बीएफ बीएफ सोंग

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विधवा की बीएफ: बीएफ बीएफ सोंग, सुरेश दसवीं के बाद ही बाहर चला गया था, पर जब कभी गांव आता तो हम सबसे जरूर मिलता.

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अत्यधिक उत्तेजना के कारण भाभी को दस मिनट चोदने के बाद मैंने उनकी बुर में ही अपना पानी गिरा दिया. देसी सेक्स व्हिडीओअन्दर आंटी एक सीट पर बैठ गईं, मैं भी उनका बैग लेकर उनके पीछे पीछे आ गया और मैं भी बैठ गया.

उसका चुम्बन करने का तरीका साफ़ बता रहा था कि ये सच बोल रही थी कि कोई बॉयफ्रैंड नहीं रहा होगा इसका. ट्रिपल सेक्स सेक्सीसेक्सी कहानियां साईट अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है, अतः मेरे लेखन में अगर कोई गलती हो गयी हो, तो पहले ही माफी मांग रहा हूँ.

बेस्ट चुदाई कहानी के पिछले भागमामी की प्यासी चूत की सफाई और चुदाई-1में आपने पढ़ा कि मेरी मामी ने रात को फोन पर बातें करते हुए मुझे उत्तेजित कर दिया.बीएफ बीएफ सोंग: भाभी चूची दबाने के दर्द से कराह रही थीं और कह रही थीं- साले धीरे धीरे दबाओ ना … दर्द होता है.

निर्मला ने उसकी तरफ सवालिया नजरों से देखा, तब राजशेखर ने एक उपाय बताया कि क्यों न हम दोनों के साथ कोई तीसरा व्यक्ति भी आ जाए, जो इस उबाऊ यौनजीवन को रोमांटिक बना दे.फिर ऐसे ही एक बार मुझे पता लगा कि अपने कॉलेज के प्रिंसिपल से भी स्वरा दीदी सेक्स करती है.

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वो लंड सहलाता हुआ बोला- आज खजाना मिलने वाला है इसलिए ख़ुशी दबाए नहीं दब रही है.मैंने फ़ौरन से एक निप्पल को अपने मुँह में ले लिया और दबाते हुए चूसने लगा.

उन्होंने मेरी चूत के मुंह पर भी क्रीम लगा दी और फिर लंड को मेरी कुंवारी चूत पर फिराने लगे. बीएफ बीएफ सोंग उसकी नसों में दौड़ता हुआ लहू मेरी योनि की दीवारों में महसूस हो रहा था.

तुम्हें बस मुझे किसी बड़े शहर में ले जाना है और मेरे अरमान पूरे करने है.

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मेरे लंड को तो उसके चुचे देखने की आग लग गई थी तो मैंने कहा- तुम अम्मी से कुछ मत कहना. मैं अन्तर्वासना पर नई हूँ और ये मेरी पहली कहानी है इसलिए आप सभी को मेरा सेक्स भरा नमस्कार!अब मैं अपनी कहानी पर आती हूँ. नए साल की मस्तीके बाद मैं करीब एक महीने तक शांत रही, इस बीच केवल पति के ही साथ 2 बार संभोग हुआ और फिर एक महीना ऐसे ही बिना संभोग के बीत गया.

फिर धीरे धीरे हमारी सेक्स की बातें होने लगी।हम दोनों कॉलोनी ग्राउंड में शाम के अंधेरे में मिलने लगे. इसके बाद मैंने उसका कुर्ता उतार दिया, जिसमें उसके लाल रंग की ब्रा देख कर में बहुत खुश हो गया. पहले तो उसने थोड़े नखरे किये लेकिन फिर मान गई।तो मैंने लिप्स किस करते हुए पूरे शरीर को किस किया.

लगभग 34 इंच के बूब, कमर 28 इंच की … और 34 इंच की तोप सी उठी गांड थी. हुआ यूं कि मैं जिम खत्म करके बाहर निकला, तो मेरे जिम में ही वर्क आउट करने वाली एक लड़की अपनी कार के पास खड़ी होकर फोन पर बात कर रही थी. हालांकि उस वक्त ऐसा कर पाना बहुत मुश्किल था मगर ऐहतियातन मैंने लंड को निकाल ही लिया.

