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पिंकी मुझे बोलने लगी- प्लीज़ तड़पाओ मत! अब मेरी प्यासी चुत में अपना लंड डाल भी दो.अब हम उपहार लेकर उसके दुकान से निकल गए और वो दूर तक हमें देखता रहा.

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तब उसने कहा- क्या हुआ बोलो?मैं- प्लीज़, ये बात किसी को मत बताना प्लीज़ डार्लिंग.मैं बोला- रानी पहली बार है, थोड़ा दर्द होगा … बर्दाश्त कर लेना, चिल्लाना मत … नहीं तो कोई सुन लेगा.

हमने देर रात एक बजे तक बातें की और कब नींद आ गई कि पता ही नहीं चला. बीएफ पिक्चर देसी वीडियो फिर जोर जोर से मेरी गांड पर तमाचे लगाते हुए मेरी गांड में लंड को घुसाने लगा.

मुझे तो पूरी गीत पसंद है … अब बाकी सब तो पा लिया … लेकिन तुम्हें पूरा पाने के लिए गांड को पाना भी जरूरी है.

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मैंने आव देखा न ताव उसका लोअर झट से नीचे उतरा और अपनी नाइटी उतार फेंकी, अभी मैं पूर्ण रूप से नंगी थी बस गले में मंगल सूत्र था. उसकी चूत में उंगली करते हुए मैंने उसकी चूत का पानी एक बार फिर से निकाल दिया. कुछ देर तक उसको किस करने के बाद मैंने उसके कपड़े उतारना शुरू कर दिये.

अब मैंने उसके चूचों को छोड़ दिया और मेरे पति ने श्वेता के चूचों को मुंह में भर कर चूसना शुरू कर दिया. मैंने उसकी पैंटी को उतारा और देखा कि उसकी चूत एकदम चिकनी और फूली थी. उसकी कराहने के आवाज़, उसकी सिसकारियां, उसका पागल होकर मेरे बाल खींचना, टांगों से जोर से जकड़ लेना … मुझे दर्द भी देता था साथ में उन्माद, पागलपन भी वहशियानापन भी देता था.

शादी के बाद कुछ साल तो सब ठीक चला … पर बाद में हमारे झगड़े बहुत होने लगे कभी पैसों को लेकर तो कभी बेसिक सुख सुविधाओं को लेकर!मैंने भी और मेहनत करनी शुरू कर दी ताकि मैं और पैसे कमा सकूं और निधि को और ज्यादा सुख सुविधायें उपलब्ध करा सकूं. वो बोली- ठीक है ऊपर चलो, यहां नहीं!मैंने उसको गोद में उठाया और सीढ़ियां चढ़ कर उसको उसके रूम में ले गया. मैंने उन्होंने ओके कहा और आंटी फ्रेश होने के लिए उनके रूम में चली गईं.

दीदी उस डिल्डो की आदी थीं, इसलिए आसानी से पूरा गटक गईं, पर मेरे असंयमित गति में चोदने से दीदी दर्द और मजे से तड़प उठीं. देखेंगें … !” वसुंधरा ने खुद को पूर्ण रूप से मेरे आगोश में ढीला छोड़ कर जवाबी चोट की.

मैं भी कुछ देर बाद सो गई फिर तो मेरी सुबह ही नींद खुली।सुबह मैंने देखा तो वह तैयार होकर जाने की तैयारी में था.

मैं उसे छेड़ते हुए- सिर्फ फुटबॉल देखते हो या कभी खेलते भी हो?उसने झेपते हुए कहा- हां! बचपन में थोड़ा थोड़ा!मैं जोर से हँसती हुई- बचपन में? हा हा हा!फिर मैंने दूसरा पेग बनाया और उसकी गोद में आकर बैठ गयी.

कहानी को शुरू करने से पहले मैं आप लोगों को अपने बारे में बताना चाहता हूं. उसकी चूचियों को सहलाते हुए मैं कभी कभी उसके निप्पल पकड कर मींज देता, तो वो एकदम से सिस्कार देती … और मेरे सीने पर मुक्का मारते हुए कहने लगती- कैसे नोंच रहे हो … लगती है न. आपको कैसी लगी मेरी कालगर्ल बन कर इस नर्क से निकलने की क्सक्सक्स कहानी?मुझे मेल करके बताइएगा।[emailprotected].

