बीएफ फिल्म चुदाई करते हुए

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घड़ी को चोदा

आह्ह … उसका लंड पूरा मेरी चूत में अंदर तक उतर गया और मैं उस पर पूरी बैठ गयी. छोटू दादा की उम्रमेरे मम्मी-पापा वीकेंड पर हमारे फार्म हाउस की देखभाल के लिए चले जाते हैं और फिर दो दिन के बाद ही आते हैं.

उसी बीच भाभी ने मेरे कान में कहा कि तुम मुकेश से मांजी को हस्पताल में एडमिट करवा सकते हो?मैंने कहा- हां, ये तो आराम से हो जाएगा. गोंडी गानेमैंने फिर उसकी चूत में तेल लगाया और थोड़ा सा तेल अपने लंड पर भी लगाया.

वो मेरे बाल पकड़कर पहले धीरे धीरे, फिर जोर से मेरे मुँह में झटके मारने लगा.बीएफ फिल्म चुदाई करते हुए: मुझे मजा लेते देख भाभी ने अपना एक हाथ स्कर्ट के ऊपर से मेरी चूत पर रख दिया और बोली- ननद जी यह उम्र ही ऐसी होती है.

मैं तेजी से उसके लंड की मुठ मारती रही और उसके लंड से प्रीकम बाहर आने लगा, उसी वक्त मैंने तेज तेज मुठ मार कर उसके लंड को छोड़ दिया.हमें सोफे पर परेशानी हो रही थी तो मैंने उसको बोला- चल बेडरूम में चलते हैं.

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उसकी चूत बहुत गीली होने के बावजूद भी वह दर्द से कराह उठी। मगर उसने किसी तरह की आवाज नहीं की.मैंने अपने क्लर्क को बोल दिया कि मैं कॉन्फरेंस मीटिंग में रहूंगा और कुछ देर के लिए मुझे कोई डिस्टर्ब न करे.

मैंने उसकी अधखुली ब्रा उतारी और उसके चूचों को जोर जोर से दबाने और चूसने लगा. बीएफ फिल्म चुदाई करते हुए अगले ही पल भाभी ने मेरी लोअर में हाथ डाल दिया और मेरे लंड को हाथ में भरकर उसकी चमड़ी को आगे पीछे करने लगी.

वैसे सुमन भी गोल चेहरे की सुंदर महिला थी और देखकर कोई भी उसको खूबसूरत ही कहेगा, पर मैं ठहरा चुदक्कड़ आदमी, इसलिए मैंने जो व्याख्या की है, वो सेक्स आनन्द के आधार पर की.

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तो थोड़ा डर भी लगता था कि कहीं किसी को संदेह ना हो जाए।”तुम तो निरे फट्टू (डरपोक) हो. कुछ देर ऐसा करने के बाद वो उकड़ू बैठ गयी और डिल्डो पर कूदते हुए अपनी चूत को चोदने लगी. मैंने अन्दर का नजारा देखा तो लड़की 19-20 साल की बहुत स्लिम बॉडी की थी.

कुछ देर बाद उन्होंने मुझे अपने कंधे पर उठाया और बेड पर ले जाकर लिटा दिया. आज प्रिंसीपल सर के लंड को चूस कर मैंने अपनी चुत के लिए मोटे लंड की खोज कर ली थी. जिसमें लिखा था *** फैमिली मेहमानों का स्वागत करती है।मतलब स्पष्ट था वो शादी में सरीख होने आये मेहमानों को ही ले जाने आये थे, जैसे ही मैं उनके थोड़ा पास पहुंचा एक सुट पेंट पहना सभ्य व्यक्ति आया उसने झुककर अभिवादन किया, और मेरा बैग पकड़ते हुए कहा- आईए संदीप सर आप हमारे साथ चलिए।मुझे हैरानी हुई कि ये मुझे नाम से कैसे जानते हैं.

इस पर वो चौंकते हुए बोली- ऐसा क्यों?मैंने बताया- आपकी बहन शर्माती बहुत ज्यादा है और मुंह में तो मेरा (लंड) कभी नहीं लेती। अब तो बहुत मुश्किल से उसे मैं लाइन पर लाया हूँ, वरना शुरू में तो उसका बिल्कुल मन ही नहीं करता था. सरोज ने अंदर आते ही मेरे लोअर को नीचा करके मेरा लंड पकड़ लिया और उसे हाथ से आगे पीछे करने लगी. फिर मैंने नेहा के सर को थाम कर लंड जड़ तक उसके मुँह में ठेलने की कशिश की.

