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मेरी जिंदगी का पहला चुम्बन, जिसे मैंने सिर्फ किताबों में देखा या पढ़ा था और एक बार अंकल को ही आंटी को करते हुए देखा था. सेक्सी फलसाहिल- हम्म … और वो झारखण्ड वाले अंकल का क्या हुआ?हीना- आपको कैसे पता मामा?साहिल- अरमान ने ही बताया था.

सीमा- ये क्यो जानू … क्या जान लेने का इरादा है?मैं- ऐसा ही समझो मेरी जान. बॉडी मसाजमैं ज्यादा तारीफ नहीं करता औरत की तो बस इतना बोला- जैसा आपने खुद को फोन पे बोला था आप वैसी ही हैं.

एक रात मैं लेट के मोबाइल चला रहा था, तभी मुझे किसी के रोने की आवाज़ सुनाई दी.हिंदी में बीएफ हिंदी में एचडी: बाहर मौसम और अधिक रौद्र रूप इख्तियार कर चुका था, आसमान पर काले बादलों की सेना ने आसमान में धीरे-धीरे स्थायी किलेबंदी कर ली थी, लगता था कि आज शाम ही बारिश आएगी.

चूंकि आज आंटी के चूचे मेरी पीठ पर टच हो गये थे इसलिए लंड बार-बार उनके बारे में अहसास करके खड़ा हो रहा था.मैं हड़बड़ाते हुए कहने लगा- नहीं भाबी … वो तो मैं ऐसे ही बस कपड़े सुखाने आया था.

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जैसे ही गाड़ी कानपुर की सीमा में पहुंची तो मैंने ड्राइवर को छोड़ दिया और थोड़ी देर बाद घर पहुंच गये.अंकल अभी भी उसके ऊपर लेटे हुए थे और उनका सोया हुआ लंड मेरी मां की चूत को छू रहा था.

आपके मेल मिलने के बाद मैं अपने जीवन की दूसरी कहानी भी आपके सामने रखना चाहूँगा. हिंदी में बीएफ हिंदी में एचडी वो मेरे लंड को पकड़ कर अपने मुँह में लेने लगी- मैं बिना लंड लिये पहली बार इतना झड़ी.

लेकिन अगर वो अपने पति से संतुष्ट नहीं है तो भले ही चार दिवारी में बंद कर दो वो कुछ भी करके लण्ड ले ही लेगी।दोस्तो, आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी मुझे बताना जरूर.

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उसने बताया कि कॉलेज की पढ़ाई पूरी होते ही उसकी शादी हो गयी थी और उसके हस्बैंड मुम्बई में एक फार्मा कम्पनी में जॉब करते हैं. मुझे छेड़ते हुए बोली- तुम तो लड़कियों जैसे हो … कभी मेरे को टच करने की कोशिश भी नहीं की तुमने … मैंने तुम्हारे करीब आने क़े कितने हिंट दिए तुम्हें. भोला के लंड से चुदते हुए मैं मजा ले रही थी और भोला ठाकुर मेरी चूत में अपने मोटे लंड को पेलता जा रहा था.

मेरी नाक से सांस लेने में भी मुझे परेशानी होने लगी लेकिन भाभी ने कस कर मुझे दबाया हुआ था. तभी मेरी बीवी राधिका ने मुझसे कहा- हम सभी ने बहुत रंग लगा लिया है, अब हम सब बैठ कर ताश खेलते हैं. लेकिन मुझे अभी लन्दन जाना है, तो मैं और मधु आपके यहाँ रोज नहीं आ सकते हैं.

… बहुत बड़े चोदू हो तुम … मुझे तो उम्मीद ही नहीं थी कि तुम ऐसी चुदाई करोगे कि एक ही बार में मेरी हालत खराब कर दोगे. मैं नहाकर आती हूं।मैं बाथरूम के सामने ही कुर्सी लगा कर बैठ गया।भाभी- अरे यहां क्यों बैठे हो? बरामदे में बैठो न?मैंने कहा- भाभी आप नहा लो न। नहलाने तो आप दे नहीं रही हो। तुम्हें नहाते हुए ही देख लूं।हट बेशर्म!” भाभी ने झेंपते हुए जवाब दिया।मैं- भाभी प्लीज़, बहुत दिन हो गए हैं किसी को नहाते हुए नहीं देखा। तुमसे दूर तो बैठा हूँ. मैंने इशारा किया- क्या हुआ?तो उसने कुछ लिखकर चारों तरफ देखकर एक कागज मेरी तरफ फेंक दिया.

