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उसके 2 या 3 दिनों के बाद रात को लगभग 9:00 बजे के पास सुमन का फोन मेरे फोन पर आया और उसने ऐसे ही धीमी धीमी आवाज में बात करना शुरू कर दी. एक्स एक्स एक्स वीडियो हॉटमुझे लगने लगा कि भाभी तो चुदने को तैयार हैं, बस मुझे ही हिम्मत करके भाभी को चोदना है.

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एक दिन वो फोन पर बोली- अब तुम्हारे बगैर मेरा मन कैसे लगेगा, तुमने मुझे अकेला छोड़ दिया है.रात की चुदाई के बाद लंड में हल्की सी सूजन थी और बाकी दिनों की अपेक्षा थोड़ा मोटा भी लग रहा था.

मैंने अपना एक पैर बीवी घुटने के बाजू बाहर रख दिया, फिर बीवी को आहिस्ता से मेरे साथ पीछे आनेके लिये कहा. हिंदी बीएफ भोजपुरी सेक्सी मैंने फिर पूछा- अमीषी व्हाट हैपेंड?उसने मेरे पास आकर लंड को अपने हाथ में लिया और बोलने लगी- बाबू, ये अन्दर कैसे जाएगा?मैंने उसे दीवार से उल्टा लगा कर उसकी गांड की दरार में अपना लंड रखा और कहा कि डार्लिंग वो तुम मुझ पर छोड़ दो.

मेरी चूत से चुदाई की ध्वनियाँ निकलने लगीं जो वातावरण को और उत्तेजक बना रहीं थीं.

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इस पोजीशन में मैंने उसके सिर के पीछे हाथ लगा कर उसको अपनी छाती से लगाया उसकी कमर पर हाथ फिराता रहा और उसको कहा थोड़ा ऊपर नीचे होती रहो. एक दिन मुझे उसका मैसेज जीमेल पर आया कि ‘हैलो अगम मैंने तुम्हारी कहानी पढ़ी और मुझे काफी अच्छी लगी. मैंने कहा- आप वादा कीजिये कि आप बुरा नहीं मानेंगी?कह कर उसका हाथ अपने हाथ में लेकर उसकी आँखों में सीधे देखने लगा.

वो दर्द से चिल्ला रही थी और बोल रही थी- बस यश, निकाल लो, बहुत तेज दर्द हो रहा है. अमर ने भी पिंकी भाभी की साड़ी उतार कर उसके जिस्म से अलग कर दी और पिंकी के ब्लाउज के ऊपर से साफ़ नुमाया ही रही उसकी चुचियों को ऊपर से ही चूसने लगा. मैं प्रिया की जांघों के पास बैठ गया और कस कसके प्रिया की चूत का रस पीने लगा.

मैं भूखे कुत्ते की तरह उसके बूब्स को चूसने चाटने और चबाने लगा।रश्मि मेरे लन्ड को पकड़ के हिला रही थी. मुझसे रहा नहीं गया, मैं झट से घुटनों के बल बैठ गई और अपने पति का लंड मुँह में लेकर चूसने लगी. कभी उसके कान, गाल और होंठों को काटने लगा, तो सरिता और मदहोश हो गयी.

पूरा दिन गुजर जाने के बाद जब रात को सोने का समय हुआ उसने अपने लिये नीचे फर्श पर अलग से बिस्तर नहीं लगाया और मेरे साथ ही बेड पर आकर लेट गयी. इससे पहले वो कुछ बोलता, मैंने आरती को फोन पकड़ा दिया, कहा- करो उससे बात और पूछ लो कि कब चोदेगा तुमको.

रानी धक्के पे धक्के, धक्के पे धक्के मारे जा रही थी, आआह आआह आआह आआह.

दीदी की चुत पे छोटे छोटे सुनहले से बाल थे, ऐसा लग रहा था कि कभी किसी ने इसको छुआ भी न हो.