वो मेरे बूब्स चूसने लगा और दूसरे हाथ से निक्कर के ऊपर से मेरे चूतड़ मसलने लगा. नैन्सी ने आकाश को कहा- तुम भी बाथरूम में जाकर टॉवल से अपने को सुखा लो और गीले कपड़े उतार लो.

मैंने सोचा कि दुकान पर जाने में बहुत समय लग जायेगा इसलिए नीचे वाली भाभी से ही ले लेता हूं.

उसने अनिल को एक डीप किस दिया और कहा- उठो डार्लिंग, अब आग लगी है, छिड़काव कर दो.

प्रीति ने मुझे अपनी आगोश में ले लिया और अपने होंठ मेरे होंठों से मिला दिए. सच कहूं तो दोस्तो, एक बार तो मन किया कि प्रीति को वहीं पटक कर चोद दूं लेकिन मैं अपनी भावनाओं पर कंट्रोल किये हुए था. मैंने सूंघा और कहा- यह बिलकुल नया जूता है … कोई अच्छे से पहना हुआ जूता हो तो वो लगाओ … बहनचोद जूते में पांव की सुगंध आने में टाइम लगता है.

इसीलिए मैं कोशिश करता हूँ कि अपने से बड़ी उम्र की औरतों के साथ चुदाई की मस्ती करूं. अब हमारे केवल होंठ ही नहीं, पूरे बदन एक दूसरे से रगड़ सुख पा रहे थे. बोलो चोदोगे ना अपनी रानी को? आह … आह … मैं गई … आ … आ … आई … ईई ईईईई.

मैंने सर से कहा- अब अन्दर करो न!सर ने मेरी तरफ देखा और लंड पर जोर देते हुए एक ज़ोरदार धक्का दे दिया.

उसने अपने सीने को साड़ी के पल्लू से ढक लिया और रोल प्ले शुरू करने के लिए एक अच्छी पोजीशन में आ गयी. हम दोनों के मम्मे काफी भारी थे और वे आपस में एक दूसरे के ऊपर रगड़ रहे थे. किसी न किसी बहाने मैं लवी के बिस्तर के पास जा खड़ा होता, उसके कभी आधे, कभी पूरे नंगे स्तनों को देखता और मुट्ठ मारता।मगर हर दिन के साथ मेरी हिम्मत बढ़ती जा रही थी.

उसकी तेज होती धड़कनें ज्वार भाटा की भांति चढ़ती बैठती सी प्रतीत हो रही थीं. उसके लंड की नोक से लेकर उसके टट्टों के ऊपर तक नेहा की जीभ घूम रही थी. इन चैट सेशन में मैंने अपनी मां की काल्पनिक चुदाई, कॉलेज टीचर की चुदाई और अपनी आंटी की चुदाई की हुई है.

कुछ देर बाद उन्होंने मुझे अपने कंधे पर उठाया और बेड पर ले जाकर लिटा दिया.

ऐसे ही उसका दूसरा स्तन भी अपने मुंह में ले लेता और कभी कभी अपनी जीभ को गीत के दोनों मम्मों के बीच में घुमाता. चूचुक मुलायम चिकने और बहुत ज़्यादा गोरे थे जिनकी निप्पल हल्के ब्राउन थे.

बीएफ फिल्म चुदाई करते हुए ”ओह … क्या तोते दीदी भी साथ आ जायेगी?”ना … मधुर अकेले ही आएगी।”ओल तोते दीदी?”मधुर के ताउजी की तबियत अभी ठीक नहीं हुयी है तो घर के काम के लिए गौरी अभी वहीं रुकेगी।”फिर तो ठीक है।” सानिया ने एक लम्बी राहत भरी साँस ली।पता नहीं गौरी का मधुर के साथ में ना आना उसे क्यों अच्छा लगा था।वह बता रही थी कि गौरी तो अब कभी कभार बस मिलने के लिए ही आएगी. शाम को जब अंजू किताब को वापस लौटाने आई तो वो मंद मंद मुस्करा रही थी.

बीएफ फिल्म चुदाई करते हुए उसे किस करते हुए मैंने उसकी ब्रा भी निकाल दी और उसके टाइट मम्मों को किस करते हुए दूध मसलने लगा. पर मुझे हिम्मत नहीं हो रही थी कि मैं किसी तरह की पहल करके उनसे बात करने की कोशिश करूं.

उसकी मोटी गांड की दरार में उसकी पैंटी धागे के समान होकर फंस गयी थी.

