बीएफ हिंदी में बोलते हुए

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সানি লিওন ক্সক্স: बीएफ हिंदी में बोलते हुए, मैं चिल्लाई- बद्तमीज, ये क्या कर रहा है?रोहित बोला- दीदी, आप थोड़ी देर के बाद नहीं आ सकती थी छत पर? मेरा काम अधूरा ही रह गया.

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एक महीने बाद भाभी दिन में ही अपने पति के साथ क्लीनिक पर आ गयी और घूंघट की आड़ से मुस्कराने लगी. भारतीय बीपी वीडियोवह भी तब, जब मैं अट्ठाईस साल का जवां मर्द था, लम्बा तगड़ा पुराना गांडू था.

अब भाभी मेरे लंड के नीचे लटक रहे मेरी गोटियों को मुँह में लेने लगीं और फिर लंड चूसने लगीं. थ्री एक्स इंग्लिशफिर मैंने रिया की कमर पर हाथ रखा, तो उसने मेरे सामने देख कर स्माइल की और मेरे कंधे पर हाथ रख कर चलने लगी.

उसने मेरा लंड अपनी मुठ्ठी में पकड़ा और चुत में सैट करके मेरा लंड अपनी चुत में लेकर बैठ गई.बीएफ हिंदी में बोलते हुए: मैंने प्रत्यक्षतः पूछा- सच में आप कर दोगी?उन्होंने कहा कि हां … तुम खाना खा लो, मैं जब तक तेल गर्म करके लाती हूँ.

एक दिन सुबह छत पे जब मीरा अपने प्लांट्स की देखभाल कर रही थी और पानी डाल रही थी, तो वहां फर्श पे पानी फ़ैल जाने की वजह से वो फिसल कर गिर गयी और कराहने लगी.जब अंडकोषों का थैला एक बार के लिए खाली हो गया तब जाकर कहीं मन को शांति मिली.

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वो ये सब देख कर डर गई थी, पर फिर मैंने उसे समझाया कि पहली बार ऐसा होता है.वहां से मैं अपनी जीभ फैला कर उनकी चूत को चाटते हुए ऊपर की तरफ जाने लगा, जैसे कुत्ते चाटते हैं वैसे.

मैं आपका रवि खन्ना, एक बार फिर हाजिर हूँ अपने जीवन की सच्चाई के साथ. बीएफ हिंदी में बोलते हुए मैं- पागल तो मैं भी हूँ, कितने दिन से सोच रहा था कि नफीसा एक दिन मेरी बांहों में हो.

इस बार जैसे ही निशा की गांड पीछे आई … उसी समय मैंने भी आगे की तरफ धक्का दे दिया जिससे मेरा लंड लोअर के अन्दर से ही उसकी गांड को रगड़ गया.

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हम एक दूसरे से मिलने के लिए पागल हो गए, कहीं से रूम का भी जुगाड़ नहीं हो पा रहा था. हमें देखकर शुभी की हालत खराब हो गयी इसलिए वो वहां से उठकर आगे कमरे में चली गयी और टीवी देखने लगी. तब पटेल मेरी पेंटी को भी नीचे करने लगा और उसने मेरी पैंटी को उतार के फेंक दिया.

गेट खोल कर वो वापिस मुड़ गई और बोली- कोई आ रहा है शायद!ऐसा बोल कर उसने गेट बंद कर दिया. अभी मैं इस हमले से खुद को संभाल पाती कि तभी मेरे पति ने अपना लंड मेरे चुत से बाहर निकालकर दूसरा हमला कर दिया. इस पर भाभी बोली- इसकी चिन्ता मत करो … यह तो भोसड़ी का शाम को सोकर सुबह आठ बजे उठता है.

मैं- रूपा यह ग़लत है, मम्मी पापा को पता चलेगा तो क्या होगा?रूपा बोली- मगर भैया, ये बात तो सिर्फ हम दोनों के बीच में रहेगी. मेरे पति अब मेरे चूतड़ छोड़क़र मेरी साड़ी प्रेस करने लगे और साथ में अपना लंड मेरे चुत में स्लोली स्लोली अन्दर-बाहर करते हुए मेरी प्यारी चुत की चुदाई भी करने लगे. दोस्तो, इस बार मैंने कहानी अपने ऊपर न लिख कर कुछ अलग अलग क़िरदारों के ऊपर लिखी है, ताकि मजा भी आए और आप मेरी महिला मित्रों के नंबर मांगने की जिद ना करें.

उसके बूब्स ऐसे थे जैसे किसी ने सीने पर 32 नंबर की दो रुई की कटोरियां रख दी हों. मैंने देखा एक बहुत ही खूबसूरत से अंकल, जिनकी उमर 50-52 साल के आस-पास होगी, पार्क में टहल रहे थे.

