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एक पल तो मुझे बहुत तेज़ गुस्सा आया और जैसी ही मैं उस आदमी को मारने के लिए आगे बढ़ने लगा…कहानी अगले भाग में समाप्त होगी !. घोड़े कुत्ते वाली सेक्सीराजा निकाल मेरी तो फट गई आ… आ… ऊऊ… सीसी…’ करने लगीं।उन्होंने अपने हाथ से देखा क़ि मेरा लंड अभी केवल आधा ही अन्दर गया है तो वो रुआंसी सूरत करके बोलीं- आज मार ही डालोगे क्या ! मैं उन्हें तड़फाने के लिए बोला- निकाल लूँ अपना लंड !तो वो बोलीं- इतना अंदर जाने के बाद क्यों निकाल रहे हो… अब तो डाल दो पूरा अन्दर जो होगा देखा जायेगा।मैंने कहा- मौसी यह हुई न शेरनी वाली बात.

बड़ा है अई अई पर चूत सूजी हुई है अई आह…!रेहान- उफ्फ बस भी करो जान, अब घोड़ी बन जाओ आज घोड़ी बना कर चोदूँगा। देख राहुल कैसे मज़ा ले रहा है, चल बन जा जल्दी से…!राहुल- आ आ…हह. सेक्सी चुदाई वीडियो चलाएं! मैं हमारे प्यार की निशानी को दुनिया में लाना चाहता हूँ।”मगर मैं उसे पाल नहीं सकती। तुम मेरे बदन को जितना चाहे भोग लो मगर बच्चे की ज़िद ना करो।”यह बच्चा मुझे चाहिए… चाहे पैदा करके आप उसे ना रखो।”फिर मैं उस बच्चे का क्या करूँगी?”कुछ भी करो। अनाथ आश्रम में डाल देना।”हाँ.

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बहुत मजे देती है। वो भी तेरी तरह चिकनी-चमेली जैसी है।” वो सुबह से डबल मीनिंग वाली बातें करना चाह रहा था।तुम हॉट फ़िल्में देखते होगे?”नहीं बहुत कम.कल तुम कैम पर आना।सलीम ने उसको एड करके लॉग-ऑफ कर दिया और दूसरे दिन रात में 10 बजे हम ऑनलाइन आए।पता नहीं लेकिन उसकी उम्र 35 सुन कर मुझे अच्छा नहीं लगा।सलीम से कहा- रेहान से बात हुई है.

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उसको कहना बस नॉर्मल पिक लीं और अन्ना से मिलीं, उन्होंने टेस्ट के लिए कल बुलाया है। इसके अलावा ज़्यादा बात भी मत करना ओके.” की आवाजें निकालने लगीं और फिर स्स्स्स आह उम्” की मस्ती भरी एक अजीब से आवाज़ निकलने लगी।वो हालांकि उस वक्त भी यह दिखाने की पूरी कोशिश कर रही थीं कि वो वैसा नहीं चाहती है, लेकिन उन्हें मज़ा आने लगा था।मैं उनके स्तनों को जोरों से दबाने लगा और फिर जीभ से चाटने लगा और बोला- इससे सारी जलन मिट जाएगी.

छोड़ता है… और वाकयी बहुत प्यारी लग रही थी…रोज़ी के चेहरे से लग रहा था कि उसको मेरी बात अच्छी लग रही है. इंडियन बीएफ बीएफ बीएफ बीएफ ! प्यार के साथ चुदाई में यह सब चलता है, यह तो मिक्स सोडा था लोग तो सीधे मुँह में मुतवाते हैं।अरे तू तो बड़ी एक्सपीरियेन्स्ड है.

मुझे तो अपने पर गुस्सा था कि कल का करतब मैं पूरा ना कर सकी, इसलिए मैंने अपने निप्पल को सजा दी।बर्फ़ से बड़ी राहत मिली मुझे…मैं उठ कर बैठ गई… अब हम दोनों जन्मजात नंगी आमने सामने बैठी थी।फिर हम दोनों ने आराम से खाना खाया, बिना कुछ बोले, सिर्फ़ एक दूसरे को देख रहे थे, वो मेरी चूचियों को, मैं उसकी चूचियों को.

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मुझे तो काम के लिए चाहिए…सेल्सगर्ल- सर, मैं भी तो यहीं सोच रही थी कि आप जैसे आदमी को दिखावे की क्या जरूरत है…भट्टी- नहीं जी, हम तो दिखावेबाजी में विश्वास ही नहीं रखते…सेल्सगर्ल- सर, लेकिन कुछ लोग होते हैं, बी ए फेल होकर भी लैपटॉप ऐसे लटकाए रखते है, जैसे पीएचडी कर रखी हो. चूस साली उफ्फ चूस इतने सालों में कभी इस लौड़े ने इतने मज़े नहीं किए, जितने इन कुछ दिनों में कर लिए कककक आ काट मत रंडी…आराम से पूरा मुँह में ले. इतनी कम उम्र में भी वो सेक्स की देवी थी…उसने अपना एक हाथ मेरे सीने पर और एक पैर मेरे लण्ड पर रख दिया था.

साजन ने नितम्ब सहलाये सखी, पूरा अंग मुट्ठी ले दबा दियाख़ुशी से झूमे मेरे अंग ने, द्रव के द्वारों को खोल दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. ! जीजाजी मेरी बुर में घुस कर यहाँ तक आए हैं।उसकी चालाकी भरी इस करतूत को देख कर हम दोनों हँस पड़े। जीजाजी खाने की बड़ी मेज के खाली जगह पर उसके चूतड़ को टिका कर उसकी बुर को चोदने लगे।चमेली घबड़ा कर बोली- अरे जीजाजी यह क्या करने लगे. !”उन्होंने कामिनी को लिटा कर उसके पैरों को फैलाया और उसके चूतड़ के नीचे तकिया लगा कर बुर को ऊँचा किया।फिर उसे चूम लिया और बोले- हाय रानी क्या उभरी हुई बुर है; इसे चोदने के पहले इसे चूसने का मन कर रहा है.

!इतना कहकर वो अपने कमरे में चली गईं और मैं भी अपने कमरे में आ गया।अब तो जब भी हमें मौका मिलता, मैं और भाभी हमबिस्तर हो जाते।दोस्तो, कहानी के बारे में राय देने के लिए मुझे मेल करें।[emailprotected]. मुझे पता ही न चला।ये सब कुछ मेरे साथ इतने रोमांटिक तरीके से मेरे साथ पहली बार हो रहा था।मुझे तब होश आया जब उनके हाथ ने मेरी जींस के ऊपर से ही मेरे लौड़े पर दाब देना चालू किया।यार क्या एहसास था. !आरोही खुश होकर रेहान से लिपट गई और उसे चूमने लगी।रेहान भी उसके होंठों को चूसने लगा, दोनों एक-दूसरे को कस कर भींच लिया।करीब 5 मिनट के चूमा-चाटी के बाद रेहान उसको बाँहों में उठा कर बेड पर लिटा दिया और उसके मम्मों को दबाने लगा।आरोही पर मस्ती चढ़ने लगी और वो रेहान के शर्ट के बटन खोलने लगी।रेहान भी उसकी शर्ट के बटन खोलने लगी।अचानक रेहान को कुछ याद आया और वो उठ गया।आरोही- उहह डार्लिंग आओ ना.

प्लीज़ कुछ करो ना…!दोनों काफ़ी देर तक नाटक करते रहे और फिर रेहान ने आरोही को चुम्बन किया। यह देख कर राहुल हैरान रह गया कि आख़िर रेहान ने क्या कहा होगा आरोही को, वो इतनी जल्दी कैसे मान गई…!अब रेहान ने आरोही को बेड पर लिटा दिया था और उसके मम्मों को मसल रहा था, चुम्बन कर रहा था। पाँच मिनट के अन्दर दोनों चुम्बन करते-करते एक-दूसरे के कपड़े निकालने लगे।आरोही- आ. अब दूसरे निप्पल की बारी थी… उस पर भी वैसा हीकिया… पर अब निप्पल में जलन होने लगी।तभी फ़्रिज से बर्फ निकाल कर एक एक टुकड़ा निप्पल पर रख कर नीचे लेट गया… थोड़ी देर बाद अच्छा लगा…अब मैंने नीचे देखा तो नीचे की पोलीथीन की थैली मेरे सफ़ेद गाढ़े पानी से भर गई थी.