इस दरम्यान मैंने एक बात नोटिस की थी कि वो कभी भी मुझे भैया नहीं बोलती थी … ना अपने घर में और ना मेरे घर में. मुझे डर था कि कहीं मेरी वजह से उसको कोई दिक्कत हुई, तो मैं अपने आपको कभी माफ नहीं कर पाऊंगा. रीना की चूत पर मैंने अपने लंड को लगा दिया और उसकी चूत के दाने को लंड से रगड़ने लगा.

दीदी- अर्णव, अब काफी दोपहर हो गई है … तुम अपने कमरे में जाकर सो जाओ … बाकी का होमवर्क रात में बना लेंगे.

वसुंधरा की नर्म-ग़र्म साँसें मेरी नाभि पर से आ-जा रहीं थीं जिसको महसूस करके मेरा काम-ध्वज बड़ी तेज़ी से चैतन्य अवस्था को प्राप्त होता जा रहा था और इस का अंदाज़ा वसुंधरा को भी बराबर हो रहा था. एक दिन मैंने डिओडरेंट की छोटी बोतल को कंडोम चढ़ा कर अपनी गांड में डाला। अब मेरी गांड पूरी तरह खुल चुकी थी। करीब पंद्रह बीस दिन ऐसा करने बाद मुझे इसमें मजा आना बंद हो गया। इसके बाद मैं अब असली लंड की तलाश करने लगी थी, मैं वहां आसपास किसी का भी तो लंड ले नहीं सकती थी क्योंकि इससे पकड़े जाने का खतरा था. मैंने मामी जी को भी नमस्ते बोली और मैं वहीं आलिया के साथ सोफे पर बैठ गया.

वो भी मेरे धक्कों से अपने धक्के मिला कर नीचे से ही मेरी फुदी चोदने लगा. करीब 45 मिनट तक जेठजी ने मुझे अलग अलग आसनों में जबरदस्त तरीके से चोदा … और फिर मेरे अन्दर ही झड़ कर मेरे बगल में लेट कर सुस्ताने लगे. मैंने दीदी से कहा- लेकिन दीदी ये डिल्डो तो परमीत के पास वाले डिल्डो से काफी मोटा है और ये ही एक ओर से ही लंड जैसा है.

मुझे तो जैसे बिजली का करंट लग रहा था, मेरे मुँह से नशीली सिसकारी निकलने लगी- आआअह आओअह्ह अह्ह्ह ऊईईई!क्या मस्त फुद्दी है तेरी जान!” और वो मेरी फुद्दी को उंगली से फैला के उसके दाने को हल्के हल्के सहलाने लगे.

मैंने परमीत के हाथों से उसे लेना चाहा, तो परमीत ने हाथ हटा कर मुझे और तड़पा दिया. वसुंधरा ने फ़ौरन मेरे दोनों हाथ खींच कर अपनी दोनों सुदृढ़ और उन्नत छातियों पर रख लिए और मेरे दोनों हाथ ऊपर से अपने दोनों हाथों से सख्ती से दबा लिए.

बीएफ पिक्चर देसी वीडियो वो कहने लगा- बंध्या, ज्यादा नाटक मत कर, मैं जानता हूं कि तू और तेरी चूत दोनों ही गर्म हैं. अगले ही पल दीदी ने अपनी टी-शर्ट निकाल दी, जिससे उनकी प्रिन्टेड ब्रा और 36 बी साइज के कातिलाना चुचे दिखने लगे.

बीएफ पिक्चर देसी वीडियो उसकी चूत में उंगली करते हुए मैंने उसकी चूत का पानी एक बार फिर से निकाल दिया. मैंने उसको अनसुना करते हुए, अपना ध्यान उसके खूबसूरत पाँवों को चूमने में लगाया.

पर कुछ महीने बाद उसकी पढ़ाई पूरी हो गयी तो बड़े बुझे मन से वो घर गया.

