राजस्थानी सेक्सी बीएफ सेक्सी

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कभी वो उसके रसीले होंठों का रस पीता, तो कभी बच्चे की तरह चूची के निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसने और दूध पीने की कोशिश करने लगता. क्सविडिओसमैंने पूछा- आप नींद में थीं या ये सब जानबूझकर किया?वो बोली- मेरा ऐसा कुछ प्लान नहीं था.

मुनिया- आह भाबी … याद मत दिलाओ उफ कितना गर्म था भैया का पानी … सच में मज़ा आ गया था. होंडा बुलेटमेरी कॉलोनी में, मैं ही एक ऐसा सुंदर और अच्छा दिखने वाला लड़का था, जिसके कारण मुझ पर कॉलोनी की सभी लड़कियां मरती थीं.

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मैं- हां लोग कहते है कि मैं अच्छा इंसान हूँ … लेकिन अभी मेरी शादी नहीं हुयी है, तो अभी तक वो खुशनसीब कोई नहीं है.थोड़ी ही देर के बाद उसने मेरे सिर को अपने हाथों से चूत पर दबाया और उसकी चूत का झरना मेरे मुंह में छूट पड़ा.

मैंने उसकी एक टांग को टेबल पर रख कर फैला दिया और अपने लंड पर बटर लगा कर उसकी गांड में पेल दिया. राजस्थानी सेक्सी बीएफ सेक्सी मैंने भाभी से पूछा- भाभी माल कहां निकालूं?भाभी ने बोला- बस अन्दर ही निकाल दो.

फिर विनी को जगाया और मैं उसके साथ सामान लेकर अपने किराए के फ्लैट में आ गया.

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जिस दिन मेरे लंड को पहली चूत की गुफा में प्रवेश मिला, वो दिन मुझे आज भी याद है. कुछ देर के बाद वो बोलीं- आह मेरा फिर से निकलने वाला है … क्या तुम मेरे साथ नहीं आओगे. फिर थोड़ी देर में हाथ चादर के अन्दर ले गए मुझे अहसास हो गया कि अब्बू चादर के अन्दर से अम्मी की गांड हल्के हल्के से सहला रहे थे.

अब मैं क्या पहनूंगी?मैं हंसा- तुम्हें कपड़े पहनने की जरूरत ही क्या है?स्यू- दिन पर दिन बड़े बदतमीज होते जा रहे हो तुम!उसके बाद हम दोनों ने लंबा सा लिपकिस किया. लेकिन अनजान बनते हुए पूछने लगी- मतलब? कैसे आता मज़ा? बोलो … वैसे लाकर देती हूँ. मेरी कॉलोनी में, मैं ही एक ऐसा सुंदर और अच्छा दिखने वाला लड़का था, जिसके कारण मुझ पर कॉलोनी की सभी लड़कियां मरती थीं.

मेरी मॉम ने मुझसे बोला- हार्दिक तुम और शालिनी अपना ध्यान रखना … हम दोनों 5 से 6 दिन में वापस आ जाएंगे. वो मस्ती में चुदते हुए बड़बड़ा रही थी- आआ … आह्ह … मेरे राजा … चोद … आह्ह … चोदता जा … ओह्ह … और चोद … हाये … तेरा लंड … आह्ह … घुसा दे पूरा … फाड़ दे बुर को … ओह्ह … चोद रे कमीने … और चोद. आज बुआ ऐसे तैयार थी जैसे सुहागरात की दुल्हन हो।होंठों पर लिपस्टिक और आंखों में काजल, पैरों में पायल।अब मेरा लौड़ा खड़ा होने लगा और बुआ को चोदने का मन हो गया।मैं अंदर आ गया और गेट बंद कर दिया।मैंने बुआ को बिस्तर पर पटक दिया और उसके कपड़े उतारने लगा.

दूसरे दिन मैंने अपने घर पर कह दिया था कि मैं 2 दिन के टूर पर जा रहा हूँ. इसके बाद मैंने फिर से उसकी गांड के छेद पर अपना लंड रख कर एक जोरदार झटके के साथ पूरा लंड राहुल की गांड में उतार दिया.

मैं बोली- क्यों?वो बोला- जितना बोला है उतना कर!मैं लेट गयी और वो वहीं सोफे पर बैठा हुआ मेरी चूत को सहलाने लगा.

