मधु शर्मा भोजपुरी बीएफ

छवि स्रोत,नाथू सेक्सी

तस्वीर का शीर्षक ,

बीएफ मूवीस हिंदी: मधु शर्मा भोजपुरी बीएफ, मानसी की आदत थी कि वो शाम को मेरे फोन में कुछ न कुछ देख कर टाइम पास करती रहती थी.

बुर की चुदाई सेक्सी हिंदी में

जब भी वो अपने मायके वाले गांव जाती थी, तब मैं उससे मिलने चला जाता था. चोदम चोद सेक्सी वीडियोउसका लंड मेरी गांड में अन्दर बाहर हो रहा था, उसके गोल-गोल अखरोट मेरी चूत पर घिस रहे थे.

जो कि कालांतर में मेरे लिए बहुत प्रॉफिटेबल और परमानेंट बिज़नेस की आधारशिला बनी. भोजपुरी सेक्सी वीडियो नया वालामामी जी की नाइटी कुछ ज्यादा ही ढीली ढाली थी और उसका गला काफी गहरा था, जिससे उनके मम्मों की दूधिया घाटी मुझे गर्म कर रही थी.

मेरे घर के लोग, जहां लाइन में खड़े थे, वहां पे मैं आ गई और उनके साथ बाजू में खड़ी हो गयी.मधु शर्मा भोजपुरी बीएफ: उन्होंने बताया कि वे अलग रहती हैं अपने पति और अपने बच्ची के साथ! उनकी जॉइंट फ़ैमिली थी लेकिन परिवार में न बनने के कारण उन्होंने अलग रहने का निर्णय किया.

जब रींगस में बस रुकी तो सब लोग पानी-पेशाब करने के बहाने से उतर गये मगर वह वहीं सीट पर बैठी रही.मैं बोला- अरे यार … मैं तो वैसे ही फोन काट रहा था … मैं नाराज नहीं हूँ.

सेक्सी पिक्चर लंड भोसड़ा - मधु शर्मा भोजपुरी बीएफ

वो हमेशा साड़ी और ब्लाउज पहनती हैं … उनके चूचे इतने बड़े हैं कि उनकी क्लीवेज हमेशा उनके ब्लाउज में से दिखती रहती है.घर आकर अपनी बीवी में अनामिका का चेहरा की कल्पना करते हुए दुगने उत्साह से चोदने लगा.

बड़ी कयामत लग रही थी उसका ये सूट बहुत फिटिंग का था, इसलिए उसकी चूचियों का उभार मस्त दिख रहा था. मधु शर्मा भोजपुरी बीएफ एक अठारह साल की लड़की मुझे नहीं हरा सकती थी, इसलिए मेरा नींद का नाटक जारी था.

भाबी जी भी अपनी गांड उछाल उछाल कर अपना भोसड़ा मुझसे चटवाने में लग गईं.

मधु शर्मा भोजपुरी बीएफ?

उसने पूछा- ये बता तुझे ये सब आइडिया आया कहां से?मैंने कहा- मेरे ऑफिस में एक लड़का है. इस बार मैं भाभी की चूत के दाने को भी हल्के हल्के से अपने दांतों से काटते हुए चूसने लगा. ऐसे ही दिन निकलते गए और भाभी के फोन न आने के कारण मैं मुठ मारता रहा.

अधिकतर तो तारीफ़ भरे थे तो थैंक्यू बोलने के सिवा और कुछ कहने लायक नहीं था. बारी बारी से दोनों चूचियों को चूसते और चूत को सहलाते सहलाते आधा घंटा हुआ तो डॉली की नींद खुली या यूं कहें कि उसे होश आया, बोली- अंकल बहुत नींद आ रही है. मैंने उसकी टांग को उठवा कर अपना लंड फिर से साइड में से ही उसकी चूत में धकेल दिया.

लगभग 20 मिनट के बाद मेरा पानी निकलने वाला था, तो मैंने उसको कहा- हिना जी, मेरा पानी निकलने वाला है, कहां निकालूँ. इसी तरह केवल सुपारे को भाबी की गांड में आगे पीछे करते हुए मैंने फिर से एक ज़ोरदार स्ट्रोक दे मारा. मुझे लगा कि कहीं ये साली मेरा माल चूस कर ही ना निकाल दे, इसलिए मैंने अपना लंड उसके मुँह से निकाल लिया.