मैं पलंग से उठा ही था तभी रजिया मेरे लिए चाय लेकर आ गई और मेज पर रख दी। मैंने पीछे से रजिया को दबोच लिया‘ओ.

ज़बरदस्ती कभी करता मैं…और जो तैयार हो उसको छोड़ता नहीं…मधु के साथ भी मैं वैसे ही मजे ले रहा था… मुझे पता था कि लौंडिया घर की ही है… और बहुत से मौके आएँगे… जब कभी अकेला मिला तब ठोक दूँगा…और अगर प्यार से ले गई तो ठीक.

मेरा हो रहा है !और फिर दीदी ने अपने चूतड़ हिलाने बंद कर दिए पर रवि अभी भी निरंतर अपने लंड से दीदी की चूत चोदे जा रहा था और इधर मेरे लंड से भी माल निकलने वाला था तो मैं भी अपने लंड को जोर–जोर से हिलाने लगा।कहानी जारी रहेगी।. थानेदार- क्या? तो तुमने उसे रोका क्यों नहीं? पकड़ा क्यों नहीं?सलमा- मुझे क्या पता था कि वो मेरे जेवर चुराने के लिए उतार रहा है…***सलमा की चूत में शुक्राणुओं की मीटिंग हो रही थी,अलग अलग जगह से आए शुक्राणु अपना अपना परिचय दे रहे थे. ! और उससे बोला- अब मैं तुम्हें डॉगी-स्टाइल में चोदूँगा।वो बोलीं- कैसे?मैंने कहा- अरे पागल आज तक ऐसे नहीं करवाया तो क्या मस्ती मिली रे.

!फिर मैं अपने फाडू धक्के मारने लगा।धीरे-धीरे उसे भी मज़ा आने लगा वो बोली- चोद मुझे और ज़ोर से चोद मुझे. !लंड भाभी की चूत के बाहर खड़ा है, चोदना मुझे भी है और चुदना भाभी भी चाह रही है, पर मुझे लगा अभी जल्दी है थोडा फोरप्ले और होना चाहिए।अब मैंने उनको अपने बांहों में उठा लिया और ले जाकर बेड पर लिटा दिया और उन्हें चूमने लगा।वो बोलीं- चूमा-चाटी में ही टाइम ख़राब करोगे या कुछ आगे भी करोगे?मैं उनके दोनों स्तनों के चूचकों को चूसने लगा था और वो जोर-जोर से, आह…हह. मेरे अंग से उसके अंग का, रस रिस-रिस कर बह जाता थावह और नहीं कुछ था री सखी, मेरा सुख छलका जाता थाआह्लादित साजन को मैंने, पुनः मस्ती का एक ठौर दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

फ़र्क इत्ना था कि गौहर ने जानबूझ कर स्कर्ट का वो हाल किया थ और अपने चूतड़ छिपाने का नाटक किया था पर यहाँ मधु की स्कर्ट अपने आप फ़टी थी पर वो खुद मुझे अपने चूतड़ दिखा रही थी.

अरे और बहुत कुछ बाकी है।फ़िर उसने पैन्टी भी निकाल दी। अब मैं उसके सामने पूरी नंगी थी।उसने अपनी एक ऊँगली मेरी योनि में घुसा दी। मैं चिल्लाई. !इसके बाद वो मेरे पास खड़ी होकर मुझे बड़ी कामुक नज़रों से देख रही थी।मैंने जब पूछा- आप ऐसे क्या देख रहे हो?तो उसने कहा- मैं भी आपका ‘वो’ देख रही हूँ।मैं इस पर अचम्भित रह गया और मैंने कहा- यह आप क्या बोल रही हो?तो उसने कहा- वही जो तुमने कहा. दिल सातवें आसमान पर था। मानो जगत की सारी खुशियाँ मिल गई हों।मैं हवा में उड़ने लगी थी।अब बस पीयूष ही पीयूष दिख रहा था। बार-बार मेरा हाथ मेरी चूचियों पर जाता था।उसके हाथों ने मेरी चूचियों को मसका था, बस बार-बार उसी स्पर्श को याद कर रही थी।तभी पीयूष का मैसेज आया, आई लव यू”.

!आरोही मान जाती है और अपने आप को अन्ना के हवाले कर देती है। अन्ना उसको नंगा कर देता है और खुद भी नंगा हो जाता है। कपड़े निकालने के बाद आरोही को अन्ना से घिन आने लगी। वो काला-कलूटा मोटे पेट का आदमी था। उसका काला लौड़ा एकदम तना हुआ आरोही को घूर रहा था।अन्ना- बेबी मेरे नाग को शान्त करो जी… तुम बहुत अच्छा चूसती आ. !वो गुस्से में बोली- चुपचाप सो जा।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]. फिर मैंने दीपक का लंड अपने मुंह में लिया और उसको चूसने लगी बहुत देर बाद उसका लंड खड़ा हुआ हमने फिर से सेक्स किया लेकिन वो इस बार भी जल्दी ही झड़ गया.

एक दोपहर सन्ता ने कार को कहा- जा कर स्कूल से मेरे बच्चों को ले आओ !कार चली गई पर दो घण्टे तक वापिस नहीं आई !सन्ता को चिंता होने लगी और पुलिस में शिकायत करने के लिए निकला ही था कि सामने से कार आती दिखाई दी, उसमें कई सारे बच्चे थे.

हम दोनों की मलाई से भर चुकी थी।लेकिन वो मलाई अब भी बाहर नहीं निकल रही थी क्योंकि चूत पर आनन्द के लंड का ढक्कन लगा था।कुछ देर दोनों गहरी साँसें लेने लगे…अब मेरी पकड़ भी शिथिल हो गई थी… दोनों के बदन पसीने से भरे थे।कुछ देर बाद मुझे महसूस होने लगा कि आनन्द का लंड अब छोटा होने लगा है।फिर कुछ देर बाद आनन्द ने जैसे ही अपना लंड बाहर निकाला. ! ये बात नहीं है… जैसा मेरा घर वैसा आप का घर…, ठीक है कामिनी बात कर लेगी…! हमें क्या एतराज हो सकता है… इन लोगों की जैसी मर्जी… आप जो ठीक समझें.

इंडियन बीएफ बीएफ बीएफ बीएफ तब मैं अन्दर कमरे में चली गई थी।आनन्द ने खाना लेकर बिल दे दिया और मुझे बाहर बुलाया।हम सब खाना खाने बैठ गए।आनन्द मुझसे बोला- अपने हाथ से मुझे आज खाना खिला।मैं भी बिना झिझक के उसके मुँह में निवाला डालने लगी।सलीम चुपचाप से देख रहा था।अब मुझे किसी का डर नहीं था… सलीम ही तो मुझे यहाँ लेकर आया था. !इतना बोल कर आरोही को अहसास हुआ कि उसने यह क्या बोल दिया, वो मुँह घुमा कर मुस्कुराने लगी।रेहान- अच्छा तो मेरी जान… सेक्सी वीडियो भी देखती हैं.