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पर मैंने उसे और मजबूती से थाम लिया और उसके कान की लौ मुंह में भर के चूसने चुभलाने लगा साथ ही उसके नितम्ब मसलने लगा. वो एक बेड पर बैठी हुई थी और उसने अपने सीने को एक सफेद मलमल के कपड़े से कवर किया हुआ था. पर मैंने उसे और मजबूती से थाम लिया और उसके कान की लौ मुंह में भर के चूसने चुभलाने लगा साथ ही उसके नितम्ब मसलने लगा.

इसे चोदने में क्या मस्त मज़ा आएगा!मैंने ऐसा सोचते हुए उसके मम्मों की तरफ चोर नज़रों से ताका और उसके साइज़ का अंदाज लगाया … शायद 32b या c … इसकी चूत चिकनी होगी या झांटों वाली होंगी … इसकी चूत का रंग कैसा होगा? इसकी चूत का रसपान करने में कितना मजा आएगा. मैंने कहा- ये सब तो एक हफ्ते में सही हो जाएंगे … तुम बताओ, तुम्हें मजा आया या नहीं?वो खुश होकर हां बोलते हुए वहां से चला गया. उनसे छूटने के बाद मैं खड़ी हुई और अपने कपड़े पहन कर खुद को सही करने लगी.

शांति की चुदाई के दौरान उसकी चूचियों से खेलते हुए मैंने उसके निप्पल कचोटे तो चिंहुक गई.

मेरे मन में उनके लिए आज तक कभी कुछ बुरा ख्याल नहीं था … लेकिन आज उनको देखा तो मन बदलने लगा. वो मेरे सीने पर अपने दोंनों हाथ टिका कर झटके लगाने लगी और नशीली आवाज में बोली- आज खुश कर दिया… तुमने एक सीधी सादी लड़की को बिगाड़ दिया. मैंने फिर से उनसे हटने की कोशिश की लेकिन वो अभी भी मुझे उसी पकड़ के साथ जकड़े हुए थे.

उसके बाद मैंने उसकी टांगों को फैला दिया और उसकी गांड के छेद पर आसपास रगड़ा. फिर उन्होंने अपने बारे में बताया- मैं अकेली रहती हूँ, तो टहलने आ जाती हूँ. राजेश ने उसे खींच कर गोद में बिठा लिया और फिर चूमाचाटी शुरू हो गयी.

बेड ज्यादा ऊंचा न होने के कारण उनकी गांड और चूत मेरे लण्ड से थोड़ी नीचे ही थी।मैंने भाभी के चूतड़ों पर हाथ फिराया और उनकी चूत के छेद को अंगूठे से दबाया. मुझे निष्ठा के सामने कुर्ता उतारने में थोड़ी झिझक सी महसूस हो रही थी पर क्या करता.

नहा कर लौटा तो देखा निष्ठा भी जाग चुकी थी और मेरे बेड की बेडशीट चेंज कर रही थी. ”रात को 8 बजे मैं मनजीत के घर पहुंचा, उसने दरवाजा खोला और गले लगकर मेरा स्वागत किया. मैंने फिर से एक धक्का मारा और अबकी बार मेरा आधा लंड भाभी की चूत में घुस गया.

हम फिर से सेक्स करने लगे। अबकी बार हमने पोजीशन बदल ली। अब कमल ने मेरे मुंह में लंड दे दिया और चुसवाने लगा जबकि रमेश ने मेरी चूत की पोजीशन संभाल ली.

खुद को स्वरा के करीब लाकर मैंने अपना लण्ड स्वरा के चेहरे के सामने किया और उसके मुंह में दे दिया. उसने दूसरे हाथ से मेरा एक हाथ पकड़ कर अपने पेटीकोट के अन्दर डलवा लिया. उसको गोदी में लेकर कुतिया की पीठ दिवार से लगा के लंड पर सवार कर दिया.

जब मीता ने देखा कि मेरा लंड तैयार है … तो खुद ही मेरे दोनों तरफ पैर करके मेरे लंड पर बैठ गई. जवाब आपको ही देना है।मैंने तुरंत सचिन को हाँ कह दिया और कहा कि उन्हें मेरा नम्बर दे देना।सचिन को पता नहीं क्या हुआ उसने तुरंत ही मेरा नंबर उन्हें दे भी दिया।उसने कहा कि कुछ समय बाद वो आपको फ़ोन करेंगे।रात 11 बजे तक मैं इतंजार करती रही।11 बजे मेरे फोन पर अंजान नम्बर से फोन आया।मैं समझ गई कि उन्ही का फोन होगा।मैंने फ़ोन उठाया सामने से एक मोटी सी आवाज आई.

