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कहानी : अनुष्का शर्मासम्पादक : अरविन्द कुमारमैं अरविन्द कुमार, आपने मेरी लम्बी कहानी ‘मेरा हंसता खेलता सुखी परिवार’ पाँच भागों में पढ़ी होगी. मेरा जिस्म मेरा साथ छोड़ रहा था, अब मैं भी मजे में डूबती जा रही थी, अब उनका लंड मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।मेरे मुँह से निकल रहा था- उफ़फ्फ़… बाबूजी…प्लीज़ नहीं…आहाहहा. सम्पादक – इमरानअपने ख्यालों में खोया हुआ मैं ऑफिस जा रहा था…एक बहुत ही गर्म दिन की शुरुआत हुई थी और लण्ड इतनी चुदाई के बाद भी अकड़ा पड़ा था। इस साले को तो जितना माल मिल रहा था, उतना यह तंदरुस्त होता जा रहा था और जरा सी आहट मिलते ही खड़ा हुए जा रहा था।मैं यही सोच रहा था कि ऑफिस जाते ही सबसे पहले तो नीलू को ही पेलूँगा, भी यह कुछ देर शांत रहेगा।और फिर मुझे रोजी की मस्त चूत भी याद आ रही थी.

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सैमहैलो दोस्तो, मेरा नाम सैम है और मैं लखनऊ से हूँ।मेरे साथ वाले घर में एक परिवार है, भैया-भाभी और उनके दो लड़के. तो कभी उसके गाल पर कट्टू करता।दोस्तो, मानो जैसे मुझमें चुदाई का भूत सवार हो गया हो और वो तो पहले से ही बेहाल थी।करीब 45 मिनट बाद मेरा बीज उसकी चूत में ही गिर गया।तब उसने मुझसे पूछा- तुमने कोई दवा खाई है क्या. भाभी ने पास आकर कहा- तुम दोनों मज़े करो, मैं तो बस तुम्हें देख कर ही काम चला लूंगी और मुझे पहरा भी तो देना है कहीं कोई आ गया तो?इतना कहकर मेरे होठों पे चुम्बन दिया और बाहर की तरफ चली गईं.

उसके बाद मज़ा ही मज़ा है।मैं मुँह से कुछ नहीं बोली बस ‘हाँ’ में सर हिला दिया। अब पापा अपने लौड़े को आगे-पीछे करने लगे मुझे दर्द हो रहा था, पर मैं दाँत भींचे पड़ी रही।कुछ देर बाद मेरी चूत का दर्द मज़े में बदल गया। अब मेरी चूत में वही खुजली फिर से होने लगी थी, ऐसा लग रहा था पापा का लौड़ा आगे तक क्यों नहीं जा रहा।रानी- आहह. मैं तो अपने इन्हीं सपनों में खोया हुआ था, मेरा सपना तो जब टूटा जब उसने हाथ मिलाने के लिये आगे बढ़ाया और कहा- हाय! आ गये आप! क्या बात है आज कुछ लेट हो गये, रास्ते में कोई और मिल गया था क्या?उसने मजाक में कहा. मुझे लगा कि चलो उन्हें मेरी बात बुरी नहीं लगी।उन्होंने कहा- ज़रा यह तेल मेरे सर पर लगा दोगे? अगर तुम्हें ठीक लगे तो !मैंने हाँ में सर हिलाते हुए बोतल उठाई और चालू हो गया… अब मैं उनके बूब्स आसानी से देख रहा था।उन्होंने कहा- वाह रिचर्ड, तुम्हारे हाथ में तो जादू है.

बृजेश सिंहमेरा नाम बृजेश सिंह है, जोधपुर का रहने वाला हूँ, मेरे लंड का आकार 6 इंच का है। मैं सांवला हूँ और शरीर से हृष्ट-पुष्ट हूँ।हमारे परिवार में मेरे अलावा सिर्फ मम्मी-पापा ही हैं। मैं जोधपुर कंप्यूटर खाता-बही का काम करता हूँ।यह मेरे जीवन की सच्ची कहानी है। आप इसे कोई मनघड़न्त कहानी मत समझना।मैं तब बी. अब तुम कुछ मत कहो तुमने मुझे खूब तड़पाया है।सच में दोस्तों ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरा लंड अभी टूट जाएगा.