दोस्तो, इस बार मैंने कहानी अपने ऊपर न लिख कर कुछ अलग अलग क़िरदारों के ऊपर लिखी है, ताकि मजा भी आए और आप मेरी महिला मित्रों के नंबर मांगने की जिद ना करें. भाभी की हालत गली की कुतिया के जैसी हो गई थी जो तीन-चार कुत्तों का लंड लेने के बाद अपनी जान छुड़ाती हुई भागने लगती है. वह मेरी तरफ पलटना चाहती थी मगर मैंने उसको अपनी बांहों में जकड़ रखा था.

यह बड़ी उम्र की औरत की चूत की कहानी तब की है, जब मैं 12वीं में पढ़ता था. वैसे कुछ लड़कियाँ तो खुद ही चुदवा लेती हैं मगर कुछ लड़कियाँ बाहर भले ही चुदवा लेती हों लेकिन घरवालों और रिश्तेदारों के सामने सती-सावित्री होने का नाटक करती रहती हैं. मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा ताकि मामू भी चुदाई की आवाज़ सुन लें और समझ जाएं कि हम जाग रहे हैं.

” मुझे गोद में ही पकड़े हुए सर मेरी चूचियों को शर्ट के उपर से ही मसलने लगे.

फिर उन्होंने मुझे पलट कर घोड़ी बना दिया और डौगी स्टाइल में करके मेरी चूत में लण्ड पेल दिया और मेरे चूतड़ों पर चपत मार मार के मुझे चोदने लगे. नीलू ने कहा कि पगली आशीष से बोलना कि कंडोम लेकर आए या फिर तुझे टेबलेट लाकर खिला दे. वैसे तो मैं हर किसी की चुत नहीं चाटता हूँ, पर अमीषी की चूत देख कर मुझसे रुका नहीं गया और मैंने धीरे से अपनी जीभ बाहर निकाल कर चूत पर धीरे से नीचे से ऊपर की तरफ फेरी.

सच कहूँ तो मुझे सलोनी मौसी बहुत अच्छी लगती थीं और मैं अक्सर उनके नाम की मुठ मारा करता था, पर ये बात कभी बंटी को नहीं बताई. मैंने कहा- मैं प्रॉमिस तो नहीं कर सकता लेकिन अपनी तरफ से हर सम्भव कोशिश करूंगा. सोनल ने अपने मुँह पर हाथ रखते हुए कहा- हाय भाई … इतना बड़ा लंड!राधिका- हां इतना बड़ा लंड … और यही लंड आज तुम दोनों की चुतें भी फाड़ेगा.

मैंने कहा- हाँ, बोलो?रोहन- आज जब एलेक्स और जॉन घर आये थे तो वो मुझसे कुछ पूछ रहे थे.

वैसे ही मैं बहुत हॉर्नी था, तो मैंने जल्दी से लंड को गले गले तक लेकर चूसना शुरू कर दिया. खैर … हम दोनों सम्भोग की दुनिया में डूबे हुए एक दूसरे को खा जाने की तरह किस कर रहे थे.

हिंदी बीएफ भोजपुरी सेक्सी मैं तीन साल से तुम्हारे प्यार की प्यासी हूँ … प्लीज प्रवीण आज मेरी प्यास बुझा दो. मेरी चूत को चाटने के बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा.

हिंदी बीएफ भोजपुरी सेक्सी जितनी मिटाने की कोशिश कर रही हूँ, उतनी ही बढ़ती जा रही है।मैंने पूछा- तो तुम्हें मजा आ रहा है?वो बोली- बहुत मजा आ रहा है! मैं चाहती हूँ कि तुम अपना लंड मेरी बुर के अन्दर डाले ही रहो।उसके इतना कहने के साथ ही मैं रूक गया. कई जगह पर तो गुदगुदी हो जाती है मगर एक फ्रेशनेस की फीलिंग भी आती है.

तभी एक आवाज आई- सन्नी, तुमने कपिल अंकल को देखा क्या? और शारदा जीजी भी नहीं दिख रही हैं?मैंने सोचा- अब ये कौन है साला? आराम से बात भी नहीं करने देते.