उसने शीला की एक टांग पर एक उंगली से हल्के से फेरा, ऐसा एक दो बार किया तो शीला फिर करवट ले ली पर इस बार उसके करवट लेते लेते राजेश ने पीछे से उसकी नाईटी ऊपर कर दी. अब मुझे वो सिर्फ एक सेक्सी लड़की के रूप में ही दिखती थी।उसकी अधनंगी तस्वीरें देखना और फिर हाथ से मुट्ठ मारना, तो जैसे मेरे रोज़ की रूटीन हो गई।मगर मुट्ठ मारने से ज़्यादा मुझेचुदाई करने का शौकथा. उसके साथ लाइव विडियो सेक्स चैट सेशन करने के लिए मैं बहुत उतावला हो गया.

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मैंने पूछा- कहिये मैडम? सफर में कोई परेशानी तो नहीं हुई?प्रीति- नहीं, अब तक तो कोई खास परेशानी नहीं हुई.

उसने एक ही दिन में उस से दोस्ती कर ली बल्कि मेरी बीवी के आने के पहले दिन रात का खाना भी नैना ने अपने घर पर ही हमें खिलाया. पर इस कमसिन बाला को इस प्रकार बेरहमी से नहीं चोदना मेरे जैसे शरीफ आदमी के लिए वाजिब नहीं था। मैं चुपचाप बिना कोई हरकत किए उसके ऊपर ऐसे ही बना रहा।पिछले 3-4 दिनों में मेरे मन में यह ख्याल भी जरूर आया था कि मैं कमसिन लड़की के साथ नाइंसाफी सी कर रहा हूँ। मेरे जैसे सभ्य परिवार में रहने वाले सामाजिक व्यक्ति के लिए यह सब उचित नहीं है. मैं उसके चूमने के साथ साथ ये भी जानने की कोशिश करने लगा कि मुझे चूमने वाली कौन है.

रति- क्या बात है? आज बड़ा प्यार आ रहा है?रमेश- जिसकी बीवी इतनी सुन्दर हो, उस पति को अपनी बीवी पर प्यार तो आना ही है।रति- अच्छा अब क्या रखा है इस उम्र में मुझ में?रमेश- हाय ज़ालिम, ऐसा ना बोलो. हालांकि मोटे खीरे और मरियल सी ककड़ी जैसा फर्क था आकाश और अनिल के लंड में! पर नैन्सी को तो आकाश को कमरे से निकालना था. 1 मीटर में कितने इंचकुछ ही देर में भाभी उठी और चौड़ी टांगें करते हुए अपने कमरे के बाथरूम में चली गई.

मगर मैं किसी ऐसे आदमी के साथ ये सब नहीं करना चाहती थी जो मेरी उम्र से दुगना हो। मगर हमेशा मैं उस बात को सोचा करती थी।फिर अचानक से जनवरी 2014 को मेरे पति को कंपनी के काम से बाहर जाना पड़ गया।5 दिन मुझे घर पर अकेली ही रहना था।मैंने सोचा कि क्यों न सचिन को ही बुला लिया जाए. कोई बीस मिनट की मस्त चुत चुदाई के बाद मैंने अपने लंड का पानी पम्मी की फुद्दी में ही छोड़ दिया और हम दोनों चिपक कर अपनी साँसों को नियंत्रित करने लगे.

उसके बाद से तो जब चाहे आंटी की चूत में लंड लगा आकर चुदाई हो जाती रही थी. पर राजेश ने महसूस किया कि दूसरे कमरे से परदे के पीछे से वो मूवी ही देख रही थी. वैसे इससे अच्छा तुम अपने भाई का लंड ले लेतीं, तो तुमको कम दर्द होता.

मैरिड लेडी कामवासना कहानी में पढ़ें कि मेरे सेक्स रिलेशन पड़ोसन भाभी से थे. मैं- कभी किसी से चुदी हो इससे पहले?गुंजन- नहीं।मैं- तो फिर ऐसे चुदवाते हैं क्या? ये तरीका था चुदवाने का ऐसे खुले में और वो भी इस तरह खड़े होकर?अगर इस तरह से चुदवाती तो फट जाती तुम्हारी वहीं पर। ढेर सारा खून निकलता. उसके बाद बहुत से पाठकों ने आग्रह किया, तो मैं उसके आगे की फ्रेंड वाइफ सेक्स स्टोरी जो कि एकदम सत्य घटना पर आधारित है.

