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मैं एकदम से शर्मा गयी क्योंकि माइक से मेरी ये पहली मुलाकात थी और सहज होने में थोड़ा तो समय लगता ही है. क्या तुम्हें सेक्स करना पसंद हैअब्दुल मुझे बोला कि वन्द्या तू पहली रंडी है, जिसने आज मुझे तृप्त किया है.

आज की रात मेरी चूत को फाड़ कर उसको भोसड़ा बना दो, मेरी गांड में अपना लंड पेल कर उसको भी फाड़ दो. अंग्रेजी ब्लू फिल्म वीडियोमैं बोला- इसमें थैंक्स क्यों … आप हो ही सुन्दर, जिसे देख कर किसी के भी मुँह से तारीफ निकल जाए.

मैं एक दिन उनके घर गया और उनसे कुछ बातें हुईं, फ़िर मैं अपना काम करने लगा.हिंदी बीएफ सेक्सी चुदाई वाली पिक्चर: तभी नीरू ने मेरा टी शर्ट और बनियान भी उतार कर मुझको बिल्कुल नंगा कर दिया और मेरा लंड अपने मुंह में लेकर चूसने लगी और एक मिनट बाद ही मेरा लंड अपने मुंह से निकाल कर पायल से बोली- इसको चूसने में कितना मजा है! इतना मजा किसी चीज में नहीं!और फिर नीरू ने 4-5 मिनट मेरे लंड को चूसा, फिर लंड मुंह से निकाला कुछ दूरी पर बैठी पायल को मेरे पास बुला लिया.

चाची ने तो हथियार डाल दिए, वो सह मान बैठी कि मेरे अंदर कोई भूत आ गया है।चलो अपने दोनों पैर खोलो!!” मैंने फिर भूत की आवाज में कहा.सब चुप थे पर अशोक अब अपना एक हाथ मयूरी की चूची पर से हटाकर उसकी पैंटी में डाल चुका था और अब वो उसकी चूत में उंगली कर रहा था.

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तभी दो ड्राइवर, जो गाड़ी चला रहे थे, पहले वाला वही अंकल था, जो थोड़ी देर पहले ठाकुर साहब के साथ आया था और जब नींद खुली तो मेरे साथ लेटा हुआ मिला था.चाचा ने चूत में उंगली करने की गति को बढ़ा दिया और चाची ने भी अपने चूतड़ों की उछाल को तेज कर दिया.

कहीं ना कहीं थोड़ी सी झिझक थी, पर इस बार मैं मानसिक रूप से पूरी तरह से तैयार था. हिंदी बीएफ सेक्सी चुदाई वाली पिक्चर जब भी मेरा लंड खड़ा होता है मैं अपनी माँ की चूत मार लेता हूँ।मुझे माँ की चूत बहुत पसंद है.

मैंने फिर से अपना लंड थोड़ा बाहर निकाला और तेज धक्के के साथ वापिस डाल दिया.

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मेरा मन और मस्तिष्क आपस में ही लड़ रहे थे कि मुझे अच्छा लग रहा या नहीं. उधर आगे मेरी चूत में हिमांशु भी जोर से अपने लंड को अन्दर बाहर घुसा रहा था. जब उसने मेरा लंड देखा तो बोली- इतनी छोटी उम्र में इतना बड़ा लंड कैसे हो गया?मैं बोला- मैं रोज़ दीदी के नाम से लंड की मुठ मारता था, इसलिए ये खिंच कर इतना लम्बा हो गया.

कुछ देर बाद मैंने देखा कि दीदी मेरी तरफ देख कर एक लड़की से बातें कर रही थीं. तुम्हें बहुत अच्छा लगेगा, मेरा वादा है, नहीं लगे अच्छा तो बता देना, तुम्हें तुम्हारी मर्जी के बिना कोई कुछ नहीं करेगा. रेवती की मम्मी ने मुझे बिठाया और पूजा में शामिल होने का अनुरोध किया.

जब मेरा आधा लंड उसकी चुत में घुस गया … तो फिर उसकी चुत से हल्का हल्का खून आने लगा. सारा काम ख़त्म होने के बाद भी मेरी पत्नि बहुत देर तक लेटी हुई अपनी गांड के छेद को फैलाती, सिकोड़ती आराम करती रही जबकि दीमा और मैं बेडरूम से बाहर आ गए. भाभी बाहर आईं और बोलीं- क्या कर रहे हो मेरी पैंटी से?मनीष- इसे बता रहा हूँ कि अब तेरी जरूरत कम पड़ेगी.

