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उसके बाद हम दोनों बाथरूम में गये और वहां पर रोमान्स करते हुए हमने एक बार फिर से बाथरूम सेक्स किया और भाई बहन की चुदाई का मजा लिया. शेतातील सेक्सी व्हिडिओमैडम की आवाज़ आई- सर, आज सारा कुछ यहीं कर लेंगे … या उसी वाले कमरे में चलेंगे.

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सुबह कोचिंग जाते हुए मैं उनके फ्लोर पर जाता तो आंटी नंगी होकर मेरे लिये चाय लेकर वेट करती थी.तो मोनिका बोली- दीदी, मैं कह रही थी कि आज तो हम सब वैसे भी यही करने वाले थे.

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फिर अंजना मेरे लंड को लंड चूसने लगी और मेरा लंड की जोर-जोर से मुठ मारने लगी.भाभी के शब्दों से लग रहा था कि वो मेरी बात का मतलब समझ गयी है और अगर मैं गलत नहीं हूं तो पटाई में आ गयी है.

वो जब भी मुझे देखती तो मुस्करा देती और मैं भी उसका जवाब मुस्करा कर देता. हिंदी बिहारी बीएफ सेक्सी वो सिसकारते हुए बोलने लगा- आह्हह … सिमरन … तुम मुझे पहले क्यों नहीं मिली? आह्हह … सेक्सी जान … तुम मुझे पहले मिलती तो मैं तुमसे ही शादी कर लेता.

तभी लवली भी हम दोनों के पास आ गयी और आकर पापा की गोद में आकर बैठ गयी.

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फिर मेरा बदन अकड़ गया और लंड से निकलने वाले वीर्य की पिचकारी भाभी के मुंह पर गिरने लगी. चुत पर मेरी जुबान का स्पर्श पाते ही आंटी तो आऊट ऑफ कंट्रोल हो गई थीं. मैंने आंटी से पूछा- आंटी आपके घर में और कौन कौन है?आंटी बोलीं- मैं अपने घर में अकेली ही रहती हूँ.

मैंने धीरे धीरे अपने लंड को साधना की चूत में अंदर बाहर करना शुरू किया और करीब 5-7 मिनट तक ऐसे ही करता रहा. करीब 30 मिनट तक मैंने नई भाभी की अलग-अलग आसनों में हचक कर चुदाई की. मैं चल कर वापस से अस्पताल में आयी और देखने लगी कि किसी ने मुझे वहां से आते हुए देखा तो नहीं.

अब मामा का सारा काम मैं ही देखता था, घर से लेकर बाहर तक कोई भी काम होता था … तो मैं ही करता था. फिर बोली- ऐसे क्या देख रहे हो, अब मुझे क्यों तरसा रहे हो अपने प्यार के लिए?मैं बोला- आपको इस तरह देख कर मैं आपकी खूबसूरती को निहारते हुए अपनी आंखों की प्यास को भी बुझा रहा हूं. अगर मेरी बिटिया मेरे अलावा बाहरी रांड बन जाए, तो उसके सेक्सी बदन के लिए एक रात का कम से कम 5 लाख मिलें.

फिर उसने मुझे नीचे कर लिया और मेरी चेस्ट पर किस करती हुई मेरे पेट की ओर जाने लगी. मैंने दांतों से पकड़कर उनकी पैंटी नीचे सरका दी और अब उनकी खूबसूरत चूत मेरे सामने थी.

उनकी चूत एकदम रसीली, गुलाबी और लॉलीपॉप की जैसी चूसने लायक, एकदम चिकनी चुत थी.

मैंने देखा जीजा जी मुश्किल से तीन चार मिनट तक ही दीदी चोद पाए और हांफते हुए झड़ गए.

नीचे से बीच बीच में मैं उसकी देसीचुत को भी छेड़ रहा था और कभी आधी उंगली भी दे देता था. डिस्क्लेमर: (अस्वीकार्यता)- कहानी में गर्लफ्रेंड का सम्मान बनाये रखने के लिए ज्यादा अश्लील शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया है. मैंने उनसे कहा- भाभी आपकी चूत को कुछ करने से पहले क्या मैं एक बार अच्छे से चाट लूं? मेरा चूत चाटने का बहुत मन है.