बस ऐसे ही साथ देती रहो… आज मैं तुम्हें पूरी औरत बना दूँगा…मैं अपना लण्ड वैसे ही लगातार उसकी चूत पर रगड़ रहा था।वो फिर बोलने लगी- हाय… आआआअहाहह. किसने रोका है… मैं तुमको अपनी बांहों में भर लूँगी और बहुत सारा प्यार करूँगी… मेरा बुरा हाल है गिरि, आ जाओ ना. !वो बोली- मुझे पता था कि तुम आज घर पे अकेले ही हो, तो मैं जानबूझ कर सभी के जाने के बाद ही पानी भरने के लिए आई.

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लेकिन आज तुम्हें जन्नत की सैर कराऊँगा, तुम्हें इतना मजा कभी नहीं मिला होगा, जितना आज रात को मिलने वाला है. नहीं तो मैं पागल हो जाऊँगी।मैंने एक ही झटके में लंड को चूत में पेल दिया और लंड चूत में आसानी से चला गया।मैं तो सोच रहा था कि मैं उसको पहली बार चोद रहा हूँ. फिर तो ठीक है !’मैं तो उसके इस जुमले को सुनकर दो दिनों तक इसका अर्थ ही सोचता रहा कि उसने ‘फिर तो ठीक है’ क्यों कहा होगा।‘सर… एक बात पूछूं?’‘हम्म.

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कैसा लगता है…!और मादरचोदी मेरा पूरा माल अन्दर ले गई।अब हम एक-दूसरे को चूमने लगे।मैं फिर उसकी चूत चाटने लगा, कुछ देर बाद वो मेरा लण्ड चूसने लगी।अब उसने कहा- अब नहीं रहा जाता, डाल दो अपना साँप मेरे बिल में. मैंने उसके होंठ को चूसते हुए अपने दोनों हाथों से उसकी कमर को पकड़ा और एक जोर का झटका मारा और मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में धंस गया, उसकी थोड़ी चीख निकली लेकिन मैंने अपने होंठों से उसके होंठों को दबा दिया. !फिर मैं उधर बैठ गया और धीरे-धीरे उस लड़की से बातें करने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। पूरा फिल्म का सीन मेरी आँखों के सामने था। फिर नीचे आया, खाना खाया और सो गया और रुटीन अब ऐसे ही चलने लगा।15 दिन के बाद मैंने सोचा उस लड़की को ‘आई लव यू’ बोला जाए, पर कैसे.

मैंने कहा- और कितनी देर तक नहीं झड़ना चाहते आप? एक बार मेरे ऊपर चढ़ते हो तो मेरी हालत जब तक खराब न हो जाए तब तक तो रुकते नहीं हो, आज क्या मुझे मार डालने का इरादा है?उन्होंने हँसते हुए कहा- अरे मेरी जान आज सुहागरात है न, देर तक मजा लेना है. अंदर जाकर देखा तो मेरी सभी भाभियाँ वहाँ इकट्ठी थीं और उनके बीच एक ऐसा चेहरा था जिसे देख कर मैं हैरान रह गया और साथ ही साथ मेरी खुशी का कोई ठिकाना न रहा. बेबी की सेक्सीगोरे-गोरे और बड़े थे।मैंने थोड़ा तेल मम्मों पर डाला और मसलने लगा था।आंटी गर्म हो गई थीं। वो मेरे लंड को सहला रही थीं।मैं उनको चूम रहा था।आंटी ने कहा- ले चूस ले.

अब आप लोग सोच रहे होगें कि लैपटोप में कौन-सी रेलगाड़ी होती है, दोस्तों मैं सैक्सी फ़िल्म की बात कर रहा हूँ.

तो रमेश के लंड से तो तुम मर ही जाती।एक-दो मिनट के बाद उसको भी मज़ा आना शुरू हो गया तो वो नीचे से हिलने लगी, तब मैंने भी आहिस्ता-आहिस्ता झटके देने शुरू कर दिए और उसके मुँह से ‘आआआ आआहह ऊऊऊहह और ज़ोर से. मैं तो एकदम मस्त हो उठा।मैंने फौरन उसकी चूचियों को अपनी मुट्ठी में कैद कर लिया और कस कर दबा दिया।श्रेया के मुँह से तीखी चीख निकल पड़ी- उई मां… मामा क्या करते हो.

