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मैं मेरे पति को भी नहीं बोल सकती थी, कहीं उनको ऐसा ना लगे कि मैं उन दोनों के बीच में गलतफहमी पैदा करने की कोशिश कर रही हूँ. बंगाली का सेक्सीउसके बाद मेरे मम्मी पापा मुझे आगे की पढ़ाई के लिए किसी बड़े शहर के अच्छे कालेज में भेजना चाहते थे.

मेरी नज़रें बार-बार उन दोनों की तरफ जा रही थीं क्योंकि कब से वो देखे ही जा रहे थे।अभी कुछ ही देर हुई होगी कि राहुल और अमित हमारी तरफ आए और पूछने लगे कि उन्हें भी हम लोगों के साथ खेलने को मिल सकता है क्या?मैं कुछ बोलती उससे पहले रजनी ने बोल दिया- हां क्यों नहीं. भाभी की देसी सेक्सीउसके कुछ देर बाद दरवाज़े की घंटी बजी और मामी ने मुझे दरवाज़ा खोलने का इशारा किया.

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मेरी वैसे इच्छा हुई कि कुछ देर खेलूँ उसके साथ, फिर सोचा कि आज इसे पहले तड़पाती हूँ, फिर बाद में कभी खेल लूंगी.उसने भी देर ना करते हुए लंड को अपने मुँह में लिया और लम्बी लम्बी सांसें लेते हुए लंड चूसने लगी.

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अब मैंने फिर से एक हल्का धक्का दिया, तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया.जगत अंकल जल्दी से अपने आपको संभाल के बोले- वन्द्या तुम थोड़ा उठ जाओ और मेरी गोद में बैठ जाना क्योंकि अब बैठते नहीं बन रहा है.

वो बोली- नहीं अभी नहीं … अभी और मेरी चुचियों का हलवा बनाओ, जब ये दुखने लगेंगी, तब तुम नहीं, मैं जोरदार धक्के लगाउंगी और तुम मज़े लेना. बीएफ ब्लू फिल्म देखने वाली जिससे प्रिया और भी जोरों से झुंझला उठी और गुस्से में उसने नाड़े को अपने दोनों हाथों से पकड़कर इतनी जोरों से खींच‌ दिया कि टक् …” की आवाज के साथ नाड़ा ही टूट गया.

अब मैंने उसकी गांड में फिर उंगली डाली और उससे कहा कि मुझे तुम्हारी इस बड़ी गांड में भी लंड डालना है.

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प्रमिला दीदी- तो जल्दी आ ना, नहा ले … जल्दी आ जा, फिर पानी जाने वाला है. उसके चूचे तो कमाल के तने हुए थे बिल्कुल रसीले आमों की सर उठाए … मानो कह रहे हों कि आओ जल्दी से मुँह में भर के चूस लो. कुछ देर तो रुको, इतना तो मैं कभी पूरे सेक्स के बाद नहीं झड़ी, जितना तुमने बिना हाथ लगाये झाड़ दिया.

मैंने भी अब एक लम्बी सी सांस अन्दर खींची और तेज़ी से अपनी पूरी जीभ उसकी चूत में डाल कर अन्दर बाहर करने लगा. उधर चाची आँखें बंद करके हल्के स्वर में मादक सिसकारियां सी ले रही थीं. उसने जवाब दिया कि ये जगह ऐसी है, जहां कोई नहीं आता और बिल्कुल सुरक्षित है.

फिर पुनीत मेरे मुँह को खोल के मेरी जीभ को चूसने लगा और मेरे दूधों को जोर से ताकत के साथ दबाने लगा. देखिये मास्टर जी ये जो हो रहा है, ये ठीक नहीं है, भले मेरे पति मुझे संतुष्ट ना कर पाते हों, पर किसी पराये पुरुष से हमबिस्तर होना गलत है. एकता की फ्रेंड ने चौंक कर कहा- क्या बात कर रही है यार?उसने बोला- हां यार … आठ इंच का लंड है साले का!सब मेरी तरफ बड़ी हैरानी से देख रही थीं.

मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाना शुरू किया … तो पहले पहल वो चिल्लाईं, लेकिन फिर कुछ देर के बाद चुप होकर लंड को जज्ब करने लगीं. अब आगे:चल … टेबल पर झुक जा … पहले तेरा रस पी लूँ …” सर ने कहते हुए मेरी कमर पर हाथ रख कर आगे दबा दिया और ना चाहते हुए भी मुझे झुकना पड़ा.

मैंने साड़ी पहनी थी, तो एक तरफ होकर उसकी मोटर साईकल पर बैठ गयी और उसे एक हाथ से पकड़ लिया.

मैंने पानी पिया फिर बात की- जी कहिये … क्या हुआ?अभी तक मेरे और रेखा के बीच में कोई ऐसी बात नहीं हुई थी कि मुझे या उसे कुछ गलत लगे.

काम करते हुए और गायों को पानी पिलाते हुए उनके हाथ पानी से काफी ठंडे हो चुके थे. तब मैंने उसकी बेचैनी देखते हुए अपने लंड को वंदना की चुत के मुँह पर रख कर एक जोरदार शॉट मार दिया, जिससे मेरा लंड का टोपा चुत को चीरता हुआ वंदना की चुत में फंस गया था. पर अभी भी मुझे सन्नी की बॉडी से कुछ बदबू आ रही थी, शायद बहुत बुरी तरह से उन दोनों को पसीना आया था.

हम दोनों इस सकिंग से बहुत थक गए थे और फिर बेड पर नंगे ही साँसें लेते हुए लेट गए. अभी दो काले सांड नीग्रो यह ऐसे मस्त लिपटे और उनका लंड तेरी गांड और चूत में सैट हैं, ऐसा लग रहा है कि तू अप्सरा है, कयामत है. जब खदानें नजदीक आ गईं, तो सबको जाने को कहा गया और दूसरी जगह क्वार्टर दे दिए गए.

एक बार जब सब घूमकर आने बाद शाम को सबको पूल में उतर कर मस्ती कर रहे थे तो पियू सर दर्द का बहाना करके कमरे में सोई थी और मैं भी ठंड का बहाना कर के कमरे में चला गया था.

आख़िर कॉलेज के दिन भी खत्म हो गए मालती एक साल पहले ही कॉलेज से बाहर आ चुकी थी और अगले साल मैं भी पास आउट हो गई. मैंने सोचा कि ये सरदार व्यवहार से तो बहुत कोमल है और आसानी से वश में आ जाता है, पर जैसा कठोर बदन है, कहीं मुझे अपने वश में न कर ले. अब मैंने उसकी गांड में फिर उंगली डाली और उससे कहा कि मुझे तुम्हारी इस बड़ी गांड में भी लंड डालना है.

फिर मैंने उससे बात की और उसने 25 दिसम्बर की शाम का वक्त फिक्स कर दिया. ”उसकी ना में मुझे हां साफ झलक रही थी, उसके निप्पल चने की तरह सख्त हो गए थे. उसकी जांघें मेरे चूतड़ों से टकराने लगीं, लंड तेज़ी से अन्दर बाहर होने लगा और फिर उसने मेरे अन्दर पानी छोड़ दिया.

उनको इस बात का इन्तजार रहता था कि कब मेरा पल्लू सरके और मेरी जवानी का खजाना उन्हें देखने को मिले.

उसने अपनी मॉम नेहा को बुलाया और बोला- मॉम, आंटी को आपकी वो सफेद वाली नाइटी दे दो. मैंने सामान्य होकर कहना शुरू किया- सॉरी यार … मुझे तो अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि मेरे दादाजी ऐसी हरकत करेंगे.

बीएफ ब्लू फिल्म देखने वाली अब मैंने रॉकी से बोला कि भाई ये कस्टमर बिरजू करता क्या है?तो उसने बताया कि वो ड्राइवर है. एकदम गोरी और गुलाब की पंखुड़ी की तरह थी जिसमें से एक नशीली सी महक आ रही थी.

बीएफ ब्लू फिल्म देखने वाली भाभी थोड़ी देर बाद कामुक सिसकारियां भरने लगीं ‘सस्स्स्स … अहह हह … अम्म!’मैं डर गया और मैंने हाथ खींच लिया. फिर शाम को मैंने आ कर देखा कि हमारे सारे रिश्तेदार जा चुके हैं, घर खाली था.

