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मैंने अंजू के मम्मे भी चुसे और सपना के मम्मे और गर्दन भी चूसी।फिर मैंने सपना की चूत को मुंह में लिया. मां बेटा सेक्सी पिक्चरलेकिन मुझे अपने अनुभव के आधार पर ये ज्यादा लग रहा था कि भाभी मेरी गोद में आ ही जाएंगी.

इस तरह प्यार करना शायरा के लिए नया था … पर मेरे साथ वो खुलकर प्यार करना चाहती थी. सेक्सी बघायचे व्हिडिओबाहर जोरदार बारिश हो रही थी जिस कारण उसकी आवाज पड़ोसियों के घर तक नहीं पहुंची.

मैंने उससे पूछा कि उसे मज़ा आया या नहीं?न्यासा बोली- राज कसम से बोलूं … तो मेरी ऐसी चुदाई कभी हुई ही नहीं … तुम लोग इतनी लम्बी चुदाई कैसे कर लेते हो … ओह माय गॉड.बीएफ सेक्सी छोटी-छोटी लड़कियों की: तभी अमित की आवाज आई- राजवीर जी, अगर आप फ्रेश हो गए हो तो आईये; आपका इंतजार हो रहा है.

जिस दिन मां गईं, उसके अगले दिन रविवार था और मेरी ऑफिस की छुट्टी थी.मैंने कैब मंगवा दी है!ज़ारा- ठीक है लेकिन खाना खाने के बाद मेरे पास फोन कर देना ताकि मैं भी खा लूं!मैं- कर दूंगा पक्का!ज़ारा चली गयी और रात करीब आठ बजे मैंने खाना मंगवा कर खाया और उसे बता दिया!वो पार्टी निबटाकर दस बजे वापस आयी!आते ही उसने मुझे बांहों में भर लिया!मैं- अरे जरा सब्र करो!ज़ारा- नहीं होता! इतनी देर दूर रही हूं आपसे!हम किस करने लगे.

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इसका नतीजा यह हुआ कि मैं चुत के दाने पर अपना थूक लगा कर डिल्डो से रगड़ने लगी.उसने हंस कर कहा- अच्छा जी, कौन सा गाना याद आ गया … ज़रा मुझे भी सुनाओ.

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शिवानी ने मुझसे कोई बहस नहीं की और बोली- ठीक है, यह तो तुम्हारा अपना निर्णय है, जो तुम चाहो वो ही करो.

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पर चारों बहुत खुश थे कि उनकी सेक्स लाइफ में एक रंगीला बदलाव आ गया था. वो शायद कुछ कहना चाहती थी मगर उसके दिल ने उसका साथ नहीं दिया और वो बस हल्का सा कुनकुनाकर रह गयी. शायरा की चुत मेरे लंड के वार को अब ज़्यादा देर तक सहन नहीं कर सकी और कुछ देर बाद ही उसका बदन अकड़ गया.

रात्रि के 11 बजे मुकेश और संगीता कमरे में बिलकुल नंगे बैठे एक दूसरे से खिलवाड़ कर रहे थे और चुदाई की तेज तेज कामुक सिसकारियों की आवाजें आ रही थीं. उनके मुँह से ये सुनकर मुझे बड़ी ख़ुशी मिली कि काफी दिनों बाद कोई अपनी भाषा में बात करने वाला मिला. मल्लिका शेरावत अब लेटी हुई थी और इमरान हाशमी उसकी जांघों को हाथों से सहला रहा था.

जैसे मैं उनकी चूत में उंगली डालता, तो वो ‘उह्ह्ह अह्ह उईई मां मार डाला रे …’ की मादक आवाजें निकाल देतीं. अब आगे फ्री हिंदी Xxx कहानी:सुगंधा भाभी सेक्सी स्माइल के साथ थोड़ा शर्मा रही थीं. मेरे ऐसा करने की वजह से दोनों निप्पलों पर मेरा आधा मुंह पहुँच रहा था क्यूंकि उनके स्तन बहुत बड़े थे.

मैं- तुम्हारा हज़्बेंड भी कभी मूवी दिखाने नहीं ले गया?वो- उसको तो पैसे कमाने से फुर्सत ही कहां है!मैं- क्यों तुमसे प्यार नहीं करता?वो- प्यार तो तब करे, जब पैसे कमाने से उसे फुर्सत हो. फिर मेरे पति मेरे पास आए और प्रीत के वीर्य से भरी हुई चूत में अपना लौड़ा डाल दिया.