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उसने मेरे खड़े हुए लंड को धीरे से अपने होंठों के अंदर किया और उसके बाद धीरे-धीरे उसको चूसते हुए मुंह के अंदर बाहर करने लगी. फिर डॉक्टर ने स्टेथोस्कोप से उसको चैक किया और कहा कि मैं तुम्हें एक दवाई लगा देता हूं. इस बार मैं उनकी तरफ सरकते हुए अपना हाथ और पैर फिर से उनके ऊपर रख दिया, हाथ मैंने ऐसा रखा कि मेरे हाथ की कोहनी का हिस्सा मौसी के पेट पर था.

जबकि अमर की बीवी को एक लड़की हो चुकी थी और जल्दी ही एक और बेबी होने को था. तो क्या मेरे यूं रोज रोज खड़े रहने से अंकल जी पर कुछ असर नहीं होगा? उनके मन में ये प्रश्न नहीं उठेगा कि ये लड़की रोज रोज ऐसे क्यों दिखाई देती है मुझे?मेरे मन ने खुद ही इस प्रश्न का जवाब दे दिया कि जब सुबह के टाइम सब लोग घूमते हैं तो मैं भी तो वही कर रही हूं इसमें एक्स्ट्रा एफर्ट क्या है?मेरी कमी मुझे समझ आ गयी थी; अब मुझे अंकल जी का ध्यान अपनी तरफ खींचना था वो भी सादा सिंपल तरह से. यह कह कर कपिल ने अपने मोटे लंड को अपनी दीदी की बुर के ऊपर रगड़ना शुरू किया.

आन्या बोली- सर आप जो कहेंगे, मैं वहां आपकी बात मान लूंगी, लेकिन एक बार चांस दे दीजिएगा प्लीज़.

मैंने किसी तरह से उसको मनाया और वह संडे को सुबह 10:00 से 10:30 के बीच मेरे कमरे पर आने को राजी हो गई. इस बीच मैंने हाथ लगा कर महसूस कर लिया था कि उनकी चूत भी गीली होने लगी थी. साली तेरे लिए मैं कुछ भी दवाई खाकर अपने लौड़े का साइज बड़ा करूंगा, तू बहुत चुदासी है.

हल्की हल्की कंपकंपाती सी आवाज में बोलने लगीं- ये बहुत मोटा है और मस्त है. मैंने उसकी टांगों के बीच में आकर अपने लंड को चूत की फांकों में ऊपर से नीचे तक फेरा, तो वो गनगना उठी और जल्दी लंड लेने को उतावली सी होने लगी. दोस्तो, यह थी मेरी चाची की सच्ची चुदाई की कहानी, आपको मजा आया या नहीं, प्लीज़ मेल कीजिएगा.

उसने मुझसे बोला- प्लीज़ थोड़ा धीरे करो … मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूँ. वसुन्धरा की जिद, वसुन्धरा का मान, वसुन्धरा का नारीत्व, वसुन्धरा का प्यार … ये सब पूर्णता को प्राप्त होने को थे और वसुन्धरा चौदह साल के जमे हुए काल-खण्ड की क़ैद से से बस … बाहर निकलने को ही थी.

नम्रता ने मुझे चिकोटी काटी थी, मेरे इस तरह सकपका कर देखने से वो बोली- जनाब कहां खो गए थे आप?मैं- सच कहूँ तो आपकी चूत चुदाई की याद में खो गया था. जैसा कि मैंने अपनी पहली सेक्स कहानी में भी बताया था कि मैं एक स्पा केन्द्र में काम करता हूँ. मुझे और तेरे भैया आशीष को बात करना है, तो जब तेरी मम्मी घर में ना रहें, या वो कहीं जाएं, तो ऐसा कोई जुगाड़ कर दे.

मैं बोली- आशीष तू बहुत बड़ा कुत्ता गांडू है … और जोर से मार मेरी चुत … पूरा लंड अन्दर घुसा भोसड़ी के … आशीष और तेज चोद … चोद आशीष … अहहभ ऊंहह आशीष और अन्दर लंड डाल उंहहह और जमकर चोद आशीष!मैं उसके नाम की माला जपने लगी और उसके जीभ को मैं अपने होंठों से निकाल कर चूसने लगी.