लॉकडाउन में सेक्सुअल फीलिंग स्टोरी आपको कैसी लग रही है?[emailprotected]सेक्सुअल फीलिंग की कहानी का अगला भाग:लॉकडाउन में चरमसुख की प्राप्ति- 2.

मैंने चूतड़ उचकाने शुरू कर दिए व अपने होंठ खुद से जबरदस्ती बंद कर लिए. उसके शरीर की सिहरन बता रही थी कि वो लंड लगने से उसके पूरे बदन में संवेदना हुई थी.

मैं उसकी बड़ी चूचियों के कड़क निप्पलों को अपने हाथ की उंगलियों से महसूस कर रहा था. गीत ने भी उसकी हाँ में हाँ मिलाते हुए कहा- हाँ सही कहा नेहा ने! तुम्हारे पास तो ज्यादा से ज्यादा एक-एक लंड है, हमारे पास उसको सम्भालने के लिए तीन-तीन छेद हैं, हम चाहें तो किसी भी एक छेद में ही पूरा खल्लास करवा दें, उसके बाद भी दो छेद बचते हैं… हा हा हा!हम सभी उसकी इस बात से हंसने लगे और संजय बोला- तुम्हारे तीनों छेद हमारे लंड के बराबर नहीं हैं. उसने मुझे जल्दी से नंगा कर दिया और मुझे अपने ऊपर लेकर मेरे होंठों को पीने लगी.

उसकी गोलाकार घंटी के आकार की चूचियां उसके टॉप के अंदर कसी हुई थी और उसकी क्लीवेज लाइन को दर्शा रही थी. हालाँकि कार के नंबर की फोटो रिकॉर्ड हो गया होगा सीसी टीवी कैमरे में. उसका मासूम सा चेहरा, रुई के माफिक चूचियां … आधी मेरे सीने में दबी थीं.

बीएफ फिल्म चुदाई करते हुए फिर मेरी एक बांह को सहलाते हुए बोले- रंजीता तुम तो इतनी मस्त हो कि मैंने सोचा भी नहीं था। तुम्हारी जैसी लड़की कभी मेरी दोस्त बनेगी, ये कभी नहीं सोचा। मैं अकेला रहता हूँ और जिंदगी में कई दोस्त बनी मगर तुम उन सबसे सुंदर हो।वो हर बात अब खुल कर बोल रहे थे बिना किसी शर्म के।मैं उनके सवाल का बस सर हिला कर ही जवाब दे रही थी।रंजीता, सच कहूँ तुमसे … आज तक मेरी कभी किसी गोरी लड़की से दोस्ती नहीं हुई. आज रात उसके साथ ही मज़े करेंगे।रमेश- साले, तू हरामी का हरामी ही रहेगा.

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मैं भी मुठ मारता और वो भी उंगली कर लेती।हालांकि हम दोनों ने एक दूसरे को नहीं देखा था. अब आगे:तीन चार दिन बाद की बात है, मैं शाम को तालाब के किनारे सड़क पर से गुजर रहा था. मैंने सोचा कि मैं अपने और नैना के बीच हुए सेक्स का एक और किस्सा आप सबको बताऊं.

निष्ठा की चूत की मजबूत ग्रिप, उसकी पकड़ और चूत के स्पंदनों को मैं अपने लंड पर महसूस करता हुआ उसके बूब्स में मुंह छिपाए लेटा रहा. राजेश ने इध उधर जासूसी शुरू की तो उसे डस्टबिन में हेयर रिमूवर क्रीम का खाली डिब्बा दिखा. कामसूत्र हिंदी मूवीरवि के दांत चूतड़ों पर लगते ही रिया चीखते हुए उठ बैठी और बोली- सेठ क्या कर रहे हो तुम?रमेश जोर-जोर से हंसने लगा.

भाभी- तुमने ऐसा क्यों कहा कि सारी बात हज़्बेंड को नहीं बतानी चाहिए.

दो-तीन बार तो उन लोगों ने बाहर लान में घुप्प अँधेरा करके वहां भी चुदाई की. किसी में क्लीवेज दिख रहा था, तो किसी में निकर में से उसकी चिकनी जांघें।मगर ये पिक्स मैं रोज़ रोज़ तो उसके मोबाइल पर देख नहीं सकता था.

चुत और लंड पूरी तरह से गीले होने के कारण फच फच की आवाजें आ रही थीं. जब से उसने मेरा गुलाम बनने की बात स्वीकार की थी, तब से ही मैं गर्म होने लगी थी और उसकी हर हरकत का मजा ले रही थी. होटल में सबको डर लगता था कि कहीं बुरी किस्मत से छापा पड़ गया, तो सबकी वाट लग जाएगी और घर समाज में बदनामी होगी वो अलग.