मुझे अपना लण्ड ताड़ते हुए देखकर विजय बोला- मैंने सुमन दीदी को तुमसे दोस्ती करने के लिए पूछा था लेकिन तुमने सुमन दीदी को कोई रिप्लाई नहीं दिया?मैं बोली- तुम्हें दोस्ती मुझसे करनी थी या अपने दीदी से? अगर मुझसे दोस्ती करनी थी तो मुझसे पूछते! सुमन भाभी को क्यों पूछा?! और मैं उनको रिप्लाई क्यों दूं?विजय मेरा एक हाथ अपने दोनों हाथों तो मैं लेकर तपाक से बोला- तो ठीक है, तुमको ही पूछ लेता हूं.

मैंने सोचा कि यहाँ दिल्ली शहर में रहते हुए किसी जॉब की तलाश कर लूंगा.

मैं अपने पति के गले में कुत्ते का पट्टा डाल कर अक्सर उसे घर में यहां वहां घुमाती और उसे बताती कि कुत्ते कैसे बैठते हैं. नाभि के बाद मैंने कुछ देर बर्फ के टुकड़े को उसकी ब्रा के चारों तरफ घुमाया, फिर पैंटी लाइन के ऊपर कमर तक बर्फ रगड़ता रहा. इसलिए मैंने अब लास्ट के कुछ एक धक्के अपनी पूरी तेजी व ताकत से मारे और शायरा को कस कर अपनी बांहों में भींच लिया.

मैंने जगह देख कर पेशाब करने के बहाने से बाइक को रोका और उसी समय उसको शैतान के दर्शन करा दिए. वो- और वो किस लिए आ रहे थे?मैं- वो … वो … तो मैं बस ये देख रहा था कि आपकी लम्बाई मुझसे ज्यादा तो नहीं है. चूंकि मेरे मामा भी घर में रहते थे इसलिए मुझे कोई मौक़ा ही नहीं मिल पा रहा था.

अब मैं जोर जोर से सिसकारियां ले रही रही थी- अहह अंह … ओम्हा … उंहमाँ … और चूसो … मेरे बेटे … आह इतने दिन से तुझे क्यों नहीं पा सकी … आह.

रिचा की दीदी ने पलट कर पूछा- ये आपने किससे और कब ली थी?ठीक उसी वक्त रिचा की आवाज आई- दीदी, ये मेरे से लिए थे और बोले थे कि अगर कलर पसंद नहीं आया तो रिटर्न करके दूसरा ले लेंगे. वो पहले ही मेरे प्यार के नशे में थी, ऊपर से खुद के ही होंठों का रस मेरी जीभ से पीकर वो और भी नशीली हो गयी. संजू की चूत से लंड का बहुत सारा वीर्य निकल रहा था, जो काफी ज्यादा मात्रा में था और बहुत गाढ़ा था.

शिल्पा- तुम्हें क्या है … तुम तो मजे करके चले जाते हो … संभालना तो मुझे पड़ता है. शिल्पा उसके ऊपर से हट गई और राहुल उसकी गांड पर हाथ रखकर शिल्पा के साथ अन्दर कमरे में आ गया. भाई बोला- बंध्या, तू हांफ क्यों रही है?मैं बोली- वो जल्दी जल्दी दौड़ते हुए पानी लेने के लिए गई थी इसलिए हांफ रही हूं.

इस ऑफिस गर्ल सेक्स स्टोरी में थ्री-सम सेक्स कहानी का मजा भी आया था, जिसे आपकी इच्छा पर मैं लिखूंगा.

जब तुम चलती हो तो मेरा लन्ड खड़ा होने लगता है।फिर थोड़ी बातें करते करते समय बीत गया और मौसी भी आने वाली थी. पहले मैं मौनी पर ध्यान नहीं देता था क्योंकि मेरी कई गर्लफ्रेंड थीं और मेरे यार दोस्त भी बहुत थे.

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थोड़ी देर बाद उन्होंने खुद ही अपने आप को हल्का सा पीछे किया और दीवार का सहारा लेते हुई अधलेटी स्थिति में आ गयी.

