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फिर मैं उसको किस करते हुए नीचे की ओर आया और उसके पैर के अंगूठे को चूसने लगा.मैं सारी रोमांटिक फिल्मों के नाम बता रही थी और शुभम सारी ऐसी फिल्मों के नाम बता रहा था, जिसमें स्टोरी कम और सेक्स सीन ज्यादा थे.

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मेरी हाइट 6 फिट, लण्ड का साईज 8 इंच है। देखने में एकदम हैंडसम हूं और फिट शरीर है मेरा.

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उसने रोना बंद किया और फिर से आगे बताने लगी कि उसने अपनी मन की वासना को कैसे दबा कर रखा. मैंने अपनी कजिन से पूछा- ये सब कौन हैं और ये कौन सी जगह है?तो वह कहने लगी- यह गुदड़ी बाजार है. फिर उनमें से एक लड़का दूसरे साथी से बोला- यह लड़का थोड़ी देर मेरे पास बैठेगा.

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उनको घर में अकेली पाकर मेरे मन में सेक्स के ख्याल आने शुरू हो गये थे.

मेरी तेज सांसों की आवाज सुनकर वो दोनों हड़बड़ा गयीं और बड़ी बहन उठ कर कपड़े पहनने लगीं.

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उसने कोमल के पूछने पर उसको बता दिया था कि अगले सप्ताह सागर उससे मिलने आ रहा है. तुम्हारे जैसा माल मेरे घर पर होता तो उसको मैं सुबह शाम नंगी रखता और उसको जबरदस्त चोदता. यश एकदम से मेरी ब्रा में कैद मेरे रसीले मम्मों को देख कर मानो बौरा गया था.

मैंने उन्हें और तड़पाना चालू किया, मैं बार बार उनकी चूत चाटते वक्त बीच में रुक जाता.

उसके बाद अनमोल राजा से बोला- इसकी गांड देख लो … पसंद आ रही हो तो लंड खड़ा कर लो. ये स्टोरी लिखते हुए भी जब मैं वो सीन याद कर रहा था तो मेरा लंड खड़ा हो गया था. मैंने उसे अपने लंड की तरफ इशारा किया, तो वो झट से मेरे लौड़े पर टूट पड़ी और ऐसे चूसने लगी, जैसे बहुत दिनों बाद किसी बच्चे के हाथ में लॉलीपॉप लग गई हो.

दोस्तो, आपको मेरा पहला सेक्स अनुभव कैसा लगा इसके बारे में अपने विचारों से जरूर अवगत करायें. उस सीन को देख कर मुझे मेरे एक्स बॉयफ्रेंड के लंड की याद आयी और मेरा हाथ अपने आप मेरी जीन्स पर चला गया. वो इस झटके को सहन नहीं कर पाई और चिल्ला उठी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ और रोने लगी.

तो मैंने कहा- क्या देखा?पति ने मुझे अपनी उंगली दिखाई जो मेरी चूत के पानी से भीगी हुई थी.

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बीएफ बीएफ बीएफ दिखाइए मेरी सहेली ने मेरे उमेश को बड़े ध्यान से देखा और हम लोग सीधे मेरे बेडरूम में आ गए. वैसे मेरे मामा का दिल्ली में ही कारोबार है तो परिवार के साथ वो दिल्ली में ही रहते हैं.

बीएफ बीएफ बीएफ दिखाइए उन्होंने मेरी गांड के छेद पर थूक लगा दिया और एक ही झटके में पूरा लंड मेरी गांड में पेल दिया. जैसे ही उसका हाथ मेरे गर्म से सोये हुए लंड पर लगा तो लंड में करंट सा दौड़ गया.

मैंने कहा- आह्ह मेरी जान … आज तो तुम्हें देखकर मेरे मन में हवस का तूफान सा उठ गया है.

