चाइना बीएफ बीएफ

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मैं तो चाह रहा था कि यह स्कर्ट यूँ ही फँसी रहे, पर मैं जल्दी से खुद को काबू कर कील से स्कर्ट हटाने लगा. मां शेरावाली’ की आवाजों से कमरा गूंज रहा था।अब उसका दर्द जाता रहा और वो भी मेरा साथ देने लगी, वो अपने चूतड़ उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगी।साथ ही वो सेक्सी आवाजें भी निकाल रही थी, आअह हिस्स हम्म आह हाहा.

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!और उससे हट कर बेंच पर बैठ गया, तो उसने पीछे से आकर मेरे गले में हाथ डाल दिया और कहा- ठीक है ओके… सिर्फ़ किस.चाइना बीएफ बीएफ: 15 मिनट की जबरदस्त चुदाई करने के बाद बिट्टू भी झड़ने के कगार पर थी और फिर नीचे से धक्के देकर ‘आह्ह आह्हअह उई उईए सीई आई’ करती हुए मुझे अपने बाहों में जकड़ कर झड़ गई.

पर ननदोई जी तो झटके मारे जा रहे थे, हॉल में फच फच की आवाजें आ रही थी… मेरी सिसकारियाँ पूरे हॉल में गूंज रही थी।आज तो मैं खूब जोर से चिल्ला रही थी क्योंकि घर में कोई नहीं था.यह देखो साली कैसे चूत को सेंक रही है…!साहिल ने एलईडी को ऑन करके जूही को लाइव देख कर बोला।रेहान- ओके… मैं जाता हूँ तुम ध्यान रखना कोई गड़बड़ ना होने पाए…!इतना कहकर रेहान बाहर निकल कर नीचे चला गया।कमरे में आकर रेहान बीयर की बोतल खोल कर पीने लगा।रेहान- जान क्या कर रही हो.

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!रेहान- नो सचिन… रूको अन्ना बताओ इस रंडी को कि क्या हो रहा है यहाँ…!अन्ना- जवाब तुमको हम देता जी ये पॉर्न-मूवी होना जी….भीगे अंग को मुख के रस से, चहुँ और सखी लिपटाय दियाहोठों से पकड़ कर कंठ तरफ, मैंने उसको सरकाय लियानीचे के होंठ संग जिह्वा रख, मैंने लिप्सा अपनी पूर्ण कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

मैंने कहा- और मोहसिना?तो वो बोलीं- मैं उसे भी ले आऊँ?मैंने कहा- उसे सोने दो, कल से आप दोनों यहाँ रूम में सो जाया करो, जब तक मम्मी-पापा नहीं आ जाते. चाइना बीएफ बीएफ साली अब थोड़े ही अपनी मर्ज़ी से शॉट देगी। अब तो जबरदस्ती ही करनी पड़ेगी।आरोही रोने लगती है और रेहान से पूछती है, आख़िर मैंने किया क्या है?”रेहान- चुप साली तूने मेरी सिम्मी को मुझ से छीन लिया, अपनी जलन में तू अंधी हो गई थी… हाँ अब देख तेरा क्या हाल करता हूँ मैं।सिम्मी का नाम सुनकर आरोही का मुँह खुला का खुला रह गया।आरोही- स.

!”पहले हम साथ-साथ थोड़ी रहते थे अब जब तीन दिन से तुझे देख रहा हूँ तो महसूस किया, इसलिए तारीफ कर दी। तेरे गोरे बदन पर एक बाल तक नहीं दिख रहा।तुम्हारी बॉडी पर तो घने बाल हैं ना.

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आअह्ह्ह्ह्ह…!”मुझे इतना दर्द हुआ कि मेरे मुँह से चीख निकल गई। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।चाची हंसने लगी और बोली- और परेशान कर अपनी चाची को !मैं बोला- चाची, अब मैं बच्चा तो रहा नहीं कि आप मुझसे जीत जाओ. !आंटी, यह बच्चा हमारे प्यार की निशानी है।”तुम समझ नहीं रहे अमन, मैं किसी को मुँह दिखाने लायक नहीं रहूँगी।”क्यूँ आंटी? आपका भी तो मन था कि आप माँ बनती।”मगर यह बच्चा नाजायज़ है, मैं किसी से क्या कहूँगी. अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है।दोस्तो, बीच में आने के लिए सॉरी। मैं आपको बता दूँ कि अंकित तो सारी बात शॉर्ट में ही बता रहा है, इतना डीप में नहीं। मगर आप लोगों को चुदाई का भरपूर मज़ा मिले इसलिए वहाँ क्या हुआ, ये मैं आपको विस्तार से बता रही हूँ ओके…एंजाय…!अंकित आपने कपड़े निकाल देता है। उसका 7″ का लौड़ा आज़ाद हो जाता है।सिमरन- उउउ आ.

अभी मेरे पास 2500 रूपए के आस-पास हैं तो मैं आपको 2000 रूपए दे रहा हूँ और आगे जितना भी होगा उसे आपको मैं जब बाद में दूँगा तो आप ले लोगी।उन्होंने बोला- यार ये क्या. चाचू का लण्ड फिर खड़ा हो गया और चाचू ने फिर मेरी चूत मारी, रात में कई बार चाचू ने मेरी चूत मारी, फिर सुबह जब बाथरूम गई तो चाचू साथ में ही गए और उधर भी उन्होंने मुझे चोदा और फिर चाचू ऑफिस चले गए. मैं बुलाऊँगी, चलो फिर मिलते हैं।मैं वापस आ गया।आपको मेरी कहानी कैसी लगी, बताइएगा जरूर।callboyescort @gmail.

चाची बोली- बहन के लोड़े, इतनी देर से मेरे मुँह के सामने मुठ मार रहा था और अब तुझे डर मार रहा है?फ़िर चाची हंसने लगी- डर गया? अरे मेरे प्यारे पहलवान, तुझे मैं अपनी देकर धन्य हो जाऊँगी. आग दोनों और भयंकर लगी हुई थी !मैंने आगे झुक कर सोने के बहाने उसके घुटनों को छूने की कोशिश की और अपने हाथ वहीं टिका दिए, मेरे हाथ को पीछे हटाने आये उसके हाथों की उँगलियों को भी मैंने पकड़ लिया। अब वो डर चुकी थी और मुझसे हाथ अलग करने को कसमसा रही थी। अचानक पता चला कि गाड़ी की गति धीमी हो रही थी. !रेहान- अच्छा यह बता कि मेरे बोलने से वो मान जाएगी क्या?राहुल- नहीं यार वो बहुत स्मार्ट है, ऐसे नहीं मानेगी.

तो मैंने कहा- मुझे पता है, जब इतना बड़ा लंड मेरी चूत में जायेगा तो दर्द तो होगा ही न, तुम अंदर डालो तो. पप्पू वापिस मुड़ने लगा तो बिल्ली बोली- अबे काम पे चला जा, तेरी तो शादी हो चुकी है, अब इससे बुरा क्या होगा?***शिक्षक इरफान- हमें मच्छरों को पैदा होने से रोकना है…विद्यार्थी पप्पू- वो तो मुश्किल है सर.

!रेहान को हँसता देख कर जूही भी मुस्कुरा दी पर उसकी आँखों में अब भी आँसू जारी थे।रेहान- जान बस थोड़ी देर और सह लो आ.