महेश मेरे दोनों दूध पकड़ के जोर जोर से इतना दबाने लगा कि वहां भी दर्द होने लगा.

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हर्षिल सोफ़े पर बैठा था और मेरा इंतज़ार कर रहा था। मुझे खुद को इस हालत में देख के शर्म सी आ रही थी।हर्षिल बोला- यार, कितनी खूबसूरत हो तुम! जब से तुम कॉलेज में आई हो, मैं तो तुम्हें ही देखता हूँ। बैठो न।मैं सामने बैठ गयी. मेरी सहेली के भाई ने मेरी चूत को पूरी तरह से चाटने के बाद लंड चूसने के लिए बोला. यह किस्सा मेरी स्टाफ कॉलोनी के बाहर बने पान की दुकान से शुरू होता है.

करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद भाबी जी का और मेरा पानी साथ में ही निकल गया. मैंने अपने मकान मालिक को मालिनी के बारे में कुछ नहीं बताया, मैंने सोचा जब मालिनी आ जाएगी तब बता दूंगा, वर्ना वो मकान किराए को लेकर ड्रामा करेंगे. अब सन्नी का लंड मेरे मुँह में था और सन्नी की गांड में मेरा अंगूठा था.

मैंने भी कुछ खास मना नहीं किया।फिर वे मेरे होंठ चूसने लगे, कभी मेरे निप्पल दबाते, कभी मेरी चूत पर हाथ फेरते। मैं खूब गर्म हो चुकी थी मैंने उनसे कहा- अब चोद ही डालो ना मुझे।तब हम दोनों चुदाई में मगन हो गए.

पर वो यह सुनते ही किचन में आ गया और उसने अनु को गोद में उठाया और कमरे में लेकर जाने लगा. मैं गांड के मांस को मुठ्ठी भर पकड़ पकड़ कर समूची गांड को मसलने लगा- चाची, क्या गांड बनाई है भगवान ने. मैंने उस भाभी को एक तरफ हटने के लिए कहा। जब वो हट गई तो मैंने अपने कपड़े ठीक किये और आगे केबिन में जाकर बस वाले से स्लीपर सीट के लिए पूछा, तो उसने एक स्लीपर सीट भी दे दिया। फिर मैंने रिया भाभी को स्लीपर के केबिन में भेज दिया।कुछ टाइम बाद मैं भी चला गया.

मुझसे भी अब ज्यादा सब्र नहीं हुआ और एक दो धक्कों के बाद ही मेरे लंड ने भी अपना वेग नेहा की मुनिया में उगलना शुरू कर दिया. उनकी बातों से मुझे लगा कि वे मुझे बुला कर कंप्यूटर ठीक करवाना चाहती थीं. वो अपने घुटनों को मोड़ के नीचे बैठ गई और मेरे आठ इंच के लंड को अपनी जुबान से आइसक्रीम की तरह ऊपर से नीचे चाटने लगी.

तुमको अपने पेट पर सुलाकर मैंने तुम्हारे नितंबों के दोनों फलकों को दबाना शुरू किया. इस धक्कमपेल से हम दोनों की ही सांसें अब फूल गयी थीं और बदन पसीने से भीगकर तर हो गए थे.

पैन्टमें आगे की जगह फूली हुई थी, जिससे अंदाज हो रहा था कि वहां दमदार डंडा होगा. अब रवि नीचे लेट गए और मुझे बोले- मेरे ऊपर लेट कर अपनी चूत फिट करके मेरे लंड पर बैठ जा. ऐ सुन तू, कुतिया से भी ज्यादा चुदवाती है साली वन्द्या … आज इसी बंगले में तेरी चूत की चुदाई कम से कम 5 लोग एक साथ करेंगे.

बिस्तर पर बैठकर सुलेखा भाभी ने अब पास में ही पड़ी हुई अपनी पेंटी को उठा लिया और अपना मुँह दूसरी तरफ करके उस पेंटी से अपनी चुत व नितम्बों को साफ करने लगीं.