उनके पास पैसा बहुत था शायद इसलिए उसने शिक्षा का महत्व नहीं समझा था. फक मी और जोर से चोद!मैंने भी अपने लंड के झटकों की स्पीड तेज़ कर ली.

” कहकर उचक गयी और अपने दोनों‌ हाथों से मेरे सिर को अपनी चुत पर दबा लिया.

तारा ने फिर से लिंग को मुँह में भर लिया और उसे अपने मुँह में अन्दर बाहर करने लगी.

उसके बाद जून के महीने में नीरू की मौसी की लड़की जिसका नाम सविता है, छुट्टियों में नीरू के घर पर आई हुई थी. इस पर उनमें से एक लड़के ने किसी लड़की को बुला कर मेरी तरफ इशारा करते हुए पता नहीं क्या कहा. हूहूहूह मम्मम मम्मी ईई!मैं रुकने वाला नहीं था और 15 मिनट के बाद मैं झड़ गया।और फिर भी मैं रुका नहीं … मैं चाची को प्यार करता रहा, चूमता रहा.

तभी वो चीख उठीं- आहह … शशि बेटा धीरे डाल!आंटी की चीख सुनकर मैं और भी पागल हो गया. सतीश बोला- मेरे दो-तीन दोस्त भी आएंगे … वे भी बड़े लोग हैं … तुझे चलेगा न … हम लोग बड़ी गाड़ी में आएंगे. पर जैसे ही मैं घर से बाहर निकला तो देखा कि बेबी काही रंग का सूट पहने उधर से आ रही थी.

चूंकि मैं पढ़ाई में बहुत अच्छा था और मैंने 12 वीं क्लास में भी 87% स्कोर किया था, तो मेरे ताऊ जी ने कहा था कि मनीषा पर ध्यान देते रहना.

अन्तर्वासना सेक्स कहानी पढ़ने वाले मेरे दोस्तो, कैसे हैं आप सब!मेरी पिछली कहानीदोस्त की शादी में मेरी सुहागरातको पढ़ कर बहुत सारे पाठकों ने मुझे मेल लिया, उन सभी के लिए आपका धन्यवाद. फिर मैंने अपने दोनों हाथों को पूजा के दोनों मम्मों के बाजू रखकर अपने शरीर का भार हाथों पर ले लिया. मुझसे रहा नहीं गया और उनका लण्ड पकड़कर चूत पर लगा दिया और अपने कूल्हों को ऊपर की तरफ धकेल दिया जिससे उनका लण्ड का थोड़ा सा हिस्‍सा चूत में चला गया।तभी उन्‍होंने अचानक से मेरी चूत में लण्ड को पूरा डाल दिया। मुझे थोड़ा दर्द हुआ तो मैंने भैया को कुछ देर रुकने को बोला तो भाई रुक गए और मुझे किस करने लगे.

उसके मुँह में कुछ माल था, वो मुझे किस करने लगी और इस तरह से उसने अपने मुँह में बचा हुआ सारा माल मेरे मुँह में दे दिया. हाथ लगाया तो देखा मेरी योनि गीली थी और 2-4 बूंदों ने मेरी पैंटी गीली कर दी थी. उसके इस तरह के संभोग क्रिया से मैं समझ गयी कि वो तारा को पूरी तरह सहज महसूस करवाना चाहता था.

बीच में मैंने डिल्डो गांड से बाहर निकाल कर नताशा को चटा दिया, जिसके फलस्वरूप वो उसे अच्छी तरह से चूसना शुरू हो गई.

इसी सब की वजह से सामने मेरे एग्जाम आने वाले थे और पढ़ाई भी नहीं कर पा रहा था. अगले 2 से 4 दिन तक मैं उनके घर नहीं गया और न ही उनसे आँखें मिला पाया.

हिंदी बीएफ सेक्सी चुदाई वाली पिक्चर मुझे देखते ही वो बोली- वाओ बहुत मस्त लग रहे हो तुस्सी(आप)यह बोलकर हम दोनों साथ में हंसने लगे. उसकी बहन केवल पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देती थी क्योंकि अब उसके लिए लंड का इंतजाम हो चुका था.

हिंदी बीएफ सेक्सी चुदाई वाली पिक्चर आप खुश तो दिखती हो, मगर आप जितना अपने आपको दिखाती हो, उतना आप अन्दर से होती नहीं हो. मानसी की हल्की सी सिसकारी निक़ल गई और सुशीला थोड़ा झुक के देखने लगी तब तक मैं हाथ निकाल चुका था। मुझे सुशीला के ऊपर बहत ग़ुस्सा आया। साली न ही ख़ाती है और न खाने देती है.