मारवाड़ण : लेकिन म्हारे साथ ऐसा कभी नही हो सकता है हम तो जब भी मूड होता है भरपूर सेक्स का मज़ा लेते है …सिंधन पूछती है : क्यों तुम्हरे पेटीकोट की गठान कभी नहीं उलझती क्या …मारवाड़ण उसके सलवार को खींचते हुए बोली : इसीलिए मेरी बन्नो रात को लहंगा पहना कर और जब भी मज़ा लेना हो तो ऐसा करने के लिए गठान खोलने की क्या जरुरत है बस लहंगा ऊपर उठाओ और शुरू हो जाओ.

फ़िर मैं चाची के होंटों की तरफ़ बढ़ने लगा तो चाची बोली- क्या क़र रहा है?मैं बोला- आपके होंटों का रस चख रहा हूँ. घर पहुँचा तो देखा शादी के माहौल के विपरीत इस समय वहाँ बहुत कम लोग थे, बस दादा-दादी, चाची और उनका छोटा बेटा जो स्कूल जाता था. लेकिन मैं भी कम नहीं था, मैंने और भड़काया, उसके हाथों से लंड खींच लिया और उसका सर नीचे की ओर दबाकर इशारा किया कि मुँह में लो!तो वो फट से तैयार हो गई और मेरा नौ इंच लम्बा लंड देख कर बोली- तुम्हारा ये तो बहुत बड़ा और मोटा है, बिल्कुल काला नाग है ये, तुम्हारे जीजा जी का तो छोटा सा ही था.

इन्हीं के चलते आज छोटी दूध पी पा रही है!मैं- मतलब?भाभी- अगर काका चूसें नहीं तो दूध नहीं आयेगा! तेरे भइया तो हमेशा बाहर ही रहते हैं! बड़ी आई! भैया को बता देगी!!!मैं- लेकिन. मैं- फिर डॉक्टर ने कहाँ इंजेक्शन लगाया?सलोनी- अरे उस दिन मैंने पीला वाला लॉन्ग गाउन पहना था ना… बस… उसी कारण…मैं- अरे तो क्या हुआ जान… डॉक्टर जब चूतड़ों पर इंजेक्शन ठोंकता है… तो उसके सामने तो सभी को नंगा होना ही पड़ता है…मधु- हाँ भैया… मगर भाभी ने तो उस दिन. उस महिला के पास वाली सीट का हैंडल थोड़ी टूटी होने की वजह से बस के कंडक्टर ने मुझसे वहाँ बैठने का आग्रह किया, जिसे मैंने सहर्ष स्वीकार कर लिया.

!चलिए अब कहानी सुनाता हूँ।मैं ऑफ़िस में बैठ कर अपना रोज़ का काम कर रहा था कि तभी मुझे मेरी बीवी इशरत का फोन आया- हेलो !इशरत इठलाकर- हेलो, जानू क्या कर रहे हो.

ज़ीनत ने खुशी खुशी कहा- जीजू, आप अपने हाथों से ही पहना दीजिए ना!इरफ़ान अफ़सोस करते हुए बोला- मुझे पता होता कि तू मेरे हाथों से पहनेगी तो मैं तेरे लिए चड्डी लेकर आता!***. ! थोड़े देर और बात हुई, फिर भाभी चली गईं।सच बताऊँ दोस्तो, तो मैं तो बाथरूम के उस नज़ारे को देखकर कल्पना कर रहा था और खुश हो रहा था।थोड़ी देर ऐसे ही बैठे रहने के बाद मुझे पता नहीं ऐसा क्यूँ लगा कि शायद अगर मैं भाभी को यह खुश होने वाली बात बता दूँ, तो मुझे भाभी के साथ शायद ‘मौका’ मिल जाए।मेरे दिमाग में भाभी के बारे में पहले ऐसा कुछ भी नहीं था, पर अचानक. पिंकी सेनहैलो दोस्तो, आपकी दोस्त पिंकी एक बार फिर आपके लिए नया भाग लेकर हाजिर है आपके सवालों के जवाब लेकर।आज का भाग ध्यान से पढ़िए इसमें बहुत ज़्यादा ट्विस्ट है।इसमे सस्पेंस अब खुलने वाला है दोस्तों !तो आइए अब कहानी की तरफ चलते हैं।अब तक अपने पढ़ा.

मैं बोला- ठीक है, चाची बंद क़र देता हूँ!मैंने टीवी बंद क़र दिया पर मुझे नींद नहीं आ रही थी, कमरे में छोटा बल्ब जल रहा था. मुझे आज खूब चोदो… चोद-चोद कर मेरी चूत का भोसड़ा बना दो।नरेन भी ज़न्नत की चूची दबाते हुए अपनी कमर उठा-उठा कर हचक-हचक कर ज़न्नत को चोद रहा था और बोल रहा था- हाय मेरी चुदक्कड़ रानी… आज तक तूने पंकज का लंड खाया है, आज तुझे मैं अपने लंड से चोद-चोद कर तेरी चूत का बाजा बजा दूँगा… आज तेरी चूत की खैर नहीं…!इधर पंकज मेरी चूत चोदते हुए बोल रहा था- हाय मेरी जान. उसकी बुर बिल्कुल गीली थी और उसका पानी निकल रहा था और मेरे चाटने की वजह से वो और खुल कर गीली हो गई, उसने मेरा मुँह अपनी चूत के अंदर और जोर से दबा दिया ताकि मैं और अंदर उसकी चूत के अंदर भगनासा को अपनी जबान से छू सकूँ.

मैं- बोल तो ऐसे रही हो कि जैसे कितना कुछ दिख रहा हो। मेरी आँखें हैं, कोई एक्स रे नहीं जो अंदर तक झाँक लूँ.

आराम से चूस।तभी विकास ने पूरा लौड़ा टोपी तक बाहर निकाला और ज़ोर से झटका मारा पूरा लौड़ा गाण्ड में जड़ तक घुस गया।इसी के साथ दीपाली झटके के साथ ही बिस्तर पर गिर गई।अरे दीपाली को क्या हुआ? इसको हम अगले भाग में जानेंगे।बस दोस्तो, आज के लिए इतना काफ़ी है। अब आप जल्दी से मेल करके बताओ कि मज़ा आ रहा है या नहीं. तो अब क्या हुआ !”मैंने उससे कही, तुम मेरा ब्लाउज़ ठीक करके ले आओ और फ़िर मैं तुमसे चुदने को तैयार रहूंगी।तब वो ब्लाउज ले कर जाने लगा और कहा- मैं अभी 2 घंटे में आता हूँ। तुम चुदवाने के लिए तैयार रहना।और सच मे 2 घंटे बाद दरवाजे की घंटी बजी। मैं उस टाइम सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी में थी। मैंने दरवाज़े बिना खोले ही पूछा- कौन है.

चाइना बीएफ बीएफ और पीछे से उसके चूतड़ अच्छे लग रहे थे, मन कर रहा था कि अभी उसके चूतड़ों को दबा कर लाल कर दूँ लेकिन मैं सिर्फ़ उसको देखता ही रहा. तेरे को दम से चोद के जाऊँगा, फिर उसकी माँ चोद दूँगा। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !अनु- अहह… दमदार है तू, अहह… छोड़ना नहीं उसे और उस रानी की बच्ची को भी नहीं छोड़ना.

