बाबा के बीएफ

छवि स्रोत,साधु बाबा

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सेक्सी हिंदी में विडिओ: बाबा के बीएफ, मैं सोच में पड़ते हुए आंटी से बोला- तू इतने दिनों तक बिना लंड के रही हो क्या … मुझे लगता है कि साली तू न जाने कितनों से चुदवाती होगी.

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फर्स्ट टाइम मास्टरबेशन का मजा मैंने मोबाइल में देसी ब्लू फिल्म देख कर लिया था. सेक्सी वीडियोvमैंने झट से हैंगर से आंटी की पैंटी उतारी और उसको अपने साथ घर ले गया.

मैंने अपनी उंगली निकाली और मुँह में चूस कर मॉम की चूत का स्वाद लिया. बाप बेटी का सेक्सी वीडियो इंडियनमैं कमरे से व्हिस्की की एक बोतल, कोल्डड्रिंक, दो गिलास और काजू का पैकेट ले आया.

ये बात तब की है जब मेरी भाभी ने मेरी खाला से कहा कि फ़ैज़ी जब आए तो उससे कहना कि वो हमें कहीं घुमाने लेकर जाए.बाबा के बीएफ: तब भी भाभी को वो सन्तुष्टि नहीं मिल पा रही थी जो वो मुझमें खोज रही थीं.

पांच मिनट तक तेज़ धक्के मारने से मैं झड़ गई थी लेकिन उसका अभी तक नहीं निकला था.लगभग एक घंटे तक एक दूसरे के साथ आपस में चुदाई करने के बाद मैं अब बदहवास हो गयी थी.

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मेरा काम जल्दी खत्म हो जाने चार बजे की जगह बारह बजे ही उसके घर पहुंच गया.जरा टाइम तो देखो कितना हुआ!मैंने मोबाइल में देखा तो दोपहर के 1:00 बज चुके थे.

मेरे सामने भाभी की लाल फुद्दी थी और उसमें मेरा आधा लंड घुसा हुआ था. बाबा के बीएफ मैं भी भाभी को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश करने में लग गया था कि भाभी कैसे भी करके मुझको पसंद करना शुरू कर दें.

दो दिन बाद स्वाति ने मुझसे अपने केबिन में बुलाया और अपने मम्मे सहलाती हुई वासना भरी बोली- असलम, मैंने जब से तुम्हें अंडरवियर में देखा है, तब से …मैंने भी अपने लंड को सहलाया और उसकी बात काटते हुए कहा- डॉक्टरनी जी, मैंने तो जब तुम्हें पहली बार केबिन में देखा था, तब से मैं तेरे नाम की मुठ मारता हूँ.

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किधर से सीखा?मैं- ये सब मैंने पोर्न मूवी में देखा था … लेकिन तुमको चोद कर मुझे बहुत मजा आया. एक बार उसके परिवार के लोग सब बाहर गए हुए थे तब उसके घर में सिर्फ उसकी चाची ही थी. वो मुझे आस भरी नज़रों से देखने लगी कि मैं उसकी गांड फटने से उसे बचा लूं लेकिन मैं तो खुद बुरी परिस्थिति में फंसा हुआ था.

उन वेटर्स के चारों तरफ से हो रहे हमलों से मुझे मजा तो आ रहा था, पर कहीं ना कहीं दर्द भी महसूस हो रहा था. गुरबचन जी बोले- शाबाश! अब कमरे में जाओ और अरुणिमा को कुछ बोलो ताकि उसे लगे सब तुम्हारी मर्जी से हो रहा है. मुझे देखना है कि उन महाशय की साइज और मोटाई क्या है?मैंने बोला- आप भी अपनी पूरी नंगी तस्वीर भेजो.

फिर मैं दिल्ली छोड़ कर चला गया और पिछले साल लॉकडाउन से पहले उसकी भी शादी हो गई. मेरी कसे से खुले गले के ब्लाउज में से मेरे आधे दूध बाहर निकल रहे थे. मैं लगातार भाभी के दोनों बूब्स को बारी बारी से चूस रहा था और भाभी मदमस्त सिसकारियां ले रही थीं.