वो मजे ले सकती है तो मैं क्यों नहीं?उस दिन के बाद से वो दोनों बहनें अपनी चूतें मुझसे चुदवाने लगीं. )मैं सोचने लगी कि मूसल सा लंड मेरी गांड में घुसेड़ने के बाद मादरचोद कह रहे हैं कि खेल अभी शुरू नहीं किया है … तो क्या मेरी गांड के आर पार लंड निकल जाएगा, तब गेम शुरू हुआ कहलाएगा.

इधर सोनल की चूत खुल गई थी, तो वो भी अपनी चुत में उंगली डालकर बोल रही थी- आह … किधर चले गए मेरे राजा भैया … अह ओह अ आह जल्दी से मेरी में डालो न.

वो फिटनेस सेंटर में नई थीं, तो उनसे एक्सरसाइज ठीक से नहीं हो पा रही थी.

जैसे ही मैं जाने को हुआ तो मैडम ने कहा- थैंक यू राजे … रुको थोड़ा … मैं तुम्हारे लिए कुछ नाश्ता लेकर आती हूँ. शादी के समारोहों में यदा-कदा मैं वसुन्धरा की ओर देखता तो उसको अपनी ही ओर निहारते पाता. मैं बस लड़कियों से नजर मिलते ही शर्मा जाता और दिल की धड़कन तेज हो जाती.

लोअर के अन्दर लण्ड और पैन्टी के अन्दर चूत लेकिन बेबी उनको मिला कर मजा ले रही थी. मेरा कम से कम 6-7 बार पानी निकल चुका था, पर गोली खाने की वजह से उनमें से किसी का मुठ नहीं निकला था. वो दारू के घूँट के साथ सिगरेट पीता हुआ मेरी तरफ वासना से देख रहा था.

उसने बताया कि वो अपने दोस्तों के साथ यहाँ घूमने आया है और इत्तेफाक से वो भी उसी होटल में रुका हुआ था, जिस होटल में मैं रुक रही थी.

मैं भी ड्राइवर भैया के बगल में बैठ कर टीवी देखते हुए आम खाने लगा और मैं उनसे बातें भी कर रहा था. हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और जल्दी से घर जाने की तैयारी करने लगे. टीचर सेक्स स्टोरी में अब तक आपने पढ़ा कि नम्रता अपने पति से फोन पर बात करते हुए उससे गांड मारने की कल्पना कर रही थी.

इस बार मैंने एक जोरदार धक्के के साथ उसकी गांड में पूरा लंड डाल दिया. लेकिन उस दिन मैं माँ के साथ सोने को तैयार हो गया क्योंकि माँ के साथ सोते समय मैं हमेशा उनके पेट पर हाथ फिराता हूं. हम लोगों ने पिक्चर देखी, खाया पिया और वहीं मॉल से मैंने डॉली को एक अच्छी सी मिडी फ्राक दिला दी.

मैंने उसको इशारा किया तो वो समझ गया और मुझे सबसे कोने वाले केबिन में जाने का इशारा कर दिया.

उसने मेरी गोरी गोरी कमर पर गर्म तेल लगाया और अपने काम्पते हाथ से मालिश करने लगा. मैंने कहा कि आपका कोई ब्वॉयफ्रेंड है क्या?वो बोली- मेरी शादी हो गयी है … ब्वॉयफ्रेंड की क्या जरूरत होगी मुझे?मैंने कहा- ठीक है … शादी से पहले तो होगा ना कोई?वो बोली- हां एक था, लेकिन अब सम्पर्क में नहीं है.

मधु शर्मा भोजपुरी बीएफ वो मुझे अपने पास खड़ा देख कर बोली- अरे हिरेन, तू इतनी सुबह?मैंने कहा- मैं तुझे ही उठाने के लिए आया था. वो दर्द के बावजूद कैसे हुआ, दोस्तों मैं आपको अगली कहानी में बताऊँगा.

मधु शर्मा भोजपुरी बीएफ जब वापस से आंखों के सामने रोशनी आई तो मैंने होश में आकर देखा कि रवि जल्दी-जल्दी अपनी बड़ी सी टेबल पर लिटाकर चोदने में लगा हुआ है. नम्रता अभी भी उसी तरह बैठे हुई थी और उसने मेरी मालिश करना चालू रखी थी.

मेरी चूत को काफी देर तक चाटने के बाद उसने अपनी दो उंगलियों को मेरी चूत में डाल दिया और अपनी उंगलियों को मेरी चूत में अन्दर बाहर करने लगा.