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वो बोला- तू आशीष से मिल कर खुश हो जायेगी?मैं बोली- हां, मैं उससे मिलने के लिए कुछ भी कर सकती हूं. मैं एक कमसिन कच्ची कली की तरह दो छह फीट हाइट के मर्दों के बीच में आ गई थी. हमारे घर का फ्रिज खराब था, मैं पड़ोसन भाभी के घर चला गया और वहां से फ्रिज से पानी लेकर पीने लगा.

उसने कहा कि अगले बुधवार को उसकी सहेली की नाईट शिफ्ट है और बुधवार को ही उसे मेरी सर्विसेज चाहिए। बस सेक्स ऐसा होना चाहिए कि मैं अगले दिन बिस्तर से ना उठ सकूँ।मैंने कहा- ठीक है, आप अपना मोबाइल नंबर और एड्रेस मुझे दे दीजिए. मूवी में कब राजन के हाथ में ममता का हाथ आ गया … कब ममता के हाथों पर पसीना आ गया. ये बोल कर मैंने उसे वाशबेसिन के साथ लगती पट्टी पर बिठा दिया और उसकी टांगें चौड़ी कर दीं.

फिर मैं रज़ाई के बीचों बीच नीचे सरकती गयी और अपने चेहरे को उसके लंड के सामने ले आई.

मैं सोच रहा था कि पता नहीं अब तक इसने कितने लड़कों के साथ सेक्स कर लिया होगा. मैंने भी जल्दी से अपना नाश्ता ख़त्म किया और हॉल में सोफे पर बैठ कर पढ़ाई करने लगा. सपना बोली- क्यों कोई लड़की पहली बार देखी है क्या … और कभी किसी से मिले नहीं … कभी किसी से बात नहीं की?मैं- मिला हूँ, देखा भी है और बात भी की है … पर इस तरह अकेले कभी नहीं मिला.

आपने मेरी पिछली कहानीगीत मेरे होठों परपढ़ी और आपके हजारों की तादाद में ईमेल आए. मॉम बोली- शर्मा जी, आज तो आपने मेरी जवानी की प्यास बुझा दी पर मेरी गांड में आग ही लगा दी. साकेत भैया- तो मेरा नंबर ले लो, जब तुम्हें मौका मिले, तब तुम मुझे मिस कॉल कर देना.

आपके गुलाबी गाल … जब आप हँसती हो तो गुलाब से खिल उठते हैं।”इतना कहकर मैं रुक गया। हम दोनों ने असहज महसूस किया। मैं कुछ ज्यादा बोल गया था। मैं माफी मांग कर अपनी गलती जाहिर नहीं करना चाहता था।दीदी बोली- मेरी आज तक किसी ने ऐसे तारीफ नहीं की, आशू ने भी नहीं. ये आदमियों के थोड़े सांवले रंग के लंड जैसे कलर का था, जो परमीत के ट्रांसपेरेंट डिल्डो से काफी अलग था.

मेरी इस हरकत से दीदी सातवें आसमान में पहुँच गईं और कामुक दीदी के कोमल लेकिन खूबसूरत बदन का भोग पाकर मैं भी बावरी होने लगी. इस सबसे उनके अन्दर इतनी आग बढ़ गई थी कि वो सेक्स करने के लिए मुझसे भी ज्यादा वो तड़पने लगी थीं. अब नजारा यह था कि मेरा एक बूब आगे वाला दबा रहा था और दूसरा बूब पीछे वाला मसल रहा था.

मैंने कहा- क्यों ना हम सब लोग मेरे बेडरूम में चलें … क्योंकि वहां सोफा भी है और बेड का साइज़ भी लंबा चौड़ा है.

जैसा कि मैंने बताया था कि मोनिका की शादी के बाद हम दोनों फिर से दोबारा होटल में मिले थे और वहां हमने दबा के सेक्स किया था. इसी बीच मैंने स्नेहा भाभी की चूत में एक उंगली कर दी और अन्दर बाहर करने लगा. कुछ दिन बाद परीक्षा नज़दीक होने के कारण मेरे पिताजी ने हमारी घर की टीवी केबल निकलवा दी … तो मैं दुखी हो गया.

मैंने उस कामरस के भंडार को कैदमुक्त करना चाहा और दीदी ने अपने नितम्ब उठाकर पेंटी बाहर करने में मेरी पूर्ण सहायता की. इस समय वैसे भी हमारे अलावा कोई घर पर होता नहीं, चाचा तो सवेरे ही काम पर निकल जाते हैं और रात को ही लौटते हैं.