चाइना बीएफ बीएफ !रेहान- अरे यार, तुम हीरोइन बनने जा रही हो, उसको आने में समय लगेगा और वैसे भी उसके आने के बाद तुम सीधे थोड़े उसके सामने आओगी पहले मैं तुम्हारी तारीफों के पुल बनाऊँगा. !थोड़ी देर बाद जब जूही ढीली पड़ी तो रेहान ने अपने होंठ हटाए।जूही- अया ह आह आ रोनू प्लीज़ मेरी जान निकल जाएगी आह.

बेटी- पापा, मैं माँ बनने वाली हूँ।पापा- बदतमीज, बेशरम, नालायक ! तुझे शर्म नहीं आती !!बेटी- आप चिल्ला क्यों रहे हैं? आपने ही तो कहा था कि जब तक मैं कुछ बन नहीं जाती…आप मेरी शादी नहीं करेंगे !!!.

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!अन्ना- बोलना और करना दो अलग बात जी।रेहान- अन्ना ये वैसी लड़की नहीं है, जो बोला वो ही करेगी चाहो तो आजमा लो. आहा उई ईईई’ करती रही। पूरे रूम में बस यही आवाजें आ रही थीं। अब मैं झड़ने वाला था।उसने कहा- अन्दर नहीं गिराना. ”मैंने उसे निशांत, उम्र 26 लिख कर भेज दिया।उसने एक हफ्ते बाद की बुकिंग कराई थी और बुकिंग की एक कॉपी मुझे भेज दी उसने।अब मुझे सच में डर लग रहा था, मैंने तो उसे अब तक देखा भी नहीं था न ही उसकी आवाज़ सुनी थी, और तो और उसका नाम भी नहीं जानता था मैं.

!मैंने कहा- यहाँ सोना खतरे से खाली नहीं है, मैं तुम्हारी घर वाली तो हूँ नहीं, कोई देख या जान लेगा तो क्या कहेगा. ’ कर रही थी और बोल रही थी- हाय नरेन क्या मस्त चोद रहे हो… और ज़ोर-ज़ोर से चोदो मुझे, बहुत दिनों के बाद आज मेरी कायदे से चुद रही है… हाय क्या मस्त लौड़ा है तुम्हारा… मेरी चूत… लग रही है आज फट ही जाएगी… तुम रुकना मत. !भाभी हँस पड़ी, कभी सुना है कि किसी रंडी ने चुदवाई के पैसे दिए हों?”मैंने उसको बताया कि मैंने एक रंडा हूँ.

हैं तो सब बढ़िया…सलोनी- हाँ अंकल, मगर इनके ब्लाउज, पेटीकोट तो कल शाम तक ही मिलेंगे ना… बस कल की चिंता है…सलोनी बेडरूम में ही अपनी कपड़ों के रैक में खोजबीन सी करने लगी…मुझे याद है कि उसके पास कोई 3-4 ही साड़ियाँ थीं.

उसके नितम्ब मुख के समीप, अंग जैसे था फुफकार रहामैंने फुफकारते उस अंग को, अपने मुंह माहि खींच लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. सलोनी मेरे से चिपकी थी और उसकी पीठ खिड़की की ओर थी…अब वो शख्स आसानी से चूत में लण्ड को आता जाता देख सकता था…और मैंने अपनी कमर हिलनी शुरू की. !”मेरे बुर का दर्द गायब हो चुका था और मैं चूतड़ हिला कर जीजाजी के मोटे लण्ड को एडजस्ट करने लगी थी, जो धीरे-धीरे अन्दर-बाहर हो रहा था।जीजाजी ने रफ़्तार बढ़ाते हुए पूछा- क्या करूँ?”मैं समझ गई जीजाजी कुछ गंदी बात सुनना चाह रहे हैं। मैं अपनी गांड को उछाल कर बोली- हाय रे साली-चोद.

!”हम लोग उसकी दो-अर्थी बातें सुनकर हँस पड़े।मैंने उसे डांटते हुए कहा- चमेली तू हरदम हँसी-मज़ाक करने के मूड में क्यों रहती है. नहीं तो चेहरा अच्छा न लगेगा और मेकअप भी ख़राब हो जाएगा।मेरी इस प्रतिक्रिया पर उसने मेरे गालों पर एक चुम्मी जड़ दी और मेरा हाथ जो कि गेयर पर था उसके ऊपर अपना हाथ रख कर मुझसे प्यार भरी बातें करने लगी।बातों ही बातों में कब उसने अपना हाथ उठा कर मेरी जांघ पर रख कर सहलाना चालू कर दिया. तभी मुझे सलोनी के कमरे में आने की आवाज आई…उसके पैरों की आवाज आ रही थी…मैंने जल्दी से मधु को चादर से ढका और बाथरूम में घुस गया…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]hmamail.

!थोड़ी देर बाद मेरा लंड टाइट हो गया। वो फिर उठ कर मेरे ऊपर आ गई। अपनी चूत में लौड़ा डाल लिया और कूदने लगी पहले धीरेऔर धीरे-धीरे तेज़ करने लगी।मैं- उुउऊहहिईिइ माआहाहह आआआहह. एक पल तो मुझे बहुत तेज़ गुस्सा आया और जैसी ही मैं उस आदमी को मारने के लिए आगे बढ़ने लगा…कहानी अगले भाग में समाप्त होगी !.

इमरानकेवल एक मिनट में ही नीलू ने अपना गोरा चिकना नंगा बदन अपने दो कपड़ों में ढक लिया…मैंने भी अपने पप्पू मियां को अंदर कैद कर पैंट ठीक कर ली…मगर शैतान नीलू को तो अपनी चुदाई बीच में रुकने का बदला लेना था…वो तुरंत बाथरूम की ओर गई. घर आकर सबसे पहले बाथरूम में गया ! बताने की जरूरत नहीं है कि क्यों?अंदर जाते ही अपना सात इंच लंबा लंड हाथ में लिया, बल्ब कि रोशनी में चमकता एकदम लाल सुपारा और भाभी की चूत का चीरा यह सब उत्तेजना वाली चीजों के बारे में सोच कर भाभी के नाम की मुठ मार ली. बहुत गुदगुदी हो रही है… अहा… ये क्या कर रहे हो…?? अरे छोड़ो न इन्हें…मनोज- यार सच बहुत जानदार हो गए हैं तुम्हारे बूब.

बहुत मजे देती है। वो भी तेरी तरह चिकनी-चमेली जैसी है।” वो सुबह से डबल मीनिंग वाली बातें करना चाह रहा था।तुम हॉट फ़िल्में देखते होगे?”नहीं बहुत कम.

मौसा जी !”तभी तो तुम दोनों को यहीं रुकने के लिए कह रहा हूँ।”लेकिन फिर भी लेटोगे तो अकेले।”तुम दूसरे रूम में होगी. …उई माँ …आई ईई ई…फिर तो उस आदमी ने 2-3 झटके और मारे और पूरा लंड मेरी दीदी की नाज़ुक चूत के अंदर उतार दिया। उस वक़्त तो ऐसा लग रहा था मानो किसी ने ज़बरदस्ती यह लंड चूत में फंसा दिया और अब यह नहीं निकलेगा नहीं।तभी उसने धीरे से अपने लंड बाहर खींचना शुरू किया।उसका लंड चूत में इतना कस कर फंसा था कि लंड वापिस खिंचते वक़्त ऐसा लगा रहा था मानो चूत भी ऊपर खींची जा रही है. !आरोही धीरे-धीरे अपनी उंगली अन्ना के चेहरे पर घुमाने लगती है और फिर गले से होती हुई उसके पेट पर ले आती है।दो मिनट तक आरोही ऐसे ही करती रहती है, कभी बाल तो कभी होंठ पर ऊँगली चलाती है।अन्ना का लौड़ा पैन्ट में तन गया, वो उठा और कुर्सी पर गया।आरोही- क्या हुआ सर.