”अपना लण्ड हाथ में लेकर सहला रहा हूँ कि ये कब तुम्हारी चूत में जायेगा. मुझे उनकी आंखों में अजीब सी कशिश दिख रही थी, जो मुझे मोहित किए जा रही थी. इसके बाद मेरे हाथों का नंबर आया।उन्होंने मेरी कोहनी के थोड़ा ऊपर तक मुझे अच्छी तरह से मेहंदी लगा दी.

लेकिन आपके घर पर तो आप अकेले ही हो … तो आप इन्हें कार से निकाल कर अन्दर कैसे रखोगी?मेरी ये बात सुनकर आंटी बोलीं- हां ये तो है … क्या तुम मेरे साथ मेरे घर तक चल चलोगे? मैं तुम्हें वापस छोड़ने आ जाऊँगी.

बेड की चादर पर भी खून, मेरी चूत के मुख पर भी खून, सुमित के लंड पर भी खून लग गया था. उसने मेरा हाथ पकड़ा और मेरे होंठों पर उंगली से मुझे चुप रख कर कमरे में अंदर ले जाने लगी. अपना अण्डरवियर उतारकर मैंने अपने लण्ड पर हाथ फेरा और ढेर सी क्रीम लण्ड पर चुपड़ कर मैं रेखा की टांगों के बीच आ गया.

रेखा का निचला होंठ अपने होंठों से पकड़ कर मैंने अपनी जीभ रेखा के मुंह में डाल दी, रेखा भी मेरे होंठों का रसपान करने लगी. मैंने दरवाजा लॉक किया और एक झटके में अपनी पैंट और चड्डी नीचे कर दी. ललिता वहीं ड्राइंग रूम में ही जमीन पर बैठ गई और मेरा लण्ड चूसने लगी.

कुछ देर चुदवाने के बाद वो भी शांत होकर मौसा जी के सीने पर ढेर हो गईं.

वर्मा ने मुझे अपनी ओर खींच लिया और अपने सीने से चिपका कर मेरी गांड को दबाने लगा. उन्होंने दुबारा कहा- तो तुम गंदी फिल्म देखते हो क्या?ये कहकर आंटी हंसने लगीं.

हिंदी बिहारी बीएफ सेक्सी वहाँ काफ़ी रोमांटिक म्यूजिक बज रहा था जिस पर हमने साथ में डांस किया।फिर उसने मुझे ड्रिंक दिया और हम नज़ारे देखने लगे और उस वक्त का मज़ा लेने लगे।कुछ देर बाद उसने अचानक मुझे अपनी बांहों में उठा लिया और टैरेस की दूसरी तरफ़ ले गया. जैसे ही मैं खिड़की के पास पहुंचा तो वहां से आ रही आवाजें सुनकर मैं तो दंग रह गया.

हिंदी बिहारी बीएफ सेक्सी अब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मामी की मामी की टांगों को अलग करके अपना मुँह मामी की चुत पर रख दिया. मैंने कहा- तो क्या करूं?आंटी बोलीं- अभी तुम थोड़ी देर तौलिया पहन लो … तब तक तुम्हारा पजामा भी सूख जाएगा.

उनकी लंड चुसाई इतनी अधिक पेशेवराना थी, जैसे भाभी एक नंबर की पक्की चुसक्कड़ हों.

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मगर बात को संभालते हुए मैंने फ़ौरन ही उसको एक स्माइल दी जिससे कि वो डरे न। मैं नहीं चाहता था कि ये देखने दिखाने का खेल बंद हो जाये क्योंकि मुझे भी इस सब में मज़ा आ रहा था और कॉलेज वाले दिन याद आ गये थे. इधर सोनम मेरे लंड को मेरे लोवर के ऊपर से ही पकड़ने लगी, जो कि बिल्कुल लोहे की तरह कड़क हो गया था. इधर मैंने अपना लंड मामी की चूत में घुसा दिया और उनको चोदना चालू कर दिया.

तो मैंने क्या किया?हमारे बगल वाला घर शुक्ला जी का था, शुक्ला जी एक बैंक में मैनेजर थे और आजकल पश्चिमी उत्तरप्रदेश के किसी शहर में पोस्टेड थे व महीने में एक दो बार ही घर आ पाते थे. इतना कहते ही मैडम ने मेरा लंड पकड़ लिया और उसको मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने और चाटने लगीं. उनका निवास हमारे गांव से लगभग 15 किलोमीटर दूर एक छोटे से नगर में था.