वह बड़ी बेताबी से मेरे होंठ चूस रहा था, मेरे मुँह के अन्दर जीभ डालकर मेरी जीभ से खेल रहा था. आप लोग मेरी गर्लफ्रेंड की चुदाई कहानी पर अपने कमेंट्स मुझे मेरे ईमेल पर भेज सकते हैं.

एक बार वो हमारे घर आया और माँ से बोला- भाभी जी, हमें भी आधा लीटर दूध दे दिया करो, हम भी अपनी चाय बना कर पी लिया करेंगे.

मैंने तय कर लिया कि आज कुछ भी हो जाए, लेकिन यह पता करना ही है कि इनको देर कहां हो जाती है.

मैंने डरते डरते फोन उठा लिया।सर बोले- हेलो, बेटा कैसे हो?मैं (डरते हुए)- जी ठीक हूँ।सर- क्या बात है, आज तुम्हारी तबियत ठीक नहीं है क्या जिसकी वजह से आवाज तुम्हारी कुछ बदली हुई लग रही है?मैं- जी थोड़ा जुकाम है. चूंकि मेरे घर में केवल दीदी और मैं ही रहते थे, किसी का कोई डर ही नहीं था. इसके बाद मैंने उन्हें चूमना स्टार्ट कर दिया, उनके माथे में, होंठों में, गालों में चूमते हुए मैं उनको प्यार करने लगा.

वो फिर से मेरी ओर पीठ करके खड़ी हो गईं और अपने दोनों हाथ थोड़े ऊपर कर लिए. हम लोग दुकान से वापस निकल कर कार की तरफ आये तो मैडम को एक आइसक्रीम वाला दिख गया. उनकी चूत को देख कर मुझसे भी रहा न गया और मैंने अपने लंड को अपनी पैंट से बाहर निकाल कर उसकी मुठ मारनी शुरू कर दी.

मैंने उसकी टांगों को फैला दिया और भाभी की चूत की फांकों को अपने दोनों हाथों से खोलते हुए उसकी चूत में झांक कर देखने लगा.

पेंटी के ऊपर से ही ऐसी दिख रही थी कि जैसे चोदने का न्यौता दे रही हो. साहब ने मेरे ऊपर चोरी का इल्जाम लगाया तो मैं वहीं खड़ी-खड़ी कांपने लगी. मैंने करीबन पच्चीस मिनट तक उस भाभी की चूत को खूब चोदा और फिर दो-तीन जोर के धक्कों के बाद मेरे पूरे बदन में अकड़न होने लगी.

उसने एक दो बार मेरे तने हुए लौड़े को अपने हाथ में लेकर अंडरवियर के ऊपर से ही सहलाया और फिर मेरे होंठों को चूसने लगी. यह घटना तब की है जब एक बार मेरी छोटी बहू को मायके से लाने के लिए जाना था. कुछ देर बाद उसकी आवाजें आना शुरू हो गईं- उहह … उम्म्ह … अहह … हय … ओह … उम्महह …उसके मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं.

तब ये सुनकर मैंने भी सोचा कि एक बार तुम्हारी मॉम की गांड चोदने को मिल जाए.

हालांकि टीचर्स की छुट्टियां अब भी चालू थीं, तो मैंने एक प्लान बनाया कि मैं कैसे अपनी अधूरी इच्छा पूरा करूं. 5 मिनट बाद आंटी का पानी निकल गया और मैंने भी जोर जोर से मारते हुए अपने लंड का पानी प्रमिला आंटी की चुत में डाल दिया और असहाय होकर प्रमिला आंटी के ऊपर ढेर हो गया।हम दोनों थोड़ी देर ऐसे ही लेटे रहे.

बीएफ बीएफ सोंग मैं अब केवल ब्रा और पेटीकोट में थी और मेरे साथ जोर जबरदस्ती में उसने सट से खींच मेरी पेटीकोट का नाड़ा भी खोल दिया. नितिन के प्रमोशन की वजह से अब मुझे नौकरी करने की जरूरत नहीं थी, तो मैंने भी जॉब करनी बंद की और घर पर रह कर बच्चे की देखभाल करने लगी.