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काफी गद्देदार चूचियां थीं, बेहद मुलायम लग रही थीं छूने में उनकी चूचियां. उसने कहा- अरे यार ऐसा कुछ नहीं था … मुझे क्या मालूम था कि तुम मुझसे किस वजह से नम्बर मांग रहे थे. शायद यही वो टर्न था, जब मेरी नजरें भाभी के मदमस्त जिस्म की तरफ बदलना शुरू हो गई थीं.

उसके बाद बस हम दोनों ने एक दूसरे पर चुम्बनों की बारिश सी कर दी और फिर एक दूसरे की बांहों में लेटे हुए तेज़ तेज़ साँसें लेने लगे. काको मस्ती में मेरे लंड को चूस रही थी और रानी अपनी चूचियों को सिसकारियां लेते हुए दबवा रही थी. उसने पहले तो लंड को हाथों में लिया और धीरे धीरे सुपारे पर अपनी जीभ फेरते हुए लंड चाटने लगी.

कुछ ही पलों में मैंने उसकी ब्रा को निकाल दिया और उसके चूचों को चूसना चालू कर दिया.

क्या मेरी प्यारी बहना अपनी चुदाई मुझसे करवाएगी?पीहू ने कहा- भैया, आप मेरे साथ कुछ भी कर सकते हैं. मैं पढ़ने में ठीक ठाक था तो उसने एक दिन मुझे बोला- एग्जाम आने वाला है, मेरी थोड़ी मदद कर दो!मैंने हाँ बोल दिया और बोला- घर आ जाना. खैर मेरी बीवी पैंटी ने अपनी निकाली और अपने दोनों कूल्हों को दोनों हाथों से पकड़ कर फैला दिया.

हमारे बीच में कुछ औपचारिक बातें हुईं और उसने कहा- ठीक है, मैं एक बार मां से बात कर लेती हूं उसके बाद ही आपको कुछ ठोस जवाब दे पाऊंगी. उसके बाद बहन ने मेरे रूम का गेट खोल कर अन्दर झांक कर देखा, तो उसको तकिया के ऊपर चादर देख कर लगा कि मैं सोया हुआ हूँ. लेकिन औपचारिक मुस्कान से ज्यादा उसने कोई संकेत नहीं दिया था अभी तक.

यहां तक कि जब मैं बस से अपने गांव जा रहा था तो यही सोच रहा था कि रास्ते में भी कोई चूत चोदने के लिए मिल जाये. मगर उस दिन मैंने पति को 20 मिनट पहले जिम भेज दिया और बिना दरवाजा लॉक किये नंगी लेट गयी.

मैंने कहा- हाँ बेटा, बहुत जोर से वैसे आपकी मम्मी आपके पापा के साथ सोने जा रही है. मैंने कहा- ठीक है … लेकिन घर जाने से पहले …उसने कहा- जाने से पहले क्या?मैं उसकी तरफ को हुआ और अपने होंठों को उसके होंठों पर रखकर एक डीप किस किया. थोड़ी देर बाद मुझे आंख लग ही रही थी कि अचानक मेरी जांघों पर कुछ कोमल गद्दे सा एहसास हुआ.

मेरी बीवी लाइव आ गई फेसबुक पर … कैमरा मैं अपनी बीवी की चूचियों पर ले गया.

चाची बोली- अगर तुम कहो तो मैं तुम्हें नहला दूं?मैंने कहा- नहीं चाची, मैं नहा लूंगा. फिर उसे पलट कर चूतड़ों के ऊपर के इलास्टिक को पकड़ कर बांए चूतड़ों के नीचे, फिर दांए चूतड़ों के नीचे … क्योंकि औरतें के चूतड़ों के नीचे पेन्टी खींचने में ही मशक्कत करना पड़ती है. इसलिए जब मुझे लगा कि मेरा काम होने वाला है तो मैंने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया.