मुझे यह कहानी काफी रोचक लगी इसलिए मैं उसकी तरफ से ये कहानी आपके लिये पेश कर रही हूं. मैं देर न करते हुए जल्दी से नीचे हो गया और भाभी की चूत पर अपना मुँह रख कर जोर जोर से चुत चूसने और चाटने लगा. मुझ पर खीझते हुए बोली- तुम्हें बड़ी भूख लग रही है इसके साथ खाने की! मुझे इसके साथ खाना नहीं खाना है.

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मैं भी उनका पूरा साथ दे रही थी क्योंकि हम दोनों एक दूसरे को खा जाना चाहते थे.

वो एक बार तो थोड़ा उचक गई मगर मैंने ज्यादा अंदर तक उंगली को नहीं घुसाया. उसका चेहरा बिल्कुल अन्वेषी जैन जैसा और वैसा ही कातिल फिगर देख कर ही मेरा लंड अपने रूप में आ गया. अब मैंने जीजू के अंडरवियर में हाथ डाल कर उनके लंड को हाथ में भर लिया.

अगर तुम्हें जिम ज्वाइन करना है तो बस इतना कर सकता हूं कि वो तुमसे 100-200 रुपये कम ले लेगा. वो मुझे घोड़ी बनाकर चोदने लगा, मेरी कमर पर किस करने लगा, मेरी नंगी कमर पर अपने हाथ फिराने लगा।ऐसे में मुझे भी बहुत मजा आ रहा था. सेक्सी बीएफ बढ़िया हिंदीमैंने डिल्डो यकायक बाहर निकाल लिया, दीदी ने आहहह की आवाज निकाली और मेरी तरफ देखने लगीं.

वन्दना मुझे देख कर खुश हो गयी और मुझे गले लगा कर अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिये. फिर उन्होंने मेरा टॉप उतार दिया और मेरी जींस को भी!मैं अब उनके सामने केवल ब्रा और पेंटी में थी, मेरा गोरा बदन उनके सामने नंगा पड़ा था.

नमस्कार दोस्तो, मैं बैड मैन!आप सभी ने मेरी पिछली कहानियों की सराहना की, धन्यवाद. मैंने दीदी की जीभ अपने मुँह में खींच लिया और उसे काट लिया … क्योंकि मेरा शरीर कामरस त्याग रहा था और अमृत मंथन का अजीब सुख अपनी मंजिल पा रहा था. बता साली, क्या तू तैयार है?मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या बोलना है.

करीब 15 मिनट की लंड चुसाई के बाद उसने सारा लंड रस मेरे मुँह में छोड़ दिया और मैं उसे पी गयी. एक बार अपने दोस्त की बात याद करके मैंने सोचा कि क्या पता मेरे दोस्त की ये बात सच हो कि ऋतु दीदी का किसी से घर में ही कोई चक्कर हो … या उसका कोई ब्वॉयफ्रेंड हो. तो वो अपनी कमीज के बटन खोलते हुए बोली- तो मैं भी अपने जिस्म को आपकी नज़रों में उतारने को तैयार हूं.

वो ज़ोर ज़ोर से उचकने और हिलने लगी- आआ … आहा … अ उफफ्फ़ मज़ा आ रहा है, ऐसे ही चुदूंगी और चोद मुझको कमीने चोद.

मैंने गौर किया कि दीदी जब पढ़ रही थी, उस वक्त उनका चेहरा पूरा लाल हो गया था और वो पसीने से पूरा तरबतर हो गई. मेरी छवि दबंग और मददगार व्यक्ति की है और सेवक राम एक बार मेरी मदद से एक बड़ी समस्या से बच चुका है.

कुछ ही देर बाद उसने मुझे अपने ऊपर से उठा दिया और बोला- चल मेरी जान, अब कुतिया बन जा!मैं तुरंत ही अपने घुटनों पर आ गई और वो मेरी गांड की तरफ हो गया. मैं तो तैयार ही थी और वासना के वश में होकर खुद को उसे सौम्प दिया।मुझे लिटाते ही वो मेरे ऊपर आ गया और मेरे होंठों पर होंठ लगा दिए और चुसने लगा मैं भी साथ देने लगी वो मेरे चूचियों को भी दबाने लगा. मैंने शाम में उससे चाबी ले ली और रात को उस कॉलब्वॉय को सब डिटेल्स दे दी.

