बीएफ सेक्स बलात्कार

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जब माल निकलने वाला था तो मैंने वहीं अखबार पे डाल दिया क्योंकि बाहर चाचा सो रहे थे. बड़ी साइकिलआखिर उसकी चूत चाटना छोड़ कर मैंने उठकर संजना के हाथ में अपना लंड थमा दिया.

अब धीरे धीरे आनन्द मिलना शुरू होगा तुम्हें!कुछ मिनट तक मैं ऐसे ही उसके ऊपर लेटा रहा, फिर मैंने उसे पूछा- अब भी दर्द है क्या?तो वो बोली- अब तो दर्द काफी कम है!मैंने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किये, पांच मिनट की हल्की चुदाई के बाद मैंने अपनी गति बढ़ानी शुरू की तो अब उसे भी मजा आने लगा, वो भी नीचे से सहयोग करने लगी. गाने का सेक्सयह कोई मनघड़न्त कहानी नहीं, एक रियल सेक्स स्टोरी है, जो आज से दो महीने पहले घटी थी.

मैं उसकी चूत चाट रहा था और वो भी अपने हाथ से मेरा सर को अपनी चुत कर ऊपर दबा रही थी.बीएफ सेक्स बलात्कार: अपने प्रतिसाद मुझे भेजते रहें और साथ ही मुझे आपके दिमाग में भी कुछ ऐसे नए आइडिया हो तो लिख भेजिए, मैं कोशिश करूंगा कि उनको इस कहानी का हिस्सा बनाकर प्रस्तुत किया जाये.

आज टीना ने सुमन को वो काम करने को कह दिया था जो शायद एक रंडी भी ना करती.उनके विवादास्पद व्यवहार ने मुझे यह मानने को प्रेरित किया था कि भाई बहन के बीच भी यह सब हो सकता है.

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पापा बोले- एक शर्त पर दिखाऊंगा कि तुम उसी स्टाइल में मुझसे चुदवाओगी.ऋतु की एक टांग मेरे ऊपर थी और वो उसको रगड़ रही थी जिससे ऋतु की गीली चूत मेरी जांघ से रगड़ खा रही थी.

मौसी दुल्हन की तरह सजती और मैं दूल्हा बन कर उसके साथ सेक्स करता, अक्सर नए नए तरीके अपनाते. बीएफ सेक्स बलात्कार मैंने छुप कर देखा कि मेरा बेटा अपनी माँ की नंगी चुची को देख रहा है और एक हाथ से अपने लंड को पैन्ट में छुपा रहा है.

मैंने कहा- तुम खुद ही मेरी पैन्ट उतार दो…तो उसने मेरी बेल्ट खोली और फिर पैन्ट खोल दी और मेरे घुटनों तक आ गई और अब तक मेरा लंड दर्द से फटा जा रहा था और अंडरवियर में टेंट बन चुका था.

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10 साल पहले तो कोई मजबूरी थी मेरी, आपको फिर कभी बताऊँगी, उस वजह से मजबूरी में किया था, उसको मैं नहीं गिनती. उसका बायाँ बाजू मेरे कंधे के ऊपर से मेरी पीठ पर था तथा उसने उससे मुझे जकड़ा हुआ था और उसका दायाँ बाजू हम दोनों के बीच में था तथा उसका वह हाथ मेरे लिंग पर रखा हुआ था. वो मुझसे लिपट गईं और मुझे चूमने लगींभाभी की साँसों की ख़ूशबू ने मुझे पागल कर दिया… और मैं पूरी तन्मयता से भाभी को चोदने लगा.

ये कह कर चन्दन अपनी कोहनी को संगीता के चूचों पर टकराने लगा और धीरे-धीरे उनके नजदीक आ गया. भाभी की इस बात पर इस बार मैंने आगे से आकर उसकी गांड पकड़ कर बोला- हां हूँ न आपके लिए भाभी जान. कहानी जारी रहेगी और आगे की कहानी में आप लोगों बताऊंगा कि मुझे पूजा को पटाने के लिए कौन कौन से पापड़ बेलने पड़े और किस तरह मैंने एक कुंवारी लड़की की सील तोड़ी.

नीलम का इशारा मिलते ही मैंने अधीरता से उसका ब्लाउज उतार दिया, ब्रा को भी निकाल दिया और उसको बिस्तर पर पटक कर उसके होठों को चूमने लगा. वो तो अपना लंड भी मुझे चूसने नहीं देता, कहता है गन्दी बात होती है!’ रानी थोड़ा तैश में आके बोली. उसी दिन शाम को मैं जिम जा रहा था तो वो रास्ते में मिल गई।मैंने कहा- देख, ये पेन किलर की गोलियां हैं.

