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इतनी सारी औरतों के बीच में मंगल की मौजूदगी पूरे माहौल को उत्तेजक भी बना रही थी. बीएफ सेक्सी हिंदी में वीडियो बीएफअसल में चाची के उभरे चूचों को देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता था और मैं मौके की तलाश में था.

कभी कभी वो मुझसे अपनी मम्मी के मोबाइल से फोन सेक्स कर लेती थी, लेकिन मैं उससे पहले की तरह से नहीं मिल पा रहा था. मोनालिसा का बीएफ सेक्सीछोटे शहरों और गांवों में आज भी ये प्रचलन है … मगर बड़े शहरों में ये अब छोटी बात है … और आजकल की फिल्मों में भी यही सब दिखाया जाता है.

मैंने अपर्णा को देखा, तो मुझे अपनी बीवी की पहचान करना मुश्किल हो रहा था.सेक्सी टीचर बीएफ: प्रीति ने मुझसे पूछ लिया- तुम क्या देख रहे थे?मैंने कहा- आप मेरी सीनियर हैं, आप बुरा मान जाएंगी.

उसने पूछा- क्या मैं कपड़ों में खूबसूरत नहीं लगती हूँ?मैं हंस दिया और अपनी बात को पलटते हुए बोला- यदि तुम कपड़ों में खूबसूरत नहीं दिखतीं तो हम दोनों में प्यार कैसे हो सकता था.वह फिर चिल्लाने लगा- आ…आ… ब…स! लग रही लग रही है, तेरा बहुत मोटा है।मैंने कहा- यार, बार बार गलत समय गांड टाइट करेगा तो लगेगी ही! मेरी तो बड़ी बेरहमी से मारी, अब बहाने बाजी कर रहे है?मामा जी मुस्कराए- यह बदमाशी करता है.

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पेंटी के ऊपर से ही ऐसी दिख रही थी कि जैसे चोदने का न्यौता दे रही हो.उसने कहा- तुम भी … लेकिन मुझे मेम मत बुलाया करो यार … मेरा नाम लिया करो.

मैंने मॉम को खिड़की के बगल में बैठा दिया और खुद मॉम के बगल में बैठ गया. सेक्सी टीचर बीएफ मगर मैं घर पर मौजूद नहीं था इसलिए ना चाहते हुए भी मिहिर जाने के लिए इजाज़त माँगने लगा और उसने कहा कि यदि किसी भी चीज़ की आवश्यकता हो तो उर्वशी उसे बता दे.

मैंने भी आंटी के दूध दबाते हुए कहा- क्यों नहीं मोनिषा आंटी … अभी लो.

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मैं भी सामने से गया और मोनिषा आंटी के मुँह में लंड को चूसने के लिए दे दिया. वो बार-बार बोल रही थी- डियर महेंद्र, मुझे अब और मत तड़पा … मुझे चोद ले महेंद्र … आआआह मेरी चूत में अपने लंड को डाउनलोड कर दे. ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह … उई मां … उफ्फ’ करते हुए वो मेरे लंड के धक्कों को झेलती हुई चूत की चुदाई करवाने लगी.

मेघा की शादी फिक्स हो गयी थी और घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं. वो चिल्लाते हुए कहने लगी- दद्दा जी, आज ज्ञानी मौसा जी मुझसे ऐसा कह रहे थे. [emailprotected]देसी हिंदी सेक्स स्टोरी का अगला भाग:पड़ोसन भाभी को मदमस्त चोदा-3.

उसकी पैंट नीचे गिर गयी और उसका लंड उसके कच्छे में तना हुआ अलग ही दिखाई दे रहा था. मेरी मोसी की चुदाई की कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपनी सेक्सी मोसी की वासना को पहचाना फिर मौक़ा देख कर मैंने अपनी मोसी की चूत की चुदाई कर डाली. इतना कह कर मिहिर ने मेरी बीवी उर्वशी को अपना फोन नम्बर दे दिया और बदले में मेरी बीवी का फोन नम्बर भी ले लिया.