वह धीरे से मेरे पास आकर बैठ गई और उसने हल्के से मेरे गाल पर किस कर दिया.

घर आकर मम्मा ने मुझसे कहा- तुमने मुझे बेकार में ये कटे फटे कपड़े दिला दिए.

इस पर उसने मुस्कुरा कर कहा- थैंक्स हर्षद … लेकिन तुम भी बहुत हैंडसम हो. मैंने एक दिन सही मौका देख कर उससे कह दिया- अब दूरी सहन नहीं होती, मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता हूँ. एक दिन उनको बातों ही बातों में बताया कि मैं अब यहाँ से नौकरी छोड़ कर मुंबई जा रही हूँ क्योंकि मेरा भाई वहीं काम करता है और उसने मेरे लिए एक नौकरी खोज ली है.

इतनी जल्दी थोड़े ही हाथ आ जायेगी?मैं बोला- कैसे भी करके मेरा काम करवा दो. बाद में दोस्तों से जानकारी हुई कि गांव में भी सेक्स का खेल चलता है और वो शौच के बहाने खुले में जाकर लड़कियां अपने जानम से मिलती हैं और उनके बीच खेतों में सेक्स हो जाता है. वो एकदम से लंड घुसने से दर्द से मचल उठी और मेरे नीचे से मछली की तरह फड़फड़ा कर भागने की कोशिश करने लगी.

मेरी पिछली कहानीपति के बिना घर में एक रातमें आपने पढ़ा कि मेरा पति रोहन अपने दोस्त के घर चला गया.

मैंने उसके कानों को भी चूमना शुरू कर दिया तो कुछ देर के बाद वो फिर से गर्म हो गई।मेरा लंड तो मेरी दुल्हन की चूत में पहले से ही था, फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाना शुरू किया तो पहले तो वो चिल्लाई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’लेकिन फिर कुछ देर के बाद मैंने पूछा- मज़ा आ रहा है?वो बोली- हाँ बहुत मज़ा आआआआ रहा है … हाईईईई … म्म्म्मम।मैं उसको चूमता रहा और उसके बूब्स सहलाता रहा. सुमन की मस्त जवानी, जबरदस्त बोबे और मस्त होंठों को चूसते हुए मैंने सटासट धक्के लगाने शुरू कर दिए और कुछ ही देर में लंड से वीर्य निकल कर उसकी चूत में भर दिया. देसी सेक्सी गर्ल चुदाई स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मेरी सगी मौसी ने मुझे लंड चूत की बातें सिखायी, मुझे पहला लंड दिलवाकर मेरी बुर की सील तुड़वाई.

फिर मैंने नीचे बैठ कर एलेक्स की पैंट को खोल दिया और जैसे ही मैंने पैंट को खोल कर उसे नीचे उतारा अंडरवियर में उसका लंड तना हुआ झटके दे उठा. जब भाभी चलती हैं, तो उनके कूल्हे कुछ इस तरह से ऊपर नीचे चढ़ते हैं कि किसी का भी लौड़ा खड़ा हो सकता है. कल्पना भाभी ने अपने हाथ से मेरा हाथ पकड़कर अपनी बुर पर रखते हुए कहा- यहां.

इसके बाद तो चाची और मुझे एक दूसरे को चोदे बिना चैन ही नहीं मिलता था.

पानी पीने के बाद वो बोली- हां तो बताओ, तुमने मेरे लिये क्या किया है. मैं सब कुछ भूल के बस उसकी चूत में लंड के धक्के पे धक्के दिए जा रहा था.

बीएफ हिंदी में बोलते हुए उन्होंने बहुत डीप नेक का ब्लाउज पहना था, जिसमें से उनकी आधी चूचियां साफ नजर आ रही थीं और उनके क्लीवेज पर खूब सर रंग पड़ा हुआ था. मैंने अपने हाथों से सरिता की चूत की पंखुड़ियों को दोनों तरफ खींचकर फैला दिया.

बीएफ हिंदी में बोलते हुए इस बीच धीरे-धीरे दूर होने के कारण हमारे बीच दूरियां बढ़ती गईं और वो वहीं लोकल में और किसी लड़के के साथ सैट हो गई, जिसका मुझे बाद में पता चला. मीना एकदम चौंक सी गयी- ये क्या कर रहे हो आप?मैं- वही जो तुम्हें देखकर कोई भी कोई भी पागल होकर कर जायेगा.