तो उसने मना कर दिया कि हट पगली इससे कुछ नहीं होता, फालतू हमारी ही बदनामी होगी … सब लोग हम दोनों पर हंसेंगे और घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा. फिर मैंने उसकी कुर्ती को उतरवा दिया और नीचे उसने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी. आआआ … आह्ह … पापा मैं आने वाली हूँ, तेजी से करो पापा ओह्ह … मैं बस होने वाली हूँ पापा उफ्फ … मैं अपनी चूत को पापा के लंड के धक्के के जवाब में ऊपर उछाल रही थी.

उसकी कसी हुई चूचियां मेरे सीने पर रगड़ रही थीं, उसके निपल्स मेरे सीने में चुभ रहे थे. उसके नुकीले नाखून मुझे कई जगह चुभ गए लेकिन उस समय मैं इसकी परवाह बिल्कुल नहीं कर रहा था.

वैसे मुझे भी रात में अकेले छत पर जाने में डर लग रहा था मगर फिर भी मैं हिम्मत करके छत पर पहुंच गयी. मैं वहां से वापस जाने के लिए मुड़ा ही था कि भाभीजी ने आवाज़ दी- अरे मुदित, कहाँ जा रहे हो? आओ न यार … कब से वेट कर रही हैं हम तुम्हारा!मैं वहीं रुक के फिर से ऊपर की तरफ बढ़ गया. मैं तो चाहता था कि काश ये आज मुझे मिल जाएं, तो मुझे जन्नत का अहसास हो जाएगा.

दीपावली के शुभ अवसर पर

वो एक सुंदर और संस्कारी परिवार से थी लेकिन ऐसी बात नहीं थी कि वो बहुत ही सीधी हो.

मैं चारपाई पर लेटा था और मदहोशी में ठंडी हवा का लुत्फ ले रहा ही था कि तभी पायल की झंकार मेरे कानों में पड़ी. मेरी कामोतेजना का अब ठिकाना ही नहीं रहा और मैं कराहने और सिसकने लगी. मेरी यह कोशिश रंग लाई और अंकल जी ने ठिठक कर मुझे देखा, उनकी चाल धीमी हुई और वे चले गए.

वह लड़की कम कॉलेज आती थी, तो ज्यादातर प्रेक्टिकल्स मैं और निकोलस ही किया करते थे. वो बोलीं- क्या हुआ … फौजी नाराज हो गया क्या … मैसेज का जवाब भी नहीं देता. xxx.com मूवीतब तक स्नेहा की मम्मी आ गईं और बोलीं- बेटा आज मैं मटन बना देती हूं, तुम सब लोग खा लेना.

प्रिया- आआहह … और अन्दर ठोकर मारिए … आंह मुझे प्रेग्नेंट कर दीजिए भैया … आप आज मेरी चूत भर दीजिए … मैं रोज चुदूँगी आपसे भैया. फिर उनकी बेटी यानि उस लड़की ने मुझको बुलाया और कहा- तुम इस बॉक्स को रखवाने में मेरी थोड़ी हेल्प कर दोगे प्लीज़.

इसलिए यहाँ के अधिकतर पुरूष, या तो महिला की नीरसता के शिकार हो जाते हैं या फिर महिलाएं पुरूषों की नीरसता का बोझ उम्र भर अपनी वासना के कंधों पर ढोती रहती हैं. वो चिल्लाने लगी उम्म्ह… अहह… हय… याह… मैंने उसका मुँह अपने हाथ से दबा दिया. टी आया, मैंने टिकट बनवाया और फिर दरवाज़ा लॉक कर लिया, बातों-बातों में पता चला कि वो छत्तीसगढ़ के जगदलपुर की रहने वाली है.