उसके बाद उसने मेरी गांड के छेद पर रख कर जोर से धक्का मारा तो उसका सुपारा मेरी गांड को चीरते हुए अंदर घुस गया।मैं दर्द से चिल्लाने ही वाला था कि उसने अपना हाथ मेरे मुँह पर रख दिया. कुछ पल बाद मैं उसके पेट से होता हुआ चूत तक आ गया और उस पर किस कर लिया, तो वो फिर चिहुंक उठी और चुदाई करने की कहने लगी.

मैंने कहा- ठीक है … लेकिन घर जाने से पहले …उसने कहा- जाने से पहले क्या?मैं उसकी तरफ को हुआ और अपने होंठों को उसके होंठों पर रखकर एक डीप किस किया. मैंने जोर लगा कर धक्का दिया तो लकड़ी का वो दरवाजा धीरे से हटकर खुल गया. चूंकि हम दोनों रात भर सो नहीं पाये थे इसलिए काफी थके हुए लग रहे थे.

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धीरे धीरे भरत की शादी को दो साल हो गये और कोई बच्चा पैदा नहीं हुआ तो सास ने बहू को ताने मारने शुरू कर दिये.

मेरी सेक्स कहानी एकदम सच्ची है, इसमें किसी किस्म की कोई फेंका फांकी नहीं है. इसके बाद वो मेरे बाकी कपड़े ले आई जिसे पहनने में भी उसने मेरी मदद की. उसने मुझे वहां से जाने के लिए कह दिया और उस जवान लड़की की चूत चोदने की मेरी इच्छा अधूरी रह गयी.

मैं अपनी चूचियों को आपस में मसलने लगी और जांघों और पेट को भी सहलाने लगी।मैं एकदम गर्म हो चुकी थी क्योंकि मेरे पति भी डेढ़ साल से विदेश में ही थे और कितने दिन हो गए थे मैं चुदी भी नहीं थी. मैंने हिम्मत करके उसे बोला की आपको ठंड लग रही होगी आप मेरी चादर शेयर कर सकती हैं. बीएफ फिल्म पंजाबीबात ही बात में पता चला उसका पति कहीं बाहर नौकरी करता है और घर कम ही आ पाता है.

मैं भाभी के स्तनों को जोर से पी रहा था और वो भी मस्ती में होकर अपनी चूचियों को चुसवाने का मजा ले रही थी. वो बहुत तेज चीखी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ लेकिन घर में किसी के न होने की वजह से उसकी चीख वहीं दब कर रह गयी.

यूं ही मिलते और एक दूसरे को गर्म करते हुए हम दोनों को बहुत दिन हो गए थे. उसने अपनी बांहें फैला दीं तो मैंने भी उसे मैंने उसको अपनी गोद में बैठा लिया और खिलाने लगा. हम दोनों उधर की खूबसूरती को देखने में मस्त हो गए कि समय का मालूम ही नहीं चला कि कब दोपहर गुजर गई और उधर टहलने वाले सभी टूरिस्ट भी चले गए.

लंड को बाहर निकाल कर उस पर हार्ड डॉटेड कॉण्डोम चढ़ाकर उसकी चूत में डाला तो लम्बी सी आहह. उस समय उसने पटियाला भारी सलवार व कुर्ती पहनी थी जो दिल्ली की कुड़ियों की पहली पसंद है. बल्कि मुझे हिदायत दे डाली कि कमी तुम्हारे ही अंदर है, तुम्हें जांच करवानी चाहिए.

उसने सांस भरते हुए अपने आंसू पौंछे और बोली- चल चोद साले … जितना दम है लगा दे … मैं भी तो देखूँ.

उस वक्त शोर शराबा बंद हो जाता था और मैं ज्यादा ध्यान से और मन लगाकर पढ़ पाती थी. मेरा एक हाथ उसकी चूत को सहला रहा था, तो छोटी एक हाथ से बड़ी के मम्मे को मसल रही थी.

