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लेकिन मुझे पास जरूर करवा देना !सर की पत्नी घर पर नहीं थी।सर- मेरे पास आओ !मैं सर के पास चली गई।सर– गोपी, मुझे खुश करना शुरू करो…मैं तो पास होने के लिए कुछ भी कर सकती थी इसलिए मैंने सबसे पहले सर के सामने अपने मम्मों को दबाया. बीएफ पिक्चर पिक्चरदस मिनट तक इसी स्थिति में रहने के बाद दीदी नीचे लेट गई और वो आदमी दीदी के ऊपर आकर दीदी की चूचियों को चूसने लगा.

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लेकिन राज हमें ही देख रहा था और मैं महसूस कर रही थी कि जिस तरह जॉय मेरे बदन को छू रहा था, राज को अच्छा नहीं लग रहा था।म्यूज़िक बज रहा था और जॉय के हाथ बेरोकटोक मेरे बॉडी के एक्सपोज़्ड हिस्सों पर घूम रहे थे।तब तक उसे काफ़ी चढ़ चुकी थी तो अब उसके हाथ मेरे बदन पर उस जगह भी फिर रहे थे जहाँ उन्हें नहीं पहुँचना चाहिए था.अगर वो मान गई तो उसकी भी बजा दूँगा।नीलू और रोजी की चूतों को याद करते हुए मैं मजे से गाड़ी चलाता हुआ जा रहा था कि.

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उसने भी कुछ ऐसा ही पहना हुआ था, इस समय जो सबसे आकर्षित करती है वो है औरत की साँस, और हर साँस के साथ ऊपर नीचे होती उसकी चूचियाँ, जिनको देख के मैं तो पागल ही हुआ जा रहा था.क्या हुआ मज़ा आ रहा था रोनू…!रेहान- जान जल्दी से घोड़ी बन जाओ, अब मेरा पानी निकालने वाला है, तुम धीरे-धीरे कूद रही थीं, अब देखो कैसे तुम्हें घोड़ी बना कर सवारी करता हूँ।जूही घोड़ी बन जाती है, रेहान उसकी गोरी गाण्ड पर हाथ फेरता है।रेहान- वाह जान.

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मेरे पति का लण्ड तो केवल सात इंच लंबा और दो इंच मोटा है तथा अत्यंत आनन्द देता है, लेकिन पापाजी का यह लण्ड महाराज कैसे मज़े देगा मैं इसके सपने लेने लगी थी तथा अपनी चूत उस को डलवाने की योजना बनाती रही. क्या मस्त उठे हुए थे मेरे ख्याल 36 साइज़ के रहे होंगे।बहुत मस्त ग़ोरी लौंडिया मुझे तो एक माल लगती थी वो. बुला ले।’रात के 11 बजे का हम दोनों इंतजार करने लगे।आखिर वो पल्सर से आया। साला मुझसे 1 या 2 इंच लम्बा होगा। देखने में कोई बहुत स्मार्ट भी नहीं था।तो यह था, जिसने मेरी बीवी की सील तोड़ी है.

करो ना… अह्हा अह्ह्हह्ह्ह उउउउउउ…मैं- भाभी एक बात बोलूं?नलिनी भाभी- अब कुछ मत बोल… अह्ह्हाआआ केवल अपना अंदर डाल दे… अह्ह्हाआआआ बहुत मजा आ रहा है… अह्ह्हाआआ जल्दी कर ना…मैं- नहीं भाभी, इसको जितना करेंगे उतना मजा आएगा… आप देखना. मैं- ठीक है, जैसी आपकी मर्ज़ी…पूजा ने टी-वी ओन किया और चैनल बदल-बदल कर देखने लगी, कुछ देर बाद उसने टीवी बंद कर दिया. कोई बात नहीं ! जब एक रोटी हो और दो भूखे हों, तो बाँट कर खाने में ही अकलमंदी है। दोनों मिल कर तेरी चूत चोदेंगे.

बाप रे…!’‘क्यों भाभी, भैया आपके साथ ये सब नहीं करते हैं?’‘तुझे क्या मतलब…? और तुझे शादी से पहले ऐसी फ़िल्में नहीं देखनी चाहिए।’‘लेकिन भाभी अगर शादी से पहले नहीं देखूँगा तो अनाड़ी न रह जाऊँगा। पता कैसे लगेगा कि शादी के बाद क्या किया जाता है।’‘तेरी बात तो सही है. मेरी परी … आह …”मेरे धक्कों की गति और उखड़ती साँसों का उसे भी अंदाज़ा तो हो ही गया था। उसने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया और मेरी कमर के दोनों और अपनी जांघें कस ली।आह… जीजू ……………. ‘यहाँ!’ रीटा अपने उठते-गिरते चुच्चों की तरफ इशारा कर बुरी तरह शरमा कर हाँफती हुई झटके से राजू से लिपटती हुई बोली.

मैं थोड़ी देर आराम करने के बाद उठ कर पेशाब करने चली गई, पर बाथरूम में मैंने आईने में खुद को देखा तो सोचने लगी कि यदि कोई मर्द मुझे इस तरह से देख ले तो वो पागल हो जाएगा. टीवी ऑन कर लो!फिर उन्होंने अपनी छोटी लड़की को आवाज़ लगाई, वो उनके पड़ोसी के घर में गई थी।तो उन्होंने मुझे बोला- जा मनु.

क्या नज़ारा था…!जन्नत मेरे सामने थी और अगले ही पल मैंने इस बार उसकी चूत को चाटना चालू कर दिया। उसका जो प्री-कम निकला था वो मैं पी गया। उस को भी चूत चटवाने में मज़ा आ रहा था।दस मिनट तक चाटने के बाद मैंने उससे कहा- अब मैं अन्दर डालना चाहता हूँ.

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अब मुझे नींद आ रही है तो अब मैं अपनी नाइट ड्रेस पहन कर सोने जा रही हूँ।हाँ, अगर तुम मेरे बारे में कुछ भी जानना चाहते हो तो इस पेज के नीचे आख़िर में ‘फ्रेंडशिप ज़ोन’ सेक्शन में पूछ सकते हो. सुबह बस पकड़नी है !पर उसने शायद ठान ली थी और मुझे पकड़ कर अपनी बांहों में भर लिया। मैंने उससे विनती भी की कि मुझे छोड़ दे, मेरी हालत ठीक नहीं है. !मैंने दिमाग़ पर जोर डाला कि मैंने रात में चादर बिस्तर से उठाई या नहीं। कुछ याद नहीं आ रहा, शायद नहीं उठाई होगी.