बीएफ बीएफ सोंग उसने मुझे एक पल प्यार से देखा और फिर अपनी गोद में उठाकर मुझे बेडरूम में ले गया. इसके बाद मैंने मौक़ा और जगह देख कर उसकी गांड में शैम्पू डाल कर गांड भी मारी.

आज की रात चुदाई की इतनी जबरदस्त रात होने वाली थी, ये मैंने सोचा ही न था.

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मैं बोला- पूजा मैंने तेरे साथ अच्छा नहीं किया … मैंने भी वही किया, जो सभी तेरे साथ करते हैं. थोड़ी देर बाद उसने बोला- मन होने लगा सारिका, बिस्तर पर चलकर बात करते हैं. अब मेरे मुंह से एक शब्द भी नहीं निकल रहा था क्योंकि मेरी गांड बुरी तरह से फट चुकी थी कि अब तो मेरी नौकरी गयी ही समझो।उसके बाद मैं अपने घर चला आया और अगले दिन भी मैं स्कूल नहीं गया क्योंकि मेरी हालत बहुत खराब हो गयी थी डर के मारे।दूसरे दिन सुबह मेरे फोन की बेल बजी तो मैंने फोन उठा कर देखा कि हमारे प्रबन्धक जी का फोन था.

जब से मैंने जवानी में कदम रखा है मुझे बॉडी बिल्डिंग का बहुत शौक रहा है. उसे हर दूसरे तीसरे दिन चुत में खुजली होने लगती थी और मैं उसे चोद देता था. सरस्वती- सच बता न … कुछ हुआ या नहीं सुरेश के साथ?तभी सुरेश बोल पड़ा- अरे सरस्वती रखो यार फ़ोन … कल बात कर लेना.

मेरे दोस्त की बहन मुझे बेहद पसंद करती है और वो मेरे लिए कुछ भी कर सकती है। मैं भी वासना से उसे चोदने की चाह रखने लगा.

आंखें एकदम नशीली थीं, रंग गोरा और कमर तो माशाअल्लाह गजब थिरक रही थी. मैं उससे बोली- ये तुम क्या कर रहे हो सुरेश, मैं शादीशुदा हूँ और तुम मेरे दोस्त हो. सरस्वती- सच बता न … कुछ हुआ या नहीं सुरेश के साथ?तभी सुरेश बोल पड़ा- अरे सरस्वती रखो यार फ़ोन … कल बात कर लेना.

मेरी इस चुदाई हिंदी स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपने पड़ोस में नयी आई भाभी को चोदा और उसकी कामवासना और अपने लंड का पानी डाल कर उसे शांत किया. मैंने कैसे भी करके उस कमरे में अन्दर की आवाजों को सुनने का प्रयास किया. मुझे एक असीम शांति मिली और वही तृप्ति मैंने मीरा की आंखों में देखी.

फिर एक दिन उसने मुझे बताया कि उससे एक गलती हुई है, वो अब किसी और के साथ भी है. ये मेरी पहली कहानी है, अगर इसमें कोई गलतियां दिखें, तो प्लीज़ नजरअंदाज कर देना.

उसको हाथ में भींच कर उसका माप लेते हुए बोली- तुम्हारा बेलन तो वाकई कड़क है. यह तब से हमारे परिवार के साथ हैं और अब यह मेरा निजी साथी नौकर ड्राइवर अंगरक्षक सब कुछ है और इसका नाम मंगल है. मेरे घर में सभी स्वरा पाठ पर बहुत ध्यान देते हैं खासकर मेरी मां और बहनें.

इधर मेरी योनि ने भी सब स्वीकार लिया था और अपना रस छोड़ते हुए अपनी स्वीकृति दे दी.

रोहिणी को अपने चूचे चुसवाने में बहुत ही मज़ा आता था औऱ मुझे चूसने में भी. उसने मेरी चूत में धक्के दे कर पूरा लंड जड़ तक घुसा दिया तो मुझे तकलीफ होने लगी और मैं कराहने लगी. मैं हिंदी बेस्ट सेक्स स्टोरी अन्तर्वासना की कहानियां काफी समय से पढ़ रहा हूं और मैंने इसकी कहानियां ख़ासकर चाची की चुत की चुदाई कहानी पढ़ना आज से करीब 8 या 10 साल पहले शुरू किया था.

