अच्छे-अच्छे बीएफ

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बीएफ बीएफ न्यूज़ इन: अच्छे-अच्छे बीएफ, जल्द ठीक हो जाऊंगी।मैं मौसी मां के बगल बैठ गया।मैंने मौसी मां से पूछा- क्या मैं आपका सिर दबा दूं?बेटा कमजोरी लग रही है … दर्द तो पूरा बदन कर रहा है.

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मेरे चेहरे के भाव देखकर प्राची बोली- संजू तुम ज्यादा मत सोचो, तुम बस और दूध पीने की तैयारी रखो. सेक्सी पंजाबी सेक्सी व्हिडिओबीच में ही वो मेरी गांड की दरार में अपनी उंगलियां घुमाने लगी और गांड के छेद को अपनी उंगलियों से टटोलने लगी.

मुझे तो यकीन नहीं होता था कि तुम्हारा ये मूसल जैसा लंड मेरी चूत में पूरा घुस जाएगा. सेक्सी वीडियो स्पुतनिकजैसे ही मेरी अर्चना से वीडियो कॉल पर बात होने लगी, तो मैंने उसे नजदीक से देखा और उसके साथ ज्यादा फ्लर्टिंग करना शुरू कर दी.

हसित रीना के दोनों पैरों को खोलते हुए कहने लगा- अब अपनी झील दिखा दे रीना रानी.अच्छे-अच्छे बीएफ: हज़ीरा नीचे से धक्का मारती हुई बोली- अरे जान एक बार साली अपनी चुदाई देख लेगी … तो अपने आप चुदवाने के लिए तैयार हो जाएगी.

तो मैं उठी, पर गांड थोड़ी दर्द कर रही थी और मुझे चलने में भी दिक्कत हो रही थी.वो एक हाथ से एक निप्पल दबाने लगा और दूसरे हाथ से पकड़ कर दूसरा निप्पल चूसने लगा.

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खबर ये थी कि उनके घर का मुहूर्त और मामा जी के लड़के का जनेऊ भी होना था जिस वजह से मुझे कल सुबह जाना ही पड़ेगा.मैंने कहा- फिर?लवी- जब श्वेता बड़ी हो गई, तब उसके मम्मी पापा यहां से बाहर शिफ्ट हो गए थे.

हम दोनों ने दारू पार्टी शुरू की और सिगरेट सुलगा कर धुंआ उड़ाना शुरू कर दिया. अच्छे-अच्छे बीएफ मैंने पूछा- आप बबीता जी?तो उसने बोला- हां, क्यों पसंद नहीं आई क्या?मैंने बोला- नहीं ऐसी कोई बात नहीं … आप वही हो, बस ये ही कन्फर्म कर रहा था.

मुझे लगा कि अब मैं बस इसके मुँह के अन्दर ही झड़ जाऊं और इसको अपना माल पिला दूं।मगर मैंने उसके मुँह से अपना लंड बाहर निकाल कर थोड़ा आराम किया ताकि इसकी चूत में ही खाली हो सकूं।मैंने अपने लंड पर कंडोम लगाया और धीरे धीरे उसकी चूत पर रगड़ने लगा.

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मैं- तो अब क्या करूं?भाभी- तेरे उस साइड में तेल रखा है, उसे लगा कर पेल दो देवर जी. फिर धीरे धीरे उसने ही मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए और मैंने उसके उतारे. मैंने उससे बोला- मेरा होने वाला है, कहां निकालूं?वो नीचे से और तेज स्पीड बढ़ाते हुए बोली- अन्दर ही आ जा.

मैंने पूछा- अब मुजफ्फरनगर जाने का क्या साधन है?वो बोला- अब तो छोटा हाथी या टेम्पो ही मिलेगा. मैं तब कॉलेज के दूसरे साल में था और पत्राचार के माध्यम से पढ़ाई पूरी कर रहा था. जब मैंने पूरा डाल दिया तो पूछा- शुरू करूं?वह हल्का सा मुस्करा दिया.