इंडियन बीएफ बीएफ बीएफ बीएफ मैं- ओह, बहुत उतावले हो मेरी फ़ुद्दी देखने के लिए?मैंने अपनी पेंटी उतारी और अपनी दोनों टांगें वेबकैम की तरफ कर दी, वो मेरी चूत पूरी तरह देख रहा था. मैंने नजरें ऊपर उठाईं तो दोनों एक-दूसरे के होंठों को बुरी तरह से चूस रहे थे।उनकी जीभ एक-दूसरे से लिपट रही थी आशीष का एक हाथ मेरे सर को आगे-पीछे कर रहा था और दूसरा अंकिता की चूचियों के साथ खेल रहा था।मैं किसी डर की वजह से आशीष का लण्ड बिना रुके चूसे जा रही थी और उधर अंकिता की तौलिया भी निकल गई थी।अभी रूचि की बात चल ही रही थी कि तभी खाना आ गया और मैंने रूचि को रुकने का इशारा किया.

लड़की ने बताया कि तीन साल पहले उसकी मां की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से ही लड़की का बाप उसका यौन शोषण करने लगा.

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!मैंने उस का लंड अपने हाथ में लिया और उसे सहलाने लगी।आनन्द को मजा आ रहा था। कुछ देर बाद उसने मेरी टांगों को खोला और मेरे ऊपर लेट गया और चूत के बाहर अपना लंड रगड़ने लगा।उसके लंड का टोपा चूत के पानी से गीला हो गया। उसने चूत पर अपना लंड रखा और दबाने लगा। जैसे ही उसका लंड चूत में गया तो हम दोनों के मुँह से आवाज आई, आ…आह… आ…!”मैंने उससे कहा- धीरे से डालो न. मैंने फिर उससे पूछा- तुम्हारा पति तुमको ठीक से रखता तो है या नहीं?वो एक दीर्घ श्वास लेकर बोली- हाँ, रखते तो हैं, और न भी रखें तो क्या कर सकते हैं, माँ-बाप ने जीवन की डोर तो उनसे ही बाँध दी है. मगर मैडम ने इसे भांप लिया था और मुझसे बोली- तुम मुझे क्यों देखते हो?मैं बोला- ऐसे ही।वो फिर मेरे पास आकर बैठी और बोली- मैं सब समझती हूँ और जानती हूँ कि इस समय तुम्हारे मन में क्या चल रहा है।मैं चुप रहा।वो आगे बोली- मनु.

मैंने कस कर उसकी चूत को मसल दिया तो ऋज़ू- अह्ह्हा…आआआ… मेरी चूत भी तेरे लौड़े को पूरा खा जाएगी।उसकी भाषा हर तरह की लगाम छोड़ती दिख रही थी. ओके अब चलो मुझे घर पर थोड़ा काम भी है यार…तीनों वहाँ से चाय पीकर निकल गए मैडी अब भी सोच रहा था कि दीपक की बात सही है या गलत. प्रेषक : जूजा जीमुझे अभी भी याद था कि दो छेद मेरे लंड का बड़ी बेकरारी से इंतजार कर रहे हैं। मैंने सीमा की तरफ देखा तो मैडम अपनी चूत में ऊँगली अन्दर-बाहर कर रही थीं।मैंने कहा- आओ रानी लेटो इधर.

30 पर जैसे ही उनकी कैब उन्हें लेकर निकली, मुझे ना जाने क्या होने लगा।दोस्तो, मैंने जिंदगी में बहुत सेक्स किया है, नए नए लंड लिए हैं लेकिन हर बार सेक्स के पहले में इतनी ज्यादा उतावली और उत्तेजित हो जाती हूँ, न जाने मेरे साथ ऐसा क्यूँ है।मैंने राज़ को फोन लगाया और उसे जल्दी से जल्दी आने को बोला। उसने 8.

रस से लबालब मेरे अंग में, एक ऊँगली फिर अन्दर सरकीमैं सिसकारी ले चहुंक उठी, नितम्बों को स्वतः उठाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. और मैं अपनी इच्छा से तो कुछ भी कर सकती थी… पर श्रेया को कैसे कहूंगी?मैंने उनसे कहा- श्रेया को मैं जबरदस्ती तो नहीं कर सकती ना !वो बोले- सजा तो सिर्फ़ तुम्हारी है, श्रेया अपनी इच्छा से इस खेल में शामिल होने चाहे तो ठीक है। लेकिन अगर दोनों मिल कर यह कारनामा करेंगी तो मज़ा दस गुना हो जायेगा।श्रेया नहा कर तैयार थी, मैंने उसकी पसंद की पनीर की सब्जी बनाई. चाची- क्यों कबीर, एक चुटकला सुनेगा?मैं- हाँ हाँ, क्यों नहीं मेरी चाची! पर जोक होना मस्त चाहिए!चाची बोली- ओके.

मेरे अंग पर सीना रखकर, वह प्रफुल्लित होकर लेट गयामैंने अपनी एड़ियों को, उसके नितम्बों पर सखी फेर दियाशांति की अनंत चांदनी में, हमने परस्पर लिपट विश्राम कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. चल तैयार हो जा रेलवे से सील तुड़ाई का भत्ता लेने को।नीलू- मतलब ?अबे यार जब ट्रेन में कोई बच्चा पैदा होता है तो रेलवे उस बच्चे को आजीवन यात्रा पास देती है अब तू भी क्लेम कर देना कि तेरी सील ट्रेन में टूटी थी सो रेलवे तुमको भी आजीवन ट्रेन में चुदने का पास से देगी हा हा हा. ह…ह… की जोर से आवाज निकली और मैं अपनी योनि से ढेर सारा पानी छोड़ते हुए शाँत हो गई।कुछ देर बाद महेश जी भी चरम पर पहुँच गये उन्होंने मेरे शरीर को कश कर पकड़ लिया और अआह.

मेरे कैबिन में एक तरफ़ा दिखने वाले शीशे लगे हैं जिनसे मैं स्टाफ पर नजर रखता हूँ… वैसे तो उन पर परदे पड़े रहते हैं पर नीलू को चोदते समय मैं ये परदे हटा देता हूँ. दोनों बूब्स मेरे हाथों में कैद थे और मैंने जब उनको एकदम जोर से भींचा तो वो सीई ईईईईईईइ सीईईईईइ करने लगी, उसके मुँह से जोरदार आह्ह्ह निकल गई.

!”और दोनों एक साथ झड़ कर एक-दूसरे में समा गए।जीजाजी चमेली के ऊपर थे उनका लौड़ा चमेली के बुर में सिकुड़ रहा था, मदन की गाण्ड कुछ फैल गई थी। मैंने पीछे से जाकर जीजाजी की गाण्ड में अपनी चूची लगा दी।जीजाजी समझ गए बोले- क्या करती हो. ‘सुंदर एक औरत की तरह या एक दीदी की तरह? दीदी सच में आप एक बहुत अच्छी दीदी हो और अच्छे संस्कार वाली हो. हाँ अभी करता हूँ !’‘क्या?’‘वो… ओह… अरे मेरा मतलब था कि मैं समझा देता हूँ।’‘तो समझाइए ना?’ वो में इस हालत पर मंद-मंद मुस्कुरा रही थी।‘पहले मैं तुम्हें आयल मसाज़ सिखाता हूँ, फिर जल थेरेपी के बारे में बताऊँगा !’‘हम्म…’‘पर उसके लिए तुम्हें यह टॉप उतारना होगा !’‘वो क्यों?’‘ओह.

तो गांड भी बहुत शानदार होगी। चल जल्दी बाहर आ तेरी गांड मारनी है।मैं मन ही मन बहुत खुश हुई कि चलो एक और दौर होगा, पर ऊपर-ऊपर से कुछ डरते हुए बोली, नहीं यार गांड नहीं… सुना है गांड मारने में बहुत दर्द होता है; गांड नहीं चाहो तो चूत चोद लेना.

! आधी रात के बाद वाली बात तो गाने की तुक भिड़ा कर कहा था।” मैंने अपने को छुडाते हुए चमेली से कहा- पूछ ली ना बुर-चोदी. जो उसने मुझे चाटने को कहा।यहाँ मेरे शौहर की हालत भी हमारी चुदाई देख कर खराब हो चुकी थी। फिर मैं उठी और लंगड़ाती हुई साफ़ करने बाथरूम चली गई. रोनू कहाँ हो मुझे नींद आ रही है। आ जाओ ना…!रेहान दोबारा जूही के निप्पल को चूसने लगता है और अपना लौड़ा उसकी चूत पर रगड़ने लगता है।जूही- आ आ उफ्फ मज़ा आ रहा है.

