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इस घटना के बाद हम दोनों घर में मौका मिलते ही घर में सेक्स कर लेते हैं या होटल में जाकर सेक्स का मजा ले लेते हैं. मा और बेटे का सेक्सी व्हिडिओअब आगे की कहानी:दोस्तो, अब मैं उस वजह पर आ रहा हूँ जिस कारण मैंने यह कहानी सांझी की है.

अंत में मेरे सब्र का बांध टूट गया और मैंने जीजा से कह दिया- क्या बात हो गई? जवानी खत्म हो गई क्या?जीजा मेरी बात सुन कर शर्मिंदा हो गये और चुपचाप एक तरफ जाकर लेट गये. हॉलीवुड हीरोइन का सेक्सी वीडियोतो जैसे वो एकदम से अपनी सुधबुध खो बैठी और शान्त पड़ी रही।उसकी चूत अंदर से जल रही थी; लग रहा था जैसे लिंग को आग के शोलों में डाल दिया हो।पहले ही धक्के से उसकी सील टूट गयी; उसका पूरा शरीर धक्के के साथ ही तन के टाइट हो गया। उसके चेहरे से उसके दर्द का साफ अंदाजा लग रहा था.

मेरे उंगली चलाने से शलाका सिसयाने लगी और अपना हाथ मेरी पैंट की जिप के पास लाकर जिप को खोलने लगी.बीएफ बीएफ चुदाई बीएफ चुदाई: मैं बार बार लंड को सहला कर उससे कहता कि सो जा यार, लगता है साला रो कर ही सोएगा.

मैं जल्दी से अपने बिस्तर पर आकर लेट गया और आंखें बंद कर लीं, जिससे उनको लगे मैं सो रहा हूँ.मैंने भी साफ साफ शब्दों में बात करते हुए सर से कह दिया- सर आपको जो कुछ रूपया पैसा जितना भी चाहिए आप मुझे कह सकते हैं.

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आह मुलायम-मुलायम, गोल-गोल मम्मों पर हाथ पड़ते ही हथेलियां उसको मसलने के लिए मचल उठे.उसी समय उसकी इस आदत ने मुझको गरमा दिया था और उसके साथ सेक्स करने को उत्तेजित कर दिया था.

जब भी दो कहता था उसकी चूत मेरे लण्ड को भींच लेती थी और लण्ड में बहुत दर्द होता था मैं दर्द और आनंद से कराहने लगता था. बीएफ बीएफ चुदाई बीएफ चुदाई वो मेरे बालों में उंगली डाले सर को पकड़ कर मूझे जैसे अपनी चूची पिलाने लगी.

मैंने उनके कूल्हों के दोनों और अपने दोनों पैर टिकाए और गांड को उनके मुँह के पास लाकर खड़ा रहा.

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मेरी उम्र अभी 24 साल की है, मैं सूरत की रहने वाली हूँ, मेरा फिगर साइज 34-30-36 है. उसकी गीली चूत में लण्ड सर्र से अंदर चला गया और मैंने उसे 15 मिनट तक चोदा और हम दोनों झड़ गए. मेरी इस हरकत पर उसने सर पर हाथ रखकर पीछे से मेरे बालों में उंगली घुसाते हुए कहा- हम ज़्यादा देर के लिए नहीं आए हैं … मुझे जल्दी जाना होगा.

प्लान के अनुसार मैं खाना खाने के बीच में उठा और रसोई में जाकर पैग बनाया और पीकर खाली गिलास लेकर चला आया. पर मैंने भाभी को थोड़ी दूर जाकर ही पकड़ लिया और भैया को वहीं पड़े दीवान पर लिटा दिया. नितिन का लंड खड़ा होने के बाद कम से कम आधा घंटे के पहले वीर्य नहीं छोड़ता था, ये उसकी खासियत थी.

मैं उसकी नंगी पीठ को चूमते हुए साड़ी के ऊपर से ही उसके चूतड़ों पर दाँत गड़ाने लगा. वो बोली- जैसे तूने बोला था कि चुत चाटेगा, वो तो तू कर ही नहीं रहा है. उसका इंटरेस्ट सेक्स में लाने के लिए मैंने उसको एक सेक्स वीडियो दिखाने के बारे में सोचा, लेकिन यह मुझे ठीक नहीं लगा.

मैं तो उसकी बातों को सुनकर एकदम हैरान हो गयी थी कि कोई इंसान इतना बेशर्म कैसे हो सकता है. उसे नहीं पता था कि मैंने कामवर्धक गोली खा रखी है और मेरा लंड दो घण्टे तक नहीं बैठेगा.