मैं तो पता नहीं कहाँ पहुँच गया था और मैंने 30 सेकंड में ही लावा उगल दिया. मैं भी अब उन्हें चोदने को बेताब था इसलिए उनकी दोनों टाँगें ऊपर करके बीच में आकर अपना लंड सेट किया और एक जोर के झटके के साथ ही अपना आधे से ज्यादा लंड अन्दर पेल दिया.

थोड़ी देर चूसने के बाद उन्होंने कहा- अब घुसा भी दीजिये।मैंने भी चुदाई करना ही उचित समझा क्योंकि मेरी भी उत्तेजना का कोई पारावार नहीं था.

मैंने इसका फायदा उठाते हुए उनका नंबर ले लिया और भाभी से फोन पर बातें स्टार्ट हो गईं.

वो मुझे उठा कर बाहर ले गया और मुझे रंडी की तरह एक सोफे पर पटक दिया. मैंने उसे किस किया, उससे पूछा- कैसा लगा?तो बोली- बहुत मजा आया आज!मैं उसे किस करने लगा. हां जब वो बिस्तर में मेरे साथ पूरी मादरजात नंगी मेरे आगोश में होती तो उसका व्यवहार किसी मदमस्त प्यासी, चुदासी कामिनी की तरह होता था.

मैंने कहा- नहीं नहीं, बस पूछना था कि अब कोई दवाई बची तो नहीं है जो देना हो…उसने फ़ाइल देखी और बोली- नहीं कोई बाकी नहीं है. ‘ये तो है… आपस में बिल्कुल खुले व्यक्ति ही इस गेम का पूरा लुत्फ़ उठा सकते हैं… कोई पर्दा नहीं होना चाहिये आपस में!’ एंड्रयू ने मेरी बीवी की तरफ नजर भर कर देखते हुए कहा. काफी देर की चुदाई के बाद मुझे लगा कि मुझे अब अपना माल गिरा देना चाहिए.

मैंने कहा- मैं भी कहाँ सब में आता हूँ और मेरे हाथ में जो गाल आता है फिर वह कहीं नहीं जाता है.

इस सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि सुमन ने अपने बाप का लंड चूस कर वीर्य पी लिया. उन्होंने धीरे से चादर हटाई तो अन्दर का नजारा देख कर उनके होश उड़ गए. उसने मेरी तरफ देखा और मेरी तरफ अपने होंठ गोल करके एक फ़्लाइंग किस किया.

मैं जब उनके घर जाता था तो कई बार मैंने ये बात गौर की कि वो मुझे देख कर मुस्कुरा देती थीं. उसके रंग-ढंग को देख कर कोई भी बता सकता था कि वो बहुत ही चुदने वाली लड़की है. वो बोलीं- आह… उखाड़ना है क्या… धीरे दबाओ राजा… मैं कहीं भागी नहीं जा रही.

तो भैया ने साफ़ मना कर दिया और मेरा बिस्तर अपने बेड के पास ही लगा दिया.

इतना सुनते ही मेरे पूरे शरीर में मानो करंट लग गया जब पता चला के पूजा मेरे यहाँ आकर रहेगी, मेरे मन में अचानक गुदगुदी होने लगी, मैंने तुरंत अंकल से कहा- हाँ अंकल, यहाँ बहुत अच्छी कोचिंग्स हैं, उसे यही भेज दीजिये, और मैं कोई अच्छी सी कोचिंग पता करके बताता हूँ, और मैं उसे पढ़ा भी दिया करूंगा. फ्लॉरा- सस्स आह भाई… ठीक से करो ना उफ़ थोड़ा और ऊपर करो आह वहां बहुत जलन हो रही है ससस्स प्लीज़ करो जल्दी.

बीएफ सेक्स बलात्कार अब मैं कहाँ मानने वाला था, मैंने साली की चुदाई करनी थी लेकिन टाइम की कमी के कारण मैंने उसे छोड़ दिया और हम वापस हॉल को चले गए. हम लोग एक-दूसरे को किस करने लगे, वो धीरे-धीरे मेरे लंड को सहलाने लगीं और मैं उसके मम्मों को टटोलने में लग गया.

बीएफ सेक्स बलात्कार मैंने उन्हें तसल्ली दी- पण्डित जी, अगर आप सोच रहे हैं कि मैं आप पर नाराज़ हूँ, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. फिर मैंने बेबी डॉल भी पहन ली, जिसमें से मेरा पूरा शरीर नंगा दिखाई दे रहा था.

कुछ देर बाद मैंने भाभी की चुत को चूमना और चूसना शुरू किया तो वो भी 69 की पोज़िशन में आ गईं.