गांड भी फूली फूली दिख रही थी, जिससे पता चल रहा था कि चूत सूज गई है. मैं उनके होंठों को चूसने लगा, वो सिसकारियां भरने लगीं और उसी वक्त मैंने दूसरा धक्का दे दिया.

आज भी मैं उसकी गांड की सील तोड़ने का वो पल याद करता हूँ, तो मुझे मज़ा आ जाता है.

चाची ने अपने दोनों हाथ मेरी पीठ के पीछे बांध दिए और बहुत जोर से मुझे अपने सीने से जकड़ लिया.

इस बार हम दोनों काफी मस्ती से चुदाई कर रहे थे और हम दोनों ने ही चार आसनों में चुदाई का मजा लिया था. कुछ देर बाद मैंने दीदी को बेड पर लिटा दिया और उसकी टांगों को फैलाकर अपना लंड चूत में एक जोरदार धक्का दे मारा. देख मैं जवान हूँ, घर की इज्जत बाहर न उछले इसलिए अब तू मेरी जवानी लूट ले.

वो सर से बोली- सर मेरा रिश्ता किसी के साथ नहीं हो पाता, कुछ न कुछ हो जाता है. कुछ सामान मेरे हाथ में भी था, नहीं तो मैं दीदी की गांड में फिंगर करने की सोच रहा था. चाची सास- हम्म … किसे याद करके हिला रहे हो जमाई राजा?मैं- आपकी बेटी को याद कर रहा हूँ.

इसलिए मैंने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और आगे आकर चाची के चूचे भी दबाने लगा.

मेरा भाई मेरे दूध पकड़ कर नीचे से अपनी गांड उठाते हुए बहन चोद रहा था. वो गांड उठाती हुई बोली- आआहह मादरचोद, चोद मुझे भैन के लंड … साले पेल अपना लौड़ा और चोद दे मेरी चुदासी बुर को … आअहह फाड़ डाल मेरी चूत को. वहां क्या हुआ?नमस्कार दोस्तो, मैं रोनित एक बार फिर से सामने अपने दोस्त की मम्मी की चुदाई की कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ.

अभी हमारी चुदाई पूरी नहीं हो पाई थी और पूरी तरह से के एल पी डी हो गई थी. भाभी को भी मेरे खड़े लंड का अहसास हो गया था कि मेरा लंड अब पूरी तरह तैयार हो गया है. तब मेरा वीर्य निकालना नया नया शुरू हुआ था।मैं खूब पेलता था तकिया को!ऐसा करते करते साल 2013 आ गया।मैं अब चूत लेने लायक हो गया था आंटी हो, भाभी हों या लड़की हो!इस बीच मैं दो तीन बार रण्डी चोद चुका था.

मैंने सोचा कि अगर उसके साथ सेक्स किया तो मेरी सेक्स की तमन्ना भी पूरी हो जाएगी और घर की बात घर पर ही रहेगी.

जब मुझे लगा कि अब डिस्चार्ज होने का डर है, तो मैंने तकिया निकाल कर बीवी की टांगों को कन्धे पर रखा और लंड को चूत में पेल दिया. मेरा एक बार और चुदाई का मन हुआ तो होंठों पर किस करते हुए अपना हाथ नीचे ले गया और उसकी चूत पर ऊपर से ही फिराने लगा.

बाबा के बीएफ जैसे वो आज कौन से कपड़े पहनेंगी, उनको कौन सा रंग पसंद है … आदि कई प्रकार की बातों के बारे में वो मुझसे बात करती थीं. इसके बाद मैं अपना लंड भाभी के मुँह के पास ले गया तो भाभी मेरा लंड देख कर खुश हो गईं और उसे मुँह में लेकर चूसने लगीं.

बाबा के बीएफ दोस्तो, मुझे आशा ही नहीं वरन विश्वास है कि आपको मेरी इस सेक्स कहानी को पढ़ने में मजा आ रहा होगा. रास्ते में चलते अपने साधनों से भी दूसरे लोग हमारी ओर ही देख रहे थे.

मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?वो मरी सी आवाज में बोली- तुम्हारा ये बहुत बड़ा और मोटा है.

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उसके धक्कों से मेरा लंड तकिया से रगड़ खाते हुए स्वाभाविक रूप से पिलो सेक्स का मजा ले रहा था. कुछ देर बाद पापा ने मम्मी को घोड़ी बनाया और पीछे से लौड़ा पेल कर चूत चुदाई करने लगे. उसके ऐसा करते समय उसकी चूचियां मेरे जिस्म को रगड़ रही थीं जिससे मेरा लंड और भी ज्यादा खूंखार होता जा रहा था.

प्रिय पाठको, आपको यह आंटी सेक्स डबल चुदाई कहानी पढ़ कर मजा आया? कमेंट्स में बताएं. मेरे घर वालों के जाने के बाद मैं आंटी के घर खाना खाता और रोज की तरह स्कूल जाता. वो मुझे आस भरी नज़रों से देखने लगी कि मैं उसकी गांड फटने से उसे बचा लूं लेकिन मैं तो खुद बुरी परिस्थिति में फंसा हुआ था.

लगातार दस मिनट तक दूध चोदने के बाद पापा अपने लंड को मम्मी के मुँह में डालकर मुखचोदन करने लगे.

रवि मुझे पचास हजार की ऑफर देकर बोला- आपको मेरे साथ तीन दिन तक रहना होगा. अपनी बहन की सहेली की कुंवारी चूत फाड़ने की कहानी मैं आपको अगली बार सुनाऊंगा. वो चीखने को हुई तो मैंने उसके होंठों को किस करके उसकी चीख को रोक लिया.

वो मुझसे छूटने की हर कोशिश कर रही थी मगर किसी भी तरह से कामयाब नहीं हो रही थी. हम दोनों हंसने लगे और मैं भी थोड़े मुरझाए लंड को चुत में डालने की कोशिश करने लगा. मैं लंड चूत में पेलने के साथ बोल रहा था कि हां धीरे ही करेंगे मेरी जान, नहीं होगा दर्द.

मैंने अपने लंड पर हाथ रखते हुए उसे छिपाने की कोशिश की और हकलाते व डरते हुए कहा- ये क्या कह रही हो तुम?उसने मेरे लंड की ओर अपनी नजरें गड़ाते हुए कहा- जो तूने सुना, वही कहा. उस दिन भाभी ने अपनी ब्रा पैंटी नहीं पहनी थी तो मुझे उनके गोल गोल रसीले स्तन और उन पर वो काले अंगूर से निप्पल दिखने लगे.

उसने कहा- दीदी कंडोम बाद में लगा लेंगे, पहले चमड़ी से चमड़ी रगड़ लेने दो. मैंने कहा- आपको कैसे मालूम … क्या भैया ने आपकी गांड मारी है क्या?भाभी हंस कर बोलीं- उनका लंड मेरी चूत तो ढंग से चोद नहीं पाता … गांड की क्या बात करते हो. तब अंकल मेरे पास आकर बोले- बेटी, तुम तो सायद संजीव की लड़की हो?मैं बोली- हां अंकल।इतना कहते ही अंकल ने मेरी बहुत टाइट कोली भर ली और बोले- बेटा, मुझे नहीं पता था कि तुम संजीव की लड़की हो.

पास में नौकरी करने वाले लड़कों का हॉस्टल है, वहां मैं लड़कों से अपनी गांड मरवाता हूँ.

अब तो मैं कभी भी मौक़ा पाकर उसे किस कर लेता था, उसकी चूचियों को मसल देता था।मुझे अब उसे चोदने के लिए मौके की तलाश थी।और वो मौका मुझे जल्दी ही मिल गया।मेरी मम्मी के पापा यानि मेरे नाना जी की मृत्यु हो गई।मां और पापा को उनके घर जाना पड़ा. अपनी एक टांग को कमोड पर रखी और मेरे सामने आंटी की गुलाबी और रसभरी चूत खुल गई थी. थोड़ी देर तक ऐसा करने के बाद मुझे पेशाब लग आई, मैं उठकर बाथरूम गया और वहां से आने बाद मैंने जानबूझ कर नाइट बल्ब बंद कर दिया ताकि पूरा अंधेरा हो जाए.