इसी कारण मैं इतना पीछे आया था और निश्चिन्त था कि यहां पर अनु की चुदाई हो सकती है.

वो कहने लगीं- मुझे बहुत मन करता है चूत चटवाने का … लेकिन तेरे माना चाटते ही नहीं हैं. अपने होंठों से जोर जोर से उसकी चुत के दाने को खींचते हुए काटने लगा. मैंने सोचा कि मेरी बोरियत को ये लड़की अपनी मीठी बातों से ही दूर कर देगी.

फिर मैंने बिना देरी किए अपना लंड रेखा की चूत पर टिकाया और दांत भींच कर एक जोरदार धक्का लगा दिया. मैंने हिम्मत करके दूसरे चूचे को हाथ में ले लिया और दबाते हुए मसलने लगा. बॉस ने तुरंत मुझे 20 हजार रूपये का चैक देकर कहा कि ये लो, लंड चूसने के पैसे ले लो, लेकिन मेरे लंड को चूसो जरूर.

चेहरे का रंग तो वैसा ही था लेकिन उसको छोड़कर शरीर में बाकी सब कुछ बदलने लगा था.

अब वो मेरे चूतड़ों को अपनी ओर खींच कर मेरे लंड को और ज्यादा अंदर घुसवाने लगी. मैंने उसका टॉप उतार दिया और उसके मम्मों को चूमने लगा।उसने मेरी पैंट का बटन खोला और अंडरवियर में से मेरे लंड को बाहर निकाल कर सहलाने लगी. लगभग दस मिनट तक चूसने के बाद मेरे लंड में अब फिर से तनाव आने लगा था.

ब्लाउज के अंदर मैंने 28 नम्बर की ब्रा पहन रखी थी जिसमें मेरे आधे से ज़्यादा बूब्स बाहर निकले हुए थे. तभी अम्मी ने कहा- कासिब मुझे लगता है तू पहले भी किसी की चुदाई कर चुका है. मगर तब भी मैंने बॉस की टेबल पर हाथ रख कर झुक कर मुस्कुराते हुए पूछा- आपकी खुशी के लिए मुझे क्या करना पड़ेगा?बॉस ने मेरी मस्त चूचियों को देखते हुए कहा कि तुमको तो मैंने बताया ही था कि तुम्हारी मेम प्रेग्नेंट है, इसलिए में अपने लंड को उसकी सुरंग में नहीं घुमाने ले जा पा रहा हूँ.

सुशीला ने अनीता की गठरी उठवा दी और अपनी गठरी के लिए मेरी तरफ देखने लगी.

जीजू और दीदी एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे। जीजू साथ में दीदी के बूब्स भी दबा रहे थे।फिर दीदी को पलट कर उन्होंने उनकी ब्रा खोल दी और उनके मोटे मोटे बूब्स आजाद हो गये. मैं अब उससे बोले जा रही थी- आह फ़क मी बेबी … चोदो मुझे … आह और जोर से चोदो.

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[emailprotected]सेक्सी लड़की की वासना की कहानी का अगला भाग:कुंवारी पड़ोसन को बियर पिलाकर मस्त चोदा- 2. मेरे हां करने के बाद हमने एक दूसरे को होंठों को तकरीबन 45 मिनट तक चूमा. मैंने जेनिल से कहकर एक मिनीबार से एनर्जी ड्रिंक ली और पहले हीरोइन की मस्त उभरी हुई गांड के बीच के धार पर लंड फिराया.

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कुछ देर तक उन्होंने कोई हलचल नहीं की और फिर प्रिया चुपके से बर्थ से उतरी और अपनी सीट पर जाकर सो गयी. फिर तुम दोनों आपस में एडजस्ट कर लेना … ठीक है बेटा!मैंने बोला- ओके आंटी. दीदी के रूम से अजीब सी आवाजें आ रही थीं तो मैं बाहर रुक गई और खिड़की से देखने लगी।मैंने देखा कि दीदी और जीजू बिल्कुल नंगे थे। जीजू दीदी के ऊपर पड़े थे और दीदी की चुदाई कर रहे थे.

मैंने उससे कहा- मेरा जो भी है नूपुर, सब तुम्हारा है … तू खुद निकाल कर देख ले.