वीर्य निकलने के बाद मैं मां की चूत में ऐसे ही लंड दिये हुए ही उसकी छाती पर लेट गया.

आंटी मेरे लंड को देख कर बोली- तुम्हारे यहां खतना करवाते हैं!मैं बोला- हां।वो बोली- तो फिर खाल तो पीछे करने का कोई झंझट ही नहीं. प्रिंसीपल सर का डर क्यों था ये आपको इस सेक्स कहानी में आगे पता चल जाएगा. उसकी सांसें बहुत तेज चल रही थीं जो मुझे फोन पर साफ साफ सुनाई दे रहा था.

आगे से पहल करते हुए मैंने पूछा- तुम्हें मेरे साथ लेट कर मेरे लिए कुछ फील हो रहा है क्या?उसने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया. मैंने एक कहानी में पढ़ा था कि एक बेटा उसकी मां को मां बोल कर चोद रहा था. प्लान के मुताबिक मां जब अपने मायके चली गयी तो मैंने रात के खाने के बाद लवली से कहा कि वो पापा को खिलाने के बाद वो उनकी मालिश करे.

कुछ देर यूं ही मस्ती करते हुए नाश्ता खत्म किया और दीदी उठ कर किचन में चली गईं. मैंने उसे उठा कर अपने सीने से लगाया और कहा- उदास क्यों होती हो … मैं तुम्हारे साथ हूँ.

उसका 8 इंच का लंड मेरी चूत में जा घुसा और मेरी आंखों के सामने अंधेरा हो गया. नमस्कार दोस्तो, मैं विशू मेरे जीवन की ससुर बहू सेक्स की सत्य घटना बताने जा रहा हूं. उसने मुझे बांहों में जकड़ लिया और हम दोनों जैसे जन्नत का मजा लेने लगे.

उसके बाद मैंने अपने लंड को अंदर बाहर करते हुए भाभी की गांड में चलाना शुरू किया.

मेरी सलहज की नजरें भी बातें करते हुए मुझे ऊपर से नीचे तक और नीचे से ऊपर की ओर निहार रही थीं. नौकरानी की चुदाई की कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरे घर वालों ने एक आंटी को काम पर रखा. मां और पापा फिर मान गए और मुझसे कहने लगे कि जब तक हम लौट कर नहीं आ जाते तुम इनका पूरा ख्याल रखना.

एक बार हमारे किसी रिश्तेदार की मौत हो गई जिसकी वजह से हमें उनके जनाजे में शरीक होना पड़ रहा था. मम्मी उस वक्त अपनी चूत और चूचियों को कपड़े से ढकने का असफल प्रयास कर रही थी.

वो जब मेरी चूत में लंड को ठोकता तो मैं अपनी गांड को उठा कर उसके लंड के लिए अपनी चूत में और अंदर तक रास्ता बना देती. मैं सोच में पड़ गया कि इतनी रात में उन्होंने मुझे क्यों बुलाया है?मैंने उनके रूम के पास जाकर नॉक किया. मेरी xxx ग्रुप सेक्स पार्टी स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपने क्लासमेट को पटाकर अपनी बुर चुदवाई.

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वो अब भी मेरे जिस्म को चूम रहा था।उसने मुझे उल्टा किया और मेरे बदन को पीछे से चूमने लगा.

जीजा जी उच्च धनी परिवार से हैं और मेरी बहन की खूबसूरती ही उनको रिझा गई थी. तो मैं दीवार के पास खड़ा हो गया और कुछ देर सुनने के बाद मैंने परदे को जरा सा हटाया, तो मैं अन्दर का नजारा देखकर शॉक्ड हो गया. साधना ने पारुल को संभाला और मैं धीरे धीरे उसकी चूत चोदना शुरू किया.

उसके लंड से मेरी चूत की खुशबू भी आ रही थी जो मेरे अंदर और ज्यादा उत्तेजना भर रही थी. फिर मैंने उनसे मजाक करते हुए कहा- अरे कहां आंटी … मुझे आप जैसी कोई लड़की ही नहीं मिली. नार्मल सेक्सी वीडियोमैं दर्द से चीखी तो निचली मंजिल में रहने वाली कॉलेज लेक्चरार ने सुन ली.