यार साड़ी पहनने वाली स्नेहा वेस्टर्न ड्रेस में, वो भी इतनी गजब … मैं चमत्कृत था. मैं उसके घर गया तो वो मेरा लंड अपनी गांड और मुंह में लेने को तैयार रहता था. रीना पहले से ही पागल हो रही थी और अब तो हसित रीना की चूत चाटने लगा था तो रीना पागल होने लगी थी.

मेरा नाम रिक्की है और मैं आपको अपनी एक सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रहा हूं. फिर हमारे स्तनों को ढकने के लिए उसने हमें ब्रैस्ट प्लेट दी, जिससे कभी कभी हमारे निप्पल दिखते भी थे.

यह देख मेरी भी उत्तेजना बढ़ रही थी और मेरी चूत ने भी अपना पानी छोड़ दिया.

प्राची ने अपनी चूत की ओर इशारा किया, तो मैं समझ गया कि डॉक्टर साहिबा क्या चाहती हैं.

उसके मम्में निचोड़ते हुए वो शब्बो के चूचक दांतों से काट रहा था, उनको उंगलियों से मरोड़ मरोड़ कर उनको सुजा रहा था और शब्बो चुपचाप अपनी टाँगें फैलाकर उसकी बेटी के उम्र के लड़के के साथ अपनी इज्जत लुटा रही थी. उसकी इस बात से मैं तो एकदम से खुश हो गया कि एक और चूत चोदने को मिलेगी. कुछ पल बाद बबीता भाभी वापस आईं और उन्होंने मुझसे पूछा कि सैम कुछ चाहिए … मतलब ड्रिंक्स या सिगरेट!मैंने कहा- भाभी मैं ड्रिंक्स तो ज्यादा नहीं लेता हूँ … लेकिन सिगरेट दे दो.

मैंने गोलियां खरीद तो लीं, पर कभी खाई तो थी नहीं, तो सोचा वहीं यूज करूंगा. जब मैं लौटा तो मौसी मां ने फिर पूछा- क्या हुआ बेटा?मैंने कहा- मौसी, जोर से पेशाब लगी थी।मौसी मां मेरा भीगा लोवर देखकर मुस्कुराकर बोली- तो पहले ही कर आता … इतना क्यूं रोकता है कि पैंट में ही हो जाए! बेटा, इच्छाओं को दबाना नहीं चहिए कभी!फिर मैंने होमवर्क किया और खाना खाकर सो गया. तभी से तुम्हारे बूब्स को चूसने, तुम्हारी गांड को मसलने और चूत में अपना लंड डाल कर तुम्हें चोदने को तड़प रहा हूँ.

पर मैं एक समस्या था … मेरे साथ होने पर दोनों रोमांस नहीं कर पा रहे थे और ना कुछ और.

नाप तो नहीं मालूम मगर उसके उठे हुए चूतड़ों को देख कर अच्छे खासे शरीफ आदमी का लंड भी खड़ा हो सकता है. भाभी उसे नीचे बुला रही थीं और उन्होंने मुझसे ये भी कहा कि शिल्पा और तुम ऊपर दूसरे फ्लोर के रूम पर चले जाओ. बहुत बेशर्म हो गया है तू!मैं- लंड को देखते हुए तो आपको शर्म नहीं आ रही थी.

इतने में दरवाजा नॉक हुआ, ज्योति उठी और नॉर्मल होकर दरवाजा खोलने चली गई. मैंने भी अपने एक हाथ को उसकी पीठ के नीचे डालकर उसे अपनी बांहों में कस लिया. आज तक कभी भी जिया दीदी ने मुझे राखी तो नहीं बांधी थी लेकिन जिया दीदी मुझे अपना छोटा भाई और बेस्ट फ्रेंड मानती हैं.

मैंने पूछा- मुजफ्फरनगर की बस कहां से मिलेगी?वो व्यक्ति बोला- यहीं से मिलती है.

मां बोली- ये सफेद रंग का तेल कौन सा है?मैं- मम्मी आप खुद ही आकर देख लेना. फिर मुझे ध्यान आया कि रात में मुझे कुछ शक भी हुआ था कि कोई जैसे हमें भाई बहन को चुदाई करते देख रहा हो.