सोनिया ने फिर से कहा- क्या हुआ सायरा? तुझे सुनाई नहीं दिया क्या? मैंने कहा, अभी इसी वक्त अपनी जींस उतार!मैंने कहा- सोनिया, यह क्या कह रही हो?सोनिया बोली- क्या बहरी हो गयी है तू? जींस उतार अभी!मैंने कहा- लेकिन!इतने पर प्रिया बोल पड़ी- सायरा, तुम शर्त हार चुकी हो, इसलिए जो भी सोनिया कहेगी, तुम्हें करना होगा, चल अब जल्दी से अपनी जींस उतार दे. मेरी थोड़ी फट भी रही थी क्यूंकि मैं पहली बार उससे बात करने जा रहा था और अगर उसकी माँ या मेरा मामा देख लेता तो इंटरव्यू हो जाता मेरा तो…फिर मेरे दिमाग में आया कि यार प्यार किया तो डरना क्या ! तो मैंने उससे हिम्मत करके पूछ ही लिया- क्या नाम है तुम्हारा?वो बोली- नीलू”मुझे पहले ही उसका नाम पता था लेकिन बात तो कहीं से शुरू करनी थी न. क्या मेरे लिए तुम इतना सा दर्द बर्दास्त नहीं कर सकती?उसने धीरे-धीरे लिंग को अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया।मेरे लिए यह पल बहुत ही असहनीय था, पर मेरे किसी भी तरह के शब्द काम नहीं आ रहे थे।मैं समझ चुकी थी कि अमर अब नहीं रुकेगा पर फिर भी मैं बार-बार उससे कह रही थी- मुझे छोड़ दो.

आह्ह्ह्हऽऽ’उसकी प्यारी सी मीठी गालियाँ मुझे नया आनन्द करा रही थीं।मेरे शरीर में तरावट आने लगी, सारा जिस्म मीठे जोश से भर गया, मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं कभी ना झड़ूँ.

उसका लंड मेरी चूत के पास रगड़ खा रहा था मेरे बदन में जैसे आग लग रही थी। मैंने उसके हाथ को पकड़ कर अपनी बांई चूची पर रख दिया. !नारायण ने उससे गोद में उठाया और मधु के होंठों से अपने होंठों को चूमने लगा। अब नारायण मधु की गाण्ड को हाथों से सहला रहा था। फिर उसने मधु को घोड़ी बना दिया और उसके पीछे से डालने लगा, लेकिन वो जा नहीं रहा था, क्योंकि मधु थोड़ी मोटी थी।नारायण ने मधु को बोला- जान. तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी और मेरी वैदेही की चुदाई कथा? मुझे तो खूब मजा आया अपनी गर्लफ्रेंड को चोद कर!आप अपने सुझाव मुझे अपने मेल में जरूर लिखें.

!’सुरेश सब कुछ अनसुना करते हुए हेमा को बुरी तरह से धक्के देकर चोद रहा था। हेमा झड़ चुकी थी, पर सुरेश ने उसे ऐसे पकड़ रखा था कि हेमा कहीं जा नहीं सकती थी और उसे जोरों से धक्के देते हुए चोदे जा रहा था।‘बस. ‘भईया बस पाँच मिनट रूको, मैं नेलपालिश लगा लूँ, फिर कार चलाने चलतें हैं!’ यह कह कर रीटा अपने सिल्की बालों को अदा से पीछे झटकती हुई घूमी और चूतड़ों को जोर जोर से दायें बायें मटकाती चल दी. पढ़ाने के लिए कभी कभी घर भी बुलाती थी वह तो वो अपने घर में खुला सा टॉप पहन कर रहती थी, उसमें तो उसके निप्पल और झुकते वक्त पूरी चूचियाँ दिख जाती थी क्योंकि वो ब्रा नहीं पहनती थी घर में.

!वो शरमाई और कहा- मुझे काम है… मैं चलती हूँ।वो जाने लगी, तो मैंने निशा का हाथ पकड़ लिया और कहा- रूको… चाय तो पी कर जाओ।तो निशा ने मना किया।मैंने कहा- प्लीज़.

मैं जयपुर में था और वो जयपुर के पास एक कस्बे में थी तो बस फोन पर ही बातें होती थीं।मैं फोन पर उसे इस बात के लिए राजी करता कि मैं क्या चाहता हूँ। लेकिन लड़कियों की आदत होती है ना कि सब चाहते हुए भी जल्दी से ‘हाँ’ नहीं करती हैं।इसलिए वो भी मना करती थी- किसी को पता चल जाएगा तो क्या होगा जीजू!लेकिन मैंने उससे कहा- किसी को पता नहीं चलेगा. !मैं सुनन्दा को प्यार भरी नजरों से देखता रहा, वो बोली- क्या देख रहे हो मालिक?मैंने कहा- तुम्हें देख रहा हूँ.

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अंकल- अरे कहाँ बेटा, बस जरा सा तो बताया है… बाकी तो तुमको आती ही है… अच्छा अब तुम दोनों एन्जॉय करो, मैं चलता हूँ…मैं- अरे अंकल रुको ना… खाना खाकर जाना…सलोनी- पर मैंने अभी तो कुछ भी नहीं बनाया.

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बहादुर पारो के तरबूज से रसभरे चूतड़ों को हाथों से चोड़ाता बोला- मेरी रानी, मेरे कमरे में चल तो बताता हूँ कि एक औरत दूसरी औरत की कैसे ले सकती है. फिर क्या था मेरे मन में मोर नाचने लगा।मैं उसके पीछे रसोई में चला गया और उसको पीछे से अपनी बाहों में भर कर उसके मम्मे दबा दिए।उसने कहा- छोड़ो. समय दस बजे का पक्का हुआ था और ठीक दस बजने में पाँच मिनट पर पीली शर्ट और काली पैंट पहने एक छ: फुट का हट्टे-कट्टे बदन वाला नौजवान लड़का रेस्टोरेंट में दाखिल हुआ.

बस कद में छोटा था… और पतला दुबला था… उम्र में भी कम था और देखने में उससे भी कम था… लेकिन उसके साथ रहना मुझे अच्छा लगता था…उसने मुझे अपने पास किया और मुझे चुम्बन करने लगा… मैं भी उसे किस करने लगी… और न जाने कब इंटरवल हो गया. तुम्हें अभी खाना भी बनाना होगा और तुम्हारे पति भी आने वाले होंगे।उसने मेरे हाथ में वो सिंदूर की डिब्बी दी और कहा- अब से यही सिंदूर तुम अपनी माँग में सजाओगी. बड़ा मजा आ रहा है और जोर से!फिर मैंने भी उसकी कमर पकड़ कर जोर-जोर से उसकी चूत बजाना शुरु किया और मेरी जांघें और उसके चूतड़ जब मिलते तो ‘फॅट’ की आवाज आती। पूरा कमरा हमारी आवाजों से गूँज रहा था।न जाने कितनी देर तक मैं चुदाई में लगा रहा कुछ याद ही नहीं, फिर जब मैं चरम पर पहुँचा, तो मैंने पूरा जोर लगा दिया और मेरे मुँह से भी सिसकारियाँ निकलने लगीं- आह.

! अब मैं तुम्हें कॉल करूँगी तो आओगे न?मैंने ‘हाँ’ बोला और मैंने रिया की चुदाई के बाद और दो औरतों को जो रिया की ही सहेलियाँ थीं, उनको चोदा!यह थी मेरी सच्ची कहानी आप मुझे जरूर ईमेल कीजिए।[emailprotected].