काम वाली कुछ देर के बाद मेरे घर काम करने आई तो वो काम करके चली गयी. मैं- तो मिला, जो चाहिए था वो?सुरेश- हां … अब जाकर वो मिला, जो मुझे चाहिए था.

उसके बाद मैंने ऑनलाइन वेज बिरयानी मंगवाई और उसे खाकर घर की तरफ निकल आए. थोड़ी देर के बाद सौम्या कमरे में आई, उसने साड़ी चेंज करके सेक्सी पारदर्शी नाइटी पहनी हुई थी. जब भी अनिरूद्ध मेरे घर पर आता था वो मेरी बहन के साथ आंखों ही आंखों में इशारे से बातें करता रहता था.

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मैं- मतलब! क्या मिल गया तुम्हें ऐसा … मेरी बुर कोई 18 साल की लड़की की थोड़े है, जो ऐसा बोल रहे हो.

उसके लिंग की मोटाई की वजह से अब भी मेरी योनि की दीवार फैल रही थी और खिंचाव महसूस हो रहा था. कभी कभी तो वे मेरे सामने सिर्फ पेटीकोट को अपने मम्मों तक करके बाथरूम से बाहर निकल आती थीं. पर एक बार ये भी ख्याल आया कि शायद बचपन की अभिलाषा इस उम्र में इसलिए निकल आयी … क्योंकि उस वक्त हिम्मत नहीं हुई होगी और अब कुछ हो नहीं सकता … इसलिए बात कह कर अपना मन हल्का करना चाहता हो.

मैंने भाभी से पूछा- आपको कबसे पता चला कि मुझे आपको चोदने की इच्छा है. जबकि मैं उसे पूरा ऊपर से नीचे तक … बल्कि उसकी कोमल छोटी सी चुत को भी देख रहा था. चुदाई वाली ब्लूबस 3-4 मिनट में ही मैं कंपकंपाती हुई झड़ने लगी और सुरेश को पकड़ कर उसके होंठों को चूमने लगी.

शायद भाभी ने मुझे आवाज भी दी होगी लेकिन मुझे पानी के शोर के कारण कुछ सुनाई ही नहीं दिया. मैंने अपनी लाइफ में पहली बार किसी औरत को अपनी आंखों के सामने नंगी देखा था.

मैंने कहा- तू मेरी रंडी है न … तो मैं चाहे तुझे मारूं … चोदूं … चुपचाप सह लिया कर … नहीं तो तुम्हारी चूत और गांड का इससे भी चूता हाल कर दूंगा. वो मुझे ठिठोली करने लगा- पैन्ट को क्या देखना है?मैंने कहा- पैन्ट को नहीं, इसके अन्दर जो है, उसको देखना है. हम सब जब झड़ने को हुए, तो चाची ने सारा पानी अपने मुँह में ले लिया और पी गईं.

तभी मेरे मन में ख्याल आया कि क्यों न मामा और मामी की सुहागरात देख लूं. मुझे मौन देख कर मास्टर साहब कहने लगे- अच्छा … पैसा नहीं तो आपके लिए पार्टी का इंतजाम कर लूं? व्हिस्की बीयर वाइन जो चलती हो, अपन झांसी में पार्टी रख लेंगे. भाभी बोली- वो कैसे?मैं बोला- भाभी आपको लंड चूसना और लंड से चुदवाना बहुत अच्छे से आता है.

हम दोनों के लंड के करारे प्रहार से मोनिषा आंटी जोर से चीख उठीं- आह … मर गयी … उम्म्ह … अहह … हय … ओह …उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े.

क्योंकि जब कभी वह देर से आती हैं, तो उनके चेहरे पर थकान ना होकर ख़ुशी होती है. मैं दिखने में बहुत ही साधारण महसूस करता हूँ जबकि मेरी ग्राहकों को मैं बड़ा कामुक लगता हूँ.

मैंने कहा- सब मैं ही करूं क्या?उसने हंसते हुए कहा- यस ये मेरा काम है. लेकिन प्रीति मुझे नंगा देख कर एकदम सदमे में टॉयलेट में खड़ी रह गई थी. अब पल भर भी इंतजार किये बिना मैंने मामी की चिकनी चूत में लंड के धक्के लगाना शुरू कर दिया.