सेक्सी चुदाई वीडियो पर

मेरे रिदम ने मेरी कमीज के अन्दर हाथ डाल कर मेरी ब्रा के अन्दर मेरी चूची को जोर से दबाना शुरू कर दिया. तो मैं उसका सिर दबाने लगा और साथ मैं उसकी पास्ट लाइफ के बीएफ के बारे में पूछने लगा. इसी तरह मुझे अब इतने से कहाँ सब्र होने वाला था, मोनी ने मुझे अब भी कुछ कहा नहीं तो मेरा दिल अब और भी आगे बढ़ने के लिये कहने लगा।मैंने कुछ देर तो पेंटी के उपर से अपने लंड को मोनी के नितम्बों पर घिसा, फिर पता नहीं मुझमें इतनी हिम्मत कहाँ से आ गयी कि मैंने धीरे से उसकी पेंटी के किनारों से अपने लंड को अन्दर ही घुसा दिया जो कि सीधा ही उसके नंगे नितम्बों की गहराई में घुस गया.

वो बोला- यार बात तो सही है, चलो देखते हैं कोई जुगाड़ मिलती है तो बताता हूँ. मैंने अपनी बहन आतिशा को एक बार अपने दो दोस्तों के साथ चुदाई करते हुए देखा था. मेरी चूत चुदाई की कहानी के पहले भागममेरे भाई के साथ मेरी कुंवारी चूत की चुदाई-1में अब तक आपने पढ़ा कि मेरे ममेरे भाई अर्पित ने मेरे मामा मामी की गैरमौजूदगी में मुझे सेक्स के लिए पटा लिया था.

सुनते ही चौंकी और बोली- तुम बेबी को चोदना चाहते हो?मैंने कहा- हां भाभी हां.

नम्रता भी मेरे लंड को चूसने लगी और बीच-बीच में सुपाड़े पर जीभ चलाती जाती. वरूण अभी धक्के लगा रहा था और लंड अंदर-बाहर होते हुए चूत से पच-पच की आवाज होने लगी. एक बार जब मौका मिला तो उसके घर जाकर पता किया तो मालूम हुआ कि उसकी तबियत ठीक होने के बाद वह एकदम सही हो गई थी.

कुछ देर बाद उसने अपना मुँह मेरी चूत पर रख दिया और मेरी प्यासी चूत को चाटने लगा. उन्होंने मुझे अब सोफे पे लिटा दिया और मेरी गोरी जांघों को फैला दिया. पहले जहां उनको नंगा देखकर मुझे अचरज हुआ था, वहीं अब मेरा मन भी इस मज़े के लिए बेहाल हो गया था.

जब मैंने जीजा जी और अपनी चूत चुदाई की कहानी सुमन को बताई तो सुमन की चूत में भी खुजली होने लगी थी. मगर अभी मुझे 12 बजे का इंतजार करना था ताकि माँ गहरी नींद में सोती रहे.

वो चलते हुए एक बार दरवाजे के सामने रुक कर कुछ पल के लिये सोचने लगी मगर फिर उसने दरवाजा खोल दिया. मैंने उससे बोला- तुम तो सब चीज़ पैक करके आई हो … मुझको तो तुम्हारा दूध पीना था. आज कौन सा भूत सवार हो गया है आपके सिर पर सेक्स करने का?जीजा ने दीदी की बात को कोई जवाब नहीं दिया.

भाबी दर्द से चीख उठीं- हाय मैं मर गई माँ …मैंने फ़ौरन से भाबी का मुँह दबा दिया और ताबड़तोड़ ऐसे कई झटके उनकी गांड पर लगाता चला गया, जिससे कि भाबी की गांड को गड्डा बन गया.

उसे पहले तो काफी दर्द महसूस हुआ लेकिन मैंने उसके चूचों से अच्छी तरह से दबाना जारी रखा. जैसा रानी ने समझाया था वैसे मैंने एक गहरी सांस लेकर पूरी ताक़त से लंड को चूत में पेला. मैं नीचे जाने लगा और जब सीढ़ियों से उतर रहा था तो मुझे ऊपर वाले कमरे का दरवाजा बंद होने की आवाज सुनाई दी.

बस में से उतरने के बाद हम दोनों ने अपने फोन नम्बर एक-दूसरे को दिये और मैं वहाँ से भैया के रूम पर चला गया. खैर जी! मैं नियत दिन, नियत समय पर शिमला जा पहुंचा, टेंडर हमारे हक़ में ही खुला.