वो बोली- मैं घुड़सवारी करूंगी तो मुझे भी मालिश करानी पड़ेगी?मैं बोला- हाँ, अगर मालिश कराओगी तो घोड़े पर तुम्हारा कन्ट्रोल रहेगा. एक दिन मैंने फोन पर उससे उसका फिगर पूछा, तो उसने 32-30-34 का बताया. फिर मेरे मन में जाने क्या आया कि मैंने उसके चूतड़ों पर काट खाया, वो दर्द से कुलबुला गयी और उठ कर बैठ गयी.

बीएफ पिक्चर देसी वीडियो उससे मैंने पूछा- ये क्या?तो बोली- जब मैं तुम्हारा लन्ड चूस रही थी, तब से अपना लावा रोक रखा था कि तुम्हारे मुँह में छोडूंगी. रोहित कहराते हुए- भाभी रहा नहीं जाता, करो अभी कुछ!मैं घुटने के बल फर्श पे बैठ गयी और उसका लोअर नीचे सरका था दिया.

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प्रीति को धीरे धीरे मजा आने लगा, प्रीति कहने लगी- ओ संजय, मेरे संजय … अपनी प्रीति की आग को बुझा दो! चोद कर मुझे तृप्त कर दो मेरे संजय!मैंने उसकी चूत को चोदना चालू रखा. मेरी पिछली कहानीपहले प्यार की चुदाई उसी के घर मेंबहुत सारे पाठकों ने पसंद किया. [emailprotected]चुदाई की कहानी का अगला भाग:फ़ेसबुक से वाली भाभी की जिस्म की आग-2.

मैंने उसकी चूत में उंगली डालते हुए उसकी चूत का हस्तमैथुन करना शुरू कर दिया. मैं अपना लण्ड उसकी चूत के पास ले तो गया लेकिन उससे उसकी चूत को रगड़ने लगा. कविता की बीएफउस वक़्त मर्डर फ़िल्म का इमरान हाशमी और मल्लिका का सेक्सी सीन चल रहा था.

उन्होंने अपने हाथ से मेरे दोनों पैरों को फंसा के उठा दिया और एक के बाद एक जोरदार धक्के मारने लगे.

इस बार जब सब कुछ खुद करने का सोच लिया था, तो मैं इसमें पीछे क्यों रहती. जब मुझे पता चला कि आंटी मुझे उनके स्तनों की ओर देखते हुए देख रही हैं, तब मुझे बहुत शर्म आयी और मैंने अपना सर नीचे कर लिया.

मैं बोली- सच बिक्कू? क्या तुम सच में मेरे लिए ऐसा करोगे?वो बोला- हां मेरी जान … मेरा भरोसा कर. मैं समझ गया था कि आज ये अंकल अपने एहसान का कर्ज वसूल करने जा रहे हैं. मेरे सामने वो ब्रा और पैंटी में थी, वो भी काले रंग की जो मेरी पसंद का रंग है.

मुझे बेबस देखने के अलावा कुछ भी न कर पाने की स्थिति बनाने के बाद उसने अपना ब्लाऊज़, ब्रा, पैंटी और पेटीकोट भी निकाल दिया.

इसके बाद भाभी मेरे करीब आईं और मुझसे पूछने लगीं- हैलो डार्लिंग … कैसी हो … आज तो तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो, आज मैं तुम्हें बहुत प्यार करूंगा. साथ में दूध की बोतल भी ले ली … क्योंकि वहां जो मेरी चूचियों में दूध है, वो डॉक्टर छोड़ता नहीं. शायद एक दूसरे से असीम प्रेम और चाहत के फलस्वरूप वो बेहद जल्दी झड़ गयी.

माधुरी सेक्सी बीएफ वीडियोलेकिन जब 15 से 20 दिन की चुदाई के बाद जब जॉब का सीन आया तो सोचने लगा कि अब मैं क्या करूंगा … क्योंकि महीना खत्म होने वाला था और जॉब कुछ किया ही नहीं था. रात तो मैंने रवि को कॉल लगाया और कहा- मेरी गांड की खुजली का कुछ इलाज करो।रवि बोले- ठीक है, मैं कुछ इंतज़ाम करता हूँ।करीब एक सप्ताह बाद मेरे नाम से एक पार्सल आया.