अच्छे-अच्छे बीएफ जैसे ही उसका मुलायम और मखमली हाथ मेरे हाथ से छुआ, मेरे लंड में जैसे कोई करंट लग गया और वो झटके से खड़ा हो गया हो. उसने हम सबको बिना कपड़ों के देखा तो बोला- तुम सब यहां क्या कर रहे हो?एक ने कहा- कल रात को जब भाभी को छोड़ने आए तो भाभी बोली थीं कि रात में इनको डर लगता है, इसलिए रूक गए थे.

अच्छे-अच्छे बीएफ मेरे सपनों का राजकुमार तुम्हें समझती थी लेकिन बाद में पता चला कि तुम्हारे दोस्त के साथ मेरी शादी तय हो गयी है. डिनर के बाद जब मैं घर जाने के लिए उठ रहा था,तभी आंटी ने कहा- थोड़ी देर बैठो, घर जाकर सोना ही तो है.

चाची बोलीं- अब बात न करो … जो काम शुरू किया है, पहले उसको खत्म करो.

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सासु जी का मुंह रोने जैसा हो रहा था और उनके मुँह से ससुर जी का गाढ़ा माल टपक रहा था. भैया हंसने लगे और बोले- साली कुतिया … अभी तो तेरी सिर्फ चूत चाटी है … अभी मेरे लंड का स्वाद भी तुझे लेना बाकी है. चूंकि मेरी शॉप उनके घर के पास ही थी, तो रोहित भैया भी मुझे अच्छे से जानते थे.

हसित बोला- रीना डार्लिंग, अब मुझे भी तो अपने मादक जिस्म का दीदार करवाओ. राजेश ने रेणु के सारे कपड़े उतार दिए और कुछ देर बाद राजेश ने मुझे अन्दर आने के लिए कहा. उसके बाद वो उठी और उसने मेरे शॉर्ट्स में हाथ डाल दिया, अंदर हाथ डालकर उसने लंड को हाथ में पकड़ कर देखा.

मैंने अपने हाथ से उसका चेहरा ऊपर किया और कहा- अब तो खुश हो?वो हंसती हुई बोली- हां अब मैं बहुत खुश हूँ.

21 साल की उम्र में भी उसका लौड़ा इतना मोटा और लम्बा हो चुका था जो आज अपनी कामवाली शब्बो चाची की चूत को भोसड़ा बनाने पर तुला था. मेरे प्यारे पति ने मुझे धीरे से बेड पर लिटाया और मेरी पूरी मैक्सी उठाकर गले तक ला दिया. प्रत्यक्ष में मैंने जमीला को छोड़ दिया और उसने फिर से मुझे अपनी बांहों में जकड़ कर होंठों से होंठों सटा लिया और चूसने लगी.

एक बार उन्होंने मुझसे पूछा कि आपको कैसी लड़की पसन्द है?मैंने फटाक से जवाब दिया- आपके जैसी. उनके लाल सुर्ख होंठ नेचुरल ही थे, मतलब उनको लिपस्टिक की जरूरत ही नहीं थी. वो मेरे लंड को सहलाती रही और मैं उसकी चूचियों को दबाने लगा, उसकी चूचियों को जोर जोर से भींचने लगा.

कॉलेज टाइम में हम कुछ लड़कों का एक समूह था जिसमें कोई भी लड़की नहीं थी. मैंने दोबारा बोला तो बोली- उस दिन भी मुझसे पूछ कर किया था … जो आज पूछ रहे हो?बस मुझे सिग्नल मिल गया और मैं उसके होंठों को चूसने लगा.

तो विजय का वही रटा रटाया जबाब आया- दीदी, नया नया जॉब लगा है अभी बहुत ही बिजी हूं नहीं आ सकता, समझा करो!विजय की यह बात सुनकर मुझे गुस्सा तो बहुत आया कि अभी भाभी के हाथ से फ़ोन लेकर बोल दूँ कि- जब तक मैं एक बार भी नहीं चुदी, तब तक तो दिन रात मेरे पीछे ही लण्ड हाथ में लेकर घूम रहे थे और अब मेरे लिए एक भी दिन नहीं निकाल सकते. मोनू ने अपनी पैंट भी उतार फैंकी और वो दोनों ब्लू फिल्म के स्टार्स के जैसे खड़े हो गए. अब गगन भी नजदीक आ गया और उसने अपनी मां के सामने लंड निकाल कर हिलाना शुरू कर दिया.