मामी ने मेरे मुँह में वापस डाल दी इस तरह से हम दोनों आधा आधा घूंट करके एक दूसरे को बियर का मजा देते रहे. मैं अब उससे बोले जा रही थी- आह फ़क मी बेबी … चोदो मुझे … आह और जोर से चोदो. एक दिन जब मैं गार्डन में घूमने गया, तो वहां पर उन अप्सरा जैसी लड़कियों में से लड़की मुझे दिखाई दी.

तभी चाची ने मेरे लंड को पूरा बाहर निकाल और उसे अपने नर्म हाथों से सहलाने लगीं. पन्द्रह मिनट तक उनके दोनों चुचों को बारी बारी से चूस कर मैंने लाल कर दिए थे.

फिर उसने अपने हाथ से लन्ड पकड़े हुए मेरी गांड के छेद पर रख कर एक झटका मारा. फिर मैंने पैंटी के एक हाथ से भाभी की पैंटी के अचानक से अन्दर दो उंगलियां डाल दीं और उनकी चूत के अन्दर कर उनकी रस छोड़ती चुत को कुरेदने लगा. मैं तो बस निकिता मैडम के घर के पास से जा रहा था, ये देखने कि कहीं वह कनिया कंप्यूटर मास्टर तो नहीं है.

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उसके होंठों का रस पीकर अपने शरीर की गर्मी की प्यास बुझाऊं।वह मेरे कंधे पर उगे बालों पर हाथ फेरते हुए बोली- अंकल, मेरे कॉलेज में एक ड्रामा होने जा रहा है.

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चूंकि मेरे अन्दर मुठ मारने की आदत थी जो मेरे शरीर को कमजोर बना देती थी. चूंकि बाथरूम के दरवाजे खुले थे, इसलिए ये सब जेनिल अपनी नंगी आंखों से देख रही थी. दुर्गा जी का वॉलपेपर”पता है, हम लोग जब रूम की तरफ लौट रहे थे, उस वक्त मैंने अंकित को बोला था कि तुम आगे जाओ, मैं आती हूँ.

मैं- अरे तुम चिंता मत करो, मैं पैदल चल के बाहर तक चला जाऊंगा और वहां से ऑटो कर लूंगा. अब सुयश तो परिवार का सदस्य ही था तो समता के पति को कोई ऐतराज़ नहीं था।फिर सुयश, समता व उसकी 2 महिला साथी सुयश की कार में मुंबई के लिये निकल गए.

लेकिन कॉम्पटीशन के चलते बिज़नेस में हमको मुनाफा ज्यादा नहीं हो रहा था। धीरे धीरे हम लोग घाटे में चले गए और हम पर 50 लाख का कर्ज हो गया।इसी बीच मेरी फेसबुक पर एक राजेश नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई. मैं उसको अपनी तरफ खींचा और अपनी बांहों में लेकर उसके होंठों को किस करने लगा. रातों में पत्नी बगल में बैठी थोड़ी बातें करती और सो जाती लेकिन बातों से थोड़े ही न मेरे काले घोड़े को राहत पहुंचती बिना बगल में लेटी घोड़ी पर चढ़े हुए?रातों में जब भी अपनी पत्नी को देखता था तो अपने बीते दिन याद आ जाते।शुरू-शुरू में मेरी बीवी रात में साड़ी पहने ही सोती थी लेकिन एक रात मैं बहुत ही उत्तेजित था.

आपका लकी[emailprotected]गांड मारी कहानी का अगला भाग:बहन की सहेली और उसकी बहन संग मजा- 2. अगले दिन मैं जीजू के साथ होली खेलने के लिए जल्दी जाग गयी।मैं दीदी और जीजू मौहल्ले में लगभग सुबह 10 बजे तक होली खेले। उसके बाद जीजू भांग ले आये।दीदी ने मुझे मना किया पीने के लिये मगर खुद वो तीन गिलास पी गयीं. मेरे घर के बगल में एक औरत रहती है, उनके पति आज से करीब 15 साल मर गए थे.

मेरा मन उसकी गांड मारने का करने लगा क्योंकि उसकी गांड बहुत मोटी और गोल थी.

जब सर का लण्ड काले नाग की तरह फुफकारने लगा तो सर ने कहा- पम्मो रानी, अब ये लण्ड हमारे बस में नहीं है. मैंने असली पहचान छुपाने के लिए कहानी में सभी पात्रों के बदले हुए नाम इस्तेमाल किए हैं.