मैंने कहा- वाओ मामी … कभी उसके साथ एंजाय किया या नहीं?मामी बोलीं- हां किया है. मेरे बारे में बता दूँ कि मैं पतला और लंबा इंसान हूँ और लंड भी ठीक ठाक है.

लेकिन मेरा मानना है कि लंड की लंबाई से सेक्स के दौरान कोई फर्क नहीं पड़ता है.

मेरी माँ दूध देने के लिए दूसरे कमरे में गईं, तो अनुषी ने मुझे चकोटी काट ली और बोली- क्या देखना भी भूल गया?तभी मेरी माँ आ गई.

बेबी को बेड पर लिटाकर मैंने उसके निप्पल चूसने शुरू कर दिये और चूत सहलाने लगा. लगभग दस मिनट ऐसे ही कुर्सी पर मेरी चुदाई करने के बाद उसने मुझे नीचे फर्श पर बैठा दिया और अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया. अब मैंने पूनम से कहा- मैं अंदर ही डाल दूंगा।उसने कहा- ठीक है, आप अंदर डाल देना लेकिन कल मेरे लिए दवाई ले आना नहीं तो मैं प्रेग्नेंट हो जाऊंगी।मैंने कहा- ठीक है, मैं अंदर ही डाल रहा हूं और तुम्हारे लिए दवाई ले आऊंगा।मैंने अपने माल को उसकी योनि के अंदर ही डाल दिया।उसके बाद मैंने थोड़ा सा उससे सकिंग करवाई। उसने बहुत अच्छे से सकिंग की और अब मैं और वह घर के लिए निकल गए।[emailprotected].

मैं दरवाजे से झांकने लगा, मैंने देखा कि दीदी अपनी पेंटी पहन रही थी और जीजाजी कुछ नाराज लग रहे थे. एक बार मैं गर्मियों के दिनों में छोटी मौसी के यहां दस दिनों के लिए गया था और मेरी बहन भी उन दिनों वहीं पर थी. मैं भी उसके निप्पल पर अपनी जीभ फेरता और होंठों के बीच ले लेता हुआ चूसने लगा.

फिर उसने मेरे चेहरे की तरफ देखा और हल्के से जीभ निकाल कर सुपारे की लकीर में जमे हुए प्रीकम को चाट लिया.

रश्मि की बात सही है, जो बच्चा होना चाहिए, वो प्यार की निशानी होनी चाहिए ना कि सिर्फ सेक्स का फल. तभी मैंने उसकी जीन्स के बटन को खोला और उसे उसकी कमर से थोड़ा नीचे कर दिया. चूत को चाटने से पहले मैंने चूत को साफ किया, फिर हल्के हल्के सहलाने लगा.

तभी अंकल बोले- एक राउंड और हो जाए?अम्मी बोलीं- परवेज, मैं आज से आपकी हूँ … आप जितना करना चाहो, उतना प्यार कर सकते हो. उसके मुंह से ऊंह … ऊंह … की आवाज बाहर निकलने की कोशिश कर रही थी मगर मेरे होंठ उसके होंठों से मिले हुए थे इसलिए उसकी आवाज को अंदर ही दबा कर रख रहे थे. मुझे मालूम था कि अब अब्बू भी चचा के साथ बैठ कर दारू का दौर चलाएंगे.

चलने से पहले मैंने वसुन्धरा के पापा को आश्वस्त कर दिया कि मैं रास्ते में वसुन्धरा को शादी वाले मुद्दे पर समझाने और मनाने की पूरी कोशिश करूंगा.

वह बोली- यह क्या किया? तुमने तो मेरी ब्रा फाड़ दी।मैं बोला- कोई बात नहीं आंटी मैं नई लाकर दे दूंगा।फिर मैंने उसकी पैंटी खोल दी. जब वो कई बार नहाकर आता था मैं उसके लंड के साइज को आंखों ही आंखों में नापने की कोशिश करती थी.

हिंदी में बीएफ हिंदी में एचडी अदिति टैक्सी में भी बात करती रही और बीच बीच में वो अपनी ही बात पे हंस देती. आप यहां से जाओ।भाभी- मैं नहीं जा रही हूं। मैं यहीं रहूंगी। तेरे साथ ही सोऊंगी.

हिंदी में बीएफ हिंदी में एचडी फिर अचानक अब्बू ठहर गये और उन्होंने मेरी बीवी कौसर के गाउन को अपने हाथ से ऊंचा उठा करके धीमे धीमे ऊपर सरकाने लगे। मेरे अब्बू ने गाउन को मेरी बीवी की कमर तक चढ़ा दिया. मुझे रहा नहीं गया तो मैंने उसकी थोड़ी तारीफ करनी चाही पर वो बोली- लाइन किसी और पर मारना।मैं चुप हो गया.