जैसे जैसे मेरी स्पीड बढ़ रही थी, उनके चिल्लाने की आवाज़ भी बढ़ती जा रही थी।मैंने अब उनके होंठों पर होंठ रख दिए और धक्के की स्पीड भी बढ़ा दी।ऐसे काफी देर चुदने के बाद वो बोली- मैं अब ऊपर आऊंगी.

साथ में लंड और चुत गीली होने के कारण पचा पच की आवाज रूम में गूंजने लगी थी. मैंने उसे समझाया कि अगर बिना किसी के जाने चुदवा लो, तो कोई दिक्कत नहीं है. हम सब बातें करते रहे और नाश्ता करने के बाद काम के सिलसिले में बात करने लगे.

भाभी हमारे घर आकर मेरी मम्मी से बहुत बातें करती थीं और मेरी भी उनसे अच्छी-खासी बातचीत होती थी. वो जब भी आते, तब मैं जानबूझ कर अपनी शर्ट के दो बटन और स्वेटर की थोड़ी चैन खोल कर रख देती जिससे वो मेरी क्लीवेज देख पाएं.

मैंने पूछा- दीदी आप भी कहीं जा रही हो क्या?वो बोली- नहीं, ड्रेस रखी रहती है … अब न कहीं जाऊं, तो सोचा घर में ही डाल लूं. मैं पानी पीने के लिए किचन में गया, तो देखा कि आंटी ने ब्रा और चड्डी बाहर सूखने के लिए डाली हुई थी. तुम इसे सक तो करोगे न?हनी का दिल भी एक मर्द का लंड देख कर मचलने लगा था.

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तभी सोहल ने अपनी उंगलियां गांड से बाहर निकाल लीं और अपने लंड पर क्रीम लगाने लगा.

मैं उसके रूम में घुस गया और अन्दर से दरवाजा बन्द करके सीमा को बांहों में भर लिया. फिर मैंने कुच्ची को बताया तो उसने शब्बो को फोन करके मामले की जांच करने को कहा. उसने मुझे ही अपनी वासना पूर्ति का साधन बनाया और मेरे लंड के साथ खेली.

क्रॉसड्रेसर गे स्टोरी में पढ़ें कि मुझे लड़कियों के कपड़े पहनने और गांड में उंगली का शौक था. मैंने सरिता से कहा- अब तुम्हारा तो हो गया, लेकिन मेरे लंड का क्या करोगी?सरिता बोली- बहुत बदमाश हो तुम हर्षद. మ్యారేజ్ సెక్స్इतने में भाभी के घर की बेल बजी और मैंने झट से लौड़ा पैंट में कर लिया.

मैं अपने कमरे में आकर लाईट ऑफ़ करके बेड पर चुपचाप लेटा हुआ था और ऐसे ही सोच रहा था. उसकी सांसें तेज हो गयी थीं लेकिन उसके चेहरे पर मुस्कान फैल गई थी जो मेरी सोच से बिल्कुल भी अलग था.

शिल्पा से रहा नहीं गया, वो कहने लगी- डालो जल्दी से … क्यों तरसा रहे हो?मैंने धीरे से उसकी चूत में लंड डाला और चुदाई शुरू हो गई. थोड़ी देर मुँह चोदने के बाद मेरा छूटने वाला था तो मैंने प्राची के सिर को पीछे से पकड़ कर जोर जोर से चोदना शुरू कर दिया. इस बार भाभी कि हालत खराब हो चुकी थी।वो झड़ चुकी थी पर इस बार मैं करीब 20 मिनट तक लगातार उनको ठोकता रहा और उनकी चूत में ही झड़ गया.