जो अपनी भाभी को द्रौपदी की तरह नंगी करना चाहता है?’ भाभी मुस्कुराते हुए बोलीं।मैं भाभी की कच्छी में हाथ डाल कर उनके चूतड़ों को मसलते हुए बोला- नहीं भाभी. मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ, हेमंत मुझे नई नई साड़ियाँ देने लगा, सजने संवरने के साधन परफ़्यूम, कभी जेवर भी, आदि, कभी होटल में ले जाकर खाना खिलाना, कभी घुमाने ले जाना. पापाजी जी का ढेर सारा गाढ़ा रस, इतना ज्यादा और इतनी जोर से, निकलते हुए देख कर मेरी जोर से एक लंबी साँस निकल गई जिसे सुन कर पापाजी ने पलट कर देखा और मुझे देखते ही गुस्से में पूछा- तू यहाँ क्या कर रही है?उनकी गुस्से से भरी आवाज़ सुन कर मैं डर गई और बिना जवाब दिए वहाँ से भाग गई.

फ़िल्म में जोरदार चुदाई चल रही थी… मैं पूजा के बारे में सोचते-सोचते तकिये को रगड़ रहा था कि अभी पूजा आ जाये तो मैं उसकी जोरदार चुदाई कर दूँगा.

शरारती रीटा ने अपनी चार साल पुरानी स्कूल ड्रेस की काली शॉर्ट स्कर्ट और सफ़ेद शर्ट फंसा कर पैरों में ऊँची ऐड़ी के सैंडल पहन लिए. !मैंने बहुत गन्दी फिल्में देखी थीं, इसलिए मैंने उसे जोर से पकड़ा हुआ था। वो छटपटा रही थी, पर मैंने उसे छूटने का मौका नहीं दिया। कुछ देर में वो शांत हुई तो मैंने अपना लण्ड थोड़ा निकाल कर फिर से एक जोर का धक्का लगाया, लण्ड थोड़ा और बुर में समा गया। फिर बाहर निकाल कर एक और धक्का लगाया तो लण्ड काफी अन्दर घुस गया।वो तड़पने लगी और गन्दी-गन्दी गालियां देने लगी- मादरचोद. सुबह में उसने मुझे गाण्ड मारने को कहा तो मैंने उसकी गांड भी मारी… उसने मेरे को खूब मस्ती करवाई…बाद में उसने अपनी रूममेट को भी मेरे से खूब चुदवाया…उसकी सहेली और आगे की चुदाई की कहानी अगली कहानी में…आप मुझे जरूर बताइएगा कि आपको मेरी कहानी कैसी लगी ![emailprotected].

मिया खलिफा सेक्सी व्हिडिओबड़े मज़े देने लगी है आजकल…विजय हंसता हुआ अन्दर आ गया और अपने कपड़े निकालने लगा।रानी- उफ़फ्फ़ क्या करते हो अजय. अगले दस मिनट हम दोनों इसी तरह चुदाई करते रहे और जब मैंने महसूस किया कि स्पीड बढ़ाने का समय आ गया है, तब मैंने भी अपने जिस्म को पापाजी की स्पीड के हिसाब से हिलाना शुरू कर दिया और बोली- पापाजी, अब अपनी गाड़ी को चौथे गियर में डालिए.

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!मैंने अपना लंड एक बार फिर उसके चूत पर रखा, फिर एक झटका दिया।अभी लंड थोड़ा सा ही घुसा, उतने में ही वो चीख पड़ी- निकालो. मगर उन्होंने मेरी चूत में लौड़ा डाला तो उनको पता चल जाएगा कि मेरी सील टूट चुकी है, तब मैं उनको क्या जवाब दूँगी?पापा- अरे पागल, वो दोनों एक साथ तो तुझे चोदेंगे नहीं, जो भी पहले चूत में लौड़ा डाले. वो रह रह कर सिहर जा रही थी। उसने भी प्रत्युत्तर में अपने हाथों से मेरे शरीर को सहलाना शुरू किया और जैसे ही उसके हाथों ने मेरे लिंग को छुआ मुझे एक करंट सा लगा.