मुझे अपने पति के बारे में पता था कि उनको मेरे किसी के साथ भी सेक्स करने से कोई दिक्कत नहीं होगी, इसलिए मुझे अपने पति से कोई डर नहीं था.

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मुझे लग रहा था कि मेरी चूत में जैसे आग जल रही हो और किसी ने मेरे दोनों पैर फैला कर चीर डाले हों. मैं अपने लंड के बारे में बताऊं, तो ये करीब 7 इंच का है … लेकिन काफी मोटा है … मतलब 3 इंच तक की गोलाई का होगा. मैंने सोफा को ठीक किया कि किसी को लगे नहीं कि सोफा पर कुछ किया हो, सोफे पर से चुदाई के पानी को साफ़ किया.

संगीता ने कहा कि शाम को ठीक 4 बजे वो गाड़ी हॉस्पिटल भेज देगी और वही गाड़ी उसे 5. मैंने ये देखा तो पहले तो उसे टोकने का मन हुआ, लेकिन तभी सोचा कि रहने दो, ये कुछ भी भरे, इससे क्या दिक्कत है. हेतल की बातों से लग रहा था कि वो मेरा लंड लेना चाहती थी और मानसी को राज का लंड लेने का मन कर रहा था.

फिर बबीता और उसका पति तीन दिन तक मेरे घर पर ही रहे और हमने रोज ही मजेदार गंदा सेक्स किया.

जी! मुझे पता है लेकिन अपना आबाद होना या फना होना … ये तो खुद के इख्तियार में ही है और सपने देखने पर तो कोई पाबंदी नहीं. मैं उनसे चिपटी हुई थी तो मेरा बदन उनके साथ ही उठ रहा था बार बार और फिर मैंने महसूस किया कि उनका लण्ड फूल कर और मोटा और कठोर हो गया है. उसके बाथरूम में होने के समय मैं रोज उसके नाम से 4 से 5 बार मुठ मारता था.

मैंने धीरे से उन्हें दबाया … अक्षिता के मुँह से एक आह्ह निकली।अक्षिता ने मेरी टी-शर्ट उतार दी मैंने उसके एक उरोज के एलोरा पर अपनी जीभ फिराई तो अक्षिता के मुँह से फिर एक कामुक सिसकारी स्स्स … करके निकली. क्या मुझे आप गांड मारने दोगी?मैं भी तो कब से यही चाह रही थी कि ये अब मेरी गांड मार दें. अब मैं उसके भीगे बदन से खेल रहा था, कभी उसके बूब्स दबाता कभी उन्हें काट देता और वो खड़े खड़े अपनी गर्दन को पीठ की तरफ झुका कर सिसकारी लेती ‘सीईई ईए ईईई ईईईई आहह!फिर मैंने अपना हाथ उसकी पैंटी में डाल दिया जिससेमेरी उंगली गीली हो गयी और मैं उसकी चुत में उंगली करने लगा.

कुछ ही देर में दरवाजे की घंटी बजी तो मैं समझ गयी कि मसाज वाला आ गया है. मैं जैसे ही ट्रक के अन्दर घुसा, तो अन्दर देखा कि उससे भी सुन्दर बीस साल का एक और लड़का अन्दर बैठा था.

हम दोनों का दिमाग बहुत चलता है क्योंकि हम बात बहुत कम करते हैं, बस इशारे में ही समझ जाते हैं. मैंने वो कागज उठाया, तो उसमें लिखा था कि कल अनुषी भाभी ने तुम्हें देख लिया था और मुझे भी. मुझे कोई बनाना भी नहीं है क्योंकि सब मतलबी होते हैं।उसका जवाब सुनकर मैं मन ही मन खुश हो रहा था कि चलो इस बारे में बात तो स्टार्ट हुई हमारी।मैं- किस तरह से मतलबी होते हैं, मैं समझा नहीं कुछ?पुष्पिका- भाई, आपकी गर्लफ्रैंड है?मैं- पहले थी, अब तो कोई नहीं है? क्यों, तुमने ऐसा क्यों पूछा?पुष्पिका- बस वैसे ही पूछ लिया.

हालांकि उनकी काली झांटों के कारण चूत तो ठीक से नहीं दिखी लेकिन नजारा बड़ा गर्म था.