!राहुल की आँखों में एक चमक सी आ गई और ना चाहते हुए भी उसका हाथ अपने आप लंड पर चला गया, लेकिन जल्दी ही वो संभल गया।राहुल ने खाने का ऑर्डर कर दिया, दोनों ने आराम से खाना खाया और कुछ इधर-उधर की बातें करने लगे।लंच के बाद वो वहाँ से घर के लिए निकल पड़े।घर पहुँच कर आरोही ने एक मादक अंगड़ाई लेते हुए कहा- ओह भाई बहुत खाना खा लिया. की आवाज़ें निकालती थी।फ़रहान कहता भी था- प्लीज रुखसाना, धीरे आवाज़ करो, बगल में अब्बू जी सुनेंगे तो क्या सोचेंगे !पर रुखसाना तो यही चाहती थी !एक बार फरहान को 15 दिन के लिए बाहर जाना पड़ गया तो अगले दिन रुखसाना ने मन में ठान ही लिया कि अब चाहे कुछ भी हो, मैं अब्बू से चुदवा कर ही दम लूँगी.

मैंने फिर उससे पूछा- तुम्हारा पति तुमको ठीक से रखता तो है या नहीं?वो एक दीर्घ श्वास लेकर बोली- हाँ, रखते तो हैं, और न भी रखें तो क्या कर सकते हैं, माँ-बाप ने जीवन की डोर तो उनसे ही बाँध दी है. ‘नहीं दीदी सिर्फ पिनें खोल दो… स्कर्ट तो पहले ही फटी पड़ी है’ मैं आने वाले लम्हे को सोच कर बेकाबू हो कर बोला. ठीक है।मैं उसे अपने बेडरूम में ले गया और उसे एक शीशे के सामने खड़ा कर दिया।मैंने कहा- अब आखें खोलो।उसने देख कर कहा- यह क्या है?और मैंने अपने प्यार का इजहार कर दिया, उसने मुस्कुरा कर ‘हाँ’ कर दी।बस उसके ‘हाँ’ कहते ही मैं उसे चूमने लगा। हमने पाँच मिनट तक एक दूसरे को चुम्बन किया। हम दोनों गरम होने लगे। मैंने देखा कि उसका एक हाथ मेरे लन्ड के ऊपर था।मैंने फिर हल्के-हल्के उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया.

दिसावर आज

तभी सीमा ने मुझे तन्द्रा से जगाया- देखते रहोगे या कुछ करोगे भी? यही आज तुम्हारी साथी है!और वो हमको अलविदा कह कर वहाँ से निकल गई.

पता नहीं क्यों।अंकिता मेरी गाण्ड चूमते हुए मेरे कानों के पास आकर बोली- कुतिया जो दर्द तूने मुझे दिया है. अति तीव्र गति से सांसों के, तूफ़ान निरंतर बह निकले,अति दीर्घ आह-ओह के संग, बदन कँपकपाए हम बह निकले,अंग के अन्दर बने तरण ताल, मन ने उनमें खूब किलोल कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. जंघा से पार दो कठोर हाथ, नितम्बों को जकड़े-पकड़े थे,कभी उसने सहलाया उनको, कभी उँगलियों से गए मसले थेमेरे अंग ने साजन के अंग की, चिकनाई सखी और बढ़ा दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

पुन्नू कितना क्यूट है!दूसरा लड़का- बहुत प्याला डॉगू है!तीसरा- हाय, काश हम कुत्ते होते……पप्पू ने अपने कुत्ते के साथ अपना फोटो अपलोड किया, लिखा… यह है मेरा डॉग मुन्नू. लाल कपड़े पहने थे और उसके 36″ का साइज़ के मम्मे मुझे मस्त कर रहे थे।उसने खाना बनाना शुरू किया थोड़ी देर बाद मैं उसके पीछे गया और उसे पकड़ लिया।गिरिजा- बाबा. फैमिली एक्स एक्स एक्स सेक्सी वीडियो!भाभी हँस पड़ी, कभी सुना है कि किसी रंडी ने चुदवाई के पैसे दिए हों?”मैंने उसको बताया कि मैंने एक रंडा हूँ.

पप्पू बोला- पण्डित जी… कौन सी दुनिया में हो? अब तो एक जैसे मूत्र मार्ग वालों की शादियाँ हो रही हैं… और आप कहते है कि एक गोत्र में शादी नही हो सकती?***एक बात टीवी पर बौद्धिक योग्यता की प्रतियोगिता हो रही थी. !मैं तो इसकी माँ को चोदना चाहता था यहाँ तो ताजा बुर भी मेरा इंतजार कर रही है।मेरे तो मन में लड्डू फूटने लगे, चलो भगवान देता है तो छप्पर फाड़ के देता है.

! बोल कामिनी, क्या बात है?”कामिनी बोली- चाची नहीं है क्या? मम्मी ने जीजाजी को कल रात को खाने पर बुलाया है।”चमेली से फिर रहा ना गया बोली- कामिनी दीदी, सिर्फ जीजाजी को… कल की …दावत देने आई हैं।”कामिनी बोली- चल तू भी साथ आ जाना हाँ. करीब दस मिनट बाद उसके मुँह से तेजी से आवाजे निकलने लगी- ओह गोड! ओह! आह आह!और सिसकारियाँ तेज मदमस्त चीत्कारों में बदल गई. तुम्हारा चुदाई का ख्वाव भी पूरा कर देता हूँ।वो बोली, पहले शब्बो को तो निपटा दो।”मैंने कहा- दोनों को साथ साथ चोदूँगा.

अब मैं और शाहनवाज नीचे से नंगे हो गए थे, उसने एक बार फिर अपने लंड को मेरे चूतड़ों पर दबाया, मैंने भी चूतड़ों को ढीला छोड़ दिया… और उसका लंड मेरी गांड के छेद से टकरा गया. !’फिर उसने जीजा जी की तौलिया को खींच लिया। जीजाजी ने उसे अपनी बाँहों में भर लिया।वह अपने को छुड़ाती हुए बोली- फिर चाय ठंडी करनी है क्या. ?जूही- दीदी मेरी बात का यकीन करो इस घर में जगह-जगह कैमरे लगे हैं। रेहान ने पहली बार तुम्हारे साथ किया, वहाँ भी कैमरा था।आरोही- हाँ याद है रेहान ने कहा था हमारे प्यार को कैमरे में कैद कर रहा हूँ, क्योंकि जब भी याद आएगी मैं देख लूँगा.

प्रेमशिर्ष भार्गवटिप–टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगाई…आग लगी दिल में तो, साजन तेरी याद आई !तेरी याद आई तो, जल उठा मेरा भीगा बदन…मैं क्या करूँ….

‘हे भगवान्… मैंने तो कच्छी भी नहीं पहनी आज!’ वो अपना एक हाथ पीछे करके अपनी नितम्बों की दरार पर रखती हुई बोलीं- जल्दी से कुछ कर ना… मुझे शर्म आ रही है और यह चिकना-चिकना क्या गिरा दिया मेरे कूल्हों पर!दीदी का हाथ मेरी राल पर पड़ते ही दीदी ने पूछा. तो फटाफट मेल करो मेरी आईडी[emailprotected]पर और आगे क्या होगा?जूही किसके नसीब में लिखी है? ये सब आपको आगे के भाग में पता चल जाएगा। ओके फ्रेंड्स बाय…!.