तभी मेरा ध्यान कमरे के दरवाज़े की तरफ़ गया तो मेरी आँखें हैरानी से फ़टी रह गईं, मेरे सामने चौंका देने वाला नज़ारा था. मैंने पूरी कोशिश की थी कि कच्छी उतारते वक्त ज्यादा नीचे न झुकूँ, नहीं तो मेरी चिकनी जवां नंगी चूत भी अंकुर और दीपक को दिख जाती. थोड़ी देर में ही उसकी चूत भी खुल गई, वो भी अपनी दीदी की तरह जोश में आ गई, उसने अपने दोनों हाथों से मेरी गर्दन को लपेट लिया और मेरे होठों को चूमने लगी.

यह सुन कर मैंने उसे किस किया और उसे घोड़ी बना कर गांड में अच्छे से तेल लगाया, लंड पर अच्छे से मला और गांड पर टिका कर धक्का दिया, एक-एक इंच करके आधा लण्ड घुस गया तो वो कहने लगी- बस अभी इतना ही आगे पीछे करो, थोड़ी देर बाद बाकी डाल देना. मैंने कहा- रूको भाभी, ज़रा आप अपनी टाँगें मोड़ लो, मैं बैठ कर आपकी योनि चाटता हूँ। उन्होंने जैसे ही अपनी टाँगें मोड़ीं, मैंने भी फुर्ती में अपना लिंग उनकी योनि में डाल दिया।पर शायद वो अन्दर नहीं गया था और वो चिल्लाने लगीं- यह क्या कर रहे हो?मैंने कहा- प्लीज़ एक बार डालने दो. उसके बाद से मैं भाभी… या फिर कोई भी भाभी की उम्र की दिखने वाली होती थी, उसको चोदने की कोशिश जरूर करता था… रिश्ते में वो कोई भी लगे… और मैंने ये एहसास किया कि जब आप बहुत पिछड़े इलाके में रहते हैं तो गाँव 80% औरतें चुदाने के लिए तैयार रहती हैं… मैंने किया भी बहुत… मैंने पहले ही आप से बता दिया था कि कई सालों से मैं बुर पीता और खाता आ रहा हूँ तो कारण यही है.

मैं आपको मेरी अगली कहानी में बताऊँगा। तब तक के लिए मेरा नमस्कार।तो मित्रो, मेरी यह कहानी आपको कैसी लगी मुझे जरुर बताना।मुझे आपके मेल का इंतजार रहेगा।[emailprotected]. प्रेषक : नामालूमसम्पादक : जूजा जी‘तुम्हारी कसम मेरी जान… इतनी फूली हुई चूत को छोड़ कर तो मैं धन्य हो गया हूँ और फिर इसकी मालकिन चुदवाती भी तो कितने प्यार से है।’‘जब चोदने वाले का लंड इतना मोटा तगड़ा हो तो चुदवाने वाली तो प्यार से चुदवाएगी ही.

रीटा की टाईट पेंटी चलने की वजह से और ठरक के जूस से इकट्ठी हो कर चूत और चूतड़ों में घुस कर दुबक सी गई थी. आप मेरे मामा हैं…साथ ही उसके होंठों पर एक शरारत भरी मुस्कान भी थी।जो मुझे बहुत अच्छी लगी।मैंने झट से कहा- जिसने की शरम. अगर वो मान गई तो उसकी भी बजा दूँगा।नीलू और रोजी की चूतों को याद करते हुए मैं मजे से गाड़ी चलाता हुआ जा रहा था कि.

उसके दृढ़ और उठे हुए उरोजों को देख कर मैं आपे से बाहर हो गया और उन रेशम से मुलायम उरोजों की चुचूक को अपने मुँह में ले कर चूसने लगा.

तभी मैंने देखा कि दीदी 69 की अवस्था में हो कर लंड चूस रही हैं और नीचे से वो आदमी दीदी की चूत में अपनी जीभ पेल रहा है. घुटनों से ऊपर मोड़ कर एक झटके में अंदर डाला… उनकी आंखें फ़िर बड़ी बड़ी हो गई लेकिन मैंने कुछ देखा नहीं और फ़िर उफ्फ! वो धक्के लगाए कि भाभी की साँस फूलने लगी, वो सिर्फ अआः इश्ह इश्ह्ह्ह्ह आआः कर रही थी।मेरा पूर्वानुमान गलत था कि वो बहु चुदी हैं, वो तो सेक्स की बहुत भूखी हैं!मैं- जानू ऊऊऊ मेरा निकलने वाला है. मेरी किस्मत ऐसी ही रहेगी।मैं आगे बढ़ा और अपना चेहरा आंटी के चेहरे के पास ले गया और कहा- आंटी आप चाहो तो मैं आपकी किस्मत बदल सकता हूँ।आंटी- पर ये सब गलत है, मैं अपने पति को धोखा नहीं देना चाहती।मैं- पर आंटी ये धोखा नहीं.

ठीक है, तुम इन सभी को ले जाओ और इसे छोड़ दो।’ रणजीत ने अपने असिस्टेंट को कहा।सभी लोग चले गए अब सिर्फ़ रणजीत और वो लड़की ही रह गए।रणजीत- तुम्हारा नाम क्या है?लड़की- सीमा।रणजीत- क्या करती हो?सीमा- मैं स्टूडेंट हूँ और पास ही एक हॉस्टल में रहती हूँ।रणजीत- कहाँ की रहने वाली हो?सीमा- जी. और मैं तैयार हो गया मैं तो सांसारिक जीवन कैसे जीते हैं यह सीखना चाहता था पर चाची सेक्स सिखाना चाहती थी.

रोनू- आप कितने अच्छे हो…!रेहान उसके होंठों को पागलों के जैसे चूसने लगता है। उसके मम्मों को दबाने लगता है।जूही- आ…हह. करीब चार महीनों तक हम दोनों के बीच में ऐसे ही बातचीत चलती रहा क्योंकि हमें हम-बिस्तर होने के लिए कोई जगह नहीं मिल रही थी. छोड़ो यह न सोचो क्योंकि मैं होश में नहीं था और उसको चोदने का मन बना डालाऔर वो चुदने को राजी भी थी।सब कुछ होता चला गया।अब मैं शेर था, मेरा हाथ खुल चुका था।शाम को जब वो एक्टिवा खड़ी करने आई, मैंने पूछा- क्या हाल है?उसने कहा- ठीक नहीं है।मैंने कहा- सुबह आ जाना.

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? मुझे पता है यह करने से ही औरतों के बच्चा होता है।‘तू हमे चूतिया समझती है ! सरकार से मिलने वाले पैसे के लालच में हम बहुत पहले अपने लण्ड का कनेक्स्सन कटवाये लिय थे.

उसके मुँह से ‘जान आई लव यू सो मच… बहुत मजा आ रहा है जानू… तुम पहले क्यों नहीं मिले जान… आह… ओह्ह्ह… आअह… और ज़ोर से करो’ की आवाज़ें आने लगी. फिर मोनू बच्चों की तरह ज़िद करने लगा- प्लीज भईया एक-एक मैच, मैं फ़ाइटिंग की डी-वी-डी लेकर आता हूँ, इतन कहकर वो नीचे चला गया. मैं बोला- अभी तो आधा भी नहीं गया और आप चीख पड़ी? और कविता मिस आप में तो हल्का सा भी नहीं गया, आप क्यों चीखी?कविता झेंप गई और बोली- जो कर रहे हो, चुपचाप करो.