जबकि मैंने उसको लंड चूसना नहीं सिखाया था, वो पक्का सेक्स मूवी देखती रही थी, या चुदाई के पहले का मजा किसी से लिया था.

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दूध वाले ने रवि के जाने के बाद मुझसे कहा- भैया, नेहा मेमसाब की चूत मुझे फिर से चोदने का मन है. नीरू ने अंडरवियर के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाया और पायल को दिखाते हुए बोली- देख पायल, मस्त है ना! अभी तुझे इसके दर्शन करवाती हूं. फिर बोला कि जो सच था वो मैंने बोला कि आप बहुत अच्छी है आपके पति बहुत अच्छे हैं.

होंठ रखते ही उसे गीला सा लगा तो बोला कि यार इसकी पेंटी तो गीली सी है, लगता है वन्द्या की चूत बह रही है. मैंने नीरू को बोला- अरे नीरू, यह क्या कर रही है?नीरू बोली- जीजू आप घबराओ मत, कल रात मैंने इसको ब्लू फिल्म दिखाई थी मोबाइल पर! उसको देखकर यह सब कुछ सीख गई है. उसने मुझसे कहा- हम इसी लिए इकठ्ठी हुई हैं ताकि तुझे जवानी के असली सुख और असली मज़े को दिखा सकें.

वो मेरे लंड को होंठों से चूसती, ऊपर नीचे करती हुई दाँत से हल्के हल्के काट रही थी.

मेरी फिलहाल उत्तेजना शांत हो गई थी, पर ये माइक के लिंग से निकलता चिकनाई वाला पानी था. अब तो वो भी आंखें बंद करके मजे लेने लगी थी और वो मेरे लंड को ऊपर से धीरे धीरे दबाने और सहलाने लगी थी,हम दरवाज़ा बंद करके अभी तक वहीं खड़े थे. मैंने पलंग के पैरों के पास शीशे में देखा तो पाया कि पूजा मेरे लंड अपने आंखों के सामने रखकर मंद मंद मुस्कुरा रही है.

अभी तक तो मैं आंखें भी बंद की हुई थीं, पर मेरा पूरा जिस्म अकड़ने लगा और मुझे कुछ-कुछ होने लगा. पता नहीं उसने किस तरह से अपनी ज़ुबान मेरी चूत में डाली कि मैं उसके सर को चूत पर दबाने लग गई ताकि वो बाहर ना निकले. मुझे हंसी आ गयी, पर मैंने किसी से कुछ नहीं कहा और फिर चुपचाप आकर सो गयी.

प्यार का ये दौर इस बार काफी लंबा चला क्योंकि कुछ समय पहले ही हम फारिग हुए थे. ये सब करते हुए मुझे बड़ा ही अजीब सा लग रहा था, लेकिन एक अलग ही फीलिंग आ रही थी कि आज मेरी चूत में किसी और का लंड जाने वाला है.

विक्रम- बिल्कुल…अशोक- रुको… अब चूंकि सबकुछ सामने आ ही चुका है, तो मुझे नहीं लगता कि कपड़ों को पहन कर रखने की जरूरत है. मैं भी उसकी पैंटी के अन्दर अपनी उंगली डाल कर उसकी चुत में डालने लगा. दोस्त ने उसे अपनी बांहों में भरके चूमा और उसके दूध मसल कर हामी भर दी.

मैं अब अपने आप को रोक नहीं पाया और अपने दोनों हाथों से उनकी जांघों को फैलाकर सीधा ही अपने प्यासे होंठों को उनकी चूत रख दिया.

फिर भी मेरे दोस्त किसी ना किसी बहाने से भाभी को देखते थे और उनकी उठी हुई गांड का फिगर देख मुठ मारते थे. मैंने मन ही मन निश्चय किया कि मुनीर जो चाहे मेरे साथ कर ले मगर माइक को मैं कुछ नहीं करने दूंगी. प्रिया ने भी अपनी पूरी ताकत से मुझे धकेलकर अलग कर दिया‌ और मुझसे दूर होकर खड़ी हो गयी.

चाचा पागलों की तरह चाची के चूतड़ों को मसलते हुए उनकी एक चुची को चूस रहे थे. मैं सतीश से बोली- प्लीज बाहर से किसी को भेज दो … वो आए और मुझे चोद दे … मुझे जम के चुदवा दो … जल्दी से भेजो किसी को … वो मेरी आग बुझा दे.