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पार्क में मिली लड़की इतनी गर्म निकली कि वो जरा सी कोशिश में ही लंड के नीचे आ गयी. इसके बाद उसने मनोज से पूछा, तो मनोज ने कहा- सर, मैं आपके इस अहसान को कभी नहीं भूल सकता. फिर जैसे कि ज्यादातर हर लड़कियों वाला सवाल ‘ये बहुत बड़ा है, अन्दर नहीं जा पाएगा.

तो मैंने कहा- जब अन्धेरा हो जाता है तो चुत और लंड का एक ही रिश्ता होता है, उन दोनों को मॉम बेटा, बहन भाई कुछ नहीं समझ आता है. मैं नहीं चाहता था कि सीमा को यह पता लगे कि उसकी माँ भी इस खेल में पार्टनर है. देख मेरी चूत की क्या हालत की है तेरे लंड ने … पूरे बेड पर खून ही खून कर दिया।मैं- मेरी जान … आज का दिन ही तो खास है, यही पल तो तू याद करेगी कि कैसे मैंने तेरी कुंवारी चूत को फाड़ा था।हमको चुदाई करते हुए काफी देर हो गयी थी.

चाय का कप मुझे देकर मकान‌ मालकिन फिर से‌ शायरा की बगल में बैठ गईं और बात करना शुरू कर दी.

बाद में मैंने उससे पूछा- माहवारी कब आई थी?उसने सिसकी भरी आवाज में कहा- चार पांच दिन बाद आने वाली है. मैं ऐसा सोच ही रहा था कि मीरा ने मेरा लण्ड चूसना छोड़ दिया और पलक झपकते ही अपना गाऊन कमर तक उठाकर मेरी जाँघों पर सवार हो गई. मैं भी उसके पजामे में हाथ डाल कर उसके चूतड़ छूने की कोशिश कर रहा था.

अब तक आपने मेरी इस सेक्स कहानी में पढ़ा कि शिवानी ने मेरे कहने पर सागर को उकसा दिया कि वो मुझे चोद दे. मुझे सबसे पहले शायरा की चूत का ये डर ही ख़त्म करना था और इसके लिए पहले चूत से प्यार करना था, शायरा की चूत को खुश करना था, उसे अपना दीवाना बनाना था ताकि वो खुद ही मेरे लंड की सवारी करने को मचलने लगे. उसके बाद से 2 से 3 साल तक हम दोनों ने अलग अलग जगहों पर मिलकर चुदाई का आनन्द लिया.

पोर्न फिल्म और अन्तर्वासना की कहानियां देख पढ़कर मैं इतना समझदार हो गया था कि मुझे अपने इस ज्ञान को अब सही जगह इस्तेमाल करना था. मेरे ऐसा करने की वजह से दोनों निप्पलों पर मेरा आधा मुंह पहुँच रहा था क्यूंकि उनके स्तन बहुत बड़े थे.

मेरा लन्ड तो उसे देख कर ही खड़ा हो गया।वंदना- क्या बात जीजू, मुझे देख कर आप खुश नहीं हुए?मैं- अरे नहीं ऐसी बात नहीं है, बस मुझे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा।वंदना- वैसे आप यहां क्या कर रहे हो, शायद दीदी से मिलने आये थे।मैं- हाँ, हमने सोलन जाना था पर लगता वो घर पर कोई बहाना ना लगा पायी होगी. फिर अगले दिन फोन पर वो बोली- कल भाई ने मेरा फोन ले लिया था और मैं उस वजह से डर गयी थी कि कहीं तुम कॉल न कर दो!मैं बोला- पागल, मैंने कभी बिना तुम्हारे पूछे फोन किया है क्या तुम्हें?वो बोली- तो ठीक है, आज जब मैं तुम्हें फोन करके ऊपर बुलाऊंगी तो तब तुम उसी टाइम पर आ जाना. मैंने डिब्बे में दो ऊंगलियां डालकर घी लिया, घी अपने लण्ड पर चुपड़ दिया और घी से सनी ऊंगली रेखा की चूत में फेर दी.

मेरी आदत है जब मैं कहीं बाहर जाता हूं तो शराब साथ में जरूर लाता हूँ आज मेरे पास वोडका की दो बोतल थी।चियर्स बोल कर हमने दो दो पेग लगाए और नाश्ता करने के बाद एक सिगरेट लगाई और चल पड़े सोलन की ओर!थोड़ी दूर जाने के बाद वंदना बोली- जीजू, मुझे सुसु आयी है जरा कहीं साइड में गाड़ी रोक देना.