इसका मतलब था कि उसका कौमार्य-पट टूट गया था… उसने अपने नाखून मेरी पीठ पर गड़ा दिए… मैं थोड़ा रुक गया उसके सामान्य होने की इंतजार करने लगा…फिर वो बोली- जानू, मुझे अब दर्द नहीं ही रहा आप थोड़ा और डाल दो अंदर…मैंने भी जोश में आकर एक और धक्का लगा दिया… अब मेरा पूरा का पूरा लिंग उसके अंदर था और उसके आँसू निकल रहे थे…मैंने अपने होंठ उसकी आँखों पर रखे और उसके आँसू पी गया…फिर हमने एक लंबा चुम्बन किया. फिर आगे देखते हैं।जमीन पर कालीन बिछा था, तो मैंने उनको उसी पर लिटा दिया और पीठ की मालिश दी और पैर की मालिश करवाने के बाद वह पलटी और बोली- अब जरा अन्दर की दे दो।मैं समझा कि वक्ष की मालिश की दरकार होगी। मैंने जैसे ही हाथ लगाया, वो जोर से बोली- अरे नहीं… यहाँ नहीं नीचे. सुहागरात हिंदी सेक्स वीडियोफिर मैंने कहा- भाभी, मुझे भी मूतना है!तभी भाभी मेरा लंड पकड़ कर अपने मुँह में लेकर बोली- आज तुम्हारा मूत पीना है मुझे.

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चाटो!उसने एकदम से मेरे सर को अपनी चूत में दबाते हुए अपना पानी मेरे मुँह में छोड़ दिया। मैं उसे चाटते हुए मजा लेता रहा।फिर वो कहने लगी- मुँह से जो आग मेरे बदन में लगाई है. मैं आपसे नाराज नहीं हूँ।तो मैंने फिर से उसे पकड़ा और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और वो भी मेरा साथ देने लगी।फिर मैंने अपना हाथ उसके चूचों पर रखा, तो पहले उसने विरोध किया लेकिन बाद में उसे भी मज़ा आने लगा।तभी उसने बोला- कोई देख लेगा।मैंने कहा- आज 12 बजे मेरे कमरे में आना, फिर आराम से बातें करेंगे।वो बोली- ठीक है. ’उसने अपना लौड़ा खोल दिया।मेरी माँ खिलखिला कर हंसती हुई काउंटर पर पहुँची- ओए… चार रॉयल स्टैग की बोतल दे.

मेरी ब्रा उतारो ना!राहुल बोला- यह ले मेरी जान।राहुल ने मेरी ब्रा उतार दी, मैंने अपने निप्पल राहुल के मुँह में दे दिए। करीब 5 मिनट तक वो चूसता रहा। उसकी मदमस्त चुसाई से मैं पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी।राहुल अब अपना करीब 7″ लम्बा लण्ड निकाला तो मैं डर गई और मन ही मन में सोचने लगी कि अब क्या होगा मेरा।राहुल- आज तो फाड़ दूँगा तेरी. आप बिल जमा करा दीजिएगा!तो मैंने उसे कहा- आप शाम को एक बार मुझे याद दिला दीजिएगा ताकि मैं आराम से बिल का भुगतान कर सकूँ।वास्तविकता में तो बिल एक बहाना था, मुझे तो उस खूबसूरत बला की आवाज सुनना था, तो उसने कहा- जैसा आप कहें सर. अब मैं भी सोने लगा था, तभी धीरे से मैंने गेट खुलने की आवाज़ सुनी, मैं कुछ देर तो ऐसे ही बिस्तर पर पड़ा रहा.

मैं तो भाभी को नंगी देख कर बहुत खुश हो गया और चूत को देखा तो शायद भाभी ने सुबह ही अपनी चूत साफ़ की थी.

चुदाई कला में निपुण़, वहशी मोनिका ने जंगली बिल्ली को काबू करने के लिये जवाबी हमले में रीटा की गांड में अपनी थूक से सनी उंगली घुसेड़ कर गोल-गोल घुमाने लगी और चूत के दाने को होठों तले दबा कर जीभ से उस पर चुम्मा करने लगी तो रीटा का बैंड ही बज गया. तुम्हारी बेटी है!मैं यह सुनकर बड़ी मुश्किल से संभला और मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरा हार्ट-फेल ना हो जाए। बहुत मुश्किल से खुद पर क़ाबू पाया। नोशबाह ने उन्हें पानी पिलाया और इसी दौरान सब लोग कमरे में आ गए।सबने पूछा कि क्या हुआ.

फिर डाल लेना।पर मुझे मजा भी आ रहा था, मैंने निकाला और साफ किया।उसने फिर कंडोम लगाया और फिर कहा- अब डालो. आई ऍम सो सॉरी… मुझे लगता है आप बहुत परेशान हैं।मैंने मुड़कर उसे गौर से देखा वो काफी खूबसूरत थी। उसके दूध टी-शर्ट से बाहर आने को बेताब थे और चूतड़ तो जींस में फिट बैठ ही नहीं रहे थे। उसका फिगर 36-30-34 का रहा होगा।मैंने उससे बोला- आप क्यों ‘सॉरी’ बोल रही हैं… गलती तो मेरी है, मुझे ही देख कर चलना चाहिए था।उसने बोला- आप काफी परेशान नजर आ रहे हैं। मैं आपको आपके घर तक छोड़ दूँ?मैंने कहा- रहने दीजिए. आशा ने कहा- यार मेरे घर पर तो फॅमिली है, कविता तेरे घर वाले बाहर गए हैं न, चल वहीं पे!कविता ने मना किया पर और कोई रास्ता भी नहीं था, हम कविता के घर चले गए.

भूले तो नहीं ना मुझे?तो लगी शर्तजीजा मेरे पीछे पड़ागर्मी का इलाजऔरडॉक्टर संग मस्तीआया कुछ याद?हाँ जी आपकी वही शालिनी भाभी जयपुर वाली. आ जाओ।उसे बाँहों में ले लिया और उसे लिए हुए खाने की मेज पर आ गया। खाने की मेज पर कुछ सामान रखा था।रानी ने सामान को अलग कर दिया और वहीं गोल टेबल पर बैठ गई।रणजीत ने भी उससे चिपक कर उसके बालों को सहलाते हुए कहा- बोलो डार्लिंग, क्या बात है बहुत गर्म दिख रही हो. मैंने 20 मिनट चुदाई करके चाची की चूत में ही झड़ गया क्योंकि मुझे पता था कि चाची की नसबंदी का ओपरेशन हो चुका है.

