बीएफ दीजिए सेक्सी

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मम्मी के चेहरे पर हल्की सी परेशानी का भाव आया … लेकिन थोड़ी देर बाद वह खुद नीचे से अपने चूतड़ों को उठाने लगीं. सेक्सी हिंदी वीडियो फिल्मपेशेवर होने के नाते मैंने इस बात को पूरी गंभीरता से लिया और लंड को हर स्ट्रोक में चूत की गहराइयों में उतारने लगा.

मुझे भी शॉपिंग करने के लिए बाहर जाना था इसलिए मैं भी घर का काम निपटा कर तैयार हो गई. देहात का सेक्सी वीडियोवो मुझसे कहने लगी- आह … चोदो … मुझे चोद दो … आह हां ऐसे ही … मम्मी रे … मम्मी मर गई रे.

अब मैं समझ चुका था कि लोहा गर्म हो गया है, हथौड़ा की जगह लौड़ा मार देने में ही कुशल मंगल है.बीएफ दीजिए सेक्सी: मैं अपनी बाइक लेकर मूवी देखने चला गया, लेकिन मेरा एक दोस्त और बाकी लड़के वहीं रुक गए.

तो मैंने आपकी राय मान कर सुशी के भाई विक्की को बता दिया कि सुशी मुझसे क्या चाह रही है.फिर एक साथ रंडी बीवी की गांड और चुत में लंड डाल कर 3 घण्टे की दमदार चुदाई हुई.

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मैं तो बहुत दिन से इंतज़ार कर रही थी कि कब दीदी की शादी आए, तो हमें खुल कर मस्ती करने का मौका मिले.तभी इतने में रीता की चुत ने भी अपना रस निकाल दिया था, जिससे मेरे लंड को ऐसा लगने लगा था, जैसे इसकी चुत में मलाई का तालाब सा बन गया हो.

मैं एकदम से चौंक गयी, पर मैं जब तक कुछ समझ पाती कि उसने झट से मुझे पकड़ कर अपनी बांहों में भर लिया और रूम का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।उसके दरवाज़ा बंद करते ही मैं समझ गयी थी कि आज नीरू की आराधना पूरी होने वाली है।उसने बोला- मुझे पता है कि तुमको चुदना है और तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है. बीएफ दीजिए सेक्सी मैं भी यही चाह रहा था … क्योंकि कल रात वीडियो देखने के बाद मुझे बहुत कुछ समझ में आने लगा था.

उसने मेरे लंड का पूरा मजा लिया और मैंने उसकी चूत और जिस्म का पूरा इस्तेमाल किया.

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चूत चुदाई करने से पहले मैंने अपना लंड फिर से एक बार बारी बारी से उन दोनों से चुसवाया. पंद्रह मिनट की इस काम-क्रीड़ा में दोनों ने एक दूसरे को पूरा रस और सुख दिया. मैंने अपने कॉलेज टाइम तक 8 हॉट स्कूल गर्ल को चोदा था, जिसमें वो हॉस्टल गर्ल और उसकी बहन भी शामिल थीं.

आंटी कहने लगीं- नवीन और जोर जोर से चोदो … न जाने कितने दिनों बाद मुझे ऐसा सुख मिल रहा है. उस दिन मैंने घर कमरा अच्छे से साफ किया, खुद भी खूब अच्छे से शेव आदि करके जल्दी ही नहा लिया. मैं उसको बचपन से ही जानता हूं और पसंद भी करता हूँ पर आज तक उससे कभी कह नहीं सका था.

इस वक्त उसका एक हाथ दीदी की गांड को पकड़े हुए था, दूसरा टाँगों को जकड़े था. तुमको चड्डी देखना है?मैंने झुझलाते हुए कहा- चड्डी के अन्दर जो छुपा रखा है न … उसको देखना है. मैंने उसके बूब्स पर से मेरे लंड के पानी को उसकी ही ब्रा से साफ किया.

मैं कैसे भी करके उसकी बांहों से बाहर निकली और उससे थोड़ी दूर को सोने लगी. फिर कुछ दिन बाद भाभी शाम को बच्चों को लेने मेरे घर पर आई थीं, तो मैंने भाभी से पूछा- आपने मुझे कुछ देने का वादा किया था ना … क्या हुआ उसका?भाभी ने हंस कर पूछा- हां बोलो न … क्या चाहिये?मैंने बोला कि मुझे आपको चोदना है.