मैं रात को घर पहुंचा, तो देखा उस लड़की ने भी मेरा नंबर सेव कर लिया था और उसके व्हाट्सएप्प का स्टेटस मुझे दिख रहा था. काफ़ी देर की ऊहापोह के बाद दस्तूर समझ गयी और बोली- ठीक है आप मुझे जल्दी से घर छोड़ दो.

मैं नीचे से कच्छी नहीं पहनती थी तो उसने एकदम से मेरी चूत को मसलना शुरू कर दिया.

शादी है, बहुत से लड़के आए होंगे, किसी को भी लाइन दो … साला एक मिनट में लंड अकड़ा कर आ जाएगा.

लेकिन कभी चूत चुदाई का मौका नहीं मिल पाया था क्योंकि हम लोग कहीं बाहर ही मिलते थे. अनिल मॉम को किनारे पर ले आया और बोला- चल मेरी प्यारी रंडी, मेरा लंड चूस ले. मेरे ज्यादा जोर देने पर वो मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी और 5 मिनट तक लंड चूसती रही.

देखते ही देखते सौम्या अचानक बहुत वाइल्ड हो गई और मेरी जीन्स भी उसने उतार दी. अब तक मेरी आंटी की चुदाई की कहानी के पहले भागमेरी पहली मोहब्बत आंटी की चुदाई-1में आपने पढ़ा कि आंटी की चुदाई अब होने में कुछ ही देर बाक़ी थी. वो मुझे बहुत पसंद करती थीं, इसलिए वो मुझे समझाने की बहुत कोशिश करती थीं.

मैंने सोचा कि कल ये वीडियो वाली बात सोमेश भैया से बताऊंगा, तो वो उन लड़कों से वीडियो डिलीट करवा देंगे.

लेकिन कभी चूत चुदाई का मौका नहीं मिल पाया था क्योंकि हम लोग कहीं बाहर ही मिलते थे. उसने मुझसे पूछा कि मैं बचपन के दिनों में उसके बारे में क्या सोचती थी. मेरी योनि की मांसपेशियां सिकुड़ने और ढीली होने लगीं … पूरा बदन झनझनाने लगा और मैं अपने चूतड़ों को खुद बार बार उठा उठा उसे मजा देने लगी.

तब मैं बोला- वह देखकर नहीं मालूम किया जा सकता, उसे चैक करने के लिए कुछ करना पड़ेगा, तभी पता चलेगा. उनकी सेक्स की बातें सुन कर मैं उत्तेजित हो जाता था और अब मुझे भी अपने लिए कम से कम एक गर्लफ्रेंड की आवश्यकता थी जिसे मैं प्यार कर सकूँ और मौक़ा मिले तो चोद सकूँ. फिर जब वो एक लय में धक्के देना शुरू करता, तो मैं अपनी पकड़ ढीली कर देती.

उन्होंने मुझे फिर से प्यार से कहा- नवीन प्लीज़ ये सब गलत है … ऐसा मत करो.

उनकी 38 के साइज के चूचियां जब मेरे सीने से आकर सटीं तो पूरे बदन में एक करंट सा दौड़ गया था. वो चाय पीते पीते बात करने लगा और फिर एक ऐसा सवाल उसने मुझसे पूछा, जिसके बारे में मैंने कभी सोचा ही नहीं था.

सेक्सी टीचर बीएफ फिर उसने बताया कि कैसे बड़ी मुश्किल से वो सुरेश के लिए समय निकाल सकी थी … और गाय वाले घर में एक खटिया पर दोनों ने संभोग किया था. उसकी चूत की खुशबू इतनी मनमोहक थी कि मन कर रहा था मैं उसकी चूत के अंदर ही घुस जाऊं.

सेक्सी टीचर बीएफ थोड़ी देर में आंटी फिर से गर्म हो गयी और कहने लगी- अब और इंतजार मत करवाओ।मैंने उन्हें बिस्तर पर लेटाया और मैं उनके ऊपर आ गया और बूब्ज़ को चूसने लगा. उसको खुद के लिंग पर दर्द हुआ था, तभी उसने मेरी योनि के दर्द को समझा था.

साथ ही मैं अपने दोनों हाथों से मैडम के मम्मों को जोर जोर से दबाने लगा.