मैंने उससे पूछा- क्या आप दोनों को मालिश करवाना है?उसका जबाव था- नहीं मुझे नहीं, मेरी बीवी को बॉडी मसाज करवाना है. मुझे यहां जॉब मिल गयी है, क्या किराये पर रूम मिल सकता है?तभी उन्होंने आवाज लगाई- किशोर, कोई रूम के लिए आया है!थोड़ी देर में अंकल का बेटा आया, उससे मेरी रूम के लिए बात हुई लेकिन वह ‘बैचलर को रूम नहीं दूंगा’ कह रहा था. मैं- वो मेरी मम्मी हैं … तेरी नहीं और जब मां हो ही इतनी हॉट, तो बेटों का तो मन करेगा ही उनको छूने का और चोदने का.

बात करने पर पता चला कि रिश्तेदार के दोस्त पार्किंग का ठेका लिया करते थे. मैं उसी के साथ टहलता था और उन्हीं के घर पर सोता था।मैं जब गया तब मैं अपनी सेकंड नंबर वाली मामी की मुलाकात करने गया. इसी बीच सीट अड्जस्ट करने में मेरा हाथ एक दो बार अमीषा के मम्मों को टच कर चुका था, पर उसे पता था कि ये अंजाने में हुआ है तो उसने कुछ नहीं कहा.

बीएफ बीएफ बीएफ दिखाइए थोड़ी देर बाद हाथों में ट्रे लेकर एक सांवले रंग की लड़की ने कमरे में प्रवेश किया, तो मैं समझ गया कि मेरी होने वाली भाभी यही हैं. धीरे से बोली- वाउ इतना लंबा और मोटा!अब मैं मेरे अगले दांव की तरफ बढ़ने लगा.

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लेकिन उसका रंग रूप देख कर मेरा दिल करता था कि इसे अभी पकड़ कर चोद दूं. मैंने इसीलिए बब्बूगोशा कहा है, वैसे लोग इसे बग्गूगोशा भी कहते हैं, लेकिन बब्बू कहने में बुब्बू का अहसास अन्दर तक सनसनी कर देता है न … इसलिए बब्बूगोशा लिखा है. मैंने अपने होंठ खोल कर उनके जीभ को रास्ता दे दिया, तो उन्होंने मेरे होंठों को अपने होंठों में भर लिया और चूसने लगे.

भैया भी जान गये कि उनकी चुदक्कड़ बीवी एक बार फिर से गर्म हो गयी है. मेरा दिमाग अब पापा जी के बारे में ही सोच रहा था और मेरी चूत गीली होती जा रही थी. सेक्स बीएफ बीएफ बीएफ बीएफयह सुनकर उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था, वो बोली- तो क्या मैं केक काट लूं?मैं बोला- हां काट लो.

मुझे लंड देखते ही उसने अपनी पैन्ट का हुक खोला और पूरा लंड बाहर कर दिया.

एक पल के लिए हम लगभग चुंबन कर रहे थे और मुझे लगा कि जैसे आज तो सब कुछ हो ही जाएगा. उन दोनों ने रानी की चूत को चाट कर साफ कर दिया और फिर मेरे लंड को भी चाट कर साफ कर दिया.

मैंने तुरंत सोचा कि अगर कुसुम मुझे किस करने से मना करती है तो अगली बार मैं शालिनी पर ट्राय मार सकता हूँ. एक दिन मैं भाभीजी के घर पर गया और मैंने उनसे वही वीडियो साथ में देखने के लिए कहा. मैंने उसकी गर्दन पर एक लव बाईट किया … ताकि उसे कुछ दिनों तक ये समय याद रहे.

मैंने फिर से लंड सैट किया और झटका लगा दिया … मगर उसकी कसमसाहट के कारण लंड फिर से फिसल गया.

