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देन?मीषा- असल में मुझे सीजनल एग्जाम के लिए फर्स्ट ईयर के नोट्स चाहिए थे. तभी अचानक ही मेरी कमर अपने आप ऊपर हो गई और मेरी चूत ने पानी निकाल दिया. अब हम दोनों जैसे ही मौका मिलता एक दूसरे से लिपट कर एक दूसरे को चूमने लगते.

इसके बाद से मेरी बुझी हुई चूत फिर से सुलग गई और तब से मैं उसके साथ और घुलने मिलने लग गई. वो मौका पाते ही मेरे पास कमरे में आ जाती थी और हम दोनों सेक्स का मजा लेते थे.

और फिर हम दोनों ने एक दूसरे को साफ किया।फिर मैंने डिम्पल को बोला- पहले तुम चली जाओ कमरे में!डिम्पल के जाने के बाद में भी उसके पीछे पीछे कमरे में जाकर कर डिम्पल के साथ लेट गया और मैंने पूछा- मजा आया?उसने कहा- हां… पर दर्द हो रहा है!मैंने कहा- लाओ मालिश कर दूँ।फिर मैं डिम्पल की चुत की मालिश करने लगा.

फिर वो बुक्स उठा कर सीधी खड़ी हो गई और बोली- अगर आप आज शाम को नोट्स दे सकें तो मुझे उनसे बहुत हेल्प मिलेगी.

मैंने हंसी का स्माइली भेजते हुए लिखा- मतलब इन 7 रातों के लिए आप मेरी हो सकती हैं. इसको क्या हुआ?”मैंने बोला- कुछ नहीं गार्डन में साइकल से गिर गया था, नॉर्मल सी चोट है, पट्टी करना पड़ेगी. 20 या 25 धक्के मारने के बाद मैं और पारुल दोनों एक साथ झड़ गये, मैंने अपना पूरा माल पारुल की चूत में ही झाड़ दिया.

जब उनके पति आए तो भाभी मुझसे कुछ दिन नहीं मिलीं, पर एक दिन उनका फोन आया कि उनके पति को किसी रिश्तेदार के यहां जाना है और उनके साथ घर वाले भी जाएंगे, तुमको मैं फोन करूँगी, तो तुम आ जाना. मैं पहले भी दो सेक्सी कहानीपड़ोसन ने मॉम को अपने पति और उसके बॉस से चुदवायामेरी मॉम ने चूत चुदवा ली दूध वाले सेलिख चुकी हूँ और आप सबको मेरी पिछली कहानी भी बहुत पसंद आई थी. ”उसकी तड़प देख कर लग रहा था कि उसकी आग बहुत दिनों से शांत नहीं हुई है.

ऐसे ही फिर मैसेज होने आगे, फिर मैसेज में नॉनवेज बातें भी होने लगीं.

उनका दूसरा दोस्त मां की साड़ी ऊपर करके नीचे से उनकी गोरी गोरी जाँघों पर अपने हाथ फेरते हुए चूमने और चाटने लगा. फिर उसके टॉप के ऊपर से ही मैंने उसके मम्मों को चूसना शुरु कर दिया। दोस्तो, जैसे हर चीज़ का अपना मजा होता है, जो मजा दारू में आता है वो दूध में नहीं… और जो मजा दूध में आता है दारु में नहीं।वैसी ही मम्मों को कपड़ों के ऊपर से चूसने का भी अपना मजा है। और मैं यह आनंद छोड़ना नहीं चाहता था. नीला अपने मम्मों को पानी के अन्दर मेरे हाथों से दबवाते हुए कहने लगी- इनको दबाने से दूध निकलता है, जिसको पीने से आदमी धन्य हो जाता है.

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मैंने उसे सीधा लिटाया और उसकी पैंटी उतार कर उसकी चूत पर लंड रगड़ने लगा. हम दोनों यूं ही देर तक चूमा चाटी करते रहे; मैं उसके मम्में नाइटी के ऊपर से ही दबाता रहा और वो मेरी पीठ को सहलाती रही. फिर थोड़ी देर में भाभी जी नॉर्मल हुईं और बोलने लगीं कि तू मेरे साथ ये सब क्यों कर रहा था?मैंने बोला- भाभी आप मुझे बहुत पसंद हो.