मैं अचानक सोच में पड़ गई कि घर पर 2 दिन रहना बहुत खतरनाक हो सकता है. मैं नए नए तरीके ढूंढ़ती रहती थी कि गुलामों को कैसे पेलते हैं और ग़ुलामों से कैसे बर्ताव करते हैं. जब इसकी चुदी चुत इतना मजा दे रही है, तो वो अगर कुंवारी होती तो कितना मजा देती?दोस्तो, मैं महेश एक बार फिर से अपनी सेक्स कहानी में आपको शायरा की चुत चुदाई का मजा देने के लिए हाजिर हूँ.

बस खूब अच्छे से स्तनों की चुसाई करके हम लोगों ने यह कार्यक्रम उस समय बंद कर दिया. उसने मेरे हाथ से केक का डिब्बा ले लिया और उसे खोल कर टेबल पर सजा दिया.

मैंने भी सोचा यह अच्छा हुआ … अब मैं खुल कर चुदवा सकती हूं।शादी तय होने के बाद वो मुझे चोदने के लिए बुला लेता था. उसके बाद से 2 से 3 साल तक हम दोनों ने अलग अलग जगहों पर मिलकर चुदाई का आनन्द लिया. उसकी उम्र 20-22 साल की रही होगी और लंड भी कोई खास लंबा मोटा नहीं था.

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नीचे अविना मुँह में से लंड बाहर निकाल कर नंगी होकर लंड के ऊपर बैठ गई और उसे मुझे पेलना आरम्भ कर दिया.

उसकी चुत के छेद पर अपने लंड को लगा कर मैंने एक हल्का सा झटका दिया, जो उसकी चुत के लिए कारगर साबित हुआ. जो शीना की दिल की बात थी, उसकी ख्वाहिश थी मेरे लण्ड से चुदवाने की … वह तो अब बहुत ही अच्छे से पूरी हो रही थी और मेरे तो हर तरह से मजे ही मजे थे. इसके बाद मेरे पति ने उनसे पूछा कि आप कितने किराए तक का मकान लेना पसंद करेंगे.

मैंने कहा- ठीक है … पर पटना से लखनऊ जाने के लिए समय और पैसे भी तो चाहिए होते हैं. लग रहा था … जैसे उसकी नजरें मेरी आंखों के पार देखना चाह रही थीं और मैं भी उसको देखे जा रहा था. देसी सेक्सी स्टोरी हिंदीवह सुबह ही मेरे पास आ गया- सर जी चलें?हम ऑटो से गए, वह एक कॉलेज की बिल्डिंग थी.

लेकिन मुझे अपने अनुभव के आधार पर ये ज्यादा लग रहा था कि भाभी मेरी गोद में आ ही जाएंगी. और उसने भी अपना सारा पानी मेरी चूत में ही निकाल दिया। मेरी चूत और मेरी जांघें हमारे पानी से एकदम सन गई थी।फिर उसने मुझे नीचे बैठने का इशारा किया और मैं नीचे बैठ गई।तो फिर उसने मुझे अपने लंड चूसने को कहा मैं अपने दोनों हाथों से पकड़ कर उसके लौड़े को चूसने लगी.

उस दिन घर में मेरे कुछ रिश्तेदार मेरी मां मेरा बेटा मैं और सुधा थे. अंतिम इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मुझे कहानी लिखने का समय बहुत कम मिलता है. मैंने बिना एक शब्द बोले, उसकी पतली कमर को जोर से पकड़ा और घपा घप करते हुए अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दी.

तभी उन्होंने अपना हाथ मेरी गांड से हटाकर मेरी चूत में लगा दिया जिससे मुझे जोर का झटका लगा. पहले तो हम दोनों ने खूब किस किए और अभिषेक ने मेरी शर्ट खोल कर मेरे दोनों चुचे खूब दबाए और चूसे. उन दोनों सेल्सगर्ल ने हमें अब एक से एक डिजाईन व कलर के पैंटी-ब्रा दिखाने शुरू कर दिए.

मैंने वासना वशीभूत होकर उसको अपनी तरफ हिम्मत करके खींच ही लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये.