मैं अपने लंड के सुपारे को भाभी की बहती चूत की फांकों में रगड़ने लगा. वो मस्त गांड मार रहा था मगर उसके दवा खाकर गांड मारने से उसने मेरी सुजा दी.

मैंने उससे कहा- तुम बताओ कब फ्री होती हो, तब तो मैं तुमसे फिर से मिलने के लिए आने का प्रोग्राम बनाऊं. कुछ देर बाद राजेश उछल कर हौद की दीवार पर बैठ गया और मुझे लंड चूसने का इशारा किया. भाबी ज़ोर से चिल्लाईं- ओह मर गई … साले कितना बड़ा है तेरा … मुझे दर्द हो रहा है.

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मैंने देखा आंटी के घर में कोई नहीं है, तो मैंने आवाज लगाई- आंटी जी, कहां हो?बाथरूम से आवाज आई- आशु, खाना गर्म करना पड़ेगा, तुम बैठ जाओ.

उसने मेरी तरफ़ देखा और हल्की मुस्कान के साथ बोली- आप जैसा बोलेंगे मैं वैसा करूंगी लेकिन कभी भी हमारे संबंध के बारे में किसी को भी पता नहीं चलना चाहिए. चाची को भी ऐसी घोड़ी बनकर पहले से ही चूत चुदाई में बहुत मजा आता था इसलिए वह एकदम जोरदार मस्ती में आ गईं. भाभी मेरी छाती पर झुकी थीं, तो मैं बारी बारी से उनके दोनों चूचों को दबाने और चूसने लगा.

मैं उसे इस तरह लगभग नंगी हालत में पहली बार देख रहा था; मैं बस उसे देखता ही रह गया. रात को जब बीवी बिस्तर पर आयी तो मुझको फिर से चिन्ता हुई कि अब क्या होगा, दम ज्यादा नहीं बचा था. यूपी की सेक्सी वीडियो फिल्ममैंने भाभी की तरफ सवालिया नजरों से देखा, तो भाभी बोली कि मैं आज तुम्हारी चॉकलेट मसाज कर देती हूं.

मैंने मॉम को चुप कराने के लिए उनका मुँह हाथ में लिया और उनके आंसू पौंछे और उनके होंठों पर अपने होंठ रखकर किस करने लगी. जिसको मज़ा नहीं आ रहा, उसकी तब तक पिटाई होगी, जब तक उसे मज़ा न आने लगे.

वैशाली के परिवार में उसके पापा मम्मी, उसके बड़े पापा (ताऊ) , बड़ी मम्मी (ताई) और चाचा चाची, उनके बच्चे भी … मतलब वो सब एक साथ रहते हैं. मैंने अपने चेहरे और चूत को अच्छे से धोया और कपड़े पहन कर बाहर वाले रूम आकर बैठ गई. वो मेरी छाती चूम कर मेरे सीने की दोनों घुंडियों को चुभलाती हुई मजा दे रही थीं.

वो बेड पर से उतर कर चलने लगीं लेकिन चाची से ठीक से चला जा रहा नहीं था. उसके बाद दीदी ने कहा- संडे को मम्मी पापा और मेरा भाई बाहर जा रहे हैं. आंटी हंसती हुई बोलीं- इतनी सारी क्रीम मत जमा किया करो, इसके अन्दर कीड़े पड़ जाएंगे.

उसके मुलायम चूतड़ों के बीच गांड के भूरे छेद में मेरा लंड फंसा हुआ था.

इस बार उसने लेटे लेटे ही एक पैर उठाया और पीछे से ही चूत में लंड पेल दिया. उसी वक्त मैंने पलट कर उन्हें पीछे से जोर से पकड़ लिया और उनके गले को चूमने लगा.