मैं बड़ा वाला फर्राटा लेकर उन कमरे में लगाने पहुँचा तो देखा कि भाभी सो रही हैं.

तभी भाभी ने एक पैर मेरे सीने पे रख दिया और मेरा हाथ उनकी चूत के ऊपर पहुँच गया और सलवार के ऊपर से मैं भाभी की चूत को सहलाने लगा. एक दिन मेरे परिवार वालों को किसी रिश्तेरदार की शादी में बाहर जाना था और उनको आते आते देर रात होने वाली थी. लंड घुसते समय मुझे फिर से बहुत दर्द हुआ लेकिन वो मेरी एक नहीं सुन रहा था.

फिर थोड़ी देर बाद उसने आँख खोलीं और बोली- भैया आपको नींद नहीं आ रही है क्या?अब उसको कैसे बोलूँ कि तुम पास में ऐसी हरकत करोगी तो कैसे नींद आएगी. अब तो विक्रम का बुरा हाल था और वो अपने लंड को सम्भाल ही नहीं पा रहा था. अभी मैंने दो चार बार ही उसकी चूत पर जीभ फिरायी होगी कि उसने मुझे अपनी चूत से ऊपर उठाते हुए मुझसे बोला- आह.

फिर जहाँ पर उसका थूक लगा था, उधर से मेरी चूत में अपने लंड को डालना शुरू किया. कुछ देर में इसी तरह एक दूसरे को रगड़ सुख देते हुए हम लोग नदी किनारे पहुंच गए.

लेकिन ऐसा कुछ ही दिन चला कि मुझे अपनी उंगली चुत के लिए नाकाफी लगने लगी. मेरी बीवी की चुत चुदाई की रियल सेक्सी कहानी के पिछले भागमेरी बीवी गैर मर्द की बांहों में-1में आपने पढ़ा कि मेरी बीवी ने अपने बॉस के बेटे के साथ सेक्स रिलेशन बना रखें हैं. अगले लम्बे समय तक जिंदगी भर याद रहने वाली चुदाई का मंजर बार बार चला.

उसने कुछ मिनट ही लंड को अन्दर बाहर किया होगा कि बहुत तेजी से बाहर निकाल लिया क्योंकि उसने कंडोम नहीं लगाया था.

मैंने उन्हें पीछे से पकड़ लिया तो वो बोलीं- अभी नहीं विकी, बाद में करेंगे. भाईसाहब बोले कि रूम में तो चलिए फिर दिखाते हैं कि साठा कितना पाठा है. वो रात को मुझे चोदता था… और सुबह पापा के ऑफिस चले जाने के बाद हम दोनों को चोदता था.

फिर भी मैं उठी और अन्दर फैमिली वाले हिस्से में लेडीज वाशरूम में चली गई. भाभी पूरी नंगी हो गईं और कहने लगीं- घर पर कंडोम नहीं है, आज सिर्फ गांड की चुदाई कर ले, चूत नहीं दूंगी.

उस वक्त मेरी इंग्लिश अच्छी नहीं थी, इसलिए मुझे नौकरी नहीं मिल रही थी. निकाल ले अपने लंड को!पर मैंने भाभी की एक बात ना सुनी और भाभी को किस करने लगा. अब तो विक्रम का बुरा हाल था और वो अपने लंड को सम्भाल ही नहीं पा रहा था.

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पूरा रूम में उनकी मादक कराहों और सीत्कारों से गूँज उठा- आह… फक्कक… मी… आह… बहुत मजा आ रहा है… आह…उनकी आवाजें आ रही थीं.