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हम लोग सेक्स के लिए गर्म हो गए थे और विभोर बहुत अच्छे से मेरी चूत को चाट रहा था. मैंने बात का मर्म समझते हुए कहा- ठीक है … पर आप भी किसी को कुछ नहीं बताना. मैंने भी बहुत ही कॉन्फिडेंस से कह दिया कि ठीक है मत जा … मेरा क्या.

मैंने उसको वापस से नीचे लेटाया और उसकी टाइट कुंवारी चूत में जीभ दे दी. मैंने दीदी से पूछा- ये कर क्या रहे हैं?दीदी ने मेरी लुल्ली को पकड़ कर बताया कि लाला ने अपनी ये, मम्मी की उस में डाल रखी है. आशिमा ने उस दिन एक गुलाबी रंग का टॉप पहना हुआ था और नीचे से काले रंग की पजामी पहनी हुई थी.

उस समय मैं उस पर इतना ध्यान नहीं देता था क्योंकि मुझे अच्छे भरे हुए फिगर वाली लड़कियां ही ज्यादा पसंद आती थीं.

कुछ देर तक दीदी की चूत में उंगली करने के बाद उसने दीदी की चूत को फिर से जीभ देकर चाटा और उसको पागल कर दिया. उसने मुस्कुरा कर मुझे गले से लगा लिया और एक ज़ोर का चुम्बन मेरे होंठों पर कर दिया. मेरी योनि से लगातार तरल रिसने लगा और मुझे चिपचिपा झाग सा बनना महसूस होने लगा.

उसको काफी मजा आ रहा था और मैं भी उसके मुंह में लंड को देकर मजे ले रहा था. मेरे लिए रुक पाना मुश्किल था, ऐसी कामुक बहन का इतनी दूर एकांत जगह में सबसे अलग मेरी गुज़ारिश को ‘हाँ’ बोलना मेरे भीतर ज्वालामुखी ला चुका था. हम दोनों तेजी से हांफ रहे थे मगर एक दूसरे पर पकड़ अभी भी पूरे जोर से थी.

वो अपने चूतड़ों को काफी ऊपर उठाते हुए बोल रही थी- आह … और ज़ोर से डाल … और ज़ोर से पेल …मैं उसे ज़ोर ज़ोर से चोद रहा था. मैंने उनके आगे से उनके कंधे को पकड़ा और तुरंत ही एक हाथ से उनकी चूची को टच करके दबा दिया.

पठान बोला- अब सब हो गया है … अब क्यों शर्मा रही हो?दीदी उठकर जाने लगीं, तभी पठान ने दीदी का हाथ पकड़ कर उनके दोनों मम्मों को रगड़ने लगा. मेरी हिंदी सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे एक पति ने औलाद का सुख पाने के लिए अपनी बीवी को मुझसे चुदवाया और उसकी बीवी ने भी चुदाई का पूरा मजा लिया. मैंने अपनी मामी की चुदाई की स्पीड बढ़ा दी और तेज गति के साथ मामी की चूत को चोदने लगा.

रसोई का काम खत्म होने के बाद मैं साहब के कमरे में सफाई करने के लिए गई.

अब मैं उसके मम्मों को चूसने लगा और वो ‘आह आआअहह आआ…’ करते हुए सिसकारियां लेने लगी. फ़िर मैं मॉम को पलटकर उनकी चिकनी चौड़ी मोटी गांड को सहलाने लगा और चूतड़ों पर कई चमाट लगा दिए. अब उसने मेरी दोनों कलाईयों को पकड़ कर एक जोर से झटका मारा तो मैं तो जैसे पूरी तरह से कांप गई। अब उसने मेरे मम्मों के चूचकों को मुँह से पकड़ लिया और काटने लगा.

मेरे दूर होते ही एक लड़का बोला- सोमेश भैया … लोकेश की बहन मस्त माल है. मैंने भी अपनी स्पीड और तेज़ करते हुए अपने लंड का रस मोनिषा आंटी की चूत में ही छोड़ दिया.

