 मिनट से वो चूत में था, वो ताबड़तोड़ चुदाई में लगा हुआ था।पाँच मिनट बाद आरोही को चूत मैं जलन होने लगी।आरोही- अई आ रेहान आ मेरी चूत में बहुत जलन हो रही है आ प्लीज़ अब निकाल लो. पूछा- ये आधी रात को तुम्हें Beautiful कौन लिख रहा है?सलमा परेशां- अरे कौन इस उम्र में मुझे Beautiful लिखेगा?लाओ दिखाओ मुझे !इरफ़ान ने फोन दिखाया. इस बात पर मैंने हंसते हुए बारिश का कुछ पानी उनके मुँह पर फैंका तो उन्होंने भी बदला लेने के लिए ऐसा ही किया.