कुछ देर के बाद ताई मेरे रूम में आई और बोली- शादी के बाद पति पत्नी एक ही रूम में और एक ही बिस्तर पर सोते हैं. मैंने कागज उठाए और आंटी से कहा- ठीक है आंटी, मैं कल से काम शुरू कर देता हूँ.

ये सुन कर वो बोलीं- पागल हो गए हो क्या?मैंने कहा- हां… जब से मैंने आपको देखा है, तब से मैं सिर्फ आपके बारे में ही सोच रहा हूं. जाँघें इतनी भरी हुई हैं कि कोई भी देखते ही उसे खाने को हो जाये जैसे कि नॉन वेज लोग लेग पीस को खाने के लिए हो जाते हैं. इस से मामी की मां चुद गई और वो चिल्ला उठीं- आह मर गई … आह मर जाउंगी प्लीज … लंड बाहर निकाल लो.

अम्मी ने अपने दोनों चूतड़ों को हाथों से फैला रखा था और उनकी आंखों से आंसू आ रहे थे. फिर नीचे झुक कर उसकी चूत में मुँह लगा दिया और उसकी लंड के लिए लपलपाती चुत चाटने लगा. मैं उन्हें बेडरूम में ले गया और उनकी साड़ी हटा कर उनको बेड पर लेटा दिया.

अपने दोनों हाथों से मैं उसके मम्मों को दबाते हुए उसको लिप किस कर रहा था.

मैं उनके मम्मे मसलता हुआ ज़ोर ज़ोर से दोस्त की सास की चुदाई कर कर रहा था. फिर जब मेरा हाथ उसकी चूचियों पर लगा तो पाया कि उसने ब्रा भी निकाल रखी है.

एक दिन आंटी कपड़े फैलाने के बाद मेरे रूम में आई तो मैं रजाई में नंगा लेटा हुआ था. आह्ह और चोद मुझे।कुछ देर की इस गांड फाड़ चुदाई के बाद उसने मेरी गांड के छेद में ही अपना माल भर दिया. उसने कहा- क्या?मैंने कहा- ये बताओ कि अब तक तुमने कितने लंड चूसे हैं?उसने कहा- एक!मैंने कहा- किसका? और कैसे थोड़ा प्रैक्टिकल करके बताओ.

जब उसे मेरे तलाक के बारे में पता चला तो उसे बहुत दुख हुआ। उसने बताया कि वो रशिया में रहने लगा है और काम के चलते इंडिया में भी कम ही आता है. मैंने मनीषा बुआ से पूछा- सब लोग कहां गए हैं?बुआ ने बोला कि सब लोग आज मंदिर गए हैं. उनकी मोटी गांड और बड़े बड़े चूचे देख कर कोई भी उनको चोदने के लिए पागल हो सकता है.

हिंदी बिहारी बीएफ सेक्सी उसकी आँखों में भयंकर कामुकता थी। मैं समझ गया कि उसका अपने मन पर नियन्त्रण नहीं है।इस हालत में हमें कोई देख लेता तो शक करता इसलिए फिर मैं थोड़ा सँभलकर बैठ गया।रास्ते में तो इससे ज़्यादा कुछ हो भी नहीं सकता था. एक टैक्सी आई हुई थी, वे दोनों उसमें बैठ गए और मैंने उन्हें जाते हुए देखा.

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वह बड़े प्यार से मेरे बालों पर हाथ फिराकर मुझे अपनी तरफ भींच रही थी। उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं- ओह मेरे अभिनव … मेरे राजा. ‘आहह … ऊऊहह …’शिबू ने मुझे बेड पर बैठा दिया और उसके दोस्त कुर्सी लगा कर सामने बैठ गए. अब जल्दी से अपना सात इंच का लौड़ा मेरी मुलायम चूत में डाल कर मेरी मासूम चूत के चीथड़े उड़ा दो.

ये सब मुझे पागल कर रहे थे। वो मेरी जांघों से होता हुआ मेरे पैरों तक पहुँच गया और मेरे पैरों की उँगलियाँ चूसने लगा।फिर वो मेरे जांघों को सहलाने लगा और फिर मेरी टाँगों को खोल कर मेरी चूत के आसपास चूमने लगा और पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत चाटने लगा।मेरी पैंटी पहले से ही गीली हो चुकी थी।फिर उसने मेरी पैंटी भी उतार दी और मेरी चूत पर उँगलियाँ टहलाने लगा. मैंने उसकी चूत के छेद पर देसी लंड को सेट कर दिया और तेज झटके के साथ आधा लंड उसकी चूत में घुसा दिया. பிரஸ்ட் நைட் செஸ்मैंने कारण जानने के लिए मैडम को टटोलने की कोशिश की, पर मैडम ने अपना मुँह नहीं खोला.