मेरा दिमाग गर्म हो ही गया था, सो जो भी दरवाजे पर होगा, उसको खरी खोटी सुनाऊंगा, ये सोच कर मैंने दरवाजा खोला. ऐसी जोशीली और कामवासना से भरी हुई लड़की के साथ अपना पहला सेक्स सुख पाकर मैं बहुत ही खुश था और मेरे आनन्द की कोई सीमा नहीं थी. जब उन्होंने मेरा लन्ड देखा तो मुस्कुरा दी क्योंकि उनके हिसाब से बहुत छोटा था.

आंटी आप पहले ये बताओ कि कहां कहां दर्द है?मॉम ने कहा- ऐसे कैसे बताऊं, सब जगह दर्द है. पुरुष को उसके होंठ, गाल, गर्दन, कान के पीछे, छाती, कांख, जांघ, गोटी, लंड, चूमकर उत्तेजित किया जाता है. एक तो उसका लंड चूसने का टेलेंट और इतने दिनों की मेरी बेताबी, सो पांच मिनट भी नहीं लगा और मैं उसके मुँह में झड़ गया.

बाबा के बीएफ मैंने उसकी टांगें सीधी कर दीं और खुद उनके ऊपर बैठ कर उसके हाथों को साइड में करके पकड़ लिया ताकि वो ज्यादा छटपटा ना सके. ग्राहक की ज़रूरत समझ कर उसको कैसे खुश करना है, इसका अभ्यास कराया गया.

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वो केवल चड्डी में मेरे सामने लेटी हुई थी और दोनों हाथों से अपने चेहरे को छुपाए हुई थी. थोड़ी देर में ही विक्रम का फोन आया और वो बोला- क्या हुआ जान … ब्रेकअप क्यों!मैंने गुस्से में बोला- बहनचोद कल जो तूने किया, उसके बाद भी तुझे रिलेशन चाहिए!वो बोला- बहन की लौड़ी, अगर ब्रेकअप किया तो तेरी नंगी फोटो इन्टरनेट पर डाल दूँगा. बहुत दर्द होगा!किशन- दर्द गया भाड़ में … आप बस मेरी गांड में लंड डालो.

कुछ सामान मेरे हाथ में भी था, नहीं तो मैं दीदी की गांड में फिंगर करने की सोच रहा था. पर आज भी मैं भाभी से फोन पर बात करता हूं और जब भी मौका मिलता है, हम कहीं मिलकर मजे कर लेते हैं. सेक्सी वीडियो में देखने मेंतभी चाची ने करवट बदली तो मैं डर गया और सोचा कि कहीं चाची जाग तो नहीं गयी हैं.

मुझे आया देख कर भड़क कर बोले- साले भड़वे! देख नहीं रहा, मैं तेरी बीवी के साथ बिजी हूँ.

भाभी- हम्म … आप मुझको इतना पसंद करते हो, तो मुझको ही अपनी प्रेमिका बना लो न!मैं- सच में भाभी बनोगी मेरी प्रेमिका?भाभी- हां … हां … क्यों नहीं बनूंगी आपकी प्रेमिका. भाभी ने एकदम से पूछा- तुम इतनी देर से क्या देख रहे हो?मैं सकपका गया कि अब तो पकड़ा गया.

मैं सोचती रही कि ये काम तो मुझे करना था मगर मैं शर्मवश नहीं कर सकी. विश्वेश्वर जी बोले- उसका प्रोग्राम नहीं है क्या?मैंने अचकचा कर कहा कि घर में डिनर का प्रोग्राम था, सो उसका इंतज़ाम नहीं किया था. दोस्तो, मैं सभी पढ़ने वालों को नमस्कार करता हूँ।मेरे भी मन में बहुत दिनों से एक कहानी लिखने की इच्छा थी लेकिन मुझे कोई मज़ेदार कहानी लिखने का मन था।वैसे तो मैं अपने गर्लफ्रैंड के साथ सेक्स कर चुका था लेकिन उसमें वो मज़ा नहीं था कि मैं उस पर मजेदार कहानी लिख सकूँ।लेकिन इस कोरोना काल में मुझे अपने दोस्त की गर्लफ्रैंड के साथ सेक्स का मौका भी मिला.