लड़कों को गर्म करने और तड़पाने के लिए मेरी ये ड्रेस एकदम से परफेक्ट थी.

तुम्हारे साथ तो मुझे हमेशा बहुत मजा आया लेकिन आज बहुत अलग अहसास हुआ. जिनमें वो सिर्फ ब्रा में थी।गोरे बदन पर मरून ब्रा ने कहर ढा दिया।मैंने वो सभी पिक्स भी अपने मोबाइल में ट्रांसफर कर ली।वो जो मेरी भतीजी थी, मेरी बेटी थी, मेरी दोस्त, मेरी छोटी बहन. जीजा साली सेक्स से घर की बात घर में ही रहेगी और किसी को शक भी नहीं होगा.

भारत दक्षिण आफ्रिकामैं- क्या मैं रूम में अंदर आ सकता हूं डिअर?अस्मि- ओह्ह हां … आने से पहले जरा पूछ कर आयें डैडी. उनकी एक बेटी है, जो कॉलेज में पढ़ती है और बेटा है जो स्कूल में पढ़ता है.

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दोस्तो, जब मैंने प्रीति की पहली कहानीमेरी प्यासी चूत को कमसिन लंड मिल ही गयापढ़ी थी, मैं उसी दिन से उसका डाई हार्ड फैन हो गया था और कहानी पढ़कर उसे एक ईमेल किया था. करीब पन्द्रह मिनट बाद हम दोनों एक दूसरे को साबुन लगा कर शॉवर के नीचे नहाते रहे. सो प्लीज किसी बात का बुरा नहीं मानना; जैसे मुझे ये हुआ तो तुम्हें भी तो कुछ न कुछ हुआ ही होगा, है न?” मैंने कहा.

इस पर मेरा भाई बोला- जिसकी तेरी जैसी हॉट चुदक्कड़ बहन हो, वो तो बहनचोद होगा ही. उसके हाथों की नरमी ने मेरे छोटे उस्ताद को गरम कर दिया और उसने मेरी पैंट के अन्दर से ही अपना फन उठा कर मुझे चेता दिया कि इस मानुनी की चुत चाहिए मतलब चाहिए … चाहे तुमको जो भी करना पड़े. मैंने उनके पेटीकोट का नाड़ा ढीला कर दिया और वे एक लाल रंग की ब्रा पैंटी में मेरे सामने हो गईं.

मेरे लगातार घर्षण करने से वो भी व्याकुल होने लगी और अपना सिर दायें बायें करने लगी जैसे उसे बहुत बेचैनी हो रही हो. जब सुबह उठी, तो देखा कि उन दोनों ने मेरे पूरे शरीर पर अपने वीर्य की बौछार की हुई थी. शीला ने चाय नाश्ता मेज पर रखा और बोली- कुछ पहन लीजिये, सर्दी लग जायेगी.

उसने एक लम्बा, गुलाबी रंग का डिल्डो उसके स्टैंड से उठा लिया और अपनी गांड में उसको घुसाने लगी. इतना कहते ही भाभी घूम गयी और अपनी पीठ मेरी तरफ कर दी।भाभी मैं कैसे लगा सकता हूँ? मुझे शर्म आती है.

तब तक मैं अपने मित्र के पास गया और उससे बोला कि आगे की यात्रा तुम्हें खुद सम्भालनी है.

बस पांच मिनट में।मैंने जल्दी से एक उत्तेजक खुशबू वाला मर्दों का डिओ लगाया और टीशर्ट व जीन्स पहन कर उसके घर पहुंच गया. गैलरी ब्लू पिक्चरदिया बोली- अच्छा जी, चलो … बड़े आये गर्लफ्रेंड वाले।मैंने कहा- हां जी. रानी परी की सेक्सीमेरी आंखों में वासना की खुमारी छायी हुई थी मुझे इस बात का कोई अहसास ही नहीं था. अनीता को एक ठीक-ठाक जगह बैठा कर मैं कुछ खाने पीने का सामान लेने चला गया.

रवि इसी लफड़े से बचने के लिए तो इस शौक को छोड़ चुका था, आज फिर फंस गया.

शायद लेस्बो करने से उसकी सील खुल चुकी थी, इसलिए उसे ज्यादा दर्द नहीं हो रहा था. साथ में व्हिस्की शॉप के पास में एक प्लास्टिक आइटम बेचने की दुकान से दो लीटर की केतली में दो बियर कैन डाल लीं. अभी तक मैंने शर्मिष्ठा को या अपने बेटे को भी नहीं देखा था; इन्हीं सब चिंताओं में डूबा हुआ मुझे कब पुनः नींद आ गयी पता ही नहीं चला.