अबकी धक्का मारा तो कोकाकोला का ढक्कन खुलने जैसे आवाज आई और सुपारा उसकी चूत के अन्दर चला गया. मैं बोली- ये क्या कर रहे हो?वह बोला- कुछ नहीं … बस वही, जो रोज करता हूं. जब मेरी शर्ट उतरी तो मैंने नीचे से रेड कलर की ब्रा पहन रखी थी जो मेरे गोरे बदन पर कहर ढहा रही थी.

मैं अपनी जीभ उसकी गांड में डालकर जीभ को खींचते हुए चुत तक ला रहा था. वसुन्धरा ने बिना कुछ बोले आगे बढ़ कर मेरे दोनों हाथ थाम लिए और सर उठा कर तरसी आँखों में हज़ारों शिकायतों का भाव लेकर मेरी ओर निहारा.

उसका चेहरा और रंग रूप इतना सुन्दर है कि उसको देखने के बाद हर कोई अपने दिल में उसे उतारना चाहेगा. तो मैंने दरवाजा खोल कर पूछा- तुम्हारा कुछ ज्यादा ही लंबा नहीं है?उसने कहा- क्या?मैंने कहा- ट्राउजर बहुत लंबा है. मगर उसके पति को जॉब के कारण समय नहीं मिल पाता था। काफी समय वहां रहने के बाद मेरी ज्योति से पहचान हो गई व बात भी होने लग गई।ज्योति को मैं भाभी कहता था मगर ज्योति को ये अच्छा नहीं लगता था, वो बोलती थी- मुझे भाभी मत बोला करो.

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मैंने अपनी मोनिषा जैसी साली को जमकर चोदा है और आज भी उसके एक फोन कॉल पर मैं लंड हिलाता हुआ उसके घर पहुंच जाता हूँ और चुदाई की मस्ती करता हूँ.

मैंने टोपे को थोड़ा और अंदर धकेला तो उसने चूत को भींचने की कोशिश की लेकिन अब शेर गुफा में प्रवेश कर चुका था. मेरी चूत को चोदते हुए वो मेरी चूची को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था. कहते हुए उसने मेरी दोनों टांगों को ऊपर उठा लिया और अपने कंधे पर रख लिया.

मैंने आपको अपनी पिछली सेक्स स्टोरीभाबी जी लंड पर हैंमें कैसे मैंने अपने लंड से भाबी की चुत और गांड की सेवा करके उन्हें खुश कर दिया था. उनका चांदनी जैसा बेदाग़ बदन था, स्वर्ग की अप्सरा जैसी चाची मेरे सामने एकदम नग्न थीं. करीना कपूर के सेक्सी फोटोमेरी मां तड़प उठी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’इससे पहले कि वो चिल्लाती … अंकल ने उसे किस करना शुरु कर दिया.

दोस्तो, उन्होंने लगातार 10 मिनट तक मेरा लंड अपने मुँह में रखा, इसके बाद लंड गर्म होके पिचकारी छोड़ने लगा, तो उन्होंने लंड को मुँह से निकाल के अपने हाथ में भींच लिया और सारा वीर्य लंड के सुपारे में दबा दिया. मैंने जैसे ही उसकी टी-शर्ट को ऊपर करना चाहा, उसने मेरा हाथ हटा दिया.

कहानी को आगे बढ़ाने से पहले मैं उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में आपको बताना चाहता हूं ताकि आप लोगों को भी पता चल जाये कि हम दोनों के बीच में ये वाकया कैसे हुआ. और अब्बू हंसते हुए बोले- तो अब बोलो मेरी जाने जिगर … निकल गया ना चूत का पानी!अब अब्बू मेरी बीवी की चूत के ऊपर लंड रगड़ रहे थे। इस बीच उन्होंने मेरी बीवी की चूत में वापस झटका मारा तो पूरा का लंड अंदर तक धंस गया. लण्ड पेलकर मैं तो सीधा खड़ा रहा लेकिन उसने आगे पीछे होना शुरू कर दिया.

पर तब भी आज मैडम जैसी बड़ी उम्र के साथ जो मजा आ रहा था, उन लड़कियों के साथ इतनी ज्यादा उत्तेजना नहीं महसूस हुई थी. अब आगे:हेतल नहीं जानती थी कि मानसी की चूत चुदाई की शुरूआत मेरे लंड से हो चुकी है. कुछ पल बाद लंड में कुछ सुरसुरी सी हुई तो मैंने लंड अन्दर बाहर करना चालू किया.

उसके गैरेज में काम करने वाले सभी जा चुके थे उसका मकान या यूं कह लो कि रूम भी गेरेज के अंदर ही था।वो गैरेज में गाड़ी छोड़ कर बाहर निकला और मेरी गाड़ी का दरवाजा खोला.