घुटनों तक पैंटी करके मैं उनकी जांघों पर चाटने लगा, इससे वो एकदम मचलने लगीं और अपनी टांगें हवा में उठाने लगीं और चादर को और भी जोर से दबोचने लगीं. पर जड़ी बूटी और शायद क़ुतुब के चूरन का असर अभी तक खत्म नहीं हुआ था, सो निजात पाने के लिए छोटी ने मेरी सहायता करने के लिए मेरे ऊपर आकर लंड को अपने चूत पर सैट करके धक्का लगा दिया. थोड़ी देर के बाद एक बुजुर्ग अपनी बकरी लेकर आया और बकरा देने का गुहार लगाई.

आंटी की चुतवो बोली- आह्ह … मेरे राजा, तुम्हारे लंड के लिए मैं बहुत दिनों से तड़प रही थी. अब आगे:खाना खत्म करके पापा जी दुबारा टीवी देखने लगे और मैं उनके लिये रसगुल्ला लेकर आयी- पापा जी, ये लीजिये!पापा जी बोले- कोई खास बात है क्या आज?मैंने कहा- नहीं पापा जी, बस थोड़ा स्वीट खाने का मन था.

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जैसे ही यह तुम्हारे शरीर के अंदर जायेगा तो मुझे स्वयं ही समस्या के बारे में पता लग जायेगा. अब अभिनव अभी थोड़ा होश में आ गया और उसने मां के निप्पल को छूना शुरु किया. मैंने कुछ देर तक मॉम की चुत सहलाई और उनका इशारा समझते ही मैं लंड पेल कर चोदना शुरू कर दिया.

’ कहते हुए मेरे लंड से खेलने लगी और लंड की खुशबू से पागल होकर सुपारे को चाटने लगी. उमेश ने अपने कपड़े पहने और मुझसे बोला- सविता, तुम भी बस टीशर्ट पहन लो … अब इतनी रात को घर ही तो जाना है … अब कौन देखेगा. अभी आधा घंटा हुआ ही था कि अस्पताल का सिपाही आ गया और उसने पूछा- खाना लाऊं क्या सर?मैंने उससे बोला- नहीं मुझे भूख नहीं है.

मेरे प्रिय पाठको, आपको मेरी कहानी कैसी इसके बारे में अपनी राय मुझे जरूर भेजें. वो अपने पेट के बल लेटी हुई थी और मैंने उसकी पीठ पर अपनी छाती रखी हुई थी. एक पल के लिए नाना जी के निधन की खबर सुनकर मेरे मन में बहुत दुख हुआ.

क्या बताऊं दोस्तों मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ … और मैं उसी वक्त उसके होंठों को किस करने लगा. इसके लिए आपको पहले मुझे मेल करनी होगी, मुझे बताना होगा कि आपको मेरी हिंदी सेक्सी स्टोरी कैसी लगी? … फिर देखूँगी.

फिर मैंने कमर को छोड़ कर उसके पैंटी में हाथ डाल दिया, मेरा हाथ गीला हो गया.

क्या मामला है, इनका परिवार कैसे बनेगा? पति पत्नी एक साथ नहीं रहेंगे तो गृहस्थी कैसे बनेगी?मेरी पत्नी हमेशा एक ही जवाब देती- मुझे खुद समझ नहीं आ रहा और मम्मी से पूछती हूँ तो उनका भी ऐसा ही जवाब होता है. हिंदी में बीएफवो हंस दिया और उसका हाथ उसके लोअर के उस भाग पर चला गया, जहां मेरे मतलब की चीज थी. वीडियो ब्लू पिक्चर दिखाइएफिर मैंने धीरे से उसकी चूत के दाने पर जुबान रख दी और उसको अपनी जीभ से सहलाने लगा. मेरा लंड उसकी गांड के दो पहाड़नुमा उभारों के बीच में फंसने की कोशिश कर रहा था.

जो वासना मेरे अन्दर जाग रही थी वही वासना उसके अन्दर भी जाग गई थी मेरे लिये.