बड़ा है अई अई पर चूत सूजी हुई है अई आह…!रेहान- उफ्फ बस भी करो जान, अब घोड़ी बन जाओ आज घोड़ी बना कर चोदूँगा। देख राहुल कैसे मज़ा ले रहा है, चल बन जा जल्दी से…!राहुल- आ आ…हह. ! हमें ताकि तुम्हारे दिल को सुकून मिले, अरे मैं तो कब से जानती हूँ पर मैंचुप रही, क्योंकि मैं भी मानती हूँ दीदी ने गलत किया, पर कहाँ लिखा है? जो पाप करे उसके घर वालों को भी सज़ा मिलनी चाहिए. बिट्टू आते से ही हालचाल पूछने लगी- कैसा है, और कब आया?’बिजली ना होने का कारण हम सब लोग बोर हो रहे थे.

!दीप- घबराओ नहीं कविता बस थोड़ी तकलीफ के बाद मजा ही मजा है, तुम बस मेरा साथ दो और फिर आप को तो पोर्न स्टार की तरह चुदना है।कविता- ठीक है. मुझसे ठीक से चला भी नहीं जा रहा था। बाहर हॉल में आकर देखा तो आनन्द के सामने सलीम अपना लंड हिला रहा था।मेरी इस सच्ची घटना पर आप सभी के सभ्य भाषा में विचारों का स्वागत है।[emailprotected]yahoo. फिर जो होगा, आप देख लेना…मैं अपने होंठों से उसके निप्पल पकड़ चूसने लगा।एक बार फिर वो सेक्सी सिसकारियाँ भरने लगी- …आःह्हाआआ… बस अब छोड़ भी दो ना सर.

इंडियन बीएफ बीएफ बीएफ बीएफ मैंने लण्ड को मुँह से निकाला तो देखा लण्ड कोई 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा था, मैंने फिर से मुँह में ले लिया. जब मैं एक एक करके अपने कपड़े उतार रही थी तब अजीब सी बेचैनी हो रही थी! पूरे कपड़े उतरे तो शीशे के सामने मैंने खुद को देखा!हे भगवान!पूरे बदन में बिजली सी दौड़ गई.

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वैसे तो आप सब मुझे जानते हैं, मैं श्रेया आहूजा जालंधर की पंजाबी कुड़ी, उम्र लगभग तीस साल, गोरी चिट्टी वजन अभी साठ किलो कि थोड़ी सी बबली, गोरी गोरी बांहें, अक्सर स्लीवलेस पहनती हूँ तो मेरे बगल देख कर आप दीवाने हो जाओगे, बिना बाल की बगल! मन करेगा आपको कि मेरी बगलें चाट लें! मोटी भरी हुई जांघें, गोल गोल चूतड़ और पतली सी कमर, पीठ में एक काला तिल, उभरे हुए उरोज बाहर आने को उतावले रहते हैं. कंधे, स्तन, कमर, नितम्ब कई तरह से पकड़े, मसले और छोड़े गएगीले स्तन सख्त हाथों से आंटे की भांति गूंथे गएजल से भीगे नितम्बों को दांतों से काट-कचोट लियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!. !फिर सेठ लेट कर आगे से चूत में लण्ड डाल कर चोदने लगा। मैं भी हर धक्के पर सिसिया कर जबाब देती- हाँ… राजा तेरी रखैल बनूँगी… इसी लौड़े से चूत चुदवाऊँगी… मेरे राजा आ.

मैं बोला- क्या हुआ चाची उठ क्यों गई?चाची मेरी तरफ़ थोड़ा बनावटी गुस्सा दिखाते हुए बोली- अरे कबीर, तू एसी हरकत करेगा तो नींद कैसे आयगी?मैं बोला- कैसी हरकत?वो मेरे लोड़े की तरफ़ देख क़र बोली- तू बार बार खड़ा होगा तो मैं कैसे सो पाऊँगी. तभी सलमा बड़ी हसरतों से बोली- काश कि खुदा में हमें भी लौड़ा दिया होता…इरफ़ान ने पूछा- क्यों? ऐसा क्यों कह रही हो?सलमा लम्बी सांस छोड़ते हुए बोली- तेरे जैसे बहन के लौड़ों को चोद कर बताती कि चोदते कैसे हैं. सेक्सी भेजो वीडियो में सेक्सइस तरह 30 मिनट में वो 4 बार झड़ चुकी थी।मैंने उससे पूछा- कैसा लग रहा है?तो उसने कहा- बहुत मज़ा आ रहा है.

ये लिंग और योनि की भाषा मुझे पसंद नहीं !तब मैंने थोड़ा संकोच किया, इस पर उसने कहा- बोलो !तब मैंने उससे कहा- प्लीज अपना लंड मेरी बुर में डालो !तब उसने कहा- बुर शब्द कितना अच्छा लगता है, पर क्या सिर्फ लंड बुर में डालूँ और कुछ न करूँ?तब मैंने कहा- प्लीज.

फिर भाभी ने मेरा लण्ड मुँह में लिया और प्यार से चूसने लगीं, चारों तरफ अपना हाथ लण्ड पर फिराने लगीं और आधा लण्ड 4 इंच मुँह में ले लिया. !मैंने उसे उसके दोनों हाथ को साइड में रखी टेबल पर जमा दिए और बोला- अब थोड़ा झुक जाओ।फिर मैंने उन्हें डॉगी-स्टाइल में खड़ा कर दिया और पीछे से उनके दोनों स्तन को पकड़कर मसल डाला और अपना लंड उनकी दोनों जाँघों के बीच में डालकर अपने लंड को उनकी चूत पर थोड़ा रगड़ा और उसे गर्म किया।फिर मैंने अपना पूरा लंड एक ही झटके में अन्दर डाल दिया और मेरे हाथ उनके स्तन को मसल रहे थे, निप्पलों को पकड़ कर खींच रहा था.

!मैंने कहा- हाँ…!लेकिन मुझे ज्यादा मज़ा नहीं आ रहा था, तो वो दोबारा मेरी चूत सहलाने लगा। फिर से अपना लंड मेरी योनि में डालने लगा लेकिन मेरी फ़ुद्दी फिर से चुदने की हालत में नहीं थी।मैंने कहा- आशु रुक. मैं- तुम दोनों पागल हो गई हो क्या?? यह क्या बकवास लगा रखी है?तभी मधु मेरे लण्ड को सहलाते हुए अपना हाथ लण्ड के सुपाड़े के टॉप पर ले जाती है. मैंने उनको हल्के हाथ से उपर से ही खुजलाना शुरू किया और खुजाते-खुजाते नीचे सलवार के उपर से ही हल्की सी उंगली अंदर की.

फिर तो जब भी हमें मौक़ा मिलता, दीपक मेरी चूत और चूची को जम कर पीता और मैं भी उसका लंड बहुत ही अच्छे से चूसती.

हां !तभी लोरिया की चूत में से पानी की धारें बहने लगी और लोरिया के पानी ने मेरी जांघें तक भिगो दी, लोरिया की चूत से निकल रहे गर्म रस से मुझे मज़ा भी आ रहा था।करीना लगातार लोरिया की जीभ को चूस रही थी और उसके मम्मों को दबा रही थी। मैं भी दोनों राण्डों को गालियाँ देता हुआ चोद रहा था- चु. मैं आनन्द का लंड चूस रही थी।दस मिनट बाद आनन्द ने मुझे डॉगी-स्टाइल में कर दिया और मेरी गान्ड के छेद पर लंड का सुपाड़ा रखा।तब मैं आनन्द से बोली- आनन्द प्लीज़ तेल लगा कर करो ना. !तो उसने कहा- ठीक है।अब मैं आपको अपनी दिव्या के बारे में बता दूँ, मुझे यकीन है, उसके बारे में जान कर आप आप अपनी मुठ्ठ मारना नहीं भूलोगे।दिव्या देखने में एकदम माल लगती है, उसकी चूची एकदम मस्त हैं, मन करता की मुँह में भर लूं और बाहर ही ना निकालूँ। उसकी चूची का साइज 30 है। उस पर वो जब काली ब्रा पहन लेती है, तो अय.