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वो बोली- यहीं करोगे?मैंने कुछ नहीं कहा और जिया को उठाकर हॉल में ले आया. मेरी दीदी से साकेत भैया का चक्कर कैसे फिट हुआ और मेरी दीदी का बुर चोदन कैसे हुआ. मैंने विक्की से पूछा- अब क्या करूं?विक्की बोला- वो क्या कर रहा है?मैं बोली- कुछ नहीं … चुपचाप खड़ा है.

हर जगह से ब्लॉक होने के बाद भी मैं कर सकता था, पर कोशिश ही नहीं की. फिर मेरे लंड को मुख से चूस चूस कर पानी निकाल दिया और उसे पी गयी।कुछ समय बाद मैं उठा और फिर हम दोनों 69 के पोजीशन में आ गए और खूब चूसा एक दूसरे के कामांग को।ऐसे चूसने के बाद मैं नीचे अपनी उंगली पुनः डालने लगा. मुझे इस तरह चूत को देखते हुए देख कर उसने अपने हाथों से अपनी आँखें बंद कर ली.

मैं नीचे से उसके गाउन में हाथ डाल कर उसकी टांगों और जांघों पर फेरने लगा. मैंने यंत्रचालित तरीके से हाथ बढ़ा कर कागज़ ले लिए और गर्म कॉफ़ी के सिप लेते हुए उन का अवलोकन करने लगा. मैंने इतनी देर उसे चूसा कि अगर सच का लंड होता, तो कब का पानी छोड़ चुका होता.

संगीता ने अपनी हथेली से मुंह दबाया तो मैंने कहा- बहुत सुन्दर लग रही हो, ऐसे ही कस कर दबाये रहो. ताकि जिस रात वो घर आए, तो मैं मम्मी डैडी और भाई के खाने में गोली डाल दूं.

अब वो गुस्से में बोली- मेरे इतने वीडियो बना लेते हो … वो क्या कम पड़ जाते हैं … जो इन रंडियों को देख रहे हो.

फिर उसका लंड ढीला होकर बाहर आने लगा तो हम लोग चारपाई के ऊपर ही लुढ़क गये और तेज तेज साँसें भरने लगे. डालने वाला बीएफथोड़ी देर बाद वो आ गया, विक्की बोला- क्या हुआ?मैं बोली- कुछ नहीं, मुझे डर लग रहा है. बीएफ कोविड-19मेरे झूठे गुस्से का असर जेठजी पर हुआ, अब वो चुपचाप वहीं खड़े खड़े कभी बर्तनों को, तो कभी मुझे घूर रहे थे. फिर उसने मुझे बेड पर पटक दिया और मेरी ब्रा और पेंटी को भी मेरे बदन से अलग कर दिया और सीधा मेरे बूब्स चूसने लगा.

उसने इतना काम करने के पांच हजार रुपये मांगे और मेरे कहने पर चार हजार में राजी हो गई.

उस सेक्स कहानी में आपने गीत की चढ़ती जवानी के बाद यौवन की मस्ती के दौर को पढ़ा था. और फिर वो मुझसे अलग हो गयी और बोली- पापा, अब आप जाओ, नहीं तो मैं काम नहीं कर पाऊँगी और आपका इंतजार लम्बा होता जायेगा।ठीक है, काम खत्म करके कमरे में आ जाना।”सर हिला कर सायरा ने अपनी सहमति दी।मैं अपने कमरे में आकर आँखें मूंद कर सायरा का इंतजार करने लगा।थोड़ी देर बाद मुझे मेरे होंठों पर चुंबन का अहसास हुआ. मैंने ड्रावर से कंडोम लेकर लंड पर लगा लिया और उसके बाद जिया के ऊपर चढ़कर उसके बदन को चूमने लगा.