मेरा लौड़ा नंगा हो गया और मैंने अपने तपते लंड पर सोनू का हाथ रखवा दिया.

वो भी अब गांड उठाने लगी और कुछ ही देर में उसने मुझे जोर से कस लिया और नाखून मेरे पीठ पर गाड़ दिए.

अंदर बाथरूम में जाकर मैंने लंड निकाल लिया और जोर से उसको हिलाने लगा. अब मेरे दिल की धड़कन बहुत तेज रफ्तार से चल रही थी कि अब क्या होगा। तब तक मैडम जी ने दरवाजा खोला तो मैंने ऑफिस का मेन दरवाजा बन्द किया तो उन्होंने अपने कमरे में आकर पहले जिस तरफ से आई थीं उसका भी गेट बन्द कर दिया और वापस आकर ऑफिस का गेट भी चेक किया और मुझे अपने शयनकक्ष में ले जाकर बेड पर बैठने को कहा. मैं सीधा तो था … लेकिन जब मैं पढ़ता था, तो मेरी नज़रें उनके मम्मों पर गड़ सी जातीं.

बेडरूम का दरवाजा हमने लॉक किया … क्योंकि उसकी माँ उसी दिन आने वाली थीं और माँ के पास घर की एक्स्ट्रा चाभी थी. पहले तो मैं मना करने लगी लेकिन फिर साहब ने मेरी पीठ पर हाथ फेरते हुए कहा- मैं जानता हूं कि तुम्हारे पास इतने पैसे नहीं होंगे इसलिए दे रहा हूं. फिर तो मैं मौका मिलते ही चाची की साड़ी को ऊपर उठा कर चाची की चुत में उंगली कर देता था.

उसकी चूत का पानी निकल गया और अब मैं भी तेजी के साथ धक्के लगाने लगा क्योंकि मेरा पानी भी निकलने वाला था.

मैंने उसकी तरफ देखा और पैरों को चौड़ा करते हुए उसकी चुत का एक चुम्मा लिया. मैंने भाभी के मम्मों को इतना ज्यादा चूसा कि भाभी की चूचियां एकदम लाल हो गईं. बहन के लंड खा जा मेरी चूत को मेरे राजा!और भी ना जाने क्या क्या बोल रही थी.

पर चाहे जितनी भी बंदिश हों … लोग, जिनको मौका मिलता है, अपने तरह से छुप-छिपा कर मौज मस्ती कर ही लेते हैं. फिर मैंने चूत की चुदाई करने का मन बना लिया था … क्योंकि उन दोनों की चूतों से जबरदस्त पानी टपकने लगा था और दोनों की ही प्यासी जवानी चुदासी होकर चुदने को मचलने लगी थीं. मैं जैसे ही उसके पास गया, उसने मेरा लंड पकड़ कर अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा.

इस समय उसकी निकलती कामुक सिस्कारियां बता रही थीं कि वो बस झड़ने वाली है.

अभी मैं अपनी इस कहानी पर आता हूंहमारे सर एक दिन क्लास में आकर बोले कि सेंकड ईयर के कुछ विद्यार्थियों को कुछ शंका है. फिर वो खड़ी हुई और बोली- तुम बहुत सेक्सी हो … तुम्हारे पैक्स मुझे गीला कर रहे हैं … तुम प्लीज़ जल्दी से नहा लो.

बीएफ दीजिए सेक्सी मैं चूतड़ों को उठा उठा कर सुरेश को मजा देती रही, झड़ती रही और सुरेश ऊपर से ठोकर मारता हुआ अपने रस की पिचकारी मेरी योनि के भीतर छोड़ने लगा. पहले तो उसने मना किया कि कोई उसे वहां देख ना ले, वरना प्रॉब्लम भी हो सकती थी.