फिर भाई ने अपना लंड मेरी चूत से निकाला, तो देखा उसमें हल्का हल्का खून लगा हुआ था. मैंने पूछा- कितनी चूतें चोद चुके हो जीजा?वो बोले- कोई गिनती नहीं है. या तो मैं तुम्हारे गांव ही आ जाऊंगा वरना तुमको फिर सतना ही बुला लूंगा.

xxx सेक्सी हिंदी में

उनकी सांस रुकने लगी, तो उन्होंने जल्दी ही मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर निकाल दिया.

यूं तो मेरी और सुधा, दोनों की अंतरंग होने की ना तो कोई इच्छा होती, ना ही भरे-पूरे घर में ऐसा करने का कोई मौका होता लेकिन फिर भी वसुन्धरा का हम पति-पत्नी के बीच में बार-बार ऐसे काबिज़ होना तो अव्वल दर्ज़े का क़ाबिले-ऐतराज़ कुकर्म था. मैंने दरवाजा खोला, तो उसने पूछा- मम्मी पापा कहां गए?मैंने कहा- उनको कुछ काम आ गया था, तो वो बाहर गए हैं और शायद आने में भी देरी भी हो सकती है. मैंने भी तुरंत हामी भर दीशनिवार को मैंने अपनी बुआ से बोला- बुआ मेरी फ्रेंड स्वाति का आज बर्थ-डे है, उसने मुझे अपने घर बुलाया है.

प्लीज मेरी आपसे इल्तजा है कि आप पहले मेरी पहली वाली कहानी पढ़ लें, फिर इस अगली कहानी को पढ़ें. फिर मैंने कहा- हिना जी आपको आपकी ब्रा और पेंटी भी खोलनी होगी, नहीं तो मसाज अच्छी नहीं होगी और तेल आपकी ब्रा पेंटी पर लग जाएगा. आदिवासी सेक्सी वीडियो एमपीवापस आकर मैंने सेलिना को बताया कि मैं जयपुर में इंटरव्यू के लिए जा रहा हूँ और रात को मुझे एक होटल में रुकना पड़ेगा.

”ठीक है बेटा!” वो बोले और मुझे सोफे से उठा लिया और मेरा हाथ पकड़ कर बेडरूम में ले चले. मैंने मन ही मन कहा ‘इन दोनों (मां-पापा) को भी अभी टांग अड़ानी थी बीच में।’पांचों के पांचों घर का ताला लगाकर बरामदे में खड़ी कार की तरफ बढ़ चले.

वो अक्सर उसे बेड के नीचे डाल देती थी।मुझे उसकी कांख की मादक भीनी सी खुशबू पागल बना रही थी। मुझे नशा सा चढ़ने लगा था। मैंने क्यूब छोड कर उसके आर्मपिट्स को चाटना चालू कर दिया। वो छटपटाने लगी, तेज तेज सीत्कार करने लगी. मैंने देखा कि मेरा दोस्त सुमेर वहाँ नंगा खड़ा अपने चूतड़ आगे पीछे कर रहा था. मैं वापिस बैड की ओर लौटा और मैंने बेड पर बैठी आँख भर कर वसुन्धरा को देखा.

हम दोनों ने शादी से पहले ही चुदाई कर ली थी लेकिन किसी को भी इस बारे में अभी तक पता नहीं है. कुछ ही देर में चाची गांड का दबाव देते हुए बोलीं- अब जोर से चोद भोसड़ी के. तभी अंकल भी मेरे पास आकर बैठ गए और मेरी टी-शर्ट के ऊपर से ही मेरे मम्मों को मसलने लगे.

लेकिन तभी अजय ने बगल की टेबल से अपनी व्हिस्की का नीट दारू से भरा हुआ गिलास मेरे मुँह से लगा दिया.

इसके बाद करीब आधा घण्टा अपने बीते कॉलेज के बीते दिनों की बातें करने के बाद दोनों ने एक बार फिर चुदाई की और फिर एक दूसरे को आलिंगन में लिए गहरी नींद में वो दोनों सो गए।दोस्तो, मेरे छोटे भाई विक्रम ने अपनी भाभी की चूत को चोदने की कामना पूरी कर ली थी. मेरा लंड तो पहले से ही अदिति के साथ सेक्स करने के ख्याल से खड़ा था.

रानी मेरे सर को सहला सहला के मेरे मुंह को कभी एक चूची पर फिर दूसरी चूची पर लगा रही थी. उनके लिए कमर आगे पीछे करना थोड़ा मुश्किल था क्योंकि कमर आगे पीछे करने के लिए उन्हें अपने हाथों को मेज़ का सहारा लेकर अपनी कमर उठा कर आगे पीछे करना पड़ रहा था. मैंने छुट्टी में जाते हुए उसको थैंक्स बोला तो वो कहने लगी- सर … मेरे एग्जाम का ध्यान रखना!कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया के ज़रिये अपना प्यार देना न भूलें.