शादी के समय सोचा था कि मेरे पति का लंड बड़ा होगा, वो मुझे अच्छे से चोदेगा.

’‘तुझे कुछ फील हुआ?’मैंने पूछा- क्या?अनिल भैया- यही कि मेरे 9 इंच का लौड़ा पूरा तेरी गांड के अन्दर है … और तुझे पता भी नहीं चला.

उसने अपने घुटनों को सीधा करके एक बार तो अपनी चूत को पीछे से भी मेरे चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की मगर जैसे उसने अपने पैरों को आगे की तरफ से सीधा किया वैसे ही मैंने आगे की तरफ से उसकी चूत पर हाथ रख दिया. पर बर्दाश्त नहीं कर पायी, तो उंगली से खुजली मिटाने की कोशिश कर रही थी. उसे आराम देने के लिए मैं उसके साथ लेट गया और उसे जगह जगह प्यार से चूमने लगा.

उसकी चूत की गर्माहट से मेरे लौड़े का तापमान भी बढ़ गया था और वो भी पिघलने के नज़दीक ही था. तभी वो बोली- लाला, लंड को अन्दर बाहर करो।बस फिर क्या था, धीरे-धीरे लंड अन्दर बाहर होने लगा और फिर अपने ही आप अन्दर बाहर होने में स्पीड आ गयी। बहन की चूत और मेरे लंड के मिलन से पैदा होने वाली मधुर आवाज- फच-फच छप की ध्वनि आना शुरू हो गयी. फिर 12 बजे तक इसी तरह अन्दर बाहर करता रहा, लेकिन इस बीच मैं एक बार भी नहीं झड़ी.

अचानक अंकल जी ने मुझे घास पर लिटा दिया और मेरे ऊपर आ गये और मेरी आँखों में झाँका तो मैंने आँखें झुका दीं.

उसकी टाईट पेंटी में क्या खूबसूरत गांड और फूली हुई चूत साफ़ दिख रही थी. उधर उसके होंठ मानो कह रहे थे कि मुझे छोड़ दो … इतना ना चूसो … अब इन में रस नहीं बचा. अभी तक इस सारी प्रतिक्रिया के दौरान वसुन्धरा ने अपनी दोनों आँखें बंद कर रखी थी.

तभी उधर से आवाज आयी- मैं यहां से तुम्हारी गांड में लंड कैसे डाल सकता हूं. मैंने उसकी टांगों को ऊपर उठा कर अपने कंधों पर रख लिया और उसकी गांड का छेद मेरे सामने आ गया. नम्रता पलंग पर पेटकर बल लेट गयी और अपनी टांगों को फैला कर दोनों हाथों से कूल्हे को पकड़ कर फैला लिए और बोली- शरद आ जाओ, मैंने गांड खोल दी है.

मैंने उसको देखते ही कहा- बड़ी खुश लग रही हो?नम्रता- हां है ही खुशी वाली बात.

वो बोले- अभी नहीं साली रंडी, अभी तो मुझे तेरी चूत में लंड भी डालना है. शुरुआत में तो वह एकदम शांत थी लेकिन दो-चार मिनट के बाद ही वह अजीब-अजीब आवाजें निकाल रही थी- उम्म याह उम्म याह ओह इइइइइ आईईईई ओ मां!और मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत पर पूरी ताकत से दबाने लगी.

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उसने मुझे फिर से सब बताया कि मेरे पापा एक वहशी चोदू किस्म के मर्द हैं.

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वो बोले- तू चिंता न कर, आज मैं तेरा यार आशीष हूं और तेरी जम कर चुदाई करूंगा. आज पहली बार मैं अपनी माँ को नंगी देख रहा था मगर मुझे कुछ समझ नहीं थी. लेकिन जैसे ही मैंने वसुन्धरा को पीछे घूम कर देखा तो पाया कि वसुन्धरा की चुनरी, वसुन्धरा की पीठ की ओर से लँहगे के अंदर फंसी हुई थी.

मैं हमेशा सलवार सूट पहनती हूँ और जब ऑफिस जाती हूँ तो मॉडर्न कपड़े पहन कर जाती हूँ. पति महोदय बोले- यार बताओ तो क्या हुआ है?नम्रता- कुछ नहीं मेरी जान, स्कूल जाने के लिए तैयार हो रही थी कि तभी चुल्ल उठने लगी. ”नहीं … नहीं आपको रोसोगुल्ले का यह एक पीस तो मेरे कहने पर लेना ही होगा.