सुबह तक भी मां को आराम नहीं मिला तो मां ने मुझे साहब के घर भेजने का फैसला कर लिया. उन्होंने मेरी निक्कर के नीचे से हाथ डाला और मेरे लंड के पास की मालिश करने लगीं. लंडरस पीने के बाद मैंने बैठी हुई मोनिषा आंटी को बेड पर धक्का मारा और उनके सारे कपड़े उतार कर उनको नंगी कर दिया.

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चलते हुए वो इतनी सेक्सी लग रही थी कि मन कर रहा था कि इसकी गांड को पकड़ कर दबा ही दूं.

भाभी की कमर जैसे मुझे बुला रही थी कि आओ मुझे सहलाओ और फिर दोनों बांहों में कसके मेरी नाभि की गहराई को चूम लो. उसने कहा- हां जब तुमने मुझे चोद कर कली से फूल बनाया था, तो मेरे बूब्स क्यों नहीं बढ़ते. मैं जब उसमें सफाई करने के लिए गई तो मेरी नज़र उनकी बहू की महंगी ब्रा और पैंटी पर गई.

ठीक है, बोल तुझे क्या चाहिए?मैंने बोला- ठीक है, मुझे जो चाहिए मैं सोचकर आपसे बाद में माँग लूंगा. भाभी ने मुझे देखा और कुछ न कहते हुए वे उठकर पेशाब करने के लिए बगल में चली गईं. घोड़े के साथ बीएफदीदी ने सोमेश से कहा- मेरे लोकेश की किसी भी लड़की से दोस्ती करा दो यार.

फिर जब देर रात हो गई तो उर्वशी ने मिहिर को अगले दिन सुबह मेरे घर आने का निमंत्रण दे डाला. शायद वो भी मेरे चूचों को अपनी पीठ पर महसूस कर रहा था और गर्म हो गया था.

मैं उसे अभी गर्म करना नहीं चाहता था, पर उसके चुदासे जिस्म को मुझसे कुछ बयाना जैसा चाहिए था. भाभी फिर से चीख पड़ीं- उम्म्ह … अहह … हय … ओह … बहनचोद … जान लेगा क्या …फिर मेरे मुँह से भी गाली निकलने लगी- साली रंडी कुतिया … आज तो तेरी इतनी चुदाई करूंगा कि फिर कभी किसी और के लंड को लेने का नाम नहीं लेगी. मैंने उसे कैसे मनाया और और कैसे उसकी चूत को चोदा?अभी तक इस कहानी के पहले भागमेरी कुँवारी रसीली बहन-1में आपने पढ़ा कि मैं अपनी बहन के साथ होटल के कमरे में था.

उसने धीरे धीरे थोड़ा थोड़ा करके पूरा 6 इंच का लंड अपने मुँह में ले लिया और फिर जल्द ही बाहर निकाल दिया. मुझे तो हर बार बहुत परेशान करता है ठीक से निपट ही नहीं पाता।मैंने अनिल का एक किस लेकर कहा- नहीं मामा जी! पहले जरूर नखरे किए पर बाद में तो बहुत कोओपरेट किया. जितने भी पाठक अन्तर्वासना डॉट कॉम पर कहानियां पढ़ते हैं, ज़्यादातर तो हाथ से ही करते हैं, चाहे हो कोई लड़का हो, आदमी हो, लड़की हो औरत हो या कोई बुजुर्ग हो, ये तो एक नॉर्मल सी बात है.

यहां पर मेरा मतलब मामी के फोन नम्बर से नहीं बल्कि मामी की चूत से था.

ऊपर से शॉवर का पानी हम दोनों पर गिर रहा था, सच में बड़ा मजा आ रहा था. मैंने हंसी मजाक करते हुए आंटी से कह दिया- आंटी आप हां तो करो … पैसे देने वालों की तो मैं लाइन लगा दूंगा.

मॉम ने कहा- ये क्या कर रहे हो?मैंने कहा- चुप रह रंडी … जो मैं कर रहा हूँ … मुझे क़रने दो, नहीं तो मैं अपने सारे दोस्तों से तुझे चुदवाऊंगा. मेरा मन उसके मम्मों को ज़ोरों से दबाने और मुँह में लेकर चूसने को कर रहा था. भाभी की चुदाई करते हुए मुझे कुछ समय ही हुआ होगा कि उसका बदन फिर से अकड़ने लगा.