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अब वो उसकी जाँघों को चूस रही थी और उसे नीतू की चुत से भीनी-भीनी खुशबू आ रही थी. फिर धीरे से मैंने हाथ उसकी जीन्स के अन्दर डालना चाहा, पर जींस टाइट होने के वजह से हाथ अन्दर नहीं जा पाया. मगर वो थोड़ी भोली है इन सब बातों से अनजान है, तो उस हिसाब से बच्ची ही है और रही बात सही ग़लत की, तो तुम मर्द जात हो ही ऐसे.

मैं उसके सामने खड़ा हो गया और लोअर खोल कर लौड़ा निकाल कर उसके मुँह में देने लगा, उसने एकदम से मेरा लौड़ा अपने मुख में भर लिया और चूसने लगी. इससे पहले मैं कोई अगला कदम उठता मुझे मेरे लिंग पर माला के हाथ का दबाव महसूस हुआ और मैंने गर्दन नीची करके उसे देखा तो वह जाग गई थी और मंद मंद मुस्करा रही थी. सुमन की तो हालत खराब थी, वो मुँह को कसके भींचे हुए पड़ी थी कि उसकी कहीं सिसकी ना निकाल जाए.

मैं जाने लगा तो भाभी ने मुझे एक लिफाफा दिया, जिसमें दो हजार रूपए थे.

‘हाँ… ऐसे ही अपना लंड मेरी चूत में दिये पड़े रहिये… मैं झड़ने वाली हूँ… लेकिन आप नहीं हिलना बस… थोड़ा सा ऊपर हो जाओ ताकि मैं अपनी चूत ऊपर उठा के दे सकूं आपको… इसे उलीच सकूँ आपके लंड पे!’ वो कामाग्नि में जलती हुई बोली. फिर उन्होंने मुझे कहा कि वो आज के इस दिन को एक यादगार दिन बना कर जीना चाहती है और हमारे पहले मिलन को हमेशा याद रखना चाहती है. बहूरानी जी बेझिझक मेरी आँखों में आँखे डाल के मुस्कुरा मुस्कुरा के लंड चूसती फिर अपनी चूत में लंड लेकर लाज शर्म त्याग कर मेरी नज़र से नज़र मिलाते हुए उछल उछल कर लंड का मज़ा लेती और अपनी चूत का मज़ा लंड को देती और झड़ते ही मुझसे कस के लिपट जाती, अपने हाथ पैरों से मुझे जकड़ लेती, अपनी चूत मेरे लंड पर चिपका देती और जैसे सशरीर ही मुझमें समा जाने का प्रयत्न करती.

आआआआअ… मेरा होने वाला है!” मेघा तड़पने लगी और उस की चूत ने पानी छोड़ दिया. चल बता क्या किया तुमने?टीना ने एक-दो बार पूछा मगर सुमन ने मना कर दिया कि आकर बताएगी उसके बाद वो दोनों कॉलेज चली गई. वो दोनों मेरी तरफ देखने लगे तो मैंने जय से कहा- पहले राहुल को कर लेने दो फिर तुम्हें भी आसानी होगी मेरी गांड में अपना लंड डालने में क्योंकि तुम्हारा लंड राहुल से ज्यादा है साइज में, ये शुरू में आसानी से नहीं जायेगा.

वो अपने दो बेटों के साथ ही रहती थीं, ये उन्होंने मुझे बाद में बताया था. फिर मैं गांड को झटके के साथ ऊपर नीचे करने लगी, मामा भी अपने हाथ का सहारा देने लगे, मैं सर को ऊपर की करके आनन्द लेने लगी, कहीं खो सी गयी, गांड के अंदर हलचल होने के वजह से बीच बीच मेरी चूत से गर्म सू सू निकल जाती थी जो मामा जी जाँघ को गीली कर रही थी.

तभी एक लड़का मेरे मुँह में अपना लंड घुसा कर जोर जोर से आगे पीछे करने लगा. टीना ने शुरू से सारी बातें बताईं, जिसे सुनकर गुलशन जी का पारा चढ़ गया- उस कमीने की ये मजाल वो मेरी बेटी को रंडी बनाएगा. मैंने धीरे धीरे से पेशाब किया, उसका मुँह पूरा खुला था, जब उसकी मुँह भर जाता तो मैं रुक जाता, वो पी लेती फिर अपना मुँह खोलती और मैं फिर मूत देता.

‘लेकिन आपके पति को हो सकता है कि पसंद न आए… मेरा मतलब है कि शायद उन्हें पसंद न आए कि आप किसी दूसरे को स्पर्श करेंगी!’ एंड्रयू ने शंका व्यक्त की.