नीचे लंड की फचफच की आवाज़ों से मदहोश होता जा रहा था और उसको लगातार चोद रहा था. चमेली का भी सील तोड़ो कार्यक्रम हो चुका था, जिसके लिए जया ने नगर के ही एक लड़के को चुना था. तभी बाहर अचानक से बारिश होने लगी तो मैंने भी कोचिंग जाना रद्द कर दिया.

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तो सोनाली सीत्कारने लगी और उसने भी मेरी गांड के छेद पर अपनी उंगली दबाकर रख दी. मोनू ने अपनी पैंट भी उतार फैंकी और वो दोनों ब्लू फिल्म के स्टार्स के जैसे खड़े हो गए.

मोहिनी ने दो तीन बार ज़ोर से थप्पड़ मारते हुए कहा- और ज़ोर से चल!रवि ने ज़ोर ज़ोर से चलकर बरामदे का चक्कर पूरा किया. हनी मस्ती करने लगा तो उसी वक्त सोहल ने आखरी झटका दिया और अपना पूरा का पूरा लंड अन्दर पेल दिया. मैंने वापस उसकी गर्दन को चूमना शुरू कर दिया, वो वापस मादक आहों के साथ सिसकारियां बढ़ाने लगी.

इस बार मैंने आंटी करीब आधा घंटे तक रगड़ कर चोदा और हम दोनों साथ में झड़ गए. मैंने कुछ नहीं कहा और अपनी नाईटी उतार कर अपनी वोडका की बोतल को मुँह से लगा कर खाली किया और सीधे बाथरूम में घुस गई. अनिकेत ने अपनी बहन की बेटी लूसी को बांहों में उठाकर बिस्तर पर उल्टा करके पटक दिया और लूसी की गांड में डालकर लंड हिलाने लगे.

अच्छे-अच्छे बीएफ तब मैं जानबूझ कर ब्रेक मारता, तो सीमा के मम्मे मेरी पीठ पर दब जाते, जिससे उसे भी मजा आता और वो मुझसे चिपक कर बैठ जाती. इसी बीच सोनाली ने मेरे मूसल जैसे लंड को अपनी गोरी मुलायम जांघों में जकड़ लिया और आगे पीछे करने लगी.

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मेरा मन कर रहा था कि अभी जाकर अम्मी को बांहों में लेकर खूब चोद दूँ. आआहा मज़ा ही आ गया था, उसकी मुलायम चूचियां मेरे सीने पर दबाव बना रही थीं. और डिनर में क्या बनाऊं, बताओ? क्या तुम्हारी पसंद का पुलाव बना दूं और साथ में …सैक्स की गर्मी कुछ कम होते ही उनका सासू माँ वाला प्यार जाग गया था.

मैं पूरे जोश में शॉट मार रहा था कि तभी मेरे लंड ने भी पानी की पिचकारी छोड़ दी. दीदी- हम्म … ठीक है।फिर मैं बोला- दीदी, आपके बूब्स तो बहुत प्यारे हैं. सेक्सी इंडियन मराठी सेक्सीमैंने अपने दोनों हाथों से उसकी गांड पकड़ कर नीचे से अपनी गांड उठाई और धक्के मारने लगा.

मुझे ऐसे देख कर वो बोलीं- क्या हुआ … क्या देख रहे थे?मैंने कहा- कुछ नहीं आंटी.

मुझे उस पर गुस्सा आ रहा था क्योंकि उसने न अपनी चूची चूसने दी और न ही चूत चाटने दी. मॉम की चीख निकल गई, वो चिल्लाती हुई बोलीं- आंह मर गई … आराम से करो … दर्द होता है.

तभी उसके मुँह से गर्म आवाजें निकलने लगीं और वो लंड पेलने की कहने लगी. मैंने उसे उठा कर अपने लंड का दाब उसकी गांड के छेद में ही रखा और धीरे-धीरे लंड उसकी गांड के छेद में खिसकाने लगा. उसकी फुंसियों सी चूचियां बड़े आराम से मेरी हाथ की गिरफ्त में आ गई थीं.

लेकिन जिस दिन उस लड़के को मैंने उनके घर से निकलता देखा, तो मेरे विचार बदल गए थे.