मैंने उससे पूछा- बोलो क्या बात करनी है?तो वो बोली- कुछ नहीं, बस ऐसे ही तुमसे मिलने का दिल कर रहा था.

मैं बोली- हाँ मेरे राजा … आज तू मेरा पूरा मज़ा ले ले … मैं तेरे बिस्तर की रानी हूँ. एक क्षण … मात्र एक पल और … और सब स्वाहा!फिर न तो राजवीर बचता, न वसुन्धरा बचती और न ही बचती कोई सामाजिक वर्ज़ना. अब दोनों 69 की पोज़िशन में एक दूसरे को चूस रहे थे और लंड चूत की चुसाई का मजा लेने लगे.

लेकिन एक बदलाव ये है कि लंड चुत में नहीं, आपकी गांड में जायेगा क्योंकि लौकी आपकी चुत में है. जब मेरा लंड अच्छे से दोनों के मिले हुए माल से गीला हो चुका था, तो वो मेरे ऊपर से उतर गईमेरे मुरझाये हुए लंड के तरफ देखते हुए नम्रता बोली- अब इसका फड़कना बंद हो चुका है. उसने कहा- ऐसा नहीं हो सकता, आप आज हमारी दुकान पर 3 बजे आइए, मैं देखता हूं कि क्या प्रॉब्लम है.

अमित दीदी को फुल लाइन दे रहा था और शायद दीदी भी इस चीज को एन्जॉय कर रही थी. मैं उसकी चूची को दबाते हुए कभी गर्दन पर जीभ फेरता, तो कभी कान पर जीभ फेरते हुए उसके कान को चबाता और नम्रता मेरे लंड को पकड़ कर मसल रही थी.

इतनी ही रोशनी थी कि लोग मुश्किल से सामने वाले को देख पाते। मैंने जहाँ गाड़ी पार्क की वहां पर बिल्कुल अँधेरा था. मेरी बालों वाली चूत और मेरी गोरी जांघें देख कर सर ने सिसकारते हुए कहा- आह्ह … क्या चूत है यार।मेरे पास कोई चारा नहीं था. मैंने चाची से कहा- जब आप भीग ही गये हो तो मेरे साथ ही नहा लो!चाची बोली- हट्ट बेशर्म … अगर किसी ने देख लिया तो?मैंने कहा- यहाँ पर कौन है देखने वाला.

मुझे समझ आ गया कि ये औरत अब बहुत गर्म हो चुकी है और चूत में लंड घुसाने का वक्त आ चुका है.

हम दोनों साथ में ही झड़ गये थे और मुझे अपने लंड पर चाची का गर्म पानी महसूस हो रहा था. उनके चेहरे पर लंड लेने के लिए हाव भाव अलग से ही आनंद के रूप में दिखाई दे रहे थे. मुझमें ज्यादा हिम्मत तो नहीं थी कि मैं बेझिझक होकर मोनी के बदन के साथ अपनी हसरतें पूरी कर सकूं मगर मेरी वासना मुझे बार-बार मुझे उसके बदन को छूने के लिए उकसा रही थी.

ऐसा तो होना ही था और मुझे इस बात का पूरा पूरा इमकान भी था कि मेरा पाला किसी छुई-मुई से न पड़ कर एक बला की खूंखार शेरनी से पड़ने वाला था, जिस ने मेरे साथ इन पलों को साकार करने के लिए चौदह साल इंतज़ार किया था. दी घर पे नई थी और उनको मालूम नहीं था कि घर में कौन सी चीज कहाँ पड़ी है तो वो बार बार मुझे आवाज लगाकर बुलाती थी और मैं जब भी उनके पास जाता, मैंने देखा कि वो मेरे एकदम नजदीक खड़ी रहती थी ताकि मैं उनकी बॉडी पूरी देख अकूँ और उत्तेजित होऊँ.

चरमसीमा तक पहुंचते ही मेरे दोनों पैर अकड़ने लगे … और मैंने उसको ज़ोर से अपनी ओर खींच लिया. फिर उसने मेरी तरफ देखा और शरमाते हुए बोली- हां उसने मेरे दबाए है, पर मैंने उसका न ही देखा है … न छुआ है. तभी वसुन्धरा ने अपना मुंह ऊपर किया और सीधे मेरी आँखों में आँखे डाल कर बोली- वो आप थे … राज!घड़.