उस वक्त भैया को किसी काम से बंगलोर जाना था और भैया ने कहा था कि पीहू तुम दिल्ली आ जाओ. अब वो मस्ती में बोलने लगी- ऊऊहह … उम्म … उह्ह्ह् … और तेज रेनिश … आह्ह्ह्ह्ह … और तेज … आज मेरी बुर का भोसड़ा बना दो … मैं हमेशा तुझसे ही चुदवाऊँगी … प्लीज़ और तेज़ ऊऊह्ह … आआह …घमासान चुदाई चलने लगी थी. अब चलो मेरी बगल में अपने पैरों को फैलाकर लेट जाओ, मैं तुम्हारे ऊपर चढ़कर तुम्हें चोदता हूँ.

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थोड़ी सी मशक्कत के बाद ही दोनों लंड मेरी मस्त बीवी की गांड के अन्दर घुस गए.

तभी रीना ने बाहर से मेरी गोरी गोरी टांगों को पकड़ा और बोली- साली माल तो मस्त है. मैं बस जग को देखे जा रही थी, उसको सुने जा रही थी कि इसको मेरे बारे में कितना कुछ पता है, जब कि आज तक मैंने इसे कुछ बताया भी नहीं. मैंने बस एक दो बार ही उसकी चुत को सहलाने के बाद अपने‌ हाथ को उसके लोवर व पेन्टी से बाहर निकाल‌ लिया और धीरे से उठकर उसकी बगल में बैठ गया.

वे 15 मिनट की चुदाई में ही झड़ चुकी थीं और मैं भी अब तक 2 बार झड़ चुका था. मैंने हैडफ़ोन कान में लगाया तो आवाज आई ‘अभी मत जाना … हम कुछ और देर मजे करेंगे. रोमांटिक कपल सेक्सवह भी गाली देने लगा, बोला- साली छिनाल की रंडी की लड़की … मादरचोदी बहुत मस्त है.

वे साले सब मुझसे रोज़ उनकी गांड का उसके फिगर का फोटो मांगते थे पर मैं नहीं देता था क्योंकि किसी लड़की की इज़्ज़त ही उसका सब कुछ होता है. मजा आ रहा था लेकिन मिलने के लिए मना करती थी कि बाहर नहीं निकल सकती और तुमको घर भी नहीं बुला सकती.

मैंने दुबारा से खटखटाया और कहा- अन्दर कौन है? दरवाजा खोलो!फिर अंदर से लड़के ने कहा- मैं प्रशान्त हूँ, आप कौन?मैंने अपना नाम तो नहीं बताया और दरवाजा खोलने के लिए कहा तो वह बोला- मुझे नींद आ रही है और मैं सोने जा रहा हूँ. फिर मैं अपने हाथ को भाभी की पीठ पर दोबारा से ले गया और फिर से उनके होंठ चूसते हुए पीछे से उनकी ब्रा भी खोल दी, जो ढीली होकर भाभी के बाजुओं में झूल गई. वो- हां एक को पायल अच्छी लगी, एक को गले का हार और एक साड़ी की तारीफ कर रहा था.

मानसी भी बड़े प्यार से उसके लंड को चूसने लगी जोर जोर से।दीपक ने अपनी शर्ट खोल के बेड पर फ़ेंक दिया।इधर मैं अपनी धोती खोलकर लंड को सुशीला के चूत पर साड़ी के ऊपर घिसता जा रहा था और उसकी चूचियाँ मसलत रहा था. वो कुछ कहती, इससे पहले मैंने उससे कहा- माफ कर दीजिये सोनल जी, गलती से मुँह से निकल गया. सविता के मुंह से चूत जैसा शब्द सुन मैं हैरान था कि अभी तक मेरा लंड इसकी चूत में गया भी नहीं और यह इतनी खुलकर बोल रही है.

वो अब जानबूझकर मानसी की चूचियाँ जोर जोर से मसलने लगा ताकि उसे दर्द हो!मानसी- आहिस्ता अहह आह … आहिस्ते डॉक्टर साहब!दीपक- चुप रंडी, कितनों से चुदवा चुकी है … तुझ पर कोई असर नहीं होता!बोल कर और जोर से उसकी चूची को मसल दिया और जोर जोर से धक्का लगाने लगा।इधर मैंने सुशीला की चूत से मुँह निकाला और अपना लंड उसके मुँह में दे दिया.