हम पति पत्नी हैं…मेरी आवाज शायद उस इंस्पेक्टर तक भी पहुँच गई, वो इंस्पेक्टर बोला- क्या बकवास हो रही है वहाँ??? यहाँ लेकर आ दोनों को…मैं दौड़कर उस इंस्पेक्टर के पास गया- सर हम दोनों पति पत्नी हैं और एक पार्टी से आ रहे हैं. पहले उसके पति ने बात की उसका नाम चेतन है और उसकी बीवी का नाम बहुत ही खूबसूरत है ‘प्रफुल्ला’यह नाम मुझे बहुत पसंद आया. कितने स्टाइल से परी सी विलायती छोकरियाँ लड़कों के केले से लम्बे लम्बे लण्डों को चुसड़-चुसड़ कर के चुस्सा मारती हैं और पलक झपकते लण्डों को अपनी गोरी-गोरी चूत और गाड में आसानी से सटक लेती हैं.

ससुरजी को भी इसमें कोई आपत्ति नजर नहीं आई, उन्होंने मुझसे पूछा तो मैंने थोड़ी टालमटोल करने के बाद लखनऊ जाने के लिए हाँ कर दी और उसी दिन शाम को ही ट्रेन पकड़ कर लखनऊ के लिए रवाना हो गए. कुछ करो … मुझे पता नहीं कुछ हो रहा है … आह्ह्ह्हहह्ह्ह्ह !”मेरे प्यारे पाठको और पाठिकाओ ! अब प्रेम मिलन का सही वक़्त आ गया था।कहानी जारी रहेगी !प्रेम गुरु नहीं बस प्रेम. मैं पूजा के ऊपर से उठा तो उसकी चूत से ढेर सारा कामरस बाहर निकला और उसके चूतड़ों से होता हुआ चादर पर गिर गया.

? हाँ वो मेमसाहब… वो तो वहाँ उसको 2-3 जने मिलकर… हा… हो… हो… हो…और मुँह दबाकर हंसने लगा…मैं उसकी ओर ध्यान ना देकर सीधे उस ओर बढ़ गया जिधर उसने इशारा किया था. सोनिया हंसने लगी और बोली- सायरा खान, तू तो सच में एक बाजारू कुतिया है, साली पक्की रंडी है तू!मैंने शर्म से आँखें झुका ली.

यह सोच कर कि मुझे इतने लोग इस हालत में देख रहे हैं जिनमें दो लड़के भी हैं, मैं उत्तेजित होने लगी, मुझे अन्दर ही अन्दर इस खेल में मजा आने लगा था.

इसके लिए अब मुझे मेरे पति कि गैरहाजरी में भरोसे का और पूरा संतुष्ट करने वाला पुरुष और उसका यह हथियार मिल गया था. माँ का जन्मदिन स्टेटस in englishसावन दुबेहम दोनों की जीभ कब आपस में अठखेलियाँ करने लगीं कुछ पता ही नहीं चला।कभी ऊपर वाले होंठ मेरे मुँह में तो कभी नीचे वाले होंठ। इसी बीच उसने भी मुझे पकड़ लिया था। कमरे में केवल पंखे और हमारी साँसों की आवाज़ सुनाई दे रही थी, मेरे हाथ उसके कूल्हों पर गया और मैंने उसको नज़दीक खींच लिया।‘अरे ये तो पूरी ताक़त से खड़ा है. हिंदी सेक्सी वीडियो समाचार!उसने भी मेरी बात को समझा और सामान्य हो गई।तब मैंने सोचा कि चलो इसके दिल की बात इसके मुँह से आज निकलवा ही लेती हूँ और फिर मैंने अपनी बातों में उसे उलझाने की कोशिश शुरू कर दी।कुछ देर तो वो मासूम बनने का ढोंग करती रही पर मैं उसकी बचपन की सहेली हूँ इसलिए उसका नाटक ज्यादा देर नहीं चला और उसने साफ़ कबूल कर लिया कि उसे भी किसी मर्द की जरुरत है जो उसके साथ समय बिताए… उसे प्यार करे. अब तो वो अपनी जीभ मेरे मुँह के अन्दर तक जितना ले जा सकती थी ले जा रही थी और कभी मेरी जीभ को अपने होंठों से पकड़ कर अपने मुँह के अन्दर ले जाती.