फिर स्पर्म डोनर बनने का इतना बड़ा सच छुपाना मेरे लिए बहुत बड़ी चुनौती थी. काफी दिन होने के बाद भी जब संतान नहीं हुई, तो हम लोग ही परेशान रहने लगे. इंस्पेक्टर तो मुंह खोले मुझे देख ही रहा था और वो आदमी जिसकी बाईक टकराई थी वो भी मुंह खोले मुझे देख ही रहा था.

मेरे हाथ में उनकी पेंटी थी, मैं उनकी चूत के पास वाले हिस्से को सूंघ रहा था और मज़े में मुठ मार रहा था. यह कहानी आज से 1 साल पहले की हैएक दिन जब मैं फ्री था तब मैं मेल चेक कर रहा था और उसमें मैंने देखा कि एक लेडी की मेल आया हुआ है जो मेरे से सर्विस लेना चाहती थी. मेरे हाथ में मलहम लगाने के बाद उससे मेरी टांग पर मलहम लगाते नहीं बन रही थी.

मीराताई महाराज खरात पाटील

मैंने कहा- तुम खुद ही डाल लो मेरी जान।रूबी ने अपने हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत पर सेट कर लिया. ये सेक्स कहानी तब शुरू होती है, जब मेरे पिताजी मेरी मां को छोड़ कर किसी ओर औरत के साथ चले गए थे. मैंने जान के अपनी टांगें थोड़ी फैला दी और टेबल के नीचे घुस के मोबाइल खोजने लगी.

मैंने उठ कर लाइट चालू कर दी, तो उसने अपना चेहरा दोनों हाथों से ढक लिया.

हमने जल्दी से खाना खा लिया और भाभी के रूम में मूवी देखने के लिए पहुंच गये.

दस मिनट तक गांड चोदने के बाद उसने मेरी बहन को वहीं मेज पर लिटा दिया और एक बार फिर से उसकी गांड में लंड को पेल दिया. वो काफी असहज हो गयी थी मगर फिर भी मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर बर्दाश्त करने की कोशिश कर रही थी. सपना चौधरी रीमिक्स”वैसे भी मैं उनके घर अक्सर आया करती थी, पर आज अंकल अजीब नजरों से मुझे देख रहे थे.

यह देख कर मैं बहुत खुश हुआ कि मेरी बीवी इतनी मस्त है जिसे हर कोई चोदना चाहता है. मुझे गुस्सा इसलिए आया कि आपने मुझसे झूठ कहा कि वह आदमी आपका रिश्तेदार है. जब मैं उनके पास पहुंचा तो उन्होंने मुझे देख कर कुछ अजीब तरह से रिएक्ट किया जैसे कुछ छिपाने की कोशिश कर रहे हों.

मैंने जो लड़की पटाई हुई थी उसको मैंने उन्हीं खंडहरों में आने के लिए कहा. मैं उसकी तरफ देखने लगा और उससे कहा कि तुम अन्दर कमरे में चलो, मैं तुम्हारी प्यास बुझाने के लिए कुछ करता हूँ.

पांच बजे वाले बैच में मुझे संख्या कम लगी इसलिए मैंने उसी बैच में आने के लिए हां कर दी.

मैं उस हसीना को किस करते करते अपने दोनों हाथ उसके कंधे से लेकर उसकी पीठ से होते हुए उसकी कमर पर ले गया. इसके बाद मैं उठी, तो उमेश ने मेरे मुँह को चूसते हुए अपने लंड के रस का मजा लेना शुरू कर दिया. तभी सोनल ने लंड को अपने मुँह में दबाए हुए ही अपनी पोजीशन बदली और अपनी चूत को मेरे मुँह पर रख चढ़ गई.

भाभी की गरम चूत उसके इशारा करते ही मैं स्खलित हो गया और नीतू मेरा पूरा वीर्य पी गयी. मैंने अगले ही पल उसके होंठों पर अपने होंठों को रख दिया और उसे चूमने लगा.