सोनू ने फर्स्ट एसी का पूरा केबिन बुक किया था तो हम सब आराम से बैठ गए, दोपहर का टाइम था खाना खाया और थोड़ी देर के लिए लेट गए. दिल तो हुआ कि जाकर उनके आंसू पोंछ दूँ और अपनी बांहों में ले लूँ, मगर मजबूर था.

अब मैं इस असूल की बन गई हूँ कि लंड के बिना चूत उसी तरह से नहीं रह सकती, जैसे भूख लगने के बाद रोटी के बिना और प्यास लगने के बाद पानी के बिना नहीं रहा जा सकता है. वो खुश हो कर मुझसे बोली- ओह डियर, तुम्हारा हथियार तो बहुत ही तगड़ा है. दोस्तो, कैसे हो आप सब लोग, मैं विपुल कुमार उत्तरप्रदेश के एक नगर में रहता हूँ गोपनीयता बनाए रखने के लिए मैं नगर का नाम नहीं लिख रहा हूँ। दोस्तो समय नहीं मिल पाने के कारण कहानी नहीं लिख पा रहा था जिन लोगों ने मेरी पिछली कहानीपढ़ी थी, वे तो पहचान ही गये होंगे और जिन्होंने नहीं पढ़ी है, वो लोग जाकर पढ़ सकते हैं.

वो मॉम से बात करने में बिज़ी रहने का नाटक किया करती थीं और मेरे लंड को छुपछुप के देखती रहती थीं. इसी प्रकार की बाढ़ से पन्द्रह धक्कों के बाद अब अंकल का मोटा काला नाग पूरी तरह से मेरी चूत के छोटे से बिल में समा गया था. ठीक है ना?मैं पूजा के नंगे चूतड़ों को सहलाते हुए बोला- मेरी रानी, तुमने तो मेरे मन की बात बोल दी.

हिंदी बीएफ सेक्सी चुदाई वाली पिक्चर रात में जब दोनों लड़कियां सोने चली गई तो सविता ने पूछा- नीरू, बता ना वह कौन है? और क्या तूने उससे चुदवाया है?तभी नीरू ने कहा- हां, मैंने बहुत बार चुदवाया है. चाची मेरे लंड को अपनी हाथों से चूत पर दबाने लगीं और मैं जोर जोर से चूत की फांक में अपना लंड रगड़ने लगा.

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हम वैसे ही वहीं ढेर हो गये। मैं … मेरे ऊपर सुशीला … उसके ऊपर दीपक!थोडी देर बाद मैं बोला- उठ मादरचोद साली रंडी … अच्छा गद्दा पाया है। मैं नीचे दब रहा हूँ।दीपक ने आहिस्ते से लंड को निकाला सुशीला की गाण्ड से और ढेर हो गया बेड पर … बोला- साली मेरी कमसिन नर्सों से तो ज्यादा ये साली गर्म है. ये सब मेरे लिए भाभी ने भी देर रात तक पढ़ाई की बात कह कर आसान बना दिया. मयूरी ने बड़े प्यार से जितना हो सके उनके अमृतरस को चाट लिया और बाकी अपने बदन पर मलने लगी.

उसने पायल को अपने पास बुलाया और उससे कहा- देख पायल मेरी चूत में जीजू का लंड कैसे जाएगा!पायल का पूरा ध्यान नीरू की चूत और मेरे लंड पर ही था. मैं जब मूतने गया तो मैंने पीछे से तीनों की बातें सुन लीं, जिससे मेरे लंड ने अपना कण्ट्रोल खो दिया. लड़कियों के सेक्सवो तो ऐसे मदमस्त हुए जा रही थी जैसे कि पहली बार शराब का नशा किया हो.

मैं- चोद लो जीजा जी … जल्दी से चोद लो … आधे घंटे में मेरी चूत का भोसड़ा बना दो.

मैं उसके सर को पकड़ कर चोद रहा था तो मेरा लंड उसके गले तक जा रहा था और वो गूं गूं गूं करते हुए इतना मस्त चुसाई कर रही थी कि मेरा बदन अकड़ने लगा और मैं उसके मुंह में ही झड़ गया. लेकिन मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि सेक्स सिर्फ प्यार के लिए होता है, जिसे कहीं से भी पाया जा सकता है.