मैंने उससे कहा- क्यों नहीं, तुम मेरी सब से प्यारी सहेली हो तभी तो तुम्हें यह दिखाने के लिए यहाँ लाई हूँ.

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आन्या तो कुछ बोलने की हालत में नहीं थी, वो ‘बस बस …’ कहे जा रही थी. वह बोली- मेरा बॉयफ्रेंड आजकल मुझसे दूर-दूर रहता है इसलिए मैं जब से तुम्हारे घर में आई हूं मैं तुम्हारे ही लंड को देखने की कोशिश करती रहती हूँ।मैंने कहा- तुम मेरे लंड को सिर्फ देखना ही चाहती हो क्या?वह बोली- तुम क्या करना चाहते हो?मैंने कहा- मैं तो तुम्हारी चूत में लंड को डाल कर तुम्हें चोदना चाहता हूँ. उस रात भाभी के 6 मैसेज आए, पर मैंने कोई भी जवाब नहीं दिया और सो गया.

उसके अगले दिन फिर अंकल जी आते दिखे, मैं पिछली सुबह की तरह ही खड़ी थी और उन्होंने मुझे अपने पीछे आने का इशारा कर दिया. मतलब एक ही लंड से उसके पति की गांड मारी जाए और उसकी चूत भी चोदी जाए. कुछ दो तीन मिनट की चूत चुसाई के बाद ही वो मेरे सर के बालों को पकड़ कर अपनी चुत और जोर से चाटने को कहने लगी थी.

अब मैं उसकी चूत पर अपने लन्ड से तेजी से धकाधक प्रहार कर रहा था और मीना मस्ती में अजय का लन्ड मसलती जा रही थी अजय उसे घूर घूर कर मुझसे चुदते हुए देख रोमांचित हो रहा था तीनों को आनंद की प्राप्ति हो रही थी.

अब मीना थोड़ी खुल भी गयी थी और शराब का असर भी उसे एक और लेने को मना नहीं कर पाया. उसने अपने देश में अपने लोगों को बता दिया था कि उसकी इंडिया में मैं अच्छी दोस्त बन गयी, उसी से उसके चेहरे पर मुस्कान आयी और अब वह अपनी पढ़ाई अच्छी तरह से कर सकता था. बात करते करते मैं श्वेता को किस करने लगा और शर्ट के ऊपर से उसकी चूचियाँ दबाने लगा जिसे देखकर शुभी हंसने लगी और बोली- तुम लोग बेशर्म हो.

ऐसे मौकों पर पिंकी साड़ी के नीचे पेंटी नहीं पहनती ताकि चुदाई में आसानी रहे. आप सबको कैसी लगी यह साड़ी वाली भाभी की चुदाई कहानी?मुझे जरूर बताइएगा. वो मेरे जोर देने के कारण अपने मुँह में पूरा का पूरा लंड लेना सीख गई हैं.

मैं तो हैरान और परेशान!बहाना तो पूजा दीदी ने अच्छा बनाया था मगर मैं भी कोई कच्चा खिलाड़ी नहीं था. अगर रोज़ी को मालूम पड़ गया तो हमारी नयी नयी शादी है, वो खराब हो जाएगी और कहीं रोज़ी मुझे तलाक न दे दे।लिजा भी घबराई।वो बोली- डेविड को भी पता नहीं चलने चाहिए। वो बहुत पसेसिव है।सनी ने लिजा को जम कर चोदा था, उसके मम्मे लाल कर दिये थे.

अंकल ने कहा- बेटा तुम घर में जाओ, मुझे थोड़ा काम है, तो मैं शाम को आऊंगा. मैंने प्राची को गले लगा कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, उसने मुझे किस करके धन्यवाद कहा. उस फ्लोर पे एक और फैमिली रह रही थी, उस फ्लोर पे बाकी के सब फ्लैट खाली ही पड़े थे.

फिर वो मेरी तरफ आंख मारते हुए बोली कि उसने मेरे और उसके बीच हुए सेक्स की सारी बातें रश्मि को बता रखी है पहले से ही.

फिर उसने मुझे सीधा लेटा दिया और फिर अपना बड़ा लंड मेरी चुत में डाल के चोदने लगा. दूसरे हाथ में रोहन का लंड था जिसे मैं हिला हिला कर और ज्यादा कड़क बना रही थी. एकाएक संजना ने लंड पर बैठे बैठे रोहित के मुख में अपनी जीभ घुसा दी और उसके होंठों को जैसे खाने लगी और बेतहाशा उसकी गर्दन, छाती, यहाँ तक कि उसकी बगल (कांख) को भी चूसने लगी।दृश्य ऐसा लग रहा था जैसे किसी मेमने के ऊपर कोई शेरनी बैठी हो।आखिर बेचारा रोहित कब तक बरदाश्त करता, वो इस पोज में लगभग 5 मिनट के बाद झड़ने लगा.