लेकिन मेरा नज़रिया अब बदल गया था, जैसे ही बहन मुझसे लिपटी मैंने अपना हाथ नीचे ले जाकर उसकी गाण्ड पर रख दबा दिया.

रोयें खड़े हो जाते !बस यही सोचते हुए मैं निकल पड़ी, रास्ते में वो दोनों तैयार खड़े थे।हम नदी की ओर चल पड़े, रास्ते में हम बातें करते जा रहे थे।तभी विजय ने सुधा से पूछा- बताओ. पहले उसके पति ने बात की उसका नाम चेतन है और उसकी बीवी का नाम बहुत ही खूबसूरत है ‘प्रफुल्ला’यह नाम मुझे बहुत पसंद आया. आपी ने कहा- क्या कर रहा है?मैंने धीरे से बोला- गलत से लग गया!फिर मैं कमर पर मालिश करने लगा, फिर धीरे धीरे उनके कूल्हों पर मालिश करने लगा.

आशु जैनमेरा नाम आशु है, मैं एक 23 साल का नौजवान हूँ जिसके मन में सेक्स और प्यार को लेकर बहुत सारी भावनाए हैं। मैं दिखने में आकर्षक हूँ और मुझे लोगों से मिलना-जुलना पसंद है। मेरी इसी आदत का मुझे एक दिन बहुत बड़ा इनाम मिला जब मुझे वो मिली…!आप सोच रहे होंगे कि वो कौन. के दूसरे वर्ष में था। मेरे पड़ोस मे एक लड़की रहती थी और वो 12वीं में थी। उम्र 19 के आस-पास थी, पर लगती कॉलेज की लड़कियों जैसी मस्त गोल-मटोल, अपनी माँ की तरह उस के बड़े-बड़े मम्मे, मस्त गोल-गोल कूल्हे, ऊँचाई साढ़े 5 फुट की रही होगी, पर देखते ही लण्ड खड़ा हो जाए. बाप रे…!’‘क्यों भाभी, भैया आपके साथ ये सब नहीं करते हैं?’‘तुझे क्या मतलब…? और तुझे शादी से पहले ऐसी फ़िल्में नहीं देखनी चाहिए।’‘लेकिन भाभी अगर शादी से पहले नहीं देखूँगा तो अनाड़ी न रह जाऊँगा। पता कैसे लगेगा कि शादी के बाद क्या किया जाता है।’‘तेरी बात तो सही है.

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आआअ…ह्ह्ह्ह… वो साली ही क्या जिसने अपने जीजा से मज़े ना लूटे हों!सुन कर मुझे उसके हिम्मत पर ख़ुशी हुई और आराम से उसके अंग अंग को देखते हुए चोदने लगा. बार बार रीटा राजू के लौडे को अपनी गाण्ड को भींच कर चूस सा देती थी तो राजू को अपनी नानी याद आ जाती थी. आशा ने कहा- यार मेरे घर पर तो फॅमिली है, कविता तेरे घर वाले बाहर गए हैं न, चल वहीं पे!कविता ने मना किया पर और कोई रास्ता भी नहीं था, हम कविता के घर चले गए.

मुझे खड़े हुए अभी कुछ ही देर हुई थी कि मुझे वो आती हुई दिखाई दी, उसने आज भी साड़ी पहनी थी और बिना बाहों का गहरे रंग का ब्लाऊज पहना था जिसमें मुझे उसकी चूचियों की गोलाई का साफ़ पता चल रहा था.

मर गई… छोड़ दे राजू फट जाएगी… उई…धीरे राजा… अभी और कितना बाकी है? निकाल ले राजू, अपनी ही भाभी को चोद रहा है।’मैं भाभी की चूचियों को मसलते हुए बोला- अभी तो आधा ही गया है भाभी, एक बार पूरा डालने दो, फिर निकाल लूँगा।’‘हे राम.

!बोला- क्या तुम पूरी जिंदगी ऐसे ही मुझे प्यार करती रहोगी? हर जगह मेरा साथ दोगी?मैंने उससे वादा किया- हाँ. मुझे भी अपने ऊपर शर्म आ रही थी, मैंने सोचा कि उससे बात करूँ कि यह सब बस भावावेश में हो गया और मैं उसके पीछे हो लिया. सीबीटी सेक्सी वीडियोरीटा के फूल से नादान हाथों की गरमी और नरमी पा कर राजू को लण्ड ने कम्पकपा कर झरझरा कर थोड़ा सा पानी छोड़ दिया.