कुछ और देर घूमने के बाद झूला रुका … हम दोनों थक गये थे। हांफते हुए हम दोनों उस बक्से से उतरे और सुशीला के पास गए।सुशीला की नजर हम दोनों को घूरती जा रही थी पर हम दोनों शांत थे, हमने सुशीला की ओर कोई ध्यान नहीं दिया और चलने लगे जैसे सुशीला अकेली आयी हो।मैं चलता जा रहा था साथ में मानसी और पीछे सुशीला।कुछ देर के बाद मैं बोला- चलो कुछ खरीदते हैं मानसी मेले से!सुशीला गुस्से से- नहीं हम कमरे में चलेंगे. उस मकान में मैं पूरे 3 साल तक रहा और मेरे अगल बगल के कमरों में कई भाभियां रहने के लिए आईं और गईं और लगभग सभी को मैंने चोदा. खैर मैं उसकी चूत में उंगली डालकर अन्दर बाहर करने लगा और साथ में उसके होंठों का रसपान भी करता रहा.

मुझे डर था कि कहीं वंदना अपने नीचे खून देकर डर ना जाए, इसीलिए मैं उसको किस करने लगा. फिर उन्होंने अपने घर और मैंने अपने घर फोन कर दिया कि आज घर नहीं आएंगे … फ्रेंड के यहां हैं.

दोस्तो, मैं नेहा गुप्ता आप लोगों के लिए एक नई कहानी लेकर आई हूँ जो मेरी आपबीती है। कहानी की शुरुआत करने से पहले मैं बता दूँ कि मेरी उम्र 21 साल है और मेरी फिगर 32-28-34 है।मैंने अपनी बारहवीं की परीक्षा पिछले साल ही पास की थी और मैंने उसके बाद कॉलेज में दाखिला ले लिया था. सोनू बोली- आप उनके साथ पिक्चर देखने क्यों गए थे?मैंने सोनू से कहा- वह तो भाभी अकेली थी इसलिए उन्होंने मुझसे कहा कि आप मेरे साथ चल पड़ो तो मैं चला गया था, ऐसी कोई बात नहीं है. फिर एक दिन प्रेगनेंट होने की वजह से खुश्बू को काम करने में तकलीफ़ होने से मैं उसको उसके मायके में छोड़ आया.

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अब इन दोनों की चुदाई का किस्सा अगले भाग में लिखता हूँ, आप मुझे मेल कीजिएगा.

उस फिल्म में एक बूढ़ा आदमी एक जवान लड़की को कैसे पटाता है और कैसे चोदता है, वह दिखाया गया था. कुछ ही देर बाद मेरी वासना के ज्वालामुखी फट पड़ा और मैं ज़ोरों से छूट पड़ी. मैंने अब उनकी मेक्सी को उतार दिया जिसकी वजह से अब वो सिर्फ़ काली ब्रा और पेंटी में मेरे सामने थी.

बच्चे की फीस का पैसा भी अब तक नहीं दिया है … स्कूल से भी रोज कॉल आ रही है. स्वीटी की आँखों की पुतलियां फ़ैल गई थीं, उसकी आवाज निकलना बंद हो गई थी. भोजपुरी गाना सेक्सी गाना वीडियोइसलिए भाइयो, किसी से दिल मत लगाओ, जो मिले उसे चोद लो या उससे चुद लो.

और मनीषा की जोर से चीख निकली, वो बोली- बाहर निकालो! बहुत दर्द हो रहा है. दादाजी की भी उस पर कुछ प्रतिक्रिया नहीं थी, ना वो हिल रहे थे, ना उनकी आंखें खुली हुई थीं.

हम दोनों बाथरूम में गए और मैंने नुपूर को दीवार के सहारे खड़ा कर दिया. उन्होंने मुझे अपनी उसी छाती चौड़ी से चिपका लिया … वो भी एकदम कस के. उसका क्या मस्त दूध जैसा सफेद शरीर … क्या शानदार तने हुए बोबे और सबसे शानदार उसकी उठी हुई गांड … मैं तो उसकी गांड का ही दीवाना था.