फिर मैंने अपने लंड को तीन चार झटके दिए और लंड का पूरा माल उनके मुँह में निकाल दिया.

मैंने दूसरे दिन पीयूष को फोन किया और बोला- मुझे कुछ पेपर्स पर आंटी के साइन चाहिए. आप मेल करके मुझे जरूर बताएं कि भाभी की चूत की सेक्स कहानी कैसी लगी.

चाहे उनके वक्ष हों या गांड, उनके बदन का हर अंग, हर हिस्सा बहुत ही कोमल और मदहोश कर देने वाला था. मैं दीदी को कभी किस करता, कभी उनकी टी-शर्ट में हाथ डाल कर ब्रा खींचता. यहां पर आपकी सेवा करने का मौका तो मिल रहा है कम से कम। इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है?आंटी- बेटा अकेले क्यों? तुम्हारे घर वाले कहाँ हैं? और तुमने तो शादी भी की थी.

उनकी पोस्टिंग जैसलमेर में थी और वो छुट्टियों पर ही घर आ पाया करते थे.

वो रंग की गोरी, सुराही के समान गर्दन वाली, सपाट पेट के साथ तने हुए गोल गोल चूचे, पतली नागिन सी कमर और मोटी मोटी जाँघों के बीच में अनछुई चूत! सच कहूँ दोस्तो, वो दोनों काम की देवी रति को भी मात दे रही थी. मैंने उनको अपनी बांहों में कस लिया और दोनों एक दूसरे से लिपटते हुए मुंह की लार का आदान प्रदान करने लगे. तुरंत निकल पड़ा अपने घर से और पहुंच गया भाभी के घर। जाकर मैंने उनके घर की डोर बेल बजाई।भाभी ने गेट खोला.

स्कूल की सेक्सी फोटोकुछ मिनट बाद रोशन लाल के लंड का पानी निकल गया और उसने सारा अलीज़ा के मुँह में ही छोड़ दिया. मैं भी अकेली थी तो मैंने मजा लेने के लिए माहौल को और गर्म करने की सोची.

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वो दोनों बेतहाशा मेरे जिस्म को चूमने और चाटने लगे जैसे दो कुत्तों के सामने एक ही हड्डी डाल दी गयी हो और वो दोनों आपस में झपटमारी कर रहे हों. मैं बोला- वो कैसे?लवली ने कहा- अगर मम्मी को बवाल ही करना होता तो वह उसी समय कर देती जब आप उनको चुदते हुए देख कर मुस्करा कर चले आये थे. और फिर उनकी चूची पकड़ कर तेज तेज उसकी चूत में धक्के लगाने लगा क्योंकि मैं ज्यादा देर नहीं टिक सकता था.

मैंने कहा- जी मैम, मैंने आपकी फ़िल्म में सिर्फ आपके जिस्म को देखा, बेड सीन देखे, आपकी जवानी को अपने बिस्तर में देखा। और तो और … सीन के वक़्त आपकी वो आवाजें … ऐसा लग रहा था कि आप मेरे साथ सेक्स कर रही हैं।वो मुस्कुरायी, उसने कहा- अच्छा सच में?मैंने कहा- हाँ. चोदने के मन से ही गया था।उसको देखते ही दौड़ा तो वह भागकर वाशरूम में बंद हो गई।किसी तरह से गेट खुलवाया और बाहर आई। नहाकर तरोताजा दिख रही थी।मैंने उसका हाथ पकड़ा और ऊपर ले जाने लगा।घर में कोई नहीं था।ऊपर ले जाते ही उसके होंठों को जमकर चूसने लगा। इसके बाद वह मुझे दूसरे खुफिया कमरे में ले गई. अब मुझे जब भी मौक़ा मिलता है, मैं उसके लंड से खेल लेती हूँ … चुदवा लेती हूँ.