बीएफ दीजिए सेक्सी जब वो मुझे जगा रही थी तो झुकी होने के कारण उसके चूचों के क्लिवेज ब्लाउज के अंदर से साफ दिखाई दे रहे थे. मैंने अपने दोस्त से एक दिन शराब के नशे में सारी बातें पूछी, तो उसने बताया सोमेश भैया ने दीदी से और लड़कों के साथ मिलकर ग्रुप सेक्स करने को कहा था.

हम दोनों की चुदाई को 15 मिनट हो गये थे, मैं एक ही पोजिशन में चोदे जा रहा था.

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मैंने आंटी को दीवार के सहारे खड़ा कर दिया और मैं मोनिषा आंटी को जोर जोर से किस करने लगा. मोनिषा आंटी की आहें बहुत तेज़ हो गयी थीं और उनकी सांसें भी बहुत तेज़ चलने लगी थीं. मैंने उसको अपनी बांहों में भर लिया और उसे दोबारा से होंठों पर किस करने लगा.

इस बार तो वो और जोर से चिल्लाई उम्म्ह … अहह … हय … ओह … क्योंकि उसकी सील इस झटके के वक़्त टूट गई थी. श्वेता हंसने लगी और बोली- चाचा चिकनी चुत को चिकना लंड चाहिए … आज तो तुमको लंड की झांटें साफ़ करनी ही होंगी. इसके साथ तो समय कम था, इसे घर भी जाना था और बहुत मुश्किल से मानी भी थी.

मैडम ने एक दो बार मेरे मूसल को हाथ में लेकर रगड़ा और फिर उस पर अपने रसीले होंठ रख दिये.

मैंने उसे बताया कि कैसे मैं ससुराल वालों से परेशान होकर यहां आयी और अब यहां भी अकेली रहती हूँ … क्योंकि पति ज्यादातर बाहर रहते हैं. फुलवा भौजी … आखिर कजरी भौजी भी तो इतनी मस्त हैं और भाई उनको छोड़ कर गुजरात चले गए हैं … याद तो आएगी ही. कुछ देर बाद आंटी ने बोला- इससे पहले ऐसा अनुभव मैंने कभी नहीं किया … मेरी गांड में आज तक किसी ने भी इस तरह कभी नहीं किया.

अब मैं अपनी गांड को दोनों हाथों से दबा रही थी और कह रही- आह जान … मेरी गांड की प्यास बुझा दो. हमउम्र मौसेरे भाई बहन माउंट आबू घूमने गए तो दोनों की वासना जाग उठी और …मेरा नाम अतुल कुमार है। मैं झांसी का रहने वाला हूं। यह कहानी मेरे और मेरी मौसी की लड़की के बीच में हुई एक घटना की है. मैं दोबारा से अपने काम में लग गई लेकिन अब मुझे असहज महसूस होने लगा क्योंकि साहब की नजर बार-बार मेरी छाती के अंदर झांक रही थी.

एक चादर से जांघों को ढक लिया और उसके चूचों के बारे में साचते हुए लंड को हिलाने लगा. भाभी ने कहा- अगर उठा पाए, तो क्या तुम मुझे मेरे बेड तक ले जा सकोगे … और यदि तुमने मुझे उठा लिया, तो मैं शाम को तुम्हें एक गिफ्ट दूँगी … मगर यह बात तुम भईया को नहीं बताना.

मुझे मज़ा आ रहा था, मैंने पैंटी के ऊपर से ही उंगली पैंटी के कपड़े सहित बुर में डाल दी, तो वो चिहुँकते हुए आगे को हो गई और उसने मेरा हाथ पकड़ लिया. मैंने कहा- भाभी आप खुश तो हो न!भाभी बोलीं- हाँ मैं आज बहुत खुश हूं, लेकिन मुझे एक बात का अफसोस है. मेरी उत्तेजना को उसने दोगुना बढ़ा दिया था और मैं उसे उत्साहित करने लगी.

मामी बोली- मेरे राजा, अगर तुमको मामी की चूत मारनी है तो आज शाम तक मेरे घर पर पहुंच जाना.

ये सोच कर मन में आग लगी हुई थी कि मेरे मामा को इतनी मस्त चूत चोदने के लिए मिल रही है. मैंने उनसे पूछा- मैं अन्दर चला जाऊं … उनसे मिल लूं, उनका कोई और काम तो नहीं बाकी है. देर न करते हुए मैंने तुरंत उनके ऊपर आकर अपना लंड उनकी चुत में सैट किया और एक ही बार में अन्दर डाल दिया.