मैं दोपहर होने का इंतजार करने लगा क्योंकि गर्मियों में लोग अक्सर दोपहर के समय में सो जाते हैं. मेरी छोटी सी उम्र में पहली बार मैं आज अपने जिस्म में मेरे सामने से किसी लड़के ने लंड टच कराया, बहुत ही अजीब और गन्दा लग रहा था मुझे.

मैंने मम्मी के एक दूध को अपने मुँह में लेकर हाथ ऊपर की तरफ करके उनकी पट्टी को हटा दिया. मुझे आशा है कि मेरी बाकी कहानियों की तरह इस सेक्स कहानी को भी अपने कच्छे में हाथ डालकर लंड को पकड़ कर ही पढ़ेंगे और लड़कियां, भाभियां भी अपनी सलवार, लैगी या पैंटी में हाथ डाल कर गर्म चुत को ठंडा करेंगी. ज्यादा देर न करते हुए मैंने उसकी चूत के ऊपर अपना लंड रखा, तो वह लंड के आगे अपना दबाव बनाने लगी.

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इधर काम-संवेदनाएँ फिर सिर उठाने लगी थी और मेरे लिंग में फिर से तनाव आना शुरू हो गया था.

एक दो पल मैंने अपनी बहन की चुत को निहारा और जब न रहा गया तो मैंने अपना हाथ उसकी जांघ पर रख दिया. उनकी इस धमकी का पिंकी पर क्या असर हुआ ये तो मैं समझ नहीं पाई मगर खुद मैं एकदम ढीली हो गयी और उनका विरोध करना छोड़ दिया. मैंने महसूस किया कि उनका लण्ड मेरे मुंह लगते ही और बड़ा और कड़ा हो चुका था.

एक दिन वो मेरे घर आयी और मुझसे कहने लगी कि तुम कॉलेज क्यों नहीं आते हो?मैंने कहा- किस लिए आऊं?वो बोली- मेरे लिये. एक शराब का जो उसे अजय ने पिला रहा था, दूसरा वासना का जो अजय उसे उसके कोमल अंगों पर किस कर कर के जगा रहा था!तभी अजय ने मुझे आवाज दी- राज आओ, तुम भी डांस करो न!मैं उठ खड़ा हुआ और मीना का हाथ पकड़ते हुए बोला- भाभी, क्या आप मेरे साथ डांस करोगी?मीना हिचकिचाई, वो मेरे साथ में असहज हो रही थी!तभी अजय ने बोला- हाँ हाँ क्यों नहीं!और उसने मीना को मुझे सौंप दिया. यूट्यूबdownlode 2020मैंने एक बार भईया की तरफ देखा, तो पाया वो नशे ओर नींद के आगोश में थे.

मैं अपनी गांड की खुजली खत्म करने के लिए किसी अजनबी लंड को ढूँढने लगा और एक गे साइट में जाकर मैंने फिर से एक नया अकाउंट बना लिया. मैंने उसे बताया- घर में कोई नहीं है हम दोनों के अलावा!वो बोली- फिर मैं जाती हूं.

अन्दर देखा तो भईया पूरे ऊपर से नीचे रंग में नहाए हुए भांग और दारू के नशे में धुत्त पड़े सो रहे थे. एक दिन भाभी प्लाट में भैंस बांधने आईं तो उस दिन उनकी भैंस गर्म हो रही थी. ऊपर से तू आ गया। चल बातें ना चोद, चोदने वाली चीज चोद!उस दिन तो पूजा दीदी की चूत ख्यालों में ही चोदी थी मगर आज तो लंड को चूत साक्षात मिल गयी थी.

हम चारों ने दारू से भरे गिलास आपस में टकराए और अपने होंठों से लगा कर आज की चुदाई के कार्यक्रम की सफलता के लिए चियर्स बोला. रंग काला पर आँखें भूरी, लंबी सी नाक, सुराही सी गर्दन, पतली कमर मगर कूल्हे थोड़े ज्यादा थे. फिर पिंकी एक हफ्ते यानि सात दिन तक अमर के घर पर ही रुकी और उन दोनों ने इन दिनों में जम कर चुदाई की.

थोड़ी देर हम ऐसे ही खड़े रहे। फिर हम डर की वजह से जल्दी ही अलग हो गए।उसके बाद मैं उसके साथ बैठ गया.