अमेरिका का सेक्सी डांसऐसे स्पंदन सखी मैंने, कभी सोचे न महसूस कियेपूरा अंग बाहर किया सखी, फिर अन्तस्थल तक ठेल दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. लेखक : जोगी यारामैंने पहली बार अन्तर्वासना डॉट कॉम साईट को चार साल पहले देखा था। पहली बार लिखने को मन किया क्योंकि अब मुझे हिंदी लिखना आ गया है और जिसके बारे में कहानी है वो अब इसे नहीं पढ़ सकती है।मेरा नाम रवि है, पंजाब के एक दूर दराज के गांव का रहने वाला हूँ, यह कहानी राधा की है, वो भोली-भाली कतई नहीं थी बल्कि यूँ कहिये कि मैं चूतिया था.

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स्तनों से अब थोड़ा नीचे आया, उसके समतल पेट को चूमा और अब उसकी नाभि की ओर बढ़ा, अपनी जीभ को घुमाया उसकी नाभि में और चाटना शुरू किया! हौले-हौले नाभि के आस पास जीभ को गोल गोल घुमाते हुए उसे चाट रहा था… उसके बदन में गर्मी बढ़ रही थी… वो दबे मुँह सिसकारियाँ ले रही थी और उसका गोरा सा बदन मचल रहा था. !रीना झड़ गई और नंगी ही सो गई।सुबह सात बजे राधा ने उसको उठाया और कहा- तेरे स्कूल की फ्रेंड को मैंने तेरी तीन दिन की छुट्टी की अर्जी दे दी है, अब चल जल्दी से रेडी हो जा, वहाँ जाना भी है, देर मत कर !रीना नहाने बाथरूम चली गई और बॉडी पर हेयर-रिमूवर क्रीम लगा लिया ताकि एकदम चिकनी हो जाए. वहाँ उस वक़्त बहुत शांति थी।कुली हमारे आगे चल रहा था, मैंने शोना को देखा और प्यार से उसके माथे को चूम लिया, मेरे हाथ उसकी कमर पर थे.

मैं भी साजन को छेड़त थी, कभी अंग को पकड़त छोड़त थी,साजन की कमर, नितम्बों पर, कभी च्योंटी काट के दौड़त थी,साजन के उभरे सीने पर, मैंने दंताक्षर री सखी छाप दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !”और शाहाना की चूत का रस निकलने लगा, मैं भी अब झरने वाला था अपना लंड निकला और शाहाना के मुँह में दाल दिया। शाहाना बड़े प्यार से मेरा सारा वीर्य फिर से पी गई और मेरे लंड के रस को अपने जीभ से साफ करने लगी।तो दोस्तो, मेरी कहानी कैसी लगी जरुर बतायें…3030. पर अंकल जींस की चेन को अपने अंगूठे और उँगलियों से पकड़ बड़े रुक रुक कर खोल रहे थे…चेन ठीक सलोनी की फूली हुई चूत के ऊपर थी.

आर्यनवो तो बहुत ही बड़ी वाली थी, बोली- साले तू दस मिनट में क्या कर लेगा…! मैं गरम तो हो जाऊँगी फिर ठंडा क्या तेरा बाप करेगा. उम्म्म आ…!रेहान दोनों निप्पलों को चूसता-चूसता अब आरोही के पेट पर चुम्बन करने ल्गा और अपना हाथ अब आरोही की चूत पर ले जाकर उसकी चूत को दबाने लगा।आरोही- आ सी सी आह यहाँ आ. हमारा एक दूसरे घर जाना होता रहता है, हमारा अच्छा मेलजोल है दोनों घरों में इसलिए हमारे बीच बहुत हंसी मजाक होता है.

!और उसे ऊपर बिठा दिया और खुद नीचे बैठ कर उसकी चूत में अपनी जुबान डाल कर, उसे चूसने लगा।कुछ देर में ही वो, सीईइ ईईईई सीईइ ईईईई. ! मादरचोद नहीं मादरजात कपड़ा कहा, जिसका मतलब है कि जब माँ के पेट से निकले थे उस समय जो कपड़े पहने थे। उस कपड़े में आ जाइए !पेट का बच्चा और कपड़ा?”अरे बात वही है बच्चा नंगा पैदा होता है और उसी तरह आप भी नंगे हो जाओ, जैसे की तू खड़ी है मादरजात नंगी.

!मैंने कहा- जब लड़का-लड़के से और लड़की-लड़की से अपनी शरीर की जरूरतें पूरी करते हैं, उसे समलिंगी कहते हैं।उसने पूछा- शरीर की जरुरत मतलब ! कैसी जरुरत !तो मैंने कह दिया, अभी तुम बच्ची हो सो जाओ। और फिर मैं भी सिस्टम बन्द करके सो गया।अगले दिन उसके आने के समय पर बारिश होने लगी थी। सब बारिश होने का संकेत देख कर जल्दी ही चले गए.

नहीं तो मैं तुमसे बात भी नहीं करूँगी।”और वो जाने लगी मैंने उसको फिर से पकड़ कर चुम्बन करने लगा और वो छूटने के लिए छटपटा रही थी, लेकिन मैंने उसे नहीं छोड़ा।वो बोली- मम्मी मार्किट से आने वाली होंगी छोड़ दो. मैगी सेक्सीउसने देखा कि सलमा ने सबके फोन नम्बर ऐसे सेव कर रखे थे-आँखों का इलाजदिल का इलाजकानों का इलाज़उसे अपना नाम कहीं नही दिखा तो उसने गुस्से में अपना नंबर डायल किया तो नाम सामने आया- लाइलाज***इरफ़ान दफ्तर से घर लौटा।उसे देखते ही सलमा ने कपड़े उतार दिए।सलमा- पता है ना अब क्या करना है?इरफ़ान- बिजली नहीं है, मैं मशीन के बिना कपड़े नहीं धो सकता।***. हिंदी सेक्सी चार्टमैंने दो पैग और लिए होते लेकिन मैंने उसको लिटा दिया, वो फ्रेंची में था।मैंने दरवाज़ा लॉक किया, उसके करीब आया, उसकी टी-शर्ट ऊपर कर दी। उसके संग लिपट गया। उसकी छाती से मम्मे रगड़ने लगा।मैंने उसके लंड को पकड़ लिया, बाहर निकाल देखा. लेकिन मैं भी होशियार था। मैंने उसकी कमर थाम ली थी और निकलने नहीं दिया, उलटे तेल की चिकनाहट के साथ पूरा लंड अन्दर ठेल दिया।उई ई ई.

अब तो बस ऐसा लगता था साजन मुझमें ही समा जाएँहोठों में होंठ, सीने में वक्ष आवागमन अंगों ने खूब कियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!.

!इतना बोलकर अन्ना चला गया।बस दोस्तो, आज यहीं तक !उम्मीद है आपको पसन्द आया होगा।और आपके दिमाग़ में कई सवाल खड़े हो गए होंगे कि आख़िर आरोही ने ऐसा क्या किया रेहान के साथ, जो रेहान उसका बदला ले रहा है और ये अन्ना सच में डायरेक्टर है या कोई और. !तैयार खाने में आवश्यक सब्जियों को चमेली नीचे से गरम कर लाई और तब तक मैं और कामिनी ने मिल कर टेबल लगा दी। अब खाना प्लेट में निकालना भर बाकी था।तभी जीजाजी की आवाज़ आई, अरे कामिनी. सारे मर्द सीधे ही चूत से चालू हो जाते हैं पर एक औरत की गुदा में भी काम वासना भरी होती है जिसे शांत करना जरूरी है.