फिर मैंने आंटी से दोस्त के लिए कहा, तो आंटी ने कहा- वो अभी नहीं आया है. मुझे उम्मीद नहीं थी कि वो सीधे ही लंड और चूत की बातों पर उतर आयेगी. वर्षा ने मुझे पानी लाकर दिया और थोड़ी देर हम घर के हॉल में बैठे रहे.

सेक्सी टीचर बीएफ मगर मैंने उसको ऐसे ही उसके हाल पर छोड़ रखा था क्योंकि अगर एडजस्ट करने की कोशिश करता तो हवस भी साथ में झलक जाती. उनके मुँह से ‘ऊऊऊ ऊऊऊ उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’ की निकलना शुरू हो गई.

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वासना की कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने भाभी की वासना शांत की? भाई की शादी हुई तो भाभी से मेरी दोस्ती हो गयी. उसने अपने स्कूल में से छुट्टी ले ली और मुझे शहर के पास वाले बस स्टैंड से पिक करने को बोल दिया ताकि हम सुबह से साथ रह सकें और टाइम ज्यादा साथ बिता सकें. एक दिन एक शादी में मैंने जो देखा …दोस्तो, मैं आपका अपना दोस्त रसूल खान हूँ.

जैसा कि हर मर्द जानता है कि उसे अधिक से अधिक आनन्द एक कामुक महिला ही दे सकती है, पर चरमसुख की तीव्रता अधिक महिलाएं नहीं दे पाती हैं. फिर मैंने कंडोम पहना और लंड घुसेड़ना चालू किया, पर वो जा ही नहीं रहा था. सेक्स वीडियो में बीएफमैंने दिन में ही मोनिषा आंटी की दुल्हन की तरह तैयार होने को कह दिया था कि ऐसे सेक्सी तरीके से तैयार होना कि संजय आपको देखता ही रहे.

मुझे बहुत मजा आ रहा था और मोनिषा आंटी भी मुँह चुदाई के मजे ले रही थीं.

पर उस समय ये प्यार मोहब्बत करना तो दूर की बात, लोग आपस में बातें भी नहीं करते थे. धीरे धीरे दूसरों के प्रसंग पढ़कर हिम्मत आने लगी, नए नए आइडिया पता चलने लगे। उनमें से एक था बाथरूम में नहाते हुए बहन को देखना!बस मुझे अपनी बहन को किसी भी तरह नंगी देखना था, उसके इस कोमल और लबाबदार जिस्म को आंखों में भरना था.

मैं अब कुछ नहीं कर सकती थी, उसने जबरदस्ती खींच कर मेरी ब्रा भी मुझसे अलग कर दी थी. मैंने ज्योति की दोनों टांगों को फैलाकर अपने लंड को उसकी चूत पर रखा. फिर मैंने उसको उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा तो वो बोली- मेरा ब्रेकअप हो गया है.

चुदास से भरते हुए मैं उनकी साड़ी हटा कर अपने एक हाथ से उनके चुचे को प्रेस करने लगा.

वो बोली- हां मेरे राजा, मैंने भी तुम्हारी प्यास बुझाने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है. ’मैं कई मिनट तक मामी की चूत को चाटता रहा और इस बार जीभ से मामी को चोदा. शाम को 6 बजे नींद खुली तो मैंने देखा कि मैं भाभी के बेड पर नंगा ही सोया हुआ था और भाभी भी कमरे में नहीं थी।उठ कर मैंने कपड़े पहने और फ्रेश होकर हॉल में गया और सोफे पर बैठ गया.

एचडी सेक्सी वीडियो एचडी बीएफमैंने स्माइल कर दी … उसने भी वापस स्माइल की, लेकिन बहुत हल्की शर्माते हुए. मेरे पापा बनारस में ही जॉब करते हैं और मेरी मां हाउसवाइफ है।घर में मां और पापा के अलावा मेरी तीन बहनें हैं- सरिता, स्वरा और सलोनी.