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ओके सर!” मैं धीमी आवाज में बोली और रवि सर के सामने पड़ी कुर्सी पर बैठ गयी.

मैंने उसकी चूचियों को कस कर भींचते उसकी चूत में दनादन धक्के लगाने शुरू कर दिये. जहां नितम्बों की गोलाई ख़त्म होती है, वहाँ जहां गुदा और योनि के बीच की जगह पर वसुन्धरा की पेंटी में वसुन्धरा की चुनरी का सितारा अटका हुआ था. सर्दियों की बारिश में सुनसान जगह पर दिन ढलने के बाद किसी अनजान नवयुवक से चोदन … आह सोच कर ही चूत एक बार झड़ जाती है.

चाची ने मेरे तने हुए लंड पर हाथ फेरा और मेरे लौड़े ने उछलते हुए चाची को अपनी बेताबी बयां कर दी. मैंने सलवार को निकालने की कोशिश नहीं की बल्कि उसके नाड़े को ढीला करते हुए उसके नितम्बों की तरफ बढ़ने लगा. मुंबई की चुदाई सेक्सी वीडियोशायद इस तरीके से रेखा को ज्यादा आनन्द नहीं आया, तो वो खुद ही सीधी होकर बैठ गयी और फिर अपनी कमर को गोल-गोल घुमाने लगी.

दोस्तो, आप सभी को यह चोदन स्टोरी कैसी लगी? अपनी प्रतिक्रिया मेरे ईमेल आईडी पर अवश्य दें. करीब रात 11:30 बजे उसका फोन आया और उसने कहा- तुम जल्दी आ जाओ, सब सो रहे हैं.

करीब रात 11:30 बजे उसका फोन आया और उसने कहा- तुम जल्दी आ जाओ, सब सो रहे हैं. मैं अपने नये बॉस को सोच-सोचकर दोनों मोटी-मोटी जांघ खोलकर नंगी बिस्तर पर पड़ी थी. वो मेरे होंठों को किस करने के बाद मेरे पीठ को सहलाने लगा और उसके बाद वो मेरे गांड को मसलने लगा.

नेहा रोहित के पास न जाने पाये और बिन्दू किसी भी बाहरी लड़के या आदमी से न मिले. नाड़ा खोलकर सलवार को कमर से थोड़ा नीचे करके उसकी नाभि पर अपने होंठ फिराने लगा। मेरी इस हरकत पर सिसयाते हुए वो बोली- मैंने कहा था न कि मेरे से दोस्ती करेगा तो तुझे ज्यादा मजा आयेगा और तू है जो किताब पढ़कर अपने लौड़े को मरोड़ रहा था!मेरे मन में अब तक की जो शुभ्रा थी, वो कहीं खो चुकी थी. ”मेरी बात पर पहले तो वह खिलखिला कर हंसने लगी और फिर किसी नव-विवाहिता की तरह लजा गई।एक बात बोलूँ?”हाँ … श्योर?”मिसेज माथुर ने भी फिगर बहुत अच्छा मेन्टेन किया हुआ है?” उसने मेरी आँखों में झांकते हुए कहा।तेज साँसों के साथ उसकी आँखों में लाल डोरे से तैरने लगे थे और कानों की लोब और उसका ऊपरी हिस्सा तो जैसे रक्तिम हो चला था।ओह … हाँ … थैंक यू मिसेज बनर्जी.

मैंने उससे पूछा- बोलो क्या बात करनी है?तो वो बोली- कुछ नहीं, बस ऐसे ही तुमसे मिलने का दिल कर रहा था.

पर शीना पूरी तरह से झड़ने के बाद बुरी तरह थक चुकी थी और उसमें थोड़ी भी हिम्मत नहीं थी कि वह खुद चार्ज ले सके और अपने आप मेरा लौड़ा अपनी गांड में घुसा कर उछल कूद कर सके. पर मुझे नहीं लगता कि वो दोस्त तुमको कुछ खास ज्यादा तुमको एक्सपीरियंस दे पाएगा.

मैं कभी-कभी मॉडर्न सलवार सूट पहन कर भैया के घर जाती थी जिसमें से मेरी ब्रा और पेंटी का रंग बिलकुल साफ़ दिखाई देता था. मन्नत तो मानो जन्नत में पहुँच गयी थी क्योंकि बहुत दिनों के बाद किसी ने मेरी चूत चाटी थी. बातों बातों में पता चला कि डॉली का एडमिशन इलाहाबाद में हो गया है, अगले सोमवार को पहुंचना है इसलिये इतवार को रात की ट्रेन पकड़ेंगे.