मैं खुद कपड़े वाला हूँ मैंने अपने लिए कपड़े ले लिए हैं, तुम मेरे लिए कपड़ो पे पैसा खर्च मत करो. मैंने उस गर्म भाभी की फुद्दी को कैसे चोदा?अब आगे की भाभीजी की चूत चुदाई कहानी:मैंने सरोज भाभी के टॉप को ऊपर सरकाया और उनके मम्मों को सहलाने लगा. फिर मैं बोली- अगर तुमको दिक्कत ना हो तो क्या मैं तुम्हारे साथ चल सकती हूँ तुम्हारी गर्ल फ्रेंड बन के? क्योंकि ये तो ज़रूरी है नहीं कि उसी कॉलेज की कोई लड़की हो तुम्हारी फ्रेंड; बाहर की भी तो हो सकती है?इस बात से वो एकदम से खुश हुआ और बोला- ये तो बिल्कुल ठीक आइडिया है.

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वो मस्ती में सिसकारियां लेने लगा और मेरी गांड को पकड़ कर अपने लंड पर पटकने लगा. उसके बाद हम समय मिलने पर नजदीकी शहर निकल जाते और दो दिन उधर अपनी काम इच्छा पूरी करके वापिस आ जाते. मैंने उनको अपनी बांहों में जकड़ते हुए अपने में समाने की कोशिश की तो मेरे लंड खड़ा होकर उनकी कमर से लड़ने लगा.

भाभी- वैसे संजय, तुम्हारी गर्ल फ्रेंड तो खुश रहती होगी, कितने समझदार हो तुम, कितना ध्यान रखते हो.

नेहा ने जब मुझसे पूछा कि ऊपर सोने नहीं जाना है तो सरोज ने वही बात कह कर नेहा को जगाने से मना कर दिया.

उसी टेबल पर मेरी ब्रा और पैंटी भी पड़ी थी, तो उसको उसने अपने हाथों से उठा कर देखा और मुस्कुराते हुए साइड में रख दिया. मैंने अपनी मम्मी की चुत में दस बारह जबरदस्त धक्के दिए, तो अदिति ने मेरे लंड पर अपना चुतरस का गर्म फव्वारा छोड़ दिया. टाइट करने की दवाउसी दो चार मिनट के बीच में ही एक-दो किस कर लिए या सीने को मसल दिया बस! चार झटके मार कर अपना माल खाली किया और मुंह घुमा कर सो गए.

वानी- ओह्ह माय गॉड … मुझ पर थोड़ा रहम करो सर, मेरी चूत में दर्द हो रहा है. वो पूरी तरह पागल हो गयी। उसके बाद उसकी नाभि को चूमते हुए मैंने उसकी गोरी गोरी जांघों को अच्छे से चाटा और फिर उसकी चूत को ऊपर से चाटते हुए अपनी जीभ उसकी चूत के होंठों के बीच में डाल दी. हाउस मेड सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपनी कमसिन कामवाली को अपने बातों और तोहफों के जाल में फंसा लिया था.

मैंने रुमित से पूछा- अरे क्या हुआ … क्यों तुम लोग भागते भागते कार में बैठ गए?रुमित बोला- अरे यार मैं बाद में बताता हूँ … अभी हमें जल्दी निकलना होगा. सरोज ने अंदर आते ही मेरे लोअर को नीचा करके मेरा लंड पकड़ लिया और उसे हाथ से आगे पीछे करने लगी.

इसके बाद उसने बड़े पेशेवराना तरीके से दारू की बोतल खोली और गिलास में डालने लगी.

ब्रश आदि से फ्री हो कर जैसे ही मैं मुड़ा तो दरवाजे के पीछे नेहा की बहुत ही सुंदर पैंटी और ब्रा टंग रही थीं. वो एकदम गर्म हो चुकी थी।मैंने फिर से गिलास में पैग बना कर फिर से उसके होंठों से लगाया. उसने मौका देख कर रवि के लंड के साथ ही अपना लंड सटा लिया और रिया की गांड को पकड़ कर रवि के साथ ही अपना लंड रिया की गांड में घुसाने लगा.