मैं रजाई के अंदर ही था इसलिए मैं उसके लंड को अभी तक देख नहीं पाया था. फिर जब दूसरी बार हम अकेले में मिले तो मैंने उसके गालों पर हल्का सा किस कर दिया.

उसने टांगें उठाते हुए उनको घुटनों से मोड़ लिया और मैंने उसकी टांगों के बीच में मुंह रख दिया. फिर उन्होंने अपने लंड को कोमल की गांड पर सटा कर एक जोर के झटका मारा और कोमल के मुख से एक जोर की आवाज निकली ‘आआह्हह … माँआआ …’अब ताऊ जी अपनी कमर को धीरे धीरे हिलाने लगे. मैं अक्सर डिक्शनरी में योनि, लिंग, सम्भोग, स्तन, शब्दों के पर्यायवाची खोजती जिनसे मुझे एक सुखद अनुभूति मिलती.

ज्योति के मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह… प्लीज … तन्मय मेरी जान … मेरे बॉयफ्रेंड ने या मेरे पति ने कभी मेरी चूत नहीं चाटी. ”मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था मैंने पूछा- मैटिनी शो? क्या बोल रही हो आंटी?”आंटी शर्माते हुए बोलीं- अब तुम्हें कैसे बताऊं … कल को तुमने जो देखा … वो!ईशश … मैं … मतलब … गलती से हुआ … फिर कभी नहीं नहीं होगा”तभी दरवाजे पर कोई आया, आंटी उनके साथ दरवाजे पर जाकर बातें करने लगीं. साथ ही साथ वो अपनी चूची को मसलती, या फिर निप्पल पर अपनी जीभ चलाती, नहीं तो बीच में चूत को फ्री छोड़ कर दोनों हाथों का प्रयोग अपने मम्मे को दबाने के लिए करती.

हिंदी में बीएफ हिंदी में एचडी मेरे जीवन में सिर्फ एक चीज़ की कमी खलती थी कि मेरे पास कोई लड़की नहीं थी. मैं तो सोच रहा था कि वो अपनी चूत चुदवाने के लिए आई है मगर वह ऐसे देख रही थी जैसे मुझे खा ही जायेगी.

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वैसे भी मैंने काफी दिनों से चुदाई का आनंद नहीं लिया था इसलिए चुदाई की इच्छा भी तीव्र हो चली थी. मगर थोड़ी देर बाद घर के काम में लगकर थोड़ी देर के लिए उस किस्से को भूल गई। दूसरे दिन मां जान-बूझकर बाजार नहीं गई ताकि वो आदमी भी उस बात को भूल जाए और सब ठीक हो जाए।फिर मां दोबारा बाजार जाने के लिए बस स्टैंड पर गई. शुभम जी बोले- जब भी तुम्हें देखता था … तो मेरा लंड तुझे सलामी देने लगता था.

मैंने अपनी चाटने की स्पीड और बढ़ा दी और उसके क्लीट को भी चूसने लग गया. मौसी के मुंह से उम्म्ह… अहह… हय… याह… और तेज … पूरा डालो … आह, हिरेन … मजा आ रहा है … बहुत दिनों के बाद किसी मर्द के लंड से चुद रही हूं मैं. গুদের ছবিउत्सुकता वश मैंने उसे बाहर निकाला, तो वो एक नंगी फ़ोटो वाली मैगज़ीन थी.

मैं सोच रहा था कि मधु मेरे लंड के नीचे रोज ही होनी चाहिए, वो मुझसे डेली चुदे … वो भी सभी की मंजूरी से.

घर के अन्दर आ गयी थी, फिर भी मेरी धड़कन शांत होने का नाम नहीं ले रही थी. मैंने रोहन को रोका नहीं क्योंकि मैं भी कई बार होटल में मर्दों को बुलाकर चुदाई का मजा ले चुकी हूँ.

उसके लंड को हाथ में लेकर मेरी चूत ने सिसकारी सी भरी और मेरा मन करने लगा कि मैं हिरेन के लंड को ऐसे पकड़ कर सहलाती रहूं. वैसे भी वो बहुत देर से इस टॉपिक पर बातें कर रही थी इसलिए मैंने खुद को रोका हुआ था. वो आगे की तरफ झुकी, मेरे लौड़े को फिर से खड़ा करने के मशक्कत में जुटी थी.