नंगी फिल्म बीएफ वीडियो !तो मैंने कहा- फ़्लर्ट करने का कुछ फायदा मिले, तो काम का है!वो शायद मेरे इरादे समझ रही थी और वो भी सबके लिए तैयार थी तो बोली- मैं आ तो जाऊँगी, पर मेरा क्या फायदा होगा और अकेले तुम्हारे साथ एक कमरे में. उतना जितना अभी तक नहीं हुआ होगा, पर तुमको बर्दाश्त करना होगा।तो वो बोली- इतने समय से बिना चुदाई के बर्दाश्त कर रही हूँ.

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मेरे अन्दर नहीं जाएगा।तब मैंने अपना अंडरवियर उतारा और अपना खड़ा हुआ लंड उसके सामने कर दिया और कहा- जान किस करो न. मुझे मजा आने लगा सहलाते सहलाते उसने अपनी अंमगुली मेरी चूत में डाल दी, मेरे मुँह से चीख निकली तो भाभी पास आई, बोली- बेटे थोड़ा आहिस्ता करो!फ़िर आदिल ने मेरी पेंटी निकाली ओर मेरी टांगों को फैलाया, मेरी चूत को जीभ से चाटने लगा. मैंने उससे बात की तो पता चला कि उसने इसी वर्ष बारहवीं की परीक्षा पास की है और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातिकी कर रही है और इस वर्ष अपने कॉलेज की मिस फ्रेशर भी है।मैं हमेशा से ही चाहता था कि एक सौंदर्य की देवी और प्रेम की मूर्ति मेरे जीवन में भी हो परन्तु आजकल की इस प्रतिस्पर्धा में मेरा यह सपना कहीं खो गया था।इशानी को देखते ही मेरे मन के उस सूने पड़े कोने में जैसे कोई पहली किरण सी पड़ी हो.

अच्छा हुआ मैंने मुँह से करने के लिए ही ‘हाँ’ की है।मैंने भी उसकी ‘हाँ’ में ‘हाँ’ मिलाई और मन ही मन सोचा कि ‘बेटा रुक जा आज इसी लौड़े से तेरी चूत और गाण्ड दोनों मारूँगा और ऐसे मारूँगा कि तुझे इसका नशा सा हो जाएगा, फिर तू ही मेरे आगे हाथ जोड़ेगी कि चोद लो. नहीं तो मैं पागल हो जाऊँगी।मैंने एक ही झटके में लंड को चूत में पेल दिया और लंड चूत में आसानी से चला गया।मैं तो सोच रहा था कि मैं उसको पहली बार चोद रहा हूँ. माधुरी दीक्षित के बीएफथोड़ी देर हम यूँ ही लेटे रहे।फिर वो फ्रेश होकर आई और अपने कपड़े पहन कर तैयार हो गई। मैं तो उसे कभी जाने देना चाहता ही नहीं था, उसका हाथ पकड़ मैंने उसे अपने बाहों में भर लिया, उसकी आँखों में देखते हुए उसे कहा- मैं अपनी बाकी जिंदगी तुम्हारे साथ बिताना चाहता हूँ !उसकी आँखों में आंसू थे, उसने कहा- मैं तुम्हारे लायक नहीं हूँ.

मेरा लंड उसके चूत के गहराई में गया तो उसकी झिल्ली फट गई, वो पूरी तरह चीख पड़ी- आ…ह… जी…जू हाय राम…मैंने कहा- क्या हुआ मोनिका?मोनिका ने दर्द भरे स्वर में कहा- कुछ नहीं जीजा जी! तुम्हारे लंड ने मेरी झिल्ली फाड़ डाली.

मैंने सलोनी का हाथ पकड़ा और उसको कमरे से बाहर ले गया। बाहर आते हुए श्याम भी मिला पर मैं उससे मिले बिना ही सलोनी को ले पार्किंग में पहुँच गया।बाहर की ठंडी हवा ने मेरी आँखों को थोड़ा सा खोला. अभी तो वो कुछ देर पहले ही गई है।’‘अच्छा सुरेश जी।’मैं खाना खाने लगी। खाना बहुत ही अच्छा था, वो मेरे सामने ही बैठे मुझे भोजन कराते रहे।‘अच्छा भाभीजी बताइए.

योनि में जो जैल डाला था, उसके वजह से बहुत आनन्द आ रहा था और लिंग बड़े प्यार से मेरी योनि को रगड़ दे रहा था. फिर बातें करते करते वो बोली- लाओ मेरा गिफ्ट !मैंने उससे कहा- बोलो क्या चाहिए तुम्हें?उसका जवाब था- तुम… !मैं तो हक्का बक्का रह गया, ये क्या बोला उसने. सुबह बस पकड़नी है !पर उसने शायद ठान ली थी और मुझे पकड़ कर अपनी बांहों में भर लिया। मैंने उससे विनती भी की कि मुझे छोड़ दे, मेरी हालत ठीक नहीं है.

मैं- अरे छोड़ो यार ये तो अब… मैंने कहा था ना… चलो गाड़ी में ही बदल लेना…सलोनी- अरे गाड़ी में कैसे… क्या हो गया है आपको जानू?? सब देखेंगे नहीं क्या.

फाड़ दो मेरी चूत आआह्ह्ह…!यह सुन कर मैंने अपने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और उसे तेजी से चोदने लगा।थोड़ी ही देर बाद वह बोली- मैं आने वाली हूँ. ओह… मुझे तो लग रहा है यह फट गई है प्लीज बाहर निकाल लो नहीं तो मेरी जान निकल जायेगी आया… ईईईई…!’मैं उसे बातों में उलझाए रखना चाहता था ताकि उसका दर्द कुछ कम हो जाए और मेरा लण्ड अन्दर समायोजित हो जाए। कहीं ऐसा ना हो कि वो बीच में ही मेरा काम खराब कर दे और मैं फिर से कच्चा भुन्ना रह जाऊँ। इस बार मैं बिना शतक लगाए आउट नहीं होना चाहता था।‘माया तुम बहुत खूबसूरत हो. दृश्य देख करराजू के बिफरे हुआ लण्ड ने पानी के कई टुपके छोड़ दिये- ओहऽऽ रीटा! यू आर सो ब्यूटीफ़ुल!जैसे ही राजू का हाथ शरारत करने के लिये आगे आया, रीटा ने झटपट फुद्दी और गाण्ड को वापिस अपनी टांगो में भींच ली और बोली- नो नो भईया! दिस ईज़ नाट अलाउड.

इंडियन गर्ल्स बीएफदोस्तो, मैं खुद उससे बातें करने को बहुत ही उत्सुक था, उसकी आवाज थोड़ी रौबदार और आत्म-विश्वास से भरी हुई थी लेकिन मेरा दिल धड़कने लगा था उससे बात करते हुए!वो बस एक ही बात बार बार कहे जा रही थी- तुम्हें सेक्स के इतने अच्छे-अच्छे आइडिया कहाँ से आते हैं?और यह भी कि मेरी कहानी वो बहुत बार पढ़ चुकी है, और हर बार उत्तेजित हो जाती है. भाभी हमारे बगल में लेटी हुई थी और हमें देखकर अपनी चूत को मसल रही थी और मैं भाभी के चूचों को दबोच रहा था.