इस पर वो मना करने लगी, तो मैंने उसे कस कर पकड़ लिया औऱ होंठ चूमते हुए उसकी चूचियां मसलने लगा. जैसे ही 12:00 बजे, मैं जोर से चिल्ला उठा- हैप्पी बर्थडे डार्लिंग रीना!और इसी आवाज के साथ विक्रम ने अपना लौड़ा एक ही बार में रीना की चिकनी चूत में गप्प से डाल दिया।मेरी बीवी रीना की चूत में जैसे हीइतना बड़ा लंड एकदम से गया, रीना उत्तेजना और दर्द से कराह उठी।विक्रम ने प्लान के अनुसार रीना की चूत में धीमे-धीमे से धक्के दिए. मैंने वापिस हैदराबाद जाने की जिद की तो खाला बोली- कुछ दिन रुक जाओ, लोग तो हनीमून मनाने कश्मीर आते हैं.

कुछ मिनट के बाद दोबारा से मैंने उसको बांहों में भर लिया और फिर से किस करने लगा.

इस पर भाभी बोली- इसकी चिन्ता मत करो … यह तो भोसड़ी का शाम को सोकर सुबह आठ बजे उठता है. जब मैं रुक गया तो वह बोली- तुम्हारा निकल गया क्या?मैंने कहा- हाँ, मेरा हो गया.

उसकी पर्सनेलिटी में ना जाने क्या था जो मुझे उसकी ओर आकर्षित कर रहा था. मैंने एक दस का नोट और निकाला और उसे दिया और किचन में से शहद लेकर आया और उसे अच्छे से अपने लंड पर चुपड़ लिया. थोड़ा इंतज़ार करने के बाद मैंने अपना हाथ सीधा उसके मम्मों पर रख दिया और दबाने लगा.

मैं- अरे मेरी रानी वो सुसु नहीं था … जब तुझे बहुत मजा आया था, तेरा भी तो नीचे से निकला था, जिसे मैंने चाट लिया था. मैंने मौक़े की नज़ाकत को देखते हुए वसुन्धरा के बाएं निप्पल को अपने मुंह में लिया और चुमलाने लगा. उसकी चूत के आसपास मैंने जांघों पर अपनी जीभ से चाटा और उसकी चूत के छेद के अन्दर अपनी जुबान को डाल दिया.

हिंदी बीएफ भोजपुरी सेक्सी उसके बाद जीजू ने मेरी चूत की फांकें अपने दोनों हाथों से फैला दी और अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटने लगे. भाभी कुछ नहीं बोलीं, बस यूं ही अपने मम्मे हिला हिला कर मेरे लंड में आग लगाती रहीं.

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हॉट भाभी सेक्सी चुदाई कहानी में पढ़ें कि मैं घर के पास की एक सेक्सी भाभी को देखता था. ”नितिन की आवाज से साफ़ लग रहा था कि उनके घर जाने के लिए वो एकदम उत्सुक था. शारदा चाची- और ज़ोर से चोद मुझे, बहन की बुर को चोदने वाले बहन के लौड़े हरामी, और ज़ोर से मार, अपना पूरा लंड मेरी बुर में घुसा कर चोद कुतिया के पिल्ले … सीई … ईईई मेरा निकल जाएगा.

हम जब पटना उतरे तो वहां से सीधे एक ऑटो पकड़कर अपने घर पर पहुंचे मतलब कि चाची के मायके में आ गए. अबकी बार वो पहले से ज़्यादा ज़ोर से चीखी पर मेरा मुँह होने के कारण उसकी चीख दबी रह गई. फर्स्ट टाइम इंडियन सेक्सजैसे ही मेरा हाथ उसके कोमल चुचे पर गया, उसकी हल्की सी सिसकारी निकल गई.

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हमारी सोसायटीज नजदीक ही थीं तो भाभी बोली- क्या आपको लैपटॉप की डिस्पले के बारे में कुछ पता है?मैंने कहा- हां. कुछ धक्कों के बाद मैंने पूछा- कहाँ निकालूं?भाभी बोली- अंदर ही निकाल दो. मुझे बहुत मजा आ रहा था लेकिन इतनी उत्तेजना को मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी.

उसकी शादी से 30 दिन पहले सुमन और उसके पापा मेरे शहर में मुझसे मिलने आए.