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मैं खड़ी होकर सौरव के पास गई और उससे पूछने लगी कि मेरी बुक में तो ये लेसन है ही नहीं।तो उसने मेरे हाथ से बुक लेकर देखा और बोला- हां, आपकी बुक में नहीं है।मेरे दिमाग में आईडिया आया. वो अपनी किसी ऑफिस की सहेली की शादी में गयी थी, क्योंकि मुस्कान भी जॉब करती है. मेरा लंड शायद उसकी टाईट चूत से छिल गया था और दर्द हो रहा था, पर मज़ा इतना ज्यादा था कि दर्द भूल गया था.

प्रियंका चोपड़ा का सेक्सी वीडियोमैं उनके ऊपर आ गया और उनके होंठों को चूसने लगा, पूरे चेहरे पर चूसने लगा. चूंकि उस समय सर्दियां थीं, तो मैं और भाभी अलग अलग रज़ाई में लेटे थे.

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मैं छूटने की कोशिश कर रही थी, पर अंकल की ताकत का मुकाबला नहीं कर सकी. उसने झट से अपना साड़ी का पल्लू ठीक किया और बोली- क्या हुआ बाबूजी?मैं जैसे सोते से जागा. मेरी चूत ने पहला पहला लण्ड छू लिया था आनन्द के मारे मेरी आँखें मुंद गयीं.

मुझे पता नहीं क्या हो गया कि मैंने नौकर का लंड अपने मुंह में भर लिया और उसको जोर से चूसने लगी. ट्रेन की रफ्तार राजधानी एक्सप्रेस से घटते घटते पैसेन्जर ट्रेन पर आ गई तो ट्रेन रोक दी लेकिन प्लेटफार्म पर खड़ी रही, मतलब चोदना बंद कर दिया लेकिन लण्ड चूत में ही पड़ा रहा. जब वो शांत हुई तो मैंने उसे समझाया- पहली बार में दर्द होता ही है, अब मज़ा आयेगा.

हम दोनों में से कौन ज्यादा शरमाया होगा, पता नहीं पर अंकल झट से दरवाजे के पीछे छुप गए. अगली बस आई, तो ये तो पहले वाली से भी ज्यादा भरी थी, लेकिन टाइम ज्यादा हो जाने की वजह से हम दोनों बस में चढ़ गए. मैंने एक अच्छी सोसायटी में एक दो कमरे वाले फ़्लैट में एक कमरा रेंट पे ले लिया.

उसने मुझसे पूछा- आज मुझे घर रहने को क्यों कहा?मैंने उत्साह में उससे कहा- क्योंकि ‘आई लव यू …’ और मैं आज तुमसे प्यार करना चाहता हूँ. एक से उसने अपनी चूत पौंछी, दूसरे से उसने राहुल का भी लंड पौंछ दिया.

मैंने कहा- आप तो अर्चना से भी ज्यादा क्यूट हो, बस आपकी शादी हो गयी है, इसलिए आप पे कभी ट्राय नहीं किया.

मैंने कहा- अब कण्ट्रोल नहीं हो रहा है, पहले एक बार चुदाई कर लेते हैं, फिर खाना खाएंगे. सोनिया का सेक्स वीडियोमैंने उसके सिकुड़ते हुए लंड को दोबारा से अपने मुंह में भर लिया और मुंह में लेकर चूसने लगी. मटका वीआईपीमैं मामी के करीब बैठ गया और मैंने उनसे पूछा- वाह … मुझे भी तो बताओ कैसे मजे किए. जिंदगी में पहली बार भाभी के बारे में सोच कर मेरा लंड इस तरह से खड़ा हो गया था।सुबह हुई तो भैया ऑफिस चले गये थे। मैं भाभी से नज़रें नहीं मिला पा रहा था.

” मुस्कुराते हुए बोले- बाकी तुम समझदार हो ही!मैं बोली- मगर सर मैं!?!इतना ही कह पाई कि बॉस ने मेरे होंठ पे उंगली लगा दी.

थोड़ी देर बाद उसने कहा- अब बस … कोई आ जाएगा!ऐसा कहकर उसने मेरा मुँह अपनी चुत से अलग करके अपनी साड़ी नीचे कर ली. आपको सच बताऊं तो पता नहीं क्या हो रहा था मुझे, मुझे मधु में अपना प्यार अपना सुख चैन सब नजर आ रहा था. अब मैंने अपना काम चालू कर दिया, मैं उनके चुचे दबाने लगा और उनका ध्यान दरवाजे पर था.