! और अब तो इसका राज जान कर ही आगे चुदाई होगी।मैं जीजा जी के पीठ पर घूँसा बरसते हुए बोली- जीजा जी खड़े लण्ड पर धोखा देना इसे ही कहते हैं…! अच्छा तो अब ऊपर से हटिए, पहले राज ही जान लो. देख नहीं रहा है मेरी बुर कैसे लपलपा रही है?मैंने अब देर करना ठीक नहीं समझा और शब्बो की तरफ एक इशारा किया और समझ गई कि नीलू को संभालना है। मैंने अपने लौड़े को अपने ही थूक से चिकना किया और पहले से लिसलिसी बुर की दरार पर लौड़े को टिका कर हल्का सा दबाब दिया.

कोई तो बात है जो आप मुझसे छुपा रहे हो…!रेहान बीयर की बोतल मुँह से लगा कर गट-गट पीने लगता है।दोस्तो, रेहान तो फँस गया कि अब क्या जवाब देगा यह !चलो इसको बीयर पीने दो, उसके बाद शायद ये जूही को सच बताए !हम आरोही के पास चलते हैं, उन दोनों की चूमा-चाटी बन्द हुई या नहीं अब तक…!राहुल बेड पर लेटा हुआ था और आरोही उसके लंड को चूस रही थी।राहुल- आ आ. पूरा का पूरा अंग उसका, सखी मेरे अंग के अन्दर था,कमर के पार से हाथ लिए, नितम्बों को उसने पकड़ा थाअंग लम्बाई तक उठ नितम्बों ने, अंग उतना ही अन्दर ठेल दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. तो आप बैठिए और आज मैं ही पूरी ड्राइविंग करूँगा और उसे एक आँख मार कर गाड़ी में बैठने लगा।तो गार्ड बोला- मैडम आप रिस्क क्यों ले रही हैं.

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इच्छा तो एक बार और उसकी मारने की हो रही थी पर क्या करें सुबह हो गई थी, मैंने उसे कपड़े पहनाये और किस किया.

मेरे अंग के सब क्रिया कलाप, अब साजन की नज़रों में थेअंग को अंग से सख्ती से जकड़, चहुँ ओर से नितम्ब हिलोर दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. अपने कमरे में आकर मैं, सखी बिस्तर पर थी लेट गईबंद करके आँखें पड़ी रही, साजन के सपनों में डूब गईहर आहट पर सखी मैंने तो, साजन को ही आते पायाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !और इन आवाजों से मेरा जोश और बढ़ रहा था। करीब दस मिनट तक मैं उसके चूचों को दबाता रहा और उसके होंठों को चूमता रहा।फिर उसने कहा- अब बस भी करो ना… क्या पूरा दूध आज ही पीओगे क्या…! कुछ और भी करो ना जल्दी…!मैं- हाँ ना.

पूरा पेल दो अपना लौड़ा …! आज इसे कुतिया की तरह बुर से निकलने नहीं दूँगी… लोग आयेंगे और देखेंगे कि जीजा का लौड़ा साली की बुर में फँसा है… जीजा … अच्छा बताओ… अगर ऐसा होता तो क्या आप मुझे चोद पाते…!” मैं थोड़ा बहकने लगी।जीजू मस्त हो रहे थे बोले- चुदाई करते समय आगे की बात कौन सोचता है. !मैंने भारती को चोदना जारी रखा, वो खूब मजे ले-ले कर मुझसे चुदवाती रही। लगभग एक घंटे तक चोदने के बाद मैं भारती की चूत में ही झड़ गया।इस दौरान वो 4 बार और झड़ चुकी थी।भारती की चूत में पूरा पानी निकालने के बाद मैं हट गया। भारती ने इस बार मेरा लंड अपनी जीभ से चाट-चाट कर साफ किया, साबुन से नहीं. सेक्सी फिल्म एचडी कीदबा-दबा के वक्षों को, उसने मुझको मदहोश कियाफिर चूम लिया और चाट लिया, फिर तरह-तरह से चूस लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

चाची बोली- क्या क़र रहे हो? कहाँ जा रहे हो तुम?मैं हड़बड़ाते हुए बोला- कुछ नहीं चाची मैं तो बाथरूम जा रहा था…चाची मेरे लंड की तरफ़ देख क़र बोली- तो जा, यहाँ क्यों खड़ा है…मैं बाथरूम चला गया और वहाँ पर जाक़र हाँफने लगा, मेरी सांसें तेज हो रही थी, मैं समझ नहीं पा रहा था कि क्या करूँ. मेरे लण्ड का सुपाड़ा उसके अन्दर जाते ही वो जोर से बोली- बहुत दर्द हो रहा है!’मैं वहीं पर रूक गया और उसकी चूचियों को सहलाने लगा और उसके होंठों को चूमने लगा.

और आगे 5 मिनट के ज़बरदस्त धक्कों के बाद ‘ आइ अम कमिंग… आआहह… आअहह… आअहह… !!!’ करते मैंने हथियार डाल दिए… और निढाल होकर उसकी पीठ पर गिर गया और पता नहीं हम कब सो गये. सोनम मादरजात नंगी अपनी चूचियों को छुपा रही थी और सुनील अपनी पैंट चढ़ा रहा था।सोनम- मैंने आपछे कहा भी था. एक बड़े अनोखे अनुभव ने, जीवन में मेरे किलकार कियामैं चिहुंकी मेरे अंग फड़के, मैंने उल्लास मय चीत्कार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

ज़ेनी ने सबसे पहले मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरे तरफ़ चेहरा करके मेरे खड़े लंड को चूसा और तमतमाए लंड को पकड़कर अपनी पनीयाई बुर में गपाक से ले लिया और आगे की तरफ़ झुककर मुझे पेलने लगी. तभी सलमा का नम्बर आया…सन्ता ने पूछा- तुम अपनी योग्यता बताओ !सलमा ने बोलना शुरू किया:बी ए पास हूँटाइपिंग जानती हूँकम्प्यूटर जानती हूँफाइलें संभालना जानती हूँअकाउंट्स भी आता है. बल्ब की रोशनी में एकदम चमक रहा था… अब वो वहाँ से उठ कर दीदी के पैरों की तरफ आने लगा और तभी उसकी नज़र मुझ पर पड़ी और वो हल्के से मुस्कुरा दिया.

!रेहान- मेरी जान… तुम्हारे निप्पल और चूत को देख कर लगता है सेक्स नहीं किया है, पर कोई इनके मज़े ले चुका है मेरे पहले ये अनछुए नहीं हैं समझी.

!मुझे थोड़ा अजीब लगा। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी।उसका स्वाद थोड़ा नमकीन था, पर अच्छा लगा। मैं पूरे मज़े ले लेकर उसकी चाटता रहा।फिर उसने कहा- राहुल अब नहीं रहा जाता… डाल दे अपना लंड. लाओ मैं करती हूँ।उसने तौलिया से खुद पैन्ट साफ़ करनी शुरू कर दी। मेरा 8 इंच का लण्ड पैन्ट फाड़कर बाहर आने को था। कामिनी की नज़र भी उस पर थी और वो थोड़ा हँस दी।मैंने पूछा- आप हँसी क्यों.