करीब 15-20 मिनट बाद मौसी भी उसी कमरे में आईं और मम्मी को झकझोरते हुए कहने लगी- जीजी, अपने लिए जगह बना लिए और मेरे बारे में सोची ही नहीं. पति ने कहा कि मैं साड़ी तो प्रेस करके दूंगा, लेकिन उसके बदले में मुझे क्या मिलेगा?मुझे मालूम था कि मेरे पति मुझसे मेरी चुत चोदने के लिये मांगेंगे; मैंने कहा- आपको क्या चाहिए?मेरे पति ने कहा- जब तक मैं तुम्हारी साड़ी और ब्लाउज प्रेस करता हूँ, तब तक मैं तुम्हारी चुत भी साथ में चोदूँगा. मैं- जीजू, मेरी हालत खराब हो रही है, अब मुझे छोड़ दो प्लीज!लेकिन जीजू कहां मानने वाले थे, उनको तो आज एक सुनहरा मौका मिल गया था, जीजू ने अपनी जीभ मेरी चूत के छेद में डाल दी और अपनी जीभ से ही मेरी चूत को चोदने लगे.

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तो माया भाभी इठलाते हुए बोली- क्या बात है, ये तो मेरे हाथ की गर्मी भी नहीं झेल पाया, तो चूत की गर्मी कैसे झेल पाएगा. आंटी ने हंस कर कहा- आज कैसे दरवाज़ा खटखटा रहे हो, उस दिन तो सीधे अन्दर आ गए थे?उनकी ये बात सुनकर मुझे थोड़ी शर्मिंदगी सी महसूस हुई, मैंने उन्हें सॉरी कहा. मैं- थ्री-सम मतलब दो मर्द एक औरत या दो औरत एक मर्द?कल्पना- दो औरत और एक मर्द … मेरी हमेशा से ख्वाहिश रही है कि मैं भी देखूँ कि जब कोई मर्द किसी की चूत चाटे या कोई और भी देखे, जब कोई मेरी चूत चाटे.

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अब मैं उसको उकसाने लगी ताकि वो मेरी सलवार को खोल कर बिना चूत को देखे अपना लन्ड मेरी चूत में डाल दे. उसने करीब 10 मिनट तक मेरा लंड चूसा और मेरा माल उसके मुँह में छूट गया. उन्होंने भी अपना सर बेड से लगा कर और अपने घुटनों के सहारे अपने कूल्हे ऊपर कर दिया.

अब वो पटेल के लड़के ने अपना मुँह ले जाकर मेरी चुत में रखा और उसे सूंघने लगा. उसकी नशीली आँखों में झाँक कर मैंने पूछा- क्या बात है, बड़ी बेचैन हो? तुम्हारे चूचे इतने उफान पर कम ही होते हैं.

मुझे भूख लगी थी, लेकिन जैसे ही मैंने खाने को हाथ लगाया, मेरा मन खाने से हट गया.

फिर जब मैंने थोड़ी सी जबरदस्ती दिखाई तो उसने अपना मुंह खोल दिया और मेरी जीभ को भी अपने मुंह में अंदर जाने का रास्ता दे दिया. एक्स एक्स सेक्सी चुदाई वीडियोइतनी बात हम दोनों के बीच हो पायी थी कि तभी दो-चार बच्चे कुछ सवाल लेकर नम्रता के पास आ गए. हिंदी सेक्सी video.comदोस्तो लेकिन उसकी चूत बहुत टाईट थी और तभी मैंने उसे स्पीड बढ़ा कर चोदना चालू कर दिया. पता नहीं क्यों पर मुझे उस डॉक्टर का ये व्यवहार जरा भी पसंद नहीं आया.

वो उसको लेकर चले गए और भाभी को बोल कर चले गए कि रोहन का ध्यान रखना.