शोभा की ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह… उईई आआआ’ की आवाज मुझे और तेजी से चोदने को मजबूर कर रही थी. इन घटनाओं में से कुछ किस्से ऐसे होते हैं कि जिनको कभी भी भुलाया नहीं जा सकता. तुम्हें मेरी चूत को चूसने में क्या दिक्कत है? मुझे तुम्हारी ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आ रही राहुल.

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रानी की शादी के दो हफ्ते पहले ही मेरा बच्चा रानी की चूत में बैठ गया था. मैंने उसकी गांड को थाम लिया और उसकी गांड में लंड को अंदर धकेलने लगा. राजा एकदम से खड़ा हुआ और उसने मेरी बहन को उल्टा करके उसका स्कर्ट पीछे से उठा दिया.

अब मैं मात्र जेब खर्च के कुछ सौ रुपये कमाने नहीं बल्कि किसी दंपत्ति को खुशी देने के लिए जाता था. ये नज़ारा देख मेरा लंड फटने को होने लगा, पैंट से बाहर आने को मचलने लगा और पैंट में तम्बू बन गया.

उसके जाते ही एक खनखनाती सी आवाज मेरे कानों में पड़ी- सुनिए!मैंने पलट कर देखा तो बस देखता ही रह गया.

मैंने कहा- आप ये क्या कह रहे हो?दरअसल मुझे पता था कि वो दोनों मेरी चूत चोदने की फिराक में थे. एक पल बाद मैंने अपनी जीभ उनकी चूत की दरार में फेर दी, जिससे वो तड़प उठीं और मैम अपने हाथों से मेरा मुँह अपनी चूत में दबाने लगीं. पापाजी का ऐसा फोरप्ले बर्दाश्त नहीं हुआ और मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया.

उसकी कुछ अन्य तस्वीरों से लग रहा था कि वो भी हमारी तरह काफी पार्टीज करती है और जीवन को एन्जॉय करती है. मैं एकदम से चिल्ला उठी … पर उमेश ने कुछ देर तक मेरी एक न सुनते हुए मुझे कुतिया बना कर चोदा. बहुत देर तक दीदी के मम्मों को दबाने के बाद भी जब दीदी नहीं उठी, तो मेरी हिम्मत और भी बढ़ गयी.

फिर मैंने उसके पूरे शरीर पर चॉकलेट लगाई और धीरे से पहले उसके चेहरे से सारी चॉकलेट चाटी, फिर उसके होंठों से, फिर उसके क्लीवेज से और मुलायम मोम्मे चूस चूस कर साफ कर दिये.

बीएफ बीएफ बीएफ दिखाइए: उसके बाद मैंने रूबी को गोदी में उठा लिया और उसको बेडरूम में ले गया. दो तीन घण्टे बाद मेरी नींद टूटी तो देखा कि उसका लण्ड मेरे गांड में घुसा हुआ था और वो धीरे धीरे मेरा गांड बजा रहा था.

जब पढ़ने के लिए बटन दबाया, तो देखा कि उसने सारे मैसेज डिलीट कर दिए थे. अगली सुबह मैं उसके लिए घर से खाना पैक करवा कर ले गया और उसको खाना खिला दिया. पीहू मदहोश हो गयी थी।फिर मैं उसके होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसने लगा, वो भी मेरा साथ देने लगी.

मेरा आज तक काफी लड़कियों पर मन आया है, कुछ से बात भी हुई और कुछ को किस तक किया, मगर मैंने इतनी ख़ूबसूरत महिला आज तक कभी नहीं देखी थी.

थोड़ी देर सभी दोस्तों से बात हुई, उसके बाद उन लोगों ने अंताक्षरी खेलने का प्रोग्राम बनाया. पहले वाले ने लंड को बाहर निकाला तो मेरे मुंह से सिसकारियां निकल रही थीं. मैं अगले ही पल अपना मुँह उसकी चुत के पास ले जाकर नाक से सूंघने लगा.