मैं उन्हें देख क़र पूरे जोश से उनकी चूत को काटने लगा,चाची अहाहा हाह सीईईएईईइ अआजह्हा आहा अह्हह ओह्ह्ह हूह्ह ह्म्म्म अह्हह क़र रही थी, उन्हें पूरा आनन्द आ रहा था. मगर मैंने अंकित और संजू के साथ मिलकर दूसरा प्लान बनाया था। तुम तो थे ही नहीं वहाँ पर…!राहुल- हाँ जानता हूँ तुमने प्लान बनाया था मगर मुझे डर था कहीं तुम किसी मुसीबत में ना फँस जाओ. !फिर हम लोग उसके बताए पते पर पहुँचे, वो पहले मेरे पति से मिला, फिर मुझसे बोला- मैडम थोड़ा अन्दर चलो… कुछ बात बतानी है। मैंने पति की तरफ देखा, पति ने जाने का इशारा किया, मैं उसके साथ अन्दर रूम में चली गई।उसने पूछा- तुमको सब पता है ना.

मैंने चाची के पैर छुए और फिर खड़ा हुआ और बोला- चाची, कितने साल हो गये थे आपसे मिले, और आप तो हर दिन और सुंदर होती जा रही हो !इतना कहते ही मैंने चाची को अपनी बाहों में भर कर गले लगा लिया. अब मैं और शाहनवाज नीचे से नंगे हो गए थे, उसने एक बार फिर अपने लंड को मेरे चूतड़ों पर दबाया, मैंने भी चूतड़ों को ढीला छोड़ दिया… और उसका लंड मेरी गांड के छेद से टकरा गया. मेरे अंग से उसके अंग का, रस रिस-रिस कर बह जाता थावह और नहीं कुछ था री सखी, मेरा सुख छलका जाता थाआह्लादित साजन को मैंने, पुनः मस्ती का एक ठौर दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

चाइना बीएफ बीएफ कुछ देर बाद सोनू और मैं सोफे पर चले गए सोनू मेरे गोद में आ गई और मेरे लण्ड पर बैठ गई, ऊपर नीचे होने लगी. मैंने उसको बेड पर गिरा दिया, अपने लंड को थूक से गीला किया, उसकी चूत भी गीली की, अब बस बारी थी एक धक्का लगाने की जिसके लिए हम दोनों उतावले थे.

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!गिरिजा- मेरे पति मुझे बच्चा नहीं दे पा रहे हैं।मैं- क्या?गिरिजा- हाँ बाबा…मैं- तुमने किसी डॉक्टर से सलाह ली. जवानी में कदम रखती हुई उस बाला का चेहरा इतना सुन्दर है कि जिसको देखने के बाद हर कोई उसे अपने दिल में उतारना चाहेगा. साजन चूसत था सर्वांग मेरा, मैं पीछे को मुड़ गई सखीअपने हाथों से साजन के, अंग पर मैंने खिलवाड़ कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

मैंने उनकी सलवार को खोल दिया और पेंटी के अंदर हाथ डाल कर हाथ फेरने लगा तो उनकी चूत पूरी गीली थी बहुत पानी निकल रहा था और मेरा लंड भी एकदम टाइट हो गया. सच कहते हैं लोग कि आज की दुनिया में अगर एहमियत है तो बस पैसों की ! ज़ज्बात, इंसानियत और प्रेम हवस और पैसों की आग में झुलस चुका है। नहीं तो इश्क यू बाज़ार में बिकता नहीं… और हुस्न ऐसे सरेआम नीलाम न होता, उसकी बोलियाँ न लगाई जाती, उसकी आबरू को ऐसे बेपर्दा न किया जाता हवस के भूखों के आगे. लोरी छोटे बच्चों कीमैं ठीक हूँ।पर सविता कहाँ मानने वाली थी वो उठी और मुझे पीटर से पास ले आई। पीटर लेटा हुआ था और उसका लंड सिकुड़ गया था।सविता मुझे पीटर के लंड के पास ले आई और उसका लंड मेरे हाथ में पकड़ा दिया और कहा- इससे दोस्ती कर लो.

मैंने अपने लौड़े को और जोर से खुजाते हुए कहा- अरे मुझसे कैसा डर? मैंने कोई गैर हूँ क्या?वो एकटक मेरे लौड़े की देखने लगी.

! मेरे दिमाग पर काम-वासना हावी हो रही थी।फिर मैंने बड़ी हिम्मत करके बुआ की कमर पर हाथ रख दिया और सोचने लगा कि शायद उन्हें ये बुरा नहीं लगेगा, पर पता नहीं कैसे बुआ मेरे और नजदीक आ गईं और मेरा लौड़ा ना चाहते हुए भी खड़ा हो गया. उन्होंने मेरा मुँह अपने मुँह से हटाया और जोर से चिल्लाई- यह क्या किया? मैं मर गई, उई माँ! मैं मर गई! निकालो इसे…वो बोली- तुम जानवर हो! मुझे छोड़ दो! मेरी चूत फट गई! मेरी जान निकल रही है, बाहर निकालो.

मैं- तुम दोनों पागल हो गई हो क्या?? यह क्या बकवास लगा रखी है?तभी मधु मेरे लण्ड को सहलाते हुए अपना हाथ लण्ड के सुपाड़े के टॉप पर ले जाती है. जिसे मैं भी कभी नहीं भूलना चाहता।दोस्तो, मुझे आप सब लोगों के जवाब का इंतज़ार रहेगा कि आप सभी को यह कहानी कैसी लगी।ये मेरे खुद के अनुभव हैं जो मैं आप सभी के साथ साझा कर रहा हूँ। मुझे आप सब के जवाब का इंतज़ार रहेगा।. सुरसुरी की धाराएँ तन से सखी मेरे मन तक दौड़ गईंसाजन ने मध्यमा उंगली को, नितम्बों के मध्य फिराय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

***पप्पू की आखिरी ख्वाहिशमैं मरुँ तोमुझे जला देनाया दफ़ना देनाबस दो घूंट बियर पिला देनामैं ताजमहल नहीं चाहता दोस्तोबस मेरी कब्रगर्ल्स हॉस्टिल में बना देनाऔर लड़कियों को स्कर्ट पहना देना…***पप्पू अपनी क्लासमेट पिंकी से- अगर तुम मुझे प्यार करती हो तो कल सफ़ेद ड्रेस पहन कर कॉलेज आना…पिंकी काले रंग की ड्रेस पहन कर आई…पप्पू- तू जब झुकी तो मैंने देख लिया था कि तू मुझे अंदर से प्यार करती है.

पप्पू वापिस मुड़ने लगा तो बिल्ली बोली- अबे काम पे चला जा, तेरी तो शादी हो चुकी है, अब इससे बुरा क्या होगा?***शिक्षक इरफान- हमें मच्छरों को पैदा होने से रोकना है…विद्यार्थी पप्पू- वो तो मुश्किल है सर. आह्ह्ह्ह्ह्हाआआ… नहींईइइ… आआअ… अब्बब्बब नहींई अह्ह्ह…मैंने उसको उसी अवस्था में रखा और अपनी पैंट खोल दी, मेरी पैंट नीचे मेरे जूतों पर जाकर ठहर गई. !रेहान- क्यों कोई प्राब्लम है तुमको, यार मैं तो बस अंदाज़ा लगा रहा हूँ, कहे या ना कहे पर तुमको तो रेडी रहना चाहिए ना.