जैसे ही पांच मिनट का भी मौका अकेले होने का मिला, झट से मेरे मुँह में लंड डाल कर चुसवा लेते, फिर जाते. फिर मैंने सोचा कि मेम के रूम में ही चला जाता हूँ और पूछ लेता हूँ कि वो तैयार हैं या नहीं. मैंने एक हाथ से उसका हाथ पकड़ा और दूसरे हाथ से पास ही पड़ा न्यूज पेपर उठा लिया। नीचे उतर कर पहले मैंने दाएं बाएं देख कर कन्फर्म किया कि कोई है तो नहीं.

मुझको बहुत मजा आ रहा था और मैं भी अपनी कमर हिला हिला के अपना लौड़ा उनके मुँह में डाल रहा था.

कम्मो तो मुझे सब तरह से समर्पित हो ही गयी थी कि जो करना है कर लो, जहां ले चलना है ले चलो. सुलेखा भाभी के गालों को चूमते हुए मैं उनके रसीले होंठों पर आ गया था, जो कि अब जोरों से थरथराने लगे थे. मैंने उसकी टांगें और फैला दीं और पूरी जीभ चूत के अन्दर अन्दर डाल दी.

સેલ્ફી લોएक दिन हम बस में बैठे तो उसमें का एक शीशा टूटा हुआ था, जिससे काफी ठण्डी हवा आ रही थी. मैं कराहते हुए उठ बैठने जैसी हुई और मैंने फिर से दोनों हाथों और टांगों से पूरी ताकत से उसे पीछे धकेल कर रोकना चाहा.

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मैंने चूत के मुहाने पर अपना 7 इंच लंबा और मोटा लंड उस पर लगाया, मेरे लंड का सुपारा सविता की चूत के मुहाने पर रखते ही सविता कसमसा उठी. इधर मयूरी भाभी चूत चुदवाने के लिए तड़पने लगीं और कहने लगीं- डाल दे अन्दर लौड़ा बे. सोनू ने फर्स्ट एसी का पूरा केबिन बुक किया था तो हम सब आराम से बैठ गए, दोपहर का टाइम था खाना खाया और थोड़ी देर के लिए लेट गए.

मैं करती भी तो क्या करती अगर बाहर किसी से सेक्स करती और घरवालों को पता चल जाता था, तो मुझे बहुत मार पड़ती. उन्हीं में से एक सरकारी बैंक में अदिति (बदला हुआ नाम) की नौकरी लगी, वह भी रोजाना लखनऊ से ही आने जाने लगी थी. मेरी चूत फाड़ दे भोसड़ी बना दे।फिर मैंने उसे चोदने की पोजीशन में लिटाया, उसके पैर अपने कंधों पर रखे और लण्ड चूत पर टिकाया। फिर जरा सा धक्का मारा.

मेरा मन तो कर रहा था कि आंटी की गांड में पूरा लंड एक ही झटके में पेल दूं. आपने मेरी पिछली कहानियाँगांव की रिश्ते की साली को चोदागांव वाली साली की सहेली को चोदाके दो दो भागों को पढ़ा, मुझे काफी मेल मिले. तब उसने जो लड़कियां उसके साथ की थीं, उनसे कहा कि टेस्ट करो किस के सबसे ज़्यादा सख्त हैं.

लेकिन मैं डर गया था, मेरी तो गांड फट गयी थी कि अब क्या होगा, अब सबको ये बात पता चल जाएगी. तभी पायल ने कहा- मुझे कुछ टाइम दो, मैं सोच कर बताती हूं!और उसके बाद वे दोनों सहेलियां हमारे घर से चली गई.

अब हम दोनों थोड़ी देर के लिए शान्त हो गए और एक दूसरे से खेलते हुए धीरे धीरे 69 पोजीशन में आ गए.

हिमांशु ने बोला- वन्द्या, आप बहुत खूबसूरत हैं और एक बात पूछूं?मैं बोली- हां पूछो और मुझे आप मत कहो … तुम दोनों मुझसे उम्र में बड़े हो … काम करते हो तो क्या हुआ. सेकसि विडिवोपर माइक की इतनी ताकत थी कि उसने मुझे अपनी जगह से जरा भी हिलने नहीं दिया. दांत साफ करने की दवाई बताएंबहुत फूली हुई है आपकी बुर … आपकी चूत की मोटी मोटी फांकें कितनी वासनात्मक हैं, एक नपुंसक मर्द भी ऐसी चूत देख कर मर्द बन जाएगा. मैं टॉयलेट में झाँकने के लिए कोई छेद ढूँढने लगा, तभी मेरी नज़र रोशनदान पर पड़ी.