मेरी बहन ने भी कमर उठा कर मेरे लंड को अपनी चिकनी चूत में खाना शुरू कर दिया. अर्पित एक दिन अपने दोस्तों के साथ बाहर गया था और मामी और मामा को भी कहीं से फ़ोन आ गया था, जिस कारण से उनको भी बाहर जाने का प्रोग्राम बन गया था. वहाँ जाकर उन्होंने बताया- यहाँ कोई काम से नहीं आये हैं हम … यहाँ बस मैं तुझे चोदने के लिए लाया हूँ.

मधु शर्मा भोजपुरी बीएफ ”अरे हाँ!”हम बाथरूम में गए। मैं, ब्रा पैंटी में घुटनों पे बैठी। दोनों मेरे सामने खड़ी हुई नंगी और फिर सुनहरी रंग का फव्वारा शुरू हो गया, मेरे चेहरे गर्दन पूरे जिस्म, ब्रा और कच्छी को भिगाने लगा।मैंने अपने भीगे जिस्म पर जीन्स और टॉप पहना। अंशु भी तैयार हो गयी।जब हम चलने लगे तो डॉक्टर आशा ने कहा- कामिनी बड़ा मज़ा आया तेरे साथ, आती रहा कर!जी ज़रूर!”और हम दोनों घर आ गए. मैंने महसूस किया कि मेरे ज्यादा नर्मी दिखाने की वजह से वसुन्धरा मुझ पर हावी होने की कोशिश कर रही थी.

सेक्सी वीडियो चुदाई देवर भाभी की

असल मैं उस टाइम तक मैंने किसी को छुआ भी नहीं था, इसलिये हिम्मत नहीं हो रही थी. बहुत दिनों तक मैंने उसको देखा फिर जब रहा न गया तो एक दिन उसके नाम की मुट्ठ मारनी ही पड़ी. मामी जी मुस्कुराते हुए बोलीं- ये हुई न बात, चलो छत पर चलो, वहीं बैठ कर बात करते हैं.

मैं भाभी के मम्मों को ज़ोर से दबाने लगा और वह ज़ोर से मुझे किस करने लगी. तो सुमेर ने पूछा- वो लड़की कौन है?तो पारो बोली- मेरी छोटी बहन … उसका नाम गुलाबो है. ब्लू फिल्म सेक्सी चूत वालीटीचर सेक्स स्टोरी में अब तक आपने पढ़ा कि नम्रता अपने पति से फोन पर बात करते हुए उससे गांड मारने की कल्पना कर रही थी.

वो भी ये देख कर मस्त हो गई और खुद अपने मम्मे को दबवा कर मेरे लंड को दूध से भीगते हुए देखने लगी.

आप ये सब क्यों करती हैं?”क्या करूँ … मेरी मज़बूरी ही है।”फिर मैं बोली- तुमने बताया नहीं कि क्या तुम्हारा मन नहीं करता?तो वो डरते हुए बोला- करता तो है मेमसाब, पर क्या करूँ, जब गांव जाता हूँ, तभी कुछ होता है. अब आगे:पैंट और चड्डी नीचे करते ही मेरा लंड उछल कर बाहर आ गया, लंड की हालत देखकर लग रहा था जैसे कि वो एकदम गुस्से से लाल हो गया है.

वैसे भी भाई-बहन के बीच सेक्स हो सकता है इसमें कोई बुरी बात नहीं है. उसके बाद उन्होंने दीदी की चूत को कुत्तों की तरह चाटना शुरू कर दिया. अंकल- वो क्या?मैं- शर्त ये है कि आप जब भी अम्मी की चुदाई करोगे, तो मैं आप दोनों की चुदाई देखूंगा.

लेकिन पढ़ाई के साथ कुछ और भी हो जाये तो कैसा रहे?वो मेरा इशारा समझ गई और मुझे आंख मार दी.

उसके बाद ससुराल वालों ने मुझे पैसों के लिए परेशान करना शुरू कर दिया. उसने मुझे फिर से अपने ऊपर खींच लिया और मेरी छाती के नीचे उसके चूचे दब गये. इस तरह भाबी के ना ना करते हुए भी मैंने उनकी गांड का स्वाद चख लिया था.