उंगलियां मौसी की चूत की फांकों से सीधे संपर्क में आ गयी और जिस्म में हवस का तूफान सा उठ गया. फिर उसने पापा को किस करते हुए कहा- कोई बात नहीं, मैं तो सिर्फ आपको पाने के लिए ये रास्ता बता रही थी. तो मुझे एकदम से हल्की सी छर्र की आवाज आई और मैं समझ गया कोई लड़की पेशाब कर रही है.

लंड को चूत में घुसवाकर वो मेरे लंड पर कूदने लगी और खुद ही उछल उछल कर चुदने लगी. मैंने भाभी को सीधा लिटा कर उनकी दोनों टांगों को फैला कर अपने लंड को चूत पर रगड़ने लगा और चूचियों को चूसने लगा.

मैंने एक बार फिर से घोड़ी बना कर आंटी की चूत में लंड दे दिया और उसको चोदने लगा.

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मैं अन्दर गया, तो ममता आंटी बोलीं- मनीष, तुम अपना नम्बर मुझे दे दो.

मेरा लन्ड एक झटके में ही उसकी बुर में चल गया।अब मैं दीदी के ऊपर चढ़कर उसकी चूत में लंड पेलने लगा. मैंने उनको बोल दिया कि भाई जैसा कोई मिलेगा तो कर लूंगी।वो बोली- अब मां को बताने के लिए हम दोनों को कुछ ऐसा करना चाहिए कि मां को हम दोनों पर खुद ही शक होना शुरू हो जाये. मैं ताई को कुतिया बना कर उनकी गांड को पेल रहा था और ताई भी मस्ती में पिलवा रही थी.

कभी मैं सक्सेना के लंड को मुंह में भर कर चूसती और कभी वर्मा के लंड को. दीदी- तुम्हारे जीजा जी ने क्या कहा?मैंने दीदी के मम्मे देखते हुए कहा- उन्होंने बोला है कि मैं आपका अच्छे से ख्याल रखूं. उसने अचानक से मुझे किस करना शुरू कर दिया, तो मैंने भी उसका साथ दिया और उसे किस करने लगा.

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आधा लण्ड अन्दर होते ही मैंने एक बार फिर ठोकर मारी तो ललिता चिल्ला पड़ी. किंतु जब मेरे साथ भी ऐसी घटना हुई, तब मुझे यकीन हुआ कि यह सब सच्ची कहानियां हैं. उनके मुंह से सिसकारियां निकलना शुरू हो गयीं- अम्म … ऊह्ह … आह्स्स… करते वो मेरे मुंह को अपनी चूचियों में दबाने लगी.

कुछ देर में नौकरानी काम करके बोली- मेम साहब मैं जा रही हूँ और कल नहीं आऊंगी.

चूतड़ों को चूमने के बाद मैंने उनकी जांघों को भी चूमना शुरू कर दिया।फिर मैंने दीदी को घूमने को कहा तो वो घूम गयी.

मैं चाहती हूँ कि मेरी चूत तुम्हारे वीर्य से भर जाये और हो सके तो बच्चेदानी भी. पूजा आंटी- अभी तो 3 इंच ही गया है … चुप कर मादरचोद और एंजाय कर … अभी तो पूरी रात पड़ी है. मम्मी की सेक्सी कहानीउस समय उनके झीने से पिंक कलर के ब्लाउज में से उभरे हुए मम्मों को देखकर मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा हो रहा था.

मैं भी कभी भाभी के मम्मों का मर्दन कर रहा था, तो कभी भाभी की चुत में अपनी 2 उंगलियां डाल देता, तो कभी भाभी की गांड को सहलाते हुए एक झापड़ रसीद कर देता. मैं लवली के पास बैठ गया और बोला- तुमको मेरा लंड अपनी चूत में लेकर ठंडक नहीं पड़ती है क्या जो तुम यहां पराये मर्दों से अपनी चुदवा रही हो?वो रोने लगी और बोली- मुझसे गलती हो गयी है. और अपनी बाकी की कसर बाद में निकाल लेना।मैं भी मन मार कर उसे उसके घर के पास तक छोड़ आया।शाम को उसका कॉल आया और बोली- मैं अभी भी तुम्हारे हर अहसास को महसूस कर रही हूँ.