मैंने कहा- हायल्ला तुम भोसड़ी के … बहुत बड़े हरामी हो? तेरा लण्ड भी साला हरामी है।मैं गन्दी गन्दी बातें करके उसके लण्ड में जोश भर रही थी।सिसिया मैं भी रही थी और सिसिया वह भी रहा था।कुछ देर बाद मैंने कहा- हाय मेरे ससुर राजा, अब पेल दो अपना लौड़ा मेरी चूत में. बीच बीच में वो मेरी नमकीन चुत पर हाथ फेर देते, उससे मेरी आग और भड़क रही थी. मोनू ने कोमल के हर अंग को चूसा और पीठ पर और गर्दन पर चूचियों पर बाईट भी किया जिससे कोमल ने दर्द भी फील किया.

नगीना की सेक्सी फिल्मलाइट बंद होने के कारण किसी को कुछ समझ नहीं रहा था कि आखिर हम दोनों के बीच क्या खेल चल रहा है. मैंने कहा- क्यों आपका जादू भैया पर नहीं चलता क्या?भाभी उदास हो गईं और चुप हो गईं.

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अब आगे भाभी चुदाई हिंदी कहानी:‘हर्षद कितना मस्त चोदते हो तुम … एक अनुभवी खिलाड़ी के जैसे. घर वालों के जाने की बात सीमा ने बंशी को बताई तो वो उससे मिलने उसी रात सीमा के घर पहुंच गया. उसने म्यूज़िक की आवाज काफ़ी बढ़ा दी पर हमें कोई दिक्कत नहीं थी क्योंकि एक तो उनका घर काफ़ी बड़ा है और ऊपर से उनके घर से आवाज़ बाहर नहीं जाती.

फिर एक दिन उनका फोन आया कि मैं तुम्हारी बुआ को लेकर जबलपुर आ रहा हूं. उनका लंड जब गांड में घुसा, तब पता लगा कि कितना मोटा मजबूत हथियार है. मैंने उसे उठा कर अपने लंड का दाब उसकी गांड के छेद में ही रखा और धीरे-धीरे लंड उसकी गांड के छेद में खिसकाने लगा.

आज मैं बहुत ज्यादा चुदासी हो रही थी और मेरा मन कर रहा था कि किसी का भी लंड अपनी चुत में ले लूं. फिर लॉकडाउन में मेरी एक बार गांड ठुकाई होने के बाद मेरा इस सबसे मन हट सा गया था. जमीला की दुबारा चीख निकल गई, उसने अपने दोनों पैर से मेरी कमर को जकड़ लिया.

उन्होंने कहा- इस बार जब मैं जबलपुर आऊंगा, तब एक बार तुम्हें मेरे सामने ब्रा और पैंटी में आना होगा. फिर राजेश ने रेणु से पूछा- कैसा लगा?उसने कहा- आज तो तुम दोनों ने मुझे मजा ही दे दिया.

सुबह के करीब दस बजे हमारी आंखें खुलीं तो मैंने भाभी को एक बार फिर से चूमा और उन्हें गर्म कर दिया.

मैंने बिना देरी किए लंड का सुपारा चुत के मुँह पर रखा और जोर से झटका देकर आधा पेल दिया. बरगद के पेड़ का दूध कैसे निकालेउसकी चूत से निकलता गर्म पानी लंड को ऐसे तैयार कर रहा था, जैसे घोड़े को देर तक दौड़ाना हो. सेक्सी वीडियो बताइए बीपीमैं सारा दिन हैंडसम लड़कों और आसपास घूमते फिरते लोगों में देखता कि किसकी बॉडी अच्छी है. मॉम की मीठी सी चीख निकल गई और वो बोलीं- काट क्यों रहे हो बेटा … आराम से करो, मैं भागी थोड़ी ना जा रही हूं.

मैंने जिया दीदी को टिश्यू पेपर दिया और खुद के लंड को भी साफ करने लगा.

तुम इसे सक तो करोगे न?हनी का दिल भी एक मर्द का लंड देख कर मचलने लगा था. यंग पोर्न गर्ल सेक्स कहानी मेरे हॉस्टल की नौकरानी की कुंवारी बेटी की है जो वहीं रहती थी. मैंने उससे पूछा- तो क्या ख्याल है किधर मिलना चाहोगी?वो बोली- मैं अपने घर में ही तुमसे मिलना चाहती हूँ.