एक दिन ऐसे ही घूमते घूमते उसने मुझे अपने कॉलेज के दोस्तों से मिलवाने के लिए कहा. मैं- हा हा हा … कॉलेज की बाकी लड़कियां भी यही सोचती हैं, मेरे से उसका नम्बर मांगती हैं. तभी मैंने दीदी की एक सहेली का कमेंट्स पढ़ा- हां यार, शिवम तो तेरा ही है.

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चलो जल्दी से खाने की टेबल पर बैठ जाओ, मैंने तुम्हारे लिए बढ़िया सा पास्ता बनाया है. अन्ततः मैंने अपना लण्ड उसकी चूत से निकाला और उसके बगल में लेटकर उसकी चूचियों से खेलने लगा. उसके बाद जीजा ने मेरी चूत में लंड के सुपारे को अंदर घुसाने का प्रयास किया.

प्रिया भी अपने हाथ मेरी छाती पर, कभी मेरे सर के बालों में फिरा रही थी.

फिगर को बहुत मेंटेन कर रखा है तुमने!तो उसने कहा- अच्छा जी!मैंने उससे कहा- हाँ बिल्कुल.

तभी मेरी नज़र सामने लगे आईने पर गयी, जिस में ड्राइवर की आँखें दिख रही थी और वो मेरी तरफ़ ही देख रहा था. अपनी बहन की चूत में लंड देने में ऐसा सुख मिलेगा मैंने कभी नहीं सोचा था. बीएफ पिक्चर सॉंगमैंने उससे पूछ ही लिया, मीना, तुमने यहाँ के बाल कब साफ़ किये थे?वो शर्माती हुई बोली- मैंने और मेरी एक सहेली ने एक दूसरी के बाल पिछले सप्ताह ही क्रीम से साफ़ किये थे.

आप सभी ने मेरी पिछली सेक्स कहानीपहली बार गांड मरवाने की तमन्नापढ़ी थी और आप लोगों मुझे काफी सारे मेल भेजे थे, जिसके लिए आप सभी का शुक्रिया. उन्होंने अपना एक हाथ मेरी कमर में डाला और लंड फुद्दी में लगा कर एक हाथ मेरी गांड में लगा के लंड पेल दिया मेरी चूत में!अब हम दोनों की ही कमर चलने लगी; मेरे दूध उनके सीने से रगड़ने लगे. बिस्तर चार लोगों के फैल कर सोने के लायक तो नहीं थी, पर मस्ती और चुदाई के लिए ये काफी था.

मैं- अरे बेटा, बस मैं गोवा से वापस आ जाऊं, फिर मैं तुम्हारे लिए इंतजाम करती हूं. सपना बोली- सब यहीं करना है? बेडरूम में चलो!हम दोनों नंगे ही बेडरूम में चले गए.

संदीप का लंड झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था, मैं अब पूरी तरह थक चुकी थी और सिर्फ संदीप के झड़ने की प्रतीक्षा करने लगी.

उसकी मादक सिसकारियों से मुझे भी जोश चढ़ने लगा और जोर जोर से उसकी चुत की जबरदस्त चुसाई में जुट गया. उसके खत्म होते ही दीदी ने कहा- मैं फ्रेश होकर खाना बना देती हूँ, तुम सब गप्पें मारो, फिर रात में बातें करेंगे. मेरी बात से आंटी जरा भी गुस्सा नहीं हुईं, बल्कि मुस्कुरा कर हंस दीं.

देहाती दे बीएफ मैं पेट के बल लेटी हुई थी और उसने दोनों हाथों से मेरे चूतड़ों को फैलाया और मेरी गांड पर लंड लगाकर एक तेज धक्का दिया. उसकी मखमली जांघों पर मेरे सख्त फौजी हाथ पड़े तो शायद उसको भी मर्द की छुअन का अहसास उत्तेजित करने लगा.

तभी मामी की आवाज आई- शिवम अन्दर आ जाओ … अकेले बाहर क्या कर रहे हो?उनकी आवाज सुनकर सब कुछ भूल कर मैं जैसे ही रूम में अन्दर गया, तो एकदम हैरान हो गया क्योंकि मामी ने हल्के गुलाबी रंग की नाइटी पहनी हुई थी, जिसमें उनका जिस्म ऐसे चमक रहा था … जैसे चांदी की अंगूठी पर सोने का मोती लगा हो. उसने अपनी जांघों पर बहते रस को अपनी हथेली से पोंछा और उसको चाटने लगी. अब इन बातों से ध्यान हटाकर मैंने केले को बिस्तर के नीचे बड़े सम्मान से एक कपड़े से ढक कर रख दिया, क्योंकि सुबह उसे सबकी नजरों से बचा कर फेंकना भी था.