अब पिंकी भाभी और भी खुल कर अपनी मादक आवाजों और कामुक सिसकारियों को भर रही थी- आह एयेए अहाआ जीजू बहुत मजाअ आ रहाआ है … औररर तेज करो आह और तेज!अमर ने धक्कों की स्पीड फुल कर दी. तभी वो खुद ही बोली- चल मेरे ऊपर आ जा, जो करना है, जल्दी कर ले नहीं तो मम्मी आ जाएंगी.

मेरी भी जांघें सरिता की जांघों से सटी हुई थीं तो मेरी जांघें भी गीली हो गयी थीं. चुदाई के समय तो श्वेता ने शुभी का नाम लेने के बारे में कुछ नहीं कहा मगर जब चुदाई हो गई तो वह गुस्सा करके चली गई. अगले दिन जब सोने की बारी आई तो सब रात को 1:30 बजे तक बातें करते रहे.

मेरे पापा का यहां बिजनेस था, तो मैं जब छोटी थी, तब से ही उपलेटा राजकोट से आणंद में रहने आ गए थे. स्कूल से गोल मारते उसके साथ तुम उधर इमली और बेर लेने के बहाने जाती हो. तीन मर्दों से एक साथ चुदने में इतना मजा हो सकता है मैंने कभी सोचा नहीं था.

बीएफ हिंदी में बोलते हुए मैंने मम्मी का मूड बनते देखा तो मैंने कहा- मैं बाथरूम होकर आता हूं. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। आँखें बंद करके होंठ चुसाई का मजा ले रही थी। वो इतने उत्तेजक तरीके से मेरा होंठ चूस रही थी कि मैं रोमांचित हो गया था.

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मेरे दिमाग में सबसे पहले चाचा का ही ख्याल आया कि वह रोहित को ढूंढने में मदद कर सकते हैं. जबसे उसको देखा था, मेरा तभी से उसकी लम्बी और सुडौल जांघें देखने का मन था. उसकी ब्रा जैसे खुद बोल रही थी कि क्यों मेरे ऊपर ये जुल्म कर रहे हो, मेरी औकात से ज्यादा क्यों मुझ पर वजन दे रहे हो.

एक दिन मैं स्कूल जाने के लिए निकला और बस स्टॉप पर अपने कंप्यूटर की टीचर से बात कर रहा था. मैंने कहा- मैं प्रॉमिस तो नहीं कर सकता लेकिन अपनी तरफ से हर सम्भव कोशिश करूंगा. पत्ती सहितमैंने कहा- जी नहीं अंकल, अभी अभी मेरे एग्जाम खत्म हुए हैं, अब मैं बिल्कुल फ्री हूँ.

मैंने कहा- आंटी कहिए ना, मैं आपके लिए क्या कर सकता हूँ?आंटी ने कहा- बेटा तेरा दोस्त आजकल बहुत उदास रहता है और हमें कुछ बताता भी नहीं है.

मैंने भी वो चादर फेंक दी और फिर से जैसे ही बस आगे की तरफ हिली तो मैंने उनके मम्मों पर एक बार फिर से हमला बोल दिया और इस बार मैंने सोच रखा था कि मुझे उनके निप्पल को सहलाना है. भाभी के गुलाब गाल और रसीले होंठों को देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाएगा.

मैंने मोटा लंड अपने हाथ में पकड़ा और उसे उसकी चूत के छेद पर रख कर अन्दर धक्का दे मारा. राशि ये खेल कभी-कभी तो डेढ़ घंटे तक करती थी और आज तो वो पूरी उफान पर थी, इसलिए मैं भी उसके बाल पकड़ कर उसका सर हिला-हिला कर उसका साथ दे रहा था. फिर मुझे अपनी गलती का एहसास हो गया कि मैंने क्या बोल दिया। मैंने सॉरी कहा और बोला- दूसरी कोई जगह है नहीं और मुझे फर्श पर नींद नहीं आती.

मैंने उसे बोला- मैं कल आपको दे दूँ, तो चलेगा?वो भी बिना किसी हील हुज्जत के चला गया.

मैं भी देखना चाहती थी कि पापा मेरी चुदाई में क्या नया करने वाले थे. परंतु बाद में धीरे धीरे वो अब लंड को गपा गपा करके पूरा अन्दर लेने लगी थीं. ये सेक्स कहानी एक ननद के पति यानि ननदोई और साले की बीवी यानि सलहज के बीच हुई चुदाई की घटना पर आधारित है.

नंगी लड़की का डांसफिर पिंकी एक हफ्ते यानि सात दिन तक अमर के घर पर ही रुकी और उन दोनों ने इन दिनों में जम कर चुदाई की. मैंने कहा- यार, अभी तो दोनों बड़ी-बड़ी हांक रही थीं कि तुम्हें दोनों मिलकर निचोड़ देंगी, अब क्या हुआ?सारा ने कहा- निचोड़ेंगी तो जरूर.