फिर मुझे ध्यान आया कि क्यों मामी के नंगे बदन को कैमरे में कैद कर लिया जाये. अब क्या बताऊं भाई … मेरे मन में तो पहले से ही ज्योति को चोदने के ख्याल बार-बार आ रहे थे … और अब तो लंड को सांप के जैसे छेड़ देने से मेरे सब्र का बाँध टूटने वाला हो गया था.

पूछने पर उसने बताया कि बच्चा हो जाने के बाद आज पहली बार में सेक्स में संतुष्ट हुई हूँ. अभी कॉलेज शुरू होने में थोड़ा वक्त था लेकिन कोचिंग की क्लास शुरू हो गई थीं. इरफान- तूने मुझे बहुत मजा दिया … जो मजा तुझे चोदने में आया, आज तक किसी औरत को चोदने में भी नहीं आया.

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आखिर मैंने धीरे से उसका दरवाजा छुआ, जिससे बस आहट हो, फिर आकर अपने बेड पर सो गया.

मैं जब सो कर उठी तो मुझसे ठीक से चला नहीं जा रहा था और मुझे बहुत कमजोरी जैसा लग रहा था. दूसरी तरफ राजशेखर मेरी योनि पर अपने जुबान से खिलवाड़ किए जा रहा था और मैं अपने बस से बाहर होती जा रही थी. वह कहने लगी- जान, देर हो रही है, घर पर अम्मी इंतज़ार कर रही होंगी, अब जाने दो, अब तुम्हारी इच्छा पूरी हो गयी।मैं कहने लगा- अभी तो बस एक राउंड हुआ है.

पर मेरी योनि में तेज खिंचाव हुआ … साथ ही ऐसा लगा जैसे योनि के बाल कोई नोंच रहा है. जब मैंने देखा कि तुम मेरे पीछे पड़े हो, तो मैंने सोचा कि कहीं बाहर चुदने से तो अच्छा है कि घर में तुम्हीं से चुद जाऊं … इससे बदनामी का डर भी नहीं रहेगा. भोजपुरी डीजे सॉन्गमैं बाथरूम के पास जैसे ही गया, मैंने देखा कि पूरा गेट खुला हुआ था और मैम पूरी नंगी खड़ी थीं.

मैंने मुठ मारने के लिए हाथ चलाने का इशारा किया, तो वो मेरा इशारा समझ गई और मुस्कुरा दी. मैं मन ही मन सोचने लगा कि साली रंडी तूने भी तो खुद को चुदवाने के लिए मुझे बुलाया है … बल्कि तू तो अपनी चुत की खाज शांत करवाने के लिए मुझे पैसे भी देगी.

मैंने तेजी से अपने लंड की मुठ मारते हुए मामी से बातें करना जारी रखा. तो ये थी कुंवारी चूत चुदाई की कहानी!उस दिन सुबह मैं कोचिंग भी नहीं गया. चूंकि मेरे घर में सब लोग जल्दी सो जाते हैं, तो हम दोनों रात तक फिल्म देखते रहते थे.

दोस्तो, वैसे तो मैंने आज तक अपनी जिन्दगी में बहुत सी लड़कियां और भाभी चोद कर मजा लिया. क्या कह रही हो तुम? क्या फूलने की बात कर रही हो?वो चहक कर बोली- अब यार सब बात यहीं समझ लेना चाहते हो क्या. मैंने कहा- माँ जैसी हो … माँ तो नहीं हो ना …बस मैं अपने काम में लग गया.

मैंने भाभी का ब्लाउज खोलकर उनके दूध को छोटे बच्चे की तरह चूसने और पीने लगा.

लंड अंदर नहीं गया तो साहब ने पास ही पड़ी क्रीम उठाई और अपने लंड पर लगाने लगे. मैं अब अकेला था, लेकिन मुझे नहीं पता था कि मुझ पर कोई और नज़र रख रहा था.