सुबह से ही आसमान में काली घटाओं का आना-जाना लगा हुआ था और तेज़ हवाओं के कारण धूप-छाँव की आँख-मिचौली जारी थी. बस उस दिन के बाद अपने घर पर मेरा ये लगभग रोज का ही नियम बन गया कि मैं रात में बिस्तर में नंगी हो जाती और अपनी टांगें ऊपर उठा कर घुटने मोड़ लेती और एक उंगली से अपनी चूत का दाना या मोती सहलाती और चरम आनन्द पा कर सो जाती. लेकिन मेरा लंड सिर्फ 6″ का है और मेरे अब्बू का, मैंने देखा तो 7″ से भी थोड़ा ज्यादा ही था.

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यूं काम-क्रीड़ा तो अपने जीवन में स्त्री-पुरुष सैंकड़ों-हज़ारों बार करते हैं लेकिन पहली बार अपनी देह पर अपने महबूब के हाथों का जादुई स्पर्श वाला सुख फिर दोबारा नसीब नहीं होता. मैंने दीदी से कहा- क्या आपको प्यास नहीं बुझानी?दीदी मेरा इशारा समझ गयी. जी में आया कि अभी पकड़ कर इसका ब्लाउज फाड़ दूँ और इसके मम्मों का रस पी लूँ.

जैसा मैंने पहले बताया था कि मेरे चाचा थोड़े समलैंगिक किस्म के व्यक्ति हैं.

लेकिन आज पता चला कि मेरी बीवी के पास चुदवाने के लिए चूत के अलावा एक और छेद भी है.

तब उस आदमी को और हिम्मत मिली और वह मेरी मां की कमर पकड़कर उसकी गांड पर लंड रगड़े जा रहा था। मेरी मां भी अब उसका साथ देने लगी. दोस्तो, आपकी कोमल फिर से हाज़िर है अपनी जिंदगी की पहली सेक्स कहानी आपको बताने के लिए।मेरी कहानी के पिछले भागों में आपने पढ़ा कि कैसे मेरे बॉस ने मेरी सील तोड़ी. अभी सेक्सअब रश्मि से कंट्रोल नहीं हो रहा था उसने मुझसे बोला- राज मेरी चुत को फाड़ दो, बना दो इसका भोसड़ा … डाल दो अपनी मूसल जैसा लंड … अहई … अहहह … अहजझह.

वो उधर दर्द से चिल्ला रही थी, पर उसके होंठों को मैंने मेरे मुँह में भर रखे थे, इसलिये उसकी आवाज दब कर रह गयी. फिर उन्होंने अपने लंड को कोमल की गांड पर सटा कर एक जोर के झटका मारा और कोमल के मुख से एक जोर की आवाज निकली ‘आआह्हह … माँआआ …’अब ताऊ जी अपनी कमर को धीरे धीरे हिलाने लगे. और जैसे ही खड़ी हुई तो मेरे दोनों पैरों में और बुर, जो अब चूत बन चुकी थी, में दर्द हो रहा था.

वो मुझे देखकर आकर्षित हो गयी थीं और हमारी कामवाली बाई एक ही है, तो थोड़ा उसने मेरे बारे में बता दिया. उसका लंड उसके हाथ में इतनी तेजी के साथ चल रहा था जैसे कि वो उसको मथ कर उसमें से मक्खन निकालने की कोशिश कर रहा हो.

मेरे प्यारे दोस्तो, आपको ये कहानी कैसी लगी? इस पर अपने कमेंट के जरिये मुझे जरूर बतायें.

वह सोच रही थी कि ये मैंने खुद को किस मुसीबत में डाल दिया। मां पूरे वक़्त इसी सोच में थी कि अब वह क्या करे. नहीं भैया, हमें और कुछ नहीं चाहिए, थैंक्स!” मैंने वेटर से कहा और वो वापस चला गया. मैं उसके कमरे में जब सफाई करने गई तो वो अपने लैपटॉप में कुछ देख रहा था.

माई खलीफा इसके कुछ पल बाद ताऊ जी ने कोमल के टॉप को खोल दिया और तुरंत ही उसकी ब्रा को भी खोल दिया. लास्ट एग्जाम होने के बाद मैंने घर में दोस्तों के साथ एक पार्टी भी रख ली.

मैंने भी भाभी की बात मानते हुए उसे बिस्तर पर चित लिटा दिया तथा उसकी साड़ी उठा कर कमर तक कर दी. ऐसे ही रहा करो, अच्छा लगता है।और बोली- बेटा, मैं दो दिन के लिए कानपुर जा रही हूँ, घर का ध्यान रखना. चुत वालियां अपनी चुत चुदाई करवाएं और चुत चोदने वाला नहीं है, तो मुझे मेल करके मुझसे राय लें … मैं उनकी चूत की खाज मिटाने के हजारों तरीके बता सकता हूँ.