अब ज़रा पहले यह बता दूँ कि दीदी का घर उस मोहल्ले में सबसे ऊँचा है, मतलब दीदी की छत पर और कोई नहीं देख सकता, हाँ, हमारी छत से सबकी छत दिखती है।तो अब आगे बताता हूँ…मैंने पहले नीचे से ही सीढ़ियों की बत्ती बंद कर दी और चुपचाप ऊपर चला गया. अनेकों पुरुष अपने लंड को मोटा कड़क करने के लिए जापानी तेल, सांडा तेल, वियाग्रा टेबलेट, पॉवर कैप्सूल का इस्तेमाल करते हैं पर उनको कोई फायदा नहीं होता. मैं नहीं मानता एक ही दिन में तूने उसे पटा भी लिया और चोद भी लिया नामुमकिन…दीपक- तुझे मेरी बात पर भरोसा नहीं ना.

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वो फ़ोन लेकर अपनी मॉम के पास गई, मैं भी पीछे गया, तो पूजा की मॉम सजधज कर कहीं जा रही थी, फ़ोन उठा कर बोली- बस आ रही हूँ!और फ़ोन बन्द कर दिया. सन्नी- और जो काम तुम डायरेक्टर प्रोड्यूसर के साथ बंद कमरे में करती हो वही काम मैं कैमरे के सामने हीरो के साथ करती ही हूँ. तो बहुत अच्छा लग रहा है।”अच्छा तो एक बार देखने दे मुझे !” बुआ ने कहा।नहीं बुआ, शर्म आती है।”अरे हम दोनों के बीच ही तो रहेगा ये सब.

!रेहान- मेरी जान… तुम्हारे निप्पल और चूत को देख कर लगता है सेक्स नहीं किया है, पर कोई इनके मज़े ले चुका है मेरे पहले ये अनछुए नहीं हैं समझी.

ओह जैसे आवाजे निकलने लगी… और साथ ही अपने चूतड़ भी हिलाने लगी।मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल कर उसे भी उसके शरीर से अलग कर दिया।एकाएक उसने मुझे पकड़ा और अपने ऊपर खींच लिया और मेरे होठों को फिर से चूसने लगी और बोली- सारे मजे खुद ही लोगे क्या? मुझे मजे नहीं करने दोगे?मैं हँसा और बोला- जो करना है कर लो, मैं तुम्हारा ही तो हूँ.

अब भाभी अपनी गांड को उठा-उठा कर चुदने लगी और भाभी के मुँह से बहुत सेक्सी आवाज़ निकल रही थीं, आआआआआ… ईईईए… हम्हम. कुत्ते मेरे गाण्ड में उंगली घुसा साले !क्या क्या नहीं बोल रही थी साली रंडी…करीब 15 मिनट के बाद उसका पानी आ गया तो फच फच की आवाजें आने लगी और मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने कहा- कहाँ निकालूँ अपना पानी बोल मेरी रानी !तो उसने कहा- बाहर निकल दे !तो मैंने उसकी चूत के ऊपर अपना मुठ गिरा दिया. हिंदी सेक्सी फिल्म शॉर्ट वालीमैं मस्ती में थी डूब गई क्या करती हूँ न होश रहासाजन के होंठों पर अंग को रख नितम्बों को चहुँ-ओर हिलौर दियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!.

पूरी रात हमारी है।मैं बोला- रोक मत मनु, बड़ा मजा आ रहा है।बाद में मनु ने अपने कपड़े उतारते हुए मेरे भी कपड़े उतरवाए।क्या लग रही थी वो ब्रा और चड्डी में. जूही तुम्हारी चूत पहले कितनी टाइट और वाइट थी, आज तो पूरी लाल हो रही है और खुल भी गई है, रेहान ने मज़ा दिया या नहीं…!जूही- अई अ. अब तो मैं बँधी थी… हर कारनामे के वक़्त खड़े रहने वाले मेरे उरोज अब जैसे मरे पड़े थे… नीचे लटक रहे थे, शायद उन्हें भी डर था कि आज उनके साथ क्या होगा, पता नहीं !श्रेया ने दोनों हाथ से मेरी चूचियाँ बगल से ऊपर को बीच में की मगर फिर नीचे लटक गई.

लेकिन मैं भी कम नहीं था, मैंने और भड़काया, उसके हाथों से लंड खींच लिया और उसका सर नीचे की ओर दबाकर इशारा किया कि मुँह में लो!तो वो फट से तैयार हो गई और मेरा नौ इंच लम्बा लंड देख कर बोली- तुम्हारा ये तो बहुत बड़ा और मोटा है, बिल्कुल काला नाग है ये, तुम्हारे जीजा जी का तो छोटा सा ही था. घर पहुँचा तो देखा शादी के माहौल के विपरीत इस समय वहाँ बहुत कम लोग थे, बस दादा-दादी, चाची और उनका छोटा बेटा जो स्कूल जाता था.

!फिर हम दोनों सो गए और उसके बाद भी मौका मिलने पर कई बार उसने मुझे चोदा पर अब उसकी शादी हो गई है।दोस्तो, आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे ईमेल करिए प्लीज़.

!उसकी बात को अनसुना करके मैंने एक और झटका दिया और उसे चूमने लगा। थोड़ी देर में तगड़े शॉट लगाने लगा।करीब दस मिनट बाद जबरदस्त ठुकाई के बाद मैंने कहा- मैं जाने वाला हूँ. मैं अमित शर्मा एक बार फिर लेकर आया हूँ अपनी सच्ची दास्तान !बात उन दिनों की है जब मैं इंजिनियरिंग के फाइनल ईयर में था, मेरी गर्लफ्रेंड थी नेहा !नेहा के बारे में मैं आपको बताता हूँ, उसकी उम्र 23 थी, हाइट 5’6″. बहुत ही अच्छे लग रहे थे।मैंने आंटी के मम्मों को बारी-बारी से चूसना शुरू कर दिया और आंटी की सलवार का नाड़ा भी खोल दिया।मैंने अपना हाथ पूरे ज़ोर से उनकी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया।अब आंटी की सिसकारियाँ ऊँची चीखों में बदल चुकी थीं ‘हायएए एएएएएए ओ गॉड हाय.

सेक्सी फोटो चोदा चोदी चोदा चोदी चोदा मैं पूरे दिन यही सोचता रहा कि आज तो चाची की गांड भी मारनी है क्योंकि चूत में तो उन्हें कोई दर्द नहीं होने वाला, वो तो फटी पड़ी है…मैंने दिन में ही चाची को सोने के लिए बोल दिया था, कहा- आज रात मैं तुम्हे सोने नहीं दूंगा!वो हंस क़र चली गई. मूवी जैसे ही खत्म हुई मैंने टीवी बंद कर दिया तो फ़ूफ़ी बोलीं- टीवी बंद मत करो, मैं देख रहीं हूँ, तुम्हें सोना है तो सो जाओ.

! बुरचोदी, गाण्डू, लौंडेबाज, तुम्हारी भी गाण्ड जब फाड़ी जाएगी, तो मैं ताली पीट-पीट कर हसूँगी… प्लीज़ जीजाजी …बहुत आहिस्ते-आहिस्ते मारिए …दर्द हो रहा है।” धीरे-धीरे कामिनी का दर्द कम हुआ और अब उसे गाण्ड मरवाने में अच्छा लगने लगा, जीजाजी अब ठीक है. मैं जब छठी में था वो सातवीं में थी पर गाँव के बच्चों की उम्र का अंदाजा लगाना बड़ा मुश्किल है।मुझे बोलती थी- रवि, तुम इतने गोरे कैसे हो?और मैं कहता था- क्योंकि मेरी मन गोरा है।अच्छा, तुम्हें अच्छा कौन लगता है?”उम्म… सबसे छोटे वाली भाभी !”अरे, वो क्यों?”क्योंकि वो जब मुझे ‘आप’ बुलाती है और मुझसे गाँव की लड़कियों की बातें करती है तो मुझे पेट में गुदगुदी होती है।”ओहो, किस तरह की बातें करती है?”. मेरे अंग से उसके अंग का, रस रिस-रिस कर बह जाता थावह और नहीं कुछ था री सखी, मेरा सुख छलका जाता थाआह्लादित साजन को मैंने, पुनः मस्ती का एक ठौर दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