आंटी के पीछे खड़े होकर आंटी के भारी भरकम चूतड़ों के बीच चमकते आंटी की गांड के छेद पर मैंने अपने लण्ड का सुपारा रखा और आंटी की कमर पकड़कर लण्ड को धकेला. कालू- चल मेरी घोड़ी ले पूरा लौड़ा ले हरामिन उहह उहह … तुझे आज असली मर्द मिला है … और ले आ. अब करीना और बबिता दोनों चुदती हैं और श्यामली को मैंने कुलजीत के हवाले कर दिया है.

दोस्तो, आपको मेरी चाची की मस्त गर्म चुदाई की ये कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताएं. मैं- जब मैंने तुम्हें पहली बार देखा था, तब से मैं उसे भी भूल चुका हूँ. उन्होंने की-होल पर मोबाइल का कैमरा जूम करके लगा दिया और हम दोनों मोबाइल स्क्रीन पर उनकी चुदाई देखने लगे.

राजस्थानी सेक्सी बीएफ सेक्सी आप लोग सोच रहे होंगे कि एक झटके में पूरा लंड घुसते ही वो चिल्लाई होंगी, लेकिन नहीं … बस हल्की सी सिसकारी ली और लंड को गड़प कर गईं. इसके बाद मैं पापा के सामने गई और अपने दोनों बूब्स उनके मुँह के सामने रख कर अपने हाथों से दबा दिए.

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इसके बाद मैंने ज्यों ही गेट को दुबारा से नॉक किया, आंटी ने बड़बड़ाते हुए आकर उसी गुस्से में दरवाजा खोल दिया. उसने मुझसे कहा कि मैं तुम्हारे सोने का बंदोबस्त यहां हमारे पास वाले कमरे में कर देती हूँ. जब भी रात में मेरा लन्ड खड़ा होता सिर्फ पत्नी की ड्रेस का एक फीता खोलने पर ही सारा सेक्स का संसार कुछ सेकंड में ही मेरा हो जाता.

टप्प की आवाज आई और मेरे लण्ड का सुपारा हनीप्रीत की चूत के अन्दर हो गया. सुरेश ने बस मीता को देख कर उसे इशारा किया कि कुछ मत कहो, इसे करने दो. वासना की कहानीजैसे जैसे मूवी आगे बढ़ने लगी, वैसे वैसे संगीता मेरे हाथ को पकड़ मेरे नजदीक आने लगी.

उसके बाद क्या हुआ?बड़ों को चरणस्पर्श, छोटों को नमस्कार। नाम वगैरह बताने में आपका समय खर्च नहीं करवाऊंगा, जाहिर सी बात है कि आप यहां नाम नहीं काम की बात पढ़ने आये हैं.

ट्रॉली भरने वाली थी तो पहले सुशीला गन्ने के खेत से निकली और थोड़ी देर बाद संजय भी आ गया।मैं समझ गया कि ये दोनों चुदाई करके आए हैं।फिर भाई ने मुझे कहा- तू ट्रैक्टर चला कर घेर में खड़ा कर ले. मैंने उसे और बोलने नहीं दिया और मुँह से मुँह लगा कर उसके होंठों को आम की तरह चूस चाट रहा था.

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उसके क्लास में आने के बाद हम दोनों बैठ कर बातें करने लगे और एक दूसरे को इधर उधर टच करने लगे.

शायद वो झड़ने वाले थे अब!उसके कुछ ही पल बाद उन्होंने जोर का धक्का मारा और पूरा लंड अंदर ठूंस दिया. फिर वो मेरे ऊपर आकर अपने होंठों को मेरे होंठों से मिला कर मुझे चूमने लगा. हमारा चुम्बन टूटा, तो मैंने उसे अपनी बांहों में खींच लिया और उससे बोला- चलो बेडरूम में चलते हैं.

देहाती रंडी की चुदाईमैं इतना गधा तो नहीं था कि निकिता मैडम के इशारे को नहीं समझ सकता था. अंकित कभी उसका एक दूध मुँह में लेता, तो कभी उसके निप्पल को अपने दांतों से काट देता, तो कभी जोर से मसल देता.