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मैंने कहा- ये सब हुआ कहां?वो बोला- नहर के पास ये अकेले मिल गया … तो मैंने अपने दोस्तों को फोन से बुलाकर उसका काम कर दिया. एक और बात भी थी कि मेरी मॉम पापा के न रहने पर नहाने से पहले मुझसे मसाज करवाती थीं. एकता सबसे जवान लेकिन सबसे ज्यादा बोल्ड, कल्पना सबसे ज्यादा बेशरम और बेहया! बहरहाल जैसा चल रहा था वो आजकल नार्मल बात है, उसमें लिखने जैसा कुछ नहीं था.

मेरे ख्याल से तो संभोग का असली मजा तब है, जब संभोग के बाद लगे कि बदन टूट गया. थोड़ी देर बाद में फिर से ऊपर आया और उसके गुलाबी होंठों पर किस करते हुए पीछे हाथ डाल कर उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया. मैं जवान हुई तो मेरी बुर लंड मांगने लगी लेकिन किसी गैर लड़के से चुदाई में डरती थी.

एक दिन उन दोनों की चैट पढ़ कर मुझे पता चला कि वो दोनों चुदाई की प्लानिंग कर रहे हैं. मेरी मॉम की कामुकता सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि उन्होंने कैसे मुझे अपनी वासना का शिकार बनाया. इन सब घरेलू औरतों को एक खिलौना मिल गया था मंगल के रूप में!और जॉयश ने सही कहा था कि असली मजा पूरी तरह निर्वस्त्र होकर आ रहा था.

उसके 34 साइज के बूब्स, 26 की कमर और 36 के चूतड़ देख कर मेरा लन्ड तन कर खड़ा हो गया था. लगभग दस मिनट में भाभी कमरे में आ गयी और दरवाजा अन्दर से बंद कर दिया.

मैं तो सिर्फ चड्डी में था, इसलिए मैंने जल्दी ही लंड निकाला और उसकी बुर पर रखकर रगड़ने लगा.

बुआ ज़ोर से चीख उठीं ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’मैंने अपनी प्यारी बुआ की सील तोड़ दी थी … उनके चिल्लाने से मुझे कोई असर नहीं पड़ा. बीएफ बीएफ फुल बीएफअगले दिन मेरे दोस्त ने बताया कि उस दिन सोमेश भैया ने नेहा की चुदाई की थी, सारे लड़के बालकनी से उन दोनों की चुदाई लाइव देख रहे थे. 2022 के देहाती बीएफजाते वक्त उसने मुझसे पूछा- अगर ये काम मुझे अच्छा लगे, तो आप मुझे बाद में करने दोगे?मैंने हां में जबाब दिया. मैंने कहा- क्या करूं मैडम … अभी तक किसी की चुदाई नहीं की है ना इसलिए कंट्रोल नहीं हो पा रहा है.

मम्मी ने मुझसे कहा- बेटा टीचर जैसा कहें, वैसे ही करना क्योंकि आज तुम्हारा रिजल्ट बता रहा है कि वंदना कितनी अच्छी टीचर हैं.

उसके गोरे चूचे उसकी ब्रा में ऐसे बंधे हुए थे जैसे उनको किसी ने कैद कर रखा है. उसके बाद हमने पहले चूमाचाटी की और फिर थोड़ा ओरल सेक्स किया, विभोर ने मुझे अपना लंड चुसवाया. उसके बाद उसने मेरी दीदी की ब्रा के ऊपर से ही उसके चूचों को सहलाया और उसके चूचों को जोर से दबाने लगा.

मैंने आंटी से पूछा- अब ज़रीना कैसी है? आप किधर जाने की तैयारी में हैं?आंटी बोलीं- बेटा तुम ही उससे बात करो … वो मेरे से तो बात ही नहीं कर रही है. फिर मैंने चाची की गर्दन पर मालिश करने के बहाने हाथ पीछे तक ले जाना शुरू कर दिया. मामी के मुंह से कामुक आवाजें निकलने लगीं -उम्म्ह … अहह … हय … ओह … बस करो … आराम से … मेरे राजा.