कुल मिला कर मुझे ऐसा लगता था कि मेरे अंदर कोई खास आकर्षण नहीं था जो कोई मुझ पर लाइन मारे. कुछ देर में एंड्रयू भी मेरी बगल में आकर खड़ा हो गया, और मुझे वाइफ का मुंह उसके साथ शेयर करना पड़ा. मेरी शानदार बीवी की इस अदा ने मुझे मस्त कर दिया… दो एक दूसरे के समानान्तर खड़े लंड के बीच नताशा की सुन्दर चिकनी जीभ… वाह-2 क्या नजारा था!‘सुपर! शाबाश… सुनो जाने मन, तुम नहीं चाहती कि स्वान तुम्हें नीचे लेट कर चोदे?’ बीवी से उसकी प्रशंसा करते हुए मैंने उसकी राय जाननी चाही.

मैंने उनकी ब्रा और पेंटी को निकाल दिया और उनके मम्मों पर तेल लगा कर उन्हें मसलने लगा. मामा जी बोले- पहले अभी तुम्हारी गांड मारूँगा, फिर हम लोग खाना खाएँगे, उसके बाद तुम्हारी चूत की चुदाई करूँगा.

मैं खिसककर आगे आ गया और अब मेरे पैर बेड से टकरा रहे थे और उन दोनों के नंगे जिस्म आपस में रगड़ खा रहे थे और उन दोनों का चेहरा मेरे लंड से सिर्फ चार या पांच इंच की दूरी पर ही था. मैंने- आपको बात करना पसंद नहीं है क्या? रिप्लाइ ही नहीं करती हो आप?भाभी- मैंने कहा था ना. मैंने कुछ देर उन पर हाथ फेरा, उनको सहलाया, मसला, फिर मैं जोरों से दबा दबा कर उनके मम्मों को चूसने लगा, उनके निप्पलों पर अपनी जीभ चलाने लगा.

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मैंने पूछा- वैशाली क्या तेरे घऱ पर कोई नहीं है?तो बोली- हाँ सब लोग शादी के लिए गाँव गए हैं, मैं अकेली हूँ.

तो मैं थोड़ा रुक कर उनकी चूचियों को दबाने लगा ताकि स्थिति सामान्य हो जाए।चूची को सहलाने के साथ-साथ मैं उनके गले पर भी किस कर रहा था और बाइट दे रहा था ताकि उन्हें नीचे हो रहे दर्द का भी अहसास ना हो।थोड़ी देर बाद वे अपनी कमर हिलाने लगी और आगे पीछे करने लगी. मैंने उसके पास लेट कर उसके चेहरे पे गिरी उसकी जुल्फें हटा कर पूछा- थक गई क्या?वो बोली- हाँ थोड़ी सी, तीन तीन मर्द, एक के बाद एक मेरे ऊपर चढ़े हैं. अपने घर से कुछ दूरी पर जहाँ बस स्टैंड था, वहाँ एक करीबन 40 साल की आंटी बस का इंतजार करती हुई खड़ी थीं.

संगीता ने अपनी जीभ निकाल कर जमाई राजा के लंड पर चमकते हुए उस मोती को अपनी जीभ पर ले लिया और मुँह में लेकर उसका स्वाद लिया. मैं चाची को बोला- स्पीड से चोदने का मन मुझे भी हो रहा है… स्पीड से करूँ क्या?चाची ने हां में सर हिलाया और होंठ दांत के नीचे दबा लिए, मैं लंड को बाहर खींच कर अंदर पेल देता, मुझे बड़ा अच्छा लगने लगा था, चाची भी चुत उठा कर हिला कर मेरा साथ देने लगी थी. बाप बेटी की चुदाई दिखाओमैं अपने हाथ को उनके चूतड़ों के नीचे ले गया और अपने हाथों से उनके चूतड़ों को सहलाते हुए मैं अपनी जीभ को कड़ा करके उनकी चूत में तेज़ी के साथ पेल रहा था.

मैं बहुत डर गया और उसके मुँह पर हाथ रख दिया, अब तक मेरा टोपा उसकी चूत के अंदर गया था. पहले पहले वो कभी कभार ही पीकर आते पर बाद में वो रोज ही पीकर आने लगा जिससे उन दोनों में झगड़े होने लगे और एक बार तो उसकी इच्छा डाइवोर्स लेने की भी हुई.

भाभी के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगीं और वो बोलने लगीं- अब मत तड़पा रे. रानी भी मेरी पीठ सहलाये जा रही थी, कभी कभी अपने नाखून भी गड़ा देती और मुझे कसकर भींच लेती. मेरे दिल में तब रोमांस करने का सूझा, तो मैंने होटेल के मैनेजर से रिक्वेस्ट करके एक रूम 2 घंटे के लिए ले लिया.