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श्वेता दीदी- अरे अर्णव तुम्हारी दीदी को मोटा वाला कीला चुभ गया हैवो इतना बोल कर मुस्कुराने लगी. जैसे ही मैंने उसकी चूचियों को छुआ तो उसकी आंखें जैसे बंद सी होने लगीं. दीदी की आवाजें सुनकर मुझे अहसास हो गया था कि मेरा लंड जीजा जी के लंड से बड़ा है.

लेकिन उनकी बातों और व्यवहार से मैं थोड़ी देर में नॉर्मल हो गई। उन्होंने मुझे रूम में चलने के लिए पटा लिया. वो ज़ोर ज़ोर से मेरे बूब्स को दबाने लगा और मेरे निप्पलों को सहलाने लगा.

उसके बाद मैंने खुद उससे बातें करनी कम कर दीं … क्योंकि उसको एक अच्छा पति मिल गया था.

उन्होंने अपना पेटीकोट और ऊपर खींच लिया और बोली- बड़ा मस्त लग रहा है रे सुरेश … और तेल लगा. पापा के बेडरूम में एक छेद है जो विण्डो एसी की साइड में है, वहां से पूरे बेडरूम का एक एक कोना दिखता है. मुझे अपने छब्बीस साल की जवान दीदी को पचास साल के सांड से चुदते देख कर बहुत ही मजा आ रहा था.

जेठजी के लंड के शिश्नमुण्ड से हल्का हल्का चमकीला द्रव्य पदार्थ निकल रहा था, जिसे हम अंग्रेजी में प्रीकम बोलते हैं. एक लड़के ने बोला- अरे यार क्या माल है … ये एक बार दे देगी, तो बहुत मजा आ जाएगा. और उसने मुझे एक मेट्रो की जगह बताई कि वहाँ उतर जाना, मेरे शौहर लेने आएंगे तुमको।मैं बोला- ठीक है।वहाँ पहुँचने के बाद मैंने उसको कॉल किया कि जहाँ तुमने बताया वहाँ पहुँच गया हूँ।वो बोली- ठीक है, ये आ रहे हैं.

पूनम ने चुपचाप वो पैसे यूं के यूं मोड़ कर अपनी हथेली में दबा लिये और वो अपनी चुन्नी को सिर पर ढकते हुए उदास से चेहरे के साथ वापस बाहर के दरवाजे की तरफ मुड़ गयी और बाहर चली गयी.

बीएफ पिक्चर देसी वीडियो: कुछ देर के बद जब अंकल दीदी के पास आए, तो दीदी ने उनसे कहा- अब मुझे नींद आ रही है. मैंने कहा- थक कैसे गई यार … कहां गई थी तुम?संजू बोली- कहीं नहीं, आप आईये ना … सब बताती हूँ, पर खाना जरूर से लेते आईयेगा.

शायद संदीप की बहन को भी अपनी किसी सहेली के यहां जाना था पर हमारे होने की वजह से वो नहीं जा रही थी. मैंने तुरंत उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ इतनी जोर से खींचा कि वो मेरे सीने से आ लगी. दीदी ने डिल्डो मुझे थमाया था और चूत के दाने पर रगड़ कर पहले चूत को तैयार करने कहा था.

और फिर मैं उसके होंठों को जीभ से चाटते हुए उसके पूरे चेहरे को चाटने लगा और वो सिसकारी भरने लगी.

कुछ देर बाद मेरे सामने चाची की मस्त गुलाबी चुत एकदम सफाचट हो गई थी. संगीता को दिलासा देते हुए मैं लण्ड को अन्दर सरकाना जारी रखे हुए था. अब आगे:जीजा जी ने मेरी आंखों की वासना को पढ़ते हुए कहा- मेरी बहन तो बाथरूम में है, लेकिन तुम अपनी दीदी के साथ दूसरा राउंड शुरू कर सकते हो.