अपनी छाती से मैं उसके मोटे मोटे मम्मों को रगड़ रहा था और मेरा 8 इंच का भारी भरकम लौड़ा उसकी चिकनी चूत पर टच हो रहा था. मैंने उसको इशारा किया और वो तुरंत मेरी गोदी में आकर बैठ गयी उसने अपनी चूत मेरे लौड़े पर टिकाई और जोर लगाया, परन्तु लौड़ा अन्दर नहीं जा रहा था. लेकिन ये बात सिर्फ हमारे दोनों के बीच ही रहेगी और एक बात है, जो तुम्हें करने पड़ेगी.

वो एक सुंदर और संस्कारी परिवार से थी लेकिन ऐसी बात नहीं थी कि वो बहुत ही सीधी हो. मैंने भी उसे थैंक्स कहा और पूछा- आपने अपनी फीस नहीं बतायी डाक्टर साब!उसने बताया- मेरी फीस चार सौ रूपए. जब मैंने अपनी सहेली पिंकी से बात की तो पता चला कि उसका पेपर भी अच्छा नहीं हुआ.

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मतलब मेरे लंड की खालपर छोटे छोटे फुंसी सी दिख रही थीं, जैसे चेहरे पर दाने से आ जाते हैं. परी ने पूछा- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?मैंने ना में सिर हिला दिया और वो हँसने लगी. उसके झुकते ही मुझे मेरे चूतड़ों के बीच कुछ गर्म कठोर चीज महसूस हुआ कि ये उसके सुपारे का स्पर्श था.

वो तो मानो मेरे हाथों को अपने मम्मों से हटाने ही नहीं देना चाहती थी.

मैंने अपनी चाची के साथ किस तरह से शारीरिक सम्बन्ध बनाए, मैं आपको ये बता रहा हूँ.

भाभी ने मुझे ये भी बताया- रश्मि की वजह से ही मैं कोलकाता शादी में नहीं गयी।हम दोनों से मुखातिब हो के भाभी ने कहा- मैं अब अगले 2 घंटे के लिए तुम दोनों को अकेले छोड़ रही हूँ. आरती ने सही कहा था, दूसरे दिन सुबह सुबह ही वो आ गया और बोला- कंपनी का खास काम है और शाम तो वापिस जाऊँगा. হিন্দি ব্লু ফিল্ম সেক্সিहालांकि मुझे आज मिनी को चोदने का मौका मिल गया था, तो मैंने प्राची के बारे में सोचना छोड़ दिया.

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मैं भी यह समझ रही थी मगर मैं चाहती थी कि वो खुद ही अपने मुँह से कुछ कहे. रिया- तुम अभी क्या कर रहे हो?मैं- मैं अभी पढ़ाई के लिए यहां रहता हूं.

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मुझे गुस्सा भी बहुत आ रहा था, पर नितिन के बॉस होने की वजह से ग़ुस्से पर काबू करना पड़ रहा था. जैसे ही मैं अपना लिंग, अपने लिंग-मुण्ड तक उसकी योनि से बाहर खींचता, वसुन्धरा अपनी कमर को ख़म दे कर थोड़ा पीछे ले जाती. प्रिया मुझे कसके अपनी बांहों में जकड़े थी और मेरी पीठ पर नाख़ून चुभा रही थी.

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तब नीरजा दर्द से कराहते हुए बोली- साली बच्ची नहीं है, तो आ जा अन्दर … लेकर देख अपने भईया का … कितना मोटा लेकर बैठा है ये … साली सोनू रंडी, तूने मरवा दिया आज … मेरा भईया ऐसे हैं वैसे हैं … बहुत अच्छे हैं … इससे सैटिंग करके देख … खुश रहेगी. मैंने सोचा कि अभी यह गांड में नहीं करवाएगी इसलिए मैंने उसकी बात मान ली. फिर मैं वहां से उसको एक हग और किस करके दोस्त की छत से होते हुए अपने घर चला आया.