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अम्मी उससे कह रही थीं- मैं आपको पैसे नहीं दे पाऊंगी, बदले में जब मर्जी हो मेरे पास आकर मजे कर लेना … और मुझे पैसे से मदद करते रहना. उसकी नजरों से नजरें मिलते ही मैं थोड़ा तनाव में आ गया और बिना कुछ बोले गन्ने के खेत से बाहर आ गया. इसके बाद मैं उनसे उनके शहर का नाम पूछा, तो संयोग से वो मेरे ही शहर की निकलीं.

फिर मैंने उसकी पैंटी को हल्का सा साइड किया और उंगली अंदर पैंटी में दे दी. मधु की चुत से निकली हुई मलाई को उंगली से लेकर मैंने पूजा की गांड में लगा दी और कुछ अपने लंड पर लगा ली. जिस पर मुनिया राजी हो गई थी और अब मुनिया को अपने भाई के लंड से चुदने की चुल्ल होने लगी थी.

अब मामी की पीठ मेरी तरफ थी, तो मैं चाह कर भी उनकी चूचियां नहीं देख पा रहा था. एक दिन उसके पापा ने मुझसे कहा- बेटा, कभी हमारी बेटी पर ध्यान दे दिया करो … उसके डाउट क्लियर कर दिया करो. उनकी साड़ी सीने से ढलकी हुई थी और गहरे गले के ब्लाउज से उनके मिल्की वाइट दूध देख कर मुझे बहुत रोमांच हो रहा था.

उससे मेरी एक दो बार मुलाकात हुई … लेकिन मेरा प्यार से भरोसा उठ गया था … क्योंकि मेरे कॉलेज ब्वॉयफ्रेंड ने मेरे साथ बहुत गलत किया था. मैं जाने के कह कर फिर से निकल गया और अपने रूम के दूसरे दरवाज़े से अन्दर आकर वापस कमरे में छुप गया.

फिर मैंने उनको समझाया- जिंदगी एक ही बार मिलती है चाची, इसलिए खुलकर जीना चाहिए.

वो मेरी चूचियों और चूत से खेलने लगा और मैंने उसका लंड हाथ में ले लिया. बंगाली लड़की की चुदाईसेक्स डॉल की चुदाई कहानी में पढ़ें कि मेरे भतीजे की बीवी सच में एक गुड़िया है सेक्स की. छोटा यूट्यूबउन सबके जाने के बाद मेरी मां भाभी से बोली- बहू, तेरी बहन तो जवान हो गई है. वैसे तो सुमन खेली खाई थी … मगर उसकी चुत ने आज तक इतनी गहराई में लौड़ा कभी नहीं लिया था.

मैंने आह भरी, तो चाची ने झट से लंड को मुँह में भर लिया और चूसने लगीं.

मेरी नजर उसकी आंखों को पढ़ने में थी कि उसने मेरी जांघ पर कुछ बूंद चाय की गिरा दीं. उन्होंने कार को सड़क के एक किनार रोक दी और गियर से हाथ हटा कर मेरे पैंट की जिप पर रख दिया. गुलचीन मेरा लंड लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी और मेरे लंड के सुराख में अपनी जीभ डाल कर चूसने लगी.

जब मैं सब कुछ ट्राई कर लूंगी तो तुझे कॉल करके बताऊंगी कि मेरा एक्सपीरियंस कैसा रहा।दीदी ने फोन रख दिया और मेरे लंड को देखने लगी. कुछ देर पहले तक दो ढाई इंच का मुरझाया हुआ लण्ड खड़ा होकर करीब चार इंच का हो गया था. शायद उसे मेरा बदन पसंद आ गया, उसने मुझे सेक्स के लिए आमंत्रित किया तो …दोस्तो, मेरा नाम अनुज है, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ.

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पांच मिनट में ही हम दोनों एक क्विकी चुदाई का मजा लिया और अपना काम निपटाकर कपड़े ठीक करके नीचे चाय पीने के लिए आ गए. मुखिया बाहर चला गया और गीता को सब समझा दिया कि तू ऐसे एकदम अनजान सी बनी रहना, जैसे तुझे कुछ पता ही नहीं है. हीरोइन ने कहा- आगे का क्या प्लान है?जेनिल ने कहा- मैम, मैं तो अपने रूम में जा रही हूँ.