घर की जिम्मेदारी होने के कारण वो ज्यादा घर से बाहर नहीं जा सकती थी. मैं पहले से ही चूत चाटने में एक्सपर्ट हूँ, तो मुझे पता था कि किसी औरत को कैसे चुत चाट कर मज़ा दिया जाता है. फिर वो मुझे कमरे में ले गयी और बोली- मलिका ऐ हिन्द आपको ये आदेश देती है कि आप हमारे कपड़े खुद उतारोगे.

जल्दी ही हम लोग 69 की पॉजीशन में आ गए और मैं उसकी चूत के दाने को चाटने लगा.

मेरी नाभि के नीचे का हिस्सा सारा दिख रहा था क्योंकि ब्लाउज लो-कट था और पीछे से बाकी का सारा सब कुछ दिख रहा था. पर उसकी और मैंने ध्यान ना देते हुए जोर जोर से अपनी कमर चलाकर अपना लंड रूपा की चुत में उतारने निकालने लगा.

मैंने अपने पति से कहा- यार, पैर में दर्द हो रहा है … जरा अपनी शंटिंग रोको. येबातसलोनीसमझगईतोउसनेअपनेहाथसेमेरासरपकड़केझुकायाऔरमेरेहोंठोंकोअपनेहोंठोंसे जोड़ दिया. मैंने मजबूरी वश पिंकी के चेहरे की ओर देखा तो उसकी नज़रें मेरी नज़रों से मिली मगर उसके हाव-भाव से मुझे लगा कि वह नहीं कर पाएगी.

देख मेरे तगड़े बेटे ने पहले ही दिन तेरी मॉम की चूत खोल दी … अब तो तू आगे बोल. तब मैंने उससे कहा- डरो मत, मैं तेल लगाकर प्यार से डालूंगा, जिससे तुम्हें दर्द नहीं होगा. सोये नहीं?तभी नानाजी ने हमारी तरफ अपनी टॉर्च चमकाई और बोले- लव भी आ गया तेरे साथ.

बीएफ ब्लू फिल्म देखने वाली मैंने कहा- वो तो अपने बॉयफ्रेंड को करती है। तू भी बना ले कोई बॉयफ्रेंड और कर ले जो तेरा मन करे फिर. फिर सुबह उनका दोस्त चला गया और मेरे पति मुझसे पूछने लगे- कैसी रही रात?मैं बस हल्की सी मुस्कुराती रही और रात के बारे में सोचती रही.

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मेरे को इतना ज्यादा दर्द हुआ कि मैं पूरे जोर से चीख उठी और लंड घुसने में जो दर्द हुआ, उससे लगा कि मैं अभी के अभी बस मर जाऊंगी. अब मैं रूपा की एक चूची दबा रहा था और एक मुँह में लेकर चूस रहा था, रूपा मस्ती में ‘सी … आऽऽहहह. मैंने सिर्फ ब्लू फिल्मों में कुछ अंग्रेजों और नीग्रो के लंड देखे थे.

उसकी छटपटाहट एकदम से उस तरह की हो गयी थी, जैसे मछली को पानी से बाहर निकाल लिया हो. दोस्तो, मेरे नाम अभय है, मैं जयपुर (बदला हुआ शहर) का रहने वाला हूँ. इंग्लिश ब्लू पिक्चर सेक्सी वीडियो मेंपर थोड़ी देर बाद उन्हें भी मज़ा आने लगा और वो भी गांड उछाल कर मेरा साथ देने लगीं.

पुनीत की बात सुनकर गैब्रियल ने मैक को अपनी भाषा में कुछ बोला, दोनों का लंड मेरी चूत और गांड को बिल्कुल तपा रहे थे.

उसका इतना कहना ही हुआ कि मेरे कमरे में एक धक्का लगा और दरवाजा खुल गया. तब तक वह मेरे पीछे आकर खड़ी हो गई, उस वक्त मैं बेडशीट बदल रही थी- मैं आ गयी … ये तुम्हें पसंद नहीं आया क्या?सोनल बोली.

तुमने तो अपना परिचय भी नहीं दिया … अच्छा चलो यहीं बैठो मेरे पास … थोड़ी बातें करते हैं. तब उसने पूछा कि रात में तुम्हें किसी चीज की जरूरत नहीं होती?मैंने पूछा- नहीं … मेरे पास कोई खास चीज है. कहानी का पिछला भाग:भाभी चुदाई के लिए बेताब थी-1मुझे उसकी मस्ती भरी चुदासी सिसकारियां बहुत अच्छी लग रही थीं.