फिर मोनू ने लंड सैट करके धक्का दिया लेकिन दर्द से मेरी बहन फिर से आगे हो गई. उधर एक खेत में साइकिल को गिराकर छिपा दी और वहां से पैदल ही शब्बो के घर के आ गए. अब विलास लंड चूसते चूसते अपने दोनों हाथों से मेरी जांघों को सहलाने लगा तो मैंने दोनों टांगें दोनों बाजू फैला दीं.

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वो मुझे देख कर मुस्कुराया और कहा- साली रंडी, नौटंकी करती है, अब तक गांड भी तो नहीं मरवाई थी … तो आज लंड भी चूस ले साली. इसलिए दीदी को भी आज उसी रूम में सोना था क्योंकि वो कमरा हम तीनों का ही था. मैंने उसको पलंग पर लिटा दिया और उसकी दोनों टांगों के बीच आकर अपने होंठों को उसकी चूत पर रख दिया.

अब मौसी मेरे लंड को मरोड़ रही थीं और मैं उनकी गीली ब्रा और पैंटी को देख रहा था.

हनी अब भी चुदना चाहता था लेकिन इस बार वो किसी विदेशी लंड से अपनी गांड मरवाना चाहता था.

उसका इशारा पाते ही सामने वाले ने पारुल को जमीन पर लिटा दिया और उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख कर लंड को काले बालों के बीच चूत में पेल दिया. लंड अंदर घुसते ही मैं दीदी की चूत में धक्के मारने लगा और एक बार फिर से सुबह सुबह दीदी की चुदाई शुरू हो गयी. श्रुति हसन सेक्ससुहागरात में मैं अपने शौहर के लंड से चुद कर हटी ही थी कि मेरी ननद आ गयी कमरे में!लेखिका की पिछली कहानी:शादी नहीं की, चुदती रोज़ हूँमेरा नाम साजिया खान है।मेरा निकाह अभी एक साल पहले ही हुआ है।मेरी ससुराल लोकल है इसलिए मेरा मायके ससुराल में आना जाना लगा रहता है।आज मैं अपनी Xxx फॅमिली चुदाई कहानी आपको सुना रही हूँ।पहली बात तो यह कि मैं एक पढ़ी लिखी बीवी हूँ.

मैंने उसे शाम को कैसे भी करके थोड़ी देर के लिए मिलने को राज़ी किया. भाभी ज़ोर ज़ोर से आवाज निकालने लगीं- आंह चोद दे … चोद और ज़ोर से डाल … पूरा पेल दे … आह मजा आ रहा है. जब से इसे देखा है … और सुबह मुझे रगड़कर चोदा है, तब से बार बार मेरी चूत गीली हो जाती है.

तो मैंने भी मन में सोचा कि जो होगा देखा जायेगा और आगे बढ़कर सास को बांहों में भरकर बोला- बस करो मम्मी, अब और शर्मिंदा ना करो. उसके चेहरे पर संतुष्टि फैल गयी थी और अब वो बहुत ज्यादा खुश लग रही थी.

सुबह मैंने जानबूझ कर उससे पूछा- कौन है वो लकी ब्वॉय?उसने हंसने वाली इमोजी भेज कर जवाब दिया कि वो तुम ही हो.

मॉम की चीख निकल गई, वो चिल्लाती हुई बोलीं- आंह मर गई … आराम से करो … दर्द होता है. तभी धक्कों की रफ़्तार बढ़ी और उसका गर्म गर्म वीर्य … मैंने अपने मुँह में महसूस किया. मैं समझ गया कि ये दोनों ही बात कर रहे हैं और मैं कवाब में हड्डी बन रहा हूँ.

किचन सेट बर्तन मैंने कहा- एकदम से पेलने लायक ही माल हो आप … आह कितनी टाईट चुत है आपकी. मैंने कहा- चलो ये बताओ, मैं आपको कैसा लगता हूँ!आंटी बोलीं- तेरे लिए मेरे दिल में अलग ही जगह है.