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आप तो जानती हो कि मेरा काम ही है अपने पार्टनर को अच्छे से खुश करना. आह … क्या मस्त नज़ारा था वो … गोरी गोरी जांघों के बीच गुलाबी कलर की पैंटी. इस पकड़ा-पकड़ी में मेरा तौलिया खुल कर नीचे गिर गया और मेरा हाथ उसके बदन पर कुछ ऐसे पड़ा कि उसके ब्लाउज की डोरियां खुल गयीं.

सच में किसी लड़की को कभी अधूरा पूरा संतुष्ट किये बिना नहीं छोड़ना चाहिए. अन्दर जाते ही वो मेरे घर का इंटीरियर देख कर चकित हो गई और बोल उठी- वाह क्या घर है. मैं और मेरा भाई, हम दोनों के अलावा उस दिन हमारे घर पर कोई भी नहीं था.

तुम मेरी चुत को तो हर रोज वीर्य पिलाते हो … आज तुम अपने वीर्य से मेरी गांड को भर दो. शैली ने बड़े प्यार से लंड को केक में घुसाया और फिर- मम्मी, जन्मदिन का केक खाओ. मैं राधिका की ओर देखकर बोला- आ जा मेरी जानेमन … अपनी कैरियों का रस निकालने के लिए मेरी जांघ पर बैठ जा.

पर अब इन सब का क्या फ़ायदा था! अब तो जो होना था वो हो चुका था और हम दोनों भी यही तो चाहते थे. उस रात सुबह तीन बजे तक हमारी चुदाई चली।उसके बाद पूजा की चूत की पूजा करने के लिए मेरे वासनामयी लौड़े ने कौन-कौन से जतन किये वह सब मैं आपको आगे की कहानियों में बताऊंगा.

उनका लंड तो बहुत छोटा है और खड़ा भी कुछ टाइम के लिए ही होता है, मुझे प्यासी ही छोड़ कर सो जाते हैं इसीलिए मैं तुम्हारे पास भागती हूँ चुदवाने के लिए.

मुझे तो नींद आने की गुंजाइश ही नहीं थी क्योंकि एक तो मेरी बांहों में मेरी ड्रीम गर्ल थी और ऊपर से मैं पूरी तरह से उत्तेजित था. सेक्स पिसातुरेकुछ ही पलों में वो कहने लगी- आंह रोहन मेरी जान … जोर जोर से चोदो मुझको रोहन … आंह जोर जोर से चोदो अह हआआ … यस इसी तरह चोदो!मुझे उसकी मादक सिस्कारियां सुन कर और जोश आ गया. एक्सएक्सएक्सएक्सएक्सएक्सएक्सएक्सएक्सीमुझे अपने आप से ऐसा लगने लगा था कि मुझे आशीष अपने बांहों में लेकर मेरे जिस्म से चिपका रहे और वैसे ही मेरे होंठों को चूमता रहे. कमलेश सर मम्मी से मिलने अक्सर आया करते थे और वहीं मेरे स्कूल में टीचर भी थे.

मैंने देखा कि मेरे सामने आन्या घुटने पर बैठ गई और उसने डायरेक्टर का लंड मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया था.

मुझे तो नींद आने की गुंजाइश ही नहीं थी क्योंकि एक तो मेरी बांहों में मेरी ड्रीम गर्ल थी और ऊपर से मैं पूरी तरह से उत्तेजित था. मेरे घर के पास ही खुला मैदान है उसके आगे जंगल शुरू हो जाता है तो मोर्निंग वाक् पर जाने वाले लोग मेरे दरवाजे के सामने से ही होकर गुजरते हैं. भैया ने पूरी स्पीड के साथ भाभी की चूत की खुदाई चालू रखी और अचानक से उन्होंने भाभी के चूचों को अपने हाथों में भर लिया और उनकी कमर पर लेटते चले गए.

मैं उसके होंठों पर किस करने लगा और उसके दर्द को कम करने की कोशिश करने लगा. ये कुछ और नहीं मीना के पैर थे जो मेरे लंड (चूत का वैद्य) को खोज रहे थे मानो (महारानी) चूत ने (सेनापति) टांग को आदेश दिया हो कि जाओ उस लंड वैद्य को ढूंढ कर लाओ जो महारानी चूत की बेचैनी का इलाज कर सके!कुछ ही क्षण बाद मीना ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरे कानों में कहने लगी- कितना तड़पाओगे राज? अब नहीं रहा जाता. अभी नया-नया कम्पनी में आया हूँ और अगर उसने किसी को बोल दिया तो मेरी तो नौकरी भी जाएगी.