एक दिन अचानक मेरे नाना की तबियत खराब हो गई और सब लोग अस्पताल चले गये. जरा सोचिए कि जब आप अपने घर में ही अपनी शारिरिक इच्छाएं पूरी कर सकते हैं, तो फिर बाहर किसी गैर के साथ क्यों सम्बन्ध बनाना. विभोर के साथ मैं अपने या उसके घर में टीवी पर रात रात भर मूवी देखती हूँ.

बीएफ बीएफ सोंग संजय अपना लंड मेरी चूत में पूरा अन्दर तक डाल कर धक्के मार रहा था और साथ में मैं भी उसकी पीठ पर अपने नाख़ून गड़ा रही थी. मैंने ये कहते हुए उसके हाथ को पकड़ कर अपने लंड पर रखवा दिया- तो लो इसको सहलाओ.

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इस तरह हमारा रोमांस चलता रहा लेकिन चुत मिलने की कहानी हमेशा दूर लगती रही थी. एक बार तो उसकी मम्मी को चकमा देकर भी मैंने मीनू की चूत उसके घर में ही चोद डाली. जब मैं घर में आकर चाय गर्म करने लगा, तो वो कहने लगी- अमित मुझे चाय की नहीं, तुम्हारी गर्मी चाहिए … मेरे करीब आओ ना!मैं बोला- पूजा इतनी जल्दी क्या है … खाना खाकर बाजार चलते हैं … न्यू मार्किट में कुछ खरीदारी करेंगे.

फिर उसके बाल कस के पकड़े और एक दो तीन नहीं ना जाने कितने थप्पड़ उसकी नंगी गांड पर लगाए. मेरी उत्तेजना इतनी बढ़ चुकी थी कि कुछ ही पलों में पूरे लय में धक्के लगाने लगी. साउथ इंडियन एक्स एक्समैंने पूछा- अरे रेनू क्या हुआ?उसने बताया कि यार एक मोटा चूहा मेरे ऊपर कूद गया … तो मैं भागी और दरवाजे से मेरे पैर में चोट लग गयी.

उसकी शर्ट के ऊपर के बटन खुले हुए थे उसकी नाली के साथ ब्रा की झलक भी दिख रही थी.

मैं उठा और आंटी की गर्दन पर किस करने लगा और उनके कान में जीभ डाल कर चाटने लगा. मैंने खिड़की के काँच से आंख लगा कर देखा, अन्दर का तो नज़ारा ही कुछ और था.

करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना सारा वीर्य उसकी बुर में ही निकाल दिया।सारा वीर्य उसकी बुर में भर कर मैं उसके ऊपर निढाल होकर लेट गया. सब कुछ अच्छा चल रहा था, पर जिंदगी ने अजीब मोड़ लिया और सब कुछ बदल गया. धीरे धीरे गति बढ़ाते हुए पेलना शुरू किया तो ऐसा लगा कि बस ये पल यहीं रुक जाए अभी के अभी … सैक्स के अलावा दुनिया में इतना मज़ा ना कभी किसी को आ सकता है, ना कभी आएगा.

वो बोली- तो फिर उसके बाद कोई दूसरी नहीं मिली?मैंने कहा- नहीं, अभी तक तो नहीं मिली.

इस घटना के बाद रोज़ दिन में बाथरूम में पीठ का मलना और रात को उनसे चिपक कर सोना, यही सब होने लगा था. क्योंकि साहब की उम्र भी 55 साल के करीब थी इसलिए उनको चिंता हो रही थी. मेरी बीवी मौसी से बोली- ठीक है, पर मुझे अभी चुदवाओ … मैं न जाने कब से तड़प रही हूँ.

হিন্দি সেক্সি ব্লু ফিল্মलस्त होकर लंड निकाल कर या ढीला लंड अपने आप ही निकल गया, वह मेरे बगल में लेट गया।मामा जी बोले- अब इनकी बारी है, अनिल तैयार हो जा।अनिल मामाजी की ओर मुंह बना कर देखने लगा. एकाएक उसके लंड से वीर्य की पिचकारी निकलने लगी और मेरे गले में गिरने लगी.