मैंने भी जीभ निकाल कर उनकी चूत को ऊपर से नीचे एक बार चाटा, फिर चूत के गुलाबी होंठों को अपने हाथों से फैला दिया. वे बहुत प्रसन्न दिख रहे थे।उन्होंने बताया- वे जिस लड़की अपनी बहन की सगाई करने तब आए थे आज उसी की शादी है. कैसा लग रहा है!संगीता ने अपने होंठों को हल्के से अलग किया तो चन्दन का 9” का लंड सरसराता हुआ संगीता की जीभ को रगड़ता हुआ अन्दर चला गया.

कुछ देर बाद मैंने अपने लंड पर तेल लगाया और उसकी गांड के छेद पर भी मला.

भाभी ने भी पूरा सहयोग किया और मैं उनके सुडौल पर्वतों की खूबसूरती देख कर दंग रह गया. गुलशन- क्या मैं तुम्हारे मॉम डैड का नाम जान सकता हूँ?फ्लॉरा- क्यों अंकल बहुत पूछ रहे हो क्या इरादा है मेरे मॉम डैड के पास रिश्ता लेकर जाओगे क्या मेरा? हा हा हा हा हा!गुलशन- अरे नहीं बस, ऐसे ही पूछ रहा हूँ.

मीना- अरे पागल जब तेरा पति तेरी प्यास ना बुझा पाए तो कोई दूसरा जुगाड़ कर ले ना!मोना थोड़ी चौंकती हुई सवालिया नज़रों से मीना की तरफ़ देखने लगी. मैंने उनके होंठ चूसने शुरू कर दिये और अपना लण्ड चाची की चुत के ऊपर घिसने लगा, मेरी चाची भी मेरा साथ देने लगी, उन्होंने मुझे कस कर पकड़ लिया और बोली- घुसा दे. पर मेरा दिल वही लगा रहा, काफी दिन बीत गए पर मुझे उसकी याद आती रही, पर मैं अपनी पढ़ाई और काम मे व्यस्त हो गया, और वक़्त के साथ साथ उसकी यादें धीरे धीरे धुँधली पड़ने लगी.

धीरे-धीरे गुलशन जी अब नीचे चुत पर आ गए और सुमन की जांघें चूसने लगे. पूजा की आँखें और मुंह मेरे लंड और कमर के नीचे छिपा हुआ था जिस वजह से वह कुछ देख नहीं पा रही थी. मैंने उन्हें पकड़ लिया, पर हम दोनों एक-दूसरे को कंट्रोल नहीं कर पाए और एक-दूसरे के होंठों को लड़ा बैठे.

बीएफ सेक्स बलात्कार ऋतु की चमकती त्वचा के सामने वैसे तो पूजा कुछ भी नहीं थी पर हर किसी का अपना स्वाद है. फिर मैंने भी तुम्हारे सारे कपड़े निकाल दिए और तुम अब मेरे सामने एकदम नंगे खड़े थे.

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मैं दोबारा बेड के पास गया और फिर से चाची की साड़ी को पेटीकोट के साथ धीरे-धीरे ऊपर खिसकाने लगा और कमर के पास लाकर छोड़ दिया. ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’थोड़ी देर चुत चाटने के बाद वो मेरी क्लीन शेव्ड चूत को पूरा मुँह में भर के चूसने लगा. मैंने उसकी टांगों को अपने कन्धों पर रख कर लंड पर दबाव दिया, लंड चूत के छेद में घुसता चला गया.

वाह क्या जबरदस्त चूचियां थीं… एकदम मस्त… लाल और गोल… अभी तक किसी ने उसकी चूचियों पर हाथ तक नहीं लगाया था. रोहन ने सबके गिलासों को फिर से भर दिया, इस बार एक और गिलास मंजीत का भी था. चोदा चोदी भाई बहनवह मुझसे थोड़ा लंबा था इसलिए मैं उसके गले और छाती तक ही पहुँच रहा था.

थोड़ी देर बाद नार्मल होने के बाद मैंने पूछा- आंखों से पानी क्यों आ रहा था.

उसने भले निखिल से शादी की थी, लेकिन मैं उसका स्टेन्ड बाय बन गया था. थोड़ी ही देर में वो बिल्कुल साफ़ हो गया और पूजा चटखारे लेते हुए पीछे हो गई.

इस कहानी में रूबी ने हमारी एक बंगालन पड़ोसन की बात की थी जिसका पति फिसड्डी था और वो किसी स्पर्म बैंक से कृत्रिम गर्भाधान करवाने की सोच रही थी. ऐसी मदमाती मस्त जवानी को चोदने के ख्याल से ही मेरे लंड में तनाव भरने लगा. यह पहली बार था कि वो मुझे पप्पी दे रही थीं वरना अब तक हर बार मैंने ही शुरुआत की थी.