घोड़ा का सेक्सी फिल्मकैमरे लगवाए गए ताकि पुलिस नागरिकों की अच्छी तरह से सुरक्षा कर सके।लेकिन लोग तो बस इसमें भी अपनी सुविधा ढूँढते हैं।इसी तरह एक दिन सन्ता ने सुबह-सुबह पुलिस कंट्रोल रूम में फ़ोन किया।सन्ता- हैलो, जी मुझे आपकी सहायता चाहिए थी !कंट्रोल रूम में इरफ़ान- जी बताइए कि हम क्या कर सकते हैं आपके लिए? हम आपकी सहायता के लिए ही हैं।सन्ता- क्या आपके सी. मैंने अपना फल खाया और बोला- नीलू मैडम, अगर आप बोलो तो मैं थोड़ा आराम कर लूँ, नदी मैं नहाने से थकान आ गई है.

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एक दिन वो मेरे पास आई और उसने कहा- मेरे कंप्यूटर में कुछ खराबी आ गई है और मैंने एक जरूरी इमेल करनी है. उफ्फ…!रेहान- क्यों साली राण्ड अभी तो चुसवा और चुदवा कर आई है अपने भाई से… वो अच्छा नहीं चूसता क्या…!जूही- अई उफ्फ भाई अई आप तो बड़े बेसबरे अई उई हो. वो लड़की तो उछल उछल कर बोलने लगी-मैं तो परी बन गई !मैं तो परी बन गई !!वहीं खड़ा एक लड़का इरफान यह सब तमाशा देख रहा था.

अब अगर किसी ने मुझे हाथ भी लगाया तो अच्छा नहीं होगा, मैं तुम सब को जेल की हवा खिला दूँगी और जूही तेरा तो वो हाल करूँगी कि तू याद रखेगी…. मेरी चाची की टाँगों पर बहुत बाल हैं बिल्कुल लड़कों की तरह!मैं उनकी टांगों को देख क़र सोचता था कि टांगों पर इतने बाल है तो चूत पर कितने होगे. मैं आपको याद तो हूँ ना? अरे वही जिसको आपने बहुत सारे मेल किये थे मेरी कहानीबचपन की सहेलीपढ़ने के बाद!अब आगे की कहानी पर आता हूँ, इस बार भी मेल करना!मैं सीमा को 8-9 बार चोद चुका था.

उनकी हंसी मेरी मर्दानगी की धज्जियाँ उड़ा रही थी।मैं बोला- अब जब तक आप मुझे मर्द नहीं मानोगी तब तक आप ऐसे ही रहोगी. ’ की आवाजों से कमरा गूंज रहा था।अब उसका दर्द जाता रहा और वो भी मेरा साथ देने लगी, वो अपने चूतड़ उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगी।साथ ही वो सेक्सी आवाजें भी निकाल रही थी, आअह हिस्स हम्म आह हाहा. मुझे भी मजा आने लगा लेकिन असली मजा गांड मरवाने में आ रहा था।तभी अंकिता ने डिल्डो बाहर निकाला और आशीष को धक्का दिया।मुझे भी थोड़ी राहत मिली लेकिन उसका मुझे आराम देने का शायद कोई इरादा नहीं था। आशीष ने आकर मेरी रस्सियाँ खोलीं और मुझे सीधा किया। उसने मुझे प्यार से एक चुम्बन किया और फिर एक थप्पड़ जड़ दिया.

तभी मेरी नज़र उसके पाजामे पर पड़ी, दीदी का हाथ उसके पाजामे के अंदर था और उसके लंड की सहला रही थी… क्यूँकि दीदी को एहसास नहीं था मेरे होने का ! उन्होंने उसके लंड की पकड़ कर पाजामे से बाहर निकाल लिया।हे भगवान ! क्या लंड था उस आदमी का. इसे पहन कर देख लो और कहा- मुझे तुम साड़ी भी पहन कर दिखाओ। मैं देखना चाहता हूँ कि तुम साड़ी में क़ैसी लगती हो.

!और मैं ‘आआहह’ की आवाज़ के साथ झड़ गया। और हाँफने लगा, थोड़ी देर तक हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे।वो कहने लगी, राहुल मुझे आज तक ऐसा मज़ा मेरे पति ने नहीं दिया.

फिर 15 मिनट बाद, मैंने भाभी को घोड़ी बनाया और भाभी की चूत में पीछे से लण्ड डाल दिया और चोदने लगा, भाभी का माँसल बदन और मेरे शरीर की टकराहट से कमरे में फच-फच फच… क आवाज़ आने लगीं. घड़ी सेक्सी मूवी!” नीति की साँसें तेज हो रही थीं।मैंने धीरे से उसकी पैन्टी उतारने की कोशिश कि नीति ने झटके से पैन्टी उतारी और तिरस्कारपूर्वक रूम के कोने मैं फ़ेंक दी।अब वो मेरे लंड को बार-बार दबा रही थी। मैंने सोचा धीरज रख कर देखता हूँ। तीन वर्ष के बाद ये कैसे चुदना चाहती है. तेल मशीन की कीमतमैंने झट से उन पर कब्जा कर लिया। एक स्तन पर अपना मुँह लगा दिया और उसके निप्पल चूसने लगा।वो व्याकुल हो रही थी। उसके निप्पल एकदम कड़े हो गए। फिर मैंने अपने मोबाइल से उसकी कुछ तस्वीरें लीं और फिर उसकी पैंटी उतार फेंकी नीचे घना जंगल था।मैंने उससे पूछा- ये जंगल साफ नहीं करती क्या?उसने कुछ भी जवाब नहीं दिया। मैंने उसके घने जंगल के बीच उसकी चूत को बेपर्दा कर दिया।क्या मस्त चूत थी उसकी. मैं- किस चीज़ पर मारते हो?जय- कपड़े या पेपर पर या फिर बाथरूम में हगते या नहाते वक़्त!मैं- किसी को नंगी देखा है?जय- हाँ, दीदी को देखा है, एक बार जब वो हगने गई थी तब उसकी गांड देखी थी, गोरी गोरी गांड थी.

सखी साजन ने भर बाँहों में, मेरे होंठों को अतिशय चूमा,जल में जलमग्न स्तनों को, हाथों से उभार-उभार चूमा,स्तनों के मध्य रख कर अंग को, उन्हें कई-कई बार हिलोर दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

यहाँ का माहौल बहुत अच्छा है और सभी लोग भी बहुत मिलनसार हैं।मैं- ठीक है… मन लगाकर काम करो… जल्दी ही तुम्हारी तरक्की हो जाएगी…रोज़ी- थैंक यू सर. मैं ज़बरदस्त धक्के मार रहा था और मेरा लंड उसकी बच्चेदानी को टकरा रहा था और वो चूतड़ उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थी. !सचिन- मैं ले आऊँगा यार, वो मुझे जानते हैं कई बार उनके साथ हरामीपन्थी की है, एक नम्बर के लड़कीबाज हैं साले… बड़े आराम से ले आऊँगा उनको…!साहिल- फिर भी यार साथ जाने में क्या हर्ज़ है…!रेहान- नहीं बोला ना.