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ऐसा करने के लिए मैं अपने लण्ड को पूरा घुसाने के बाद पूरी ताक़त से चूत पर दबाता हूँ जिससे मेरे लण्ड का सुपारा नहीं दबता औरत की चूत का वो भाग दबता है जिससे वो झड़ जाए. कुछ समय बाद मैं दो टिकट खरीद लिए और टिकट लेकर अपनी सीट पर आकर बैठ गया. वाह … क्या चूत थी … गुलाबी चुत पर छोटे छोटे घुंघराले बालों के बीच एक सेक्सी सा छेद खुल बंद हो रहा था.

भाभी बोलीं- कहां जा रहा है … ऊपर नहीं आ रहा क्या?मैंने बाइक स्टैंड पर लगाई और उनके साथ ऊपर आ गया. मुझे लगा कि कहीं ये प्रियंका को सज़ा न देने लगे, इसीलिए मैंने ऐसा किया था. मैंने लंड उसकी पावरोटी जैसे बुर पर रखकर अन्दर कर रहा था, तो उसको दर्द हो रहा था.

भाभी के मुँह से इतनी सारी बातें सुनकर मेरा मन उसको अभी के अभी चोदने को कर रहा था. अब बताओ दोस्तो … मैं क्या करूँ जिससे उसको ज्यादा तकलीफ भी न हो और सेक्स हो जाये।कृपया अपना सुझाव अवश्य दे क्योंकि मैं वर्जिन हूँ … मैंने आज तक कभी किसी के साथ कोई सेक्स नहीं किया है।सुझाव देने के लिए ईमेल करें-[emailprotected]पर!आगे की कहानी:दोस्त की बहन मुझे लव करती है-3. अब किस करते हुए हम दोनों साथ लेट गए और मैंने भी उसको अपनी बांहों में समेट कर अपनी पहली गर्ल फ्रेंड के बारे में बताया कि कैसे मैंने धोखा खाया.

उनकी सलवार को खोल कर उनकी पैंटी के ऊपर से ही मामी की चूत को चूम लिया. उसके रसीले होंठों को चूसने लगा तो वो पीछे हटने लगी लेकिन मैंने उसको अपनी तरफ खींच लिया.

कुछ ही मिनट की मसाज के बाद रिया बोली- अब दर्द कम है, यदि आपको बुरा ना लगे तो मेरे पैरों की भी मसाज कर दो।मैंने कहा- सेवा करने में बुरा क्या मानना।थोड़ी सी क्रीम ले कर मैंने उसकी जाँघों और पिंडलियों पर लगायी और हल्के हल्के मसलने लगा.

फिर तभी अचानक से मौसी ने आवाज दी तो उसने अपने हाथ से मेरे हाथ को हटा दिया. सेक्सी देसी चुत फोटोफिर बारी बारी से एक दूसरे को उत्तेजित करेंगे, तो समय और अधिक लगेगा. सेक्सी विडियो सिगल भाभिमैंने कहा- मामी बना तो लूं, लेकिन!वो पूछने लगी- लेकिन क्या?मैंने कहा- कुछ नहीं, जाने दो. पूजा और संध्या के मम्मी पापा ने मेरी मम्मी और मेरा काफी सत्कार किया.

ज्योति मेरे प्रत्येक कार्य को ध्यान से देख रही थी … लेकिन मुझे तो उसके हुस्न की खुशबू ने पागल कर रखा था.

करीब 10 मिनट बाद मेरा बदन अकड़ने लगा और मैं झड़ गयी।लेकिन भाई का अभी नहीं हुआ था तो उन्होंने अपना लन्ड बाहर निकाला जो खून से सना हुआ था और जब मैने अपनी बुर को देखा तो उसमें भी खून था।तो भाई मुझसे बोले- तू पहली बार चुदी है ना इसलिए तेरी सील टूट गयी है, इस वजह से खून निकल रहा है।फिर मैं घोड़ी बन गयी. भाभी ने तुरंत कहा- आज से आप मेरे पति हो … मेरा तन मन दोनों पर आपका आपके भैया के बराबर का हक है. एक पल के लिए उसने मेरी रस बहाती चूत को देखा और हल्के से अपनी जीभ की नोक से चूत के दाने को चाट लिया.