मैंने इसी कमरे में उसकी खूब बजाई थी, जिसमें आप अभी मेरी मार रहे हो. सामान देखने के क्रम में वो मुझसे मेरी राय पूछ रहा था और मैं ‘हां, हूँ, ठीक है.

दो मिनट के अंदर ही दोनों एक दूसरे से लिपटने लगे और जोर जोर से होंठों से होंठों को काटने लगे. वो बोली- तो फिर क्या बात है?मैंने कहा- अगर मैं बता दूंगा तो आप मुझे यहां से भगा ही देंगे. वो …मैं- ये क्या, ये तो बहुत छोटे ले आई तुम!मैंने एक ब्रा को खोलकर देखते हुए कहा.

आओ तुम भी तो थोड़ी सी लो ना!पूजा न नुकर करने लगी लेकिन मेरे और अमित के जोर देने पर वो मान गयी. वो बोली- फिर?मैंने कहा- शायद उनके लिए यह सब रोज का काम हो गया था, पर मुझे जितना भी पता था, वो सिर्फ सेक्स वीडियो देखकर ही जान पाया था. जब संजना थक गई तो मैंने उससे कहा- मेरी जान, अब तुम मेरी घोड़ी बन जाओ.

बीएफ सेक्सी छोटी-छोटी लड़कियों की मैंने मालू के चूतड़ों के नीचे तकिया रखा, अपने लण्ड पर और मालू की चूत पर कोल्ड क्रीम लगाई और मालू की चूत के गुलाबी लबों को फैलाकर अपने लण्ड का सुपारा रख दिया. बाकी बाद में!इतना बोलकर मैं उनसे दूर हट गयी और दूर जाकर मुस्कुराने लगी.

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पर कहीं न कहीं मैं तैयार थी क्योंकि पहली बार मुझे ऐसे किसी ने प्रोपोज किया था। जवानी के जोश का मजा मैं अंकल के साथ लेने को तैयार ही थी. किंतु मेरे लिए अब जीवन में उत्साह लाने का यही एकमात्र रास्ता नज़र आ रहा था. कुछ देर तक लंड रगड़ने के बाद उसकी चुत से योनिरस का तेज़ प्रवाह होने लगा, जिसे मैं चखता चला गया.

जैसे-जैसे संजना धक्के दे रही थी, वैसे वैसे उसकी खूबसूरत काया मुझे अब उसकी तरफ आकर्षित कर रही थी. मैं अपने एक हाथ से उनको मसल रहा था, तो मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था, जैसे मुझे हवा मुझे कहीं उड़ाए लिए जा रही है. हिंदी सेक्सी पिक्चर डाउनलोड वीडियो” बेचारी गौरी के पास अब रूपगर्विता मुस्कान के सिवा और क्या बचा था।मैंने बातों का सिलसिला जारी रखते हुए कहा- गौरी, तुमने कोई सैल्फी ली या नहीं?मेले पास मोबाइल थोड़े ही है तैसे लेती? हाँ दीदी ने अपने साथ मेली 4-5 सैल्फी जलूल ली थी.

मैं धक्के लगते हुए झुका और उसके चुचों को चूसने लगा।वो मजे में अपना निचला होंठ को साइड से अपने दांतों से काटने लगी और मस्ती से अपनी आंखें बंद कर ली.

मैं तो सच में सिसकारियाँ निकालने लगा था अब …जितना मज़ा मुझे उनकी चुदाई में नहीं आ रहा था उससे कई ज्यादा मज़ा अब मुझे उन दोनों की चुसाई की वजह से आ रहा था. तेज आवाज से आसपास के लोगों को डिस्टर्ब भी हो सकता था और लोगों को किसी बात की गलतफहमी भी हो सकती थी.

दोस्तों मेरी हालत उठने लायक नहीं रह गई थी, इसलिए मैं थोड़ी देर आराम करने लगी. लेकिन मैंने अपने प्यार को उपहार में चूत देना तय कर लिया था इसलिए दर्द सहते हुए मैं उसके लंड पर बैठ गयी. चलो निकलो यहां से!बिना कुछ बोले मैंने उसको बाहर का रास्ता दिखा दिया.

मकान मालकिन- तो क्या हुआ? अब पढ़ना है तो इतना तो करना ही पड़ेगा! और घरवालों की याद किसको नहीं आती.