और हम दोनों कामवासना की मारी पीछे वाले दरवाजे से बाथरूम में घुस गयी और फिर पर्दे को हटा कर देखा तो मम्मी उस पर्दे पर ही नजर रखे थी कि हम दोनों आयी या नहीं! और जब हमारी नजर आपस में टकराई और मम्मी ने मुस्कुरा कर हम दोनों का स्वागत किया और पापा के साथ सेक्स करने में जुट गईं.

वह काफी देर बाद मुझसे बोली- ओ हैलो मिस्टर … क्या तुम मुझे जानते हो?मैं बोला- नहीं. मगर फिर भी उसको तड़पाने के लिए मैं ऐसे ही अपनी उंगली की हरकत करता रहा. वो दर्द से तड़फ कर मुझसे कहने लगी- आह निकालो … मुझे नहीं करना करना … यह बहुत बड़ा है, मुझे मार डालेगा.

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नाड़े की गांठ उलझ चुकी थी, जिससे वो और भी झुंझला उठी और मेरी तरफ देखने लगी. उसके पास स्कॉर्पियो गाड़ी थी और उसका नाम भी बहुत था, जिस कारण से मैं सोचता कि यह दोस्त अपने किसी काम आएगा और यह अच्छा आदमी है. मालती को मिल चुकी थी और वो मुझसे कहा करती थी कि नौकरी का रास्ता लड़की के मम्मों से होता हुआ चूत से ही जाता है.

उसकी इस बात से मैं चौंक गया, मैंने ध्यान दिया तो मुझे उसके हाथ में नींद की गोलियां दिखाई दीं. सुबह 7 बजे जब आँख खुली तो देखा हम दोनों पूरे नंगे एक दूसरे से लिपटे सो रहे थे, मैंने उसे हिलाया और उसके होंठों को चूमते हुए कहा कि सुबह हो गयी. उसने कह दिया कि उसको पति के सामने कुछ बहाना बनाना पड़ेगा उसके बाद ही चल पाएगी.

अब अगले तीन दिन बाद मुझे घर वापस आना था तो नीना की चूत मेरी सेवा में किस तरह हाजिर हुई. अब तक की इस रसभरी चुदाई की कहानी में आपने पढ़ा था कि मैं अपने बड़े चाचा और चाची की चुदाई देख कर मुठ मार चुका था. अपने लंड के लिए दो मस्त छेद देख कर मेरे मुँह से ‘अरे बाप रे बाप …’ निकल गया.

फिर वो बोली- तूने मेरी चूत देख ली, अब अपना नहीं दिखाएगा?मैंने बोला- आप खुद देख लो. मेरा लंड काफी मोटा था और वह मज़े से मेरे लंड को चूसने में लगी हुई थी.

मैंने भी धक्का मारते हुए बोला- आह नैना मेरा भी निकलने वाला है … क्या मैं अपना लंड बाहर निकाल लूँ?तो वो गिड़गिड़ाते हुए सी बोली- नो प्लीज अन्दर ही रहने दो … अन्दर ही डिस्चार्ज कर दो.

मैंने हल्के से तुम्हारे गालों को प्यार से छूकर अपने होंठों से चुम्बन लिया. गाली देने वाला सेक्सी वीडियोकहीं न बैठने की जगह थी, न खड़े होने की और केवल दो ही कमरे थे और दोनों एक जैसे ही थे. सेक्सी वीडियो तिवारीमैंने तुरंत हां कर दी, क्लास के बाद हम दोनों रोज कैंटीन में पढ़ने लगे. उसने बोला- आज आप क्या देख रहे थे?मैंने झिझकते हुए मैसेज किया- कब?तो बोली- ज्यादा भोले मत बनो.

आधे लोग नींद की डुलकियाँ लेने लगे और मैं अपनी जगह पर बैठ कर रास्तों का मज़ा ले रहा था.