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मेरे मुहल्ले के बहुत से लड़के मोनिषा आंटी के नाम की मुठ भी मारने लगे थे. एक लेडी गांड पे गुब्बारा लगाती, दूसरी अपनी चूत की टक्कर उसे फोड़ती है. मुझे लगता है कि हम जब झड़ रहे थे, केवल 5 से 6 सेकंड लगे होंगे और उससे पहले एक घंटे तक हम एक दूसरे के शरीर को लड़ा रहे थे.

वो अपनी हर बात मेरे साथ शेयर करता था और मैं भी अपनी हर बात उसको बताता था.

मेरे लंड का साइज 4 साल पहले 6 इंच लम्बा और दो इंच मोटा था, मगर मेरी एक आंटी या कहूँ कि मेरे दोस्त की माँ ने मेरे लंड का साइज ही बदल दिया है.

लेकिन एकता और कल्पना को यह आइडिया उत्तेजक लगा और उन्होंने बाकी सबको भी मना ही लिया. थोड़ी देर के बाद वो पंजाबी सेक्स के लिए बेचैन हो गयी थी, उसने कहा- अब पेल दे … चोद डाल मुझे … अब रहा नहीं जाता. फुल्ल सेक्सी बीएफवो दर्द से कराहने लगी और कहने लगी- आह … भैया निकालो इसे … प्लीज भैया …पर मुझे पता था कि बस थोड़ी ही देर दर्द होगा.

मैं ये भी जान चुका था कि मॉम तो पहले से किसी गैर मर्द से चुद चुकी हैं, तो उन्हें चोदना आसान होगा. जलेबी खिलाते समय मैं उसको खुद के पास होने की ख़ुशी में कहते हुए जलेबी खिला रहा था. फिर जब मैडम को होश आया कि वो मुझसे चिपकी हुई है तो वो शरमाते हुए मुझसे अलग हुई.

एकता चिल्लाए जा रही थी लेकिन उसने बिल्कुल भी दया नहीं दिखाई और घोड़ी बनाकर अपना फौलादी लंड एकता की चूत में झटके से घुसा दिया. मैंने जल्दी से आगे बढ़ कर असगर को पकड़ा और उसे दूसरे कमरे में ले गया.

मैं भाभी के गोरे गोरे पैरों को देख रहा था … क्या गज़ब की टांगें लग रही थीं.

रूम में सिर्फ मैं और माँ ही थे, तो मैंने अपना लंड अपने लोअर से निकाल लिया और माँ की साड़ी को ऊपर करने लगा. … आप ही बताओ मैं आपको क्या बोलूं?तो उसने बोला कि मतलब इस रिश्ते से तुम मेरे देवर हुए. मैंने महसूस किया कि अब जब भी मैं उसको देखता, तो वो मेरे लंड के उभार को देखने की कोशिश करने लगती थी.

मद्रास की सेक्सी बीएफ वो लम्बी गहरी सांसें ले रही थी और धीरे धीरे उसकी सांसों की गति भी बढ़ने लगी थी. इससे सभी लोगों को लगा कि अब चुदाई नहीं देखने को मिलेगी … क्योंकि फौजिया दीदी ने पठान को डांट दिया था.

मामी ने मेरे लंड को पकड़ कर अपने कोमल हाथों से उसको सहलाना शुरू कर दिया. वो नीचे को आ कर मेरे लंड को चड्डी के ऊपर से अपने मुँह में लेने लगी. मैं आगे बढ़ा, तो भाभी की गोरी लंबी गर्दन … फिर उसके ऊपर गुलाबी रंग के ऐसे मस्त होंठ फड़फड़ा रहे थे.

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उसकी जांघों का हिस्सा मेरी योनि के किनारों से सटने लगा था और सुपारे के स्पर्श से मेरी बच्चेदानी में गुदगुदाहट भी हो रही थी. उसकी चूत से निकल रहे पानी की वजह से मेरा लंड जब भी उसकी चूत में जाता तो छप-छप की आवाज हो रही थी. मगर ये कहानी तब की है, जब मैं शहर में रह कर 12 वीं की पढ़ाई कर रहा था.