अपने हाथों चाची के शरीर पर हर जगह मम्मों पर, गांड के छेद पर, चूतड़ों पर, पेट पर पीठ पे, जांघों पर मतलब सब जगह तेल मल दिया. जाहिर था कि हम दोनों ही एक दूसरे की बीवी को ही निहार रहे थे और फिर जब वह मोनोकिनी(वन पीस बिकिनी जिसमें थोड़ा बदन धक जाता है. मगर मुझे क्या पता था कि आज मुझे इससे ज्यादा और भी कुछ मिलने वाला था.

देवर भाभी के भोजपुरी सेक्सी वीडियोनारीयल के जितनी बड़ी चुची थी भाभी की जो मेरी हथेली में पूरी समा भी नहीं रही थी. उसने मेरे पीहर से थोड़ी ही दूर पर मकान किराए पर ले रखा था जिसमें वह अकेला रहता था और जोधपुर में ही रहकर जॉब करता था.

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वो रोज मेरी तरफ ऐसे देखता था जैसे अक्सर लड़की को पटाने वाले लड़के देखते हैं. उसने मुझे देखकर आज अपना मुँह नहीं बनाया बल्कि मेरी तरफ देखते हुए कहा- वो कल रात को लिए थैंक्स. अब मैं झड़ने वाला था तो मैंने कहा- मामी लंड का माल कहां निकालूं?मामी बोलीं- जहां मन करे राजा … निकाल दो.

उसके इस तरह से लंड चूसे जाने से मैं भी आश्चर्य में था कि इसने पूरा लंड मुँह के अन्दर कैसे ले लिया. कभी होंठों पर, कभी गाल पर, कभी कान पर, कभी गरदन पर … मैंने उसे बहुत चूमा … सच में बड़ा मज़ा आ रहा था. काफी देर तक ट्राई करने के बाद मैंने सोचा कि शायद इसने भी मुझे चूतिया बना दिया.

रोज रोज अन्तर्वासना पर कहानी पढ़कर मेरी भी वासना बढ़ गयी जिसके कारण मुझे भी अपनी कहानी लिखने की इच्छा हुई. फिर 1 दिन हम दोनों अपनी बालकनी में खड़े होकर बात कर रहे थे तो उन्होंने मुझसे मेरे बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा. दोस्तो, उसके बाद हमारे जीवन में एक नया मोड़ आ गया, हमारा जीवन नये उत्साह उमंग और खुशियों से भर गया.

आप लोगों के सामने में अपनी नई सेक्स कहानी लेकर दोबारा आऊंगा, जब मेरी मॉम और एक जिम के मालिक के बीच चुदाई हुई. और हाँ जनाब … फ़ोटो अपने हथियार की ही भेजना, दूसरे के हथियार से अपनी मर्दानगी साबित मत करना।चलो! आपको ज्यादा बोर नहीं करते हुए सीधा कहानी पर आती हूं.

मैंने चाचा को फ़ोन लगाया, तो चाचा पूछने लगे कि अभी तक घर क्यों नहीं आए.

मैंने सर पीछे करके किस किया और कहा- मार ली अपनी मम्मी की गांड … अब मैं आज से तुम्हारी हो गई हूं … तुम जब चाहो तब अपनी इस माँ को चोद सकते हो. सेक्सी पिक्चर सेक्स करते हुए वीडियोहमारी बेटी ही थी, जिसकी वजह से हम दोनों एक दूसरे का साथ निभा रहे थे. सेक्सी वीडियो डीजे कामैंने उनको पांच-पांच सौ के दो नोट थमा दिये और उनको कहा कि जाकर बीयर ले आएं. दोस्तो, मेरी और शायरा की प्रेम कहानी को एक सेक्स कहानी के रूप में लिख कर मुझे बेहद रोमांच हो रहा है.

सुनाई दी।मैंने कुछ देर लन्ड डाले रखा।2 मिनट बाद मैंने लन्ड निकाल कर फिर अंदर डाला।फिर हर झटके में 1 से.

माँ बेटी की चुदाई कहानी में पढ़ें कि मेरे अपाहिज दोस्त की जवान बेटी को दौरे पड़ते थे. पर इसका मतलब यह तो नहीं कि इतना बेदर्दी से लूँ?? प्यार से लेना था मुझे … पर तेरे जैसी कुत्तिया अगर हो तो क्या करेंगे? पर मैं चार्ली के लिए हर एक तकलीफ उठाने के लिए राजी हूं. फिर मैंने उससे बोला- गर्मी बहुत हो रही है न … क्यों ना ठंडा ठंडा शॉवर लिया जाए.