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साथ ही अपनी चुत मेरे मुँह पे वो दबा रही थी, कभी मैं धीरे से उसके दाने को मैं काट लेती तो वो पागल हो जाती. अभी तक आधा लन्ड चूत में जा चुका था और मुझे थोड़ा दर्द भी हो रहा था क्योंकि यह मेरा पहली बार था. शॉल को फिर से ओढ़ लिया और मेरे लौड़े को पकड़कर अपनी चूत पर सैट किया, आराम से अन्दर डाला और आगे की सीट पे झुकाव किया.

मैंने हर बार तुम्हारे लंड को देखा है, जब भी तुम यहां आते हो, पर तुम मुझ पर ध्यान ही नहीं देते हो.

लेकिन थोड़ी देर में मेरी भाभी आ गईं, उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं चाय पियूंगा?तो मैंने बोला कि हां बना दीजिए.

मैं तुम्हारी उस गुलाबी चुत को पीना चाहता था … लेकिन तुम अपना हाथ वहां से हटाने को तैयार ही नहीं थीं. अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है और मैं अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ. थाईलैंड सेक्सी फिल्मराखी आंटी ने कहा- बेटी, अब तुम्हारी शादी हो चुकी और तुम्हें अपने पति से आशीर्वाद लेना चाहिए.

अगर वह बाहर से पूरी नहीं हो रही हो तो घर में ही पूरी कर लेनी चाहिए. मैं गुजरात का रहने वाला हूँ और कंप्यूटर इंजीनियर के पद पर काम करता हूँ. मैंने सोचा कि ये ऐसे अपनी चुत नहीं देगी, इसको पहले एकदम गर्म करना होगा.

मेरी इस मस्तराम सेक्स स्टोरी के पहले भागगांव वाली साली की सहेली को चोदा-1अब मैंने उसके निप्पल को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. इस पूरे प्लान में मैं कहीं नहीं था क्योंकि इनका प्लान दीवाली के बाद जाने का था और दीवाली के वक़्त मेरा बिज़नेस जोर पर होता है तो मैं नहीं जाने वाला था.

और मैंने उसकी चूत से बहने वाली सफ़ेद पानी की वो बूंद अपनी उंगली पर उठा कर उसे दिखाई।वो बोली- यार, जब से तूने अपने बॉयफ्रेंड का किस्सा सुनाया है न, मन बड़ा बेचैन है।मैंने पूछा- मेरे यार पे दिल आ गया तेरा?वो बोली- हाँ यार … पूछ न उससे अगर वो आ जाए तो … दोनों बहनें मिलकर मज़े करेंगी।कहानी जारी रहेगी.

मैं नहा कर ऑफिस जाने के लिए रेडी हो गया, तभी नैना का कॉल आ गया कि ब्रेकफास्ट रेडी है, जल्दी आ जाओ. प्रिया से ऐसी हरकत की मुझे कोई उम्मीद ही नहीं थी, वो जोरों से मेरे गालों व होंठों को चूमे जा रही थी और मुँह से!ऐसा क्या है उसके पास हैअंअंअं … है … अंअं …हअं … ऐसा क्या है … बोल‌अ …बोलअ … क्या है? उसके पास जो, मेरे पास नहीं … हैअंअं?”वो कांपती हुई आवाजें निकालते हुए सिसक रही थी. मेरे दोनों चूतड़ों पर हाथ टिका कर उनको दबा-दबा कर राजीव मेरी चूत चाटने लगे.

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मेरा दोस्त मेरी बहन को नहीं जानता था, वो उसकी चुदाई के मज़े ले रहा था. वो भावुक होकर एक बार फिर से मुझसे लिपट गयी और उसकी आंखों से आंसू निकल पड़े. मगर तभी मेरी नजर अनायास ही उनकी चुत पर चली गयी जिसमें से मेरे व उनके प्रेमरस का‌ बिल्कुल क्रीम जैसा गाढ़ा और सफेद‌ मिश्रण धीरे धीरे बहते हुए बाहर निकल रहा था.