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mp3जैसे ही उन्होंने चड्डी निकाली उनका फनफनाता हुआ लंड मेरी आँखों के सामने आ गया।सच बताऊँ तो मेरे जीवन में अभी तक का वो सबसे बड़ा लंड था. शीला ने चाय नाश्ता मेज पर रखा और बोली- कुछ पहन लीजिये, सर्दी लग जायेगी. ”उसके दूद्दू बड़े हैं क्या?”हओ … वो बोलती है उसका बॉय फ्रेंड तो उसके दूद्दू खूब मसलता है तभी ये इतने बड़े हो गए हैं.

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मैं उसकी जीभ को अपनी गांड के छेद पर फिसलता और रगड़ता हुआ महसूस कर रही थी और उसकी गर्म जीभ का मजा ले रही थी. रुमित ने कहा- चिंता मत करो, चलो अब हम भी चलते हैं … बहुत देर हो गयी है. और रात के बारे में कुछ बोलता, इससे पहले ही नीरजा बोल उठी- राज मुझे छोड़ो, खाना बनाना है मुझे.

तो मैसेज करते नहीं बनेगा, इसलिए कॉल कर लिया, तुम्हें कोई प्राब्लम तो नहीं है ना?अरे यार खुशी का फोन आए, ये तो मेरे लिए खुशी की बात है, प्राब्लम कैसा. हम दोनों बिना कुछ बोले खड़े रहे और दोनों के शरीर उत्तेजना से कांपने लगे.

रवि- अरे तुझे पैसे ही चाहिएं न? मिल जाएंगे, मगर आ तो सही मेरे पास।रिया- सेठ अपना एक और उसूल है.

रास्ते में ही हमारे बीच अच्छी दोस्ती हो गयी … क्योंकि हम दोनों ही इंजीनियर थे. अब आगे की Xxx हॉस्टल लड़कियों की चुदाई कहानी:हालांकि ये सेशन तो काफी देर चलता पर अनिल की आवाज से दोनों की गांड फट गयी. पूरे घर में अंधेरा था उसके कमरे का दरवाजा हल्का सा खुला हुआ था।जैसे ही मैंने दरवाजा खोला तो उसने पूरा कमरा सुहागरात की तरह सजाया हुआ था। एकदम लाल साड़ी में दुल्हन की तरह पलंग पर बैठी हुई थीं।उसने जाते ही मुझे दूध का ग्लास दिया.

मेरा लंड ऐसे काम कर रहा था जैसे किसी गुफा को खोदते टाइम ड्रिल मशीन को अन्दर-बाहर करते हैं. थोड़ी ही देर के बाद उसका बदन अकड़ गया और सुमीना भाभी की चूत ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया. उनको सेक्स वीडियो देखना पसंद था … तो मैं भाभी को अपने एक सेक्स ग्रुप से वीडियो भेजता रहता था.

उसकी चूची इतनी टाइट थी कि दबाकर लग रहा था कि डॉक्टर साहब ने ठीक से कुछ किया ही नहीं था। मैं दोनों हाथों से उसकी नंगी चूचियों को भींचने लगा और भाभी सिसकारने लगी.

बीएफ फिल्म चुदाई करते हुए: मैं तुम्हें चाहती हूँ, आज पहली बार मैं किसी के सामने अपने प्रेम की खातिर खड़ी हूँ. ऐसा करना तुम्हारे लंड के पानी को ज्यादा समय तक रोकने में मदद करेगा.

वो बोली- तुम पहले आदमी हो जिसने मेरी गांड में पौन घंटे से अपने मूसल को अन्दर डाले रखा. मैं कब से सोच रही थी कि तुझसे बोल दूं कि आकर मेरी चुत की प्यास बुझा दे, पर देख ना … प्यास मेरी कहां आकर बुझी. वैसे सुमन भी गोल चेहरे की सुंदर महिला थी और देखकर कोई भी उसको खूबसूरत ही कहेगा, पर मैं ठहरा चुदक्कड़ आदमी, इसलिए मैंने जो व्याख्या की है, वो सेक्स आनन्द के आधार पर की.

होंठ ऐसे कि अगर थोड़ा सा चूस लो तो रस टपकने लगे।मेरे घर में ही रहते हुए भी मेरी नज़र उसकी जवानी पर नहीं गयी थी.

मैंने शांति का हाथ अपने लण्ड पर रखते हुए कहा- शांति, यह लण्ड तुम्हारा है, इसे अच्छे से प्यार करो, इंज्वॉय करो. मैं बोली- कुछ नहीं होगा … अगर किसी ने देख लिया, तो तेरा एक जीजू और बढ़ जाएगा. मैंने उस रात अपना डिनर भी जल्दी ही कर लिया और फिर अकेले ही पार्टी करने के लिए सोचने लगी.