उसकी पोजीशन अब ऐसी हो गई थी कि उसका एक पिछवाड़ा सीट पर था और एक पिछवाड़ा ड्राइवर साइड में हवा में था. मैंने उससे ऐसे जवाब की उम्मीद नहीं की थी, लेकिन इतने में वो औरत बोली कि तू भी 500 रुपए देगा, तो मजे कर सकता है. अंकल धीरे धीरे मॉम के बदन को चूसने लगे और उनकी पैंटी के ऊपर से चुत को सूंघने लगे.

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जब से मैं और पिंकी पकड़े गये थे तब से मैं उनके घर नहीं जाता था, मगर अब तो मैंने उनके घर भी जाना शुरु कर दिया। हालांकि पिंकी की मम्मी यानि स्वाति भाभी की सास मुझे अब भी पसंद नहीं करती थी. फिर मैंने एक जोर का झटका दिया, अब मेरी दो उंगलियां उसकी चूत में जा चुकी थीं. पर अगर पिंकी तुम अपने और मेरे संबंध अच्छे रखना चाहती हो, तो अब ये सब बंद कर दो.

अगले दिन मेरा पति बहुत खुश था क्योंकि उसका काम, जो बहुत दिनों से अटका पड़ा था, मनोज के एक फोन से हो गया.

मैं 15-20 धक्के जोर जोर से लगाते हुए उनकी चूत में ही झड़ गया और उनके ऊपर लेट गया.

मामी की चूत एकदम गीली हो गयी थी उनके मुँह से कामुक सिसकारियां निकलने लगी थीं- आअह्ह … उन्हह हहहह … चोदो मुझे मेरे राजा … मेरी चूत फाड़ दो … अब बर्दाश्त नहीं हो रहा जान … मेरी चूत में अपना लंड डाल दो … आह मेरा पानी निकलने वाला है … आह फाड़ दो मेरी चूत को. उसके बाद मेरा इनके घर कभी आना नहीं हुआ और अब उन बातों को 8 साल बीत गये थे. सेक्सी हिंदी में हिंदी में हिंदी मेंफिर अगले दिन फोन पर वो बोली- कल भाई ने मेरा फोन ले लिया था और मैं उस वजह से डर गयी थी कि कहीं तुम कॉल न कर दो!मैं बोला- पागल, मैंने कभी बिना तुम्हारे पूछे फोन किया है क्या तुम्हें?वो बोली- तो ठीक है, आज जब मैं तुम्हें फोन करके ऊपर बुलाऊंगी तो तब तुम उसी टाइम पर आ जाना.

मेरा लौड़ा भाभी की चुत में बहुत टाइट जा रहा था, ऐसा लग रहा था कि भाभी अभी तक सही से चुदी नहीं थी. वो लगी लंड पर उछलने और मेरे हाथ पकड़कर अपनी चूचियों पर रख दिये तो मैं उसकी चूचियां दबाने लगा. विक्रम संजू को अपने आगोश में लेकर उसके पूरे जिस्म को चूम और चाट रहा था.

ऐसा नहीं था कि भाई साहब केवल मेरे लंड से ही गांड मरवाते थे, वे मेरी गांड भी मारते थे. वहां मेरी मजबूरी थी लेकिन घर में मैं मां के रहते हुए किसी गैर मर्द से चुदाई नहीं करवा सकती.

वो कराहती हुई बोली- आप तो बोल रहे थे कि ये जैल लगाने से दर्द कम होगा.

नीरू अब बिल्कुल ठीक हो गयी थी, उसकी गांड का दर्द अब ना के बराबर था. उस दिन हमारी इच्छा अधूरी रह गई पर हमने मज़े को पूरा किया, जल्द ही हमने अपनी अधूरी इच्छा पूरी की. करीब पांच मिनट बाद राहुल ने शिल्पा को रोक दिया और उसके बाकी के कपड़े निकलाने को बोला.

सेक्सी हिंदी सेक्सी हिंदी हिंदी सेक्सी मैंने मुक्के चलाये, उसको नौंचा, लेकिन उनके ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ रहा था. अगले भाग में चाची की बड़ी बहन परवीन आंटी को कैसे पटाया और कैसे चोदा … ये सब जानिए.