लड़के का मुँह देख लग रहा था जैसे उसके हाथ से ना जाने कितनी कीमती चीज छीन ली गई हो…सलोनी- ओह ज़मील, आज मुझे जल्दी जाना है… फिर कभी तुम घर आकर आराम से चेक कर लेना…और सलोनी ने झुककर उस लड़के के मुँह पर चूम लिया…बस अब तो कबीर की प्रसन्नता का गुब्बारा फट पड़ा. उन्होने मेरे पेट को चूमा। पहले तो लहंगे में हाथ घुसा दिया, फिर लहंगे को खोल दिया।मैं बड़ी खुश थी कि शायद जो मर्द मुझे चाहिए था, मिल गया। मैंने शर्म का खूब नाटक किया।इन्होंने मुझे पलटा और मेरे चूतड़ों पर हाथ फेरा, मेरे ऊपर लेट गए।मुझे कुछ हार्ड-हार्ड चीज़ फील हुई, मैं खुश थी कि लंड खड़ा था, हाय घुस जाए. ??वो आगे कुछ बोलती विकास उसका हाथ पकड़ कर दूसरे कमरे में ले गया और दरवाजा बन्द कर दिया।तभी दीपाली ने घन्टी बजा दी।प्रिया- मेरी पूरी बात भी नहीं सुनी.

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अब यह सेक्स का नशा मुझ इतना हावी हो गया है कि मुझे हर आती जाती लड़की सिर्फ एक चुदाई का माल दिखाई देती है।क्या आप लोग मेरी इस समस्या का कोई हल दे सकते हैं मुझे?मैं अपने दिमाग में से ये सब आदतें निकाल कर एक साधारण इंसान की जिंदगी बिताना चाहता हूँ।एक ऐसे इंसान की लाइफ जिसमें कोई गिल्ट न हो। आपके सुझावों का इंतज़ार रहेगा।. मेरा लंड मेरे दिमाग पर हावी हो चुका था और मैं बस उस कामुक दीदी को रगड़ कर चोदना चाहता था फिर वो चाहे मेरी दीदी हो या फिर एक लंगड़ी लड़की. जूही, जब से तुमको देखा है, बस दीवाना हो गया हूँ तुम्हारा, भगवान का शुक्र है तुम निरपराध हो, वरना तुम्हें तकलीफ़ मेंदेख कर मुझे बहुत दुख होता।जूही कुछ नहीं बोल रही थी, बस साहिल के बालों में हाथ घुमा रही थी। साहिल जूही के मम्मों को दबा रहा था।जूही- आ.

आज रात को बस मेरा काम कर देना मैं आरोही को दिखा दूँगा कि मैं क्या हूँ… प्लीज़ यार कोई खास नुस्ख़ा लाना, जो मुझे तुमसे भी अधिक पावरफुल बना दे…!रेहान- साले मैं वगैर नुस्खे के ही ऐसा हूँ… अगर मैं नुस्ख़ा ले लूँ तो तेरी दोनों बहन थक जाएंगी, पर मैं नहीं थकूंगा, अब जितना कहा उतना करना ओके…!राहुल- ओके बाबा.

उसने मुझे कहा- लड़कियाँ आज शाम को घर में नहीं आयेंगी, केवल सुबह उनको समय दिया है 9 से 12 और उस बीच आप अपने कपड़े पहनोगे, नहीं तो जो मैं दे रही हूँ, उसी में रहना होगा.

जैसे कोई अपना सर दीवार पर पटक रहा हो।फिर मैंने धीरे से उसकी चूत में अपनी दो ऊँगलियाँ घुसेड़ कर उसे अपनी उँगलियों से चोदने लगा. हमने वहाँ भी चूमना चालू किया और उसको वहाँ भी आधे घंटे तक किया, वो झड़ गई और इस बार मैंने उसके मुँह में दे दिया और मुँह में ही झड़ गया. फिलिप काडशायद इस मौक़े में बातों से कम और आँखों से ज़्यादा काम लिया जाना था तो ताबड़तोड़ चुराई का दौर चल पड़ा.

मेरी जंघाएँ फ़ैल गईं, जैसे इस पल को मैं आतुर थीमैं कसमसाई, मैं मचल उठी, मैंने खुद को व्याकुल पायाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !मैंने उन्हें बगल में लिटाया और उनके सामने ही अपनी पैंट उतार दी और मेरा लंड भाभी मुँह के बिल्कुल करीब था।‘अर्पित सच में तेरा लंड बहुत बड़ा है. मैं जानबूझ के ज़ोर ज़ोर से रोने लगी- क्या किया तुमने मेरी छोटी सी चूत को इतना बड़ा कर दिया तुमने मुझे क्यूँ चोद दिया?जय- मुझे माफ़ कर दो, जो बोलोगी वो करूँगा!मैंने अपने चूत के द्वार को फैलाया और उसे दिखाने लगी.

इसलिए पूछा कुछ सीन तुमको बिकनी के देना होगा जी और एक सीन में तुम नहाना जी और कोई तुमको मरने की कोशिश करना. मेरी जंघाएँ फ़ैल गईं, जैसे इस पल को मैं आतुर थीमैं कसमसाई, मैं मचल उठी, मैंने खुद को व्याकुल पायाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

तो दोस्तों इन सब सवालों के जवाब आपको अगले भाग में मिल जाएँगे। तो पढ़ते रहिए अन्तर्वासना की कहानियों को और मज़ा लेते रहिए।मेरी आईडी[emailprotected]gmail.

मेरा नाम अक्षय है और अभी मैं सर्विस करता हूँ। ये तब की बात है जब मैं 19 साल का था और पढ़ाई कर रहा था था। हमारे पड़ोस में एक भैया रहते थे, जिन्हें मेरे पापा ने नौकरी पर लगाया था. मुझे अचानक से वो सब बातें याद आ गई जो दीदी ने चाची को बोली थी-ज़्यादा बकवास मत करो चाची, वरना अगर तुम्हारे बारे में घर में बता दिया तो तुम घर से निकाल दी जाओगी. सलोनी- अहाआआ… आआआ… इइइइइ…सलोनी ने कसकर उसका हाथ पकड़ लिया…लड़का- अर्रर… मैडमजी, इसको चमका रहा हूँ…सलोनी- बस्स्स्स… अब रहने दो… मैं ब्रा पहन कर बताती हूँ कि सही है या नहीं…लड़का ने जबरदस्ती अपना हाथ छुड़ाते हुए… अपने बाएं हाथ से सलोनी का हाथ पकड़कर अपना सीधा हाथ आगे से उसकी कैप्री में डालने का प्रयास करने लगा.

डॉग के साथ सेक्सी फिल्म उसने पेटीकोट को ऊपर उठाया, अब दीदी की टांगें एकदम नंगी थी और मैं कुछ फुट दूर से देख रहा था यह सब लेकिन दीदी की चूत नहीं देख पा रहा था. अंगों का परस्पर मिलन हुआ, तो आवाजें भी मुखरित हुईंसुड़क-सुड़क, चप-चप,लप-लप, अंगों ने रस में किलोल कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

जागो मेरे पति परमेश्वर…सुबह हो गई है और आपकी प्यारी सी बीवी आपके लिए गरमागरम चाय लेकर आई है !” प्रिया ने अपने नाज़ुक होंठों से इस अंदाज़ में कहा कि मैं तो मंत्रमुग्ध सा बस उसे फिर से उसी तरह देखने लगा।अरे अब अन्दर भी चलोगे या यहीं मुझे घूरते रहोगे. वो बहुत ज़्यादा गर्म हो चुकी थी…तभी उन्होंने लंड अपनी चूत रानी के मुहाने पर रखा और फिर मेरे कूल्हों को हाथों से दबा कर घुसने का इशारा किया. मेरी पत्नी सुनीता अत्यंत ही सुन्दर और आकर्षक है और इतनी मादक और सुडौल जिस्म की है कि देखने वाला देखता ही रहता है.