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अब बोल तेरा दर्द कम हुआ या नहीं या और मालिश चाहिए?फ्लॉरा- भाई, ये ग़लत है आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था. रमेश ने बुर के अंदर एक उंगली डाली और वो चूसने के साथ साथ उंगली से सरिता को चोदने लगा. वो भी उस वक़्त ऑनलाइन ही थी और उन्होंने मुझसे मेरे बारे में जानने की इच्छा ज़ाहिर कि अगर मुझे ऐतराज़ न हो तो.

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दोस्तो, मैं लव शर्मा एक बार फिर हाज़िर हूँ अपनी अगली कहानी को लेकर जो एक अस्पताल से सम्बन्ध रखती है. मोटे अंगूर के दाने के जैसे निप्पल एकदम से नर्म और मुलायम थे जिनमें दूध भरा हुआ था. फिर मैंने सबीना को खड़ा किया, घोड़ी बनाया तो जमीला फर्श पर टाँगें फैलाकर लेट गई और मैं सबीना को घोड़ी बना कर चोदने लगा.

और उसके चेहरे पर उसकी मुस्कान तो उफ़ माशाल्लाह…जब वो हँसती थी तो चेहेरे में उसके डिंपल पड़ते थे, जो उसकी सुंदरता को और बढ़ा देते थे. वो जमीन पर बैठ गया, मैं उसके लंड पर बैठ गई और हम दोनों एक-दूसरे को चूमने लगे. सुमन- उह… पापा आपका लंड है या गन्ना, हमेशा खड़ा ही रहता है, अब सुबह-सुबह ही देखो कैसे तना हुआ है.

मैं अब भी भाभी का हाथ पकड़े हुए खड़ा था और मुझे लगा कि उनको खड़े रहने में बहुत दिक्कत हो रही थी. जब आपको कुछ करना ही नहीं था तो आपने ये सब ड्रामा क्यों किया?गुलशन जी- जैसी तेरी सोच है मैं वैसा बुरा इंसान नहीं हूँ. रूबी बोली- राज! मैंने आपको बताया था कि वैशाली स्पर्म डोनेशन चाहती है, क्या आप कर देंगे?मैंने कहा- वैसे तो मैं ये करता नहीं, परंतु आपकी सहेली हैं तो कर देता हूँ, परंतु कैसे करना होगा?रूबी ने ही बताया कि वैशाली चाहती है कि आप स्पर्म बैंक में जाएँ और वहाँ हाथ से निकाल कर जमा करवा दें.

अब मैं यश के लंड पे ऊपर नीचे होने लगी और इधर मनीष मेरे मुँह को चोदने लगा. आपने चोद चोद कर मेरी हालत खराब कर दी, तब कहीं आपका पानी निकला और वो भी इतना ज्यादा कि जैसे किसी घोड़े का पानी हो.

‘फिर?’फिर तुमने पूछा कि क्या मुझे ऊपर चढ़ कर चुदाई करवाना बहुत पसंद है.

तीन साल तक गुलशन जी ने गीता को खूब चोदा मगर इस बात का ध्यान रखा कि उसको कोई बच्चा ना हो जाए. सोकसीवीडीयोक्या बात है आज ऐसे अचानक कैसे? वो भी इतने महीनों के बाद?मीना- अब सारी बात यहीं बताऊं या अन्दर भी बुलाएगी?मोना और मीना अन्दर आ गए और मीना ने मोना को देखते ही पहचान लिया कि वो अभी रोई हुई है, उसकी आँखें सूजी हुई थीं. सेक्सी लड़कियों के मोबाइल नंबरवो चिपक कर बैठी थीं तो उनके बड़े-बड़े चूचे मेरे पीठ पर रगड़ रहे थे. वैसे तो मेरा लंड कुछ खास नहीं है, पर हाँ यही कुछ 7″ लम्बा और काफी मोटा है.

हम एक कार्नर में बैठ गए और मैंने दो डोसे आर्डर किये और उससे पहले कुछ स्टार्टर का आर्डर किया.

भूख लगने लगी है।टीना की चालाकी संजय समझ गया कि फ्लॉरा सबके सामने बोलने से हिचकिचा रही है, उसने मौके की नजाकत को समझा और सबको किसी ना किसी काम में लगा दिया ताकि टीना और फ्लॉरा को अकेले बात करने का मौका मिल जाए।जब सब इधर-उधर हो गए तो फ्लॉरा ने टीना को ‘सॉरी. मैं सोफे पर बैठ गया, वह नीचे कालीन पर घुटने के बल बैठ कर मेरा लंड मुंह में ले कर चूसने लगी. मामा जी पूछने लगे- क्यों रो रही हो रिशू, कोई प्राब्लम हो गयी क्या?मैं बोली- कल से मैं आप से केवल 1 घंटा ही मिल सकूँगी, कल से मेरी लाइफ फिर से पहले जैसी ही हो जाएगी.