हमारे पास केवल दो घंटे का ही समय था और चारों के साथ एक जबरदस्त चुदाई के लिए दो घंटे बहुत कम होते हैं.

मुझे गुस्सा आया और मैंने सोचा- साला भैनचोद … चूत में आग लगा कर सो रहा है. इससे मुझे और जोश चढ़ने लगा और मैं भाभी की चूत को भोसड़ा बनाने में लग गया. मुश्किल से 5 मिनट में ही मैं दुबारा गर्म हो गई थी और अब ऐसा लग रहा था कि किशोर जल्दी से मेरे अन्दर समा जाए.

हिंदी सेक्सी फिल्म नईदोस्तो, मेरी हॉट गर्ल बिहारी सेक्स कहानी कैसी लगी?मुझे मेल करके जरूर बताएं जिससे मैं अगली सेक्स कहानी और अच्छे से लिख सकूं. पहले स्वाति ने अपनी ब्रा से मेरा लौड़ा साफ़ किया और मजे से लंड चूसने लगी.

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फिर भी मैं उसको अपनी बांहों में भर लेता था और उसके स्तन दबा देता था, उसके होंठों का चुम्बन कर लेता था. एक दिन सुरभि रूम में अकेली थी, तब मैं उसके रूम में गया और सुरभि से पूछने लगा- क्या कर रही हो?सुरभि अंगड़ाई लेती हुई बोली- अरे आ जा … मैं तेरी ही तो राह देख रही थी. [emailprotected]डॉक्टर सेक्स कहानी का अगला भाग:डॉक्टरनी और नर्स की चूत चुदाई का मजा- 2.

आयुष ने मुझसे बोला- मुझे तुमसे 5 मिनट के लिए गर्ल टॉयलेट में मिलना है. फिर उनके हाथों को पकड़ा और आगे से उठा कर और तेज़ी से गांड मारने लगा. अब पापा ने मम्मी की पैंटी को भी निकाल दिया और वो मम्मी की चूत को हाथ से सहलाने लगे.

एक दिन हुसैना भाभी के सामने उसने मुझे छेड़ने के लिए पूछा- तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है?मैंने उसे ना में जवाब दिया. विक्रम ने नीचे से उनकी गांड चोदना शुरू कर दिया और थोड़ी ही देर में विक्रम बोला- चल बहन की लौड़ी नीचे लेट. मैं चुपके से किचन में गया ओर चाची को पीछे से अपनी बांहों में जकड़ लिया.

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मैंने कहा- कुछ नहीं होगा, बोल दीजियेगा कि घर में ब्रा नहीं पहनती हूँ.

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जिजा ने सली को चोधा

अंकल बोले- हो गया तुम्हारा?मैंने बोला- हां अंकल, मैं भी झड़ चुकी हूं।इतना सुनकर अंकल ने स्माइल किया और मेरी कोली भर कर लेट गए।अंकल ने मुझे उस रात एक बार और चोदा. उनका गर्म गर्म लावा मेरी चूत और गांड के छेद से निकलकर मेरी जांघों से होता हुआ मेरी टांगों तक आ गया था. मुझे देखकर डॉक्टर स्वाति कुछ मादक अंदाज में बोली- ह्ह्म्म … तुम हो नए ड्राइवर!मैं- जी.

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सेक्सी वीडियो जानवर वाली हिंदी मेरे भाई ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे मगर मेरी पढ़ाई के प्रति रुचि देख घर के लोग मुझे आगे पढ़ाना चाहते थे. मैंने जैतून के तेल से उसकी गांड के छेद की ऊपर ऊपर से मालिश की और उसकी गांड के भूरे रंग के फूल को अपनी एक उंगली से कुरेदा.