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नैना बोली- मुझे यूं ही प्यासी क्यों छोड़ के जा रहे हो?मैंने कोई जवाब नहीं दिया और अपने फ्लैट में लौट आया. लेकिन कल जब तुमने मुझसे कहा कि तुमको किसी से प्यार हो गया है, तो मुझे उस वक्त आग लग गई थी. शाम को मैं उसके घर पर पहुंच गया और उसने दरवाजा खोला तो मेरी नजर उससे हट ही नहीं पाई.

उसका तो मन रुककर आपसे मिलने का था, पर शादी की डेट भी नजदीक आ रही है और काम बहुत ज्यादा है.

दर्द के मारे मैं चिल्ला रही थी- एलेक्स धीरे! … आह्ह … धीरे बेबी … आह्ह … आह्ह … जान … आराम से … ओह्ह दर्द हो रहा है डार्लिंग!मेरा दर्द थोड़ा कम हुआ ही था कि जॉन ने भी अपना लंड मेरी गांड के पास रखा और अंदर डाल दिया.

तभी शीतल भाभी ने भी झट से कह दिया- हां, वो तो तुम्हारी जीन्स को देख कर लग ही रहा है. इतने में सृजन भाभी ने अपने पर्स से 500 का नोट निकाला और मेरे पैसे भी दे दिए. अमेरिका ब्लू पिक्चरफिर भी मैंने पूरी कोशिश की भैया और भाभी की फिल्म देखते हुए मजा लेने की मगर तुम्हारे लंड के अलावा इसको भला और कौन शांत कर सकता है मेरे राजा!बहुत देर तक भैया ने भाभी की चूत अपनी जीभ से चोदी और जब तीसरी बार भाभी झड़ी तब भैया ने दोबारा अपना लंड भाभी के मुंह में दे दिया.

जैसे ही मेरी उंगली से वसुन्धरा की योनि के शीर्ष पर सजे भगनासा को छुआ, मैंने अपने अंगूठे और उंगली के बीच में लेकर भगनासा ज़रा सा मसल दिया. उनकी बात सुनकर सिर्फ मुस्कुराते हुए उनकी बात टालने की सोची और बाथरूम के अन्दर जाने लगी. फिर उन्होंने मेरे एक चूतड़ पर एक जोरदार चपत मार दी, जिससे मेरे मुँह ससे एक मीठी कराह निकल गई और मेरी गांड लाल हो गई.

उस रात भाभी के 6 मैसेज आए, पर मैंने कोई भी जवाब नहीं दिया और सो गया. वह बोली- तुमने तो कभी किसी के साथ सेक्स भी नहीं किया फिर इतने सारे पोज के बारे में कैसे जानते हो?मैंने कहा- कुछ तो इंटरनेट से सीखा है और कुछ दोस्तों के मुंह से सुना है.

आपने जो बाथरूम के बल्ब को बदलने का आइडिया दिया उसने भले ही बाथरूम में अंधेरा किया लेकिन जमाई जी का लंड पाकर मेरी चूत में सैकड़ों बल्ब जल उठे थे.

आज मेरी प्रिया की शादी थी और मेरी पहली आकांक्षा प्रिया की ‘शादी में सबकुछ ठीक-ठाक रहे’ की थी और मेरे जाती नज़रिये से आज के दिन ऐसा कुछ होना ठीक नहीं था. मैंने उसे उसके होंठों पर चुम्बन किया और बोला- यह दर्द बार बार नहीं होगा. ठंडी हवा में दोस्तो … चांदनी रात में चूत मारने का मजा ही अलग होता है.

होते सेक्सी वीडियो मैं- अपने ब्वॉयफ्रेंड का भी ऐसे ही चुसाई करती है क्या?शीतल- अरे मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड के अलावा अपने बाजू वाले अंकल का लंड भी चूसती हूं. मैंने कहा- आप जब वहां आई थी तो आप मुझे अच्छी लगीं और जब पता लगा हम दोनों को एक ही जगह जाना है तो दिल से लगा कि काश आप और हम एक साथ सफर करते और देखिए न अब हम सच में साथ सफर कर रहे हैं.

मैं यह भी जानता था कि जब यह इतने सारे लड़कों के साथ गुल खिला चुकी है तो मेरे साथ करने में ज्यादा नखरे नहीं करेगी. मगर जब से मैंने तुम्हें नंगी देखा है मैं तुम्हारे बारे में सोच कर ही मुट्ठ मारता हूँ. आशीष उठा और बोला- थैंक्यू बंध्या तुम बहुत अच्छी हो और फिर मेरी चुत के आसपास अपना हाथ लगा कर देखने लगा.