हमने थ्री सम चुदाई का तय किया, दिन फिक्स किया और मिलने का प्रोग्राम बना लिया. एक दिन मैंने उससे पूछा- तुम ब्लू फिल्म देखती हो?आरती बोली- हाँ बहुत पहले देखी थी. मैं जब तक उसके पास पहुँचा, वह गार्ड जा चुका था और अब वह बैठा हुआ अपने महंगे मोबाइल में कुछ कर रहा था.

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फिर कुछ देर बाद मैंने उनकी चुत पे चॉकलेट लगा डाली और फिर धीरे-धीरेअपनी जीभ भाभी की चुत पर लगा दी. उसकी बुर की फांकें एक-दूसरे से चिपकी हुई थीं और एक लकीर दिखाई दे रही थी. आखिर नीलम ने निखिल से शादी कर ली और निखिल उनके घर में ही रहने लगा था.

अब तक की इस देसी सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा था कि मोना ने नई लौंडिया नीतू को काम पर रखा था.

साली मेरे रस की भूखी!और मेरे लंड ने अपना रस उबाल कर बाहर उड़ेलना शुरू कर दिया.

मेरे पापा ने उन्हीं के साथ जॉब की थी और काफी दूर के रिलेशन में भी हमारे अंकल यानी चाचा जी भी लगते थे. तभी आपके पास आऊंगी क्या? ऐसे नहीं बैठ सकती?गुलशन- अरे बेटी, तू तो मेरी जान है. या खलीफा की सेक्सीइसलिए दर्द होता है, ले अब संभाल स्पीड बढ़ा रहा हूँ।संजय ने पूजा की कमर को कस कर पकड़ लिया और स्पीड से लंड अन्दर-बाहर करने लगा। पूजा भी गांड हिला-हिला कर चुदने लगी थी और साथ में जोर-जोर से संजय को बोल कर उकसा रही थी।पूजा- आह आ मामू आह.

गुलशन जी बाहर आए और सुमन को ऊपर से नीचे तक गंदी नज़रों से देखते हुए सुमन के खाना बनाने के सवाल पर बोले- अपने पापा का बड़ा ख्याल है तुझे. जैसे ही मैंने सरिता को स्टेशन पर देखा मेरा लंड फुंफकार मारने लगा और जब पहली बार मेरी और सरिता की नजरें मिली तो हम दोनों ने एक दूसरे को अच्छी तरह पहचान लिया. बात करते करते इन्होंने मेरे स्तन दबाने शुरू कर दिए, मुझे मजा आने लगा.

”कहीं कुछ अनर्थ हो गया तो?”मैं अन्दर नहीं निकालूँगा आप के, फिर तो कुछ नहीं होगा न!”नहीं नहीं, यह गलत है. मेरे हां कहने के बाद पत्नी जी ने अदिति बहूरानी को तुरंत फोन मिलाया.

उसके बाद मैंने उस का लोवर उतारा तो देखा कि उसने उसी रंग की पेंटी पहनी थी… पेंटी के ऊपर से से ही उसकी फूली हुई योनि का अहसास हो रहा था.

सुमन कमरे में आ गई और बिस्तर पर बैठ कर बड़बड़ाने लगी- मुझे पता था माँ, आपका जबाव ऐसा ही होगा, इसी लिए मैंने रात को ही फैसला कर लिया था कि मैं पापा को उनके हिस्से की ख़ुशी ज़रूर दूँगी, चाहे उसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े. मैं घबरा गया और जो भी रूम का गेट खुला दिखता उसमें झांक कर उसको ढूंढता. भाभी ने अपना पल्लू ठीक किया और कुछ शर्माते हुए धीरे से बोली- सॉरी!मैंने भाभी से कहा- एक बार मैं भैया को देख आऊं, आप जागती रहना.

कैटरीना एक्स एक्स वीडियो कभी-कभी पूरी भगनासा को होंठों में दबा कर चूस लेती, जिससे नीतू के जिस्म का सारा खून 150 किलोमीटर की रफ़्तार से दौड़ने लगता. गुलशन- कमीनी तू अपनी माँ की सौतन बनना नहीं चाहती तो कैसे शादी करता? ये बकवास बंद और जा अब जाकर हलवा ले आ, फिर आज मुझे तेरी मस्त चुदाई भी करनी है.