आज तेरी चूत की भोसड़ा न बना दूं तो कहना !’ चचा हांफ़ते हुए घचाघच धक्के लगाते हुए बोले।‘अहमद चचा… आप मार डालो मुझे चोद चोद के. ज़ालिम राजू ने आखिरी कमरा हिला देने वाले आटोमिक धक्के रीटा सम्भाल ना पाई और दोनों चूदाई करते करते कारपेट पर ढेर हो गए. ’‘अरे मेरी बुलबुल ! तुम्हें मरने कौन साला देगा। एक बार गांड मरवा लो जन्नत का मज़ा आ जाएगा तुम्हें भी। सच कहता हूँ तुम्हारी कसी हुई कुंवारी गांड के लिए तो मैं मरने के बाद ही कब्र से उठ कर आ जाऊँगा.

आ जाओ।उसे बाँहों में ले लिया और उसे लिए हुए खाने की मेज पर आ गया। खाने की मेज पर कुछ सामान रखा था।रानी ने सामान को अलग कर दिया और वहीं गोल टेबल पर बैठ गई।रणजीत ने भी उससे चिपक कर उसके बालों को सहलाते हुए कहा- बोलो डार्लिंग, क्या बात है बहुत गर्म दिख रही हो. भाभी ने मुझे तैयार होने को कहा, मैं तैयार हो रही थी, आदिल मेरे कमरे में आ गया, मैं पेंटी ब्रा में थी, वो मुझे देखने लगा.

‘भईया मेरी लाल लाल अच्छी लग रही है नाऽऽऽ?’ राजू की आँखों को अपने नंगे शवाब पर चिपकी देख रीटा शरारत से थोड़ा ठहर कर बोली- नेलपालिश!’और खिलखिला कर हंस दी.

और एक बात तो है दोस्तो की अगर कोई औरत जब हमारे सामने चुदने को खड़ी हो तो हमें तो बस वो ही दिखाई देती है. एक बार चूसोगी तो बार-बार मांगोगी।उसने मेरा लंड अपने मुँह में डाला, लेकिन सिर्फ सुपाड़ा ही लिया।मैंने उसके बाल पकड़कर झटके से चार इंच अन्दर घुसेड़ दिया। तो वो ‘गोंग-गोंग’ करने लगी और अपना सिर छुटाकर बोली- गले में लग रहा है।मैंने कहा- जानू प्यार से लो, पूरा अन्दर आ जाएगा।फिर वो धीरे-धीरे मेरे लंड को चूसने लगी और जितना भी अन्दर ले सकती थी. तुझे कुँवारी तो रहना ही नहीं था… फिर हम भी तो यहाँ 15 साल से काम पर हैं। हमार घरवाली मरने के बाद तो हम यहीं है ना !’रामदीन की बात सुन मैंने कहा- नहीं कभी नहीं.

सेक्सी चुदाई हिंदी में देसी !’मैंने आईना नीचे रख दिया, अब होंठ उसके भी काँप रहे थे और मेरे भी। हिम्मत करके होंठों को होंठों से मिलाया और हाथ को हल्के से उसकी कमर में डाला। शायद वो भी मेरे होंठ का इंतज़ार कर रही थी। हम दोनों की जीभ कब आपस में अठखेलियाँ करने लगीं कुछ पता ही नहीं चला।कहानी जारी रहेगी।आपके विचारों का स्वागत है।[emailprotected]. हाँ मेरी प्यारी बेटी ! आओ मैं तुम्हें सब ठीक से समझाता हूँ !” कह कर उन्होंने मुझे अपनी बाहों में भर कर चूम लिया और फिर मुझे अपने से चिपकाये हुए अपने कमरे में ले आये।बेटी मैं तो कब से तुम्हें सारी बातें समझाना चाहता था। देखो ! सभी लड़कियों को शादी से पहले यह सब सीख लेना चाहिए। मैं तो कहता हूँ इसकी ट्रेनिंग भी कर लेनी चाहिए।”किसकी.