बहन भाई का संभोग

आप अपने दोनों पैर उठा कर लंहगे के बीच में रख दीजिये और खड़ी हो जाएँ और मैं लहंगा ज़मीन से उठा कर आपकी कमर तक लाकर एडजस्ट कर के नाड़ा बाँध देता हूँ … ठीक है?”वसुंधरा ने सर नीचा किये-किये ‘हाँ’ में सर हिलाया, अपने पैरों से बैली उतारी और जाकर कुर्सी पर बैठ गयी. फिर धीरे से वो मेरे लंड के पास अपना मुँह ले आए और मेरे तने हुए लंड को मुँह में भर कर धीरे धीरे चूसने लगे. पिंकी की शादी के इतने वर्ष बीत जाने के बाद अभी भी उसकी कोख हरी नहीं हुई थी.

ऊपर जाने के लिए सीढ़ियों पर गेट लगा था, जिसको अमीषी ने अन्दर से कुंडी लगाई थी. मैं दर्द से तिलमिला उठा और मामा से कहने लगा कि मुझे छोड़ दो, लेकिन मामा तो चुदासे थे, तो उन्होंने मेरा मुँह बंद कर लिया और एक जोरदार धक्का मारकर पूरा लंड मेरी गांड में पेल दिया.

मैं उसको देखता रहा। वो जैसे-जैसे साँस ले रही थी उसके चूचे ऊपर नीचे हो रहे थे जो मुझे अपनी ओर खींच रहे थे.

क्या हुआ मेरे जानू को?”कुछ नहीं यार … मैं तो पसीने से तंग आ गयी हूँ … सब जगह चिप चिप हो रहा है … कपड़े भी पूरे गीले हो गए हैं. धीरे-धीरे मेरी उंगली वसुन्धरा की योनि के निचले सिरे पर वापिस अपने मुकाम तक पहुंची और फिर उसने योनि की दरार के साथ-साथ ऊपर की ओर दोबारा गश्त शुरू कर दी. मैंने बोला- कोई बात नहीं, यह कितने बजे उठती है, उस टाइम मैं चाय बना कर ला दूंगा.

वे आदत के मुताबिक न न करने लगे, पर मैंने अपनी चड्डी नीचे खिसका दी व उन्हें चूतड़ दिखाए, तो उनका खड़ा हो गया. गांड मराने में दर्द तो होता है पर गांड मराने वाला हर लौंडा इसे खुशी खुशी सहन करता है. पूजा मेरा लंड अपनी चुत में लेने के लिये उतावली थी और मेरा लंड पूजा के चिकनी चुत में घुसने के लिये झटके मार रहा था.

उसने अपनी एक उंगली मेरी चुत के छेद में डाली तो मैं एकदम से उछल गई और चिल्लाई- उईईई ईईई!उसने मुझे हिलने नहीं दिया और एक पूरी उंगली चुत में डाल दी.

हिंदी बीएफ भोजपुरी सेक्सी: मुझे बहुत तकलीफ हो रही थी और मैं जोर जोर से चिल्ला रही थी मगर जैसे उसे बहुत मजा आ रहा था. उसने बात खत्म करते ही जोर से धक्का मारा और लिंग मेरी योनि की दीवार फैलता हुआ भीतर चला गया.

मेरा लंड एकदम से खड़ा और कड़क हो गया था और पजामे का तम्बू बना रहा था. करीब 25 दिन बाद मम्मी पापा को छोटे भाई की पढ़ाई के लिए पुणे छोड़ने जाना था. मैंने कुनमुनाते हुए कहा- हां ठीक है, आप जाओ … अब मुझे बहुत तेज से नींद आ रही है.

तभी वह दूसरा जो पटेल का दोस्त अपना लंड रगड़वा रहा था, वह बोला- ले बंध्या, मेरा लंड चूस!वो मेरे होंठों के पास मुँह में अपने लंड को रगड़ने लगा.

मैं उसकी एक चूची को दबाने लगा और उसकी दूसरी चूची को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा था. वह भी कहने लगी कि वह शुभी को चुदवाने के लिए ले आएगी मगर उसके बाद मैं उससे कभी नाराजगी से बात नहीं करूंगा. क्या इसी को प्यार कहते हैं?हम दोनों काफी थक चुके थे और एक दूसरे के साथ काफी देर तक लिपटे रहे.