उस वक्त मैं उठा और अपने लंड को हाथ से पकड़े हुए जल्दी से बाथरूम की ओर भागा, क्योंकि मुझे जोर से आई थी. मैंने संध्या के मुँह पर हाथ रख कर उसे उठाया, वो समझ गयी कि आज उसको वो आनन्द मिलने वाला है, जो शायद वो जानती थी कि उसकी दीदी ले चुकी है. वो हर पल मुझे गाली देते हुए चुदवाने लगीं- आह चोद दे … मादरचोद … फाड़ दे माँ की गांड … बना दे अपने बच्चे की माँ … आह तेरा बाप तो मुझे चोदता ही नहीं है … तू ही मुझे चोद दे.

आप इससे प्यार से पेश आइएगा और अगर आपने मेरा काम पूरा कर दिया, तो आप जो कहेंगे मैं करूँगा. जब मैं सामान लेकर वापस उस घर में आया तो अबकी बार एक लड़की ने दरवाजा खोला. मैंने अपनी पूरी जीभ को भाभी की चूत की गहराई तक डाल दिया और चूत को चूसने लगा.

बीएफ दीजिए सेक्सी तो मैंने भी एक एक करके उसका टॉप, जीन्स, ब्रा, पैंटी उसके कपड़े उतार दिए और उसे पूरी नंगी कर लिया. मैं बोला- तो फिर मुझे कहां पर सुलाओगी?वो बोली- जहां तुम्हारा मन करे वहां सो जाना.

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मैंने भाभी की चूत को अपने हाथ से मसला तो उसकी चूत काफी गर्म लग रही थी. भाभी के हाथ से लंड सहलाए जाने से मेरा लगभग 6 इंच का लंड सर उठाने लगा. इस माँ बेटा सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपने सौतेले बेटे की वासना भड़का कर उससे अपनी चूत चुदाई करवा ली.

ज्योति मेरे इस अन्दाज से बहुत ही खुल सी गई और बोली- महेंद्र … तुम्हारा मस्ती करने का मन भी कर रहा है … और तुम डर भी रहे हो?मैंने उसकी बात समझ ली थी. उसने ये सब इतनी तेजी में किया कि मेरे झड़ने के क्रम में अधिक बाधा नहीं आई. सेक्सी पिक्चर मराठी वीडियोमैंने दोबारा से कोशिश लेकिन उसकी चूत इतनी टाइट थी कि लंड अंदर नहीं घुस रहा था.

दूसरे दिन भी में शूट पर गया और शूट खत्म होने के बाद हम दोनों बातें करने लगे.

संजय ने मेरी चूत को चाट कर साफ़ कर दिया और उसके बाद वो अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मुझे चोदने लगा. और फिर बात आगे बढ़ी …नमस्कार दोस्तो, आप सब कैसे हैं … आपने मेरी सेक्स कहानी को सराहा, इसके लिए मैं सदा आपकी आभारी रहूंगी.

वापस आकर लाला माँ से बोला- भाभीजी, आपकी आपकी भैंस तो बहुत ही प्यासी लगती थी, एकदम से चुपचाप खड़ी रही, बड़े आराम से भैंसा आया और अपना काम कर गया. फिर उन्होंने बात को घुमाते हुए कहा- अच्छा, ये नम्बर किसका है?मैंने कहा- मेरा ही है. तन्वी एकदम से आगे होकर बोली- ये क्या कर रहे हो आदि? मैं तुम्हारी बहन के जैसी हूं.

कजरी मुझको देख कर बोली- बाबू साहब, आप गांव में नहीं रहते हैं क्या?मैंने बोला- नहीं कजरी, मैं सऊदी अरब में रहता हूँ.

मैंने देखा, तो वहां ज्योति की फ्रेंड को समझ आ गया कि मैं क्यों आया हूँ. पहले तो मेरी बहन छुड़ाने की कोशिश करती रही मगर दो मिनट के अंदर ही उसको मजा आने लगा. मैं कराहती सिसकती बड़बड़ाने लगी- आहहह … और तेज सुरेश … ओह्ह … ईईह … बहुत मजा आ रहा सुरेश … और तेज चोदो … हहह … ओह्ह … ईईई … बहुत मस्त चोदते हो सुरेश … आह … ओह्ह … कितना कड़क लंड है तुम्हारा … ईईई … बस चोदते रहो मुझे … ह्म्म्म … आह … ओह्ह … ईईई … आह … मेरा पानी निकाल दो सुरेश … आह … ओह्ह.