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सच बताऊँ मेरा दिल तो रोज ही चुदवाने को करता है, पर आपको तो चोदने की फ़ुर्सत ही नहीं… क्या कोई अपनी जवान बीवी को महीने में सिर्फ़ दो-तीन बार ही चोद कर रह जाता है?’‘तो तुम मुझसे कह नहीं सकती थी?’‘कैसी बातें करते हैं? औरत जात हूँ. मैंने अपनी ज़िप बंद कर ली, तब आपी ने कहा- तू उपर से मजे ले ले!तब मैं अपनी पैंट उतार कर अंडरवीयर में हो गया और टीशर्ट भी उतार दिया, आपी को बोला- चलो, अब मेरे ऊपर बैठ जाओ. मैं अपने आप को संभाल नहीं सका और जैसा था वैसा ही लेटा रहा, मैंने फ़िल्म को बंद कर दिया और तकिये को लंड के नीचे से खिसका कर अपनी छाती के नीचे लगा लिया.

तेज़ चुदाई करते हुए मुझे अभी दो से तीन मिनट ही हुए थे कि रिया जोर से आईई… करके चिल्लाई और टाँगें भींच कर थोड़ा सा अकड़ते हुए अपना पानी छोड़ दिया. भाभी ने मुझे तैयार होने को कहा, मैं तैयार हो रही थी, आदिल मेरे कमरे में आ गया, मैं पेंटी ब्रा में थी, वो मुझे देखने लगा. उतना खाइए !उस समय टीवी पर सावधान इंडिया आ रहा था, तो हम दोनों देखने में मस्त हो गए।तभी ब्रेक के बाद मैं बोला- गीता जी चलें, आपको देर न हो जाए !तो उसने कहा- अभी 4.

पता ही नहीं चला, सुनील के जगाने पर ही नींद खुली।फिर मैं फ्रेश होने बाथरूम में चली गई।मैं बाथरूम से निकली तो सुनील बोला- आकाश तुम फ्रेश हो लो भाई. तुम बस देखती जाओ।मनीषा- बस मुझे यही चाहिए और कुछ नहीं।फ़िर कुछ देर बाद मेरा लंड फ़िर एक बार चुदाई के लिए तैयार था और फ़िर मैंने उसे कई अलग-अलग अंदाज़ में चोदा।वो कैसे. तो मैंने कहा- चुप क्यूँ हो? मुझे कुछ दिखाओगे नहीं?उसने खुद को थोड़ा संभाला और मुझे लाइंज़री सेक्शन में ले जा कर कहा- मैम, हियर इस यूअर फुल रेंज़ !मैं बोली- हम्म, मुझे कुछ ऐसा लेना है जो आज रात अपने बाय्फ्रेंड से मिलने जाने पर पहन सकूँ.

मैं- आपको कौन-कौन सी गालियाँ आती हैं?मैम- सारी की सारी।मैं- तो बताओ कि मम्मों को हिन्दी में क्या कहते हैं?मैम- चूचियाँ. रीटा पीछे मुड़ कर राजू की तरफ देखती मासूमीयत से बोली- पर भईया कहीं मेरी फट गई तो?राजू बोला- बेबी, बहुत प्यार से मारूँगा और फिर मैं तो कुछ कर भी नहीं रहा.

रीटा बहुत ही मासूमियत से मुँह फुला अपने चुच्चों को उचकाती हुई बोली- ओह नो भईया, मैं तो अपने पुराने कपड़े ट्राई कर रही थी.

’ रूम सर्विस वेटर को डिस्टर्ब न करने की हिदायत मैंने दे दी।उसके तुरंत बाद मैंने उसे अपने आगोश में ले लिया।मैंने कहा- साल भर से तुम पर मेरी निगाह थी, अब बाँहों में आई हो। आज तो तुम्हारी बेदर्दी से चुदाई करूँगा।सुनन्दा बोली- मैं भी दो साल से प्यासी हूँ, क्योंकि दो साल पहले मेरा पति से तलाक हो गया था।मैंने कहा- ओह. सेक्सी बीएफ व्हिडिओ पिक्चरऐसा लगा की खिले हुए गुलाब पर शबनम की बूंदें!रीटा भी झुक अपनी सुन्दर चूत को निहारा और एक ठंडी झुरझुरी लेकर रीटा ने अपनी पेशाब से लबालब चूत को दोबारा गुलाबी रंग पोल्का बिन्दियों वाली कच्छी में छुपा लिया और स्कर्ट नीचे गिरा दी. ब्लू पिक्चर बिहार कीमैंने पासवर्ड खोलने की कोशिश की, सबसे पहले मैंने पूजा का नाम डाला फिर पूजा रानी और तरह-तरह के शब्दों का प्रयोग किया लेकिन मेरा डाला गया कोई भी पासवर्ड सही नहीं निकला. अब तक मैं यह तो समझ गया था कि मेरी दीदी यहाँ 5 दिन बिना चुदे नहीं रह पाई तो अपनी ससुराल में भी कई लंड पटा रखे होंगे।तो मैं चल दिया अपनी रंडी बहन के राज खोलने.

लंड अन्दर फ़व्वारे पे फ़व्वारे छोड़े जा रहा था जब तक लंड ने अपने अन्दर की एक-एक बून्द उसकी गांड के अन्दर ना छोड़ दी.

उसने भी कुछ ऐसा ही पहना हुआ था, इस समय जो सबसे आकर्षित करती है वो है औरत की साँस, और हर साँस के साथ ऊपर नीचे होती उसकी चूचियाँ, जिनको देख के मैं तो पागल ही हुआ जा रहा था. एक दिन एक बाग़ में मैंने उसे उसके चहेरे को पकड़ कर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और हम लोग एक दूसरे को बेतहाशा चूमने लगे. वो उछल-उछल पड़ती थी।मेरे होंठ बराबर उसके मम्मे चूसने के काम में जुटे थे।‘बस अब सींच दो मुझे और सह नहीं पाऊँगी.

चाय पीते हैं।दोनों कैंटीन में चले गए, नेहा ने चाय का ऑर्डर किया और डॉक्टर के केबिन में बैठ गए।‘अरे बाबा बोलो ना. बहुत दिन हुए मैंने अपनी फोटोग्राफी की कला नहीं दिखाई। तू जल्दी से काम कर ले और आज से घूँघट नहीं करना. उसने हलकी से आवाज की- अह हह!और मैंने भी आँखें खोल दी, वो मेरे लंड की तरफ देखे जा रही थी जो पूरे जोश में था और मेरे हाथ उसे हिला रहे थे.

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मेरी परी … आह …”मेरे धक्कों की गति और उखड़ती साँसों का उसे भी अंदाज़ा तो हो ही गया था। उसने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया और मेरी कमर के दोनों और अपनी जांघें कस ली।आह… जीजू ……………. रीटा और भी शर्माती बोली- भईया, जैसा गुण्डी पिक्चरों में होता है, लालीपाप लालीपाप टाइप!‘क्याऽऽऽ मतलब, तुमने ब्ल्यू पिक्चर देखी हुई है?’ राजू के दिमाग में जैसे किसी ने हथोड़ा मार दिया हो. बड़े शरारती हैं आप !” प्रिया ने ये कह कर मेरे गालों पे दांत गड़ा दिए।जवाब में मैंने अपना एक हाथ पीछे लेजाकर उसकी एक चूची को दबा दिया।आउच….