फिर बाद में कई दोस्तों ने मोबाइल ले लिए, जिसमें वीडियो क्लिप चलते थे.

कुछ दिन तक मैं उसे सिर्फ छुप छुप कर ही देखता था, कभी हिम्मत ही नहीं हुई कि उससे सीधी नजर मिला लूँ. एक तो चुदाई देखकर चुदास चढ़ गई थी और दूसरा बहन के इतने पास खड़ा था कि आग और ज्यादा भड़क गई थी. मेरी सहेली ने बताया था कि जब जीजू तुम्हारे साथ कुछ करें, तो तुम चुपचाप रहना.

मैं दावे के साथ कहूंगा कि इस रुई की योनि में इतना मज़ा मिलता है कि आप कल्पना नहीं कर सकते. पूरे कमरे में कई तरह की आवाज़ों का मिला-जुला शोर हो रहा था जो माहौल को और भी ज्यादा चुदाईनुमा बना रहा था. तो मैं समझ गया कि अब ये पूरी गर्म हो चुकी, सो मैंने देर न करते हुए उसकी ब्रा और पैंटी भी उतार दी और उसने मेरी.

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इतना बोलते ही उन्होंने मेरी नज़रों में नज़रें डाल कर देखा और एक मिनट देखती रहीं. एक दिन मुझे किसी काम से लखनऊ जाना था तो मैं घर के पास से स्टेशन जाने के लिए एक टेम्पो में बैठा. माइक के धक्के कुछ पलों में जोरदार झटकों में बदल गए और तारा की मादक सिसकारियां चीखों का रूप लेने लगीं.

मैंने गुस्से में कह दिया- अगर मैं चाहूँ तो अभी बच्चा पैदा कर सकता हूँ.

नेहा ने बस अपने पैरों को हल्का सा ही खोला था, बाकी का काम अब मेरे हाथों ने किया.

अभी तो मैंने सुलेखा भाभी की चुत का रस बस चखा ही था … अभी‌ तो‌ उसे चाट चाट कर पीना बाकी था. हूहूहूह मम्मम मम्मी ईई!मैं रुकने वाला नहीं था और 15 मिनट के बाद मैं झड़ गया।और फिर भी मैं रुका नहीं … मैं चाची को प्यार करता रहा, चूमता रहा. जबरदस्ती xxxमेरी नजर केवल नीचे की तरफ लिंग पर थी, मैं देख सकती थी कि लिंग कितना अन्दर जा रहा और कितना बाहर है.

एक दिन मैं कहीं बाहर जा रहा था तो भाभी ने आवाज देकर मुझे अपने पास बुलाया और बोलीं कि उनको फोन रिचार्ज करवाना है. रेवती ने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मुझसे ज्यादा बेताबी से मुझे किस करने लगी और एक संतोष भरी नजरों से मेरी तरफ देखने लगी. सुलेखा भाभी के साथ मुझे जब इतना कुछ करने का मौक मिल रहा था, तो मैं उनकी उस फूली हुई चुत को‌ देखे बिना कैसे रह सकता था.

फिर मेरे पास आकर बैठते हुए पूछा- आपने डिनर किया या नहीं अभी तक?मैं- अभी तक तो नहीं, वैसे भी मैं रात को 10-30 बजे तक डिनर करता हूँ. मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं और आप लोगों की कहानी पढ़ चुका हूं और उसकी सराहना भी की है। तो मैं अपनी कहानी शुरू करता हूं उम्मीद करता हूं कि आप सब को पसंद आएगी तो आनन्द लीजिए मेरी कहानी का। यह अन्तर्वासना डॉट कॉम पर मेरी पहली कहानी है.

मैंने अपने लौड़े पर हाथ फेरना चालू कर दिया, तो उसने हंस कर कहा कि मुझे कोई दिक्कत नहीं है, तुम चाहो तो उसको आजाद भी कर सकते हो.

फिर मैंने उनके होंठों पे अपने होंठ रख दिए और हम एक दूसरे की सांसों में खोने लगे. तुम यौवन का पौधा बन चुकी हो, तुझे भी अब माली की ज़रूरत है … जो तेरे इस पौधे को पानी दे. फिर सतीश ने अब मुझे उल्टा करके लिटा दिया और बोला- अब मैं तेरी चूत का बाजा जमके बजाता हूं.

भाई और बहन का मैं तेज़ सांसें लेती हुई, कामुक सिसकारियां लेते हुए माइक की आंखों में घूरने लगी. अब दो दिन के अन्दर ही तुम्हारी मम्मी को अपने गियर में लेता हूं सोनू.