उस दिन मौसम को देख कर मेरा मन मानसी की चुदाई करने के लिए मचल रहा था. वो अपनी 2 उंगलियां भी मेरी मेरी चुत में कर रहा था, जिससे मुझे बहुत ही ज्यादा मदहोशी छाने लगी थी. अब जीजा जी ने मेरे स्तनों पर धावा बोल दिया और अपना लंड मेरे हाथ में ही दिये रखा.

बीएफ बीएफ चुदाई बीएफ चुदाई मैंने उसकी गांड पर थूक उड़ेला, जीभ अन्दर तक चलाने के बाद गांड की ऊंचाई तक खड़ा होकर लंड को उसकी गांड के अन्दर पेल दिया और धक्के मारने लगा. शायद उसके लिए मेरा लण्ड बड़ा और मोटा होने के कारण उसके मुंह से चीख निकलने वाली थी कि मैंने अपने होंठों से उस के होंठ दबा दिए.

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लंड तो खुशी से और बढ़ा हो गया था, जो इस उम्र में भी कमसिन कुंवारी बुर फाड़ रहा था. भैया घर में अकेले थे तो मैं वापस अपने घर आने लगी तो भैया मुझसे बोले कि तुम अकेले में मुझसे बात नहीं करोगी क्या?उनकी यह बात सुनकर मैं भैया के घर रुक गयी और हम दोनों बात करने लगे. जिस तरह से राजेश मेरे जिस्म से आज खेल रहे थे, मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी.

मैं उसको पागलों की तरह किस कर रहा था और वो मेरे बालों को पकड़ कर नोंच रही थी. मेरी टाइट चूत को चोद कर उनका लंड भी शांत रहता था और उनका महान लंड मेरी चूत को भी अच्छी तरह खुश रखता था. कुंवारी लड़की का हिंदी सेक्सी वीडियोअब तक आपने पढ़ा था कि नम्रता और मैं खुली छत पर नंगे घूमने का मजा लेने लगे थे.

मैंने उनके पैरों को उनके पिंडलियों से दोनों हाथों से कसकर ऐसे पकड़ लिया, जैसे कि बाइक पर पकड़ा था.

जैसे ही पहला दिन ख़त्म होने को आया, तब क्लास खत्म होने के बाद दीपाली ने मुझसे मेरा नाम पूछा. कमरे में से ही पहले खिड़की में से गेस्ट हाउस की ओर देखा लेकिन यहाँ से कोई हलचल नहीं दिखी.

मैंने अपने सर को ज़रा सा झुकाया और अपने बाएं बाज़ू को हल्की सी ऊपर को जुम्बिश दे कर वसुन्धरा के होठों को अपने और करीब कर लिया और अपने जलते-तपते होंठ वसुन्धरा के गुलाब की बंद कलियों जैसे नम और रसभरे होंठों पर रख दिए. इतना बोल कर वो मुझ पर झपट पड़े और मेरी नाइटी देखते ही अलग करके मुझे नीचे बिठा दिया. मेरे साथ उसने भी पानी पिया और फिर वो डायनिंग टेबल के पास खड़ी हो गयी.

थॉमस ने मुझे बेड पर सीधा लेटा दिया और मेरे मम्मों पर आकर उन्हें चूसने और मसलने लगा.

अब जब उसका मन होता है, तो मेरे साथ चुदाई कर लेता है और जिस दिन मेरी बहुत इच्छा होती है कि वो मुझे रगड़े, मसले, इतनी ताकत से चोदे कि मेरा रोम रोम मस्त हो जाए, तो उस दिन वो मेरी तरफ देखता भी नहीं है. मैं, सीमा और प्रियंका एक साइड बैठे थे और हमारे सामने सतीश, मोनू और मुस्कान बैठे थे।हम सभी आपस में बातें करने लगे और अपने आप को आया मज़ा शेयर करने लगे।मैंने प्रियंका को कहा- साली तू क्यों हमसे जल रही थी?वो मुस्कराते हुए बोली- जल मैं नहीं, तुम्हारी ये साली चुदकड़ कुतिया सीमा जल रही थी, ये मुझे बार बार छेड़ रही थी. इसी के साथ नम्रता ने अपने एक हाथ का प्रयोग अपनी चूत पर करना शुरू कर दिया.