बिस्तर पर मेरी आँख खुली तो मम्मी मुझसे पूछने लगीं कि बेटा ये सब कैसे हुआ?पापा डॉक्टर साहब से बात कर रहे थे. उसने मुझे फिर से दीवार की तरह मुँह करके खड़ा कर दिया और इस बार उसने मेरी गांड पर थूक लगा कर फिर से लंड टिका दिया. मेरी चुदाई करते हुए उसने पूछा- जिससे फोन पर तुमने बात की थी, उसे कैसे जानती हो.

शायद उसकी आँखों में अपनी पहली चुदाई का मंजर घूम गया और उसको अपनी चुत की झिल्ली टूटने पर हुआ दर्द याद आ गया. वो बहुत खुश लग रही थीं, फिर कुछ देर बाद खाना बन गया वो मुझे चुम्मी देकर बाय कहते हुए चली गईं. नाइट ड्रेस फॉर गर्ल्सतो मैंने उसके होंठों पे अपने होंठ रख के उसे शांत किया और फिर से धीरे धीरे चुदाई करने लगा.

हम दोनों धीरे धीरे एक दूसरे को पसंद करने लगे और धीरे धीरे पता ही नहीं चला कि कब हम दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया और हमारी रोमांटिक बातें कब फोन सेक्स चैट में बदल गईं. मुझे उसको उसके घर छोड़ने भी जाना था तो मैंने बाहर जाकर देखा तो सुनसान हो गया था.

सभी लोग अपने अपने फॉर्म लाकर मयूर के पास आये क्यूंकि वही लेखपाल था. चूंकि विक्रम का लंड बहुत देर से झटके मार रहा था, वो 5 मिनट में अपना पानी उसके मुँह में छोड़ गया और बाहर आ गया. लेकिन अभी पहले की तरह से ही हम लोग फ्रेंड हैं और चुदाई के पार्ट्नर्स भी हैं.

सुहानी अब नहाने जाने लगी तो पूजा ने पूछा- मैं चलूँ?सुहानी ने कहा- तू रुक जा, अमित का टाइम पास कर… जब जरूरत होगी तो बोल दूंगी. बहुत कामुक चूत की गंध आ रही थी उसमें से! मैंने देर ना करते हुए उसकी पेंटी को भी उतार दिया. फिल्म के बीच बीच में मैं थोड़ा घूम कर बहू से बात करती, जिससे कि वो मेरे दूसरे हाथ को न देख सके.

उसने कहा- आज से तुम मेरे पर्सनल जिगोलो हो, अब किसी और के पास मत जाना, मैं तुम्हारी हर इच्छा पूरी करूँगी और तुम मुझे खुश करोगे.

समधन जी का नाम सरिता था।सारी बातें तय होने के बाद रिश्ता पक्का हो गया।लेकिन इस सब के दौरान मैंने गौर किया कि मेरे होने वाले मेरे समधी मुझे बहुत कातिल निगाह से देख रहे थे। मुझे अजीब सा तो लगा लेकिन कहीं अंतर्मन में कुछ खुशी सी भी हुई कि समधी जी को मैं अच्छी लग रही थी. तभी मॉम ने झट से नवीन के चूतड़ पकड़ कर उसको अपनी चुत की तरफ दबाया ओर बोलीं- बाहर नहीं नवीन, चुत में ही गिराओ.

पता नहीं कब परीक्षित को नींद आ गई, जब वो सो गए तो मैं भी मेरी बर्थ पर जाकर सो गई. शायद आपने भी यह बात नोट की होगी।अब मैंने अंजलि की शर्ट वहीं निकाल दी और उसकी ब्लैक ब्रा भी निकाल कर बाथरुम में ही में उसके चुचे चूसने लगा; अंजलि मेरे लन्ड को हाथ में लेकर आगे पीछे करने लगी. उनकी टेंशन की वजह से तुम मुझे पूरा मज़ा नहीं दे पाते तभी मैंने ऐसा किया है.

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इसको पहनने पर मेरी चूची के आगे के निप्पल ही थोड़े से बंद हो रहे थे बस बाकी निप्पल से ऊपर की पूरी चूचियां पूरी खुली थीं.