वो आह आह करके मेरे सर को अपनी चूत में घुसेड़ लेने की कोशिश कर रही थी. ऐसा कहती हुई वो सर से खुद के बारे में पूछने लगी और कुछ देर बाद चली गई. ये मेरा पहला मौका था जब कोई भाभी मुझे मजबूर करके अपने साथ सेक्स करने के लिए कह रही थी.

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वो हम सभी आठ बंधे लड़के, लड़कियों के शरीर, चूचे, चूत, लंड, गांड पर हाथ फेरने और दबाने लगे. चाची सास- तुम क्या कर रहे हो?मैं- कुछ नहीं, बस आपसे बात कर रहा हूँ. उसके एक बार झड़ने के काफी देर तक भी मैं उसकी गांड चाटता रहा और अब उसकी हालत बेकाबू होने लगी.

पैंटी के ऊपर से काफी देर तक चूमने के बाद अचानक उन्होंने मेरी पैंटी भी मेरे जिस्म से अलग कर दी. वो तो आइसक्रीम का मजा भी ले रही थी और लंड चूसने का मजा भी ले रही थी.

मेरी पिछली कहानी थी:सगी भाभी से प्यार और सेक्सइस बार मैं समाज के व्हाट्सएप ग्रुप से मिली एक शानदार भाभी की Xxx चुदाई की कहानी लेकर हाजिर हूँ.

उस समय मैंने ब्रा नहीं पहनी थी तो जैसे ही मैं झुकती या चलती … तो मेरे स्तन हिलते और झुकने पर दिखने लगते. मैंने फटी हुई अपनी ब्रा और पैंटी अपने पर्स में रख लिए और अपने पर्स से 1000 का नोट निकालकर उन वेटरों से कहा कि ये लो तुम्हारा इनाम है. मेरे लंड पर अभी भी माल लगा हुआ था, तो कोमल ने जीभ से चाट कर लंड साफ कर दिया और जो माल नीतू के मुँह पर लगा था, उसको भी चाट लिया.

फिर मैंने बारी बारी से सबको एक-एक करके बाहर भेज दिया और खुद भी कमरे का ताला लगाकर बाहर आ गई. रणवीर ने मुझको कुछ रुपये दिए और बोला- हम दोस्त लोग, कभी कभी एक आंटी से सीखकर आए लड़कों की गांड मारते हैं. उसने बाहर से मुझे फोन लगा कर कहा- मैं बाहर खड़ी हूँ, अपनी चूत का सामान ले जा.

मैंने उनसे पूछा- आपके पति कहां हैं?उन्होंने बताया- वो भी अभी जाग रहे हैं.

बाबा के बीएफ: उसको भी पता चल गया था कि मैं ऑनलाइन हूँ और कुछ लिखने की सोच रहा हूँ. ये सुनकर मैं नीचे लेट गया और वो मेरे लंड पर बैठ कर खूब मज़े से चुदने लगी.

तभी एकदम से आंटी की आवाज़ आई- बच्चो, डिनर का वक्त हो गया है जल्दी टेबल पर आ जाओ. चाची की चूत के रस का स्वाद अच्छा था; मैंने चाची की जांघों को चाट कर रस साफ़ कर दिया. वो एक काटन का हाउस कोट जैसा गाउन था जिसे आप घुटनों तक आने वाली नाइटी कह सकते हैं.

मुझे डर लग रहा था कि जैसे कई बार अपनी पत्नी के साथ में कम समय तक ही टिक पाता हूँ, कहीं आज ऐसा ना हो जाए.

मैंने उनकी गर्दन पर चूमते हुए पूछा- आंटी, आपने एक साथ कितने लंड चूत में लिए हैं?आंटी ने कहा- चूत में तो अभी तक एक ही लिया है, लेकिन गांड में एक साथ दो लौड़े लिए हैं, इसीलिए तो ये इतनी ढीली हो गई है. फिर चाची को अधनंगा करके मैंने लंड को चूत में दाखिल कर दिया और चुदाई करने लगा. अब वो एक बार और आने वाली थी उसने मुझे और मेरे लंड को जकड़ना शुरू कर दिया जिससे मैं भी नहीं टिक पाया.