करीब दस मिनट तक मैं उन्ही के ऊपर लेटा रहा फिर हम दोनों जाकर एक साथ स्नान करने लगे तो फिर से मेरा लंड खड़ा होने लगा. क्यूँ तड़पती रहती है !रीना- चल हट… ये आज कल के लड़कों में कहाँ दम है ! मैं तो अपनी बुर का मुहूर्त किसी तगड़े लौड़े से करवाउंगी, जिस दिन वो मेरे सामने आएगा मैं अपने आप उसको पकड़ लूँगी !गीता- यार अब तगड़ा लौड़ा कहाँ से आएगा और तूने कौन सा लड़कों का देखा है, जो तुझे बड़ा पता है कि उनका तगड़ा नहीं है !रीना- हा हा हा एक बात बताऊँ. दिल कर रहा था कि वहीं रसोई में नाइटी उठाकर दीदी को चोद दूँ।खैर मैंने अपनी योजना पर कम करना शुरू किया.

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मैं दर्द से कराहती हुई उठी तो अपनी योनि को हाथ लगा कर देखा, उसमें से वीर्य में सना खून मुझे दिखाई दिया।मैं डर गई और एक तरफ हो कर देखा तो बिस्तर पर भी खून का दाग लगा था, वैसे तो पूरा बिस्तर गन्दा हो गया था, जहाँ-तहाँ वीर्य. अब मुझे नींद आ रही है तो अब मैं अपनी नाइट ड्रेस पहन कर सोने जा रही हूँ।हाँ, अगर तुम मेरे बारे में कुछ भी जानना चाहते हो तो इस पेज के नीचे आख़िर में ‘फ्रेंडशिप ज़ोन’ सेक्शन में पूछ सकते हो. आधी पैंटी उठाई और मुझे झुकने को कहा…तीन चार फोटो उठाई गई…मोहित- ब्रेक… इनको टावल दो… दो कॉफ़ी मंगवाओ…मैं चुपचाप टावल लपेट कर बैठ गई मोहित सर मेरे पास आये.

लेती हूँ ना…’मैंने सुरेश का लंड अपने मुँह में ले लिया।‘अह अहह आपका लंड तो बहुत ही टेस्टी है।’‘सुरेश मेरी जान मैं तो इस लंड से रोज ही चुदवाऊँगी।’‘अहह हाँ. राजू की चीख सुन कर उत्तेजित रीटा ने लण्ड पर अपना मुँह आगे पीछे करने लगी, तो राजू ने घस्से मार मार का रीटा के सुन्दर मुख को चोदना शुरू कर दिया.

वो भी मेरे धक्कों की लय में अपनी कमर हिलाने लगी थी… मैं अब अपने धक्कों की गति बढ़ा रहा था और उसकी भी गति मेरे धक्कों के साथ बढ़ रही थी…अचानक इशानी ने मुझे कस कर जकड़ लिया और कहा- जान मुझे कुछ हो रहा है.

’ रूम सर्विस वेटर को डिस्टर्ब न करने की हिदायत मैंने दे दी।उसके तुरंत बाद मैंने उसे अपने आगोश में ले लिया।मैंने कहा- साल भर से तुम पर मेरी निगाह थी, अब बाँहों में आई हो। आज तो तुम्हारी बेदर्दी से चुदाई करूँगा।सुनन्दा बोली- मैं भी दो साल से प्यासी हूँ, क्योंकि दो साल पहले मेरा पति से तलाक हो गया था।मैंने कहा- ओह. मैंने उसे समझाया कि मुझे जो कुछ भी ब्लू फ्लिम्स देखने तथा दोस्तों से पता चला था उसके अनुसार करने से उसे कोई भी दिक्कत नहीं होने दूंगा. अच्छा हुआ मैंने मुँह से करने के लिए ही ‘हाँ’ की है।मैंने भी उसकी ‘हाँ’ में ‘हाँ’ मिलाई और मन ही मन सोचा कि ‘बेटा रुक जा आज इसी लौड़े से तेरी चूत और गाण्ड दोनों मारूँगा और ऐसे मारूँगा कि तुझे इसका नशा सा हो जाएगा, फिर तू ही मेरे आगे हाथ जोड़ेगी कि चोद लो.