लडकी की सेक्सी फिल्मतभी मैंने निहारिका से कहा- निहारिका, मैं वादा करती हूँ कि मैं ये बात किसी को नहीं बताउंगी. मैं सन् 2012 से ही इस साइट का नियमित पाठक हूं। अन्तर्वसना के बारे में मुझे तब पता चला जब मैं ट्रेनिंग ले रहा था। ट्रेनिंग के दौरान मेरी मुलाकत एक व्यक्ति से हुई जो हमारे साथ ही ट्रेनिंग ले रहा था। वह राजस्थान के किसी जिले का रहने वाला था। आज मैं सेंट्रल गवर्नमेंट में एम्प्लोई हूं और अच्छी पोस्ट पर काम कर रहा हूं.

नवरा बायकोचे सेक्सी बीपी

वे दोनों इसी शहर के एक कॉलेज में पढ़ती थीं और एक हॉस्टल में रहती थीं. मैंने पूरे 20 मिनट तक लगातार पोज़ बदल बदल कर उसकी चूत चोदी और अंत में मैंने उसके मम्मों पे अपने लंड का सारा माल निकाल दिया. मेरी आंखों से आंसू निकल गए, मेरी बुर फट चुकी थी और झिल्ली फटने से खून बहने लगा था.

मैं उसका लंड जड़ तक अन्दर लेती और फिर बाहर निकाल कर जीभ से चाटने लगती. चाटो बॉस!! मजा आ रहा है … ओह्ह … ओह्ह्ह्ह” मैं अपनी गांड उठा उठाकर कह रही थी. मैं वनिता से बोली- अकेली आई हो, तुम्हारा ठोकू किधर है? मुझे क्या करना है?वो बोली- हां यार, वो आने वाला है.

एक हाथ से मैं काजल की चूची को मसलने लगा और दूसरे हाथ पैन्टी के ऊपर से काजल की चूत को सहलाने लगा. क्या मस्त लग रही थी … उसके काले निप्पल और तीन इंच का एरोला … मैं उसके चुचे चूसने लगा. ये आवाजें मुझे और भी ज्यादा उत्तेजित कर रहीं थीं।रेलगाड़ी अपनी पूर्ण रफ्तार से चल रही थी और मैं भी उतनी ही रफ्तार से चोद रहा था। फिर करीब 4-5 मिनट बाद उसे खड़ा करके उसका एक पैर वाशबेसिन पर रख दी और खड़े होकर चुदाई करने लगे।और कुछ ही देर बाद आयशा की चूत ने पानी छोड़ दिया, वो बोली- अब बस करो, मैं थक गयी हूँ.

जैसे ही लंड अन्दर गया, माँ चिल्ला उठीं- क्या कर रहे होओ ओओह … इतनी टाइट चुत को फाड़ोगे क्याआ … धीरे डालो ना जरा … आअ अहह … आज तो मार ही दिया. उसने कहा- पंकज मेरी गांड में ही निकाल दो, पर मेरी भी चुत से पानी निकलने वाला है … प्लीज़ थोड़ा जोर जोर से करो.

अनामिका से मैंने कहा- क्या तुम मुझे अब भी याद करती हो?उसने कहा- जब तक तुमको देखा नहीं था, तब तक तो मुझे तुम्हारी कुछ भी याद नहीं आती थी.

वो भी गालियाँ बके जा रहा था- रंडवी साली … तेरे भोसड़े में मेरा लोड़ा … तुझे आज घोड़ी बना दूंगा, तेरी चुत चोद चोद कर फाड़ दूंगा, तेरी गांड मार दूंगा. इंग्लिश सेक्सी फोटो दिखाएंफिर वरुण ने मुझे घोड़ी बनाया और लंड पे ढेर सारा थूक लगाकर चूत पे निशाना लगाने लगा. सेक्सी पिक्चर ची माहितीफिर उन्होंने कुछ बूंदें तेल की अपनी हथेली पर डालीं और फिर बुआ की चूत में उंगली करने लगे. थोड़ी देर में उसके हाथों में हरकत हुई और उसने मेरे लंड को हल्का सा टटोला.

मैंने सोचा कि जब वह अपनी दोनों सगी लड़कियों को मज़ा दे सकता है, तो मौका मिलने पर मुझे क्यों नहीं देगा.

मेरी हिम्मत गौशाला में जाने की नहीं हो रही थी।फिर दोबारा से पायलें छनकी. उसने हाय बोला, मैंने उसकी हाय का जबाव दिया और बस हम दोनों की बातें शुरू हो गईं. एक मसला सुलझा नहीं कि दूसरा तैयार!अब चूंकि घर मेरा था तो क़रीब-क़रीब सब बातों का नज़ला मुझ पर ही गिरता था.