इसके साथ।’उसका आठ इंची लौड़ा सलामी दे देकर मेरे अरमान जगा रहा था। मैं खूब खेल रही थी।फ़िर बोला- चल एक साथ करते हैं।69 में आकर मैं उसके लौड़े को चूसने लगी, वो मेरी फ़ुद्दी को चाटने लगा।उंगली से फैला कर दाने को रगड़ते हुए बोला- वैसे काफी ठुकवाई है तुमने।‘आपको किसने कह दिया जनाब?’‘तेरी फ़ुद्दी बोल रही है.

और जिस तरह की घटना का मैंने जिक्र अपनी कहानियों में किया था, तो लड़कों के इस तरह के पत्र स्वाभाविक भी थे, लेकिन मेरे लिए आश्चर्यजनक बात यह थी कि लड़कियों के भी बहुत ज्यादा इमेल आये, जो दोस्ती करना चाहती थी और उनमें से कुछ मेरी मित्र भी बन गई फेसबुक पर, दो तीन लड़कियों से फोन पर बात भी हुई और उन्होंने मुझसे फोन पर ही उत्तेजक कहानियों की फरमाइश भी की जिसे मैंने पूरा भी किया.

शायद मेरा प्यार नहीं मिला इसलिए…!उसने तब कहा- तो अभी दे दो…!मैंने कहा- आज नहीं, मेरे पति आते ही होंगे।तब उसने घड़ी की तरफ देखा 9. मोहित सर ने मुझे अपने गोद में बैठाया…मोहित- वाव ! सेक्सी लुक…सर मेरे पूरे बदन को छू रहे थे और मुझे भी नशा आ रहा था ! क्यूँ मैं मना नहीं कर पा रही थी पता नहीं…मोहित- बेबी तुम ही हो इस बार की दिवा पर एक अल्टीमेट फोटो लेने दो. सेक्सी एचडी बीएफ सेक्सीमुझे मज़ा आ रहा था, पर लंड का टोपा सुन्न होने से में झड़ नहीं पा रहा था।वो तब तक दो बार झड़ चुकी थी, वो बोली- काफ़ी देर से चोद रहा है अब मुझे जाने दे।मैं बोला- साली पैसे दिए हैं.

!वो मेरी बाइक पर आ गईं, तब मैंने देखा कि वो बहुत ही सुंदर और सेक्सी थीं। करीब 30 साल की होंगी। उसके कपड़े में से उसका जिस्म साफ़ दिखाई दे रहा था।मेरे मन में सेक्स की इच्छा जागृत होने लगी, मैं बाइक चलाते वक्त उसको थोड़ा पीछे को दबाया तो देखा कि वो भी आगे की ओर धक्का दे रही है। मुझे मज़ा आ रहा था।जब उनका घर आया तो वो बोलीं- बस यहीं रोक लो. !और उसकी आँखों से आँसू निकल रहे थे।तभी मैंने एक और धक्का लगाया तो लंड आधा अन्दर घुस गया और उस के मुँह से ज़ोरदार चीख निकली- उउइईईई ममाआआआ मर गई आआआआआहह. ?मनीषा- क्या बताऊँ जयेश… कितना मजा आया… तुमने मुझे आज वो सुख दिया है, जो शायद ही मुझे कहीं और से मिल पाता.

मैं कुंवारी से सुहागिन बन चुकी थी, मेरा नंगा बदन विनायक की मज़बूत गिरफ्त में मचल रहा था और मेरी चूत में आनन्द की हिलौरें उठ रही थी।. वो झड़ गई थी।मैंने तुरंत अपना लंड निकाल लिया और निढाल पड़ी हुई अन्नू के दूध के पास बैठकर अपना लंड उसके मुँह में देना चाहा।वो समझ गई कि इसे फिर से चूसना है, उसने भी बड़ी अच्छी तरह से लंड की पप्पी लेते हुए उसे अपने मुँह में भर लिया और पूरा भर कर चूसने लगी।मैंने उससे कहा- ये जो नीचे गोलियां लटक रहीं हैं.

आपके मेल पढ़ने के बाद मुझमें दोबारा लिखने की एक ललक जगी इसलिए मैं उसी घटना के आगे का किस्सा बताता हूँ.

ठीक है माँ, कल चलेंगे !राधा- अच्छा अब सो जा, रात बहुत हो गई है !कहानी जारी रहेगी।आपकी राय से अवगत कराने के लिए मुझे मेल अवश्य कीजिएगा।[emailprotected]. तभी पुलिस की गाड़ियों की आवाज आने लगी, लोग भागने लगे, पूरी अफरा-तफरी मच गई, पता चला कि आगे कोई दंगा हो गया है इसलिए पुलिस ने कर्फ़्यू लगा दिया है. उन्होंने भी वासना भरी आवाज में कहा- चलो कमरे में इसका जादू भी बिस्तर पर देखती हूँ।वो अपने कमरे में जाने लगी और मैं पीछे-पीछे उनके साथ कमरे में पहुँच गया।मैंने कहा- भाभी अगर आप बुरा न मानो तो एक बात पूछूँ?भाभी- हाँ.

मुसलमानी के बीएफ साली सब मोहल्ले की गाँव की औरतें तुझे सीधी समझती हैं और तू रंडी साली एक बहुत ही चुदासी औरत है। तू और तेरी चूत आह. मेरे पति का लण्ड तो केवल सात इंच लंबा और दो इंच मोटा है तथा अत्यंत आनन्द देता है, लेकिन पापाजी का यह लण्ड महाराज कैसे मज़े देगा मैं इसके सपने लेने लगी थी तथा अपनी चूत उस को डलवाने की योजना बनाती रही.

? अह्ह्हाआआ ओह्ह नहीईइइइ अह्ह्हाआआआ बस्स्स्स्स्स्स अमित बस ना…अमित- सुनो जानेमन, अभी मेरी एक इच्छा रह गई है… उसको अब तुम्हारे ऊपर है… कैसे पूरा करती हो।सलोनी- पागल हो गए तुम… कल से कितनी सारी तुम्हारी इच्छाएँ पूरी की है… तुमको याद भी हैं या नहीं… और फिर से एक और इच्छा. आज वो आस भी पूरी हो जाएगी।’दोनों भूखे कुत्ते की तरह मुझ पर टूट पड़े।‘आहझहह बाबू जी… आह बाबू जी।’‘नहीं बालू बोल बहू रानी।’‘आह सुरेश प्लीज़ धीरे ना. । कितने बजे आऊँ तुम्हारे पास?मैंने मस्ती के मूड में कहा- सुबह 4 बजे आ जाना!तो उसने कहा- ज्यादा मस्ती में मत आओ, मैं 4 बजे ही पहुँच जाउँगी।मैंने ऐसे ही कहा- यह हो ही नहीं सकता!वो कुछ नहीं बोली, मैंने समझा कि नाराज हो गई।लेकिन उसने कहा- छोड़ो यह बात!मैं मुस्कुरा दिया।फिर धीरे से बोली- अभी सीधे मेडिकल स्टोर जाकर कंडोम और आईपिल खरीद लेना।मैंने कहा- कितने कंडोम लूँ.