मैं बाथरूम में पेशाब करने बैठी तो प्रिया ने मेरी टाँगें चौड़ी करके खोल दीं ताकि वो ठीक से मेरी नंगी चूत से पेशाब निकलते हुए देख सके. ”‘पूरा अन्दर चला गया…?’ उसने फिर से दोहराया और उठ कर देखने की कोशिश करने लगी।‘हाँ… देखो न।’ मैंने उठने में उसकी मदद करते हुए कहा।‘कितना अजीब है न. मसल दो मुझे !” विनायक मेरे बदन के हर हिस्से को होंठों से चूम रहा था, हाथों से मसल रहा था और मैं आनन्द से उसकी बाँहों में सिसक रही थी, मचल रही थी.

जिज्ञासावश ही वो कमोड से उठकर आगे बढ़ी, उसकी कच्छी जब पैरों में फ़ंसी तो अपनी कच्छी को भी पैरों से निकाल अलग कर दिया।फिर वो उसी दरवाजे की ओर गई जहाँ से मैं अभी कुछ देर पहले सलोनी को चुदवाते हुए देख रहा था।मैंने पहली बार उसकी आवाज सुनी- ओह गॉड… यह क्या… डैड तो सलोनी भाभी को चोद रहे हैं… घर में इतने मेहमान हैं.

सेक्सी इंडियन बीएफ फिल्म: !मैंने उसे फिर से प्यार से चूमा और कहा- मैं तुम्हें हमेशा ऐसे ही प्यार करूँगा।बीस-पच्चीस धक्के लगाने के बाद मैं चरम सीमा पर पहुँच गया। मैंने ज़ोर-ज़ोर से पूरी ताकत से चोदना शुरू किया।वो ‘आ. !उसने फिर से चुम्बन किया, उसके चुम्बन मुझे दीवाना बना रहे थे।फिर वो बोला- एक बात पूछूँ?मैंने कहा- पूछो ना मेरे राजा.

सिर्फ़ वही दिखती थी।आखिर वो दिन आ ही गया जब उसने मुझे अपने घर बुलाया बात करने के लिए। एक बात बताऊँ वो मेरी सीनियर थी, मेरी गांड फ़ट रही थी कि कहीं मेरे घर में बता न दे।मैं एक टॉपर स्टूडेन्ट था इसलिए मेरे सभी इज़्ज़त करते थे। मैं उसके दरवाजे पर पहुँचा तो मुझे 104 डिग्री बुखार था।उसके छोटे भाई ने मुझे कागज़ का एक टुकड़ा दिया और बोला- दीदी ने आपको देने को कहा है।उस पर लिखा था- आई लव यू. अमर जब थोड़े नरम हुए तो कहा- तो सुहागरात कैसी लगी?मैंने उनसे कहा- बहुत अच्छा लगा, ये सुहागरात मैं कभी नहीं भूलूँगी, आपने मेरी सील दुबारा तोड़ दी. हर प्रमोशन से पहलेडॉक्टरों ने मुझे खूब चोदा।आमतौर से लोगों के लंड का पानी 5 मिनट में ही निकल जाता है मगर मैंने पढ़ा था कि लंड को डालने के बाद रुक-रुक कर झटके दोलेकिन लड़की को चूमते-चाटते रहो.

आप बुरा न माने और लंच कर लें।मैंने उसकी तरफ देखा वो लज्जित महसूस कर रही थी।मैंने कहा- ठीक है, आगे से किसी को कुछ भी कहने से पहले सोच लेना.

पता नहीं ये सब सही भी है कि नहीं क्योंकि तुम मुझ से छोटे हो।मैंने उनको कहा- मैं आपसे छोटा हूँ पर मैं बच्चा नहीं हूँ. मुझे मज़ा आने लगा। मैं इसी स्वाद के लिए तड़प रहा था। मेरी जीभ उसकी गाण्ड के मुहाने के निचले कोने पर हरकत करती, फिर लपलपाती हुई ऊपर तक चली जाती।वरुण किसी बकरे की तरह कराह रहा था जिसे हलाल किया जा रहा हो। फर्क सिर्फ इतना था कि उसका कराहना मस्ती भरा था-अहह. मैं उसकी आँखों को चूम रहा था, फिर वो भी मुझे चूमने लगी।फिर मैंने और एक ज़ोर का धक्का लगाया, मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया।मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए, वो भी मेरा साथ देने लगी, वो मुझे बार-बार कहने लगी- मुझे ऐसे ही प्यार करते रहना.