मैं भी बोलने लगी- आअह्ह डाल दे अपना रस मेरी चूत में … और बना ले आआ अह्ह्ह मुझे अपने बच्चे की माँ … आज से मैं तेरी लुगाई बन गयी हूँ … आआअह्ह्ह … चोद दे मुझे मेरे पतिदेव … फाड़ डाल मेरी चूत को आआअह. दस मिनट की मेहनत के बाद मैंने सेलिना को फिर से गर्म कर दिया और उसके हाथ फिर से मेरी पीठ को सहलाने लगे. मैंने अगले ही जल्दी से उसे अपने नीचे लेटा लिया उसकी चूत में लौड़ा फंसा कर शुरू हो गया.

सेक्सी फोटो सेक्सी मूवी

मैं आंखें बंद करके महसूस कर रही थी कि वो अपना लंड लेकर मेरे सामने ही खड़ा है. तत्काल वसुन्धरा के मुंह से आनंदप्रद सिसकारियों का सिलसिला शुरू हो गया. मैं उसके अनारदाने को कस कर मसलता, उसकी चूत के अन्दर उंगली डालता और अन्दर की गर्माहट का आनन्द लेता.

जहां पेपर देने जाना था, वहां से ही थोड़ी दूर पर मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड एक हॉस्टल में रहती थी.

मैं उनके मम्मों को दबाते हुए नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर धक्के देकर आंटी की चुदाई करने लगा.

मेरे हाथ अपने आप उनकी पीठ पर चले गए और मैंने अपने नाख़ून पीठ पे गड़ा दिए. रास्ते में बहुत सारी बातें और हँसी मज़ाक होती रही दिन में!मेहर उतरते ही मेरा मूड बदल गया … या यू कहूँ तो डर सा लग रहा था। मैंने उनको कहा- होटल नहीं जाएंगे. सेक्सी ब्लू फिल्म हिंदी में सेक्सकभी मैं नम्रता के ऊपर चढ़कर बुर चोदता, तो कभी नम्रता मेरे ऊपर चढ़ाई करते हुए मेरे लंड के साथ खेलती.

अब घरवाले हर मेहमान की पूंछ से चौबीसों घंटे तो नहीं बंधे रह सकते थे और वसुन्धरा थी कि बात-बात पर मुंह फुला लेती थी, हंगामा खड़ा कर देती थी. उसके बाद मुझे कुतिया पोज में मेरे पीछे से लंड फिट किया और मेरे मम्मों को दबाते हुए मेरी चुत में लंड ज़ोर से अन्दर तक पेल दिया. मगर हम दोनों को इतना मौका नहीं मिल पाता था कि हम पूरे नंगे होकर चुदाई का मजा ले सकें.

ऊह उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह का जवाब मेरा लण्ड देता था, धकाधक, धकाधक. जब से मैंने अपनी माँ के चूचों को पहली बार देखा था उसके बाद से ही मैं उसके चूचों को दबाने और चूसने के लिए बेताब हो उठा था.

आंटी- अरे कुछ तो शर्म किया करो … उस्मान आपके बच्चे की उम्र का है और आप उसे ये सब सिखा रहे हो?अंकल- तू इसे बच्चा कह रही है.

लेकिन बाद में ये सब मामला खुला, तो भाभी खूब हंसीं और उन्होंने भी मुझसे इसी तरह से अपनी कुंवारी गांड का बाजा बजवा लिया. ”वसुन्धरा ने बड़ी हैरतभरी नज़रों से मेरी ओर देखा और आँख मिलते ही मैं निर्दोष भाव से मुस्कुराया. मेरी भी नहीं?”मेरी इस बात पर वो हंस पड़ी और उसने मेरे सीने में मुक्का दे मारा.

सेक्सी वीडियो चलाने वाला सेक्सी वीडियो वो हंसा और उसने खुल कर कहा- आशना, क्या तुमने कभी हकीकत में मर्द का लंड देखा है कि बस सिर्फ़ मूवी में ही देखा है?मैं उसकी इस खुल्लम खुल्ला बात से बहुत शर्मा गई और बोली- तुम ये क्या कह रहे हो?उसने कहा- बोलो ना यार … मुझसे शर्मा क्यों रही हो?मैंने कहा- नहीं मैंने कभी नहीं देखा. मैंने लंड पर कुछ गर्म गर्म सा महसूस किया, मुझे समझते देर न लगी कि मौसी की चूत ने पानी छोड़ दिया है.