रश्मिका मंदाना की सेक्सीउसके इस तरह से रिएक्ट करने से मुझे लगा कि अब मेरा सारा काम खत्म हो गया. उसने उठ कर देखा तो वो घबरा कर रोने लगी लेकिन मैंने उसको समझा दिया कि यह पहले सेक्स के बाद निकलने वाला खून है.

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मैं अपने को काबू में रखने की कोशिश कर रही थी कि हमारे पड़ोस में एक लड़के से मेरी दोस्ती हो गयी. एक दिन मैं अपने लेपटॉप की करेप्ट हो चुकी हार्ड डिस्क से हिडन हुईं अश्लील फोटो को निकालने की कोशिश कर रहा था. मैंने लंड को उसकी सांवली सी चिकनी चूत पर रखा और एक जोर का धक्का दे मारा.

मैंने उसे बाथरूम के फर्श पर ही लिटा दिया और उसके गालों को चूसने लगा. ये सभी हल्के फुल्के वयस्क गेम, अश्लील चुटकुले, ब्लू फिल्म्स देखना, थीम के नाम पर सेक्सी और बहुत छोटे कपड़े पहनना, एक दूसरे को आलिंगन में लेना, चुम्बन लेना यही किया करती थी. आप पसन्द कर लेना, बस हुकुम करो, वे लौंडे ही अपना कोई दोस्त या साथी ले आएंगे.

चिकनी चुत में मेरी उंगलियों की रगड़न ने उसे मजा दे दिया और वो आहें भरने लगी. आज जो मैं आप लोगों के साथ शेयर करने वाला हूँ, वो सिर्फ एक कहानी नहीं है. बाहर भाभी खड़ी थीं, वो तुरंत रूम में आ गईं और अन्दर से दरवाजा बंद कर दिया.

इसके बाद सोमेश भैया 6 महीने तक दीदी को रोज़ जिम के जब चाहे एक-दो घन्टे तक रोक लेते और मुझे जाने के की कह देते. उसके बदन की तेज मर्दाना गंध से मैं और भी उत्तेजित हो गयी और सर को ऊपर उठाते हुए उसके सीने को सूंघने और चूमने लगी.

फिर एक दिन मुझे मौका मिल ही गया, जब मेरी माँ को दस दिनों के लिए लखनऊ जाना था और उनकी शाम को ही ट्रेन थी.

मैं अचानक लंड गांड में घुसने से चिल्ला पड़ा ‘आ आ … आ ब…स’ तब तक उसने पूरा पेल दिया फिर उसके बाद एक दूसरे लौंडे ने भी उसके बाद मारी मेरे साथी दूसरे चिकने लौंडे की दूसरा बड़ा लड़का मार रहा था. आदिवासी सेक्सी वीडियो मेंमामी को आये हुए अभी तीन-चार दिन ही हुए थे इसलिए मेरी भी मामी से कुछ खास बात नहीं हो पाई थी. देहाती सेक्सी विडियो हिंदी मेंकुछ देर मेरे बदन से खेलने के बाद निर्मला ने मेरी जांघें टटोलते हुए उन्हें फैला दिया और योनि पर हाथ फेरते हुए बोली- राजशेखर देखो, कितनी प्यारी चुत है सारिका की, बहुत प्यासी भी दिख रही है, इसे तैयार करना तुम्हारी जिम्मेदारी है और प्यार से इसे चोदना भी. मैं अपने होंठों को उनके निप्पलों में घुमा रहा था और वो गर्म सिसकारियां ले रही थीं.

पठान बोला- अब सब हो गया है … अब क्यों शर्मा रही हो?दीदी उठकर जाने लगीं, तभी पठान ने दीदी का हाथ पकड़ कर उनके दोनों मम्मों को रगड़ने लगा.