आज ये सब तू क्या फालतू बातें पूछ रही है?सन्नो ने रणजीत का लंड सहलाया और बोली- अरे मैं आपकी पत्नी हूँ … आपकी ख़ुशी में ही तो मेरी ख़ुशी है.

मैंने महसूस किया कि अम्मी की सांस तेज़ हो गयी थी … मतलब अम्मी चुदाई की सोच कर काफी गर्म हो गयी थीं उन्होंने ये जाना कि मैं घर से जा रहा हूँ तो अकेले में दोनों में मस्त चुदाई होगी.

फिर मैंने पैंटी के एक हाथ से भाभी की पैंटी के अचानक से अन्दर दो उंगलियां डाल दीं और उनकी चूत के अन्दर कर उनकी रस छोड़ती चुत को कुरेदने लगा. हाथ बढ़ा कर शॉवर ऑन किया और खड़े खड़े ही स्यू की चूत को लंड से पेलने लगा. दोस्त बनाने की विधिमैंने उनके कपड़े टांग दिए और और जैसे ही मैंने भाई साहब का हाथ पकड़ कर शॉवर के लीवर पर रखा, भाई साहब ने मुझे अपनी तरफ खींच लिया.

निगार मैडम के बारे में मैंने जैसे सोचा था, वो उससे भी कहीं ज्यादा मस्त थी. साहिल ने फिर से चैनल बन्द किया और हम दोनों 3 बजे एक दूसरे को किस करते हुए सो गए।अब अगले दिन सुबह मेरी आँख 9 बजे खुली. मैंने फिर उसे टोका- दीपक जल्दबाजी मत करो; मैं कही भागी नहीं जा रही हूँ; आराम से चूत का मजा लो, और मुझे भी लंड का मजा लेने दो.

रात को हम खाना खाने के बाद बैठ कर टीवी देख रहे थे, तो राज ने जानबूझ कर रेखा और ओम पुरी की एक फिल्म लगा दी, जिसमें रेखा बहुत बार चुदती है और सारे सीन बड़े हॉट हैं. मैंने उस भाभी की चुदाई कैसे की?कैसे हो दोस्तो? अन्तर्वासना पर आज मैं भी अपनी आपबीती बताना चाहता हूं.

सबकी चूत गांड पहले से फटी थी।पहले राउंड में साहिल 45 मिनट बाद पहली बार झड़ा.

मैडम ने अपने मोबाइल में ओयो एप से एक नजदीक का होटल खोजा और एक रूम बुक कर लिया. फिर एक दिन हमारे घर मेरी चाची आईं, ये मेरी अम्मी की छोटी बहन भी थीं. भट्टी की तरह गर्म चूत में, गर्म लोहे जैसा लंड घुस जाने की वजह से दोनों की गर्मी बहुत बढ़ गयी थी.

थ्री एक्स थोड़ी देर बाद मम्मी को मैंने अपनी जगह कर दिया और मैंने अपने दोनों छेदों में लंड डलवा कर अपनी चुत गांड की एक साथ चुदाई करवाई. मैंने गिलास ले लिया और पैग से एक सिप लिया … लेकिन तब तक बॉस ने 2 पैग और बना कर खींच लिए थे.

हम दोनों छिपी हुई स्माइल से हंसने लगे क्योंकि हम जानते थे कि अन्दर मम्मी पापा भी हमारी बातें सुनकर आश्चर्यचकित हो रहे होंगे. यही सब सोच कर, एक दिन मैं रात 12 बजे छत पर गया और खिड़की से अन्दर झांका. मैंने यहां पर दोनों के ही नाम बदल दिये हैं क्योंकि किसी की निजी जिन्दगी की घटना मैं सार्वजनिक रूप से असल नामों के साथ नहीं बता सकता हूं.

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तभी उसने धीरे से मेरी पैंट के अंदर सो रहे मेरे छोटू पर हाथ फेर दिया और कान में बोली- आज मैं तुम्हें गर्ल्स टॉयलेट में देखना चाहती हूं छुट्टी के बाद. उसके बाद मैं अपने घर आ गया था और फिर कोरोना के चलते लॉकडाउन हो गया. अब यह मस्ती मुझ पर भी चढ़ने लगी और मैं भी धक्के मारने में दीपक का साथ देने लगी.