मैं इतने जोश में थी कि जरा भी दिमाग न लगाया कि बालू तो मेरे मुंह में टांगें फैला कर अपने लन्ड से चोद रहा है मुंह को मेरे, फिर उसका हाथ वहां चूत में कैसे जायेगा।पर मेरी चूत में उंगली अंदर बाहर हो रहा थी और मैं आंखें बंद कर के फुल जोश में बालू का लन्ड चूसे जा रही थी. अगले दिन मेरी भानजी दिव्या बहुत खुश दिख रही थी और मेरे साथ हंस हंस कर बातें कर रही थी और मौक़ा मिलने पर कामुकता भरी शरारतें भी कर रही थी. पर मैंने जब ज़ोर दिया तो बोली कि आज मेरी शादी की सालगिरह है और मेरा पति साथ नहीं है, इसलिए मूड खराब है.

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मेरा संयम भी खत्म हो रहा था; मैंने उसको सीधा लिटाया और उसकी एक टांग अपने कंधे पर रख कर अपना 6″ का लंड उसकी चूत पर रख दिया. वो बोलने लगी- प्लीज़ अब मुझको और ना तड़पाओ, मैं बहुत दिनों से प्यासी हूँ. एक आंटी और बस में चढ़ीं, उनकी उम्र करीब 30-35 साल होगी, वो आकर उन दो लड़कियों के पास बैठ गईं.

जो लड़कियां इस कहानी को पढ़ रही हैं, वे सही समझीं क्योंकि मेरा लंड बहुत लंबा और मोटा है. अर्पिता- फिर?धीरे धीरे उसका हाथ अपने हाथों में लिया और कार चलते हुए ही हाथ पर किस किया. वो बीच बीच में मेरे सिर को पकड़ कर मेरे मुँह में अपने लंड को अन्दर बाहर करता रहा.

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उसकी बात सुनकर मैंने अपने एक दोस्त को फ़ोन किया, उसको चुदाई का काफी अनुभव है. मैं सीधे आंटी के पास जाकर बैठ गया और बोला- आंटी, मैं आपको बहुत पसंद करता हूँ.

भाई ने खेल खेल में मेरी स्कर्ट उतार कर मुझे नंगी कर दिया?वो बोलने लगी- भाई, तुम यह क्या कर रहे हो? खेल में इतना सब कुछ नहीं करते हैं.

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मैंने उसको बेड पर लिटाया और अपना लंड उसकी चुत पर थोड़ी देर रगड़ कर उसको और उत्तेजित करके जैसे ही उसकी चुत में लंड डाला कि उसने एक दर्द भरी चीख के साथ मेरी पीठ पर कस कर नाख़ून गड़ा दिए.

मेरी हालत बहुत खराब होने लगी, तभी मैं गहरी सांस लेने लगी और मेरा बदन टूटने लगा. तो मैंने उसका हाथ मेरे हाथ में लिया और बोला- यार, होता है कभी कभी हम धोखा खा जाते हैं. अगले ही पल मैंने अपनी पैंट को घुटने तक सरका दिया और मैं नंगा हो गया.

मैं वापस नीचे आ गया और सोचने लगा कि साला मैंने खुद ही सब बिगाड़ दिया. बरहराल… दीदी चलकर किचन काउंटर के पास आकर खड़ी हो गईं और फोन पे बात करे जा रही थीं. हम सब कम से कम एक किलोमीटर तक अन्दर चले गए और एक साफ जगह देख कर रुक गए.

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मुझे मालूम नहीं कि वो अपनी तन की भूख कैसे शांत करती होगी, क्या पता कई बार शराबी ग्राहक भी उसकी चूत की प्यास को बुझा देते होंगे. अब विनय ने मेरी पेंटी को अपने दोनों हाथों से नीचे खींच दिया और मेरी टाँगों को फैला कर मेरी चूत में मुँह लगा कर चूसने लगा. उसने मुस्कुराते हुए मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और अपनी नर्म-गुलाबी जीभ से अच्छी तरह चूसना प्रारंभ कर दिया.

वो सब मेरी तरफ आए, मेरे करीब आकर ठहरे, इतने करीब कि मैं एक लड़के की तो साँसें महसूस कर सकती थी और तभी वे मुझे देखकर पलट कर वापस चले गए.