कड़ाके की ठंड पड़ रही थी।आज मैं रात आठ बजे तक ड्यूटी पर था कि अचानक मेरे ड्यूटी रूम में सुकांत आया- सर, गुड ईवनिंग. रिया पूल के किनारे पे लेट गयी थी और राहुल पूल में खड़ा होकर उसकी चूत चूस रहा था. अब नजारा बदल गया, बेड के एक तरफ से मैं खड़ा होकर सबीना की गांड मार रहा था तो दूसरी तरफ खड़ा होकर रफीक जमीला की चूत चोद रहा था और सबीना और जमीला एक दूसरे की चुचियों को दबाते हुए चूस रही थी.

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उन्होंने मुझसे बोला- क्या तुम सब कर सकते हो?मैंने अनजान बनते हुआ पूछा- सब मतलब?बोलीं- सब मतलब सब. इस कहानी में रूबी ने हमारी एक बंगालन पड़ोसन की बात की थी जिसका पति फिसड्डी था और वो किसी स्पर्म बैंक से कृत्रिम गर्भाधान करवाने की सोच रही थी. उसकी बाद में यह भी फैन्टसी बन गई थी कि एक बार मेरे बड़े लौड़े से अपनी मम्मी को उसी तरह से चुदते देखे जैसे उसके पापा चोदते हैं.

मैंने 11वीं कक्षा में प्रवेश लिया, यूनिट टेस्ट शुरू हुए, तब के टाईम में सभी कक्षाओं के छात्रों की एग्जाम की सिटिंग उनके सरनेम के हिसाब क्रम बद्ध होकर बनती थी. सबीना से रहा नहीं गया और वो नंगी ही कैमरे के सामने आकर बोली- हेलो कोमल भाभी कैसी हो? मैं सबीना रफीक की छोटी बहन और जमीला की प्यारी ननद.

मैं अंदर जाने लगा तो भाभी की सिस्टर मुझे गेट पर दिखी तो मैंने उनसे हेलो कहा और पूछा- आप अंदर नहीं गई?एंग़जमेंट के बाद ये पहली बार था जब मैंने उनसे कोई बात की थी.

जय बोला- जान … चिंता मत कर, मैं तुझे अपनी पसंद की कच्छी और कपड़े दिलवाऊंगा और तू वही पहनना. ’मैंने उसकी चूत के रस से उंगली गीली की और उसके पीछे धीरे-धीरे डालने लगा. फ्लॉरा ने अब चूसना बंद किया और लंड को हाथ से ऊपर-नीचे करने लगी- क्या भाव खा रहे हो यार.

हम एक दूसरे से बात कर रहे थे, बातों बातों में मैंने उनसे गेट वाली बात का ज़िक्र किया कि उन्होंने मुझसे झूठ बोला, वो बोली- झूठ तो मैंने बोला है पर तुमसे नहीं. जब वो सभी वापस जा रहे थे, तो मैंने उनके व्यूज लिए, सबने अच्छे व्यूज दिए थे. संजय समझ गया कि ये ठंडी हो गई है, तो उसने अपनी रफ़्तार कम कर दी और पूजा के होंठ चूसने लगा.

बात 2011 की है, मैं चंडीगढ़ में एक कंपनी में जॉब करता था, वो भी उसी कंपनी में जॉब करती थी.

बीएफ सेक्स बलात्कार: मैं अपने दोनों हाथों से अपने बूब्स छुपा रही थी और जांघों से अपनी चुत को छुपा रही थी. ऐसे होता है…ऐसे ही जैसे सीधा लिटा के भी डालो ना अंदर तो वो ऊपर नाभ की तरफ आ जाता है.

नीचे बैठी हसीना को आप अपने ख्यालों में लाकर तरह तरह से चोदते हुए मूठ मार सकते हो. तेल से कुछ देर में आराम मिलता है मगर इसको दूसरा तरीका पता है, बस ये वही कर रही थी. एकदम बड़े बड़े नुकीले चुचे, हाथी के सूंड की तरह सुडौल जांघें, फूली और उभरी हुई मोटी गांड, दोनों जांघों के बीच उभरी हुई उसकी चूत का डिज़ाइन साफ़ दिखाई दे रहा था.

जितनी देर मैंने उनके अन्डकोशों को हाथ में लेकर चूसा और पुचकारा, उतनी देर वो मेरी चूचियों को जोर जोर भींचते रहे.

इंटरवल के बाद हमारी लाइन में बैठा जोड़ा पीछे वाली लाइन में जाकर बैठ गया. ’अनीता इस सोंग पे डांस करती है और तिवारी को रिझाना चालू रखती है और फिर अपने रूम में कुछ ढूँढने चली जाती है. मैं वहीं खड़े होकर सब देख रहा था, तभी रजनी ने वहीं खिड़की की तरफ करवट ली.