भाभी देवर की सेक्सी फुल एचडीनेहा ने बहुत सुंदर परफ्यूम लगाया था और नहाने के बाद बाल खुले छोड़ रखे थे. ये कहानी बस दो साल पहले की है, जब मैं कॉलेज के लिए रोजाना मुज़फ़्फ़रपुर से सीतामढ़ी ट्रेन से आना जाना करता था.

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अब आगे:अगले दिन मैं देर से उठी, कॉलेज नहीं गयी, सीधे कोचिंग पर चली गयी. मैंने आनन्द के भंवर में खुद को खो जाने दिया और खुद को हीना के हवाले कर दिया. ये बात मैंने देख ली थी, लेकिन वो दोनों अभी तक इस बात से अनभिज्ञ थे.

उस रात मैंने फिर से तरह तरह के आसनों के साथ भाभी को जम कर चोदा और उन्हें पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया. जब दिन इतना उत्तेजक था, तो रात कितनी कामुक होगी … यही सोच कर मेरा लंड उफान मार रहा था. मैंने उससे पूछा- तुम मेरे से दोस्ती क्यों बढ़ा रही हो?वो बोली- मेरे पति का बिज़नेस है और वो मुझे बहुत ही कम समय दे पाते हैं.

फिर मैंने बोला- मीता बोलो न … क्या तुमने उसका लंड देखा है? या उसने तुम्हारी चूचियों को दबाया है?मीता फिर भी चुप रही. कुकोल्ड सेक्स स्टोरीज इन हिन्दी का पिछला भाग:बीवी की चुदाई गैर मर्द से-3 अमन बोटल से एक पटियाला पेग बना कर किचन में लाये और मुझे देते हुए बोले- लो. नम्रता- अच्छा, अब मैं भी तुम्हारे लंड को सूंघकर देखती हूं कि मुझे मदहोश कर पाता है कि नहीं.

तभी मुझे ख्याल आया कि हम लोग खुले में असुरक्षित जगह पर हैं जहां कोई भी अचानक हमें देख सकता है. अब दो मूसल जैसे लंड उसकी गांड और चूत में घुसे हुए थे।उसकी आहें अब चीख में बदल चुकी थी.

उसने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और साड़ी के पल्लू को नीचे सरका दिया.

हम जब अपने दिल्ली वाले घर में थे तो एक दिन जब मैं नहाने के लिए तौलिया लपेट कर बाथरूम में घुसने ही वाला था कि उसी वक्त जूली घर आ पहुंची. भोजपुरी सेक्सी भेजो सेक्सी सेक्सीमैंने भाभी की चूत पर हाथ फेरना चालू किया और फिर धीरे से एक उंगली उनकी चूत में सरका दी. सेक्सी ऑनलाइन चुदाईमैं भी चूत चाटे जाने से एकदम मस्त हो उठी और मादक सिसकारियां लेने लगी. कहानी के पिछले भाग में आपने देखा कि मेरा दोस्त रणविजय मेरी ही बीवी की चुदाई के लिए हमारे रूम में पहुंच गया था.

आखिर चूत चटाई भी तो करनी थी ना!हम वहां से निकल पड़े।पहले मैंने उसे कहा कि पूछ लो तुम्हारा भाई कहां है.

उसकी बात पर मैं हँस पड़ा और मैंने अपने आप को सूंघने की कोशिश की तो दीपिका ने अपना मुँह और नाक मेरी बालों से भरी छाती में लगा दिया और बोली- दिल करता है बस तुम्हारे यहाँ अपना मुँह रखे रहूँ. चूमते हुए ही भाभी ने मेरी टी-शर्ट उतार दी और पजामे के अन्दर ही हाथ डाल के मेरा लंड मसलने लगीं. मैंने वहीं बैठी एक महिला के पास जाकर कार्ड दिखाया तो उसने मुझे 1 नंबर रूम में जाने को कहा.

सीमा जी तन्हाई मिटने के लिए बैंक जाया करती थीं … क्योंकि सीमा एक बहुत ही अमीर और मॉडर्न महिला हैं, बेहद खुले विचारों वाली और बेहद चुदक्कड़ मिजाज की हैं. सच बताऊं तो मैं भी यही चाहती थी कि वो मुझे बेताब कर दे चुदाई के लिए!उसने एक बार फिर मेरे पास आकर मुझे अपनी बांहों में कस लिया और बिस्तर में जा पटका. चूमते हुए ही भाभी ने मेरी टी-शर्ट उतार दी और पजामे के अन्दर ही हाथ डाल के मेरा लंड मसलने लगीं.