पहले पहले तो मेरी दर्द के मारे हालत खराब हुई पर जब दर्द कम हुआ तो मैं भी चुदाई का पूरा मजा लेने लगी. मेरे बूब्स से अपना हाथ हटाते हुए उसने मेरे कंधे के ऊपर से धीरे-धीरे मेरे कुरते के अंदर हाथ डालना शुरू कर दिया. मेरी साली की चुत की सील टूट गई थी और खून आ रहा था लेकिन मैंने जोर से धक्का देना बंद नहीं किया.

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वो दर्द को सहन करते हुए मेरे लंड को अपनी चूत में अंदर तक सेट करने की कोशिश कर रही थी. मैं उनका सहारा लेकर धीरे धीरे चलती हुई घर तक पहुंची और दरवाजा खोल लिया. उनकी खिड़की में कांच लगा हुआ था तो अन्दर का नजारा हल्का हल्का सा नजर आ रहा था.

मैंने भी अपने पैर खोल कर बेड फैला दिए, तो पति ने अपनी गांड पीछे ले जाकर अपना तगड़ा लंड हाथ से मेरी चुत में घुसा दिया. मुझसे नहीं गया और मैंने अपने तने हुए गीले लंड का सुपारा उसकी गांड के छेद पर रख दिया और दबाने लगा.

दोस्तो अगली बार मैं आपको अपनी कहानी में लिखूंगा कि मैंने अपनी साली और बीवी की गांड कैसे मारी.

उन्होंने मुझसे कहा- मनीषा, आज के टाइम में अच्छे इंसान मिलना बहुत मुश्किल है. मैं सच कहूँ तो मेरी लाइफ का पहला खुला लंड मैं अपनी आंखों के सामने देख रही थी. फिर मैंने पूछा- शिल्पा का कोई बॉयफ्रेंड भी है क्या?निशा बोली- हां है.

मैंने अपनी तरफ से भरसक कोशिश की कि मैं रवि को अपनी चुत से हटा सकूँ मगर मैं असफल हो गई. उसने पहले ही आवाज लगा कर मामी को बोल दिया कि वो मेरा रूम साफ कर रही है तो एक घंटा लगेगा. मेरी चुदास बढ़ चुकी थी और मैं विलियम के साथ अब खुल कर मजे लेना चाहती थी.

मैं- चाची मजा आया?चाची- मुझे नहीं पता था कि चूत चुदाई में औरमोटे लंड से चुदाईमें इतना मजा आता है.

अच्छे-अच्छे बीएफ: थोड़ी देर में उनकी उत्तेजना चरम पर आ गयी और वो कहने लगीं- साहिल, प्लीज मेरी चूत में आग लगी है … तुम जल्दी से अपना अन्दर डाल दो … मुझसे अब नहीं रहा जा रहा है … आंह डालो प्लीज़ … आंह. अंकल की जीभ काम कर रही थी, उनका लंड भी और उनके दोनों हाथ मेरे बूब्स को दबाए जा रहे थे.

मैंने उसे बांहों में भर लिया और कुछ देर बाद उसकी चूत में उंगली डालने की कोशिश की तो देखा कि वहां से खून निकल रहा था. हालांकि इससे पहले भी कई बार मैं दादी के साथ बुआ के यहां जा चुका था और बड़ी भाभी और मंझली भाभी मुझसे अच्छी तरह से पहचानती थीं. बस में बहुत ज्यादा भीड़ थी, हम दोनों के सीटों के बीच में खड़े हो गए.

उसमें उसकी एक फ़्रेंड की वाट्सअप चैट खोल कर देखी, तो मेरी आंखें खुली की खुली रह गईं.

फिर मैं तेजी से दीदी के मुंह को लंड से चोदने लगा और मेरा माल भी दीदी के मुंह में गिरने लगा. बाहर से आती हुई रोशनी उसके बदन को छूती हुई झोपड़ी के अन्दर उसकी एक अनोखी परछाई बना रही थी. मेरा सुपारा गीला और चिकना होते ही मैंने एक धक्के में ही चूत में लंड डाल दिया.