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स्तन की घुंडी पे चुम्बन ले, जिह्वा से उनको उकसाया,पहले घुंडी मुंह अन्दर की, फिर अमरुद तरह स्तन खाया,होंठ-जिह्वा-दांतों से दबा-दबा, सारा रस उनका चूस लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. उस हर छुअन के साथ साथ बदन की आग बढ़ती ही जा रही थी।तभी उसे खुद से दूर करते हुए उसके बदन के बाकी ऊपरी वस्त्र को एक झटके में ही अलग कर दिया. सन्ता की शादी हो रही थी, फेरों पर बैठने के लिए जब प्रीतो आई तो उसने पंडित से पूछा- पंडित जी, मैं इनकी दाईं तरफ बैठूं या बायीं तरफ?इससे पहले कि पंडित कुछ बोले, सन्ता का एक दोस्त बोला- अरे कहीं भी बैठ जाओ अभी तो… शादी के बाद तो तुम सन्ता के सर पर ही बैठोगी.

मेरी तन्द्रा टूटी और मैंने प्यार से उसके गालों को सहला कर उसके मुँह से अपना लंड छुड़ाया और उसे अपने साथ खड़ा किया। मैंने अपना लोअर ऊपर कर लिया और रिंकी को अपनी बाहों में लेकर उसके पूरे मुँह पर प्यार से चुम्बनों की बारिश कर दी। रिंकी भी मुझसे लिपट कर असीम आनन्द की अनुभूति कर रही थी।तभी मुझे ऐसा लगा जैसे कोई बाथरूम की तरफ आया हो…कहानी जारी रहेगी…. ***वो हमें देख कर यों मुस्कुराए,इश्क में हमारे भी कदम डगमगाए…दिल की बात कहने ही वाले थे,तभी उसके बच्चे मामा मामा चिल्लाए…!***जलते हुए दीपों की तरह जगमगाते रहना,हमारी दुआ है तुम सदा मुस्कराते रहना!कितनी भी चप्पलें पड़ें तुम्हें ऐ मेरे दोस्त,जिंदगी भर तुम लड़कियाँ पटाते रहना.

आओ तुम मेरे लौड़े की प्यास मिटाओ…बन जाओ घोड़ी… आज अपनी बहन की गाण्ड बड़े प्यार से मारूँगा मैं…!दोस्तो, दो मिनट के लिए हम ऊपर के कमरे में चलते हैं.

बल्ब की रोशनी में एकदम चमक रहा था… अब वो वहाँ से उठ कर दीदी के पैरों की तरफ आने लगा और तभी उसकी नज़र मुझ पर पड़ी और वो हल्के से मुस्कुरा दिया. !तो मैं बोला- कौन कहता है कि आप आंटी हैं अभी भी टाइट और छोटे कपड़े पहन कर सड़क पर निकलोगी तो लड़कों की लाइन लग जाएगी।तो मुस्कुरा कर बोलीं- क्या पहनूँ. प्रेषक : आशीष सिंह राजपूतअंतर वासना डॉट कॉम के सभी पाठकों को इलाहाबाद के आशीष का राम राम ! वैसे तो मैं व्यस्त रहता हूँ मगर जब कभी समय मिलता है तो अंतरवासना की कहानियाँ ज़रूर पढ़ता हूँ.

!आरोही- रुक जूही की बच्ची, अभी तुझे मज़ा चखाती हूँ।वो उठकर उसके पीछे भागी।जूही कमरे में इधर-उधर भागने लगी और आख़िर आरोही ने उसे पकड़ कर बेड पर गिरा दिया और उसके मम्मों को दबाने लगी।जूही- अई उफ़फ्फ़ दर्द होता है. मैंने उसकी चूत में जैसे ही अपनी जीभ डाली, उसने मेरा सिर ज़ोर से पकड़ कर अपनी चूत में दबाया और मैं उसकी चूत के होठों को अपने दांतों तले चबाने लगा. वो ऐसा नहीं कर सकती, अभी छोटी है वो…!रेहान- यार तू किस जमाने की बात कर रहा है आजकल किस-किस उम्र की चुद जाती हैं…कुछ मालूम भी है.

!”प्रिय पाठकों आपकी मदमस्त सुधा की रसभरी कहानी जारी है। आपके ईमेल की प्रतीक्षा में आपकी सुधा बैठी है।[emailprotected].

चाइना बीएफ बीएफ: बच्चेदानी तक़…10-15 मिनट चोदने के बाद मैंने उसको घोड़ी बना कर के उसके पीछे से अपना लंड चूत में घुसा दिया और पहले आसमानी धक्के के साथ धपाधप धक्के पर धक्के लगाने लगा. पर प्लीज़ बताओ न…रेहान- तुम तो फेल हो गए हो, अब मुझे मौका दो मैं उसकी ठुकाई करता हूँ…!राहुल- तो कर लो ना यार.

!उस ड्रेस में आरोही बहुत सेक्सी लग रही थी। रेहान का लौड़ा तन गया था, पर वो जल्दबाज़ी नहीं करना चाहता था।उसने आरोही के 5-6 पिक लिए और पोज़ बताने के बहाने से कभी उसके लिप्स को टच करता तो कभी मम्मे को, उसके पीछे आकर उसके कूल्हों पर लौड़ा छुआ देता और हाथ उसके मम्मे पर रखता कि ऐसा पोज़ बनाओ, हाथ थोड़ा ऊपर करो, हाँ. मेरी रोशनी!हम दोनों खूब मज़ा लेते रहे। इस बीच वो तीन बार झड़ चुकी थी। अब तक मुझे 45 मिनट हो चुके थे, उसका पानी एक बार फ़िर निकलने वाला था।वो और ज़ोर से चिल्लाने लगी- फाड़ दे. मैंने हिसाब लगा लिया कि एक घंटे में मैं दीदी को चुदवाने के लिए राज़ी कर लूँगा और फिर 4 घंटे तबियत से चोदूँगा इस लंगड़ी कुंवारी घोड़ी को.

5 मिनट बाद वो बाहर आ गई और यह देखकर स्तब्ध सी रह गई कि क्लिनिक अन्दर से बंद था…उसने मुझसे पूछा- क्लिनिक क्यों बंद कर दिया?मैंने उसे बोला- आज काम करने का मूड नहीं है…तो वो भी मेरे सामने आकर बैठ गई.

!रेहान- देख यार बुरा मत मानना, वैसे तो हम दोस्त हैं, पर काम के मामले में किसी तरह का दखल पसंद नहीं करता हूँ। अब चुप रहो, मुझे आरोही से बात करनी है।आरोही- आप क्या पूछना चाहते हो?रेहान- सबसे पहली बात तो यह कि इतनी कम उम्र में तुमको हीरोइन बनने का ख्याल कैसे आया?आरोही- मेरी उम्र कम कहाँ है, पूरी 18 की हो गई हूँ, आलिया भट्ट भी तो इसी ऐज की होगी. पता नहीं क्यों।अंकिता मेरी गाण्ड चूमते हुए मेरे कानों के पास आकर बोली- कुतिया जो दर्द तूने मुझे दिया है. !रेहान- अरे यार, तुम हीरोइन बनने जा रही हो, उसको आने में समय लगेगा और वैसे भी उसके आने के बाद तुम सीधे थोड़े उसके सामने आओगी पहले मैं तुम्हारी तारीफों के पुल बनाऊँगा.