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रानी ने मेरे बाल हाथों में जकड़ लिए थे और कस के मेरा मुंह अपनी बुर से चिपकाया हुआ था. मैं उसकी चूची को दबाते हुए कभी गर्दन पर जीभ फेरता, तो कभी कान पर जीभ फेरते हुए उसके कान को चबाता और नम्रता मेरे लंड को पकड़ कर मसल रही थी. मित्रो, मेरी पिछली कहानीपापा ने नंगी बेटी देख कर मुठ मारीबहुत हिट रही है, आप लोगों का अच्छा रिस्पोंस मिला.

फिर उसने कहा- मैं आपको नया सैट देता हूँ, आप ये ले कर जाइए, ये हमारी दुकान का सबसे अच्छा माल है … आपकी तरह.

हाँ इस बार हमने पूरे होश में सब किया, तो हमारी शर्म भी खत्म हो गयी.

”वो … वो … मुझे डर लग रहा है ज्यादा दर्द तो नहीं होगा ना?”तुम दर्द की बिल्कुल चिंता मत करो बस जैसा मैं कहूं करती जाओ और अपने आपको रिलेक्स कर लो. चूची देख नहीं रहे हो, खरबूजे जैसी बड़ी हो चुकी हैं और मेरे निप्पल भी तुम्हारी गांड को भी टच नहीं कर पाएंगे. बंगाली सेक्सी ब्लू वीडियोनिहारिका के चूत और चूतड़ों की आवाज आ रही थी ‘पट पट पट पट …’उसकी सिसकारियों की भी ‘आईईई आआह उफ्फ्फ … आईई माँ आआ मार दिया रे …’ आवाज आ रही थी.

उसकी इस बात से मैंने उसका मन समझ लिया और मैंने उसे गाल पर एक किस करके कहा- ठीक है … तू मेरा इंट्रो किसी से भी मम्मी बता कर नहीं करना. मुझे पता था कि अब वो मेरी गांड को चाटने वाले हैं … क्योंकि मूवी में मैंने देखा था. करीब 10-12 मिनट बाद मौसी आईं और बिना कुछ बोले ही मेरी बगल में लेट गईं.

मैंने उसके होंठों पर हाथ रखकर कहा- बस यही दर्द है, थोड़ा सा सहन करो बस अभी थोड़ी देर में ही दर्द सही हो जाएगा. नम्रता ने गांड को अच्छे से चाटने लगी और अपने थूक से मेरी गांड को अच्छे से गीला करने के बाद एक बार फिर वो कुप्पी अन्दर डालने लगी.

‘तेरे वाले का अच्छा है या मेरा? बता तूने तो दोनों टेस्ट कर लिए हैं?’ये कहकर भैया मुस्कुरा कर मुझ पर फिर से टूट पड़े और हम दोनों लिपट कर उसी हालत में सो गए.

उसकी आँखों से आंसू की धार निकल रही थी। एक हाथ से उसने नीचे बिछे चादर को कस कर पकड़ लिया और दूसरे हाथ से मेरा लन्ड एकदम जोर से पकड़ा हुआ था।उधर मेरा भी यही हाल हुआ पड़ा था, मुझे भी बहुत दर्द हो रहा था. इस तरह होंठ चूसते हुए उसने अचानक से अपनी जीभ निकाल कर मेरे मुँह डाल दी. तभी वो मेरे सीने पर आकर लन्ड को स्तनों के बीच से होते हुए मेरे गले तक लाने लगा.

सेक्सी छोटी-छोटी लड़कियां सरिता- नहीं नहीं अंकल मैं नहीं चिल्लाऊंगी, पर जरा आराम से अन्दर डालना. चूंकि रंजना के साथ संभोग करने का यह मेरा पहला अनुभव था इसलिए लिंग चुसवाने और योनि चाटने का मेरा मन नहीं किया और न ही मुझे उसके आनंद के बारे में कोई ज्ञान था.

रानी ने मेरे लंड और गांड के बीच में जो मुलायम सा भाग होता है, उसे ज़ोर से दबा दिया. अब मैं एक हाथ से उसकी योनि सहला रहा था और दूसरे हाथ से उसकी चूचियां दबा रहा था जिससे वह मदहोश होने लगी।वह मेरी लोअर के ऊपर से मेरे लिंग को पकड़ कर तेजी के साथ सहला रही थी. मैं किताब के बीच छिपाकर मस्तराम की कहानी पढ़ रहा था और पढ़ने में इतना मग्न था कि कब मेरी छोटी बहन मेरे पीछे आकर खड़ी हो गयी मुझे पता ही नहीं चला। पता तब चला, जब एक तेज थपकी मेरी पीठ पर पड़ी.