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मुझे खुद को उम्मीद है कि अन्तर्वासना पर मेरी लेस्बियन कहानी को पढ़ कर कोई न कोई पाठिका जरूर मुझे मौका देगी. उसने भी अब मेरे होंठों को फिर से चूसना शुरू कर दिया मगर इस बार वो प्यार से चूस रही थी. वो पूरी गर्म कामुक हो गई थी, बार बार लुंगी के ऊपर ही मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत पर रगड़ रही थी.

जैसे ही में रूपा के पैरों की तरफ आया, रूपा ने अपनी टांगों को घुटनों से मोड़ कर उठा लिया और दोनों को विपरीत दिशा में फैला दिया. मैंने सोचा कि कुछ पैसे आदि की बात से परेशान हैं तो मैंने कहा- भाभी सब ठीक हो जाएगा.

मन कर रहा था कि अभी इसको लात मार कर यहाँ से भगा दूं। मैं मन ही मन अपनी किस्मत को रो रही थी। उसने अपनी वो लुल्ली पूरी भी नहीं घुसाई मेरी चूत में और 10-12 धक्के मारने के बाद उसने अपना वीर्य मेरी चूत में छोड़ दिया और करवट लेकर सो गया। मैं पूरी रात अपनी किस्मत को कोसती रही।मैं सुबह उठी और फ्रेश होकर आयी.

अभी मेरा दिमाग बिल्कुल सुन्न था, चारों तरफ से गाड़ी बंद कर दिया था. फिर मैंने रूपा की टांगों को घुटनों से मोड़ कर ऊपर उठाते हुए दोनों तरफ फैला दिए … जिससे उसकी चूत की फांके फ़ैल गईं. उससे वो गुस्सा तो थी, मगर उसने मेरा और नेहा खेल भी देखा था, उससे वो जोरों से उत्तेजित भी हो गयी थी.

मेरा भी लंड अन्दर अंगड़ाई लेने लगा था और नीचे तम्बू खड़ा होने लगा था. कुछ देर मैं यूं ही भाभी को छेड़ता रहा और भाभी चाय बनाने में लगी रहीं. इस पर अरुणा बोली- कोई बात नहीं अंकल गलती मेरी है, मुझे दरवाजा बन्द रखना चाहिए था और राज तो अभी नहीं आया है.

जैसे ही स्कर्ट नीचे करने लगे तो मैंने आंखें बंद कर लीं, रवि ने मेरी स्कर्ट को उतार कर फेंक दिया.

बीएफ ब्लू फिल्म देखने वाली: मैंने भी अपनी टी-शर्ट और पजामा उतारा और फिर अपना अंडरवियर उतार कर अपना लौड़ा मालिनी के सामने कर दिया. थोड़ी देर चिपके रहने के बाद रमीज का लौड़ा सिकुड़ कर छोटा हो गया और वह उठ कर मुझे छोड़ के कपड़े पहनने लगा.

वो सूट पहन कर दोनों साइड में पैर कर के बैठी थी कि तभी रास्ते में गड्डे शुरू हो गए. मैं अपने दोस्त के पास गया तो देखा कि वो अपनी गर्लफ्रेंड के मम्मों को दबाने में बिज़ी था. चूंकि मेरे मन में चोर था इसलिए मुझे यही लगा कि चाची को मेरे लंड की ठोकर लग गई.

आंटी वहीं खड़ी रहीं और बोलीं- कल एक व्रत है, जिसे सुहागन औरतें अपने पति के लिए रखती हैं और अब चूँकि मालिनी भी यहीं है, तो उसे भी रखना है.

फिर उसने वह गिलास दोबारा अपने हाथ में उठाया और मेरे मुँह पर लगाया तो मैंने भी उनकी झूठी कोल्ड ड्रिंक पी ली।तुरंत ही राहुल ने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिये और मेरे होंठों को चूसने लगे. अब्दुल ने मेरी तरफ देखते हुए बोला कि बता हम चारों का लंड एक साथ ले लेगी?मैं कुछ नहीं बोली, पहली बार किसी दूसरे धर्म वाले को मैं इस तरह से अपने पास देख रही थी. आनन्द से मेरे दोनों हाथ अब अपने आप ही सुलेखा भाभी की पीठ पर से रेंगते हुए उनके बड़े बड़े और गोलाकार नितम्बों पर आ गए.