तो मैंने अपनी पैंट उतार दी और अपने लंड को बाहर निकाल कर उससे कहा- तुम इसे हिलाओ.

ताकि मेरी आवाज़ बाहर ना चली जाए।उसने लंड को आधे से ज़्यादा अन्दर कर दिया. कुछ देर बाद उसकी चूची को दबाने के बाद मैंने उसको छोड़ दिया, फिर हम लोग ने किसी तरह से मूवी देखी. शिव सेक्सी वीडियोवो मुझे चूमते हुए बोली- चलो देखते हैं कितना बड़ा गेम बजाने वाला आइटम है.

मेरा लंड पूरा गीला हो गया था और सर्र सर्र अन्दर जा रहा था, मेरी सांसें धौंकनी की तरह चल रही थीं. मैंने कहा तो वो मना करने लगी और बोलने लगी कि उसका पति भी उससे करवाता है लेकिन उसको पसन्द नहीं है ओर उल्टी सी आती है. अब मैंने एक ही झटके में अपने लंड को बाहर खींच लिया और उसको पोंछ कर दोबारा चूत के छेद पे रखा और फुल फोर्स से धक्का दे मारा.

दिव्या ने अभी दो मिनट ही मेरा लंड चूसा होगा कि मेरे लंड से रस निकलने को होने लगा, मैंने उससे कहा- लंड झड़ने वाला है, रस पियोगी क्या?दिव्या बोली- मामा, लंड से रस से मुझे उबकाई आती है, आप मेरे मुंह में अपना पानी मत निकालना. मैं बोला- तो फिर चलो रूम से! वह नहीं मानगा, बस इसी एक बात पर माना था बस।मैं बोला- चलो उठो जल्दी चलते हैं, पहनो कपड़े, अपन चलते हैं! आज का सब यही खत्म चलो, वो आकर भगा देगा।पता नहीं, दो मिनट वन्द्या ने कुछ सोचा, फिर बोली- ठीक है, बुला लो उसे जिसका रूम है यह! जब तुमने हां कर ही दिया है!यह बहुत गजब का दिन था.

मुझे मस्ती करनी है अडल्ट वाली मस्ती!”मैंने उसे ओके बोला और आगे की बात समझाई.

उसने कहा कि मैडम फोन तो मिल जाएगा मगर एक बात याद रख लो जो भी कुछ उस फ़ोन में कॉन्टेक्ट्स और बाकी की डिटेल हैं, मैंने वो सब कॉपी कर लिए हैं. अब मेरा लंड मुझे परेशान कर रहा था तो मैंने अपना लंड उससे मुँह में लेने को कहा. उन्होंने मेरे होंठों की तरफ दूर से अपने होंठ चुम्बन की मुद्रा में बनाए और कहा- क्या दिखाऊं?मैंने भी होंठों गोल करके कहा- ऊंहा.

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अब पवन झड़ने वाला था, उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया और मेरे बाल पकड़ कर मुझे बैठा कर अपने लंड को मेरे मुँह में पेल दिया. फिर जब मैंने उनसे जोर देकर और अपनापन दिखाते हुए कुछ बताने पर जोर दिया. थोड़ी देर बाद उसको मज़ा आने लगा और वो अपनी गांड को हिला हिला के मेरे लंड को अन्दर बाहर लेने लगी.

मैंने पिंकी से पूछा- तुम्हारी उम्र कितनी है?उसने कहा- सर 19 साल है. अंकल के दोस्त ने पेटीकोट को पूरा खोल दिया और पैंटी को खींच कर अलग कर दिया.

जब उनके पति आए तो भाभी मुझसे कुछ दिन नहीं मिलीं, पर एक दिन उनका फोन आया कि उनके पति को किसी रिश्तेदार के यहां जाना है और उनके साथ घर वाले भी जाएंगे, तुमको मैं फोन करूँगी, तो तुम आ जाना.