उस दिन के बाद से अनु जब भी मेरे सामने होती तो मैं दूर से ही उसको स्माइल कर दिया करता था. मैंने अपर्णा को देखा, तो मुझे अपनी बीवी की पहचान करना मुश्किल हो रहा था. बहन के सामने ही मैं घर से निकल गया मगर मौका पाकर मैं दोबारा से घर में दाखिल हो और एक कोने में जाकर छिप गया.

माधुरी दीक्षित की बीएफ सेक्सी

उस दिन जब मैं बहू के मायके के शहर में पहुंचा तो उसके घर वाले स्टेशन पर उसको छोड़ने के लिए आये हुए थे क्योंकि वापिसी की ट्रेन आधे घण्टे बाद की ही थी. ये चाची सेक्स कहानी कुछ ऐसी हॉट है कि लड़कों व लड़कियों का पानी निकलवा देगी. रागिनी- अभी तक कितनी लड़कियों के साथ किया है?मैं- बहुत सारी … कुछ शादीशुदा थीं, कुछ सिंगल, कुछ विधवा … पर ज़्यादातर शादी शुदा ही मेरे साथ रहीं.

उसके बाद वो मेरे होंठों को पीने लगा और मैं भी चुदाई में उसका साथ देने लगी.

!”मैंने सोचा कि यार ये आवाज तो कुछ जानी पहचानी-सी लग रही है, मैंने पूछा- कौन है?महेंद्र गांधी मैं ज्योति हूं …”मैंने उसका नाम सुनते ही फटाफट दरवाजा खोल दिया और वो कमरे के अन्दर आ गयी.

बस फिर मैंने उसकी टांगें चौड़ी करके अपने लंड पे थोड़ा सा थूक लगा के उसकी चुत पे लंड लगा के एक धक्का लगाया. इंसान को तो मुठ मार के भी राहत मिल जाती है … बात तो संतुष्टि और पसंद की है. દેવર ભાભી ની ચૂદાઈतभी वो फिर से चरम पर पहुंचने लगी और इस बार मैं भी अपना बीज उसके अन्दर डालने के लिए तैयार था.

सबसे छोटे वाला लड़का है जिसकी शादी को तीन साल हो चुके हैं लेकिन अब तक उसे सन्तान का सुख प्राप्त नहीं हो पाया है. यह कहानी सिर्फ मेरी ही नहीं बल्कि हॉस्टल में रहने वाली हर लड़की की है।आप मानें या ना मानें।मेरा नाम नीरू है, मैं गुजरात के वलसाढ़ में रहती हूं। आज मैं 24 साल की हूँ. मैंने अपने लंड का माल निकाल दिया था लेकिन मामी की चूत अभी प्यासी रह गई थी.

इतने में उनकी बेटी कोचिंग से आ गयी तो हम दोनों संभल कर बैठ गये।फिर आंटी भी अंदर चली गयी और मुझे बोली- मैं अब खाना बनाऊँगी तो आ जाना खाने।8 बजे के लगभग मैं खाना खाकर वापिस अपने घर की तरफ आ गया और पढ़ाई करने लगा. उसने मुझसे कहा- भाई मोनिषा आंटी बहुत ही ज्यादा हॉट और सेक्सी हो रही हैं.

अरमान दीदी को एक साल से चोद रहा रहा था, लेकिन मैंने कभी दोनों को ऐसे नहीं देखा था.

तो कुछ मिनट बाद मैंने भाभी की चूची पर हाथ रख कर धीरे धीरे दबाना शुरू कर दिया. फिर वो बोली- क्या बोला तुमने?मैंने बात को टालते हुए कहा कि कुछ नहीं … कुछ नहीं. तो फिर आज कौन है जो अपनी सेक्स फेंटेसी हो पूरी करवाना चाहता है?अब फिर सब की सब शांत हो गई और एक दूसरे की शक्ल देखने लगी.

राजस्थानी सेक्सी सेक्स फिर उसने अपनी शर्ट भी उतार दी और वो पूरा नंगा होकर दीदी की चूत पर लंड को रगड़ने लगा. मैं भी पहली बार के संभोग से काफी थक गई थी और अगर दूसरी बार किया, तो और अधिक थकान होगी.