भाई ने मुझसे कहा- अंकित थोड़ा ध्यान रखना … हमारा जाना भी जरूरी है … क्योंकि रिश्तेदारी का मामला है. दोस्तो, मैं आशीष एक बार फिर से आपके समक्ष हूं अपनी कहानी का पांचवा भाग लेकर!कहते हैं कि अगर घर में औरत ठीक मिल जाए तो घर सोना बन जाता है.

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मैंने दीदी से कहा- आज अपनी प्यारी बड़ी दीदी की चुदाई ऐसी ही करूँगा, फिक्र मत करो।अब मैंने खड़ा होकर दीदी को गोद में उठा लिया और उनको उनके बेडरूम में लेकर आ गया. अगले दिन पिताजी को बोला, तो वो भड़क गए, बोले- सगे सम्बंधियों के न्यौते के बाद चले जाना. वरना मैं अपने पति के अलावा किसी और के साथ सोने के बारे में सोच भी नहीं सकती हूं.

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फिर मामी ने मैक्सी पहनी और अपनी पैंटी ढूंढने लगीं, जो उन्हें मिल नहीं रही थी. मस्त चूत वाली लड़कियों, प्यारी भाभियों और सेक्सी आंटियों को मेरे खड़े लंड का नमस्कार. कुछ देर तक इसी तरह जबरदस्त रगड़ने वाली चुदाई करके वो सीधा होकर बैठ गया.

मैं बोला कि अभी तो तुम लेकर आयी थी, वो वाले सही नहीं हैं क्या?वो बोली- नहीं, वो बात नहीं है. मैं चिहुंक कर हटी, तो दूसरी पिचकारी का फुहारा मेरी सीधे नाक पर गिरा, तीसरा मेरे होंठों पर … और इस तरह वो पूरी तरह झड़ गया.

उसे हमने ही पाला पोसा है क्योंकि आरज़ू के असली अम्मी अब्बू एक सड़क हादसे में चल बसे थे.

मौसा ने मामी की चूत पर थोड़ा सा तेल लगाया और थोड़ा सा तेल उनके दोनों गोल मम्मों पर लगा कर मालिश की. मैंने अन्दर का जो सीन देखा था, वो वास्तव में गर्म कर देने वाला सीन था. इनको रोज किसी न किसी बहाने से छुट्टी चाहिए होती है और हमारा इनके बिना काम भी तो नहीं चलता.

चाची अपनी चाय लेकर मेरे सामने बैठ गईं और पूछने लगीं- तुम्हारी कोई गर्लफ्रैंड नहीं है क्या?मैंने कहा- नहीं है. माँ की फटी चूत का गर्म माँस फ़ैल कर मेरी करकरी झाँटों को भिगो रहा था. अम्मी ने अपने दोनों चूतड़ों को हाथों से फैला रखा था और उनकी आंखों से आंसू आ रहे थे.

मगर उसने खुद पर काबू करते हुए कहा- प्रीति तुम ये क्या कर रही थी … कल ऑफिस में मिलना.

हिंदी बिहारी बीएफ सेक्सी: तना हुआ लंड मैंने हाथ में लेकर कहा- पापा ये क्या है? आप नहीं सुधरोगे?वो बोले- मैंने जानबूझकर नहीं किया. फिर जबसे हम दोनों कॉलेज में आए, हम एक-दूसरे के साथ और भी ज्यादा समय बिताने लगे थे.

मैं उसके पास ही खड़ा हो गया ताकि जब मेट्रो आये तो कम से कम एक बार इसकी गांड पर लौड़ा टच ही हो जाये. उसके बाद शायना ने अपनी 52 साल की विधवा आंटी की चूत चुदाई भी मुझसे ही करवाई. टोल नाके पर बस धीरे धीरे लाइन में आगे बढ़ रही थी और हम टोल नाके की बल्ब की रौशनी में चादर के अंदर धीरे धीरे चुदाई करने लगे.

राधिका और मोनिका दोनों की शर्ट में उनकी ब्रा को महसूस किया जा सकता था.

मेरी आंखें दर्द से उबल आई थीं मुझे ऐसा लग रहा था, जैसे मेरी गांड में कोई गरम सरिया पेल दिया गया हो. कभी कभी मैं अंतर्वासना पर कहानियाँ पढ़ लेता था तो सोचा करता था कि ये सब कहानियां काल्पनिक होती हैं. कुछ देर बाद मैंने एक ही झटके में पूरा लंड अपनी बेटी की गांड में पेल दिया.