तत्काल प्रिया ने मेरे सर के पीछे से बाल पकड़ मुझे थोड़ा परे धकेलने की कोशिश की लेकिन मैं ऐसे कैसे पीछे हटता!मैंने अपनी वही पुरानी तक्नीक अपनायी, लिंग थोड़ा सा योनि से बाहर खींच कर जहाँ था, फिर से वही पहुंचा दिया, फिर थोड़ा बाहर निकाला और फिर जहाँ था, वही पहुंचा दिया, ऐसा मैं करता ही चला गया. कुछ देर बाद चाची बोलीं- एक बात कहूँ आकाश बेटा?मैंने कहा- हां कहिए… ये पूछ क्यों रही हैं?उन्होंने कहा- क्या मैं सच में सुन्दर लग रही थी?मैंने कहा- और नहीं तो क्या… अगर चाचा आपको ऐसे देख लेते तो फिर…इतना कह कर मैं चुप हो गया और हँसने लगा. सेक्स के पूरे 52 स्टेप मिले, सेक्स से पहले क्या करना चाहिए और बाद में क्या करना चाहिए.

बड़ा लड़का दूसरे शहर में रहता था और दूसरे नंबर की लड़की पढ़ाई के चलते दूसरे शहर में चली गई थी. मैं बाथरूम जा कर फ्रेश हुआ और आया तो पायल उसी पोज़िशन में सो गई थी. मैंने उससे हैलो कहा, उसने भी हैलो का जबाव देते हुए कहा- कैसे हो?मैंने कहा- अभी तक तो ठीक था लेकिन अब नहीं हूँ.

मैंने उसके जींस का बटन खोल दिया और सीधा उसकी पैंटी पे हाथ फेरने लगा.

हिंदी बीएफ हिंदी व्हिडीओ: यारो… रानी के हर धक्के पर इधर उधर उछलते चूचे, रानी के बिखरे हुए बाल, उसके होंठों पर छायी हुई अनंत सुख की मुस्कान, लंड के अंदर बाहर होने पर फचाक फचाक फचाक की आवाज़ें और अलका रानी की ऊँची ऊँची आवाज़ में सिसकारियां इत्यादि सब मिल के वातावरण को अत्यधिक कामुक बना रहे थे. उसने कहा- राजा अब देखो जब तुम हिलाते हो तो सिर्फ जरा सा मजा आता है और अब जब मैं जो कुछ करूँगी, उससे तुम्हें और भी ज्यादा मजा आएगा.

फिर मैंने उसे ज़ोर से चोदता हुआ उसके ऊपर लेटकर उसकी चुचियों में टपकते हुए दूध को पीने लगा. मैंने जबाव दिया- शुक्रिया… वैसे आपका नाम क्या है?उनका जवाब आया- मेरा नाम वर्षा है. लेकिन इसी बीच मैंने उसकी प्रोफाइल में जाकर उसे रिक्वेस्ट भेज दी और 2 सेकंड भी नहीं हुए कि उसने मेरी रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट भी कर ली.

मैंने कहा- यार पंकज, मुझे आए हुए तीन दिन हो गए, पर कहीं घूमने नहीं गया घर पर अब बहुत बोरियत हो रही है.

अवी गाड़ी पार्क करने लगा मुझे घर जाना था तो बहुत ही सिंपल ड्रेस पहनी थी. मैंने पूछा- मैं बिना किसी को बताए क्यों आऊं?सर ने कहा कि तुम अगर अपनी माँ को बताओगी तो वो तुम्हें आने नहीं देंगी और अगर तुम नहीं आओगी तुम्हारा काम 35 हो जाएगा. जैसे ही लंड मेरे होठों को रगड़ा, उसके टच करने से गरम गरम उसकी छुअन से मुझे बहुत मस्त अजीब सा लगा और मैंने अपने हाथ से उसका लन्ड पकड़ कर मुंह में भर लिया और चूसने लगी लन्ड!बालू का लन्ड बहुत बड़ा नहीं है इसलिए आराम से मुंह में पूरा घुसा दिया और मैं चूसने लगी, चाटने लगी.