हम 3 सहेलियों के पिता ठेकेदारी में एक ही जगह काम करते थे और सुरेश के पिता सरकारी नौकरी में थे. कुछ देर बाद उनसे लंड को मुँह से निकाला और अपने बड़े बड़े मम्मों के बीच में दबा कर ऊपर नीचे करने लगी. अनिल ने लंड निकाला और कहा- अब मैं जा रहा हूँ … लेकिन तेरी चूत को बाद में चोदूंगा.

अलका के पेटीकोट का नाड़ा अटक गया, उसे समय लग रहा था लेकिन गेम जीतने की हड़बड़ी में उसने नाड़ा तोड़ दिया. पूरी ताकत से वो मेरी गांड में लंड पेल रहा था, मुझे मजा आ रहा था, वह पूरे दम से रगड़ रहा था, मुझे मजा आ रहा था. मैं सोच रहा था कि शायद किसी ने बदनाम करने के लिए दीदी सेक्स के किस्से बात चला रखे हैं कॉलेज में.

दो तिहाई का मतलब

करीब दस मिनट तक मैंने उसकी चूत को चोदा और फिर जब मेरा माल निकलने को हुआ तो मैंने उसकी चूत से अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसके मुंह में दे दिया. देर हो गई ध्यान ही न रहा।मामा जी मुस्करा रहे थे- तुमने तो कमाल कर दिया, लगभग पौन घंटा उसकी में पेले रहे. फिर बुआ नंगी ही रसोई में चाय बनाने चली गईं … और मैं भी उनके पीछे जा कर खड़ा हो गया.

मैं उसके एक बूब को हाथों में भरकर और दूसरे को मुँह में लेकर चूसने लगा.

लगातार पांच मिनट तक दोनों उंगलियों से उसकी चुदाई करने पर ज्योति की चूत ने पानी छोड़ दिया.

सुलु भाभी ने अपना हाथ वापस खींच लिया और बोली- अब रात काफी हो गई है. भाभी को भी पता चल गया कि मेरा लंड उसे सलामी दे रहा है, तो उसने कहा- तेरे लंड को अभी भी मेरी चूत चाहिए … देख कैसे इशारे कर रहा है. नाॅनव्हेज जोक्सबड़े मस्त सुन्दर स्वस्थ लौंडे थे, मेरा तो उन नमकीन लौंडों पर दिल आ गया था.

मैडम मेरी बांहों में लेटी हुई थी और उसकी कमर पर मेरा लंड नीचे से अपनी कदम ताल ठोक रहा था जिससे मैडम का पूरा जिस्म कांपने लगा था. उसके निप्पल के चारों तरफ के ऐरोला में कुछ ऐसे हल्के हल्के दाने ऐसे उठे हुए थे, जैसे कमल के पत्ते पर ओस की बूंदें जमी हों, बीच में एक गहरा सा भौंरा निप्पल के रूप में उस ओस के मोतियों को झंझोड़ रहा हो, जिससे वे उठ से गए थे. पर वो हिलने का नाम नहीं ले रहा था और मेरा डर और उत्तेजना बढ़ती ही जा रही थी.

नीचे से मैंने चाची की साड़ी को खोल दिया और उसके पैटीकोट का नाड़ा खोल कर उसे नीचे किया तो उसकी पैंट पर हाथ जा लगा. भाभी भी मस्ती में अपने चूतड़ों को उछाल कर मेरा पूरा लंड अपनी चूत में ले रही थी … साथ ही अपने मुँह से अम्म अम्म की आवाजें भी निकाल रही थी.

इन सब घरेलू औरतों को एक खिलौना मिल गया था मंगल के रूप में!और जॉयश ने सही कहा था कि असली मजा पूरी तरह निर्वस्त्र होकर आ रहा था.

उसके चूमने और सहलाने के अंदाज़ से मुझे पक्का हो चला था कि ये समलैंगिक भी है. साहब ने मेरे ऊपर चोरी का इल्जाम लगाया तो मैं वहीं खड़ी-खड़ी कांपने लगी. मेरी सच्ची क्सक्सक्स स्टोरी मेरे ख़ास दोस्त की गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स की है.

अच्छा सुनो उन्होंने मुझे आँखों से इशारा किया।फिर उन्होंने अपने बेटे से कहा- तूने ये शॉर्ट्स क्यूं पहनी? दूसरी पहन कर आओ. मैंने उन्हें धक्का दे कर बिस्तर पर लेटा दिया और मैं उनके ऊपर चढ़ गया.