उसकी ब्रा से उसके गोल-गोल स्तनों के नुकीले दूध साफ़ दिखाई दे रहे थे. मेरा हॉस्टल वसई में था था लेकिन मेरी क्लासेस और ऑफिस कुर्ला में था। मुंबई के लड़के लड़कियां बहुत ही एडवांस थे उनके लिए सेक्स जैसी चीजें और बातें करना बहुत ही नॉर्मल थी।मैं दिखने में ठीक-ठाक हूँ, मेरी हाइट 5 फुट 1 इंच और बूब्स दिखने में साधारण हैं। लेकिन मेरी गांड थोड़ी मोटी है जिससे किसी का भी खड़ा हो जाए.

मैंने कहा- मैंने भी इन महीनों में कई रात तुम्हारे चुदाई के ख्वाब देखे, ये भी देखा कि तुम मेरा लंड चूस रही हो … और जब आंख खुलती, तो लंड गीला होता.

फिर वो मेरे से लिपट गयी ओर बोली- सावन, आज मुझे चोद दो, बहुत दिनों से मन हो रहा था, प्लीज़ आज आये हो तो चोद कर ही जाना!इतना बोल कर उसने मेरे लंड को एक हाथ से पकड़ लिया और हिलाने लगी. बेशक मम्मी का कोई न कोई यार हर हफ्ते हमारे घर रात को छुप छुपा कर आता था, मगर लाला भी महीने में एक दो बार ज़रूर आता था. उसने भी शर्मिंदगी सी महसूस करते हुए नजरें झुका लीं और मैं भी शर्माती हुई उससे अलग होकर बैठ गयी.

मेरी भाभी की चुदाई की एक गंदी कहानी पहले आ चुकी है, जिसका शीर्षकछत पर देवर भाभी सेक्स स्टोरीथा. तीन-चार मिनट तक मामा उनकी चूत में लंड को डाल कर हिलते रहे और फिर अचानक है ढीले पड़ कर मामी के ऊपर गिर गये. साथ ही मैं अपने दोनों हाथों से मैडम के मम्मों को जोर जोर से दबाने लगा.

और वैसे भी सुरेश कोई मेरा पति नहीं था कि मुझे ये जानकार जलन हो कि इसने मेरी सहेली के साथ संभोग किया.

सेक्सी टीचर बीएफ: राजशेखर- मेरा तो मन करता है … पर तुम्हारे अलावा कोई विकल्प भी नहीं है. मैंने आपको बताया था कि मैं उस वक्त 19 साल की थी और वह लड़का 20 से 22 का था.

मेरी चाची सेक्स की प्यासी रहती है हर समय … रिश्तों में सेक्स की इस कहानी में पढ़ें कि कैसे चाची को मैंने चोदा और चाची की चूत की प्यास बुझायी और उसके बाद …दोस्तो कैसे हो, मेरा नाम राहुल है मेरे लंड बहुत बड़ा है, ये पूरे 8 इंच का एक मोटा खीरा जैसा है. मेरी बहन देखने में काफी खूबसूरत है और अभी अभी उसने जवानी की दहलीज पार की है. ऐसा कहते हुए मैं उसकी गोद में ही अपना सर ठीक से जमा कर किताब पढ़ने लगा.

मैं फिर से सुरेश को ललकारने लगी- हाय्य सुरेश … चोदो मुझे … आह … ईईई … ओह्ह … सुरेश तुम्हारा लंड कितना तगड़ा है … मेरी बुर से पानी निचोड़ दो … हाय … ओह्ह … आह …सुरेश भी अब कहां रुकने वाला था.

बस दो मिनट बाद जो उसे चरमसुख मिला, उसका जिस्म सूखे कागज जैसा काँपने लगा, उसकी आवाज़ उसके गले में ही घुट गयी और आंखों से आंसू बह निकले. मैं अपने आपको रोकने की बहुत कोशिश कर रहा था, पर मुझसे कंट्रोल ही नहीं हो रहा था. मैं खड़ा हो गया और उसकी आंखों में देखा, जो एकदम सुर्ख लाल हो चुकी थीं.