एक दिन वो मुझे अपने केबिन में बुला कर कहने लगा- मोना, तुम अच्छा काम कर रही हो, मैं तुमसे बहुत खुश हूं. तभी मुखिया ने कुछ सामान भेजा था, जिसको कालू और एक दूसरा नौकर सुमन को सामान देने आये थे.

वो बार बार कह रही थी- मुझे नहीं करवाना, इसे निकालो बाहर प्लीज़ नहीं करना मुझे ये सब.

”हनी के मुँह से अनजाने में निकली इस बात ने मेरा ध्यान बबीता आंटी की 38 नम्बर की चूचियों की तरफ मोड़ दिया. पिछले भागभतीजे की बीवी की चुदाई का मौक़ा- 1में आपने अब तक पढ़ा था कि मेरा भतीजा रवि दारू के नशे में टुन्न होकर घर आया तो उसे उसके दो दोस्त सहारा देकर घर लाए थे. हॉट लड़की की चुदाई स्टोरी के पिछले भागकुंवारी पड़ोसन को बियर पिलाकर मस्ती चोदा- 1में अब तक आपने पढ़ा था कि नूपुर ने मुझे बाजार से और बियर लाने के लिए भेजा था और साथ में उसने मीठे में स्ट्राबेरी फ्लेवर का कुछ लाने का कहा था, जो मैं कंडोम लेकर आ गया था.

लेकिन बाकी का लौड़ा उसने एक ही झटके में पेल दिया मेरे अंदर!इस झटके की वजह से मेरी जान निकल गयी. सुपारा चाटते चाटते हनी ने सुपारा अपने मुँह में ले लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. संगीता धीरे से मुस्कराते हुए बोली- कोई बात नहीं आदित्य, मैं तुम्हें कंपनी दूंगी.

तो उन्होंने कहा- मज़ा भी तो आ रहा होगा शईमा!और फिर वे मेरे दोनों निप्पल को अपनी उंगलियों में फंसा कर मसलने लगे।उसके बाद चाचा ने मेरी बायीं चूची के निप्पल को अपने मुंह में लेकर पीने लगे और दायीं चूची के निप्पल को अपने दायें हाथ की उंगलियों में लेकर मसलने लगे।चाचा मेरे संग एक मंझे खिलाड़ी की तरह फ़ॉरप्ले कर रहे थे.

राजस्थानी सेक्सी बीएफ सेक्सी: ये यहां अकेले बैठा बोर होगा।अब मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था; मेरा काम बन गया था मेरे बिना कुछ बोले।रागिनी साहिल को अपने साथ ले आयी तो मैंने भी चुपके से अपना दुपट्टा निकाल कर अपने बैग में रख दिया और बाहर आकर एक रिक्शा पकड़ा. साहिल ने चुपके से चाबी ली और ताला खोला।मैं सच बताऊँ तो उस टाइम मुझे बहुत डर लग रहा था लेकिन साहिल के आगे मुझे चुप रहना पड़ा।ताला खोलने के बाद उसने बिल्कुल चुपके से चैनल खोला थोड़ा सा और मुझे हाथ पकड़ कर बाहर खींच लिया।अब हम दोनों नंगे घर के बाहर गली में खड़े थे.

वो चिल्लाई- आह्ह … आईई … सर बाहर निकालिए … अभी के अभी लंड को बाहर निकालिए … आह्ह … बहुत दर्द हो रहा है. मैंने भाभी से पूछा- भाभी बियर पियोगी?भाभी बोलीं- बियर नहीं … तुम वोदका ले आओ. इसके बाद हम बाथरूम में जाकर नंगे नहाये और उधर से ही मैं नंगी भाभी को अपनी गोद में उठा लाया.

पसीने से भीगी चूची से मेरा हाथ फिसल रहा था और वो ऐसे मज़े ले रही थी, जैसे मैं उसकी मसाज कर रहा हूं.

फिर उसने अपना लंड मेरी गांड के छेद में डाल दिया और मेरी चुदाई करने लगा. कोमल की गांड भी बड़ी लग रही थी और उसके बूब्स भी जैसे सूज से गये थे. मैं वहां से निकला और चुपके से अपने रूम में आ गया।उस दिन मैं थक गया था तो दिन में ड्यूटी नहीं गया। रात को मैंने फिर से रेखा आंटी को अपने रूम में बुलाया.