थोड़ी देर की अठखेलियों के बाद रेखा ने मेरा लण्ड अपने मुंह में ले लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. प्रियंका- मेरी जान अब शर्माना छोड़ भी दे … साली हम दोनों को पूरी रात नंगी चुदवाने का प्रोग्राम है. आपको मेरे बिस्तर में भाबी की गर्म जवानी कैसी लगी, कमेंट्स में जरूर लिखें.

सगी माँ की चुदाई

अब मैं एक हार्डवेयर के स्टोर पर गयी और मैंने वहां से एक डक्ट टेप, नायलॉन की रस्सियां, मोमबत्ती और कुछ क्लिप ले लीं. मुझे उसकी गांड बहुत अच्छी लगती थी।वो उसकी 2 सहेलियों के साथ रतलाम में रहती थी. मैंने भी सोच लिया था कि आज इनको सेक्स और प्यार का वो मजा दिलाऊंगा कि यह कभी भूल नहीं पाएंगी.

फिर वो मेरे पूरे पेट को चूमते हुए मेरी नाभि तक आया और उसके कुछ देर बाद उसने मुझे सबसे आगे वाली टेबल पर बिठा कर मेरी स्कर्ट को उतार दिया. दस मिनट तक गांड मारने के बाद मैंने लंडरस कंडोम में निकाला और अलग हो गया.

अंदर दाखिल होकर नवीन ने कहा- यस मैडम!सबसे पहले मैंने उसको आंखें बंद करने के लिए कह दिया.

कोई जगह तलाशो, जिधर इसकी अकड़ खत्म करने वाली गुफा ही इसका इलाज करेगी. मेरा लंड उसकी चूत में कैसे घुसा?मेरा नाम रुद्र है और उस लड़की का नाम शालया (बदला) है, जिसकी Xxx नर्स सेक्स कहानी मैं लिख रहा हूँ. मैं गाड़ी से उतर कर दुकान से एक लिम्का की बोतल एक गिलास ओर कुछ खाने को ले आया।वंदना- क्या जीजू एक ही गिलास लाये, आप किसमें पियोगे?यह बोल कर वो आंख मार कर हँसने लगी।मैं एक गिलास और ले आया.

मुकेश- सच यार … तुम क्या लंड चूसती हो … आआह बस ऐसे ही चूस … मेरे दिल की रानी … आह मजा आ गया. शायरा झेंप गयी थी इसलिए उसने हकलाते हुए कहा और दूसरी तरफ देखने लगी. मैंने अपने टॉप को भी उतार दिया और अपने चूचे आगे करके उसके मुंह पर रख दिये.

इतने के बाद विक्रम ने आव देखा ना ताव, संजू को अपनी गोद में उठा लिया और उसे अपने रूम में ले गया.

बीएफ सेक्सी छोटी-छोटी लड़कियों की: जल्दी ही उसका पानी निकल गया और लंड सुगमता से चुत में अन्दर बाहर होने लगा. इसके बाद पिंकी उठी और बोली- तुम दोनों ने आज मेरी चूत को इतना भर दिया है कि अब हफ्ते भर तक इसमें से ये टपकेगा.

हमने बाइक पर जाने का ही प्लान किया था इसलिए हम बाइक लेकर गंगरेल डैम के लिए निकल गये. अपने दोनों हाथ मेरे पीछे लेजा कर ब्रा की हुक भी उन्होंने खोल दी और मेरे दूध आजाद होकर उनके सामने तन गए. अब मुझे दर्द हो रहा था और मैंने दिव्या को आगे आने के लिए इशारा कर दिया.

चाची- मार ही देगा मुझे? क्या खाता है, इतनी ताकत है तेरे में … साले सांड.

दोस्तो, आगे की कहानी में आपको ये बताऊँगी कि कैसे रीमा और उसका ब्वॉयफ्रेंड चुत चुदाई का खेल खेल रहे थे. आपको मेरी ये सेक्स कहानी कैसी लग रही है, प्लीज़ मुझे मेल करके जरूर बताएं. मैं- चोदो मुझे … जोर से! आह्ह … चोदो!रोशिता- जान … तेरी गांड आज फाड़ देनी है मैंने!मैं- अब तो ये तुम्हारी है मेरे दूल्हे राजा.