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चुदाई के बाद कोमल उठ कर ताऊ जी के साथ बाहर नाली के पास गई और ताऊ जी ने उसकी चूत पर पानी गिरा कर उसे साफ़ करने का बोला. उसकी उंगलियों का स्पर्श पाकर मेरा लंड फुफकारते हुए उछल-उछल कर झटके देने लगा. अब मैं उसको अपने बिस्तर में खुद से चिपका कर लेट गया और उसके बदन पर हाथ फिराने लगा.

उसके सहलाने से मेरा लण्ड खड़े होने लगा और मेरे दिमाग से गुस्सा खत्म होकर उसकी खूबसूरती को नशा चढ़ने लगा। अब मैंने भी झट से उसे पकड़कर अपने ऊपर ले लिया और उससे कहा- यदि तुम अब जन्नत की सैर करना चाहती हो तो सब कुछ भूलकर अब चुपचाप मजे लो और मेरा साथ देती रहो. पर मेरी बात अनसुनी करके अंकल जी ने फिर से दो तीन बार लण्ड को अन्दर बाहर किया और फिर से बाहर तक निकाल कर मेरे दोनों बूब्स दबोच कर एक धक्का और मार दिया.

किरायेदार का परिवार जबसे हमारे घर में आया था, तब से मैं भाभी से कम बात करता था, ऐसा नहीं था कि मेरा उनसे बात करने का मन नहीं होता था, दिक्कत ये थी कि घर में सब होते थे इसलिए उनसे बात करने का मौका नहीं मिल पाता था.

मैं जब भी सामने होती, तो उनकी नजरें स्कर्ट के नीचे से मेरी जांघें देखतीं या फिर मेरे सीने को निहारतीं. यूं काम-क्रीड़ा तो अपने जीवन में स्त्री-पुरुष सैंकड़ों-हज़ारों बार करते हैं लेकिन पहली बार अपनी देह पर अपने महबूब के हाथों का जादुई स्पर्श वाला सुख फिर दोबारा नसीब नहीं होता. अब मैंने अपना मोबाइल निकाला और इमरान हाशमी की आशिक़ बनाया वाली वीडियो देखने लगा.

मेरे मन में आया कि क्यों न सौरव को बुला कर घर पर मजे ले लूँ?मैंने ये बात सौरव को भी बता दी. मैंने बोला- मामी आपकी सहेली का घर कहां पर है?तब मामी बोलीं- यार, मुझे मामी मत बोलो … अब सिर्फ रेशमा बोलो … मैं किसी सहेली के घर पर नहीं जा रही हूँ. चाची- मैं सब जानती हूं कि तेरा ध्यान किधर है, मुझसे छिपाने की कोशिश मत कर.

मेरी हिंदी सेक्स कहानी मेरी और मेरे पड़ोस रहने वाली लड़की की पहली चुदाई की है.

हिंदी में बीएफ हिंदी में एचडी: सच कहूं तो मुझे अपनी उछलती चूत पर बहुत शर्म आ रही थी कि अंकल जी क्या सोच रहे होंगे मेरे बारे में कि ये कैसी लड़की है पहली चुदाई में ही चूत उठा उठा कर बेशर्मी से लण्ड खा रही रही है. शाम तक मैं उसी के साथ रहा और बाद मैं मैं घर से निकल कर काम पर वापस आ गया.

बदन मैं अजीब सी सुरसुरी हो रही थी और पहली बार चुत से कुछ बह रहा है, ऐसा अहसास हो रहा था. मैंने और मधु ने उससे लगभग एक साथ पूछा- ये क्या है?रश्मि- आज से अगले 10 दिन तक तुम और मधु एक बीवी और पति की तरह रहोगे. मगर अभी वो समीरा को वहां से अंदर भेज कर खुद साहिल के मोटे लंड के मजे लेना चाहती थी.

बट डॉली यार, तू मेरी बात समझ ठीक से, अरे मेरा दिमाग चौबीसों घंटे चूत में ही घुसा रहता है.

फिर हम दोनों ने रेस्टोरेंट में खाना ऑर्डर किया … जल्दीबाजी न दिखाते हुए हम दोनों ने आराम से खाना खाया. कई दिनों से हम मूवी देखने नहीं गये थे इसलिए ऋतु भी जल्दी ही मान गयी. चुदाई की मस्ती की के बाद सुबह नौ बजे में उठी तो सासु ने बोला- आज तुझे जाना है और इतनी लेट उठी है?मैंने कहा- मम्मी कल रात में हल्का सा बुखार आ गया था तो गोली लेकर सो गई थी इसलिए आज लेट उठी.