मैक्सी भी पारदर्शी अन्दर से दूध के पर्वत खुद बाहर निकालने को बेताब थे. जब भी मैं भाभी को चोदने जाता, तो उनकी गांड जरूर मारता, उनकी गांड अब बहुत बड़ी हो गयी थी. अरे नीरू, तू इसे कैसे बर्दाश्त कर रही है, बता तो सही? तेरे जीजू का इतना मोटा लंड है कि मुझसे भी बर्दाश्त नहीं होता, बच्चेदानी में टकराता है और मुझे भी दर्द देता है.

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नशे में धुत प्रीतम ने एक एक करके मेरे कपड़े उतारे और मेरी जवानी देख प्रीतम भी आपा खो बैठा. आकर यहीं बैठ गयी क्या तुम?” सुलेखा भाभी ने पहले तो प्रिया से कहा और फिर मुझे भी डॉक्टर से दिखाने के लिये कहा, मगर मैंने मना कर दिया. दीदी से बात करके मुझे थोड़ा रात की बात से राहत सी मिली और अब मेरा ध्यान उस लड़की पर ठहर गया.

तुम्हें कई बार देखा है पापा से गांड मरवाते… आज मेरा तुम्हारी गांड मारने का सपना पूरा होगा. फिर मैं सो गया, जब मैं अगली सुबह जागा, तो देखा कि उसका रिप्लाई आया था.

अंकित बोला- हाँ अंकल, तपा वाली मौसी की बेटी है, लालजी की सगी मौसी है इसकी मम्मी!तब वो अंकल बोले- लालजी नहीं आया क्या? लालजी भी तो मुझसे इसके बारे में बता रहा था कि मौसी की लड़की सोनू बहुत मस्त है और बहुत हॉट है.

अचानक मनीष ने नीचे से धक्का मार दिया, पूरा लंड एक बार में चूत में घुस गया. मैंने उनके एक चुचे मुँह में लेके चूसना चालू किया तो भाभी मुझे अपना दूध चुसाने लगीं. उसने अभी तक अपनी गांड और चूत तो बहुत बार चुदवाई थी पर एक साथ दोनों और वो भी दोनों नए लंड से … यह अनुभव उसे बहुत ही नया और निराला लग रहा था.

हिमांशु बहुत खुला लड़का था, उसने सीधे मुझे लिटा कर मेरी टांग फैला दीं और अपने जीभ मेरी चूत के फांकों के बीच रख कर चाटने लगा और नाक से सूंघने लगा. मैं आपको बात बता दूँ कि उसके घर पे उसके सास ससुर नहीं हैं, सिर्फ उसका पति और एक 2 साल का बेटा ही है. मैंने अपने हाथ शिवानी के कंधे पे रखे हुए थे और शिवानी बियर उड़ेल रही थी.

मेरी पत्नी ने मुझको इशारा किया कि अब धीरे से इसकी चूत के अंदर अपना सुपारा डालो.

हिंदी बीएफ सेक्सी चुदाई वाली पिक्चर: करीब 15 मिनट तक अपना मुँह ढंग से चुदवाने के बाद अब मेरी चूत चुदवाने के लिए जैसे तड़प रही थी. फिर मैं अपना एक हाथ आगे करके भाभी की चुत पर ले गया और उनकी चुत को अपनी उंगली से चोदने लगा.

यदि ऐसा ही रहता है तो कपड़ों में से क्यों नहीं दिखाई देता?मैंने कहा- यही तो इसकी खासियत है. फिर उनको अपने और जोर से पकड़ कर उनकी चूची को मुँह में लेकर अपना लम्बा लंड भाभी की चुत में डाल दिया. महेश एक हाथ से मेरे दूध दबाते हुए मेरी नाक को चूमता हुआ बोला- तू क़यामत है रे साली कुतिया.

मैं पंचकूला हरियाणा में रहता हूँ, मेरी हाइट 6 फ़ीट और अच्छे व्यक्तित्व का मालिक हूँ.

मैंने सोचा कि ऐसा मौका कब मिलेगा, तो मैंने टीवी चालू किया और सोफे पे बैठ गया. मैंने कहा- तू ऐसा कर … नहा ले, क्या पता पसीने की वजह से खुजली हो रही हो. ‘आह उह उफ़ उम्म्ह… अहह… हय… याह… सी सी आह उह ऊऊ …’ की आवाजें कमरे में गूंजने लगीं.