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मूवी खत्म होने से थोड़ी देर पहले मैंने अपने आपको ठीक किया और हम घर निकल गए. काजल की फिगर में उसके 34डी के तने हुए चूचे, बलखाती 32 की कमर और थिरकती हुई 34 साइज़ की गांड. अगले दिन सुबह उठकर हमने अपने सारे कपड़े बैग में पैक किए और जाने से पहले एक आखरी चुदाई की।और फिर मैंने कार से सुमन को उसके घर पहुंचा दिया।रास्ते में सुमन ने कहा- जिस चीज की मुझे प्यास थी, तुमने पूरी कर दी.

मेरी नाक को पकड़ते हुए नम्रता बोली- आस मत छोड़ो, पता नहीं कब पूरी हो जाए. मैं सारा से बोला- जब मैं रूई कहूँ तो सिर्फ दायाँ चूतड़ ऊपर को उठाना, मैं उसी और धक्का मारूंगा, जब मैं कपड़ा कहूँ तो गांड ऊपर उठाना और जब फूल कहूँ तो सिर्फ बायाँ चूतड़ ऊपर उठाना.

रात के करीब दस बज गये थे और चलती हुई ट्रेन से ठंडी हवा अंदर आ रही थी.

इस तरह होंठ चूसते हुए उसने अचानक से अपनी जीभ निकाल कर मेरे मुँह डाल दी. ई … ई … ई … ई … ई!!!!” वसुन्धरा के मुंह से एक तीखी सिसकारी निकल गयी और अपनी उंगलियां मेरे मुंह से निकालने की कोशिश करने लगी. मैंने माँ को मैंने जगा कर उनसे पूछने की कोशिश की, मगर माँ गहरी नींद में सोई हुई थीं, तो माँ जागी ही नहीं.

उसने अपनी जाँघों को फैला सा दिया था, जिससे मुझे उसकी चूत पर हाथ फेरने में आसानी हो रही थी. आपका प्रकाश डागा[emailprotected]भाभी की चुद की कहानी का अगला भाग:बिहारन भाभी की चोदम चुदाई- 2. उस नौजवान गबरु इस तरह से यह पहला नारी स्पर्श था और वह भी मेरे जैसी नारी का स्पर्श! उसका लंड पूरे शबाब पर था और मेरी पैन्टी के ऊपर से ही मेरी चूत पर बार बार ठोकर मार रहा था.

रानी ने फिर मुझसे अपनी जांघों पर छलक के लगी हुई अमृत की कुछ बूँदें चटवाई.

बीएफ बीएफ चुदाई बीएफ चुदाई: जबकि मैं टैक्सी के पैसे चुकाकर इधर-उधर देखते हुए रात के अंधेरे में खाली रोड पर टहलने लगा, जैसा कि मेरे उसके बीच में तय हुआ था. मैंने उसको बेड पर पटका और उसकी गांड को अपने हाथों में पकड़ कर ऊपर की तरफ उठा लिया.

इस बार मैं हाथ ऊपर की तरफ ले कर आया और ब्लाउज के ऊपर से उसकी चूचियों को थाम लिया. कुछ देर में उसने 69 की पोज़िशन बनाने को कहा और हम एक दूसरे को चूसने लगे. धीरे-धीरे उसकी तरफ मेरा आकर्षण बढ़ने लगा और मैं उसको पसंद करने लगा.

मैं कुछ ज्यादा ही सोच रहा था कि तभी शुभ्रा की आह-ओह, सी सीईई ईई की आवाज़ से मेरी तंद्रा भंग हुई तो मैंने देखा कि शुभ्रा भी आंखें बन्द किये हुए मेरी जीभ का मजा ले रही थी, जबकि उसकी सलवार और पैन्टी अभी भी कमर के नीचे थी.

मुझे उसे अंधेरे में डर लग रहा था कि चुत के चक्कर में मैं कहीं किसी गलत जगह में न फंस जाऊं. और इस बात से आप अपने पापा से नाराज़ हो कर उनसे बात नहीं करती, अलग रहती हैं, शादी ना करने की ज़िद पर अड़ी हैं. मुझे पता नहीं क्या हो गया था भाभी की बात सुनकर कि मेरे अंदर की हवस जाग गई थी.