मैं तब ज्यादा चौंक गया, जब मुझे पता चला कि वो पूजा की बहन संध्या थी. फिर मैंने झटकों की स्पीड अचानक से तेज कर दी और फास्ट सेक्स स्टार्ट कर दिया. उसकी नोक से निकलती बूंदें किसी शेर की जीभ से शिकार देख कर टपकने लगती हैं … ऐसे लग रही थीं.

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फिर पता नहीं क्या हुआ कि मुझे सारिका के रंडी परिवार की चूतों को चोदने का काम मिलना बंद हो गया. फिर वो मेरे ऊपर आकर बोली- सबसे पहले तुम्हारा मूड बनना जरूरी है, तभी तुम्हें मजा आएगा. अभी के लिए इतना ही, प्यासी जवानी की कहानी पढ़ कर बुर और लंड से पानी निकला होगा.

थोड़ी देर बाद मुझे प्यास लगी तो मैं जाग गया तो मैंने देखा कि नवधा भी जाग रही है. फिर एक हाथ अपने पेट को सहलाती हुई कमर पकड़ कर बोलीं- ये जवानी की निशानी है!और फिर अपने दोनों हाथ से अपनी चूत को फैला कर बोलीं- ये जादुई गुफा है … इसमें माल भरा रहता है.

फिर उसकी चूत के मुहाने पर लंड लगाते हुए उससे इशारे में पूछा, तो वो उसने भी मुस्कुरा कर हां बोल दी.

मेरा मन तो नहीं कर रहा था लेकिन उसकी बात मान कर मैंने वीर्य निकलने से पहले लंड को उसकी चूत से निकाल लिया. और अगर उसको (उसके पति को) मालूम हो गया तो मुझे प्रॉब्लम हो सकती है. मैं बड़े गौर से देख ही रहा था कि मेरा लंड पूरी वीडियो देख कर खड़ा होने लगा.

मैं- सर लेकिन!सर बात काटते हुए- देखो कोई परेशान होने की जरूरत नहीं है. उसने मुझे कार का नम्बर बताया था, तो मैं कार पार्किंग की तरफ बढ़ गया. हम बस विद्यालय के गेट के बाहर जा रहे थे कि देखा संध्या और पूजा बाहर खड़ी होकर किसी का इंतज़ार कर रही थीं.

फिर एक हाथ अपने पेट को सहलाती हुई कमर पकड़ कर बोलीं- ये जवानी की निशानी है!और फिर अपने दोनों हाथ से अपनी चूत को फैला कर बोलीं- ये जादुई गुफा है … इसमें माल भरा रहता है.

बीएफ बीएफ सोंग: मेरी मादक सिसकी और कामुक पुकार उसके कानों में पड़ते ही, वो किसी मशीन की भांति कमर चलाते हुए लिंग मेरी योनि में रगड़ने लगा. जब उसकी संभोग की स्थिति पक्की बन गयी थी तो उसने कमर के जोर से अपने कड़ियल लिंग को मेरी योनि में धकेलना शुरू किया और मैं दर्द से चिहुंकने लगी.

क्या आप पक्का किसी और से चुदना चाहती हो?तो मोनिषा आंटी ने मना करते हुए कहा- वैसे तो मेरे लिए तुम और तुम्हारा लंड ही काफी है. मिहिर को एक मिनट भी नहीं हुआ था कि उर्वशी ने अपनी बेसब्री दिखाते हुए मिहिर के मुंह को अपने हाथों से उठाते हुए उसके होंठों को जोर से चूस डाला. मैं किस के साथ साथ उसके बूब्स, कमर, पीठ, गांड पर अपने हाथ भी चला रहा था.

अब मामाजी बोले- अब ढीली हो गई!उन्होंने तेल भीगा अपना लंड मेरी गांड पर टिकाया, बोले- डाल रहा हूं, ढीली रखना, कसना नहीं, बिलकुल परेशानी नहीं होगी.

शायद महीनों बाद संभोग के सुख मिला … या अपना था, इसलिए उसके प्रति सोच बनी रही थी. वे वाकयी बड़े धीरे धीरे लंड घुसा रहे थे, पर उनका लम्बा मोटा सख्त लंड मेरी लिटिल सी गांड में घुस नहीं रहा था. पहले तो उसने कुछ ना नुकर की लेकिन मैंने जिद की तो आखिर वो लंड चूसने को मान गयी.