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पिंकी की आंखों में आंसुओं को देखते ही अमर ने पिंकी से पूछा- क्या क्या हुआ पिंकी भाभी?इस पर पिंकी अमर को गले लगाते हुए और रोते हुए बोलने लगी- जीजा जी मुझे भी बच्चे चाहिए, मैं बिना बच्चे के नहीं रह सकती हूँ. मैंने मम्मा की तरफ अचरज से देखा, तो मम्मा बोलीं- ऐसे क्या देख रहा है … मुझे बहुत पहले से पता है कि तू मुझसे शादी करना चाहता है, मुझे चोदना चाहता है. हमारे मिलन का समय आ ही गया और मेरे सपनों की हसीन रानी मेरे रूम पर आ गई.

अन्तर्वासना में उस सत्य कहानी का टाइटल है ‘भाई की कुंवारी साली की सील तोड़ी. रोहन के दोनों ही दोस्त मुझे आँखें फाड़ कर देख रहे थे और उनकी आँखों में एक अलग ही हवस भरी हुई थी.

सुमन ने मेरे पड़ोस में अपने पापा के ननिहाल में रहकर ही एग्जाम देने का निर्णय किया.

वहां से निकल कर मैं उसे सीधा एक बड़े फैशन स्टोर में ले गया और एक बढ़िया सी स्लीवलेस शार्ट घुटनों तक ड्रेस बर्थडे गिफ्ट के लिए दिलवाई. प्रिया ने मेरे लंड से चूत को हटाया और लंड हाथ से पकड़ कर मुँह में भर लिया. मगर जब से मैंने तुम्हें नंगी देखा है मैं तुम्हारे बारे में सोच कर ही मुट्ठ मारता हूँ.

आज उसने अपने अपने लंबे बालों को जूड़ा में बांधा था और ब्लू सूट में वो कयामत लग रही थी. जहां तक मेरा सवाल है, वसुन्धरा की योनि की पंखुड़ियों की मेरे लिंग पर लगती मुतवातिर(अनवरत) रगड़, मुझे सरासर जन्नत का नज़ारा करवा रही थी. फिर अगली सुबह 8 बजे नींद खुली, जोन्स सो रहा था, मैं बिल्कुल नंगी ही थी.

सुबह होने को थी और सब एक बिस्तर पर नंगे बदन गिर कर एक-दूसरे से लिपट कर सो गये.

बीएफ हिंदी में बोलते हुए: मैं उसको फिर किस करने लगा और उसकी चुचियों को अपने हाथ से मसलने लगा. डायरेक्टर के मूड का भोसड़ा बना हुआ था और आन्या उसके हाथ जोड़ रही थी कि सर एक चांस एक बार और दे दीजिए.

मैंने क्या क्या सोचा था कि इसको पटा कर चोद कर मजा लूंगा लेकिन इसके पास तो पहले से ही लंड की जुगाड़ है. मैंने झिझकते हुए कहा- नहीं नहीं अंकल कोई परेशानी नहीं है, मैं तो बस ऐसे ही यहां घूमने आया था, तो सोचा थोड़ा रिलेक्स हो जाऊं. वसुन्धरा की योनि से निकलते काम-ऱज़ और मेरे लिंग से निकले प्री-कम के कारण मेरे लिंग का उसकी योनि में आवागमन थोड़ा आसान हो गया था.

मैं उसके मुँह में में अपना लंड आगे पीछे करने लगा, उसके मुंह से मुम्ह उम्म्ह की सी निकल रही थी। मैं भी अब लंड चुसाई का मजा लेने लगा।चूसने से लंड बिल्कुल लोहे की रोड की तरह कड़क हो गया था।मैंने अब गुलाबो की पेंटी नीचे सरका दी, उसकी चूत बिल्कुल नर्म चिकनी और साफ़ थी, कोई बाल भी नहीं था.

तभी एक आवाज आई- सन्नी, तुमने कपिल अंकल को देखा क्या? और शारदा जीजी भी नहीं दिख रही हैं?मैंने सोचा- अब ये कौन है साला? आराम से बात भी नहीं करने देते. दोनों एक दूसरे से करीब 5 मिनट चिपके हुए अपनी अपनी साँसों में काबू पाते और सुस्ता कर दोनों के बदन ढीले पड़ने लगे थे. तुम्हारी दीदी तो दे नहीं सकती इस हालत में प्लीज एक बार तुम दे दो, उसके बाद मैं तुमको परेशान नहीं करूंगा और किसी को पता भी नहीं चलेगा.