उसे मज़ा आ रहा था, उसके चहरे की रंगत बता रही थी कि उसकी चूत भी गीली हो रही है. अनिल मेरी मॉम के नजदीक चला गया और उसने तुरंत ही मॉम को पीछे से पकड़ लिया. मामी भी पहले तो शरमाती रही लेकिन फिर उन्होंने मामा को अपनी बांहों में भर लिया मामा के होंठों को चूसने लगी.

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पर मेरी इस पीड़ा से उसे कोई फर्क नहीं पड़ा बल्कि अगले ही पल उसने हौले हौले लिंग मेरी योनि में अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया. सुबह जब दीदी उठीं, तो खुद को और पठान को नंगा देख कर वो समझ गईं कि रात को क्या हुआ होगा. उस दिन सोनू के आने से पहले ही मेरे मन में उसकी चुदाई को लेकर तरह के प्लान चल रहे थे.

उसने बताया कि जब वह सो रही हो, उस समय कोई अजनबी इंसान उसकी बिस्तर पर आकर आहिस्ता आहिस्ता उसके कपड़े उतार कर उसे नंगी करता जाए और नींद की हालत में ही उसके जिस्म के हर एक अंग के साथ खिलवाड़ करे और उत्तेजक हरकतें करता रहे. कंडोम चिकना होने के बावजूद भी उस पर तेल लगा लिया और उसकी गांड में सुपारा को धीरे धीरे से धक्के देने लगा.

[emailprotected]भतीजी की जवानी की कहानी का अगला भाग:भतीजी और उसकी सहेली की चुदाई-2.

मैंने थोड़ी देर किसी तरह उसे दिखाया और फिर उसके न न करते हुए भी फ़ोन बंद कर दिया. मैंने मामी की ब्रा के हुक खोल दिये और उसके चूचों को हाथ में भर लिया. बहू के कमरे और साहब के कमरे के बीच में काफी फासला था क्योंकि जैसा कि मैंने पहले भी बताया था उनका घर काफी बड़ा है.

ये सर्दी का शुरूआती मौसम था, शायद इसीलिए मेरा पूरा बदन पसीने से तर हो गया था. पहले ज्योति और मैं सिर्फ़ अच्छे दोस्त थे, पर हम दोनों कुछ दूसरे और फ्रेंड्स के साथ वीकेंड में पार्टी करते थे. इंसान को तो मुठ मार के भी राहत मिल जाती है … बात तो संतुष्टि और पसंद की है.

दस्तूर अपना आपा खोती जा रही थी और उसकी आंखों से लगातार आंसू आ रहे थे.

बीएफ दीजिए सेक्सी: प्रतिउत्तर में मैंने भी पहले तो उसके माथे पर चुम्बन लिया, फिर उसके दोनों गालों को चूमने लगा. मैंने पति के आने से पहले अपना सारा काम निपटा लिया और फिर तैयार हो गयी.

दीदी के मम्मों को मुँह से कस-कस कर दबाने से दीदी की मस्त चीखों को सब सुन रहे थे. मुझे तो ऐसा लग रहा था कि इनको अभी ही गिराकर इनके ऊपर चढ़ जाऊं, इनकी गांड में जीभ डाल दूं और चाटने में लग जाऊं. संजय का लंड चूसने के बाद उसका लंड एकदम खड़ा हो गया और मेरी चुत में घुसने को बेताब दिखने लगा.

एकदम से मैंने उसे छोड़ा और एक ही झटके में उसके गाउन और चड्डी को भी निकाल फेंका.

मेरी गर्लफ्रेंड सेक्स की प्यासी रह गयी शादी के बाद क्योंकि उसको अपने पति से चुदाई में पूरा मजा नहीं मिलता था. जब तक मेरे पति बाहर से वापस नहीं आ गए, तब तक हम दोनों लोग रात में सेक्स का मजा करते थे. लेकिन मैं बस यही सोच रहा था कि यहां तो चोदने को बहन भी है, वहां पर लंड के लिए कौन मिलेगा.