उसकी साड़ी व पेटीकोट को ऊपर करने के लिये मैंने पहले एक-दो बार तो अपने पैर से ही कोशिश की. मेरा अपने नये पाठकों से विनम्र निवेदन है कि कहानी से ठीक से तारतम्य बिठाने के लिए पहले मेरी पुरानी कहानियों को एक बार पढ़ लें. इससे पहले मैंने उनको तौलिया लपेटे हुए ही देखा था और उनका नीचे का भाग नहीं देख पाई थी.

सेक्सी वीडियो छोटी लड़की को चोदा

उसने मेरी चूत को मसलने के बाद मेरी चूत पर अपना लंड रख दिया और मेरी चूत को लंड के सुपारे से रगड़ने लगा. अंकल ने लम्बी सी सांस ली और कहा- बेटा तू जानता है कि तू क्या कह रहा है?मैं- अंकल में मजाक नहीं कर रहा हूँ. उन्होंने मुझे जबरन अन्दर बुलाया और कहा- तुम बैठो, मैं तुम्हारे लिए कोक लेकर आती हूँ.

मैंने इस साइट पर प्रकाशित की गयी सभी स्टोरीज़ को पढ़ा है। मैं बहुत दिन से अपनी एक रीयल स्टोरी अपको बताना चाह रहा था पर टाईम न होने की वजह से लिख नहीं पाया. मुझे दरवाजे पर तुम्हारी आवाजें सुनाई दे गई थीं लेकिन मैंने मानसी की चुदाई के रंग में भंग डालने की कोशिश नहीं की.

मैं भी पूरे जोश में लगा था और वो भी पूरी ताकत से चूत चुदवाने का मजा ले रही थीं.

मगर अगले ही पल उसका चेहरा ऐसे उतर गया जैसे बाढ़ आई नदी से पानी उतर जाता है. इस बार मेरा पूरा लंड मेरी बहन सोनल की चूत में जा रहा था, जिससे सोनल की आंख में आंसू आ गए थे. मेरी मजेदार सेक्सी कहानी के पहले भागसहेली के ससुर से चुद गई मैं-1में अब तक आपने पढ़ा कि मेरी सहेली वनिता के ससुर से मेरी सैटिंग जम गई थी.

हां अब तक जो हाथ एक-दूसरे को कस कर जकड़े हुए थे, वही हाथ अब एक-दूसरे की पीठ और चूतड़ सहला रहे थे. मैं ज्यादा जोर से चिल्ला भी नहीं सकती थी, वरना बदनामी मेरी ही होती. भाई बहन चुदाई कहानी की पिछली कड़ी में आपने पढ़ा कि मेरी शादीशुदा दीदी हेतल अपने पति के साथ कुछ दिन के लिए हमारे साथ ही रहने के लिए आई.

वो भी दूध चुसवाते हुए आहें भरने लगी उम्म्ह… अहह… हय… याह…मैं एक हाथ से उसके एक बूब को दबाता रहा और दूसरे को चूसता रहा.

मधु शर्मा भोजपुरी बीएफ: मैंने बाहर जाकर दवाइयों की दुकान से नींद की चार गोलियां ले लीं और चार आइस-क्रीम भी ले ली. जनवरी के पहले ही दिन से स्कूल में ठंड की वजह से दस दिन की छुट्टी हो गयी थी.

उनके सामने मैं जब भी जाता, तो वे अक्सर ब्लाउज पेटीकोट में मेरे सामने आ जाती थीं. मैं तो बस अपनी गीतू को चूसना चाहता था।मैंने देर न करते हुए उसकी गुलाबी रंग की पैंटी उतार दी. मैं उसकी चूत के दाने को चूसने लगा, जिससे वो और ज्यादा चुदासी हो गई.

उधर चूत के रस की बौछार से लंड सनक गया और गोलियों में एक पटाखा फूटा.

मुझे मोटा लंड बहुत पसंद है और मुझे मोटा लंड के साथ लम्बा लंड भी पसंद है. वो फिर जानवर की तरह मुझे चोदने के साथ मेरे जिस्म को काटने लगा और मेरी चूचियों को जोर से भींचने और दबाने लगा. मेरे होंठों से अपने होंठों को दूर हटाने की एक बार तो उसने कोशिश की मगर मैं भी ऐसे हार नहीं मानने वाला था.