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!आरोही जानती थी कि अब ज़्यादा मना करना ठीक नहीं होगा, तो वो बेड पे लेट गई, अन्ना खुश होकर उसके पास लेट गया,उसको चूमने लगा और उसके मम्मों को दबाने लगा. !”उन्होंने मुझसे पूछा।मैंने कहा- आंटी, आज आपकी छुट्टी है, क्यों न आज हम कहीं घूमने चलें।उन्होंने मुझसे पूछा- कहाँ जायेंगे…! धनबाद में घूमने की कोई जगह है क्या. !मैं बार-बार उसको मुँह में डालती अन्दर तक ले जाती और फिर वो जैसे ही बाहर आता, मैं फिर उसको अन्दर ले जाती और अच्छी से चूसती।इस बार तो मैं अपनी पूरी भूख मिटाने वाली थी, सुबह से भूखी शेरनी की तरह थी, जिसे शिकार का इंतज़ार था।पर बीच-बीच में मेरे सर के बाल इसमें रोड़ा डाल रहे थे। फिर भी मैंने हार नहीं मानी और लगी रही और जम कर चूसती रही।तभी सुनील ने कहा- रुको, आज तुम्हें एक नई चीज़ सिखाता हूँ…69.

ऊँगली-मुट्ठी से वस्त्र रहित नितम्ब, नोचे-खरोचे-मसले गए,आटे की लोई से स्तन द्वय, दबाये-भींचे-पकड़े-छोड़े गए,नितम्बों की गहन उस घाटी में, उँगलियों ने गमन भी खूब कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. मैं रीना को चूमता रहा, वो भी मेरा साथ दे रही थी!मैं उसके साथ प्रगाढ़ चुम्बन कर रहा था कि तभी वो अपने होंठ मेरे मुँह पर दबाये हुए मुझे धक्का देते हुए दीवार तक ले गई और फिर वो जोर शोर से मेरे होंठ चूसने लगी.

सबसे पहले सभी प्यासी चूतों और जानलेवा लंडों को मेरे लंड की ओर से नमस्कार।मेरी उम्र 21 साल है, शरीर से पतला हूँ पर भगवान ने लण्ड काफ़ी मस्त दिया है। 7 इंच लंबा तथा 2.

कल तो जोश-जोश में आपसे 3 बार प्यार कर लिया और रात को पूरा बदन अकड़ रहा था, थकान की वजह से ऐसी नींद आई कि सुबह आँख ही नहीं खुली, राहुल ने आवाज़ दी तब जाकर उठी. !कुछ समय में उन्होंने 8-9 धक्के मारे और मेरी चूत में गर्म सा फव्वारा छोड़ दिया और मुझ पर आकर गिर पड़े।करीब दस मिनट के बाद उन्होंने मुझे किस किया और जन्म-दिन की फिर से बधाई दी और फिर नहाने के बाद वापस अपने ऑफिस चले गए।उस दिन सा आनन्द मिल पाना बहुत ही मुश्किल था, पर हमने फिर से पूरी रात सेक्स किया, पर वो सब बाद में. वो तो तुम खुद को नंगा देखे जाने से इतना शरमा रही थी तभी मैंने तुम्हारी शरम दूर करने के लिए ही ये सब किया…रोज़ी- व्व्व वो बात नहीं… स्सर… प्पर !मतलब उसका भी मन था मगर पहली बार होने से शायद घबरा रही थी।इसका मतलब अभी उसको समय देना होगा.

उसकी चूत एकदम साफ और चिकनी थी… मुझे उस दिन की याद आई और मैंने सीधा उसकी चूत पर मुँह रख दिया… इधर मैं चूत और उधर हरीश मम्मे चूस रहा था. !”मैंने उसके मम्मों को चूसना शुरू कर दिया। थोड़ी देर ऐसा ही उसके ऊपर लेटा रहा और उसे पकड़ कर 3-4 धक्के मारे और पूरा डाल दिया।वो रोने लगी और खून की धार से मेरा लौड़ा रंग चुका था और वो इतनी तेज़ चीखी, आआआ आआऐययईईई ईमाआआअ न्न्नरनणणन् माआअर डाला सैंडी मेरी पूरी फट गई रे…. !”पहले हम साथ-साथ थोड़ी रहते थे अब जब तीन दिन से तुझे देख रहा हूँ तो महसूस किया, इसलिए तारीफ कर दी। तेरे गोरे बदन पर एक बाल तक नहीं दिख रहा।तुम्हारी बॉडी पर तो घने बाल हैं ना.

दस अंगुल का विस्तार निरख, मैं तो हो गई निहाल सखीसाजन सोते हैं या जागते हैं, अब ये विचार मन से दूर कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

इंडियन बीएफ बीएफ बीएफ बीएफ: कभी कभी तो केवल जरा सा देखकर ही कच्छा ख़राब कर देता था…मगर आज इतना मस्त नजारा चारों ओर था, सब तरफ चुदाई चल रही थी, ऋज़ू की खूब चुदाई भी की थी. जान ! इसीलिए तो मैंने कुछ इंतजाम कर के रखा था। तुम चारों तो मुझे खा जाओगी और मैं थक जाता इसलिए मैंने अपने दो साथियों को और बुलाया है।श्रुति और रुबीना साथ में बोली- किसका इंतजार है.

!उसकी बात को अनसुना करके मैंने एक और झटका दिया और उसे चूमने लगा। थोड़ी देर में तगड़े शॉट लगाने लगा।करीब दस मिनट बाद जबरदस्त ठुकाई के बाद मैंने कहा- मैं जाने वाला हूँ. !”मैं रुका और और उसकी चूचियों पर लगे गुलाबी निप्पलों को अपनी जीभ से खींचने लगा उधर शब्बो भी लगातार नीलू के सर को सहला रही थी, लगभग एक मिनट तक मैं शान्त पड़ा रहा फिर थोड़ा लंड को उसकी चूत में ही हल्के से हिलाया उसकी ऊँ. चूमत-चूमत, चाटत-चाटत साजन पंजे पर बैठ गएमैं खड़ी रही साजन ने होंठ नाभि के नीचे पहुँचाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!.

बाथरूम में जाकर हम दोनों ने कपड़े उतार दिए और अलीशा की सफाई मैं करने लगी, उसके बाद अलीशा बोली- तू भी कर ले निधि, देख तो सही कितनी काली लग रही है तेरी चिड़िया.

हर समय विनोद का ही पकड़े रहती थीं… पता है उस समय मेरे इस पर क्या गुजरती थी…??सलोनी- अच्छा तुम ही हर समय वहीं घुसे रहते थे. !मैंने उसे उसके दोनों हाथ को साइड में रखी टेबल पर जमा दिए और बोला- अब थोड़ा झुक जाओ।फिर मैंने उन्हें डॉगी-स्टाइल में खड़ा कर दिया और पीछे से उनके दोनों स्तन को पकड़कर मसल डाला और अपना लंड उनकी दोनों जाँघों के बीच में डालकर अपने लंड को उनकी चूत पर थोड़ा रगड़ा और उसे गर्म किया।फिर मैंने अपना पूरा लंड एक ही झटके में अन्दर डाल दिया और मेरे हाथ उनके स्तन को मसल रहे थे, निप्पलों को पकड़ कर खींच रहा था. !’ चाची ने मुझ से कहा।मैं खड़ा हो गया, फिर चाची मेरे सामने बैठ गईं, मेरा लण्ड पकड़ कर अपने होंठों पर फेरने लगीं।मेरे लण्ड से पानी निकलने लगा था।फिर उन्होंने मेरा लण्ड अपने मुँह में रखा और जुबान से उसको सहलाने लगीं।मेरे मुँह से बहुत जोरदार आवाज़ निकली- ओह्ह्ह्ह्ह.