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मेरी चूत में अपना मूसल डालो और इस चूत की आग को शान्त करो।मैंने देर न करते हुए अपना लंड उनकी चूत पर रख दिया, पर अन्दर नहीं जा रहा था। जबकि शादी हुए तीन साल हो गए थे और वो एक कच्ची कलीकी तरह थी। मैंने धीरे-धीरे लंड को चूत में पेल रहा था, पर उसकी आखें बंद हो गई थीं।मैंने एक धक्का लगाया तो आधा लंड चूत में चला गया, वो जोर से चिल्लाई ‘आ. बीच बीच में तीन-चार दिनों के लिए जब भी शिप्रा आती थी तब वह अपने वादा निभाती थी और उन तीन या चार दिन एवं रातों में अनेक बार मेरी वासना की संतुष्टि करती थी. !’अनिल ने पीछे मुड़ कर हँसते हुए हिमेश की ओर देखा, फिर मेरी और भी देखा। मैं औंधी पड़ी थी, मेरे हाथ बँधे हुए थे और हिमेश मेरे ऊपर मुझे पकड़ कर बैठा था।अनिल ने हिमेश से कहा- चुदासी औरतों को ठोकने का मज़ा ही कुछ अलग होता है।मैं समझ गई कि अब मेरी बारी है।आंटी- प्लीज़ उसको कुछ मत करना, वो मेरे पति की भतीजी है। मैंने उसे अपनी बेटी माना है, तुम दोनों मुझे जितना चाहे चोद लो.

पर मेरे जिस्म की हालत ऐसी है कि मैं ठीक से खड़ी भी नहीं हो सकती।तभी मेरी योनि और नाभि के बीच के हिस्से में उसका लिंग चुभता हुआ महसूस हुआ. दरवाजा खुला तो नौकरानी थी !मैंने कहा- तुम्हारी मैडम ने मुझे बुलाया है।उसकी नौकरानी को देखकर मेरे होश उड़ गए, मैंने सोचा कि नौकरानी इतनी सेक्सी है तो उसकी मालकिन कैसी होगी? उसका फिगर था 34″ 30″ 36″ क्या लग रही थी।उसने कहा- हाँ अन्दर आ जाओ.

मेरी नज़र छत पर गई तो देखा दोनों ऊपर खड़ी मेरा इंतज़ार कर रही थी, मुझे इशारा किया कि दीवार फांद कर आ जाओ।मैंने वैसे ही किया.

पर यह इतना आसान नहीं था, ये मेरे पुरुष मित्र भली भांती समझ सकते हैं कि खड़े लंड से पेशाब करना कितना मुश्किल होता है. क्या बला की खूबसूरत लग रही थी वो!उसने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुई थी, उसी रंग की लिपस्टिक लगा रखी थी. मैंने उसकी लाल रंग की पैन्टी भी उतार दी और 69 की अवस्था में आ गया। अब मैं उसकी चूत को चाटने लगा। दोनों ही चांदनी रात में नंगे होकर चुदाई का मजा ले रहे थे।कोमल बोली- अब रहने दो नहीं तो मैं झड़ जाऊँगी, अब जल्दी से अपना ये सात इंच का लण्ड अन्दर डालो, मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है।मैं भी जल्दी से उठा और उसकी दोनों टांगों को ऊपर किया और लण्ड को चूत पर रख कर जैसे ही अन्दर डाला वो चीख पड़ी- सुमित… रूको.

थोड़ी ही देर बाद चाची को कस कर पकड़ कर अपना लण्ड चाची की चूत के मुँह पर रख दिया और एक झटका लगाया तो मेर लण्ड चाची चूत में पूरा समा गया. तुझे कुँवारी तो रहना ही नहीं था… फिर हम भी तो यहाँ 15 साल से काम पर हैं। हमार घरवाली मरने के बाद तो हम यहीं है ना !’रामदीन की बात सुन मैंने कहा- नहीं कभी नहीं. अपनी ऊँगली से काम चलाना पड़ता है।मैं- मेरे होते हुए ऊँगली की क्या जरूरत मेरी रानी।फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुख पर रखा और ज़ोर से झटका मारा, वो चिल्लाने लगी।भाभी- हाए रे.

यह तो दस साल से सीख रहा था।फिर मैंने कामसूत्र की तरह उसकी आँखों पर पट्टी बांधी और उसके दोनों हाथ बिस्तर से बाँध दिए।उसने कहा- यह क्या कर रहे हो.

नंगी फिल्म बीएफ वीडियो: !’ मैं जीत के स्वर में बोला।15 मिनट के बाद मैं भी झड़ गया। मोमबत्ती अभी भी जल रही थी।‘क्यों निभा मजा आया??’ मैंने पूछा‘हाँ. !मैंने कहा- बहुत…बहुत अच्छा, ऐसी ख़ुशी मिली, जिसको पाने के लिए मैं आज तक तड़पता रहा।तो उसने पूछा- अब क्या करोगे…!मैंने कहा- ये खुशियाँ देने वाली को हमेशा के लिए पाना चाहता हूँ।इस पर वो कहने लगी- सच में.

मेरी रानी ! मेरी जान !”फिर मैं अपना लंड उसकी बुर में घुसाने लगा। वह भी अपना कमर को ऊपर नीचे कर के चुदवाने लगी। मैंने भी उसकी बुर की खूबचुदाई की।लगभग आधा घंटे में मेरे लंड से गर्म-गर्म रस से उसकी बुर भर गई। उस रात हम लोगों ने दो बार चोदा-चोदी का खेल खेला।सुबह उठ कर मैं अपने घर आ गया।कहानी जारी रहेगी।अन्तर्वासना की कहानियाँ आप मोबाइल से पढ़ना चाहें तो एम. ’ की आवाज़ निकालने लगी।फिर मैंने उसके चूचे ऊपर से ही दबाने लगा था और वासना की आग में कब हमारे कपड़े बदन से अलग हो गए कोई पता ही नहीं चला। अब वो और मैं बिल्कुल नंगे थे।मैं उसके चूचुकों पर अपनी जीभ घुमा रहा था और वो बोले जा रही थी- विक्की, मेरे चूचे खा जाओ अहहस्स. अब आ भी जाओ… कल रात को बहुत तड़पाया तुमने!और वो मुझसे लिपट गई। इतनी तड़प थी उसमें कि उसने मेरे होंठ चूस-चूस कर लाल कर दिए और मेरे हाथ अपने मम्मे पर खींच लिए और मुझ से लिपट कर मुझे चूमने लगी।मेरी पहली बार में तो समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या करूँ.

मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि मैं हार गयी हूँ कि सायरा खान जो कभी भी किसी भी चीज में नहीं हारी, हमेशा ही जीतने वाली सायरा खान आज एक छोटी सी प्रतियोगिता में अपनी सहेली से हार गई.

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